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IGI एयरपोर्ट पर ATC सिस्टम में तकनीकी खराबी, 100 से अधिक उड़ानें प्रभावित, पार्किंग फुल

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नई दिल्ली | इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI एयरपोर्ट) पर शुक्रवार सुबह एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के AMS सिस्टम में अचानक आई तकनीकी खराबी ने यात्रियों के लिए हाहाकार मचा दिया। इस गड़बड़ी के कारण 100 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं, जबकि एयरपोर्ट की पार्किंग पूरी तरह विमानों से भर गई। लैंडिंग के लिए आसमान में चक्कर लगा रहे विमानों को अब डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है।

सूत्रों के अनुसार, AMS (एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) एयर ट्रैफिक सर्विसेज (ATS) और विमानों के बीच संचार का प्रमुख माध्यम है। खराबी के बाद इसे ऑटोमेटिक मोड से मैनुअल मोड में शिफ्ट कर दिया गया, जिससे विमानों की आवाजाही की गति धीमी पड़ गई और एयर ट्रैफिक कंजेशन बढ़ता जा रहा है।

एयरलाइंस की एडवाइजरी, यात्रियों से धैर्य की अपील

  • एयर इंडिया: कंपनी ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा कि दिल्ली में ATC सिस्टम की तकनीकी समस्या सभी एयरलाइंस के उड़ान संचालन को प्रभावित कर रही है। इससे एयरपोर्ट और विमानों में देरी तथा लंबा इंतजार हो रहा है। “यह अप्रत्याशित व्यवधान हमारे नियंत्रण से बाहर है। असुविधा के लिए खेद है और हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं।” केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ यात्रियों की तत्काल सहायता कर रहे हैं।
  • इंडिगो: ATC प्रणाली में तकनीकी खराबी से उड़ानों में देरी हो रही है, जिसका असर दिल्ली सहित उत्तरी भारत के कई क्षेत्रों में उड़ान संचालन पर पड़ रहा है।
  • स्पाइसजेट: सभी प्रस्थान, आगमन और परिणामी उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों को सलाह दी गई कि वे अपडेट के लिए नियमित रूप से चेक करें।

विशेषज्ञ की राय: बैकअप प्लान की जरूरत

उड्डयन विशेषज्ञ मार्क मार्टिन ने इस घटना को विमानन उद्योग की नई चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा, “उद्योग को भविष्य की संभावित तकनीकी खराबियों से निपटने के लिए मजबूत बैकअप प्लान रखना होगा। पायलटों और ATC स्टाफ को ऐसी स्थितियों के लिए विशेष प्रशिक्षण देना आवश्यक है।”

मौजूदा स्थिति

एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, समस्या को ठीक करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन मैनुअल ऑपरेशन के कारण देरी लंबी चल सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें। यह घटना दिल्ली जैसे व्यस्त हवाई अड्डे पर तकनीकी निर्भरता की कमजोरियों को उजागर करती है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानें संचालित होती हैं।

उत्तर भारत में ठंड ने दी दस्तक, पहाड़ों पर बर्फबारी और दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट

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नई दिल्ली : नवंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में सर्दी ने दस्तक दे दी है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है, वहीं दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने लोगों की सांसें और भी मुश्किल कर दी हैं। उधर, दक्षिण भारत में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

दिल्ली-एनसीआर में ठंडी हवाओं की दस्तक

राजधानी दिल्ली में गुरुवार से ही मौसम का मिज़ाज बदलने लगा है। सुबह-शाम ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट लाई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाएं चलेंगी, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा। हालांकि, इस समय बारिश की संभावना नहीं है। प्रदूषण के स्तर में इजाफे से दिल्लीवासियों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है, और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “गंभीर श्रेणी” में बना हुआ है।

पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंड

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। हिमाचल के ताबो में पारा -5.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है, जो राज्य का सबसे ठंडा स्थान बन गया।

बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़ों के नज़ारे भले ही पर्यटकों को लुभा रहे हों, लेकिन इससे मैदानी राज्यों में सर्द हवाओं का असर तेज़ी से महसूस किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरा बढ़ने के आसार

