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उत्तराखंड: फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज, तेज हवाएं भी चलेंगी, अलर्ट जारी

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देहरादून। उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

शुक्रवार सुबह देहरादून में करीब एक घंटे तक हुई लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में 27.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि अधिकतम तापमान घटकर 29.9 डिग्री सेल्सियस रह गया।

जून की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है। कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के चलते मौसम सुहावना हो गया है। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज आंधी और पेड़ गिरने की घटनाओं से यातायात प्रभावित हुआ। वन विभाग और पुलिस की टीमों ने सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल की।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। विभाग के अनुसार आगामी 11 जून तक प्रदेशभर में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। बारिश के कारण तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।

आज भी बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार के लिए भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। पर्वतीय जिलों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। वहीं पहाड़ी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

हल्द्वानी में भीषण अग्निकांड: अमेजन स्टोर में आग, दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत

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हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक अग्निकांड में दो कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई। रामपुर रोड स्थित जीतपुर नेगी क्षेत्र में बने अमेजन स्टोर में अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे स्टोर में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय स्टोर के भीतर दो कर्मचारी मौजूद थे, जो आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के मद्देनजर घेराबंदी कर सील कर दिया गया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें घटना की जांच में जुट गई हैं। मृतकों की पहचान और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। �

 

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

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नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सोशल मीडिया आधारित संगठन “कॉकरोच जनता पार्टी” (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्रों, अभ्यर्थियों और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए नई दिल्ली जिले को 12 जोनों में बांटा गया है और करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा संसद मार्ग, जंतर-मंतर और वीवीआईपी इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन को लेकर अभी तक आयोजकों की ओर से कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था। हालांकि बाद में सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन को लेकर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विचार किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन संदेशों के माध्यम से मिली।

सीजेपी परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने अमेरिका से लौटकर स्वयं प्रदर्शन का नेतृत्व करने की घोषणा भी की थी।

प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। सभी जिला इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करने की तैयारी की गई है।

इस बीच सीजेपी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बैरिकेडिंग से जुड़ा एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

उधर, पर्यावरण एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह भी प्रदर्शन में शामिल होंगे।

खुफिया एजेंसियां प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उत्तराखंड में बड़े प्रशासनिक फेरबदल, IPS, PPS और PCS अधिकारियों के तबादले

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देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को लेकर बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS), प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) तथा प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

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जारी आदेश के अनुसार आईपीएस अधिकारी निवेदिता कुकरेती को कुमाऊं परिक्षेत्र का पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया गया है। वहीं अब तक यह दायित्व संभाल रही रिद्धिम अग्रवाल को पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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इसके अलावा विम्मी सचदेवा को पुलिस महानिरीक्षक दूरसंचार एवं फायर सर्विस, कृष्ण कुमार वीके को पुलिस महानिरीक्षक यातायात तथा अनंत शंकर ताकवाले को पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी बनाया गया है। सुनील कुमार मीणा को पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक एवं पीएसी तथा योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ की जिम्मेदारी दी गई है।

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शासन ने वरिंदरजीत सिंह को पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय नियुक्त किया है, जबकि आयुष अग्रवाल को 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार का सेनानायक बनाया गया है। हरीश वर्मा को आईआरबी प्रथम का सेनानायक, अमित श्रीवास्तव को पुलिस अधीक्षक सीआईडी देहरादून तथा जितेंद्र चौधरी को पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात देहरादून नियुक्त किया गया है।वहीं, नीलेश आनंद भरणे से सचिव पुलिस, स्पोर्ट्स कंट्रोल रूम सहित अन्य दायित्व वापस ले लिए गए हैं। फिलहाल उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।

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PCS अधिकारियों में भी बदलाव

प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारियों के तबादलों में देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह राकेश तिवारी को देहरादून का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। राकेश तिवारी को संयुक्त सचिव मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त दायित्व भी सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त गोपाल सिंह बिनवाल को रुड़की नगर निगम का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।

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PPS अधिकारियों के तबादले

प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) अधिकारियों में वीर सिंह को उपसेनानायक आईआरबी प्रथम, लोगजीत सिंह को अपर पुलिस अधीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था पुलिस मुख्यालय, विमल आचार्य को उपसेनानायक 46वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग, शांतनु पाराशर को अपर पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम तथा अंकुश मिश्रा को अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना नियुक्त किया गया है। शासन के इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक एवं पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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नैनीताल को मुख्यमंत्री धामी ने दी 96.71 करोड़ की विकास योजनाओं की दी सौगात

