Home Blog Page 11

नरेंद्रनगर राजदरबार में महारानी और सुहागिनों ने पिरोया तिल का तेल

0

नरेंद्रनगर राजदरबार में भगवान बदरी विशाल के नित्य महाभिषेक पूजा में प्रयुक्त तिलों का तेल विधिवत पिरोने का कार्य शुरू हो गया है। इस पवित्र प्रक्रिया में टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह और अन्य सुहागिन महिलाएं शामिल हैं। पिरोए गए तेल को बाद में गाड़ू घड़ा में भरकर 23 अप्रैल को भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में उपयोग किया जाएगा।

शोभा यात्रा के तहत यह तेल कलश आज शाम नरेंद्रनगर से ऋषिकेश के लिए प्रस्थान करेगा। यात्रा दो चरणों में डिम्मरियों के मूल ग्राम डिम्मर होते हुए बदरीनाथ धाम तक पहुंचेगी। 23 अप्रैल को धाम के कपाट खुलने के साथ ही गर्भगृह में तेल कलश स्थापित कर अभिषेक की परंपरा का शुभारंभ किया जाएगा।

तीलों का तेल पिरोने की प्रक्रिया में लगभग 8 से 10 घंटे का समय लगता है। इसके लिए चुनी गई महिलाओं को परंपरा और अनुभव का ज्ञान होना आवश्यक है। ऐसे धार्मिक कार्य में किसी महिला को शामिल नहीं किया जाता, जिसके परिवार में हाल ही में मृत्यु हुई हो।

महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह ने बताया कि यह सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को भी इस धार्मिक परंपरा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है। खासतौर पर उनकी नातिनी अब इस आयोजन में शामिल होकर परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए लगभग 91 लाख वोटर

0

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोटरों की न्यायिक प्रक्रिया सोमवार आधी रात के बाद समाप्त हो गई, और भारतीय चुनाव आयोग ने अनुमान लगाया है कि अब तक हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 91 लाख हो गई है। हालांकि अंतिम आंकड़े आने के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक समीक्षा के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 का प्रोसेस पूरा हो चुका है। इनमें से 27,16,393 मतदाताओं को ‘बहिष्कृत करने योग्य’ पाया गया और उनके नाम हटाए गए हैं। इससे पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 90,83,345 हो गई है। अभी 22,163 मामलों के लिए न्यायिक अधिकारियों के ई-सिग्नेचर की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है, जिसके बाद संख्या में कुछ और नाम जुड़ सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि कोर्ट के फैसले के अनुसार हटाए गए मतदाताओं को 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल में से किसी एक में माफी के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। मुर्शिदाबाद जिले से सबसे ज्यादा 4,55,137 नाम हटाए गए, उसके बाद नॉर्थ 24 परगना में 3,25,666 और मालदा में 2,39,375 नाम शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव खारिज, 193 विपक्षी सांसदों ने किए थे दस्तखत

0

नई दिल्ली: राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों द्वारा चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए पेश किए गए महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव पर 130 लोकसभा सदस्यों और 63 राज्यसभा सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे।

महाभियोग प्रस्ताव 12 मार्च, 2026 को संसद में लाया गया था और इसमें संविधान के आर्टिकल 324(5), चीफ इलेक्शन कमिश्नर और अन्य इलेक्शन कमिश्नरों की नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल से जुड़ी 2023 की एक्ट की धाराओं के साथ जज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968 के प्रावधानों का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई थी।

लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला ने प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना करते हुए कहा कि उन्होंने जज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968 के सेक्शन 3 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग किया। राज्यसभा बुलेटिन में भी सदस्यों को इस प्रस्ताव को खारिज किए जाने की जानकारी दी गई।

इस फैसले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राज्यसभा के पिछले चेयरमैन के साथ हुई घटनाओं की याद ताजा है, जब विपक्षी सांसदों की याचिका स्वीकार की गई थी। जगरदीप धनखड़ ने पिछले साल जुलाई में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राज्यसभा चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था, और विपक्ष अब भी उस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।

उत्तराखंड : चार साल का मासूम ‘पंकू’ लापता, चार दिन पहले मां के पीछे गया था जंगल…!

