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डोनाल्ड ट्रंप को नहीं मिला नोबेल शांति पुरस्कार, वेनेजुएला की महिला बनीं विजेता

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ओस्लो: नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नॉर्वेजियन नोबेल संस्थान ने आज 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कर दी। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को प्रदान किया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने मचाडो को उनके अथक प्रयासों, वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने और तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण परिवर्तन के लिए किए गए संघर्ष के लिए चुना। इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार से चूक गए, जिन्होंने स्वयं को ‘युद्ध समाप्त करने’ के लिए इस सम्मान का दावेदार बताया था।

‘लोकतंत्र की लौ जलाए रखने वाली साहसी नेत्री’

नोबेल समिति के अध्यक्ष जोर्गेन वाटने फ्राइडनेस ने मचाडो की प्रशंसा करते हुए उन्हें “शांति की साहसी और प्रतिबद्ध समर्थक” करार दिया। उन्होंने कहा कि मचाडो ने “बढ़ते अंधकार के बीच लोकतंत्र की लौ को जलाए रखा है।” ट्रंप की उम्मीदवारी के बारे में पूछे गए सवाल पर फ्राइडनेस ने स्पष्ट किया कि समिति को हर साल हजारों नामांकन प्राप्त होते हैं, और चयन प्रक्रिया गोपनीय और निष्पक्ष तरीके से एक कमरे में पूरी की जाती है।

नोबेल शांति पुरस्कार का महत्व

नोबेल शांति पुरस्कार उन व्यक्तियों या संगठनों को दिया जाता है, जिन्होंने शांति को बढ़ावा देने, संघर्षों को सुलझाने और मानवाधिकारों की रक्षा में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। यह पुरस्कार नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा चुना जाता है, और विजेता की घोषणा हर साल अक्टूबर में की जाती है। इस साल पुरस्कार को लेकर खासा उत्साह था, क्योंकि ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर युद्ध समाप्त करने के दावे के साथ अपनी उम्मीदवारी को प्रचारित किया था।

मचाडो का योगदान

मारिया कोरिना मचाडो ने वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष किया है। उनकी अगुवाई में कई आंदोलनों ने तानाशाही के खिलाफ आवाज बुलंद की और शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली के लिए प्रयास किए। नोबेल समिति ने उनके इस साहस और समर्पण को मान्यता देते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना।

यह पुरस्कार न केवल मचाडो के प्रयासों को सम्मानित करता है, बल्कि वेनेजुएला के लोगों के लोकतांत्रिक संघर्ष को भी वैश्विक मंच पर उजागर करता है।

देहरादून के करनदीप 19 दिनों से लापता, ईराक से चीन जा रहा था जहाज

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देहरादून : ईराक से चीन जा रहे एक मर्चेंट नेवी जहाज से लापता हुए देहरादून के युवा करनदीप सिंह राणा का 19 दिनों बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। सीनियर डेक कैडेट के पद पर तैनात करनदीप 20 सितंबर को जहाज से अचानक गायब हो गए थे। चीन में चल रही जांच में परिवार को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन कंपनी की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है, जबकि जांच में कोई ठोस क्लू नहीं मिला।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि करनदीप की बहन सिमरन और एक अन्य रिश्तेदार ने जांच में भाग लेने के लिए पासपोर्ट बनवा लिया है और वीजा आवेदन भी भेज दिया है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यात्रा की व्यवस्था या आगे की प्रक्रिया के बारे में कोई अपडेट नहीं साझा किया है। सिमरन ने कहा, “हम लगातार कंपनी और अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। गुरुवार को जांच के दूसरे दिन चार लोगों के बयान लिए गए, लेकिन हमें यह भी नहीं बताया गया कि क्या निकला या बयानों में क्या सामने आया।

20 सितंबर को ईराक से चीन रवाना हुए जहाज पर सवार करनदीप सिंह राणा अचानक लापता हो गए। जहाज के चीन पहुंचने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की है। मर्चेंट नेवी कंपनी ने परिवार को जांच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, जिसके बाद परिवार ने तत्काल कदम उठाए। करनदीप, जो देहरादून के निवासी हैं।

परिवार ने भारतीय दूतावास और कंपनी से तत्काल सहायता की मांग की है। सिमरन ने आगे कहा, “हमारी हर कोशिश करनदीप को वापस लाने की है। कंपनी के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं, ताकि हम जांच में पूरी ताकत से शामिल हो सकें।

