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बैंकों और बीमा कंपनियों के पास पड़ी 32000 करोड़ से भी ज्यादा संपत्ति लावारिश

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नई दिल्ली – आज भी हमारे देश में करोडो, अरबों की संपत्ति बैंकों और बीमा कंपनियों के पास लावारिश रूप में पड़ी है। जिसका कोई लेने वाला नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि इस समय देश के अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के पास 32455।28 करोड़ रुपये लावारिस पड़े हैं। यानी 32455।28 करोड़ रुपये की धन को लेने का कोई दावा नहीं कर रहा है। बता दें कि इन संस्थानों में बैंक और बीमा कंपनिया शामिल हैं। यदि यह रुपये देश में लगा दिए जाये तो हमारे देश की आधी से ज्यादा गरीबी दूर हो जाएगी।

इसमें से बैंकों के पास साल 2018 की तुलना में 26।8 फीसदी ज्यादा यानी 14,578 करोड़ रुपये का लावारिस धन है। साल 2017 की बात करें, तो तब यह आंकड़ा 11,494 करोड़ रुपये था। वहीं साल 2016 में बैंकों में 8,928 करोड़ रुपये लावारिस पड़े थे।

वित्त मंत्री ने बताया कि साल 2018 के आखिर में अकेले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में अनक्लेम्ड डिपॉजिट यानी लावारिस धन का आंकड़ा 2156।33 करोड़ रुपये था। अन्य बैंकों की बात करें, तो राष्ट्रीय बैंकों के पास 9,919 करोड़ रुपये का लावारिस धन है, प्राइवेट बैंकों के पास 1,851 करोड़ रुपये का लावारिस पैसा है। वहीं विदेशी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण के बैंकों के पास क्रमश: 376 और 271 करोड़ रुपये का लावारिस धन है। बता दें कि स्मॉल फाइनेंस बैंक के पास 2।42 करोड़ रुपये की लावारिस धन है।

बैंकों के अतिरिक्त बीमा कंपनियों के पास भी करोड़ों रुपये लावारिस पड़ा है। बीमा कंपनियों के पास कुल 17877।28 करोड़ रुपये लावारिस पड़े हैं। वहीं पिछले साल यानी सितंबर 2018 के आखिर तक लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में 16887।66 करोड़ रुपये का लावारिस धन था। वहीं गैर-लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में यह आंकड़ा 989।62 करोड़ रुपये था। जीवन बीमा कंपनियों में अकेले भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास 12892।02 करोड़ रुपये की लावारिस धन है।

अब भारत को मिलेगा नाटो देशों जैसा दर्जा

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नई दिल्ली – अमेरिकी संसद की ओर से भारत को खुशखबरी मिली है। सीनेट ने भारत को नाटो देशों के समान दर्जा देनेवाले प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है। अब इज़रायल और दक्षिण कोरिया की कतार में ही भारत भी खड़ा हो सकेगा और उसी तर्ज़ पर डीलिंग करेगा। वित्तीय वर्ष 2020 के लिए नेशनल डिफेंस ऑथराइज़ेशन एक्ट को अमेरकी सीनेट ने पिछले हफ्ते ही मंज़ूरी दी है। अब इसमें संशोधन की स्वीकृति भी मिल गई है।

सेनेटर जॉन कॉर्निन और मार्क वॉर्नर ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए कहा था कि हिंद महासागर में भारत के साथ मानवीय सहयोग, आतंक के खिलाफ संघर्ष, काउंटर-पाइरेसी और मैरीटाइम सिक्यॉरिटी पर काम करने की जरूरत है।

अगर प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में पारित हो जाता है तो कानून में तब्दील हो जाएगा। हिंदू अमेरिकी फाउंडेशन ने विधेयक पारित होने के बाद बयान जारी किया कि भारत को गैर नाटो देश के दर्जे से ऊपर लाना इस वक्त भारत, अमेरिका और पूरे क्षेत्र के लिए बेहद अहम है । उन्होंने प्रस्ताव के पीछे मेहनत करनेवाले सांसदों का भी शुक्रिया अदा किया।