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में अब हल्की सर्दी महसूस की जा रही है। IMD का कहना है कि राज्य में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड में बढ़ोतरी होगी। फिलहाल किसी जिले में घना कोहरा नहीं छाने की संभावना है, मगर तापमान धीरे-धीरे नीचे जा रहा है।

बिहार में भी तापमान में गिरावट

बिहार में जहां सियासी पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मौसम का पारा गिरने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 10 नवंबर तक ठंड और कोहरे की दस्तक देखने को मिलेगी। राजधानी पटना सहित 13 जिलों में तापमान में कमी दर्ज की गई है। कुछ इलाकों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि दिन में धूप लोगों को हल्की राहत देगी।

दक्षिण भारत में बारिश से मुश्किलें

जहां उत्तर भारत ठंड से ठिठुर रहा है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्य बारिश की मार झेल रहे हैं। तमिलनाडु में 6 से 8 नवंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। केरल में भी कई जगहों पर जलभराव और यातायात बाधित होने की खबरें हैं।

आईएमडी की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले हफ्ते में उत्तर भारत में तापमान और नीचे जाएगा, जबकि दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर का यह बदलाव सर्दी के असली मौसम की शुरुआत का संकेत है।

ओपनएआई पर सात मुकदमे दर्ज: ChatGPT पर आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक भ्रम फैलाने के गंभीर आरोप

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एजेंसियां: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दिग्गज कंपनी ओपनएआई एक बार फिर विवादों में घिर गई है। कंपनी पर सात मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि उसके चैटबॉट ChatGPT ने कई लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाया और मानसिक भ्रम की स्थिति पैदा की।

इन मुकदमों में कहा गया है कि जिन लोगों ने आत्महत्या की, उनमें पहले से किसी भी तरह की मानसिक बीमारी के संकेत नहीं थे। कैलिफोर्निया की अदालतों में गुरुवार को दायर इन मामलों में गलत कारण से मौत (wrongful death), आत्महत्या के लिए उकसाना (incitement to suicide), अनजाने में हत्या (involuntary manslaughter) और लापरवाही (negligence) जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

मुकदमे छह वयस्कों और एक किशोर की ओर से दायर किए गए हैं। इनमें दावा किया गया है कि ओपनएआई ने अपने उन्नत मॉडल GPT-4o को समय से पहले जारी किया, जबकि कंपनी के अंदर से चेतावनी दी गई थी कि यह मॉडल “खतरनाक रूप से चापलूसी करने वाला और मनोवैज्ञानिक रूप से भ्रमित करने वाला” है।

चार पीड़ितों की मौत आत्महत्या से होने की पुष्टि की गई है। इनमें सबसे चर्चित मामला 17 वर्षीय अमाउरी लेसी का है, जिसने कथित तौर पर मदद के लिए ChatGPT का सहारा लिया था। मुकदमे के अनुसार, चैटबॉट ने न केवल उसे गलत सलाह दी, बल्कि उसे ऐसी जानकारियां दीं जो उसकी जान लेने में सहायक साबित हुईं — जैसे कि फांसी का फंदा कैसे बांधा जाए और कितनी देर तक बिना सांस लिए जीवित रहा जा सकता है।
अदालती दस्तावेज़ों में दावा किया गया है कि —
“अमाउरी की मौत कोई दुर्घटना या संयोग नहीं थी। यह ओपनएआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन द्वारा सुरक्षा परीक्षणों में कटौती करने और GPT-4o को जल्दबाजी में लॉन्च करने के फैसले का प्रत्यक्ष परिणाम थी।”

वकीलों का कहना है कि ओपनएआई ने अपने चैटबॉट के मनोवैज्ञानिक प्रभावों को लेकर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए और उपयोगकर्ताओं की मानसिक सेहत को नज़रअंदाज़ किया।

अब यह मामला सैन फ्रांसिस्को सुपीरियर कोर्ट में विचाराधीन है, और यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक मुकदमा साबित हो सकता है — जहां तकनीकी नवाचार और नैतिक जिम्मेदारी की सीमाएं पहली बार अदालत में परखी जाएंगी।

जौनसार-बावर के लाल जुबिन नौटियाल ने लॉन्च किया “Himalayan Pulse” उत्तराखंड के कलाकारों को मिलेगा प्लेटफार्म