0

रुद्रप्रयाग जिले के दूरस्थ बाड़ब गांव में चार साल के मासूम मयंक, जिसे घर में प्यार से पंकू कहा जाता है, पिछले चार दिनों से लापता है। परिवार और गांव में अचानक उसकी गायबगी से गहरा सदमा है। बताया जा रहा है कि बीते शनिवार मयंक अपनी मां के पीछे जंगल की ओर गया था और कुछ ही पलों में नजरों से ओझल हो गया। शुरू में परिजनों को लगा कि बच्चा पास ही खेल रहा होगा, लेकिन देर तक उसकी कोई आहट नहीं मिलने पर चिंता बढ़ गई।

देखते ही देखते पूरा गांव उसकी तलाश में जुट गया। ग्रामीणों ने खेतों, पगडंडियों और जंगल के हर कोने को खंगाला। सूचना मिलने पर पुलिस, एसडीआरएफ और डॉग स्क्वायड भी मौके पर पहुंचे। चार दिनों से लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है, लेकिन अब तक मासूम का कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ परिवार की उम्मीदें कमजोर होती जा रही हैं। मां की आंखें रो-रोकर सूज चुकी हैं, जबकि पिता हर किसी से बस यही पूछते हैं कि क्या मेरे बच्चे का कोई पता चला?

प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन तेज करने की बात कही है, लेकिन हर गुजरते दिन के साथ अनहोनी की आशंका भी गहराती जा रही है। मासूम मयंक की तलाश अब सिर्फ एक खोज अभियान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की संवेदनाओं की परीक्षा बन चुकी है।

डेंगू का अलर्ट: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को एडवाइजरी जारी, 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव

0

देहरादून जिले के सरकारी अस्पतालों में मार्च से अब तक करीब 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जाएं। इन वार्डों में मच्छरदानी और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। पॉजिटिव मामलों को आईडीएसपी पोर्टल पर तुरंत अपलोड करना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल ELISA जांच में पॉजिटिव मरीजों को ही डेंगू का मामला माना जाएगा, क्योंकि कार्ड टेस्ट में कई बार गलत परिणाम सामने आ जाते हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि आमतौर पर डेंगू के मामले जुलाई के बाद सामने आते हैं, लेकिन मार्च-अप्रैल में मामलों का सामने आना सतर्कता का संकेत है। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विभाग ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि डेंगू और मलेरिया के फैलाव को रोका जा सके। यह कदम जिले में मच्छरों के प्रकोप और जलभराव के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है, जिससे नागरिकों को समय रहते सुरक्षा और उपचार मिल सके।

उत्तरकाशी: धराली में भू-धंसाव से सेब के बागीचे को नुकसान, गंगोत्री हाईवे को खतरा

0

उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में भागीरथी नदी के कटाव से हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। नदी के तेज कटाव के चलते हुए भू-धंसाव ने गंगोत्री हाईवे के किनारे स्थित सेब के बागीचों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, हाईवे का लगभग 30 मीटर हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे सड़क पर दरारें पड़ गई हैं और यातायात के लिए खतरा बढ़ गया है।

धराली के प्रधान अजय नेगी के अनुसार, बीते रविवार को हुई बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई। भारी भू-धंसाव के कारण बागीचों में लगे करीब 100 सेब के पेड़ जमीन धंसने से गिर गए। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार धंसाव जारी है, जिससे गंगोत्री हाईवे की स्थिरता पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही, तो भू-धंसाव और तेज हो सकता है। इससे न केवल हाईवे के पूरी तरह ध्वस्त होने का खतरा है, बल्कि ऊपर बसे गांवों और बागीचों पर भी बड़ा संकट आ सकता है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए, तो इसका असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ सकता है। यात्रियों की आवाजाही बाधित होने से व्यापक परेशानी खड़ी हो सकती है।

