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मोदीजी को छूने नहीं देंगे दिल्ली की गद्दी – भीम आर्मी चीफ

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नई दिल्ली – भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने आज (शुक्रवार) दिल्ली के जंतर-मंतर पर बहुजन हुंकार रैली की। इस दौरान वो मोदी सरकार पर जमकर बरसे। चंद्रशेखर ने कहा कि हमारे डर से आज यहां कई जगह इंटरनेट बंद कर दिया गया। 12 मार्च को भी प्रशासन ने हमे रोकने की कोशिश की। लेकिन इस भीड़ को देखकर सब पता चल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं आज ये ऐलान कर रहा हूं की मोदी जी को दिल्ली की गद्दी छूने नहीं दूंगा।

रैली के दौरान चंद्रशेखर ने पीएम मोदी पर कई कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीए मोदी और बीजेपी दलित और संविधान विरोधी हैं। बनारस से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए चंद्र शेखर ने कहा कि जब मैंने बनारस से चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो मोदी ने सफाई कर्मियों के पैर धोए। ये लड़ाई 85 प्रतिशत बनाम 15 प्रतिशत की है। भीम आर्मी चीफ ने कहा कि मैं सविंधान बचाने के लिए लड़ रहा हूं और जेल जाने से नहीं डरता। उन्होंने कहा कि जो बहुजनों से उलझेगा, वो फना हो जाएगा। लोगों से इस लड़ाई में आगे आने की अपील करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मनुवादी आंख खोलिए। अगर आज चूक हुई तो बहुत पीछे चले जाएंगे।

चंद्रशेखर ने काशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे उनकी बहन का आशीर्वाद मिल गया है। मैं अब पूरी ताकत से लड़ूंगा ताकि मनुवाद हार जाए। चंद्रशेखर ने कहा कि मैं यहां राजनीति नहीं कर रहा हूं बल्कि कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। उनके खिलाफ लड़ने आया हूं।

 

NCP की दूसरी लिस्ट में शरद पवार के पोते और अमोल कोल्हे को मिला टिकट

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मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार के पोते पार्थ और वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के भतीजे समीर के नाम अगले महीने होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों की दूसरी सूची में शामिल हैं. पार्टी ने शुक्रवार को यह घोषणा की.

एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार के पुत्र पार्थ मावल सीट से चुनाव लड़ेंगे. पार्टी ने छगन भुजबल के भतीजे समीर भुजबल को नासिक से चुनाव मैदान में उतारा है. समीर को धन शोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था.

टीवी पर छत्रपति शिवाजी की भूमिका निभाने वाले डा. अमोल कोल्हे का नाम भी दूसरी सूची में है. वह हाल में शिवसेना छोड़ कर एनसीपी में शामिल हुए थे. कोल्हे शिरूर सीट से चुनाव लड़ेंगे. इस सूची में धनराज हरिभाऊ महाले (डिंडोरी) और बजरंग सोनावने (बीड़) के नाम भी शामिल हैं.

पार्टी ने अब तक विवादास्पद अहमदनगर और मढा सीटों के लिए किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. पवार के मढा सीट से लड़ने की उम्मीद थी लेकिन हाल में उन्होंने ऐसा नहीं करने की घोषणा की थी.

बता दें एनसीपी ने लोकसभा चुनावों के लिए अपने 12 उम्मीदवारों की पहली सूची गुरुवार को जारी की थी. इस लिस्ट में शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले का नाम शामिल था जिन्हें पार्टी के मजबूत गढ़ बारामती से चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया गया है.

 

अब बिना कार्ड के SBI के ATM से निकाले पैसे

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नई दिल्ली – देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए खास सर्विस शुरू की है। अब आपको एटीएम से रकम निकालने के लिए डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं होगी। आप मोबाइल से ही रकम निकाल सकेंगे। एसबीआई ने इसका नाम YONO Cash दिया है। ये सेवा एसबीआई के 1.65 लाख एटीएम पर शुरू होगी। देश में बिना कार्ड के रकम निकालने की सुविधा देना वाला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहला बैंक बन गया है।