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देहरादून।देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरा से निकले और बॉलीवुड के विश्वप्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने एक बार फिर अपने कर्मों से यह साबित कर दिया है कि असली सफलता वही है, जो अपनी जड़ों और समाज से जुड़ी रहे।

जौनसार-बावर के इस लाल ने हाल ही में अपने नए म्यूजिक लेबल “Himalayan Pulse” का भव्य शुभारंभ किया — एक ऐसा मंच जो विशेष रूप से उत्तराखंड और संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र की प्रतिभाओं को समर्पित है।

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जुबिन नौटियाल ने अपने इस नए प्रोजेक्ट के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि अब पहाड़ के कलाकारों को पहचान के लिए मैदानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि “इस पहाड़ के लिए कुछ भी करूँ, कम है। ये मेरी मातृभूमि है, मेरे संगीत की जड़ें यहीं से निकली हैं।”

“Himalayan Pulse” सिर्फ एक म्यूजिक लेबल नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन है — जो उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपरा, बोली-बानी और लोकसंगीत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस प्लेटफ़ॉर्म का उद्देश्य स्थानीय गायकों, गीतकारों, संगीतकारों और वादकों को वह पहचान दिलाना है, जिसके वे लंबे समय से हकदार हैं।

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कार्यक्रम के दौरान जुबिन नौटियाल के पिता और वरिष्ठ भाजपा नेता राम शरण नौटियाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने पुत्र की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास उत्तराखंड के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बनेगा और उन्हें अपने हुनर को दुनिया के सामने लाने का अवसर प्रदान करेगा।

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देवभूमि की घाटियों से लेकर जौनसार-बावर के ऊँचे पर्वतों तक, अब हर सुर में गूँजेगी “Himalayan Pulse” की गूंज, एक ऐसी संगीतमयी धड़कन, जो पहाड़ की आत्मा को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाएगी।

श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु बंद हुए

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IMG 20251105 WA0051तृतीय केदारनाथ श्री तुंगनाथ जी के कपाट विधि-विधान से शीतकाल हेतु बंद हुए

*इस यात्रा वर्ष डेढ लाख* *तीर्थयात्रियों ने किये दर्शन*

*शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करेंगे: हेमंत द्विवेदी*
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श्री तुंगनाथ/ रूद्रप्रयाग: 6 नवंबर । तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे शुभ मुहूर्त में शीतकाल हेतु बंद हो गये है
कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली ने प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान किया इस अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था तथा पांच सौ से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी रहे।

आज प्रात: काल भगवान तुंगनाथ जी का मंदिर श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ खुल गया था इसके पश्चात नित्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई तथा तीर्थयात्रियों ने मंदिर में दर्शन किये। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में साढ़े दस बजे से कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हो गयी भोग यज्ञ हवन पूजा के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया गया तथा पूर्वाह्न साढ़े 11.30 बजे श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल हेतु बंद कर दिये गये इससे पहले श्री तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली मंदिर के अंदर से परिसर में विराजमान हुई मंदिर की परिक्रमा तथा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए ढ़ोल नगाड़ो के साथ समारोह पूर्वक प्रथम पड़ाव चोपता के लिए प्रस्थान हुई इस अवसर पर बाबा तुंगनाथ जी की जय घोष से वातावरण गूंज उठा।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने तृतीय केदार श्री तुंगनाथ के कपाट बंद होने के अवसर पर शुभकामनाएं दी है बताया कि इस यात्रा वर्ष डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री तुंगनाथ जी के दर्शन का पुण्य अर्जित किया कहा कि श्री तुंगनाथ जी की चलविग्रह डोली के श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचने के बाद श्री तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजायें शुरू हो जायेंगी मंदिर समिति शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करेगी।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री तुंगनाथ जी कपाट बंद होने प्रसन्नता जतायी हैं कहा श्री तुंगनाथ जी की यात्रा अपेक्षा के अनुरूप रही।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी  प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भगवान श्री तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव चौपता प्रवास हेतु प्रस्थान हुई। कल शुक्रवार 7 नवंबर दूसरे पड़ाव भनकुन प्रवास तथा शनिवार 8 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल श्री मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी जहां भगवान तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजायें शुरू होंगी।

कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, प्रह्लाद पुष्पवान,देवी प्रसाद देवली, डा. विनीत पोस्ती,बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, मंदिर समिति सहित मठापति रामप्रसाद मैठाणी, केदारनाथ प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक बलबीर नेगी, अरविंद शुक्ला प्रकाश पुरोहित, दीपक पंवार,चंद्र मोहन बजवाल,पुजारी अतुल मैठाणी अजय मैठाणी, सहित अधिकारी कर्मचारी हक हकूकधारी मौजूद रहे।

 

उत्तराखंड : मोबाइल-मायका और तीसरे का ‘ट्रिपल अटैक’, 8 महीने में 491 वैवाहिक झगड़े महिला सेल पहुंचे

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रुद्रपुर। पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी अनबन अब मोबाइल, मायके व तीसरे व्यक्ति के दखल से तलाक तक पहुंच रही है। ऊधमसिंह नगर के एसएसपी ऑफिस स्थित महिला सेल में रोजाना औसतन दो शिकायतें दर्ज हो रही हैं। जनवरी से अगस्त तक 491 मामले पहुंचे, जिनमें 143 का काउंसलिंग से समझौता हुआ, 29 में एफआईआर दर्ज की गई और 123 कोर्ट ट्रांसफर कर दिए गए।

मोबाइल बना रिश्तों का ‘डिस्ट्रॉयर’

महिला सेल प्रभारी मंजू पांडे बताती हैं, “अधिकांश शिकायतों में पत्नी मोबाइल पर घंटों बिजी रहती है और घर की हर छोटी बात मायके पहुंचा देती है। दूसरी ओर पति का किसी तीसरे व्यक्ति से संपर्क रिश्ते तोड़ने का मुख्य कारण बन रहा है। महिला सेल प्रभारी मंजू पांडे का कहना कहना है की मोबाइल, मायके का दखल और तीसरे की एंट्री, ये तीनों मिलकर वैवाहिक रिश्तों को खोखला कर रहे हैं।

नौकरी पर सास-बहू का टकराव

  • 100 मामले: शादी के 1-5 साल के भीतर। नवविवाहिता नौकरी करना चाहती है, लेकिन शादी के बाद सास-पति रोकते हैं। कई बहुएं ससुराल छोड़ मायके चली गईं।

25 साल बाद भी टूटे रिश्ते

  • 50 मामले: बच्चे इंटर पास, फिर भी अलगाव। पति की सिडकुल नौकरी के दौरान बाहरी संपर्क मुख्य वजह।

महिला सेल का तीन-चरण फॉर्मूला

  1. पहला चरण: दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई।
  2. दूसरा चरण: अलग-अलग काउंसलिंग।
  3. तीसरा चरण: समझौता या कानूनी कार्रवाई।

आंकड़ों में…

विवरण संख्या
कुल शिकायतें 491
समझौता 143
कोर्ट ट्रांसफर 123
एफआईआर 29
कार्रवाई रोकी 27
लंबित 39

उत्तराखंड : विक्रम चालक की महिला ट्रैफिक सिपाही को धमकी, कल का सूरज नहीं देखने दूंगा…टेंपो चढ़ाने का प्रयास

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देहरादून। नगर कोतवाली क्षेत्र के तहसील चौक पर ड्यूटी कर रही महिला ट्रैफिक कांस्टेबल को विक्रम चालक ने पहले जान से मारने की धमकी दी और अगले दिन टेंपो चढ़ाने का प्रयास किया। सिपाही ने साहस से खुद को बचाया। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

‘कल का सूरज नहीं देखने दूंगा’

तीन नवंबर को महिला कांस्टेबल रेशमा तहसील चौक पर ट्रैफिक ड्यूटी पर थीं। विक्रम संख्या 1742 को नो-पार्किंग से हटाने पर चालक भड़क गया। जाते-जाते उसने धमकी दी, “तुझे मैं कल का सूरज नहीं देखने दूंगा।”

अगले दिन हमला

चार नवंबर को वही चालक फिर चौक पर पहुंचा। बदनीयती से उसने विक्रम को तेज रफ्तार में रेशमा की ओर दौड़ाया। सिपाही ने तुरंत पीछे हटकर जान बचाई। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने चालक को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। ट्रैफिक पुलिस ने विक्रम चालकों को चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी जल्द

