मुंबई : अभिनेता पूरब कोहली का कहना है कि वह ‘रॉक अॉन’ के सीक्वल में काम करने के लिए काफी उत्सुक थे, क्योंकि यह फिल्म उनके करियर की अभी तक की सबसे बड़ी फिल्म थी।
पूरब ने अपने करियर की शुरूआत छोटे पर्दे से की थी, वहीं बड़े पर्दे पर निभाए बहुत से किरदारों के लिए उन्हें सराहना भी मिलती रही है। 2008 में आई फरहान अख्तर अभिनीत इस फिल्म से उनके करियर को एक अलग मुकाम हासिल हुआ।
उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा लगता था कि इस फिल्म का एक सीक्वल जरूर बनना चाहिए।
पूरब ने कहा, ‘मैं अपने निजी स्वार्थ के लिए हमेशा चाहता था कि ‘रॉक ऑन 2’ बने। ‘एयरलिफ्ट’ से पहले ‘रॉक ऑन’ मेरे जीवन की सबसे बड़ी फिल्म थी और उसके बाद ही मेरे करियर में एक ठहराव आया। मैं हर तरह से उम्मीद कर रहा था कि ‘रॉक ऑन’ का सीक्वल बने, ताकि जो चिंगारी 2008 में आरंभ हुई थी, उसे एक बार फिर सुलगाया जा सकें।’
उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से, मैं सीक्वल के पक्ष में था। वह एक बेहतरीन फिल्म थी, जिसका सीक्वल बनना ही चाहिए था। हमने ‘मैजिक’ को एक नए सफर पर छोड़ दिया था, तो आठ साल बाद..अब बिलकुल सही समय है, जब एक बार फिर हम उस कहानी की ओर जाएं और देखें कि अब चीजें क्या मोड़ लेती हैं।’ ‘रॉक ऑन’ में अभिनेता पूरब कोहली, अर्जुन कपूर, फरहान अख्तर, ल्यूक केनी थे, जिन्होंने मुंबई के एक बैंड ‘मैजिक’ के सदस्यों का किरदार निभाया था।
पूरब ने फिल्म में केदार जावेरी का उर्फ केडी का किरदार निभाया था, जो बैंड में ड्रमर था। पूरब ने कहा, ‘यह साल, बेहतरीन रहा है। मैं फिल्म ‘रॉक ऑन 2’ के अलावा, टीवी श्रृंखली ‘पीओडब्लयू’ की शूटिंग भी कर रहा हूं। यह मेरे करियर का रोमांचक दौर है।’ ‘रॉक ऑन2’ का निर्माण फरहान अख्तर की ‘एक्सल एंटरटेंमेट’ ने किया है, जो आज बड़े पर्दे पर रिलीज हुई है।
मैं हमेशा चाहता था ‘रॉक ऑन’ का सीक्वल बने : पूरब कोहली
नोटबंदी पर राहुल गांधी का वीडियो मैसेज, बोले- लाइन में लगे लोगों को पिलाएं पानी
500 और हजार रुपये के नोटबंदी के खिलाफ अब कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग स्थित एक बैंक के बाहर भीड़ के बीच पहुंच गए और अव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई. वहीं आज उन्होंने एक वीडियो जारी कर देश के युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानी में मदद करने की अपील की है.
इस वीडिया में राहुल गांधी एक अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं. राहुल ने वीडियो संदेश में युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बैंक के बाहर घंटों से लाइन में खड़े लोगों को मदद करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि देश बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है और इस समय लोगों को मदद की जरूरत है, खासकर बुजुर्ग और गरीब आदमी इस वक्त असहाय महसूस कर रहा है, इसलिए आगे बढ़कर उनकी कीजिए.
कांग्रेस उपाध्यक्ष वीडियो में कहते हैं, ‘मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि बैंक और एटीएम पर लंबी लाइनों में खड़े लोगों की मदद करें, खासकर बुजुर्गों की और जिनको फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही हो. इसके साथ-साथ अपने आसपास अगर किसी गरीब व्यक्ति को देखें जिसको पैसे जमा करने या बदलने में मुश्किल हो रही है तो उसकी पूरी मदद करें’. उन्होंने कहा कि लाइन में लगे लोगों को पानी और जररूत की चीजें उपलब्ध कराएं.
