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लाहौर में बच्चों के पार्क के बाहर आत्मघाती हमला, 69 मरे

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पाकिस्तान के लाहौर में रविवार शाम एक चिल्ड्रनपार्क के बाहर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई है। डॉन न्यूज ने पुलिस के हवाले से बताया है कि शहर के गुलशन-ए-इकबाल पार्क के बाहर हुए इस जबरदस्त विस्फोट में 300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के एक धड़े जमातुल अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। लाहौर के डीआईजी हैदर अशरफ ने कहा, ‘यह शक्तिशाली धमाका था। यह आशंका है कि आत्मघाती हमलावर ने पार्क के मेन गेट पर खुद को उड़ा लिया।’ हमलावर 20 साल का एक युवक बताया जा रहा है।

ईस्टर की छुट्टी के मौके पर रविवार शाम को शहर के पॉश रिहायशी इलाके में स्थित गुलशन-ए-इकबाल पार्क में काफी भीड़ थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पार्क में खून ही खून और शव बिखरे पड़े थे। घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। डॉन न्यूज से बातचीत में एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पार्क में हर जगह मृतक और घायल पड़े थे। घायल लोगों को रिक्शा और टैक्सी के जरिये अस्पताल पहुंचाया गया।

कई लोगों ने कहा कि पार्क के आसपास कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं था। एक व्यक्ति ने बताया कि यह पार्क बहुत बड़ा है और इसमें कई प्रवेश द्वार है। बचाव अधिकारियों और पुलिस ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे।

पंजाब इमरजेंसी सेवा बचाव 1122 के प्रवक्ता दीबा शाहनाज ने कहा कि बड़ी संख्या में घायल लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास शाम 6:44 बजे इमरजेंसी कॉल आई थी और इसके बाद घटनास्थल पर 23 एंबुलेंस भेजे गए। घायलों को लाहौर के विभिन्न अस्पतालों में दाखिल कराया गया।
डॉक्टरों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। लोगों से घायल लोगों के लिए रक्तदान करने की अपील की गई। शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई और भारी संख्या में पुलिस बल ने क्षेत्र को सील कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस धमाके के लिए 10 से 15 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया गया होगा। मौके से बॉल बेयरिंग बरामद हुई हैं।

इस हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन जमातुल अहरार ने दावा किया है कि उसके निशाने पर ईसाई समुदाय था। संगठन के एक प्रवक्ता एहशानुल्लाह एहसान ने हमले के बाद बयान जारी कर कहा कि धमाके में ईसाईयों को लक्ष्य किया गया था।

हम प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तक संदेश पहुंचाना चाहते थे कि हम लाहौर में घुस गए हैं। वह जो चाहें कर सकते हैं लेकिन हमें रोक नहीं पाएंगे। हमारे आत्मघाती हमलावर इस तरह के हमले जारी रखेंगे। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस बात को खारिज किया है कि आतंकियों के निशाने पर ईसाई थे।

उनका कहना है कि यह पार्क केवल ईसाईयों के लिए नहीं था। मरने वालों में यह समुदाय भी हो सकता है। अमेरिका ने पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमले की निंदा की है। अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि उनका देश अपने सहयोगियों के साथ पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को फोन कर लाहौर हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना जाहिर की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि मोदी ने नवाज से बातचीत के दौरान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का समझौता नहीं करने की जरूरत बताई है।
पीएम ने इससे पहले ट्वीट कर भी शोक जताया था।

उन्होंने लिखा था, ‘लाहौर में हुए विस्फोट के बारे में सुना। मैं कड़े शब्दों में इसकी निंदा करता हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं।’

हमारी परीक्षाओं की भी परीक्षा होनी चाहिए

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अगर यह हैरान करने वाली बात नहीं तो जगहंसाई वाली बात तो है ही. बिहार में इंडरमीडिएट की परीक्षा में टॉप करने वाले दो छात्र इंटरव्यू के दौरान साधारण से सवालों के जवाब भी नहीं दे पाए. हद तो तब हो गई जब एक अपने विषय का नाम भी ठीक से नहीं बता सका. हाल ही में बिहार सरकार ने दावा किया था कि उसने बोर्ड परीक्षाएं कड़ी सुरक्षा के बीच करवाई हैं. लेकिन इस प्रकरण ने उसे शर्मसार कर दिया है. हालांकि पास होने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट बता रही है कि सरकार ने गंभीरता से कोशिश की है. मौजूदा प्रकरण के बाद पुलिस ने एक कॉलेज और चार टॉपरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इस मामले की विशेष जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं.