खुशी की बात तो यह हैं कि इस नई व्यवस्था से आपके कार्ड से जुड़े फ्रॉड की जोखिम खत्म हो जाएगी। इस सेवा को देने वाले एटीएम का नाम योनो कैश प्वाइंट होगा। इसके लिए ग्राहक को योनो एप पर कैश निकालने का विकल्प मिलेगा। एप में कैश ट्रांजैक्शन के लिए 6 डिजिट का पिन सेट करना होगा। इस ट्रांजैक्शन के लिए उन्हें अपने मोबाइल पर एसएमएम के जरिए 6 डिजिट का रिफरेंस नंबर भी मिलेगा।

वहीं इसके बाद आप अपनी नजदीक के एटीएम में जाकर 30 मिनट के भीतर रकम निकाल सकेंगे। वहां पर आपको 6 डिजिट का पिन और 6 डिजिट का रिफरेंस नंबर डालना होगा। ये डालते ही एटीएम से कैश आपके हाथ में होगा। ये प्रक्रिया बहुत कम समय में पूरी हो जाएगी। आपको पिन मिलने के 30 मिनट के भीतर ही रकम निकालनी होगी। इसके बाद पिन एक्सपायर हो जाएगा। आप दोबारा भी पिन जनरेट कर सकते हैं।

आपको इस बात की जानकारी दें कि योनो डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म है जो 85 ई कॉमर्स कंपनियों की सेवा देता है। एसबीआई ने इसे नवंबर 2017 में लॉन्च किया था। फरवरी 2019 तक Yono App के 1.8 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं। इसके 70 लाख एक्टिव यूजर्स हैं। योनो ऐप को एंड्राइड और आईओएस पर डाउनलोड किया जा सकता है।

वहीं SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार के मुताबिक इस सुविधा के जरिए डेबिट कार्ड से जुड़े जोखिम दूर होंगे। उनके मुताबिक अगले 2 साल में योनो के जरिए वो पूरा ट्रांजैक्शन सिस्टम 1 प्लेटफॉर्म के अंदर लाना चाहते हैं। एसबीआई लगातार ग्राहकों की सेवा बढ़ा रहा है। हाल ही में बैंक ने रेपो रेट के साथ लोन और डिपॉजिट लिंक किए थे। कई जगह लोग डेबिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी कर रहे थे। एटीएम मशीन से वो कार्ड की क्लोनिंग कर लेते थे। इसके बाद आपके कार्ड की मदद से रुपए निकालते थे। ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। एसबीआई के इस नए कदम से इस तरह की धोखाधड़ी रूकेगी।

 

मसूद को बिना किसी ठोस सबूत गिरफ्तार नहीं किया जायेगा: पाकिस्तान

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इस्लामाबाद – पाकिस्तान ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आत्मघाती हमले में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की कथित संलिप्तता को लेकर उसे बिना किसी ठोस सबूत गिरफ्तार अथवा हिरासत में नहीं लिया जायेगा।

‘द न्यूज’ के अनुसार मसूद को गिरफ्तार करने के प्रश्न पर एक महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारी ने कहा,”बिना किसी ठोस सबूत अथवा किसी अपराध के हमें मौलाना मसूद अजहर को गिरफ्तार क्यों करना चाहिए?”

आधिकारिक सूत्रों के दावा किया है कि मसूद अजहर की पुलवामा हमले में संलिप्तता के सबूत के तौर पर भारत की ओर से पेश दो पृष्ठों के डोजियर की गृह मंत्रालय ने कानून प्रवर्तन और अन्य हितधारकों के साथ गहरायी से समीक्षा की लेकिन उसमें ऐसा नहीं मिला जो मसूद के खिलाफ ठोस सबूत बनता है।

सूत्रों के अनुसार डोजियर में निष्क्रिय संगठन के 22 सदस्यों की पुलवामा हमले में शामिल होने की अाशंका व्यक्त की गयी है। डाेजियर का मसौदा अपने आप में प्रमाण है कि भारत के पास इस हमले में पाकिस्तान की संलिप्पता का कोई सबूत नहीं है। डोजियर में मसूद के अलावा उसके भाई मुफ्ती अब्दुर रउफ और उसके बेटे हामिद अजहर के नाम भी हैं।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने आतंकवाद निरोधक कानून,1997 की चौथी अनुसूची के तहत आने वाले लाेगों को ही गिरफ्तार करने का निर्णय लिया है। भारत ने डोजियर में जिन लोगाें के नाम शामिल किये हैं उनमें से समूद अजहर के भाई और बेटे के खिलाफ आतंकवादी निरोधी कानून के तहत पहले की कार्रवाई की जा चुकी है। उन्हें एक माह के लिए हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि मसूद अजहर का नाम ना तो आतंकवाद विरोधी कानून की चौथी अनुसूची में है और ना ही किसी आपराधिक घटना में ही शामिल है।

