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अपने ट्विटर अकाउंट पर नाम के आगे हार्दिक ने लगाया ‘बेरोजगार’

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नई दिल्ली – कांग्रेस में शामिल हुए ‘पाटीदार’ नेता हार्दिक पटेल ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन का मजाक उड़ाने के लिए अपने ट्विटर अकाउंट पर नाम के आगे ‘बेरोजगार’ जोड़ा है। ऐसे में पटेल का अब ट्विटर खाता ‘बेरोजगार हार्दिक पटेल’ हो गया है। हार्दिक पटेल ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में गुजरात के गांधी नगर में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की सदस्यता ली थी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अक्सर अपनी रैलियों में खुद को देश का चोकीदार बताते हैं। इसी का मज़ाक उड़ाते हुए और राफेल में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी रैलियों में ‘चोकीदार चोर है’ कहना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष की इन्ही बयानबाजियों के खिलाफ भाजपा ने ‘मैं भी हूं चोकीदार’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत भाजपा नेताओं ने अपने ट्विटर अकाउंट पर नाम के आगे ‘चोकीदार’ लगाना शुरू कर दिया है। इस पर तंज कसते हुए आज हार्दिक पटेल ने अपना ट्विटर खाते का नाम बदला है।

लंदन कोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट

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नई दिल्ली – देश के बैंकों को 13 हजार करोड़ का चूना लगाकर भाग चुके नीरव मोदी पर शिकंजा कस गया है। ताजा घटनाक्रम में ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। ये वारंट प्रवर्तन निदेशालय के आग्रह पर जारी किया गया है। इसका मतलब है कि कभी भी नीरव मोदी को गिरफ्तार किया जा सकता है। हाल ही नीरव लंदन की सड़कों पर देखा गया था, जबकि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है, जिसके बाद ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता लिया है और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

सीबीआई ने इंटरपोल और यूके अथॉरिटीज से सम्पर्क साधकर भगोड़े कारोबारी के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस पर कार्रवाई कर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी। एजेंसियां लंबे समय से नीरव मोदी का ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कराने की कोशिश में जुटी है। यूके से मोदी के प्रत्यर्पण की आधिकारिक मांग पिछले साल जुलाई/अगस्त में की गई थी।

भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी लंदन में शानो-शौकत की जिंदगी जी रहा है। खबर है कि वह लंदन के वेस्ट एंड इलाके के जिस अपार्टमेंट में रह रहा है उसकी कीमत 73 करोड़ रुपये के आसपास है। हाल ही में वह मीडिया के कैमरे में कैद हुआ था।

अपने नाम के आगे हमने चौकीदार लगाया है, तुम भी अपने नाम के आगे पप्पू रख लो – अनिल विज

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नई दिल्ली – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया था, जिसके जवाब में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मैं भी चौकीदार’ का नारा देकर पलटवार किया गया।

लेकिन इस बीच हरियाणा सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता अनिल विज ने बिना नाम लिए कांग्रेसी नेताओं को भी अपने ट्विटर हैंडल का नाम बदलने की सलाह दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारउन्होंने कहा कि हमने अपने नाम के आगे चौकीदार लिखा है, अगर तुम्हें तकलीफ हो रही है तो तुम भी अपने नाम के आगे पप्पू लिख सकते हो।

हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने ट्वीट के माध्यम से कांग्रेस पर तंज कसते हुए लिखा, हमने अपने नाम के आगे ‘चौकीदार’ लिखा तुम्हे तकलीफ हो रही है। तुम भी अपने नाम के आगे ‘पप्पू’ लिख लो हम बिल्कुल भी एतराज नहीं करेंगे।

