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मुख्यमंत्री धामी ने किया जौलजीबी मेले का उद्घाटन

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को अपनी माताजी के साथ पिथौरागढ़ जिले के कनालीछीना विकासखंड स्थित अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं पहुंचे। गांव वालों से मुलाकात, मंदिर में पूजा-अर्चना और बचपन की यादों में डूबना — यह दिन सीएम के लिए भावुक पलों का संगम रहा।

गांव के प्राचीन मंदिर में पूजा करने के बाद धामी ने स्थानीय बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से आत्मीय संवाद किया। कई बुजुर्गों ने उन्हें बचपन के नाम “पुष्कर” से पुकारा, तो नौनिहालों की मुस्कान ने पुरानी यादें ताजा कर दीं।

“यह गांव मेरी जड़ें, संस्कार और पहचान है”

मुख्यमंत्री ने कहा,

“मां के साथ टुंडी-बारमौं लौटना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण था। यही वो जगह है जहां मैंने पहली बार स्कूल की राह पकड़ी, गांव की परंपराओं का पाठ पढ़ा और बुजुर्गों के आशीर्वाद ने मुझे आकार दिया। आज हर चेहरा अपना लगा, हर आंगन स्मृतियों से भरा और हर कदम बचपन की गलियों से गुजरता महसूस हुआ।”

उन्होंने कहा कि गांव का स्नेह और मातृशक्ति का प्रेम मन को भावनाओं से भर गया।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश दोहराया

धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को दोहराते हुए कहा:

“हर उत्तराखंडवासी को अपने पैतृक गांव लौटना होगा। अपने पुराने घरों को संवारना होगा। गांव से बाहर रहने वाले हर व्यक्ति को अपने गांव के विकास में योगदान देना होगा। प्रवासी उत्तराखंडी इस कार्य में अहम भूमिका निभा सकते हैं।”

गांव में क्या हुआ?

  • मंदिर दर्शन: सीएम ने मां के साथ गांव के देवालय में पूजा की, प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
  • लोगों से मुलाकात: बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया, महिलाओं ने फूल-मालाएं पहनाईं, बच्चों ने तालियां बजाईं।
  • बचपन की यादें: सीएम ने बताया कि यहीं उन्होंने पहाड़ी संस्कृति, मेहनत और सादगी के मूल्य सीखे।

प्रवासियों से अपील

धामी ने कहा कि पलायन रोकने और गांवों को समृद्ध बनाने के लिए प्रवासियों का सहयोग जरूरी है।

“आप जहां भी हैं, अपने गांव से जुड़े रहें। एक ईंट, एक पेड़, एक स्कूल — जो भी संभव हो, योगदान दें।”


बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए की प्रचंड जीत, 190+ सीटों पर बढ़त

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पटना :  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने एक बार फिर ‘डबल इंजन’ सरकार की ताकत साबित कर दी है। दोपहर 1 बजे तक के चुनाव आयोग (ईसीआई) के रुझानों के अनुसार, एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) 190 से अधिक सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े 122 से कहीं आगे है। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-वाम दल) मात्र 48 सीटों पर सिमट गया है। कुल 243 सीटों वाली इस विधानसभा में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनना तय माना जा रहा है। वोटों की गिनती 46 केंद्रों पर जारी है, और शाम तक अंतिम परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।

यह चुनाव बिहार की राजनीति में मील का पत्थर साबित हो रहा है, जहां विकास, सुशासन और महिलाओं की योजनाओं (जैसे 1,000 रुपये मासिक सहायता) ने एनडीए को जनता का भरोसा दिलाया। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुई वोटिंग में रिकॉर्ड 67.13% मतदान दर्ज हुआ, जो 1951 के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। एग्जिट पोल्स (130-167 सीटें एनडीए के लिए) से भी बेहतर प्रदर्शन कर एनडीए 200 के करीब पहुंच गया है।

प्रमुख रुझान और सीटों का बंटवारा (दोपहर 1 बजे तक)