12 पहचान पत्रों से भी वोट डाल सकेंगे मतदाता, ECI ने जारी की लिस्ट

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नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मतदाताओं की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने घोषणा की है कि जिन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज है, लेकिन जो मतदान के दिन मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) प्रस्तुत नहीं कर पाते, वे 12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक का उपयोग करके वोट डाल सकेंगे। इस फैसले से मतदान प्रक्रिया को और समावेशी बनाने का प्रयास किया गया है। 7 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना में आयोग ने इन वैकल्पिक दस्तावेजों की सूची साझा की है-

आधार कार्ड

  1. मनरेगा जॉब कार्ड

  2. बैंक या डाकघर का फोटोयुक्त पासबुक

  3. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड

  4. ड्राइविंग लाइसेंस

  5. पैन कार्ड

  6. एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड

  7. भारतीय पासपोर्ट

  8. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज

  9. केंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू, या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र

  10. सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र

  11. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी)

आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम होना वोट डालने की प्राथमिक शर्त है। इसके साथ ही, बिहार और आठ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों में लगभग शत-प्रतिशत मतदाताओं को EPIC जारी किए जा चुके हैं। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिया है कि वे मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर नए मतदाताओं को EPIC प्रदान करना सुनिश्चित करें।

पर्दानशीन महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था

निर्वाचन आयोग ने पर्दानशीन (बुर्का या पर्दा पहनने वाली) महिला मतदाताओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। मतदान केंद्रों पर महिला मतदान अधिकारियों या परिचारकों की उपस्थिति में उनकी गरिमापूर्ण और गोपनीय तरीके से पहचान सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम महिला मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में सहज और सुरक्षित भागीदारी प्रदान करने के लिए उठाया गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें

आयोग ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान की घोषणा की है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। बिहार में कुल 7.42 करोड़ मतदाता अंतिम सूची में शामिल हैं।

उत्तराखंड भाजपा युवा मोर्चा: विपुल मैंदोली अध्यक्ष, दीपेंद्र कोश्यारी और मुलायम सिंह रावत महामंत्री नियुक्त

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देहरादून: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड में अपने युवा मोर्चा के शीर्ष पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा कर दी है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि राज्यसभा सांसद और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर विपुल मैंदोली को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष, जबकि दीपेंद्र कोश्यारी और मुलायम सिंह रावत को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई हैं, जिसके लिए भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

विपुल मैंदोली बने युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष

ऋषिकेश निवासी विपुल मैंदोली को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मैंदोली को युवा और जुझारू नेता माना जाता है, जो लंबे समय से युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं। उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

दीपेंद्र कोश्यारी को महामंत्री की जिम्मेदारी

नैनीताल निवासी दीपेंद्र कोश्यारी को युवा मोर्चा का प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है। दीपेंद्र पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भतीजे हैं और बचपन से ही भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के माहौल में सक्रिय रहे हैं। उनकी नियुक्ति को पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता और पारिवारिक पृष्ठभूमि का सम्मान माना जा रहा है।

koshyari and mulayam rawat rohit

मुलायम सिंह रावत भी बने महामंत्री

टिहरी गढ़वाल के मुलायम सिंह रावत को भी युवा मोर्चा का प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है। रावत लंबे समय से युवा मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी नियुक्ति से उनकी राजनीतिक संभावनाओं को नया बल मिला है, और यह माना जा रहा है कि वे युवा मोर्चा को और सशक्त करेंगे।

42 सदस्यीय टीम पहले ही गठित

भाजपा ने 15 सितंबर को ही उत्तराखंड में अपनी 42 सदस्यीय नई टीम की घोषणा की थी। इसमें दीप्ति रावत, कुंदन परिहार और तरुण बंसल को महामंत्री, 8 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष, और 8 को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया था। पुनीत मित्तल को प्रदेश कोषाध्यक्ष और मनवीर सिंह चौहान को तीसरी बार मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रुचि भट्ट को महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया था।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा

युवा मोर्चा के शीर्ष पदाधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत कर रही है। यह युवा नेतृत्व न केवल पार्टी की युवा शक्ति को संगठित करेगा, बल्कि आगामी चुनावों में युवा मतदाताओं को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट आज दोपहर बंद, क्षेत्र बर्फ से सफेद

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ज्योतिर्मठ (चमोली): उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शुक्रवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। भारी बर्फबारी से पूरा क्षेत्र सफेद चादर ओढ़ चुका है, फिर भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में भक्त घांघरिया पहुंच चुके हैं, जो इस समापन समारोह के साक्षी बनने के लिए उत्सुक हैं।

हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि सुबह 10 बजे सुखमणी साहिब के पाठ के बाद कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू होगी। कीर्तन के बाद गुरु ग्रंथ साहिब को सचखंड में सुशोभित किया जाएगा, उसके पश्चात दोपहर 2 बजे हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। वहीं, लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट दोपहर 12:31 बजे परिसर में ही बंद कर दिए जाएंगे। दोनों धार्मिक स्थल एक ही परिसर में स्थित हैं।

139 दिनों की यात्रा का समापन

इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। 10 अक्टूबर तक चली इस यात्रा में कुल 2 लाख 72 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। ठंड के बढ़ते प्रकोप और ऊंचाई वाली दुर्गम चोटी पर बर्फबारी के कारण शीतकाल में कपाट बंद करना आवश्यक हो जाता है। ट्रस्ट ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसमें अंतिम अरदास और कीर्तन का विशेष आयोजन शामिल है।

पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी ने क्षेत्र को बर्फ की मोटी चादर से ढक दिया है, जिससे पहुंचना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। फिर भी, सिख समुदाय के अलावा अन्य धर्मों के भक्त भी इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आकर्षित हुए। हेमकुंड साहिब, जो हिमालय की गोद में 15,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है, गुरु गोबिंद सिंह जी की तपस्थली के रूप में जाना जाता है।

ट्रस्ट अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की मार झेलते हुए सावधानी बरतें और यात्रा के अंतिम चरण में ट्रस्ट के निर्देशों का पालन करें। कपाट बंद होने के बाद अगली यात्रा मई 2026 में फिर शुरू होगी। यह समापन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हेमकुंड यात्रा से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

करवा चौथ व्रत आज, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, आरती और चांद निकलने का समय

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नई दिल्ली : आज देशभर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए करवा चौथ का व्रत मना रही हैं। यह पर्व हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष करवा चौथ विशेष शुभ संयोगों के साथ आया है, जिसमें सिद्धि योग और शिववास योग शामिल हैं, जो व्रत के फल को कई गुना बढ़ाने वाले माने जाते हैं।

करवा चौथ 2025: तिथि और शुभ योग

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 9 अक्टूबर 2025, रात 10:54 से

  • चतुर्थी तिथि समापन: 10 अक्टूबर 2025, शाम 07:38 तक

  • नक्षत्र: कृतिका नक्षत्र (शाम 5:31 तक)

  • योग: सिद्धि योग (शाम 5:41 तक), इसके बाद व्यतीपात योग

  • चंद्र राशि: वृषभ

  • करण: तैतिल करण

उदयातिथि के अनुसार, 10 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत मनाया जाएगा।

शुभ चौघड़िया मुहूर्त

करवा चौथ की पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार हैं:

  • लाभ (उन्नति): सुबह 07:46 से 09:13 तक

  • अमृत (सर्वोत्तम): सुबह 09:13 से 10:41 तक

  • शुभ (उत्तम): दोपहर 12:08 से 01:35 तक

  • लाभ (उन्नति): रात 09:02 से 10:35 तक

राहु काल

  • राहु काल: सुबह 10:40 से दोपहर 12:07 तक

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 तक

चंद्रोदय का समय (शहर अनुसार)

करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। विभिन्न शहरों में चंद्रोदय का समय इस प्रकार है:

  • दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद: रात 08:13

  • गाजियाबाद: रात 08:11

  • गुरुग्राम: रात 08:14

  • चंडीगढ़: रात 08:08

  • पंजाब: रात 08:10

  • जम्मू, लुधियाना: रात 08:11

  • देहरादून: रात 08:04

  • शिमला: रात 08:06

  • मुंबई: रात 08:55

  • कोलकाता: रात 07:41

करवा चौथ व्रत के नियम

  1. सूर्योदय से पहले सरगी: व्रत शुरू करने से पहले सुबह सरगी ग्रहण करें। इसके बाद दिनभर निर्जला उपवास रखें।

  2. 16 श्रृंगार: पूजा और व्रत कथा का पाठ लाल जोड़े और सोलह श्रृंगार में करें।

  3. चंद्रमा को अर्घ्य: चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत का पारण करें, अन्यथा व्रत अधूरा माना जाता है।

  4. तामसिक भोजन से बचें: व्रत के दौरान तामसिक चीजों का सेवन न करें।

  5. नुकीली वस्तुओं से परहेज: नुकीली चीजों का उपयोग न करें।

पूजा सामग्री

  • मिट्टी का करवा (टोटी वाला)