हालांकि यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि क्या हुआ होगा. भारत के कई हिस्सों खासकर हिंदी पट्टी में ऐसे अधिकारियों की कमी नहीं है जो धोखाधड़ी से पास करवाने का काम करते हैं. बड़े स्तर पर नकल से लेकर पर्चा लीक करने, किसी दूसरे की जगह पर परीक्षा देने और परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन के जरिये उत्तर लिखवाने तक नकल के अनगिनत किस्से मिल जाएंगे. इनमें से कुछ मामलों में स्कूल/कॉलेज स्टाफ की भी मिलीभगत रहती है. बीते साल एक तसवीर खूब चर्चा में रही थी. उसमें पटना के पास एक गांव के स्कूल की इमारत में कई लोग नकल की पर्चियां पकड़ाने के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर खिड़कियों पर चढ़े हुए दिख रहे थे. सवाल उठता है कि क्या हमने खाना पहुंचाने वाले मुंबई के मशहूर डब्बावालों की तरह नकल की एक अचूक व्यवस्था विकसित कर ली है.

मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले ने दिखाया कि सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाओं में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी हुई. वहां हाल में हुई कई हत्याओं को इसी से जोड़ा गया. उत्तर प्रदेश में 1990 की शुरुआत में भाजपा सरकार ने एक नकल विरोधी कानून बनाया था. बाद में विरोधी पार्टी की सरकार ने इसे हटा दिया और फिर राजनीतिक दांवपेंच के चलते यह एक बार फिर वापस आया. गुजरात में हाई स्कूल की परीक्षाओं में नकल के खिलाफ बना कानून 1972 से ही है जिसके तहत दोषी पाए जाने पर दो साल की सजा हो सकती है.
लेकिन नकल की समस्या भारत में व्यापक रूप से बनी हुई है. जानकार बताते हैं कि परीक्षा में धोखाधड़ी और जाति प्रमाणपत्र का इस्तेमाल (वह असली हो या नकली) एक ऐसा मेल है जो बहुत से उम्मीदवारों को कई दशक के लिए सरकारी नौकरी की सुरक्षा और आराम दिला सकता है. हम इस बात से तसल्ली कर सकते हैं कि आर्थिक तरक्की के मामले में भारत जिस चीन की नकल करना चाहता है उसने बीते साल एक नया कानून बनाया है. इसके तहत नकल करने की कोशिश कर रहे छात्रों को सात साल तक की जेल हो सकती है.
समय आ गया है कि शिक्षा व्यवस्था में गहरे धंस चुकी नकल की समस्या का अंत हो. बिहार का हालिया प्रकरण जागने के लिए एक चेतावनी है. परीक्षाओं की व्यवस्था के झोल भरे जाने चाहिए और जांच के काम में और कड़ाई बरती जानी चाहिए. इस काम में वही नई तकनीक मदद कर सकती है जिसका अब तक धोखाधड़ी करने वाले इस्तेमाल करते आ रहे हैं. इसके अलावा इस सड़न से मुक्ति पाने के लिए सीसी टीवी, औचक निरीक्षण या साक्षात्कार और उच्च स्तर पर फिर से कॉपियों की जांच जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं. शिक्षा राज्य का विषय है लेकिन केंद्र को भी इस स्थिति में दखल देना चाहिए और देखना चाहिए कि जो राज्य सरकारें इस मामले में अपना काम ठीक से नहीं कर रहीं उन्हें वह दंड और पुरस्कार जैसे किसी तरीके से ऐसा करने को प्रोत्साहित कर सकता है या नहीं.