सूत्रों ने बताया कि भारत ने 27 फरवरी को पाकिस्तानी उच्चायुक्त को डाेजियर सौंपा था जिसमें 14 फरवरी को पुलवामा में हुए हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद के समूद समेत संगठन के 22 सदस्यों पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।

 

प्रकाश आंबेडकर ने की वंचित बहुजन आघाडी ने 37 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी

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मुंबई – प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी ने लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। पहली लिस्ट में 37 कैंडिडेट के नाम हैं। वंचित बहुजन आघाडी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने कांग्रेस से गठबंधन ना हो पाने के बाद महाराष्ट्र की सभी 48 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने का ऐलान किया था, जिसके बाद 37 नाम जारी कर दिए गए हैं।

प्रकाश आंबेडकर डॉ भीम राव आंबेडकर के पोते हैं। बहुजन महासंघ के संस्थापक अंबेडकर ने आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन और कुछ छोटे दलों को मिलाकर वंचित बहुजन आघाडी का गठन किया है। एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर वो लगातार महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं।

वंचित बहुजन आघाडी नेताओं की कांग्रेस से गठबंधन को लेकर भी कीफी समय से चर्चा थी। लेकिन बात नहीं बन सकी। जानकारी के मुताबिक, अंबेडकर 22 सीटें मांग रहे थे, जबकि राकांपा के साथ गठबंधन में खुद कांग्रेस को 25 सीटें ही मिल रही हैं। ऐसे में कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन संभव नहीं हो सकता था। वहीं कांग्रेस को आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी के कुछ दलों से तो उन्हें कांग्रेस के साथ राकांपा के होने से भी दिक्कत थी। ऐसे में ये बातचीत ज्यादा ना बढ़ सकी।

मोहम्मद शमी के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने चार्जशीट की दाखिल

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टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। शमी पर दहेज उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। शमी की पत्नी हसीन जहां ने पिछले साल इस क्रिकेटर पर एक्‍स्‍ट्रा मैरिटल अफेयर से लेकर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। अब इस मामले में कोलकाता पुलिस ने अलीपुर कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी है। पिछले साल हसीन जहां ने फेसबुक पर कई स्क्रीनशॉट शेयर किए थे। जहां का कहना था कि मोहम्मद शमी दूसरी लड़कियों से बात करते हैं और ये स्क्रीनशॉट इसका सबूत हैं।

मोहम्मद शमी पर उनकी पत्‍‌नी हसीन जहां ने धोखा देने, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने, मैच फिक्सिंग में शामिल होने का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में बीसीसीआई ने मोहम्मद शमी को फिक्सिंग के आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया। हसीन जहां के आरोपों की वजह से एक वक्त पर शमी का क्रिकेट करियर खतरे में पड़ गया था। बीसीसीआई ने उनका कॉन्ट्रैक्ट सस्पेंड कर दिया था लेकिन बाद में शमी को राहत मिली और आईपीएल में वो दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेले। शमी ने पत्नी के इन सभी आरोपों से इनकार किया था। हसीन ने शमी के बड़े भाई हसीब पर भी उनसे रेप करने और उनके परिवार पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।

शमी और हसीन जहां की पहली मुलाकात 2012 में कोलकाता में हुई थी। पेशे से मॉडल हसीन ने बतौर चीयरलीडर भी काम किया है। शमी ने जब हसीन को पहली पर देखा तो उनकी खूबसूरती पर फिदा हो गए। शमी और हसीन की मुलाकातें होने लगी और दोनों ने अपने रिश्ते को नाम देने का फैसला किया। शमी ने खुद हसीन के सामने शादी का प्रपोजल रखा। हसीन ने भी शादी के लिए हामी भर दी। दोनों ने 2 साल के बाद 2014 में शादी कर ली।

 