अजय नेगी ने बताया कि गत वर्ष आई आपदा के दौरान ही भागीरथी नदी से कटाव शुरू हो गया था, जो लगातार बढ़ता जा रहा था। इस संबंध में बागीचा मालिकों ने कई बार जिला प्रशासन और अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर सुरक्षात्मक कार्यों की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब स्थिति विकराल रूप लेती जा रही है और क्षेत्र में बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला, कई जिलों में आज बारिश और तूफान का ऑरेंज अलर्ट

0

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज मंगलवार को प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में बारिश और तेज तूफान की संभावना है।

केंद्र की ओर से देहरादून समेत टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ बारिश और करीब 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य जिलों के लिए हल्की बारिश और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार 12 अप्रैल तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज इसी तरह बदला रहेगा। बीते कुछ दिनों से पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही हल्की बारिश और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बरकरार है। वहीं, सोमवार शाम चली तेज हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे शाम के समय ठंड का एहसास हुआ। हालांकि दिनभर बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा।

जौलीग्रांट से बदरीनाथ–केदारनाथ हेली सेवा 26 अप्रैल से शुरू होने की संभावना

0

देहरादून। चारधाम यात्रा के मद्देनज़र जौलीग्रांट हेलीपैड से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा 26 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। निजी कंपनी रुद्राक्ष एविएशन अपने एमआई-17 डबल इंजन हेलीकॉप्टर के जरिए यह सेवा संचालित करेगी। फिलहाल कंपनी सभी आवश्यक मंजूरियों और औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी है।

बताया जा रहा है कि रुद्राक्ष एविएशन पिछले तीन वर्षों से लगातार जौलीग्रांट से बदरी-केदार धाम के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। इस वर्ष कंपनी 26 अप्रैल से 15 जून तक, यानी मानसून शुरू होने से पहले तक, यह सेवा चलाने की तैयारी में है। बरसात के बाद सितंबर माह में सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा।

हेलीकॉप्टर सुबह करीब 6:30 बजे जौलीग्रांट से उड़ान भरेगा, जिससे श्रद्धालु एक ही दिन में दोनों धामों के दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही यात्रियों के लिए रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मौसम अनुकूल रहने पर दिन में दो उड़ानें संचालित की जा सकती हैं।

किराए की बात करें तो इस बार एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दो धामों की यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 1.35 लाख रुपये खर्च करने होंगे, जबकि रात्रि विश्राम सहित यह किराया करीब 1.5 लाख रुपये तक हो सकता है। पिछले वर्ष यह किराया क्रमशः लगभग 1.21 लाख और 1.41 लाख रुपये था।

गौरतलब है कि इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुल रहे हैं। ऐसे में यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद हेली सेवा के संचालन से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

रुद्राक्ष एविएशन के संचालक पी.के. छाबरी के अनुसार, “26 अप्रैल से सेवा शुरू करने की तैयारी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही हेलीकॉप्टर सेवा शुरू कर दी जाएगी।”

रिटायर्ड जज ने पेश की मिसाल: तलाक के बाद बेटी का ढोल-नगाड़ों के साथ किया स्वागत

0

देहरादून। देशभर में इन दिनों उत्तराखंड कैडर के एक रिटायर्ड जज का अनोखा कदम चर्चा का विषय बना हुआ है। ज्ञानेंद्र शर्मा ने सामाजिक धारणाओं को चुनौती देते हुए तलाक के बाद अपनी बेटी का उसी खुशी और सम्मान के साथ घर में स्वागत किया, जैसे कभी उसकी विदाई की थी।