गोरखपुर के बाजारों में खूब बिक रही मोदी पिचकारी

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गोरखपुर – होली पर रंगों की छाप लोगों पर लगना शुरू हो गई है। होली एकजुटता का उत्तव है, जो सामाजिक सामूहिकता का कारण है। इस होली के त्योहार पर बाजारों में मोदी और योगी की धूम है। यूपी के गोरखपुर में इस बार बाजारों में पिचकारियों में योगी के अपेक्षा मोदी कि पिचकारी कुछ ज्यादा है। भले ही अचार संहिता लागू है, लेकिन बाजारों में होली की पिचकारियां, तख्तियां, मास्क और रंगों के पैकेट में मोदी की तस्वीर छपी हुई है। यही वजह है कि जिले में रंगों के त्योहार में राजनीतिक रंग चढ़ने लगा है।

महज कुछ दिन बाद होली है और होली को लेकर बाजार पूरी तरह से सज गई है। एक से एक पिचकारी लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है। खासकर मोदी पिचकारी और योगी पिचकारी की धूम बजारों में साफ़ देखी जा सकती है। छोटी पिचकारी हो या फिर बड़ी मोदी के लगे फोटो सभी को कुछ खास बना देते हैं और मोदी और योगी कि पिचकारी आने से कही न कही चाइना बजारों से गायब हो रहा है और जो जगह बजारों में चाइना का हुआ करता था। मोदी और योगी की पिचकारी सभी के दिलो को लुभा रही है, और बजारों में सिर्फ यही दो राजनैतिक चेहरों की पिचकारी नदर आ रही हैं।

पिछले से साल से ही गोरखपुर के बाजारों से चाइनीज पिचकारी गायब से होते जा रहे है, क्योंकि लोगों की डिमांड इंडियन सामानों की तरफ ज्यादा है और उसके बाद मोदी और योगी का पिचकारी बजारों में आना चाइनीज के लिए अभिशाप बन गया और लोग अब मोदी और योगी के बने फोटो वाली पिचकारी ज्यादा पसंद कर रहे हैं जिसकी बजारों में डिमांड भी है।

अनिल अंबानी ने चुकाया एरिक्सन का बकाया

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नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए डेडलाइन से पहले अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (Rcom) ने एरिक्सन की बकाया राशि का भुगतान कर दिया है। बता दें कि न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आरकॉम ने एरिक्सन को 458।77 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान कर दिया है।

इससे पहले रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की याचिका पर फैसला सुनाते हुए एनसीएलएटी ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को 260 करोड़ रुपये की टैक्स रिफंड की राशि को एरिक्सन को दिए जाने के मामले में किसी तरह का निर्देश दिए जाने से इनकार कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से चार हफ्तों के भीतर कर्ज चुकाए जाने के आदेश के बाद रिलायंस कम्युनिकेशंस (Rcom) ने बैंकों से कंपनी के टैक्स रिफंड की 260 करोड़ रुपये की रकम सीधे एरिक्सन को जारी किए जाने की अपील की थी।

एनसीएलएटी के इस फैसले से अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही थीं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक अनिल अंबानी को 19 मार्च तक बकाया रकम को भुगतान कर देना है।

सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी करार देते हुए चार हफ्तों के चार हफ्तों के भीतर एरिक्सन की 453 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अगर वह ऐसा करने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ सकता है।

एरिक्सन ने 550 करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाने के मामले में अनिल अंबानी, रिलायंस टेलीकॉम के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इन्फ्राटेल की चेयरपर्सन छाया विरानी और एसबीआई के चेयरमैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की थी।

विवेक ओबेरॉय नरेंद्र मोदी पर बन रही फिल्म में दिखेंगे इन नौ लुक में

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मुंबई – प्रधानमंत्री पर बन रही फिल्म का एक और पोस्टर सामने आया है। इसमें विवेक ओबेरॉय नौ अलग-अलग लुक में नजर आ रहे हैं। अभिनेता विवेक ओबेरॉय इस फिल्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका में दिखेंगे। पोस्टर को तरण आदर्श ने ट्वीट किया है। फिल्म अप्रैल में रिलीज हो सकती है।

फिल्म के पहले पोस्टर को जनवरी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 23 भाषाओं में जारी किया था। सोमवार को पीएम मोदी की बायोपिक का एक और पोस्टर लॉन्च होना था लेकिन मनोहर पर्रिकर के निधन की वजह से इसे मुल्तवी कर दिया गया।