रेशमा ने तत्काल एसपी ट्रैफिक को सूचना दी। एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह के निर्देश पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। आरोपी की पहचान हो चुकी है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -लोकजीत सिंह, एसपी ट्रैफिक

उत्तराखंड की बेटी स्नेह राणा को CM धामी का तोहफा, महिला विश्व कप में शानदार प्रदर्शन पर 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली राज्य की बेटी स्नेह राणा से फोन पर बात की और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। सीएम ने स्नेह को भारतीय टीम में चयन और विश्व कप में भारत की जीत में योगदान के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने मेहनत, संकल्प और प्रतिभा से उत्तराखंड का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने फोन पर स्नेह राणा से कहा, “उत्तराखंड की बेटियां देश को गौरवान्वित कर रही हैं और स्नेह राणा का प्रदर्शन इसी का उज्ज्वल उदाहरण है। उनकी सफलता हमारे युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को सर्वोत्तम सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” सीएमओ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। विश्व कप के फाइनल में भारत ने मेजबान के रूप में ट्रॉफी जीती, जिसमें स्नेह राणा का अहम योगदान रहा।

स्नेह राणा का विश्व कप में धमाकेदार प्रदर्शन

देहरादून के सिनौला गांव की रहने वाली 31 वर्षीय ऑफ-स्पिनर स्नेह राणा ने टूर्नामेंट में गेंद और बल्ले दोनों से कमाल दिखाया। ओपनर मैच में श्रीलंका के खिलाफ 15 गेंदों पर 28 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि पाकिस्तान के विरुद्ध नाबाद 53 रन बनाकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। गेंदबाजी में भी उन्होंने कई मैचों में विकेट चटकाए, जिसमें पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम स्पेल शामिल हैं। सेमीफाइनल और फाइनल में उनकी पार्टनरशिप और विकेट ने भारत को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

स्नेह ने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू पर 80* रन और 4 विकेट लेकर सुर्खियां बटोरीं। घरेलू क्रिकेट में रेलवे की ओर से खेलती हैं और डब्ल्यूपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

स्नेह का आभार: देश-प्रदेश के लिए निरंतर प्रयास

फोन पर सीएम का धन्यवाद करते हुए स्नेह राणा ने कहा, “यह टूर्नामेंट मेरे लिए बहुत बड़ा मोमेंट था। मुख्यमंत्री जी का समर्थन और प्रोत्साहन मुझे और मजबूती देगा। मैं देश व उत्तराखंड का नाम आगे भी रोशन करने के लिए निरंतर प्रयास करती रहूंगी।” उन्होंने विश्व कप जीत को महिला क्रिकेट के लिए नई शुरुआत बताया, जो छोटे गांवों की लड़कियों को प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री धामी की खेल प्रोत्साहन नीति के तहत पहले भी कई खिलाड़ियों को करोड़ों की राशि दी जा चुकी है। हाल ही में परमवीर चक्र विजेताओं के लिए अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर 1.5 करोड़ की गई। स्नेह राणा को मिली राशि राज्य की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का संदेश देगी। खेल मंत्री और अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही स्नेह को सम्मान समारोह में बुलाकर राशि सौंपी जाएगी।

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, सात जिलों में बदले SP, पढ़ें अब कहां मिली तैनाती

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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बुधवार को पुलिस महकमे में बड़ी सर्जरी की। कुल 15 IPS अधिकारियों का तबादला और चार को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। कुल्लू, किन्नौर, नूरपुर, कांगड़ा, बद्दी, हमीरपुर व चंबा, इन सात जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) पूरी तरह बदल दिए गए। अवकाश के दिन कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने गृह विभाग के आदेश पर हस्ताक्षर किए। नए पदभार तत्काल प्रभाव से लागू हो गए।

शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव

  • एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अभिषेक त्रिवेदी (1996 बैच) → अब एडीजी जेल शिमला (नियमित)
  • आईजी आर्म्ड पुलिस प्रेम कुमार ठाकुर (2004 बैच) → आईजी पुलिस अकादमी जंगल बेरी
  • एडीजी सीआईडी ज्ञानेश्वर सिंह → एडीजी स्पेशल टास्क फोर्स
  • आईजी स्टेट विजिलेंस विमल गुप्ता → आईजी आर्म्ड पुलिस एंड ट्रेनिंग