मूल रूप से मेरठ निवासी ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी प्रणिता को फैमिली कोर्ट से घर लाते समय ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। इस दौरान पूरे परिवार ने ‘I Love My Daughter’ लिखी टी-शर्ट पहनकर बेटी के प्रति अपने स्नेह और समर्थन का सार्वजनिक प्रदर्शन किया।

ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि जब उनकी बेटी का जन्म हुआ था, तब परिवार ने उसका जोरदार स्वागत किया था। उसी भावना को दोहराने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया, ताकि बेटी को यह एहसास हो सके कि उसका महत्व आज भी उतना ही है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने बेटी को शादी के समय खुशी-खुशी विदा किया था, लेकिन ससुराल में वह खुश नहीं रह सकी। ऐसे में उसे जबरन वहां रहने के लिए मजबूर करना गलत होता। उनका मानना है कि “बेटी कभी पराई नहीं होती और उसका सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए।

जानकारी के अनुसार, प्रणिता की शादी वर्ष 2018 में शाहजहांपुर के एक परिवार में हुई थी। बीते वर्षों में उसने मानसिक और भावनात्मक कठिनाइयों का सामना किया, जिसके बाद परिवार ने उसे सम्मानपूर्वक वापस घर लाने का निर्णय लिया।

ज्ञानेंद्र शर्मा ने महिला सशक्तिकरण पर शोध किया है और इस विषय पर पुस्तक भी लिखी है। उनका कहना है कि महिला सशक्तिकरण केवल विचारों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में भी उतारना जरूरी है।

उन्होंने अपने करियर के बारे में बताया कि उन्होंने एलएलबी के बाद न्यायिक सेवा में प्रवेश किया और उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तराखंड कैडर में कार्य किया। वे जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए और उत्तराखंड न्यायिक अकादमी में निदेशक के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

हरीश रावत के ‘राजनीतिक अवकाश’ से कांग्रेस में हलचल, यशपाल आर्या ने की मुलाकात

0

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस में इन दिनों सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के 15 दिन के ‘राजनीतिक अवकाश’ ने पार्टी के भीतर चर्चाओं और अटकलों का दौर शुरू कर दिया है। इस बीच सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की।

बताया जा रहा है कि हरीश रावत 27 मार्च से राजनीतिक अवकाश पर हैं। इसे उनकी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे पार्टी हाईकमान को अपनी नाराजगी का संकेत देना चाहते हैं। खासतौर पर रामनगर के नेता संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल कराने की उनकी इच्छा पूरी न होने के बाद यह कदम उठाया गया।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी रावत की नाराजगी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा था कि उन्हें नजरअंदाज कर कांग्रेस उत्तराखंड में मजबूत नहीं हो सकती। उनके इस बयान के बाद पार्टी में बहस और तेज हो गई।

वहीं, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी एक व्यक्ति के भरोसे पार्टी नहीं चलती और न ही किसी के बिना पार्टी खत्म होती है। उन्होंने यह भी कहा कि हरीश रावत को राजनीति में लगभग सभी प्रमुख पद मिल चुके हैं, ऐसे में उनकी नाराजगी समझ से परे है।

हरक सिंह रावत के इस बयान पर हरीश रावत के समर्थक हरीश धामी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और समर्थकों से सामूहिक इस्तीफे तक की बात कह दी, जिससे पार्टी में असहज स्थिति बन गई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और सहयोगी दलों ने एकजुटता बनाए रखने की अपील की।

इसी बीच भाजपा के कैबिनेट मंत्री खजान दास की हरीश रावत से मुलाकात ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी। हालांकि कांग्रेस ने इसे केवल शिष्टाचार मुलाकात बताया और किसी तरह की अटकलों से इनकार किया।

सोमवार को हुई मुलाकात के बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या का उनके आवास पर स्नेहपूर्ण आगमन हुआ। दोनों के बीच प्रदेश के समसामयिक विषयों, जनहित के मुद्दों और राज्य के विकास को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

गौरतलब है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर इस तरह की हलचल को पार्टी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की चुप्पी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।