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नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नैनीताल जनपद को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 67 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई छह योजनाओं का लोकार्पण तथा 29.71 करोड़ रुपये की सात योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

भीमताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने भीमताल में सैनिकों एवं व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण, भीमेश्वर मंदिर और ओखलकांडा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन से जोड़ने, ओढ़ाखांन-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग के जीप मार्ग से मिलान, रामगढ़ उपतहसील के शीघ्र संचालन तथा प्राधिकरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर केवल सौंदर्य का प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती बन चुका है और इसके प्रभाव उत्तराखंड के जल स्रोतों, कृषि, जैव विविधता तथा पर्यटन पर भी पड़ रहे हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “मिशन लाइफ” और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेश के प्रत्येक परिवार से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने का आह्वान किया। उन्होंने चिपको आंदोलन और गौरा देवी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने पर्यावरण संरक्षण में पूरी दुनिया को प्रेरणा दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, वनीकरण, वन्यजीव संरक्षण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उत्तराखंड सकल पर्यावरण उत्पाद (GEP) की अवधारणा लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में जनसहयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटी सी सावधानी हजारों पेड़ों और वन्यजीवों की रक्षा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क कनेक्टिविटी के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए भीमताल विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टमटा, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

RBI ने घटाया विकास दर का अनुमान, महंगाई बढ़ने की आशंका, आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है असर

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता जताते हुए चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। वहीं खुदरा महंगाई (CPI) का अनुमान बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है।

आरबीआई के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और मानसून को लेकर अनिश्चितता भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं। इन्हीं कारणों से विकास दर के अनुमान में कटौती और महंगाई के अनुमान में वृद्धि की गई है।

क्यों बढ़ी चिंता?

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो परिवहन, ऊर्जा और उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। इसके अलावा कमजोर मानसून की आशंका खाद्य वस्तुओं की कीमतों को भी प्रभावित कर सकती है।

आरबीआई ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में औसत खुदरा महंगाई 5.1 प्रतिशत रह सकती है, जो पहले के 4.6 प्रतिशत अनुमान से अधिक है।

आपकी जेब पर क्या होगा असर?

1. घरेलू बजट पर दबाव

महंगाई बढ़ने का सबसे अधिक असर रसोई के बजट पर पड़ सकता है। खाद्यान्न, सब्जियां, ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुएं महंगी होने की आशंका है। इससे परिवारों का मासिक खर्च बढ़ सकता है।

2. पेट्रोल-डीजल महंगे होने का खतरा

कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे परिवहन लागत बढ़ेगी और कई वस्तुओं के दाम भी प्रभावित होंगे।

3. लोन की ईएमआई फिलहाल स्थिर

आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की ईएमआई में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि भविष्य में महंगाई लगातार बढ़ी तो ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

4. रोजगार और निवेश पर असर

विकास दर का अनुमान घटने का अर्थ है कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार पहले की तुलना में कुछ धीमी रह सकती है। इसका असर निजी निवेश, उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन पर पड़ सकता है।

बाजार की प्रतिक्रिया

आरबीआई के फैसले के बाद शेयर बाजार में स्थिरता देखने को मिली। निवेशकों ने इसे सतर्क लेकिन संतुलित कदम माना है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि उसका फोकस आर्थिक वृद्धि और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतें, मानसून की स्थिति और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम आरबीआई की अगली नीतियों को प्रभावित करेंगे। यदि महंगाई और बढ़ती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है, जबकि परिस्थितियां सामान्य रहने पर दरों को स्थिर रखा जा सकता है।

उत्तराखंड: धाम में बिगड़ रही श्रद्धालुओं की सेहत, अब तक 40 यात्रियों की मौत

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चारधाम यात्रा के दौरान ऊंचाई और बदलते मौसम का असर श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। विशेष रूप से बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले बुजुर्ग और पहले से बीमार श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत, रक्तचाप असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 7,050 से अधिक श्रद्धालुओं को बदरीनाथ धाम स्थित सरकारी अस्पताल, एमआरपी सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है।

स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज कर रहे यात्री

चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद एक माह में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, धाम से करीब 15 किलोमीटर पहले पांडुकेश्वर में स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्र पर अब तक केवल 54,007 श्रद्धालुओं की ही स्क्रीनिंग हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में यात्री स्वास्थ्य परीक्षण कराए बिना सीधे धाम पहुंच रहे हैं, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ रही है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए विभाग बुजुर्ग, अस्वस्थ और जोखिम वाले यात्रियों की प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य जांच कर रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार स्क्रीनिंग कराए गए श्रद्धालुओं में 2,891 लोग 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं।