भारत-अमेरिका संबंध : गर्मजोशी के साथ सावधानी भी जरूरी है

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अमेरिकी संसद में अपने शानदार भाषण के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मशहूर कवि वाल्ट विटमैन की एक पंक्ति उद्धृत की और संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के संबंध में एक नई ताल के साथ आगे बढ़ रहे हैं. बीते दो वर्षों के दौरान दोनों देशों के आपसी रिश्तों को देखें तो उनकी यह बात गलत नहीं लगती. सुरक्षा क्षेत्र को लेकर भारत-अमेरिका के संबंध तीन स्तर से मजबूत हुए हैं. पहला, अमेरिका से सुरक्षा खरीद और साझा परियोजनाओं के स्तर पर जिनका आर्थिक आंकड़ा 14 अरब डॉलर से भी ऊपर जाता है. दूसरा, दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय, सहयोग और सूचना की साझीदारी के स्तर पर. तीसरा, पाइरेसी, शांति अभियान, गश्त को लेकर संयुक्त अभियानों के विचार को लेकर.

गुटनिरपेक्षता पर भारत के रुख को देखें तो अमेरिका के साथ उसके रणनीतिक संबंधों में सबसे ज्यादा नाटकीय बदलाव आया है. हालांकि केंद्र ने गठबंधन और साझा गश्त को लेकर एक हद तय कर दी है लेकिन, यह साफ है कि सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर मोदी सरकार अमेरिका से घनिष्ठता और बढ़ाना चाहती है. बीते साल दोनों देशों ने नई दिल्ली में जिस घोषणापत्र पर दस्तखत किए उससे भी यह स्पष्ट होता है. इसकी स्वीकारोक्ति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान अमेरिका ने ऐलान किया कि भारत उसका ‘अहम सुरक्षा साझीदार’ है. यह शब्द दोनों देशों के नए रिश्ते को परिभाषित करने के लिए गढ़ा गया है और यह इसके मायने दोनों देशों के सैन्य गठबंधन से जरा ही कम हैं. 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी संसद को बताया था कि कैसे भारत की तरक्की और खुशहाली अमेरिका के हित में है. आज दोनों देशों के बीच करीब 107 अरब डॉलर का सालाना व्यापार हो रहा है. बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने मनमोहन सिंह की बात को आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि मजबूत और खुशहाल भारत अमेरिका के रणनीतिक हित में है.

हर ताल में नियमित अंतराल पर छोटे-छोटे विराम भी होते हैं. अमेरिकी प्रशासन में आगे बदलाव की संभावनाओं के बीच सरकार को भी थोड़ा विराम लेना चाहिए. यह जरूरी है कि अमेरिका के साथ रणनीतिक निकटता बढ़ाते हुए वह रूस से लेकर चीन और अपने दूसरे पड़ोसियों के साथ अपनी अहम द्विपक्षीय साझेदारियों को भी ध्यान में रखे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमेरिका के साथ भारत की मजबूत साझेदारी यह सुनिश्चित करेगी कि एशिया से अफ्रीका और हिंद महासागर से प्रशांत महासागर तक व्यापारिक जलमार्ग आजाद और सुरक्षित रहें. उनके इस बयान से बीजिंग की चिंताएं बढ़ेंगी. भारत को उसे फिर से आश्वस्त करना चाहिए या फिर इस मोर्चे पर बीजिंग की किसी प्रतिक्रिया के लिए तैयार हो जाना चाहिए. नरेंद्र मोदी का यह कहना कि हम इतिहास की हिचक पर जीत हासिल कर चुके हैं, संकेत है कि शीत युद्ध के समय भारत ने जो रुख अख्तियार किया था उसे वह पीछे छोड़ चुका है. अगर अमेरिकी संसद में ऐसी बेबाक स्वीकारोक्ति की जा सकती है तो यह देश की विदेश नीति के हित में होगा कि मोदी सरकार संसद में भी इस रणनीतिक बदलाव की व्याख्या करे. घरेलू मोर्चे पर यह काम जरूरी है ताकि भारत अमेरिका का यह रिश्ता और भी एकजुट, मानवीय और खुशहाल दुनिया का पुल बने.

चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले 'तोड़' दिए रेस्ट हाउस

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चारधाम यात्रा शुरू होने के ठीक पहले एडीबी ने आपदा ग्रस्त रेस्ट हाउसों में तोड़फोड़ शुरू कर दी है। रेस्ट हाउसों की हालत पर अब जाकर जीएमवीएन का ध्यान गया है।
गोचर में जीएमवीएन के एक रेस्ट हाउस की मरम्मत के लिए दो कमरों और छत में तोड़फोड़ कर दी। जीएमवीएन के आपत्ति जताने के बाद एडीबी ने अपने पांव पीछे खींच लिए हैं। अब यात्रा के बाद ही रेस्टहाउसों की मरम्मत का काम होगा।
दरअसल, जीएमवीएन ने सभी रेस्ट हाउसों के लिए बुकिंग कर ली है। उधर, एडीबी की पीआईयू (प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन यूनिट) ने इनकी मरम्मत शुरू कर दी। गोचर में टूरिस्ट रेस्ट हाउस की मरम्मत के लिए छत उड़ा दी। इसके साथ ही पानी सप्लाई भी बाधित हो गई।

निगम अधिकारियों तक मामला पहुंचा तो उन्होंने एडीबी से जवाब मांगा और सात मई तक रेस्ट हाउस सही करने को कहा। इसके बाद एडीबी बैकफुट पर आ गया और यात्रा के बाद काम शुरू करने का निर्णय लिया।
जीएमवीएन के पर्यटन महाप्रबंधक बीएल राणा ने कहा,- ‘गोचर में छत के साथ तीन कमरों में तोड़फोड़ हुई है। इस संबंध में एडीबी को पत्र लिखकर सात मई तक सब सही करने को कह दिया गया है। यदि उन्हें काम करना ही था तो यात्रा से पहले करना चाहिए था। अब सभी जगह बुकिंग फुल है। ऐसे में ऐन वक्त में यह रेस्ट हाउस तोड़ देंगे तो हम यात्रियों को क्या जवाब देंगे।’