गौरतलब है कि शुक्रवार को राहुल गांधी संसद मार्ग स्थित SBI ब्रांच के बाहर लोगों के बीच पहुंचकर उनकी परेशानी सुनी और फिर उनके साथ लाइन में खड़े होकर पैसे बदलने पर अड़ गए थे. हालांकि उन्हें लाइन में खड़े नहीं होने दिया गया था. राहुल ने पीएम पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी को आम लोगों की परेशानियां समझ नहीं आती, इसलिए मैं इनके साथ यहां खड़ा होने आया हूं. राहुल ने आरोप लगाया था कि नोटबंदी को लेकर आधी-अधूरी तैयारी की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है और सरकार 15-20 करोड़पतियों के लिए नहीं चलनी चाहिए.
आजादी के बाद से कालेधन का हिसाब लूंगा : पीएम मोदी
कोबे : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कालेधन को बाहर निकालने के लिए और कदम उठाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास बेहिसाबी धन है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और इस बात की कोई ‘गारंटी’ नहीं है कि 30 दिसंबर के बाद और कदम नहीं उठाए जाएंगे। सरकार ने लोगों को पुराने नोट जमा कराने के लिए 30 दिसंबर तक का ही समय दिया है। उन्होंने ईमानदार लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
मोदी ने कहा, ‘मैं एक बार फिर यह घोषणा करना चाहूंगा कि इस योजना के बंद होने के बाद इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कालाधन रखने वालों को ठिकाने लगाने के लिए (दंड देने के लिए) कोई नया कदम नहीं उठाया जाएगा।’ यहां एक स्वागत समारोह में वह भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे।
मोदी ने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं यदि किसी बेहिसाबी चीज का पता चलता है, तो मैं आजादी के बाद के सारे रिकॉर्ड की जांच करवाऊंगा। इसकी जांच के लिए जितने लोगों को लगाने की जरूरत होगी, लगाऊंगा। ईमानदार लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। जो मुझे जानते हैं वे समझदार भी हैं। उन्होंने इसे बैंकों के बजाय गंगा में डालना बेहतर समझा।’
उनका इशारा इन रपटों पर था कि बंद किए जा चुके 500 और 1,000 के नोट गंगा नदी में प्रवाहित किए गए हैं। मोदी ने इसे ‘स्वच्छता अभियान’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आठ नवंबर को इस घोषणा के बाद लोगों द्वारा परेशानी का जिस चुनौतीपूर्ण तरीके से सामना किया गया है वह काबिले तारीफ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं अपने देश के लोगों को सलाम करता हूं। लोग चार से छह घंटे तक लाइन में खड़े हुए हैं लेकिन उन्होंने राष्ट्रहित में इस फैसले को स्वीकार किया जैसा कि 2011 की आपदा के बाद जापान ने किया था।’ उन्होंने कहा, ‘मैं लोगों के समक्ष आने वाली परेशानियों पर लंबे समय तक विचार किया लेकिन इसे गोपनीय रखना भी जरूरी था। इसे अचानक किया जाना था, लेकिन मुझे कभी यह नहीं पता था कि इसके लिए मुझे शुभकामनाएं मिलेंगी।’
मोदी ने कहा, ‘मैं प्रत्येक और हर भारतीय को सलाम करता हूं। कई परिवारों में शादियां हैं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें असुविधा हो रही है, लेकिन उन्होंने फैसले को स्वीकार किया है।’ सरकार की कार्रवाई की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि एक वर्ग लोगों को उनके खिलाफ बोलने के लिए उकसा रहा है लेकिन लोगों ने राष्ट्रीय हित में फैसले को स्वीकार किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। लोग इस बात को लेकर खुश हैं कि मोदी का 1,000 का नोट भी अब नहीं चलेगा।’ उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि दुनिया इस बात को स्वीकार कर रही है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में है। देश को ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंचा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिल रहा है।