सात जिलों के नए कप्तान

  1. कुल्लू → मदन लाल (कमांडेंट 9वीं होम गार्ड वाहिनी, धर्मशाला)
  2. किन्नौर → सुशील कुमार (SP लीव रिजर्व से)
  3. हमीरपुर → बलवीर सिंह (SP विजिलेंस धर्मशाला जोन)
  4. चंबा → विजय कुमार (SP लीव रिजर्व से)
  5. कांगड़ा → अशोक रतन (SP नूरपुर से)
  6. नूरपुर → कुलभूषण वर्मा (SP विजिलेंस मंडी जोन से)
  7. बद्दी → विनोद कुमार (अतिरिक्त से नियमित SP)

अन्य प्रमुख तबादले

  • SP चंबा अभिषेक यादव → AIG पुलिस मुख्यालय
  • डॉ. डीके चौधरी (प्रिंसिपल PTC डरोह) → DIG साइबर क्राइम धर्मशाला
  • अनुपम शर्मा (DIG जेल) → DIG क्राइम CID
  • रंजना चौहान (DIG लॉ एंड ऑर्डर) → DIG लीव रिजर्व मानवाधिकार आयोग
  • सौम्या सांबशिवन (DIG नॉर्थ रेंज) → प्रिंसिपल PTC डरोह
  • गुरुदेव चंद शर्मा (DIG ट्रैफिक) → DIG कानून एवं व्यवस्था

दो IPS पर ‘कंपल्सरी वेटिंग’

पूर्व SP कुल्लू कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन और AIG मुख्यालय मानव वर्मा को अस्थायी रूप से कंपल्सरी वेटिंग ऑफिसर बनाया गया। पुलिस मुख्यालय में दोनों SP स्तर के दफ्तर में रिपोर्ट करेंगे। विभाग का कहना है कि यह दंड नहीं, बल्कि उपयुक्त पद खाली होने तक की प्रतीक्षा है।

शेयर मार्केट में डूबा पैसा, सिडकुल कर्मी ने की आत्महत्या, पत्नी को व्हाट्सएप पर भेजा सुसाइड नोट

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हरिद्वार। कनखल क्षेत्र की न्यू विष्णु गार्डन कॉलोनी में मंगलवार देर रात एक 35 वर्षीय युवक ने कमरे में कोयला जलाकर आत्महत्या कर ली। मृतक सिडकुल की एक कंपनी में क्वालिटी कंट्रोलर के पद पर कार्यरत था। शेयर मार्केट में लाखों रुपये का नुकसान, कर्ज का बोझ और पारिवारिक विवादों से परेशान युवक ने पत्नी को व्हाट्सएप पर लंबा सुसाइड नोट भेजा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान लव कुमार (35) पुत्र सुंदर लाला, निवासी न्यू विष्णु गार्डन, कनखल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, लव कुमार पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में भारी नुकसान झेल रहा था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपना मकान तक बेच दिया था, लेकिन आर्थिक स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही थी। शराब की लत के चलते उसकी पत्नी कुछ महीने पहले बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। इसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में था।

घटना की रात लव कुमार घर में अकेला था। उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर हीटर पर कोयला जला दिया। कोयला जलने से कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। आत्महत्या से पहले उसने पत्नी को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था, “मैं अब सब कुछ खत्म करना चाहता हूं। मेरी चिंता मत करना।” नोट में उसने पिता पर संपत्ति का बंटवारा न करने का भी आरोप लगाया, जिससे उसका आर्थिक संकट और बढ़ गया था।

सुबह जब दरवाजा देर तक नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। उन्होंने कनखल थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो लव कुमार का शव फर्श पर पड़ा मिला। कमरे में हीटर पर आधे जले कोयले और जहरीली गैस की तीव्र गंध थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। विसरा सुरक्षित रखा गया है।

एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। सुसाइड नोट और मोबाइल चैट रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।”

परिजनों ने बताया कि लव कुमार अक्सर अकेलापन महसूस करता था। पिता से संपत्ति विवाद और पत्नी के मायके चले जाने से वह टूट चुका था। इलाके में घटना की चर्चा है और लोग आर्थिक तनाव को आत्महत्या की मुख्य वजह मान रहे हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।