ऑगस्‍टा वेस्टलैंड को लेकर संसद में कांग्रेस ने फिर किया हंगामा

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नई दिल्ली : ऑगस्‍टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील मामले में संसद के दोनों सदनों में गुरुवार को भी हंगामे के आसार हैं। इस मामले में कांग्रेस पर हमलावर रुख अख्तियार कर चुकी बीजेपी आज भी चर्चा के लिए नोटिस दे सकती है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष की ओर से हो रहे हमले को बेअसर करने के लिए कांग्रेस ने भी आक्रामक तरीके से बचाव का फैसला किया है। ऑगस्‍टा वेस्‍टलैंड मामले में बीजेपी आज नोटिस दे सकती है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे सकती है। गौर हो कि आजाद ने पीएम मोदी पर इटली के पीएम से मुलाकात करने और डील करने का आरोप लगाया था। वहीं, इस मामले को लेकर पीएम मोदी ने संसद भवन परिसर में आज कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों के साथ बैठक की।
एक ओर, बीजेपी इस डील में कांग्रेसी नेताओं के नाम आने पर जवाब मांग रही है, वहीं कांग्रेस मोदी सरकार की तरफ़ से जांच आगे न बढ़ाने पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस की दलील है कि इस सौदे में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद उसने फिनमेकैनिका को ब्लैक लिस्ट कर दिया था, फिर मोदी सरकार ने उसे ब्लैक लिस्ट से बाहर क्यों किया। वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले को लेकर हुए विवाद के बीच सरकार ने कहा कि सौदे के बारे में वह सीबीआई से रिपोर्ट मांगेगी और ऑगस्‍टा वेस्टलैंड और इसकी मूल कंपनी फिनमिकैनिका को काली सूची में डालने की पहल करेगी। साथ ही सरकार ने दावा किया कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने घोटाले में घिरी कंपनी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था।
भाजपा ने अपनी योजना के मुताबिक 3600 करोड़ रूपये के वीवीआईपी ऑगस्‍टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में सोनिया गांधी का नाम घसीटा। इसके नव नामित सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने घोटाले में सोनिया का नाम लिया जिसके बाद राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्य सदन में अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए और इसे एक घंटे तक बाधित कर दिया। हेलीकॉप्टर सौदे में सुब्रमण्मय स्वामी की ओर से सोनिया गांधी का नाम उछाले जाने को लेकर राज्यसभा में हुए हंगामे के बाद शांति बनाए रखने की खातिर दो शीर्ष मंत्रियों ने आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ वार्ता की।
वहीं, पलटवार करते हुए सोनिया ने अपने और अपनी पार्टी के नेताओं के खिलाफ आरोपों को ‘गलत और आधारहीन’ करार दिया और इसे ‘चरित्रहनन’ का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह ‘घेरे’ जाने से ‘भयभीत नहीं’ हैं। संसद भवन में संवाददाताओं से बात करते हुए सोनिया ने सरकार से कहा कि वह पिछले दो वर्षों से सत्ता में क्या कर रही है और मांग की कि जो जांच चल रही है वह निष्पक्ष तरीके से हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। विवादास्पद सौदा और सौदे के लिए दिए गए 120 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत तथा इटली की एक अदालत में सोनिया, उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी के जिक्र वाले पत्र को लेकर राज्यसभा में काफी हंगामा हुआ। अदालत ने हेलीकॉप्टर कंपनी के प्रमुख कार्यकारी को दोषी ठहराया है। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर भी इस गतिरोध में शामिल हो गए और कांग्रेस से कहा कि संप्रग सरकार के आदेश को दिखाएं जिसमें ऑगस्‍टा वेस्टलैंड को ब्लैकमेल किया गया था।
स्‍वामी ने हेलीकॉप्टर सौदे का मामला उठाया और प्रश्नकाल के दौरान सोनिया के नाम को उठाने की अनुमति मांगी। वहीं, सोनिया गांधी पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कांग्रेस अध्यक्ष से अपने ‘पुराने रिश्ते’ का इस्तेमाल कर यह पता लगाने को कहा कि क्यों एक इतालवी अदालत ने ऑगस्‍टा वेस्टलैंड भ्रष्टाचार मामले में उनका नाम लिया। भाजपा ने यह भी कहा कि अभी और खुलासे होंगे। केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सरकार व्यापक जांच की कांग्रेस प्रमुख की मांग पूरी करेगी और इसके तौर तरीके रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर की ओर से इस मुद्दे पर संसद में बयान देने के बाद तय किए जाएंगे। संसदीय कार्य राज्य मंत्री ने कहा कि सच्चाई यह है कि इतालवी अदालत के दस्तावेजों में कुछ तथ्य हैं और उनका नाम है। (संप्रग सरकार के) कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के नाम भी हैं। इटली में उनके अवश्य ही कुछ संपर्क होंगे। उन्हें अपने पुराने संबंधों से यह पता लगाना चाहिए कि अदालत ने दो साल बाद ऐसा आदेश क्यों दिया।

भारत के खिलाफ F-16 जेट विमान का इस्तेमाल कर सकता है पाकिस्तान

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वाशिंगटन: शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू जेट विमान बेचने के ओबामा प्रशासन के फैसले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इन विमानों का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ किया जा सकता है। उन्होंने इस संबंध में ओबामा प्रशासन से अपने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया है।
सांसद मैट सैल्मन ने कल कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा, मेरे साथ-साथ कांग्रेस के कई सदस्यों ने इस फैसले और इस बिक्री के समय पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