अजीम प्रेमजी भारत के धनवीरों में सबसे अलग सबसे बड़े दानवीर

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एक लाख 45 हजार करोड़ रुपए, ये रकम है जो अजीम प्रेमजी ने परोपकार के लिए दान कर दी है। महाभारत की कहानी के मुताबिक भारत की धरती के सबसे बड़े दानवीर हुए हैं कर्ण, लेकिन आधुनिक जमाने के सबसे बड़े दानवीर हैं विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी।

देश के हजारों करोड़ रुपए की संपत्ति वाले धनवीरों की भीड़ में अजीम प्रेमजी एकदम अलग नजर आते हैं क्योंकि जितना वो कमाते हैं उसका बड़ा हिस्सा दान में दे देते हैं। प्रेमजी देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो के चेयरमैन हैं और चौंकिएगा मत उन्होंने अपनी 34 परसेंट हिस्सेदारी परोपकार के लिए दे दी है। जिसका भाव है 52,750 करोड़ रुपए।

परोपकार के कामों के लिए इतनी बड़ी रकम दान देने वाले अजीम प्रेमजी भारत ही नहीं एशिया के सबसे बड़े दानवीर बन गए हैं। माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स, दिग्गज निवेशक जॉर्ज सोरोस और वॉरेन बफेट जैसे दुनिया के सबसे बड़े दानवीरों की लिस्ट में प्रेमजी का नाम भी शामिल हो गया है।

विप्रो कंपनी के चेयरमैन अजीम प्रेमजी की तरफ से ऐलान किया गया है कि विप्रो की 34 फीसदी हिस्सेदारी यानी करीब 52,750 करोड़ रुपये के शेयर वो परोपकार के लिए दान में दे रहे हैं। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने अपने बयान में कहा, “अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी प्रॉपर्टी का ज्यादा से ज्यादा त्याग कर, उसे धर्माथ के कामों के लिए दान में देकर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है। इससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को परोपकार के कामों में सहयोग मिलेगा।”

अजीम प्रेमजी की इस पहल से उनके परोपकार के कामों के लिए दान की गई कुल रकम 1,45,000 करोड़ रुपये (21 अरब डॉलर) हो गई है, जोकि विप्रो लिमिटेड के आर्थिक स्वामित्व का 67 फीसदी है। बिल गेट्स और वॉरेन बफेट की ओर से शुरू की गई पहल ‘द गिविंग प्लेज’ पर हस्ताक्षर करने वाले अजीम प्रेमजी पहले भारतीय थे। इस पहल के तहत अरबपति अपने धन का कम से कम आधा हिस्सा सामाजिक कार्यों के लिए दान करते हैं।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अरबपति अजीम प्रेमजी सादगी पसंद शख्स हैं। प्रेमजी मानते हैं कि उनकी व्यावसायिक सफलता ने ईर्ष्या पैदा करने की बजाय भारत की एक नई पीढ़ी को और कारोबार करने के लिए प्रेरित किया।
उनका कहना था, “मेरी दौलत पर जिस तरह से लोगों का ध्यान जाता है मैंने सोचा कि लोग मेरे प्रति द्वेष की भावना रखने लग जाएंगे, लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा। इसने कई लोगों में और भी ज्यादा महत्वाकांक्षा भर दी।”

अजीम प्रेमजी को जानने वाले लोग बताते हैं कि वह अभी भी बहुत महंगी गाड़ियां नहीं चलाते हैं। इसके अलावा वह हवाई जहाज के इकॉनॉमी क्लास में ही सफर करते हैं और बंगलोर में विप्रो हेडक्वार्टर के अहाते में ही रहते हैं। इतना ही नहीं, वह लग्जरी होटलों की जगह कंपनी गेस्ट हाउस में ठहरना पसंद करते हैं।

 

स्मृति ईरानी की सांसद निधि में हुआ करोड़ों का घोटाला – कांग्रेस

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नई दिल्ली – कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर भष्टाचार बड़ा आरोप लगाया है। गुरुवार को कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल और रणदीप सुरजेवाला ने सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्मृति ईरानी पर अपने सांसद निधि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्मृति ईरानी को मंत्रिमंडल से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। यह मामला स्मृति ईरानी द्वारा गोद लिए गए गुजरात के आणंद जिले के माघरोल गांव से जुड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सांसद निधि के जरिए किए गए काम में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है। यही नहीं ईरानी ने नियमों की अनदेखी भी की।