विवेक ओबेरॉय इस फिल्म में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मनोज जोशी अमित शाह की भूमिका में हैं। फिल्म की ज्यादातर शूटिंग गुजरात के कई हिस्सों में की गई है। फिल्म में दर्शन कुमार, बोमन ईरानी, जरीना वहाब और बरखा बिष्ट भी नजर आएंगे। फिल्म 12 अप्रैल 2019 को रिलीज हो रही है। फिल्म को ‘सरबजीत’ और ‘मैरी कॉम’ के डायरेक्टर ओमंग कुमार निर्देशित कर रहे हैं। एस सिंह, आनंद पंडित और सुरेश ओबेरॉय मिलकर इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं।

ऐसा दावा किया जा रहा है कि फिल्म में नरेंद्र मोदी की युवावस्था में आरएसएस के स्वंयसेवक होने से प्रधानमंत्री बनने तक के सफर को दिखाया गया है। जीवन में जो अहम राजनीतिक पड़ाव रहे हैं उसे दिखाया गया है। फिल्म में उनके घर छोड़ने, गुजरात का सीएम बनने और फिर पीएम बनने का भी जिक्र है।

भारतीय रेलवे मुंबई से वाराणसी के बीच होली स्‍पेशल चलाएगी

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नई दिल्ली – होली की त्‍यौहार की वजह से ट्रेनों में आरक्षण मिलना अब मुमकिन नहीं रहा है। ऐसे में मुसाफिरों की सहूलियत के लिए रेलवे ने वाराणसी से मुंबई के बीच होली स्‍पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।

नई दिल्‍ली: होली के त्‍यौहार के चलते किसी भी ट्रेन में आरक्षण मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। ऐसे में मुसाफिरों की मदद के लिए रेलवे ने मुंबई से वाराणसी के बीच होली स्‍पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। रेलवे इस होली स्‍पेशल ट्रेन का परिचालन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से वाराणसी के बीच करेगी। रेलवे ने इस विशेष ट्रेन का नंबर 01067/02068 होगा।

भारतीय रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, 01067 होली स्‍पेशल ट्रेन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस मुंबई से 19 मार्च की सुबह 5।10 बजे वाराणसी के लिए प्रस्‍थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 12 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वहीं वापसी की दिशा में ट्रेन संख्‍या 02068 वाराणसी से छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के लिए 20 मार्च को 1।55 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन यानी 21 मार्च की शाम 4।20 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर पहुंचेगी।

रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि इस होली स्‍पेशल इस ट्रेन में 2 वातानुकूलित 3 टीयर, 8 शयनयान श्रेणी, 5 सामान्य श्रेणी और 2 विक्लांग अनुकूल-सह सामानयान के कोच होंगे। यह ट्रेन दादर, कल्याण इगतपुरी, नासिक, मनमाड, भुसावल, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, माणिकपुर और इलाहाबाद होते हुए वाराणसी पहुंचेगी। उन्‍होंने बताया कि यह आवागमन के दौरान इन स्‍टेशनों पर भी रुकेगी। जिससे इन स्‍टेशनों से यात्रा शुरू करने वाले मुसाफिरों को सहूलियत मिल सके।

क्या समाचार इसी को कहते हैं ?