इसके अलावा भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव अब भी बढ़ा हुआ है। हालांकि पाकिस्तान ने कहा है कि कि वह इसका इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ करेगा, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एफ 16 विमानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के बजाए भारत या अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के खिलाफ अंतत: किया जा सकता है।
हाउस ऑफ फॉरेन अफेयर्स समिति की एशिया एवं प्रशांत मामलों की उप समिति की ओर से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मुद्दे पर आयोजित कांग्रेस में सुनवाई के दौरान सैल्मन के साथ कई अन्य सांसदों ने सहमति जताई जबकि अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड ओल्सन ने ओबामा प्रशासन का प्रतिनिधित्व किया।
अमेरिकी सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा, हमें यह सोचने की जरूरत है कि पाकिस्तान को मुहैया कराई गई सैन्य सहायता और जो एफ-16 लड़ाकू विमान हैं वे कम खर्चीले हैं या नहीं और क्या यह आतंकवादियों के खिलाफ पाकिस्तानी वायु सेना के लिए सबसे प्रभावी तरीके के साथ भारत एवं पाकिस्तान के बीच शक्ति संतुलन के लिए बहुत कम विध्वंसक हथियार प्रणाली होगी।

शर्मन ने कहा, हमें पाकिस्तान को ऐसे अत्याधुनिक हथियार आतंकवादियों की तलाश के लिए देने की जरूरत है, न कि भारत के खिलाफ युद्ध के लिए। अमेरिकी सीनेट ने हाल में पाकिस्तान को करीब 70 करोड़ डॉलर की राशि वाले आठ एफ-16 लड़ाकू विमान देने के ओबामा प्रशासन के फैसले पर तत्काल रोक लगाई है। सैल्मन ने ओल्सन से इसके मूलभूत उद्देश्य और उक्त बिक्री के समय पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि कैसे यह अमेरिका के बेहतर हित में है।
उन्होंने कहा, 9/11 के हमले के बाद आतंकवाद से मुकाबले के लिए वर्षों से पाकिस्तान को 25 अरब डॉलर से अधिक की सहायता राशि देने के बावजूद आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में बेखौफ अपनी गतिविधि जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने आतंकवाद का राज्य के हथियार के रूप में और आतंकी परोक्ष समूह के तौर पर इस्तेमाल किया है ताकि पाकिस्तानी सेना भारत के अंदर घातक हमले कर सके। उप समिति की अध्यक्ष इलियाना रोजलेटिनेन ने भी पाकिस्तान को एफ-16 की बिक्री पर चिंता जाहिर की है।

'भाभी जी घर पर हैं' को लेकर नर्वस थीं नई अंगूरी भाभी शुभांगी

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वालोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में शिल्पा शिंदे की जगह अंगूरी भाभी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने बताया कि वह घर-घर में पहचानी जाने ली अंगूरी भाभी का किरदार निभाने से पहले उत्साहित होने के साथ-साथ नर्वस भी थीं.
शुभांगी ने कहा, ‘टेलीविजन पर इस खूबसूरत किरदार को निभाने का विकल्प चुनने पर काफी उत्साहित होने के साथ-साथ मैं नर्वस भी थी. अंगूरी का किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण है

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छोटे पर्दे की ‘भाभी जी’ शिल्पा शिंदे का टीवी प्रोडक्शन हाउस एडिट-2 संपादित द्वितीय के साथ कुछ मतभेद हो गया था. उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया था. इसके बाद वह शो से निकल गईं.
‘कसौटी जिंदगी की’, ‘कस्तूरी’ और ‘चिड़ियाघर’ जैसे धारावाहिकों में नजर आ चुकीं शुभांगी को उम्मीद है कि किरदार की लोकप्रियता बनी रहेगी और उन्हें भी वही प्यार मिलेगा, जो पहले वाली ‘भाभी जी’ को मिला था. उन्होंने कहा, ‘अब मेरा काम निर्देशक के नजरिए को समझना है और इसके साथ पूरी तरह न्याय करना है. मुझे आशा है कि इस शो के प्रशंसक मुझे भी वहीं प्यार देंगे जो उन्होंने पहले इस किरदार को दिया.’
शुभांगी ने कहा कि धारावाहिक की पूरी टीम ने उन्हें सहज महसूस कराया. उन्होंने कहा, ‘शूटिंग के दौरान मैं पहले ही घबरा गई लेकिन सभी इतने मिलनसार थे कि उन्होंने मुझे सहज महसूस कराया.’