इस मुद्दे पर दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि स्मृति इरानी ने भ्रष्टाचार किया है। इस संबंध में कलेक्टर की जांच रिपोर्ट भी है, जिसमें भ्रष्टाचार की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि यही नहीं सीएजी ने भी इस संबंध में अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया है।

सुरजेवाला ने कहा, “2018 की सीएजी रिपोर्ट नंबर 4 ने भ्रष्टाचार उजागर किया है। इसके मुताबिक, बिना किसी निविदा प्रक्रिया के एमपीएलएडी फंड से करीब 6 करोड़ का भुगतान किया गया, जिसमें 84,53,000 का फर्जी भुगतान शामिल है।”

वहीं शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, ‘पीएम मोदी ने कहा था कि मैं न खाता हूं और न खाने देता हूं, लेकिन सच्चाई है कि पीएम और उनके करीबी करोड़ों से कम खाते नहीं, सच बोलने वाले को चैन की रोटी खाने नहीं देते हैं। स्मृति ईरानी ने सांसद बनने के बाद एक गांव गोद लिया था, दरअसल उन्होंने गांव गोद नहीं लिया, बल्कि गांव को मिलने वाले पैसे अपने जेब के अंदर किए। आणंद जिले के कलेक्टर ने संसद निधि जारी करने वाले डिप्टी सचिव को एक लेटर लिखा था। इसमें खुलासा हुआ कि स्मृति ईरानी ने अपने सांसद निधि में घोटाला किया।’

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला ने कहा कि स्मृति ईरानी ने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कहा की कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो, और पूरे मामले की जांच की जाए। उन्होंने स्मृति ईरानी के इस्तीफे की भी मांग की।

 

राफेल केस: लीक दस्तावेजों को लेकर सुप्रीम कोर्टने फैसला सुरक्षित रखा

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नई दिल्ली – राफेल डील केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुर्नविचार के लिए दायर की गई याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई हुई। बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा देते हुए कहा था कि राफेल डील पर उसके फैसले पर पुनर्विचार के लिये याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल दस्तावेज ”राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये संवेदनशील” हैं और जिन लोगों ने इन दस्तावेजों की फोटोकॉपी बनाने की साजिश की, उन्होंने इसकी चोरी की और इन्हें लीक करके सुरक्षा को खतरे में डाला है।

राफेल की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जो सीएजी की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई थी उसमें कुछ गलती थी। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट में तीन पन्ने गायब थे। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

गलत परम्पराएं

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किशन शर्मा

फ़ेसबुक, व्हाट्सएप आदि सभी प्रकार के संदेश प्रसारित करने वाले साधनों का आजकल अलग अलग ढंग से उपयोग होने लगा है । मैं तो व्हाट्सएप आदि उपयोग में नहीं लाता हूं, परंतु फ़ेसबुक पर लोगों के संदेश अवश्य देखता और पढता रहता हूं । फ़ेसबुक पर पहले ऐसा नहीं होता था, परंतु आजकल बहुत अधिक लोग इसका गलत उपयोग करने लग गये हैं । मैं इसे दुरुपयोग तो नहीं कह सकता, लेकिन गलत उपयोग अवश्य कह सकता हूं । अभी जब भारत के वायु सैनिकों ने सीमा पार बम गिराये, तो मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि कुछ लोगों ने अलग अलग तीन महिला वायु सैनिकों के चित्र फ़ेसबुक पर प्रसारित कर दिये और प्रत्येक के लिये यह लिख दिया कि “ यह है भारत की वो जांबाज़ महिला लडाकू विमान पायलेट, जिसने पाकिस्तान में बम बारी की ” ।