मोदी ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक सभी एक आवाज में बोल रहे हैं। आईएमएफ ने कहा है कि भारत उम्मीद की किरण है। विश्व अर्थशास्त्री मानते हैं कि भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मेरी एफडीआई की अपनी परिभाषा है। पहली परिभाषा है कि पहले भारत का विकास करो, दूसरी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है।’ मोदी ने बताया कि पिछले दो साल में सरकार की विभिन्न पहल से 1.25 लाख करोड़ रुपये का कालाधन बाहर आया है।
जापान में PM मोदी: बोले- मेरा उद्देश्य भारत को दुनिया की सबसे मुक्त अर्थव्यवस्था बनाने का है
टोक्यो : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जापानी निवेश आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत को वित्तीय संसाधनों की काफी जरूरत है और उनकी सरकार देश को विश्व की ‘सबसे मुक्त’ अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुधारों को आगे बढ़ा रही है।
‘इंडिया-जापान बिजनेस लीडर्स फोरम’में कारोबारी नेताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने जीएसटी मुद्दे पर हुई प्रगति का जिक्र किया और भारत में कारोबार को आसान बनाने के लिए नीतियों एवं निवेश नियमों में किए गए अन्य सुधारों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए और स्थायी एवं पारदर्शी नियमन प्रणालियों के माध्यम से सकारात्मक माहौल बनाने के वास्ते सुधार नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, ‘भारत आर्थिक सुधारों की एक नई दिशा में बढ़ रहा है। मेरा संकल्प इसे विश्व की सबसे मुक्त अर्थव्यवस्था बनाने का है।’ मोदी ने कहा कि भारत की विकास जरूरतें काफी व्यापक है। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों के लिये भारत में अप्रत्याशित निवेश अवसर मौजूद हैं। ‘हम अपनी विकासात्मक प्राथमिकताओं को त्वरित गति के साथ हासिल करना चाहता हैं, लेकिन यह सब पर्यावरण को ध्यान में रखते हुये किया जायेगा।’ प्रधानमंत्री ने बैठक में उपस्थित व्यावसायियों से कहा, ‘साफ्टवेयर क्षेत्र में भारत के कौशल को जापान के हार्डवेयर क्षेत्र की मजबूती का साथ मिला है। मैं आपको भरोसा देना चाहता हूं कि हम आपको समान स्तरीय सुविधायें उपलब्ध करायेंगे।’
पाकिस्तान में शाह नूरानी दरगाह में जबरदस्त धमाका, 30 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल
पाकिस्तान के शाह नूरानी दरगाह में शनिवार को हुए धमाके में 30 लोगों की मौत हो गई और 100 लोग घायल हो गए. हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया.
पाकिस्तानी मीडिया से मिली खबरों के मुताबिक ब्लूचिस्तान प्रांत में खुजदार जिले के शाह नूरानी दरगाह में एक धमाके को अंजाम दिया गया. इस धमाके में 30 लोगों की मौत हो गई और 100 लोग घायल हो गए. मरने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं.
फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. बताया जा रहा है कि धमाके के वक्त दरगाह परिसर में करीब पांच सौ लोग मौजूद थे.
देश बचाने के लिए सीपीएम के साथ मिलकर काम करने को तैयार : ममता बनर्जी
कोलकाता: नोटबंदी के फैसले को लेकर मोदी सरकार पर फिर से कड़ा प्रहार करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि केंद्र इस ‘काले’ निर्णय को वापस ले, क्योंकि यह आम आदमी के खिलाफ है. ममता ने कहा कि वह देश बचाने के लिए अपने धुर विरोधी दल सीपीएम सहित सभी विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं.
ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता में कुछ बैंकों का दौरा करने और उपभोक्ताओं और बैंककर्मियों से बात करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘इस सरकार को बने रहने का अब कोई नैतिक अधिकार नहीं है. इसे जाना चाहिए. यह एक जन विरोधी सरकार है, यह गरीब विरोधी सरकार है. यह चीजों को चलाने का लोकतांत्रिक तरीका नहीं है, पूरी तानाशाही चल रही है.’
मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ दिनों के दौरान देश को हुए आर्थिक नुकसान की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराने की भी मांग की. उन्होंने कहा, ‘इस आर्थिक आपदा की सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों से जांच कराई जानी चाहिए और जांच इस बात की भी कराई जानी चाहिए कि कहीं यह निर्णय कुछ अन्य को लाभ पहुंचाने के लिए या देश को बेचने के लिए तो नहीं लिया गया है.’
ममता ने कहा कि यह निर्णय देश को पीछे ले जाने के लिए लिया गया है. इससे देश अस्थिर हो गया है. तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर सभी विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे इस कदम के खिलाफ आम जनता की मदद के लिए एकजुट हो जाएं. ममता ने कहा, ‘इस आपदा से आम जनता को बचाने के लिए हम सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट हो जाएं. मैं मरने से भी नहीं डरती, मैं जनता के साथ रहूंगी.’
दूसरे दिन भी इंग्लैंड की बल्ले-बल्ले, स्कोर 420 के पार
भारत और इंग्लैंड के बीच राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट असोसिएशन स्टेडियम पर पांच मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। दूसरे दिन के खेल की शुरुआत मोइन अली की सेंचुरी के साथ हुई। अली 117 रन बनाकर मोहम्मद शमी का शिकार बने। शमी ने उन्हें क्लीनबोल्ड किया। इस तरह से 343 रनों पर इंग्लैंड को पांचवां झटका लगा।
अली ने दिन के पहले ही ओवर की तीसरी गेंद पर सिंगल लेकर 100 रन पूरे किए। मैच के दूसरे दिन टीम इंडिया की नजर जल्द से जल्द विकेट झटकने पर है जबकि इंग्लैंड अपने स्कोर को और मजबूत करना चाहती है। इंग्लैंड ने पहले दिन चार विकेट पर 311 रन बनाए थे। जो रूट 124 रन बनाकर उमेश यादव की गेंद पर आउट हुए थे। लंच से पहले तक टीम इंडिया ने इंग्लैंड के तीन विकेट 102 रनों तक झटक कर मेहमान टीम को मुश्किल में डाल दिया था।
जो रूट (124) और मोइन अली (नॉटआउट 99) की दमदार बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने खराब शुरुआत से उबरते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। इंग्लैंड की पारी के पहले दिन तीसरे नंबर के बल्लेबाज 25 वर्षीय रूट ने अपनी जबरदस्त शतकीय पारी से टीम को सुबह की खराब शुरुआत से उबारा और एशियाई जमीन पर अपना पहला शतक भी बनाया। रूट ने 180 गेंदों की पारी में 11 चौके और एक छक्के की मदद से 124 रन बनाए। रूट ने ठीक चार साल पहले नागपुर में अपना डेब्यू टेस्ट मैच खेला था और वह अब तक भारत के खिलाफ दो शतक ठोक चुके हैं। यह उनका टेस्ट में 11वां शतक है।
मैच के पहले दिन टीम इंडिया की ओर से दो महत्वपूर्ण कैच भी ड्रॉप हुए। पहले ही ओवर में मोहम्मद शमी की गेंद पर अजिंक्य रहाणे ने कप्तान एलिस्टेयर कुक का कैच टपकाया था। कुक बाद में 21 रन बनाकर रविंद्र जडेजा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए थे। इसके बाद उमेश यादव के ओवर में डेब्यू टेस्ट खेल रहे हसीब हमीद का आसान कैच मुरली विजय ने टपकाया। हमीद उस समय 10 रन पर खेल रहे थे। हमीद बाद में 31 रन पर आर अश्विन का शिकार बने।
'रईस' पर बोले फरहान -हमने कोई कानून नहीं तोड़ा
फिल्म निर्माता फरहान अख्तर ने कहा कि वह अपनी आने वाली फिल्म ‘रईस’ के रिलीज पर किसी विरोध को लेकर चिंतित नहीं हैं क्योंकि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा है। इस फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा खान भी है।
पिछले महीने करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को इस फिल्म में फवाद खान के होने को लेकर इसके रिलीज के बाद भी कई वर्गों के विरोधों का सामना करना पड़ा था। फिर बाद में इस फिल्म के निर्माताओं और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच समझौता होने के बाद रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा द्वारा अभिनीत इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया।