हिंदू अमेरिकी पाउंडेशन के एमडी समीर कालरा ने कहा कि चाहे ये फैसला कानून बनाकर लागू हो या फिर नेशनल डिफेंस ऑथराइज़ेशन एक्ट में संशोधन करके, इससे फर्क नहीं पड़ता। अहम ये है कि हमने भारत-अमेरिका गठजोड़ की अहमयित समझी है।

वैसे खुद अमेरिका ने ही भारत को 2016 में अपना बड़ा रक्षा साझीदार माना था। अगर भारत को नाटो देशों के समान दर्जा मिला तो भारत उच्च तकनीक के हथियार खरीद सकेगा।

सीएम केजरीवाल ने 49 दिनों की सरकार में गैरकानूनी तरीके दिया था धरना

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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य लोगों ने रेल भवन के पास बिना इजाज़त, गैर कानूनी तरीके से धरना प्रदर्शन किया था। इस मामले में आरोप तय करने को लेकर रॉउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

आरोपों पर बहस के दौरान आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और प्रवक्ता आशुतोष, दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती कोर्ट में मौजूद थे। इस मामले में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया और विधायक राखी बिड़लान समेत सभी आरोपी जमानत पर है। क्या है मामला ?

साल 2014 में दिल्ली में 49 दिन की सरकार के समय मुख्यमंत्री पद पर रहते अरविंद केजरीवाल दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर रेल भवन पर धरने पर बैठ गए थे। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने साउथ दिल्ली में वैश्यावृति और ड्रग्स के रैकेट चलवाने का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए यह धरना प्रदर्शन किया था।

इस मामले में पुलिस ने अदालत में पेश अपनी चार्जशीट में ‘आप’ नेताओं पर धरने में शामिल होने और कानून का माखौल उडा़ते हुए इसे लगातार जारी रखने, लोकसेवकों द्वारा पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने और हिंसा करने का मामला दर्ज किया था।

धरने में अरविंद केजरीवाल के साथ बड़ी तादात में समर्थकों ने रेल भवन के बाहर धरना दिया था। पुलिस ने नेताओं के खिलाफ निषेधाज्ञा का उल्लंघन ( धारा 144 ) करने और गैर कानूनी रूप से धरना प्रदर्शन करने के आरोप में 5 ‘आप’ कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया था। कोर्ट अब 5 जुलाई को मामले में आरोपों पर फैसला सुनाएगा।

मंत्र साधना कैसे और कब करें, जानिए सबसे उत्तम समय

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‘मंत्र’ शब्द का अर्थ असीमित है। वैदिक ऋचाओं के प्रत्येक छन्द भी मंत्र कहे जाते हैं। देवी-देवताओं की स्तुतियों और यज्ञ हवन आदि में बोले जाने वाले शब्द समूहों को भी मंत्र कहा जाता है। तंत्र शास्त्र में मंत्र का अर्थ भिन्न है। तंत्र शास्त्रानुसार शब्द, पद या पद समूह जिस देवता या शक्ति को प्रकट करता है वह उस देवता या शक्ति का मंत्र कहा जाता है।
विद्वानों द्वारा मंत्र की परिभाषाएँ निम्न प्रकार भी की गई हैं।
1. धर्म, कर्म और मोक्ष की प्राप्ति हेतु प्रेरणा देने वाली शक्ति को मंत्र कहते हैं।
2. देवता के सूक्ष्म शरीर को या इष्टदेव की कृपा को मंत्र कहते हैं। (तंत्रानुसार)
3. दिव्य-शक्तियों की कृपा को प्राप्त करने में उपयोगी शब्द शक्ति को मंत्र कहते हैं।
4. अदृश्य गुप्त शक्ति को जागृत करके अपने अनुकूल बनाने वाली विधा को मंत्र कहते हैं। (तंत्रानुसार)

मंत्र साधना के समय

मंत्र साधना के लिए विशेष समय, माह, तिथि तथा नक्षत्र का ध्यान रखना चाहिए।
1. उत्तम माह – साधना हेतु कार्तिक, अश्विन, वैशाख, माघ, मार्गशीर्ष, फाल्गुन एवं श्रावण मास उत्तम होता है।
2. उत्तम तिथि – मंत्र जाप हेतु पूर्णिमा़, पंचमी, द्वितीया, सप्तमी, दशमी एवं ‍त्रयोदशी तिथि उत्तम होती है।
3. उत्तम पक्ष – शुक्ल पक्ष में शुभ चंद्र व शुभ दिन देखकर मंत्र जाप करना चाहिए।
4. शुभ दिन – रविवार, शुक्रवार, बुधवार और गुरुवार मंत्र साधना के लिए उत्तम होते हैं।
5. उत्तम नक्षत्र – पुनर्वसु, हस्त, तीनों उत्तरा, श्रवण रेवती, अनुराधा एवं रोहिणी ‍नक्षत्र मंत्र सिद्धि हेतु उत्तम होते हैं।

मंत्र साधना में साधन, आसन एवं माला

आसन – मंत्र जाप के समय कुशासन, मृग चर्म, बाघम्बर और ऊन का बना आसन उत्तम होता है।
माला – रुद्राक्ष, जयन्तीफल, स्फटिक, हाथीदाँत, लाल मूँगा, चंदन एवं कमल की माला से किये गए मन्त्र जाप सिद्ध होते हैं। किसी विशेष साधना में निर्दिष्ट लिए गए माला का ध्यान रखा जाना चाहिए। रुद्राक्ष की माला सर्वश्रेष्ठ होती है।
अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो वे मंत्र हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं। जैसे घर में जप करने से एक गुना, गौशाला में सौ गुना, पुण्यमय वन या बगीचे तथा तीर्थ में हजार गुना, पर्वत पर दस हजार गुना, नदी-तट पर लाख गुना, देवालय में करोड़ गुना तथा शिव के निकट अनंत गुना फल प्राप्त होता है।
जप तीन प्रकार का होता है- वाचिक, उपांशु और मानसिक। वाचिक जप धीरे-धीरे बोलकर होता है। उपांशु-जप इस प्रकार किया जाता है, जिसे दूसरा न सुन सके। मानसिक जप में जीभ और ओष्ठ नहीं हिलते। तीनों जपों में पहले की अपेक्षा दूसरा और दूसरे की अपेक्षा तीसरा प्रकार श्रेष्ठ है।
प्रातःकाल दोनों हाथों को उत्तान कर, सायंकाल नीचे की ओर करके तथा मध्यान्ह में सीधा करके जप करना चाहिए। प्रातःकाल हाथ को नाभि के पास, मध्यान्ह में हृदय के समीप और सायंकाल मुँह के समानांतर में रखें।

जप की गणना के लिए लाख, कुश, सिंदूर और सूखे गोबर को मिलाकर गोलियां बना लें। जप करते समय माला सहित दाहिने हाथ को गोमुखी में डाल लें अथवा कपड़े से ढंक लेना आवश्यक होता है। जप के लिए माला को अनामिका अंगुली पर रखकर अंगूठे से स्पर्श करते हुए मध्यमा अंगुली से फेरना चाहिए। सुमेरु का उल्लंघन न करें। तर्जनी न लगाएँ। सुमेरु के पास से माला को घुमाकर दूसरी बार जपें।
जप करते समय हिलना, डोलना, बोलना, क्रोध न करें, मन में कोई गलत विचार या भावना न बनाएँ अन्यथा जप करने का कोई भी फल प्राप्त न होगा।

सेवानिवृत्ति के लिए निष्ठाहीन कर्मियों को मजबूर करेंगे : मुख्यमंत्री देब

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नई दिल्ली – त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने घोषणा की है कि राज्य सरकार के जो कर्मचारी निष्ठाहीन, अयोग्य और लाहपरवाह पाए जाएंगे, उन्हें सेवानिवृत्त होने के लिए मजबूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां रविवार को सरकारी कर्मचारियों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थक संगठन त्रिपुरा राज्य कर्मचारी संघ के दूसरे त्रिवार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

देब ने कहा, ‘राज्य सरकार के कर्मचारियों को त्रिपुरा में भाजपा सरकार से उच्च वेतनमान मिल रहा है। लेकिन अगर वे निष्ठाहीन, अयोग्य और लाहपरवाह पाए जाते हैं, तो उन्हें सेवानिवृत्त होने के लिए मजबूर किया जाएगा। हालांकि, इन कर्मचारियों को उनके उचित वित्तीय लाभ दिए जाएंगे।’

उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार कर्मचारियों को सभी वित्तीय लाभ प्रदान करेगी और सरकार कर्मचारियों से पूर्ण कार्य भी निकालेगी। सरकार और लोगों के हित के लिए सभी कर्मचारियों को अपना काम पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करना है।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हर तीन महीने के बाद मुख्य सचिव से लेकर चपरासी तक के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी और उसके अनुसार सरकार कार्रवाई करेगी।’

त्रिपुरा सरकार ने पिछले जुलाई में सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर एक अधिसूचना जारी की थी और सभी रैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यो की समीक्षा करने के लिए चार समितियों का गठन किया था।

कर्नाटक में रातों-रात बन सकती है BJP सरकार !

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बैंगलोर – कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह ने अपनी विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा खबर आ रही है कि कांग्रेस के एक और विधायक रमेश जार्किहोली ने भी अपना इस्तीफा गवर्नर को सौंप दिया है। इसके बाद एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाने की अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि हम राज्य में सरकार बनाने की अपनी संभावना तलाश रहे हैं। येदियुरप्पा ने कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद कहा, “आपसी कलह के चक्कर में अगर कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिर जाती है तो वो अपनी सरकार बनाने के मौके तलाशेंगे।”

येदियुरप्पा ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी भाजपा मध्याव‌धि चुनाव की पक्षधर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बनने की स्थिति बनती है तो बीजेपी कर्नाटक में एक बार फिर स्‍थायी सरकार बनाने की ओर रुख करेगी।

दूसरी तरफ इस राजनीतिक संकट के समय कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी राज्य में मौजूद नहीं हैं। कुमारस्वामी इन दिनों एक निजी यात्रा पर अमेरिका गए हुए हैं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि उन्हें कांग्रेस विधायक आनंद कुमार के इस्तीफे की जानकारी नहीं है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें सूचना मीडिया के जरिये ही मिली है। उन्होंने कहा कि विधायक आनंद सिंह से उनकी कोई मुलाकात ही नहीं हुई है। कर्नाटक सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार ने इस मुद्दे पर कहा कि उनको आनंद सिंह के इस्तीफे से झटका लगा है। उन्होंने बताया कि वे उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

जया प्रदा अभद्र बयानों को लेकर आजम खान पर बरसीं

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नई दिल्ली – आजम खान के बयानों को लेकर जया प्रदा ने अब उनपर हमला बोला है। जया प्रदा ने कहा कि ‘आजम खान बहुत ही होशियारी से बिना नाम लिए बहुत कुछ कह जाते हैं। मैं उनके खिलाफ FIR दर्ज कराऊंगी।’ बता दें विवादित बयानों के लिये अक्सर चर्चा में रहने वाले वरिष्ठ सपा नेता और सांसद आजम खान ने हाल ही में अपनी प्रतिद्वंद्वी भाजपा नेता जया प्रदा की तरफ आपत्तिजनक इशारा करते हुए कहा है कि अश्लीलता को सम्मान देने वाला समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता।

खान ने रविवार रात को आयोजित एक कार्यक्रम में जया की तरफ इशारा करते हुए उनके बारे में अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने नाम लिए बगैर कहा ”मैं … लफ्ज खासतौर पर इस्तेमाल कर रहा हूं और लोग जान रहे हैं कि यह लफ्ज कहां जाकर लग रहा है। जिस समाज में इस लफ्ज को मोहतरम सम्मानजनक) मान लिया जाएगा, क्या तरक्की करेगा वह समाज? वह कैसे सिर उठाकर चलेगा? वहीं, इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भी आजम खान ने जया प्रदा पर अभद्र टिप्पणी की थी। अब जया प्रदा ने आजम खान के खिलाफ उनके बयानों को लेकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।

आसन्न संकट से उबरने के लिए करें यह काम

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जीवन में कभी-कभी अनपेक्षित रूप से कोई संकट ऐसा आ उपस्थित होता है जिसकी कि हम कल्पना भी नहीं कर सकते। ऐसे समय में जब संकट से उबरने की कोई रह न सूझ रही हो तो एक मात्र उपाय जगज्जननी पराम्बा माँ भगवती की शरण में जाना ही है।
कहते है कि माँ से बड़ा कोई हितैषी नहीं होता। माँ हमेशा अपनी संतान का कल्याण चाहती है। कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति अर्थात पुत्र कुपुत्र होता है लेकिन माता कभी कुमाता नहीं होती। पुत्र के सम्मुख जब संकट उपस्थित हुआ हो तो माँ अपने बेटे को बचने के लिए कुछ भी कर सकती है। इसलिए संकट के समय मनुष्य को चाहिए कि समस्त संसार की माता देवी भगवती की शरण में जाये। देवी भगवती ममतामयी है, वे सदा भक्तों पर करुणा बरसाने वाली हैं।
क्या करें –
प्रातःकाल जल्दी उठकर नहा धोकर मां दुर्गा की मूर्ति / तस्वीर के सामने उनकी नीचे दी हुई स्तुति का पाठ 108 बार करें। इस स्तोत्र के रचयिता वेदव्यास जी हैं और इस स्तोत्र की महिमा अनंत है। इसका पाठ करनेवाले पर माँ भगवती की सदा कृपा रहती है। यदि दुर्गा स्तुति से आपको जल्दी फल चाहिए तो स्तुति से पहले और बाद में एक माला मूल नवार्ण मन्त्र का जप करें और उसे देवी को समर्पित करें। यह काम आपको निरंतर पूरी तरह भक्ति भाव से समर्पित होकर तब तक जारी रखना है जब तक कि संकट का समय बीत न जाये। यदि निरंतर दुर्गा माँ की स्तुति किया जाये तो सारे दुख नष्ट हो जाते हैं।

|| श्री भगवती स्तोत्रम् ||
जय भगवति देवि नमो वरदे जय पापविनाशिनि बहुफलदे ।
जय शुम्भनिशुम्भकपालधरे प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे ॥१॥

जय चन्द्रदिवाकरनेत्रधरे जय पावकभूषितवक्त्रवरे ।
जय भैरवदेहनिलीनपरे जय अन्धकदैत्यविशोषकरे ॥२॥

जय महिषविमर्दिनि शुलकरे जय लोकसमस्तकपापहरे ।
जय देवि पितामहविष्णुनते जय भास्करशक्रशिरोऽवनते ॥३॥

जय षण्मुखसायुध ईशनुते जय सागरगामिनि शम्भुनुते
जय दुःखदरिद्रविनाशकरे जय पुत्रकलत्रविवृद्धिकरे ॥४॥

जय देवि समस्तशरीरधरे जय नाकविदर्शिनि दुःखहरे ।
जय व्याधिविनाशिनि मोक्षकरे जय वाञ्छितदायिनि सिद्धिवरे ॥५॥

एतद्व्यासकृतं स्तोत्रं यः पठेन्नियतः शुचि ।
गृहे वा शुद्धभावेन प्रीता भगवती सदा ॥६॥