रुझानों के अनुसार, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जो 90 सीटों पर आगे है। जेडीयू को 81, लोजपा (रा) को 20, आरजेडी को 28, कांग्रेस को 5 और एआईएमआईएम को 5 सीटें मिल रही हैं। दोपहर साढ़े 12 बजे के आंकड़ों में भाजपा 86, जेडीयू 78, आरजेडी 31, लोजपा 21, सीपीआईएमएल 6 और कांग्रेस 5 पर थी।

गठबंधन/दल रुझान में सीटें (दोपहर 1 बजे तक) प्रमुख टिप्पणी
एनडीए (कुल) 190+ प्रचंड बहुमत, भाजपा-जेडीयू की जोड़ी मजबूत
भाजपा 90 सबसे बड़ी पार्टी, सीमांचल में उलटफेर
जेडीयू 81 नीतीश का प्रभाव, 75%+ कन्वर्जन रेट
लोजपा (रा) 20 चिराग पासवान का पूर्वी बिहार में जलवा
हम (एस) 4 जीतन राम मांझी का दावा सही
महागठबंधन (कुल) 48 आरजेडी पर निर्भर, कांग्रेस-VIP कमजोर
आरजेडी 28 तेजस्वी का गढ़ राघोपुर खतरे में
कांग्रेस 5 अपेक्षा से कम, 91 हार का रिकॉर्ड
वाम दल (सीपीआईएमएल) 6 33 में से ज्यादातर हार
अन्य (एआईएमआईएम, जेएसपी) 5+ ओवैसी का सीमांचल प्रभाव कम, प्रशांत किशोर सीमित

नेताओं के बयान और प्रतिक्रियाएं

एनडीए में जश्न का दौर शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, “अप्रत्याशित नहीं, हमने कहा था—प्रचंड बहुमत से एनडीए जीतेगा। नीतीश ही मुख्यमंत्री होंगे। 160 से नीचे नहीं आएंगे।” जेडीयू कार्यालय में समर्थकों ने मिठाई बांटनी शुरू कर दी। नेता छोटू सिंह बोले, “नीतीश को बधाई, बिहार की जनता ने विजयी बनाया। यहीं होली-दिवाली मनाएंगे।”

भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “मोदी-नीतीश के उत्कृष्ट कार्यों की जीत। अंतिम संख्या अनुमान से मजबूत।” आंध्र सीएम चंद्रबाबू नायडू ने ट्वीट किया, “जनता का विश्वास पीएम मोदी में सबसे ज्यादा।”

विपक्ष में निराशा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ईसीआई पर तंज कसा, “शुरुआती रुझान में ज्ञानेश कुमार गुप्ता (ईसीआई) भारी पड़ रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता भारी पड़ेगी। SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर इंतजार।” उदित राज ने कहा, “यह एनडीए की नहीं, SIR की जीत।” तेजस्वी ने दावा किया था, “थंपिंग मेजॉरिटी,” लेकिन रुझान उलट।

देहरादून में आर्थिक नीतियों पर गोलमेज सम्मेलन

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उत्तराखंड
वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण 2024-25 एवं केपेक्स सर्वे 2025 पर एक दिवसीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित।

देहरादून: 14 नवंबर।भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ.), क्षेत्रीय सांख्यिकी कार्यालय देहरादून द्वारा आज होटल हिलटॉप, राजपुर रोड, देहरादून में “वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण (2024–25” एवं “केपेक्स सर्वे 2025” विषय पर एक दिवसीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया।

सम्मेलन की अध्यक्षता भरत लाल महापात्र, उप महानिदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, देहरादून ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण देश के औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र करने का प्रमुख माध्यम है। यह सर्वेक्षण औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन क्षमता, निवेश, रोजगार एवं आर्थिक योगदान जैसे पहलुओं की सटीक जानकारी प्रदान करता है, जो नीतिगत निर्णयों एवं देश के औद्योगिक विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।