ISRO ने लॉन्‍च किया सातवां नेविगेशन सेटेलाइट अब भारत का खुद का होगा GPS

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र इसरो ने गुरुवार को अपने सातवें नेविगेशन सेटेलाइट IRNSS-1G का सफलतापूर्वक टेस्‍ट किया। इसे PSLV-C33 लॉन्‍च व्‍हीकल के जरिए श्रीहरिकोटा स्‍थ‍ित केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। IRNSS-1G का वजन 1425 किलो है। भारतीय समयानुसार इसे दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से छोड़ा गया। लॉन्‍च के लिए उल्‍टी गिनती मंगलवार सुबह 9.20 बजे शुरू हुई थी। बता दें कि इसरो ने इससे पहले छठे नेविगेशन सेटेलाइट IRNSS-1F को दस मार्च को लॉन्‍च किया था। IRNSS सिस्‍टम के पहले सेटेलाइट को जुलाई 2013 में छोड़ा गया था।
भारत द्वारा महज सात सेटेलाइट के जरिए नेविगेशन सिस्‍टम बनाना एक बड़ी कामयाबी है। भारत अब उन पांच देशों में शामिल हो गया है, जिनका अपना दिशासूचक सिस्‍टम या जीपीएस है। जीपीएस के लिए अब तक दुनिया में तीन बड़े देशों के सिस्‍टम ही व्‍यवसायिक तौर पर इस्‍तेमाल किए जाते हैं। इन सिस्‍टमों को उनके देश की सेना भी इस्‍तेमाल करती है। दुनिया में जो नेविगेशन सिस्‍टम सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल होता है, उसे GPS कहते हैं। इसका नियंत्रण अमेरिकी सेना के पास है। रूस के नेविगेशन सिस्‍टम का नाम GLONASS है। वहीं, चीन भी अपने नेविगेशन सिस्‍टम BeiDou का विस्‍तार कर रहा है। इसे भी चीन की सेना ही नियंत्रित करती है। वहीं, यूरोप का GALILEO एक सिविल ग्‍लोबल सिस्‍टम है। इन सभी सिस्‍टम में 28 से 35 सेटेलाइट इस्‍तेमाल होते हैं।
भारतीय नेविगेशन सिस्‍टम IRNSS की खासियत-
>जहां तक भारतीय जीपीएस सिस्‍टम IRNSS की बात है, यह न केवल ज्‍यादा सटीक होगा, बल्‍क‍ि भारत के कंट्रोल में भी होगा। उम्‍मीद की जा रही है कि भारतीय क्षेत्रों में यह सिस्‍टम 20 मीटर से कम दूरी तक की सटीक जानकारी देगा। इससे 1500 वर्ग किमी तक के इलाके की सही जानकारी मिल सकेगी।
>IRNSS को आम लोगों के अलावा कमर्शियल इस्‍तेमाल भी हो सकेगा। इसके अलावा, सेना और मिसाइल संबंधित प्रणाली में भी इसे यूज करने की योजना है।
>सूत्रों के मुताबिक, अगले तीन से छह महीनों तक IRNSS के सभी सेटेलाइट्स के सिग्‍नल और परफॉर्मेंस वगैरह जांची जाएगी। इसक बाद, इसे इस्‍तेमाल में लाया जा सकेगा।
>इस नेविगेशन सिस्‍टम का कंट्रोल बेंगलुरु में है और इसके ट्रैकिंग सेंटर देश भर में बनाए गए हैं।
>इसरो का कहना है कि नेविगेशन सिस्‍टम के लिए चार ही सेटेलाइट काफी हैं, लेकिन सात के होने से यह और ज्‍यादा सटीक होगा।