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किशन शर्मा

आजकल अधिकांश समाचार पत्र केवल विज्ञापन पत्र बन कर रह गये हैं । अधिकतर समाचार पत्रों का मुखपृष्ठ ही गायब हो गया है । केवल मुखपृष्ठ ही नहीं बल्कि शुरू के 6 से 8 पृष्ठ केवल विज्ञापन से ही भरे रहते हैं । उनके बाद भी अनेक पृष्ठ विज्ञापनों को ही दर्शाते रहते हैं । कुछ समाचार पत्र कहीं आधे पृष्ठ और कहीं 2-3 इंच बढे हुए पृष्ठ केवल विज्ञापन के लिये प्रकाशित करते रहते हैं । कुछ समाचार पत्र तो केवल विज्ञापित चित्र और विवरण ही छापते रहते हैं । वे स्पष्ट रूप से यह लिख भी देते हैं कि उनमें प्रकाशित सारी जानकारी और चित्र, “विज्ञापन और प्रचार” की दृष्टि से ही शामिल किये गए हैं, अर्थात “पेड न्यूज़” ही होते हैं । पहले के समय में किसी समाचार पत्र का मुख पृष्ठ और संपादकीय पृष्ठ, उसकी अपनी पहचान और विशेषता माने जाते थे । अब महत्व केवल आमदनी को दिया जाने लगा है । एक बहुत बडे समाचार पत्र ने एक दिन अपने मुख पृष्ठ पर शान से यह छाप दिया था कि “केवल विज्ञापन से आज 5 करोड रुपये की आय हुई है, जो सभी समाचार पत्रों के मुकाबले कई गुना ज़्यादा है, और इस पर हमें गर्व है” । वास्तव में यह गर्व की नहीं बल्कि शर्म की बात मानी जानी चाहिये, परंतु आजकल अधिकांश समाचार पत्र “सेठों” द्वारा चलाये जाते हैं, जो धन को ही महत्व देते रहते हैं । यह दुर्भाग्य की बात है ।

पहले के समय में समाचार पत्र जनसेवा और जनजागृति की भावना से कुछ ऐसे समर्पित व्यक्तित्व प्रकाशित किया करते थे, जिन्हें पत्रकारिता की समझ होती थी । उस काल में बडे बडे नेतागण, फ़िल्मकार, उद्योगपति, अधिकारी आदि सभी हर दिन समाचार पत्र को उत्सुकता के साथ देखा और पढा करते थे । उनपर कोई प्रशंसात्मक या आलोचनात्मक टिप्पणी छप गई तो वे उससे प्रभावित होकर प्रसन्न या चिंतित भी होते रहते थे । समाचार पत्र के संपादक से अधिकतर लोग घबराते थे और संपादकगण भी हर किसी से मिला नहीं करते थे । आज स्थिति बहुत बदल गई है और आजकल अनेक पत्रकार केवल धन उगाही के लिये ही जाने जाते हैं । टेलीविज़न पर तो अधिकांश पत्रकार कहे जाने वाले लोग, केवल बिके हुए ही बन गये हैं । संसद में भी इस बारे में अनेक बार आवाज़ उठी, परंतु शांत कर दी गई या करवा दी गई ।

पहले के समय में मुख पृष्ठ पर व्यंग्यचित्र छापे जाते थे जिन्हें देखने के लिये सभी लोग लालायित रहा करते थे । “आर0 के0 लक्ष्मण”, “बाल ठाकरे” “मारियो” आदि कुछ व्यंग्य चित्रकारों के “कार्टून” बहुत लोकप्रिय हुआ करते थे । बडे बडे राष्ट्रनेतागण भी उत्सुकता से उन कार्टून्स को देखा करते थे और अक्सर मुस्कुराते रहते थे । आज के समय में बहुत ही कम व्यंग्यचित्र बनाये और प्रकाशित किये जाते हैं । पहले के समय में किस समारोह में, किस व्यक्ति का, कौन सा चित्र छापा जाये, यह बहुत मंत्रणा के बाद निश्चित किया जाता था ।

आजकल केवल फ़िल्मी कलाकारों, उनके प्रेमी या प्रेमिकाओं, उनके लिबास, उनके नवजात शिशु से लेकर सभी बच्चों के चित्र छापकर समाचार पत्र वाले खुश होते रहते हैं । मैं यह नहीं समझ पाता कि कौन, किससे, कब, कहां मिला, उसने क्या पहना, या उसके बच्चे ने कब मुस्कुरा कर फ़ोटो खिंचवाई, या कब घुडसवारी की, या कब स्कूल गया, या कहां घूमने गया; क्या यह सब ही समाचार के विषय बन गए हैं आजकल ? किसी अरबपति के लडके या लडकी की शादी में कितने करोड रुपये खर्च हुए, और किस किस बडे अभिनेता ने बारातियों को भोजन परसा, क्या यह सब महत्वपूर्ण समाचार की श्रेणी में आने लायक बातें हैं ?