उन्होंने बताया कि वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण वर्ष 2024–25 के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयाँ अपना वार्षिक औद्योगिक रिटर्न पोर्टल के माध्यम से स्वंय संकलित करेंगी। वहीं, केपेक्स सर्वे 2025 के अंतर्गत भवनों, स्थायी निर्माण संरचनाओं एवं उपकरणों पर किए गए निवेश की जानकारी संकलित की जाएगी, जिससे औद्योगिक निवेश की दिशा एवं प्रवृत्तियों का आकलन किया जा सकेगा।

सम्मेलन में प्रतिभाग कर रही औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान शुभम शर्मा निदेशक, क्षेत्रीय सांख्यिकी कार्यालय, देहरादून दीपक रावत सहायक निदेशक, गीतेश कुमार मिश्रा उप निदेशक, एन.एस.ओ. देहरादून तथा अन्य अधिकारियों ने औद्योगिक सर्वेक्षणों के आंकड़ों के महत्व और इनके माध्यम से देश की आर्थिक नीतियों को मिलने वाले सहयोग पर विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण सत्र में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिभागियों को सर्वेक्षण से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं एवं रिपोर्टिंग के तरीकों की जानकारी राजीव शर्मा वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी, मनु कुमार वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी शुभम शर्मा वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी एवं राहुल वर्मा वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी द्वारा दी गई।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को औद्योगिक सर्वेक्षण की पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।IMG 20251114 WA0022

तेजस्वी यादव को बड़ा झटका, राघोपुर सीट से पीछे, कांग्रेस बोली- यह SIR की जीत

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पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। सुबह 11 बजे तक के रुझानों के अनुसार, एनडीए 185 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े 122 से कहीं आगे है। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-वाम दल) मात्र 46 सीटों पर सिमट गया है, जबकि प्रह्लाद मोदी की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) और अन्य दलों को शेष सीटें मिल रही हैं। वोटों की गिनती 46 केंद्रों पर जारी है, और शाम तक अंतिम परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।

यह चुनाव बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो रहा है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए ने विकास और सुशासन के एजेंडे पर जनता का भरोसा जीता। विपक्षी महागठबंधन, जिसकी अगुआई तेजस्वी यादव कर रहे थे, अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। कुल 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं। चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुई वोटिंग में रिकॉर्ड 67.13% मतदान दर्ज हुआ—यह 1951 के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।

प्रमुख रुझान और सीटों का बंटवारा

रुझानों के अनुसार, एनडीए की अगुआई जेडीयू कर रही है, जो 62 सीटों पर आगे है। भाजपा 59 सीटों पर मजबूत दिख रही है, जबकि चिराग पासवान की लोजपा (रा) को 15 और जीतन राम मांझी की हम को 4 सीटें मिल रही हैं। एनडीए का कुल आंकड़ा 185+ पहुंच गया है, जो एग्जिट पोल्स (130-167 सीटें) से भी बेहतर है।

महागठबंधन में आरजेडी सबसे मजबूत कड़ी बनी हुई है, जो 34 सीटों पर लीड कर रही है। कांग्रेस को 10 और वाम दलों को 2 सीटें मिल रही हैं। जेएसपी को 1 सीट पर बढ़त है, जबकि स्वतंत्र और अन्य 6 सीटों पर आगे हैं।

प्रमुख नेताओं की स्थिति
  • तेजस्वी यादव (आरजेडी): राघोपुर से 1,273 वोटों से पीछे।
  • तेज प्रताप यादव (जेजेडी): महुआ से पीछे, लोजपा के संजय सिंह आगे।

यह क्षेत्र मुस्लिम-यादव बहुल होने के बावजूद एनडीए के पक्ष में झुक गया, जहां विकास योजनाओं (महिलाओं के लिए 1,000 रुपये मासिक) ने असर दिखाया।