क्यूआर कोड से मिल रही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी

यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालु क्यूआर कोड स्कैन कर स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सलाह और सावधानियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन स्तर और तेजी से बदलते मौसम को देखते हुए विभाग यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

अब तक 40 श्रद्धालुओं की मौत

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बदरीनाथ धाम और गौचर से बदरीनाथ तक के आस्था पथ पर यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अब तक 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। वहीं गंभीर रूप से बीमार छह श्रद्धालुओं को हेलिकॉप्टर के जरिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें।

भाजपा को बड़ा झटका: के. अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार, राजनीतिक गलियारों में हलचल

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी को तमिलनाडु में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अन्नामलाई ने मंगलवार को नितिन नवीन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसके बाद उन्हें मनाने की कोशिशें लगातार जारी थीं।

भाजपा नेतृत्व पिछले कुछ दिनों से यह दावा कर रहा था कि तमिलनाडु इकाई में कोई मतभेद नहीं है और के. अन्नामलाई न तो पार्टी छोड़ रहे हैं और न ही किसी नई राजनीतिक पार्टी के गठन की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, अब उनके इस्तीफे को आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

अन्नामलाई के इस्तीफे को भाजपा के लिए दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। फिलहाल पार्टी की ओर से उनके भविष्य की राजनीतिक रणनीति और आगे की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

राहुल गांधी के दौरे से भाजपा में घबराहट, अमर्यादित भाषा पर उतर आए नेता: सूर्यकांत धस्माना

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देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से भारतीय जनता पार्टी बौखला गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और प्रवक्ताओं द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणियां उनकी घबराहट को दर्शाती हैं।

अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने कहा कि राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा नेता सवाल उठा रहे थे कि वह उत्तराखंड क्यों आ रहे हैं, जबकि खराब मौसम के कारण उनके पौड़ी और अल्मोड़ा कार्यक्रमों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करने के बाद भाजपा यह पूछने लगी कि वह कार्यक्रम स्थलों पर क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा के इस विरोधाभासी रवैये से उसकी बेचैनी साफ दिखाई देती है।

धस्माना ने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रवक्ताओं से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी तक ने राहुल गांधी के खिलाफ अमर्यादित एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जो राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के संबोधन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पौड़ी में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने राहुल गांधी के वर्चुअल संबोधन का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने संबोधन में पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों, विकलांगता पेंशन, वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) तथा अग्निपथ योजना पर विस्तार से अपनी बात रखी।

धस्माना के अनुसार राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर अग्निपथ योजना को समाप्त कर सेना में पूर्व व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया बहाल की जाएगी। इस घोषणा का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।

धीमी प्रगति पर डीएम का सख्त रुख, यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोका

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देहरादून :  जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जीएमएस रोड स्थित बल्लीवाला फ्लाईओवर से कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक यूपीसीएल द्वारा कराए जा रहे भूमिगत विद्युत केबल बिछाने के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी गति, पर्याप्त मैनपॉवर और मशीनरी की कमी पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रोड कटिंग समिति की अनुमति की शर्तों का पालन करते हुए आगामी पांच दिनों के भीतर भूमिगत केबल बिछाने का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्यों में लापरवाही और देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कांवली रोड से सहारनपुर चौक तक कई स्थानों पर खुदाई के बाद निर्माण सामग्री और मलबा सड़क किनारे बिखरा मिला, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही थी। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल मलबा और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए।

डॉ. चौहान ने निर्देश दिए कि 500-500 मीटर के पैच बनाकर प्रत्येक खंड में पर्याप्त श्रमिकों और मशीनों की तैनाती की जाए तथा युद्धस्तर पर कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि केबल बिछाने का कार्य समाप्त होते ही सड़कों को पुनर्स्थापन के लिए लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाए ताकि मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू हो सके।

जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को प्रतिदिन कार्य प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और कहा कि सड़क पुनर्स्थापन कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही गैल द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए ली गई अनुमति की शर्तों का भी पूर्ण पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मानसून से पहले सभी प्रभावित सड़कों की मरम्मत पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और समयसीमा के भीतर कार्य पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोभाल, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) के.के. मिश्रा, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग ओ.पी. सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।