जब फरहान से ‘रईस’ के रिलीज में आने वाली चुनौतियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हमने कोई कानून नहीं तोड़ा है, इसलिए इससे अलग कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।’ ‘रईस’ में शाहरख खान के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी हैं। यह फिल्म 26 जनवरी, 2017 को रिलीज होगी
ग्लेशियरों को समाप्त करने की इजाजत नहीं दी जा सकती
पर्यावरण से संबंधित मसलों पर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ग्लेशियरों को समाप्त करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि वह उत्तराखंड के सभी हिल स्टेशनों तथा ग्लेशियरों को तीन माह के अंदर 1986 के पर्यावरण नियंत्रण अधिनियम के तहत ईको सेंसिटिव जोन घोषित करे।
हाईकोर्ट ने ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने के मसले पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पक्षकार बनाया और प्रदेश सरकार को भी ग्लेशियरों के अंतिम छोर से 25 किलोमीटर (सेना की जरूरत को छोड़कर) तक की दूरी पर कोई नया निर्माण न होने देने सहित कई निर्देश दिए।
सोशल ऑर्गनाइजेशन फॉर यूनिटी एंड नेचुरल डेवलपमेंट की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने कहा कि ग्लेशियर को बनाने में प्रकृति को लाखों साल लगते हैं। एक या दो गैर जिम्मेदार पीढ़ियों की वजह से इन ग्लेशियरों को समाप्त नहीं होने दिया जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि ये ग्लेशियर ही गंगा और यमुना के स्रोत हैं।
हाईकोर्ट ने ग्लेशियरों से दस किलोमीटर की दूरी तक जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर रोक लगाते हुए उत्तराखंड सरकार को इन क्षेत्रों में पर्याप्त गैस और मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा है कि गंगा और यमुना के जल की निर्मलता बनाए रखने में कोताही बरती गई है, इसलिए अब इनके तटों पर पड़ने वाले हर शहर में एसटीपी की व्यवस्था कर हर चौबीस घंटे में जल की गुणवत्ता जांचने और मीडिया के जरिए प्रतिदिन लोगों को इससे अवगत कराने की व्यवस्था की जाए।
खंडपीठ ने ग्लेशियरों को जाने वाले पर्यटकों की संख्या सीमित करने और उनसे ग्लेशियर टैक्स वसूलने, गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर यात्रियों को हर दो किलोमीटर पर वहां के अपडेट मौसम की जानकारी प्रति घंटे देने, हर दो किलोमीटर पर पर्याप्त दवाओं तथा आक्सीजन सहित चिकित्सकों की नियुक्ति करने, गंभीर बीमार यात्रियों को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाने की सटीक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
खंडपीठ ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्लेशियर से बीस किलोमीटर पहले नाका लगाकर हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे। इसके साथ ही गंगा और यमुना नदियों के किनारे बसे हर शहर की नगरपालिका और नगर पंचायतों को छह माह के भीतर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने, ग्लेशियरों से बीस किलोमीटर दूर तक किसी भी प्रकार के प्लास्टिक और पॉलिथीन पर रोक लगाने सहित कई निर्देश दिए।
खंडपीठ ने कहा कि उत्तराखंड के शहर और कस्बों में कचरा, पत्तियां आदि को जलाए जाने से प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ संगत नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कोर्ट ने कहा कि विश्व में उपलब्ध कुल जल का तीन प्रतिशत पानी पीने योग्य है और इसका 67 प्रतिशत पानी ग्लेशियर में जमा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश में 9575 ग्लेशियर हैं। इनमें से गंगोत्री ग्लेशियर ही 30 किमी लंबा है। इन ग्लेशियरों से निकलने वाली नदियां देश की लगभग 30 प्रतिशत जनसंख्या के लिए पेयजल का स्रोत हैं।
निर्माण कार्यों, वृक्षों के कटान तथा अनावश्यक मानव गतिविधियों के बढ़ने से ग्लेशियरों से पानी के रिसाव में कमी होने के गंभीर दुष्परिणाम हो रहे हैं। मानवीय गतिविधियों से नदियां भी प्रदूषित हो रही हैं। इस पर रोक के लिए गंभीर प्रयास किए जाने की जरूरत है। हाईकोर्ट ने कहा कि ग्लेशियरों का रंग काला पड़ता जा रहा है और उनको पहले जैसी स्थिति में लाना सबकी जिम्मेदारी है। पेड़ों का अंधाधुंध कटान और मानवीय गतिविधियां पारिस्थितिकी और पर्यावरण पर कहर ढा रहा है।
सोशल ऑर्गनाइजेशन फॉर यूनिटी एंड नेचुरल डेवलपमेंट के महासचिव तारादत्त राजपूत की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नैनीताल, खुर्पाताल, भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल में झीलों से दो किलोमीटर की हवाई दूरी तक निर्माण कार्यों पर रोक और पांच किलोमीटर की हवाई दूरी तक पेड़ों के कटान पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया।
सोमवार को हुई सुनावाई में न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने कहा कि निर्माण कार्य होने पर जिलाधिकारी और प्राधिकरण के अध्यक्ष जिम्मेदार होंगे। कोर्ट ने कहा कि कोई जरूरी सरकारी निर्माण कार्य होने पर अदालत से अनुमति लेनी होगी।
काले धन पर PM मोदी की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से कांग्रेस की 'बत्तीगुल'
पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काले धन पर हमला उत्तराखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार अभियान की अहम कड़ी रहेगी।
उत्तराखंड के सैन्य बहुल प्रदेश होने के साथ बड़ी यहां बड़ी आबादी सर्विस क्लास होने से केंद्र के दोनों फैसले बेहद अहम बन गए हैं, जिसके इर्द गिर्द भाजपा अपना चुनावी प्रचार का ताना बाना बुनेगी। इसकी शुरूआत भाजपा 13 नवंबर से प्रदेश में शुरू हो रही परिवर्तन यात्रा से करने वाली है।
भाजपा खुद को सबसे मजबूत इच्छाशक्ति वाली पार्टी के तौर पर पेश कर इसका फायदा प्रदेश चुनाव में लेने की तैयारी में है। उधर, कांग्रेस के सामने पीएम मोदी के लिए दोनों फैसले का तोड़ निकालने का सियासी संकट पैदा हो गया है।
प्रदेश में भाजपा विपक्ष में होने के बावजूद केंद्र सरकार के सख्त फैसलों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बता कर चुनाव में उतरेगी। भाजपा के सियासी रणनीतिकारों की मानें तो प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सामने एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर ही समस्या नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार के फैसले भी बड़ी चुनौती साबित होने वाले हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक का उत्तराखंड में खासा असर है। प्रदेश में सीधे सीधे 15 प्रतिशत वोटर सेना और अर्द्धसेना बलों से जुड़े हैं। फौजी मतदाताओं को ध्यान में रखकर भाजपा आलाकमान की उत्तराखंड के लिए एक ठोस प्रचार नीति है, जिसके तहत रक्षा मंत्री मनोहर परिकर कई दौर कर चुके हैं।
वॉर मेमोरियल की नींव रखने से लेकर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा का अनावरण रक्षा मंत्री ने कर भाजपा को फौजियों का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने का प्रयास किया है। अब काले धन पर लिया फैसला भी कुल मिलाकर मध्यम वर्गीय परिवारों को पसंद आ रहा है। उत्तराखंड में बड़ी आबादी सर्विस क्लास की है, जिसने काले धन के फैसले को लेकर सर्वाधिक अनुकूल प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा परिवर्तन यात्रा से चुनाव शंखनाद फूंकने जा रही है, जिसमें कांग्रेस को कोसने से ज्यादा भाजपा के रणनीतिकार सर्जिकल स्ट्राइक और काले धन का अधिक से अधिक प्रचार करने पर जोर दे रहे हैं। रणनीतिकारों का मानना है कि इससे पहले हुई पर्दाफाश रैलियों से कांग्रेस सरकार को घेरा जा चुका है। अब 13 नवंबर से शुरू होने वाली यात्रा से भाजपा अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से कांग्रेस को बदलने का दम भरेगी।