सरकार ने या वायुसेना ने तो अभी तक किसी भी पायलेट के नाम का उल्लेख नहीं किया है, लेकिन कुछ लोगों ने उन तीन महिला वायुसैनिकों के बिना कारण चित्र छाप कर उनको खतरे में डाल दिया । यह गलत उपयोग ही है, सूचना साधनों का । आजकल एक और गलत परम्परा बहुत अधिक चल पडी है, जिसमें अनेक लोग प्रधान मंत्री के पक्ष में या विरोध में कुछ भी अशोभनीय शब्द लिखने लगे हैं । मेरे विचार से यह नहीं किया जाना चाहिये । किसी भी कार्य, वक्तव्य, या निर्णय का समर्थन या विरोध करने का अधिकार हर नागरिक को अवश्य है, परंतु उसकी अभिव्यक्ति में निम्नस्तरीय शब्दों का प्रयोग किया जाना गलत है । केवल प्रधान मंत्री ही नहीं, बल्कि उनके विरोधियों के लिये भी निम्नस्तरीय शब्दों का प्रयोग अनुचित और अस्वीकार्य माना जाना चाहिये ।

मेरा तो मत यह है कि ऐसे लोगों के विरुद्ध कडी कार्रवाई की जानी चाहिये ताकि अन्य लोग कभी भी ऐसा करने से डरें । विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह कभी भी नहीं होना चाहिये कि निम्नस्तरीय और अशोभनीय शब्दों के प्रयोग की अनुमति दे दी जाए । “फ़ेंकू”, “पप्पू” जैसे शब्दों का प्रयोग करके सम्बन्धित व्यक्ति अपने ही निम्नस्तर को प्रदर्शित करता है । कम से कम मैं ऐसी परम्परा के विरोध में हूं । एक अन्य गलत परम्परा फ़ेसबुक पर शुरू कर दी गई है । कोई भी व्यक्ति अपने आप को गायक के रूप में प्रस्तुत करने के लिये, अपनी आवाज़ में कोई गीत रिकौर्ड और शूट करके प्रसारित कर देता है ।

अनगिनत बेसुरे और बेताले महिला-पुरुषों के ऐसे “पोस्ट” फ़ेसबुक पर हरदिन डाल दिये जाते हैं । मुझे सबसे अधिक दुखद आश्चर्य यह देखकर होता है कि कुछ लोग उनके “पोस्ट” पर “बहुत सुन्दर”, “लाजवाब”, “अद्वितीय”, “कमाल कर दिया” जैसी प्रतिक्रियाएं लिख देते हैं । कुछ लोग तो मंच संचालन के अंश भी फ़ेसबुक पर पोस्ट कर देते हैं । वे ऐसा क्यों करते हैं, यह मैं तो नहीं जानता । मेरे काल में ऐसी कोई सुविधा भी नहीं थी और ऐसा करने की कोई इच्छा भी नहीं होती थी, क्योंकि जो कुछ कहा, गाया, पढा जा रहा होता है, उसका विशेष महत्व उस मंच पर ही होता है और वहां उपस्थित श्रोता ही उस पर अपनी प्रतिक्रिया देते रहते हैं । बाद में न तो उसका महत्व रह जाता है और न संदर्भ ही रह जाता है । हास्य कलाकार अगर अपनी किसी प्रस्तुति को फ़ेसबुक पर डालता रहे तो उसे वास्तव में बाद में कोई सुनना नहीं चाहेगा, क्योंकि अगर चुटकुला या गुदगुदाने वाली बात एक बार सुन ली जाये तो शायद ही कोई व्यक्ति दूसरी बार उसे सुनना और उसपर हंसना पसंद करेगा ।

आजकल हर दिन कुछ लोग कविता के नाम पर कुछ भी लिखकर फ़ेसबुक पर प्रस्तुत कर देते हैं । हर रचना कविता नहीं कही जा सकती और हर कविता की प्रशंसा भी नहीं की जा सकती । फ़िर भी ऐसा लगातार होने लगा है । फ़ेसबुक या ऐसे ही दूसरे साधन शायद ऐसी परम्पराओं के लिये नहीं बने हैं । इसके द्वारा साहित्यिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विचारों का आदान-प्रदान किया जाना चाहिये, ऐसा मैं मानता हूं । इस बारे में सभी लोग स्वयं विचार करें और कुछ नियम बनायें तथा उनका पालन भी करें तभी फ़ेसबुक जैसे “सोशिअल मीडिया” का उचित उपयोग किया जा सकेगा । मेरा तो स्पष्ट मत है कि देश के, समाज के, और अपने हित में यही उचित है कि तुरंत रोका जाये ऐसी गलत परम्पराओं को ।

किशन शर्मा, 901, केदार, यशोधाम एन्क्लेव,
प्रशांत नगर, नागपुर – 440015; मोबाइल – 8805001042