नेताओं के बयान और प्रतिक्रियाएं

एनडीए में जश्न का माहौल है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “एग्जिट पोल के समय भी हमने कहा था कि दिशा सही है, लेकिन मंजिल और बेहतर होगी। अंतिम संख्या अनुमान से मजबूत होगी। यह मोदी-नीतीश के नेतृत्व में उत्कृष्ट कार्यों की जीत है।” लोजपा सांसद शांभवी चौधरी ने कहा, “लोगों को बदलाव नहीं, विकास चाहिए।”

जेडीयू नेता संजय झा ने कहा, “एनडीए बड़ी मार्जिन से जीतेगा। पीएम मोदी के प्रचार और नीतीश की दृढ़ता का फल मिला। महागठबंधन पोर्टफोलियो बांटने में व्यस्त था।” हम नेता जीतन राम मांझी ने दावा किया, “एनडीए 160+ सीटें जीतेगा, महागठबंधन 70-80 पर सिमटेगा।”

विपक्ष में निराशा। कांग्रेस नेता उदित राज ने तंज कसा, “यह एनडीए की नहीं, SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की जीत है।” तेजस्वी यादव ने कहा, “हम थंपिंग मेजॉरिटी से सरकार बनाएंगे,” लेकिन रुझान उलट हैं। आरजेडी के मृत्युंजय तिवारी ने गिनती पर सवाल उठाए। वाम दल नेता दीपंकर भट्टाचार्य ने मतदाता सूची पर शक जताया, “7.42 करोड़ से बढ़कर 7.45 करोड़—ये अतिरिक्त 3 लाख कहां से आए?” कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने “गिनती में अनियमितताएं” का आरोप लगाया।

मुस्लिम ही नहीं हिन्दू धर्म में भी होते हैं आतंकी, इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

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सहारनपुर | देवबंद कोतवाली में सर्वधर्म बैठक के दौरान इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार शर्मा द्वारा दिए गए एक उदाहरण ने बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया। उनका कथित बयान—जिसमें उन्होंने कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं, उदाहरण के तौर पर नक्सली हिंदू धर्म से हैं या पंजाब में पकड़े गए कुछ हिंदू आतंकवादी”—सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और देखते ही देखते मामला लखनऊ तक पहुंच गया। वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी आशीष तिवारी ने बृहस्पतिवार को उन्हें लाइनहाज़िर कर दिया।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली में हुए धमाके के बाद फैली अफ़वाहों को रोकने और माहौल शांत रखने के लिए इंस्पेक्टर ने सर्वधर्म प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। बैठक में उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई में धर्म देखने की जरूरत नहीं, क्योंकि आतंकवाद किसी एक मजहब से नहीं जुड़ा होता।

इसी दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया और कथित तौर पर एडिट कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो का अंश वायरल होते ही विवाद शुरू हो गया और सांसें कड़कड़ाती सर्दी की तरह तेज़ हो गईं। मामला गंभीर होता देख एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई की।

इंस्पेक्टर शर्मा का कहना है कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। “अगर पूरी वीडियो सुनी जाए तो साफ दिखेगा कि मेरा मकसद कोई मजहबी टिप्पणी करना नहीं था। मैं तो सिर्फ यह कह रहा था कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता,” उन्होंने सफाई देते हुए कहा।

सोशल मीडिया पर बढ़ा समर्थन

हालांकि, इस बीच सोशल मीडिया पर इंस्पेक्टर के समर्थन में भी आवाज़ें तेज़ हो गई हैं। बजरंग दल देवबंद के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी, अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष विकास सैनी और गौ रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश पंवार सहित कई लोगों ने दावा किया है कि वायरल वीडियो “एडिटेड” है। उन्होंने वीडियो बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

की है।

उत्तराखंड में 287 नए डॉक्टरों की होगी भर्ती, इस दिन से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

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देहरादून : उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग को बड़ी राहत मिलने वाली है। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने 287 चिकित्सा अधिकारियों (साधारण ग्रेड) की सीधी भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इनमें 231 पद सीधी भर्ती और 56 बैकलॉग पद शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया 20 नवंबर 2025 से शुरू होकर 10 दिसंबर 2025 तक चलेगी।

श्रेणीवार पदों का बंटवारा

श्रेणी पद संख्या
अनारक्षित (UR) 141
अनुसूचित जाति (SC) 70
अनुसूचित जनजाति (ST) 11
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 38
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 27

पात्रता मानदंड

  • आयु सीमा: 21 से 42 वर्ष (1 जुलाई 2025 को आधार मानकर).
  • योग्यता: एमबीबीएस या समकक्ष डिग्री (MCI/NMC मान्यता प्राप्त).
  • पहली तैनाती: प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण चिकित्सालयों में अनिवार्य.

आवेदन प्रक्रिया

  • वेबसाइट:ukmssb.uk.gov.in
  • मोड: पूरी तरह ऑनलाइन.
  • अंतिम तिथि: 10 दिसंबर 2025, रात 11:59 बजे तक.

“हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का आखिरी गांव भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे। ये 287 नए डॉक्टर पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगे।”डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड

सरकार की प्राथमिकता

राज्य सरकार लगातार डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए कदम उठा रही है। इस भर्ती के बाद दूरस्थ क्षेत्रों जैसे पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग आदि में डॉक्टरों की तैनाती होगी, ताकि मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ न लगानी पड़े। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई साक्षात्कार नहीं होगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित रहेगी।

चयन प्रक्रिया

  • लिखित परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार)
  • दस्तावेज सत्यापन
  • मेरिट के आधार पर अंतिम चयन

दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ी कार्रवाई, पुलवामा में आतंकी उमर नबी के घर को IED से उड़ाया

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श्रीनगर/नई दिल्ली :दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार रात हुए भीषण कार बम विस्फोट के मुख्य आरोपी आतंकवादी डॉ. उमर नबी के पुलवामा स्थित आवास को सुरक्षा बलों ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई गुरुवार-शुक्रवार की मध्यरात्रि को अंजाम दी गई।

घटना में 12 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आतंकी की संपत्ति को निशाना बनाया। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट स्थल से बरामद डीएनए सैंपल उमर की मां के डीएनए से पूर्णतः मेल खाने के बाद उसकी पहचान की पुष्टि हुई।

डॉ. उमर नबी (32) अपने इलाके में एक मेधावी अकादमिक और चिकित्सक के रूप में जाना जाता था। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में वह कट्टरपंथ की राह पर चल पड़ा। वह हुंडई i20 कार चला रहा था, जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक भरे हुए थे।

विस्फोट का विवरण

  • स्थान: लाल किला के पास, दिल्ली
  • समय: सोमवार रात करीब 9:45 बजे
  • मृतक: 12 (पर्यटक, दुकानदार और राहगीर शामिल)
  • घायल: 22 (कई की हालत गंभीर)
  • वाहन: हुंडई i20 (विस्फोटकों से लदी)

सुरक्षा बलों की कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने पुलवामा के त्राल इलाके में उमर के पैतृक घर को बुलडोजर से धराशायी कर दिया। घर के अलावा उसकी दो दुकानें भी सील की गईं। स्थानीय प्रशासन ने इसे आतंकवाद विरोधी अभियान का हिस्सा बताया।

शुरुआती रुझानों में एनडीए बहुमत के करीब, महागठबंधन पिछड़ा

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में फिलहाल रुझान एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के पक्ष में हैं। सुबह 9 बजे तक के रुझानों के अनुसार, एनडीए ने 142 सीटों पर बढ़त बना ली है, जो बहुमत के आंकड़े से ऊपर है। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन) 72 सीटों पर सिमट गया है, जबकि अन्य दलों को शेष सीटें मिल रही हैं। वोटों की गिनती जारी है, और शाम तक साफ तस्वीर उभरने की उम्मीद है।