मैं अक्सर यह देखता रहता हूं कि आजकल किसी भी फ़िल्म के प्रदर्शन से पूर्व उसके मुख्य कलाकारों की तरह तरह की झूठी प्रेम कहानियों को बढा-चढा कर प्रकाशित करवाया जाता है, केवल फ़िल्म के प्रचार के लिये । कुछ समय बाद ही मालूम पड जाता है कि वो सब बातें झूठी थीं । मैं पिछले लगभग 55 वर्ष से पत्रकारिता से जुडा हुआ हूं, और बार बार बीते समय और वर्तमान समय की पत्रकारिता के बारे में सोचता रहता हूं । आजकल के समाचार और अधिकांश समाचार पत्रों को देखकर-पढकर मैं अपने आप से ही बार बार यह प्रश्न करता रहता हूं कि क्या समाचार इसी को कहते हैं ?

किशन शर्मा,
901, केदार, यशोधाम एन्क्लेव,
प्रशांत नगर, नागपुर – 440015;
मोबाइल – 8805001042

उमा भारती नहीं लड़ेंगी लोकसभा चुनाव

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नई दिल्ली – कद्दावर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने शनिवार को एक बार फिर यह घोषणा की है कि उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर कहा है कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं। इसको लेकर उमा भारती ने एक के बाद एक कई ट्वीट भी की हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा है कि आने वाले साल वो गंगा किनारे बिताना पसंद करेंगी।

उमा भरती ने अपने पहले ट्वीट में कहा है कि, जैसा कि मैंने पूर्व में घोषित भी किया था, उसी को पुन: दोहराते हुए अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जी को पत्र लिखकर चुनाव नहीं लड़ने का अनुरोध दोहराया है, ताकि पार्टी आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा कर दे। इसके बाद दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा है कि मैंने पहले भी आप सब मित्रों को बताया है कि अगले डेढ़ साल तक मैं अधिकतम समय गंगा के लिए बिताना चाहती हूं।

उमा भारती ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि वो चुनाव नहीं लड़ेगी लेकिन इस दौरान मैं भाजपा के कहे अनुसार लोकसभा चुनाव में भाग लूंगी और पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे भई संभालूंगी। बता दें कि साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उमा भारती ने उत्तर प्रदेश की झांसी सीट से चुनाव जीता है। वह नरेंद्र मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी है, पीने के पानी और स्वच्छता का पोर्टफोलियो उनके पास है। उन्होंने कहा कि मैं जीवन के आखिरी सांस तक राजनीति से रिटायर नहीं होउंगी तथा मरते दम तक गरीब आदमी के अधिकारों के लिए राजनीति करती रहूंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधान चौकीदार हैं, हम सब भाजपा के कार्यकर्ता चौकीदारों की फौज में शामिल हैं। इसलिए मैं जीवन की आखिरी घड़ी तक देश के लिए अपनी जिम्मेदारी के प्रति चौकस रहूंगी।

 

मायावती मुलायम और डिंपल यादव के लिए मांगेंगी वोट

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लखनऊ – बसपा प्रमुख मायावती सपा संरक्षक मुलायम सिंह के लिए मैनपुरी आकर जनता से वोट मांगेंगी। वे 19 अप्रैल को यहां जनसभा को सम्बोधित करेंगी। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे। दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया है। इनकी 11 संयुक्त रैलियां होंगी। शुरुआत होली के बाद होगी।

मायावती अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव के लिए भी कन्नौज में 25 अप्रैल को जनसभा करेंगी। सपा-बसपा की संयुक्त रैली 1 मई को फिरोजाबाद में, 8 मई को आजमगढ़ में, 13 मई को गोरखपुर में और 16 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगी।