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हरियाणा सरकार राम रहीम को परोल के पक्ष में क्यों ?

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नई दिल्ली – रेप और हत्या के मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की परोल पर रिहाई की खबरें सुर्खियों में हैं। हरियाणा सरकार साफ-साफ तो कुछ नहीं कह रही, लेकिन संकेत राम रहीम के समर्थन में ही दिख रहे हैं। राम रहीम के परोल पर राज्य के जेल मंत्री के एल पंवार का कहना है कि अच्छे आचरण वाले हर दोषी को 2 साल की जेल के बाद परोल मिलती है। खुद सीएम खट्टर कह रहे हैं कि देश में एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें सभी को परोल की मांग रखने का अधिकार है और किसी को रोका नहीं जा सकता। हालांकि वो ये भी कहते हैं कि राम रहीम के परोल पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है।

स्वयंभू संत गुरमीत राम रहीम की तरफ से परोल मांगने का कारण भी अपने आप में बेहद दिलचस्प है, टाइमिंग इसे और भी खास बना देती है। दरअसल, राम रहीम परोल लेकर खेती करना चाहता है। वो भी ऐसी स्थिति में जब किसी जमीन पर उसका मालिकाना हक ही नहीं है।

इस साल हरियाणा में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कहीं हरियाणा की बीजेपी सरकार चुनावों में डेरा का समर्थन पाने के लिए ही तो नहीं, राम रहीम के तमाम गुनाहों को नजरअंदाज कर उसे परोल देने की पैरवी कर रही है? वैसे भी डेरा का पॉलिटिक्ल कनेक्शन जगजाहिर रहा है।

डेरा का दावा है कि उसके पांच करोड़ समर्थक हैं। सिर्फ हरियाणा में ही इसके 25 लाख समर्थक बताए जाते हैं। यही वजह है कि गुरमीत राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा बीते एक दशक से कई दलों के लिए अहम वोटबैंक रहा है। 2007 में डेरे में राजनीतिक मामलों की शाखा का गठन किया गया था।

शाखा ये फैसला करती है कि डेरा समर्थकों को किस पार्टी या नेता को समर्थन देना है। 2007 के पंजाब विधानसभा चुनाव में डेरा ने कांग्रेस को समर्थन दिया था, जबकि 2014 के आम चुनावों में उसने खुलकर बीजेपी का समर्थन किया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में राम रहीम का समर्थन लेने के लिए पार्टी के बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। इस मुलाकात के कुछ ही दिन बाद डेरा ने बीजेपी को हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में समर्थन देने का ऐलान किया था। डेरा के इतिहास में यह पहली बार था कि डेरा ने किसी राजनीतिक दल का खुलकर समर्थन किया हो।

वहीं 15 अक्टूबर, 2014 को इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, 2014 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भी कुछ नेताओं ने भी गुरमीत राम रहीम से मिलकर समर्थन मांगा था।

मतलब कि गुरमीत राम रहीम के समर्थक रूपी वोटरों की जरूरत तो हर पार्टी को है। क्योंकि कहा ये जाता है कि डेरे से जो आदेश गुरमीत राम रहीम जारी कर देता था, अनुयायी उसका आंख बंद करके पालन करते थे। ऐसे में राजनीतिक दलों और नेताओं में बाबा के दर पर जाने के बाद एकमुश्त वोट मिलने की उम्मीद पैदा हो जाती है।

हनुमत साधना से सहज ही मिल जाती हैं अष्ट सिद्धियाँ

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हमारे ऋषि-मुनि, साधु-संत, महात्माओं तथा भक्तों ने ज्ञान प्राप्ति तथा लौकिक सिद्धियों की प्राप्ति हेतु अनेक प्रकार की साधनाओं का मार्ग प्रशस्त किया है। हनुमत साधना भी उन्हीं में से एक है। हनुमत साधना से अनेक लौकिक सिद्धियां प्राप्त हो जाती हैं, क्योंकि इन सभी आठों सिद्धियों के स्वामी हनुमानजी ही हैं। आइये जानते हैं इन आठों सिद्धियों के बारे में और यह भी जानते हैं की कब-कब हनुमानजी ने अपनी इन सिद्धियों का प्रयोग किया।
हमारे ऋषि-मुनि, साधु-संत, महात्माओं तथा भक्तों ने ज्ञान प्राप्ति तथा लौकिक सिद्धियों की प्राप्ति हेतु अनेक प्रकार की साधनाओं का मार्ग प्रशस्त किया है। हनुमत साधना भी उन्हीं में से एक है। हनुमत साधना से अनेक लौकिक सिद्धियां प्राप्त हो जाती हैं, क्योंकि इन सभी आठों सिद्धियों के स्वामी हनुमानजी ही हैं। आइये जानते हैं इन आठों सिद्धियों के बारे में और यह भी जानते हैं की कब-कब हनुमानजी ने अपनी इन सिद्धियों का प्रयोग किया।
अष्टसिद्धि के बारे में कहा गया है –
अणिमा महिमा चैव गरिमा लघिमा तथा
प्राप्ति प्राकाम्य ईशित्वं वशित्वं चाष्टासिद्धयः

1. अणिमा – इस सिद्धि का स्वामी अति सूक्ष्म अर्थात अणु के बराबर रूप धारण कर सकता है। हनुमान जी ने लंका में प्रवेश करने के समय इसका प्रयोग किया था।
2. लघिमा – इस सिद्धि का स्वामी लघु बहुत छोटा या हल्का बन सकता है। हनुमान जी ने इसका प्रयोग सुरसा के सम्मुख किया था।
3. महिमा – हनुमानजी की महिमा का वर्णन जामवंत ने समुद्र लंघन के समय किया। तब हनुमानजी ने अपनी शक्ति का प्रयोग कर समुद्र पार किया।
4. गरिमा – इस सिद्धि के बल पर योगी अपना गुरुत्व बढ़ा सकता है। वह अत्यंत ही भारी हो सकता है। इस सिद्धि का प्रदर्शन हनुमानजी ने द्वापर युग में महाबली भीम के सम्मुख तब किया था, जब भीम पुष्प लेने गंधमादन पर्वत की ओर जा रहे थे और हनुमानजी वृद्ध वानर का रूप धारण कर राह में बैठे थे। 10 हजार हाथियों के बल वाले भीम से वृद्ध वानर रुपी हनुमानजी की पूँछ भी नहीं हिली।
5. प्राप्ति – इस सिद्धि के प्रतिष्ठित होने पर साधक को वांछित फल प्राप्त होता है। सीता की खोज में अनेक वानर निकले लेकिन एक-अकेले हनुमानजी ही सीतान्वेषक बने।
6. प्राकाम्य – प्राकाम्य वह सिद्धि है जिससे साधक की कामना पूर्ण होती है। राम के राज्याभिषेक के अवसर पर हनुमानजी ने अपनी छाती फाड़कर सीता-राम को अपने हृदय में विद्यमान होना दिखा दिया था।
7. वशित्व – वह सिद्धि है जिससे साधक सबको अपने वश में कर लेता है। सर्व सुख-दुःख हनुमानजी के वश में हैं। इसका वर्णन गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान चालीसा में किया है।
8. ईशित्व – इस सिद्धि के प्रतिष्ठित हो जाने पर साधक ईश्वरत्व को प्राप्त हो जाता है। हनुमानजी आज सर्वत्र गाँव, नगर यहाँ तक कि घर-घर पूजे जाते हैं। इस प्रकार हनुमानजी के चरित्र में अष्टसिद्धि के प्रतिष्ठित स्वरूपों का स्पष्ट प्रमाण मिलता है।
के बारे में कहा गया है –
अणिमा महिमा चैव गरिमा लघिमा तथा
प्राप्ति प्राकाम्य ईशित्वं वशित्वं चाष्टासिद्धयः

1. अणिमा – इस सिद्धि का स्वामी अति सूक्ष्म अर्थात अणु के बराबर रूप धारण कर सकता है। हनुमान जी ने लंका में प्रवेश करने के समय इसका प्रयोग किया था।
2. लघिमा – इस सिद्धि का स्वामी लघु बहुत छोटा या हल्का बन सकता है। हनुमान जी ने इसका प्रयोग सुरसा के सम्मुख किया था।
3. महिमा – हनुमानजी की महिमा का वर्णन जामवंत ने समुद्र लंघन के समय किया। तब हनुमानजी ने अपनी शक्ति का प्रयोग कर समुद्र पार किया।
4. गरिमा – इस सिद्धि के बल पर योगी अपना गुरुत्व बढ़ा सकता है। वह अत्यंत ही भारी हो सकता है। इस सिद्धि का प्रदर्शन हनुमानजी ने द्वापर युग में महाबली भीम के सम्मुख तब किया था, जब भीम पुष्प लेने गंधमादन पर्वत की ओर जा रहे थे और हनुमानजी वृद्ध वानर का रूप धारण कर राह में बैठे थे। 10 हजार हाथियों के बल वाले भीम से वृद्ध वानर रुपी हनुमानजी की पूँछ भी नहीं हिली।
5. प्राप्ति – इस सिद्धि के प्रतिष्ठित होने पर साधक को वांछित फल प्राप्त होता है। सीता की खोज में अनेक वानर निकले लेकिन एक-अकेले हनुमानजी ही सीतान्वेषक बने।
6. प्राकाम्य – प्राकाम्य वह सिद्धि है जिससे साधक की कामना पूर्ण होती है। राम के राज्याभिषेक के अवसर पर हनुमानजी ने अपनी छाती फाड़कर सीता-राम को अपने हृदय में विद्यमान होना दिखा दिया था।
7. वशित्व – वह सिद्धि है जिससे साधक सबको अपने वश में कर लेता है। सर्व सुख-दुःख हनुमानजी के वश में हैं। इसका वर्णन गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान चालीसा में किया है।
8. ईशित्व – इस सिद्धि के प्रतिष्ठित हो जाने पर साधक ईश्वरत्व को प्राप्त हो जाता है। हनुमानजी आज सर्वत्र गाँव, नगर यहाँ तक कि घर-घर पूजे जाते हैं। इस प्रकार हनुमानजी के चरित्र में अष्टसिद्धि के प्रतिष्ठित स्वरूपों का स्पष्ट प्रमाण मिलता है।

लोकसभा में विंग कमांडर अभिनंदन की मूछों पर ये क्या कह गए कांग्रेस नेता

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नई दिल्ली – लोकसभा में सोमवार को एक दिलचस्‍प मौका देखने को मिला। जब सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने विंग कमांडर अभिनंदन की मूंछो को राष्ट्रीय मूछ घोषित करने की बात कही। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि देश का नाम रोशन करने वाले विंग कमांडर अभिनंदन को सम्मानित किया जाना चाहिए।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अभिनंदन की मूंछों को ‘राष्ट्रीय मूंछ’ घोषित कर देना चाहिए। उन्होंने लोकसभा में बालाकोट एयर स्ट्राइक की भी तारीफ की। हालांकि उन्होंने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने 2 जी और कोयला घोटाले में अभी तक किसको पकड़ा? पीएम मोदी पर सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि आप सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सलाखों के पीछे भेज पाए? आप सत्ता में उनको चोर कहते हुए आए तो अब वो संसद में कैसे बैठे हैं?

गौरतलब है कि लोकसभा में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई। धन्यवाद प्रस्ताव की शुरुआत केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने की। उन्होंने कहा कि लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने तक जंग रहेगी और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हैं। क्या उन्हें देश में रहने का अधिकार है?

जगन मोहन रेड्डी ने दिया पूर्व सीएम के बंगले को तोड़ने का आदेश

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हैदराबाद – आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने ‘प्रजा वेदिका’ को तोड़ने का आदेश दिया है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अभी ‘प्रजा वेदिका’ में ही रह रहे हैं। इस बिल्डिंग को तोड़ने का काम मंगलवार से शुरू होगा।

आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार ने शनिवार को नायडू के इस घर को अपने कब्जे में ले लिया था। तेलुगू देशम पार्टी ने इसे बदले की कार्रवाई करार दिया है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति कोई सद्भावना नहीं दिखाई, क्योंकि उनके सामान को भी बाहर फेंक दिया गया।

प्रजा वेदिका का निर्माण सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) के जरिए तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास के एक विस्तार के रूप में किया था। पांच करोड़ रुपये में बने इस बंगले का इस्तेमाल नायडू आधिकारिक उद्देश्यों के साथ ही पार्टी की बैठकों के लिए करते थे।

नायडू ने इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को पत्र लिखकर इस बंगले का इस्तेमाल बैठकों के लिए करने देने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया था कि वह इसे नेता प्रतिपक्ष का आवास घोषित कर दे।

लेकिन सरकार ने प्रजा वेदिका को कब्जे में लेने का शुक्रवार फैसला लिया और घोषणा की कि कलेक्टरों का सम्मेलन वहां होगा। पहले ये सम्मेलन राज्य सचिवालय में होना तय था। नायडू इस समय परिवार के सदस्यों के साथ विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं।

टीडीपी नेता और विधान परिषद के सदस्य अशोक बाबू ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने नायडू के निजी समानों को बाहर फेंक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर को कब्जे में लेने के सरकार के फैसले के बारे में पार्टी को बताया तक नहीं गया।

नगरपालिका मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने हालांकि, तंज कसा और कहा कि नायडू के साथ उसी तरह का बर्ताव किया जाएगा, जिस तरह का बर्ताव जगन मोहन रेड्डी के साथ किया गया था, जब वह नेता प्रतिपक्ष थे।

सभी जाति व धर्म के लोग मेरी नजर में एक समान : मेनका गांधी

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सुलतानपुर – सुलतानपुर संसदीय क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर आईं पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद मेनका गांधी ने सोमवार को इसौली विधानसभा क्षेत्र में कई जनसभाओं को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि जनपद में अब विकास के एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। मेरी नजर में सभी धर्म व जाति के लोग एक समान हैं। लोग अपनी समस्याओं को लिखित रूप से दें ताकि हम उसका निराकरण करा सकें।

मेनका गांधी ने कहा कि पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पूरी सक्रियता से काम कर रहे हैं। जिले में जो भी कर्मचारी व अधिकारी काम नहीं करेंगे उन्हें किसी हाल में रहने नहीं दिया जाएगा। क्षेत्र में विकास कार्यों का सिलसिला आगे बढ़ चुका है। कादीपुर में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर, रेलवे स्टेशन पर आधुनिक नए इज्जतघरों की स्थापना एक्सीलेटर सेवा का शुभारंभ कल कर दिया जाएगा।

सांसद ने कहा कि जीत के बाद वह 80 से अधिक गांवों का दौरा कर चुकी हैं। जनता की समस्याओं को सुनने के लिए उनके प्रतिनिधि चौबीस घंटे जिला मुख्यालय पर मौजूद हैं। मेनका ने अपने सख्त अंदाज में कहा कि किसी भी प्रधान व कोटेदार के द्वारा सरकारी योजना में हेराफेरी की गई तो उसका हटना तय है। जनता के हितों के साथ वह कोई समझौता नहीं कर सकती।

जापान में रिलीज होगी अक्षय कुमार की ‘केसरी’

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मुंबई – सारागढ़ी की ऐतिहासिक लड़ाई पर बनी अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘केसरी’ जापान में अगस्त में रिलीज होगी। अक्षय ने एक ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। सोमवार को अक्षय ने पोस्ट किया, “‘केसरी’ अब तक लड़ी गई सबसे साहसिक लड़ाइयों में से एक पर बनी फिल्म : 10,000 आक्रमणकारियों के खिलाफ 21 साहसी सैनिक, 16 अगस्त, 2019 को जापान पर जीत हासिल करने के लिए तैयार हैं।”

अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित इस फिल्म में परिणीति चोपड़ा भी हैं। जी स्टूडियो इंटरनेशनल ने फिल्म को दुनियाभर के 55 क्षेत्रों में रिलीज करने की जिम्मेदारी ली है, फिलहाल वह जापान में फिल्म को रिलीज करने की तैयारी में है। ‘पैडमैन’ के बाद अक्षय की यह दूसरी फिल्म है जो इस क्षेत्र में रिलीज होगी।

अगर वक्त बुरा चल रहा हो तो इस दिन करें शिव उपासना

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सनातन अथवा हिन्दू धर्म में हर प्रकार की विपदा से छुटकारा पाने के अनेक उपाय बताये गए हैं। लेकिन आर्द्रा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी को भगवन शिव की उपासना से सभी प्रकार के दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों का समूल नाश हो जाता है।
विद्येश्वरसंहिता के अनुसार – आर्द्रा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी तिथि को बाण लिंग की स्थापना करके उसकी पंचोपचार विधि से पूजन करें। जिस किसी को यह अनुष्ठान करना हो उसके 12 अंगुल के नाप के बराबर बनाये गए लिंग को बाण कहा जाता है। संहिता में इसे उत्तम कहा गया है। ध्यान रखें, शिव पूजा में भूलकर भी शंख का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
लिंग स्थापना के बाद सम्मुखासीन होकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए अपना मनोरथ व्यक्त करें। संकल्प के बाद शिवलिंग की धूप,अक्षत,पुष्प और गंध से पूजन करें। तत्पश्चात इस मन्त्र से प्रार्थना करें –
नमो निष्कलरूपाय नमो निष्कलतेजसे। नमः सकल नाथाय नमस्ते सकलात्मने।।
नमः प्रणववाच्याय नमः प्रणवलिङ्गिने। नमः सृष्टियादिकत्रे च नमः पञ्चमुखाय ते।।
पञ्चब्रह्मस्वरूपाय पञ्चकृत्याय ते नमः। आत्मने ब्रह्मणे तुभ्यमनन्तगुणशक्तये।।
सकलाकलरूपाय शम्भवे गुरवे नमः ।।

प्रार्थना के पश्चात रुद्राक्ष की माला से शिव कवच के इस मन्त्र का जाप 108 माला करें।
मन्त्र इस प्रकार है –
नमस्कृत्य महादेवं विश्वव्यापिनमीश्वरम्। वक्ष्ये शिवमयं वर्म सर्वरक्षाकरं नृणाम्।

हालांकि भगवान शिव का पंचाक्षर मन्त्र सबसे लोकप्रिय हिंदू मंत्रों में से एक है और शैव सम्प्रदाय का महत्वपूर्ण मंत्र है। लेकिन सकाम उपासना और तत्कालिक लाभ के लिए स्कंदपुराण के ब्रह्मोत्तरखंड में वर्णित अमोघ शिव कवच के इस मन्त्रजाप का अनुष्ठान सबसे उत्तम है।

जप समाप्त होने बाद शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र का पाठ कर लें
वह इस प्रकार है —
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांगरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै “न” काराय नमः शिवाय॥
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मै “म” काराय नमः शिवाय॥
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै “शि” काराय नमः शिवाय॥
सिष्ठ कुम्भोद्भव गौतमार्य मुनींद्र देवार्चित शेखराय।
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै “व” काराय नमः शिवाय॥
यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै “य” काराय नमः शिवाय॥
पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेत् शिव सन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥

एक दिन किये जाने वाले इस अनुष्ठान से सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं। यदि एक दिन में करना संभव न हो तो अगले दिन जप से पूर्व एक माला पंचाक्षर मन्त्र का जप करें तथा जप के पश्चात पुनः एक माला पंचाक्षर मन्त्र का जप कर लें।

स्मृति ईरानी 2 दिनी अमेठी दौरे पर

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अमेठी – केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत शनिवार को अमेठी के दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी को हराने के बाद ईरानी का यह अपने निर्वाचन क्षेत्र का पहला दौरा है।

सावंत ने कहा कि उन्होंने 2014 के आम चुनाव में ईरानी के लिए पार्टी कार्यकर्ता के रूप में 22 दिनों तक प्रचार किया था और यहां के अधिकांश कार्यकर्ताओं को वह जानते हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे सुरेंद्र सिंह की मृत्यु के बारे में जानकर दुख हुआ और मैंने स्मृति ईरानी से कहा कि मैं उनके परिवार से मिलना चाहता हूं।”

संयोग से, बरौलिया गांव (हरिहरपुर गांव के साथ) को गोवा के दिवंगत मुख्यमंत्री व पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने गोद लिया था। वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। सावंत ने कहा कि गोवा सरकार अमेठी के गांवों में पर्रिकर द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों को जारी रखेगी।

इसी बीच ईरानी अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में कुछ विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगी, जिनमें वर्षा-जल संचयन संयंत्र शामिल हैं।

वह तिलोई, जगदीशपुर और मुसाफिरखाना में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगी। रविवार को वह निर्वाचन क्षेत्र के विकास को लेकर अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगी। ईरानी के साथ उत्तरप्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्य भी हैं।

सेना सचिव को रक्षा प्रमुख बनाएंगे ट्रंप : व्हाइट हाउस

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वाशिंगटन – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सेना सचिव मार्क इस्पर को अगला रक्षा सचिव मनोनीत करेंगे। यह घोषणा व्हाइट हाउस ने की। कार्यवाहक रक्षा सचिव पैट्रिक शनहान के इस्तीफे के तीन दिन बाद शुक्रवार को यह घोषणा की गई।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पेंटागन के कंप्ट्रोलर डेविड नॉरविस्ट को उपरक्षा सचिव नामित करेंगे और सेना के अंडर सेक्रेटरी रयान मैकार्थी को सेना सचिव मनोनीत करेंगे।

ट्रंप ने मंगलवार को ट्विटर पर कहा था कि शनहान ने रक्षा क्षेत्र पर विचार करने से मना कर दिया है, एक पोस्ट जिसे सीनेट की पुष्टि की आवश्यकता है और लगभग छह महीने से खाली है, क्योंकि जेम्स मैटिस ने व्हाइट हाउस के साथ नीतिगत मतभेदों पर इस्तीफा दे दिया था।

शनहान ने अपने परिवार के चारों ओर हिंसा के आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया था।

सेना सहित देश को राहुल गांधी ने किया अपमानित : शिवराज

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नई दिल्ली – मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘विश्व योग दिवस’ के मौके पर ट्वीट कर देश की सेना सहित पूरे देश को अपमानित किया है।

शनिवार को शिवराज ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी को भारतीय परंपरा पर गर्व नहीं है, सदियों पुरानी संस्कृति को वो नहीं मानते हैं, लेकिन देश मानता है। ऐसे में राहुल गांधी को इन परंपराओं का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राहुल द्वारा संस्कृति, परंपराओं का मजाक उड़ाया जाना दुखद है। देश की परंपराओं, संस्कृति में करोड़ों भारतीयों की आस्था है।

उल्लेखनीय है कि विश्व योग दिवस के मौके पर राहुल गांधी ने एक तस्वीर ट्वीट की थी। इस तस्वीर में सेना के जवानों के साथ- साथ सेना के डॉग भी योग कर रहे थे। राहुल ने इन तस्वीरों को ट्वीट करते हुए कैप्शन में लिखा कि ‘ ये है न्यू इंडिया।’ इस ट्वीट के बाद राहुल गांधी का भाजपा ने जमकर विरोध किया और राहुल पर देश को अपमानित करने का आरोप लगाया। बुधवार को गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का ये ट्वीट नकारात्मकता दर्शाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राहुल की ट्वीट पर कड़ी अपत्ति जाहिर करते हुए कहा था कि जब कोई बार-बार सेना का अपमान करता है तो यही प्रार्थना की जा सकती है कि हे भगवान उनको सद्बुद्धि दे!