भारतीय क्रिकेट टीम नई जर्सी में केसरिया होने को तैयार

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नई दिल्ली – भारतीय क्रिकेट टीम रविवार को विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में होने वाले मैच में नई जर्सी पहन कर उतरेगी। भारत यह नई जर्सी होम-अवे नियम के तहत पहनेगी क्योंकि मेजबान इंग्लैंड की जर्सी का रंग भी भारत की जर्सी से काफी मिलता जुलता है।

इसलिए भारत को नई जर्सी को कुछ अलग तरह से तैयार किया गया है और इसके पिछले हिस्से को नांरगी रंग का बनाया है। वहीं कंधों पर भी केसरिया रंग है। बीसीसीआई ने शुक्रवार को जब नई जर्सी जारी की उसके बाद टीम के कई खिलाड़ियों ने नई जर्सी के साथ सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डालीं। लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने ट्वीटर पर एक फोटो पोस्ट कर लिखा, “नई जर्सी के साथ तैयार हूं।” तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी ट्वीटर पर फोटो साझा कर लिखा, “नई जर्सी के साथ अगले मैच के लिए तैयार।”

भारतीय टीम के आधिकारिक इंस्टाग्राम खाते पर महेंद्र सिंह धोनी, भुवनेश्वर कुमार, केदार जाधव और दिनेश कार्तिक की तस्वीरें नई जर्सी के साथ साझा की गई हैं। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भी 54 सेकेंड़ का वीडियो ट्वीट किया था जिसमें भारतीय खिलाड़ी नई जर्सी में दिखाई दे रहे हैं। भारत के इस विश्व कप में छह मैचों में 11 अंक हैं और वह इस समय दूसरे स्थान पर है। उसे सेमीफाइनल में जाने के लिए सिर्फ एक अंक चाहिए।

अब उत्तर प्रदेश में भिखारियों को मिलेगी नई जिंदगी

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लखनऊ – उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भिखारियों के पुनर्वास के लिए नए सिरे से प्रयास कर रही है। इस संबंध में जल्द ही एक पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) को निर्देश दिए हैं कि वह राज्य की राजधानी में भिखारियों की पहचान करे और उन्हें आश्रयगृहों में ले जाएं।

शारीरिक रूप से अक्षम भिखारियों को आश्रयगृहों में रखा जाएगा, जबकि सक्षम को नागरिक कर्तव्य सौंपे जाएंगे, ताकि उन्हें जीविकोपार्जन कर सकें। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में रहने वाले भिखारियों की पहचान करें और उन्हें आस-पास के आश्रयगृहों में भिजवाएं।

आयुक्त ने कहा, “हम एक सर्वेक्षण कराने की प्रक्रिया में हैं और एक बार यह पूरा हो जाए तो हम भिखारियों को 45 आश्रयगृहों में भिजवा देंगे।” उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ पाए जाने वालों को शहर के 5।8 लाख घरों से कचरा इकट्ठा करने और इसके बदले उपयोगकर्ता शुल्क वसूलने का काम सौंपा जाएगा।

इनमें से कुछ को दैनिक स्वच्छता कार्यो में प्रतिनियुक्त किया जाएगा, जैसे कि कचरा एकत्र करना, नालियों की सफाई और सड़कों की सफाई आदि। लखनऊ नगर निगम ने निर्णय लिया है कि पुनर्वासित भिखारियों को उनके द्वारा वसूले गए यूजर चार्ज का 10 से 20 प्रतिशत तक रकम दी जाएगी। दैनिक स्वच्छता कार्यो में लगाए गए बाकी लोगों को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जाएगी। यह वही राशि है, जो संविदाकर्मियों को दी जाती है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ नगर निगम को 45 दिनों के अंदर भिखारियों का पुनर्वास करने को कहा है।

नगरपालिका आयुक्त ने कहा कि लखनऊ नगर निगम इन भिखारियों के लिए आश्रयगृहों में पानी, बिस्तर की चादर और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करेगा, जिसके लिए शायद सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता लेनी पड़ सकती है।