यह चुनाव बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो रहा है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। कुल 243 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं। चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, वोटिंग 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुई, जिसमें रिकॉर्ड 66.91% से 67.13% मतदान दर्ज किया गया—यह 1951 के बाद का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। महिलाओं ने पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन किया, खासकर दूसरे चरण में जहां 69.20% मतदान हुआ।

प्रमुख रुझान और सीटों का बंटवारा

रुझानों के अनुसार, एनडीए की अगुआई भाजपा कर रही है, जो 54-58 सीटों पर आगे चल रही है। जेडीयू को 29-31 सीटें मिल रही हैं, जबकि लोजपा (रा) को 2-3 सीटों पर बढ़त है। एनडीए का कुल आंकड़ा कुछ चैनलों पर 129 तक पहुंच गया है, जो एग्जिट पोल्स (133-167 सीटें) से मेल खाता है।

महागठबंधन में आरजेडी सबसे मजबूत कड़ी बनी हुई है, जो 56-59 सीटों पर लीड कर रही है। कांग्रेस को मात्र 2 सीटें मिल रही हैं। विपक्षी गठबंधन का दावा है कि शाम तक वे पलटवार करेंगे, लेकिन फिलहाल 70-92 सीटों के बीच अटकी हुई है। प्रहलाद मोदी के जन सुराज पार्टी (जेएसपी) को 2 सीटें मिल रही हैं, जबकि तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) महुआ सीट पर आगे है।

OpenAI ने लॉन्च किया चैटजीपीटी के लिए ChatGPT-5.1 एडवांस्ड वर्जन, इसलिए है खास

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OpenAI ने ChatGPT के लिए अपना नया GPT-5.1 मॉडल लॉन्च कर दिया है, जिसमें दो उन्नत वर्जन—GPT-5.1 इंस्टेंट और GPT-5.1 थिंकिंग—शामिल हैं। कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व में जारी एक ब्लॉग पोस्ट में कहा गया कि ये वर्जन न केवल ज्यादा स्मार्ट हैं, बल्कि बातचीत करने में भी ज्यादा आनंददायक हैं। यह अपडेट AI की टोन और स्टाइल को यूजर की पसंद के अनुसार एडजस्ट करने पर फोकस करता है, जिससे चैटजीपीटी का अनुभव ज्यादा वैयक्तिकृत हो जाता है।

OpenAI के अनुसार, GPT-5.1 इंस्टेंट को डिफॉल्ट मॉडल के रूप में ‘गर्मजोशी भरा’ और ज्यादा संवादात्मक बनाया गया है। शुरुआती टेस्टिंग में यह अपनी चंचलता से यूजर्स को आश्चर्यचकित करता है, साथ ही स्पष्ट और उपयोगी जवाब देता रहता है। यह मॉडल निर्देशों के प्रति ज्यादा संवेदनशील है, जिससे बातचीत का प्रवाह बेहतर होता है। साथ ही, यह तय कर सकता है कि जटिल सवालों पर सोचने से पहले कब ‘थिंक’ मोड में स्विच करे, ताकि आसान सवालों पर तुरंत सटीक जवाब मिले।

दूसरी ओर, GPT-5.1 थिंकिंग गहन तर्कपूर्ण कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। यह प्रश्नों पर ज्यादा सटीक सोचने के लिए प्रशिक्षित है और जटिल समस्याओं पर ज्यादा समय लगाते हुए सरल संकेतों पर तेजी से रिएक्ट करता है। पिछले वर्जन की तुलना में यह कम जटिल शब्दों और अस्पष्ट टर्म्स के साथ स्पष्ट उत्तर देता है, जो वर्कप्लेस पर तकनीकी अवधारणाओं को समझाने या जटिल टास्क पूरा करने के लिए आदर्श है।

उपलब्धता कब से?