भारत-पाक सीमा पर लगाई गई 'लेजर दीवार', नामुमकिन हुआ घुसपैठ

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पंजाब से सटे भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा अब लेजर दीवार के जरिए की जाएगी। इस दीवार को अब एक्टिवेट कर दिया गया है जिसकी वजह से इस रास्ते से आतंकी घुसपैठ नामुमकिन हो गया है। इन दीवारों को नदियों, जंगलों और दुर्गम स्थालों पर लगाया गया है जहां सुरक्षा जवानों की नजर से बचकर घुसपैठिए आसानी से भारत में घूस आते थे।
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों ने बताया कि दो साल पहले ही दुर्गम स्थानों पर लेजर वॉल बनाने की जरूरत बताई गई थी जिसके बाद सरकार ने इसे स्थापित करने की मंजूरी दे दी थी। यह वॉल लेजर लाइटों के अलावा इंफ्रारेड प्रणाली से भी लैस है जो घुसपैठ का पता लगाने में सक्षम है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसका पता आतंकी घुसपैठियों को भी नहीं चल पाएगा कि इस प्रणाली की इस्तेमाल कहां किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा चार अन्य जगहों पर इस प्रणाली को स्थापिक किया जाएगा जिसके जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
इस नए प्रणाली की निगरानी भी कि जिम्मेदारी भी बीएसएफ के जिम्मे ही होगी। ये जवान जम्मू कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान सीमा की निगरानी करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक पहले इस प्रणाली को कुछ ही इलाकों में स्थापित किया जाना था लेकिन जनवरी महीने हुए पठानकोट हमले के बाद इसका और ज्यादा विस्तार किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक पठानकोट हमले के आतंकी भारत-पाक सीमा पर स्थित बामियाल इलाके से देश में घुसे थे। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार और बीएसएफ ने इसका दायरा बढ़ाने ने पर अपनी सहमति जताई थी।

बीएसएफ के अधिकारियों के मुताबिक इस प्रणाली को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर जम्मू सीमा के कुछ इलाकों में लगाए गए थे जिसके परिणाम काफी उत्साहजनक थे। पायलट प्रोजेक्ट के सफलता के बाद ही इसे देश की अन्य सीमाओं पर स्थापित करने पर सहमति बनी थी।

उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के सेंसर की निगरानी सैटेलाइट-आधारित सिंग्नल कमांड के जरिए किया जाएगा जो रात्री और धुंध में भी काम करने में सक्षम है। इसके अलावा चार अन्य पायलट प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है जम्मू और गुजरात में स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 30 से 40 किमी तक फैला हुआ है।

शाहरुख के बेटे की लॉन्चिंग के बारे में खुलकर बोले करण

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फिल्मकार करण जौहर का कहना है कि सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन के गॉड पैरेंट हैं और उसका भला चाहते हैं. करण ने कहा कि वह आर्यन को फिल्मों में लाने से पहले उसकी पढ़ाई पूरी होने का इंतजार करेंगे.

करण ने कई मौकों पर कहा है कि आर्यन को लॉन्च करने का अधिकार सिर्फ उनका है. हाल ही में शाहरुख ने भी कहा था कि उनके 19 साल के बेटे आर्यन ग्रेजुएशन लेवल की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही बॉलीवुड में कदम रखेंगे.

करण से जब आर्यन को लॉन्च करने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, आर्यन को अभी पढ़ाई पूरी करनी है और उसके बाद ही वह निर्णय लेंगे कि उन्हें फिल्मों में अपना करियर बनाना है कि नहीं. मैं आर्यन का गॉड पैरेंट हूं और उसका भला चाहता हूं. शाहरुख के छोटे बेटे अबराम को लॉन्च करने के सवाल पर जौहर ने कहा, अबराम..? वह इस साल मई में तीन साल का होगा. मैं पहले आर्यन को लॉन्च करूंगा उसके बाद हम अबराम की बात करेंगे.

फिल्म ‘बार बार देखो’ की शूटिंग पूरी होने की खुशी में रखी गई पार्टी के दौरान करण ने पत्रकारों से बात की. वह इस फिल्म के सह-निर्माता हैं. ‘बार बार देखो एक प्रेम कहानी है. इसमें कटरीना कैफ और सिद्धार्थ मल्होत्रा मुख्य भूमिका में हैं.