  • चंदन, तांबे का लोटा, शुद्ध जल, दूध

  • फूल, फूल माला, दीपक, धूप, रोली, चावल

  • मिठाई, फल, मेवे

  • करवा चौथ व्रत कथा की पुस्तक

  • छलनी, दान की सामग्री (चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि)

पूजा विधि और उपाय

  1. संकल्प: सुबह स्नान कर शुद्ध होकर पूजा स्थान पर बैठें। शिव-पार्वती के सामने फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करें।

  2. करवा माता की पूजा: करवा माता, भगवान गणेश, शिव-पार्वती और स्वामी कार्तिकेय की विधिवत पूजा करें।

  3. व्रत कथा: सोलह श्रृंगार में करवा चौथ की कथा का पाठ करें।

  4. चंद्रमा को अर्घ्य: शाम को छलनी से चंद्रमा को देखकर अर्घ्य दें।

  5. आशीर्वाद: सात सुहागिन महिलाओं से आशीर्वाद लें और व्रत का पारण करें।

  6. दान: सुहाग की वस्तुएं जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि दान करें, जो सुख-समृद्धि लाता है।

पूजन मंत्र

  • श्री गणेश: ॐ गणेशाय नमः

  • शिव: ॐ नमः शिवाय

  • पार्वती: ॐ शिवायै नमः

  • स्वामी कार्तिकेय: ॐ षण्मुखाय नमः

  • चंद्रमा: ॐ सोमाय नमः

करवा और सींक का महत्व

करवा चौथ की पूजा में मिट्टी या पीतल का करवा और कांस की सींक का विशेष महत्व है। करवा विघ्नहर्ता गणेश का प्रतीक है, जबकि सींक शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। ये दोनों पूजा को पवित्रता और मंगलकामना प्रदान करते हैं।

कुंवारी कन्याएं भी रख सकती हैं व्रत

करवा चौथ का व्रत केवल सुहागिन महिलाओं तक सीमित नहीं है। कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत रख सकती हैं। वे भगवान शिव-पार्वती या श्रीकृष्ण को ध्यान में रखकर व्रत करती हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्रदान करता है।

हरियाणा IPS आत्महत्या मामला: DGP सहित 14 अधिकारियों के खिलाफ FIR

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चंडीगढ़: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के दो दिन बाद, चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार रात करीब 10:40 बजे हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित 14 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। यह कार्रवाई पूरन कुमार के आठ पन्नों के सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के आधार पर की गई है। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), धारा 3(5), 3(1)(आर) और एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज की गई है।

पूरन कुमार के परिवार ने लगातार सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। परिवार ने चेतावनी दी थी कि जब तक सभी नामजद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी हुई क्योंकि पूरन कुमार की बेटी, जो अमेरिका से लौट रही थी, गुरुवार को चंडीगढ़ पहुंची थी, लेकिन पोस्टमार्टम तब भी नहीं हो सका। हरियाणा की आईएएस लॉबी भी पूरन कुमार की पत्नी, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार के साथ थी। गुरुवार को कुछ अधिकारी उनके घर भी पहुंचे थे।

गुरुवार को दिन में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस मामले में एडवोकेट जनरल से राय ली और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ चर्चा की। सीएम ने चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर डीजीपी शत्रुजीत कपूर से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली। बता दें कि 7 अक्टूबर 2025 को वाई. पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने वर्तमान डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया, दो पूर्व डीजीपी सहित कई आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के नाम लिखे थे।

पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार ने बुधवार को जापान से लौटने के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में सुसाइड नोट में उल्लिखित अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। सुसाइड नोट में पूरन कुमार ने लिखा था कि कई वर्षों से उनके साथ जातिगत भेदभाव किया जा रहा था। जब भी उन्होंने इसका विरोध किया, उन्हें और प्रताड़ित किया गया।

एफआईआर में शामिल अधिकारी:

  1. शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा

  2. अमिताभ ढिल्लों, एडीजीपी

  3. संजय कुमार, एडीजीपी, 1997 बैच

  4. पंकज नैन, आईजीपी, 2007 बैच

  5. कला रामचंद्रन, आईपीएस, 1994 बैच

  6. संदीप खिरवार, आईपीएस, 1995 बैच

  7. सिबाश कविराज, आईपीएस, 1999 बैच

  8. मनोज यादव, पूर्व डीजीपी, आईपीएस, 1988 बैच

  9. पी.के. अग्रवाल, पूर्व डीजीपी, आईपीएस, 1988 बैच

  10. टी.वी.एस.एन. प्रसाद, आईएएस, 1988 बैच

  11. नरेंद्र बिजारणिया, एसपी, रोहतक

  12. राजीव अरोड़ा, पूर्व एसीएस

  13. कुलविंदर सिंह, आईजी, मधुबन

  14. ममता रवि किरण, एडीजीपी, करनाल रेंज

इस मामले ने हरियाणा के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है और कार्यस्थल पर उत्पीड़न व जातिगत भेदभाव के गंभीर सवाल उठाए हैं। इस दुखद घटना के कारणों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

 झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास के लिए मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

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देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को झुग्गियों का पुनः सर्वे कराने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी 1 और श्रेणी 2 के पात्र लोगों का स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों की सहायता से अभियान चलाकर विनियमन किया जाए। उन्होंने जिला स्तरीय समितियों की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने और इसके बाद शीघ्र ही राज्य स्तरीय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

CS बर्द्धन ने काठबंगला प्रोजेक्ट के तहत निर्मित आवासों का आबंटन नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने सचिव शहरी विकास को इसकी निरंतर निगरानी करने के लिए कहा। साथ ही, भूमि चिन्हीकरण, आवंटन नियम, आकलन, पात्रता और डीपीआर तैयार करने के लिए सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए और नगर निगम को संयुक्त बैठक कर निर्णय लेने के निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंकने की घटना: चीफ जस्टिस ने कहा ‘भूला हुआ अध्याय’, जज भुईंया बोले ‘संस्थान पर आघात’

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने अपनी ओर जूता फेंके जाने की कोशिश की हालिया घटना को ‘भूला हुआ अध्याय’ करार दिया है। यह टिप्पणी उन्होंने गुरुवार को उस समय की, जब सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायण ने एक मामले की सुनवाई के दौरान करीब 10 साल पहले हुई ऐसी ही एक घटना का जिक्र किया। शंकरनारायण ने बताया कि उस समय अदालत ने ऐसी हरकत करने वाले के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की थी।

सुप्रीम कोर्ट में वनशक्ति फैसले पर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई के दौरान शंकरनारायण ने कहा, “मैंने इस विषय पर एक लेख लिखा था। लगभग एक दशक पहले ऐसी घटनाएं कोर्ट में हुई थीं। तब दो जजों ने अवमानना की शक्तियों और उनकी प्रक्रिया पर अपनी राय दी थी कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।”

इस पर चीफ जस्टिस गवई ने कहा, “सोमवार को जो हुआ, उससे मैं और मेरे साथ बैठे जज स्तब्ध थे, लेकिन अब यह हमारे लिए एक भूला हुआ अध्याय है।” हालांकि, बेंच के अन्य जज उज्जल भुईंया ने इस घटना को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा, “मेरे विचार इससे अलग हैं। इस घटना को भूलना नहीं चाहिए। यह देश के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ हुआ। यह कोई हल्की बात नहीं है। मैं किसी को भी माफी देने के पक्ष में नहीं हूं। यह पूरे संस्थान पर आघात है। हम जजों के रूप में सालों तक ऐसे फैसले लेते हैं, जो शायद कुछ लोगों को पसंद न आएं, लेकिन इससे हमारे निर्णयों पर हमारा विश्वास कम नहीं होता।”

यह घटना सुप्रीम कोर्ट के सम्मान और उसकी गरिमा को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जज भुईंया के बयान ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी घटनाएं न केवल व्यक्तिगत अपमान हैं, बल्कि पूरे न्यायिक संस्थान पर हमला हैं।

देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल के पोस्टर और ब्रोशर का CS ने किया विमोचन

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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा है कि राज्य में स्थित राष्ट्रीय महत्व के वैज्ञानिक संस्थानों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन संस्थानों के साथ निरंतर संवाद, बेहतर समन्वय और सतत सहयोग को मजबूत किया जाएगा, ताकि राज्य के विकास में इनका योगदान बढ़ सके।

मुख्य सचिव ने यह बात दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने आगामी 12 से 14 नवंबर तक विज्ञान धाम में आयोजित होने वाले छठे देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल के पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन किया। आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर नवीन प्रगति से समाज में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। ऐसे आयोजन समाज, खासकर युवा पीढ़ी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ने और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री बर्द्धन ने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी की जननी मौलिक विज्ञान में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। देहरादून सहित पूरे राज्य में कई राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं, जिनका सहयोग समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में लिया जाता है। राज्य के हित में इन संस्थानों से अधिकतम सहयोग और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने उत्तराखंड काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूकॉस्ट) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फेस्टिवल युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देगा और राज्य के विकास में नई दिशा प्रदान करेगा।