GPT-5.1 इंस्टेंट और थिंकिंग 13 नवंबर से रोलआउट शुरू हो चुका है, पहले पेड यूजर्स (प्रो, प्लस, गो, बिजनेस) के लिए। फ्री और लॉग-आउट यूजर्स को अगले कुछ दिनों में एक्सेस मिलेगा। एंटरप्राइज और एजुकेशन प्लान यूजर्स को 7 दिनों का अर्ली-एक्सेस टॉगल मिलेगा, उसके बाद यह डिफॉल्ट मॉडल बनेगा। रोलआउट धीरे-धीरे हो रहा है, इसलिए उपलब्धता यूजर के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। ओपनएआई ने पुष्टि की है कि GPT-5 प्रो को जल्द ही GPT-5.1 प्रो में अपग्रेड किया जाएगा। पुराने GPT-5 मॉडल्स पेड सब्सक्राइबर्स के लिए 3 महीने तक उपलब्ध रहेंगे।

टोन और स्टाइल कस्टमाइजेशन के नए विकल्प

इस अपडेट के साथ चैटजीपीटी में टोन और स्टाइल को कस्टमाइज करने के 8 प्रीसेट विकल्प जोड़े गए हैं:

  • डिफॉल्ट
  • फ्रेंडली (पहले लिस्नर)
  • एफिशिएंट (पहले रोबोट)
  • प्रोफेशनल
  • कैंडिड
  • क्वार्की
  • सिनिकल (पहले सिनिक)
  • नर्डी (पहले नर्ड)

इनके अलावा, ओपनएआई ज्यादा सटीक कंट्रोल के लिए नए पर्सनलाइजेशन फीचर्स पर काम कर रहा है, जैसे प्रतिक्रियाओं की संक्षिप्तता, गर्मजोशी, स्कैनेबिलिटी और इमोजी के इस्तेमाल को एडजस्ट करना। ये फाइन-ट्यूनिंग फीचर्स इस हफ्ते के अंत में सीमित यूजर्स के लिए एक्सपेरिमेंट के रूप में उपलब्ध होंगे, जबकि अपडेटेड प्रीसेट 14 नवंबर से शुरू होंगे।

ओपनएआई का कहना है कि GPT-5.1 न केवल इंटेलिजेंस बढ़ाता है, बल्कि कम्युनिकेशन को भी ज्यादा नैचुरल और यूजर-फ्रेंडली बनाता है। यह अपडेट GPT-5 की मिश्रित समीक्षाओं के बाद आया है, जो यूजर्स की फीडबैक पर आधारित है।

अलकायदा की गुजरात साजिश में NIA का बड़ा एक्शन: 5 राज्यों में 10 ठिकानों पर छापे

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अलकायदा से जुड़े गुजरात आतंकी साजिश मामले में बुधवार को पांच राज्यों में एक साथ 10 स्थानों पर छापेमारी की। इन छापों में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के ठिकाने शामिल थे, जो जाली दस्तावेजों के जरिए भारत में घुसे थे। NIA ने कई डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

NIA की विशेष टीमों ने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा और गुजरात में संदिग्धों और उनके सहयोगियों के परिसरों पर तलाशी ली। ये कार्रवाई 2023 में दर्ज मामले की जारी जांच का हिस्सा है। जांच में चार बांग्लादेशी नागरिक—मोहम्मद सोजिबमियान, मुन्ना खालिद अंसारी, अजरुल इस्लाम और अब्दुल लतीफ—मुख्य आरोपी पाए गए। ये सभी जाली भारतीय पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर अवैध रूप से भारत में घुसे थे और प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े हुए थे।

आरोपी बांग्लादेश में अलकायदा के गुर्गों के लिए धन संग्रह और हस्तांतरण कर रहे थे। साथ ही मुस्लिम युवाओं को भड़काकर भर्ती करने और भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने में सक्रिय थे। NIA ने इस मामले में 10 नवंबर 2023 को अहमदाबाद की विशेष NIA अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था, और वर्तमान छापेमारी उसी जांच को आगे बढ़ाने के लिए की गई है।

NIA प्रवक्ता ने कहा कि ये लोग अलकायदा के नेटवर्क को मजबूत करने और भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में थे। सभी जब्त सामग्री की गहन जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है, और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए NIA का अभियान जारी है।