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अमरिंदर सिंह ले सकते हैं नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ बड़ा एक्शन

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चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। दोनों की तरफ से फिलहाल कोई सुलह की कोशिश नहीं की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अमरिंदर सिंह अब सिद्धू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। उन्होंने इसकी जानकारी कांग्रेस आलाकमान को दे दी है। सिद्धू ने अभी तक अपने नए मंत्रालय का काम नहीं संभाला है। उन्हें बिजली मंत्री बनाया गया है। पहले उनके पास स्थानीय निकाय मंत्रालय था।

गौरतलब है कि कांग्रसे हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को जल्द से जल्द बिजली मंत्रालय संभालने को कहा था। लेकिन 22 दिन के बाद भी उन्होंने मंत्रालय नहीं संभाला है। वो दफ्तर नहीं आ रहे हैं। सिद्धू की गैरहाजिरी की वजह से अमरिंदर सिंह ने पिछले दिनों खुद ही बिजली विभाग की बैठक ली थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के साथ विवाद पर कांग्रेस के सीनियर नेता अहमद पटेल से मुलाकात की है।

सीएम अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को हाल में संपंन्न लोकसभा चुनाव में हार के लिए जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा कि लोकसभा की 13 सीटों में जिन पांच सीटों पर कांग्रेस हारी है। उसके लिए सिद्धू के शहरी निकाय मंत्रालय का खराब कामकाज जिम्मेदार है। जबकि सिद्धू ने हार को सामूहिक जिम्मेदारी कहा था। उन्होंने कहा था कि पंजाब में पूरी पार्टी हार के लिए जिम्मेदार है और सिर्फ उन्हें ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से 8 सीटों पर कांग्रेस, 4 पर अकाली-भाजपा (दोनों को दो-दो सीटें) और एक सीट आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की थी।

हालांकि सिद्धू ने हाल ही में एक फेसबुक लाइव कर कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के साथ गिले-शिकवे दूर किए थे। उन्होंने कहा था कि पंजाब सरकार में कई मंत्री हैं, लेकिन उंगली सिर्फ उन पर ही क्‍यों उठाई जा रही है। सिद्धू ने कैप्‍टन को अपना बड़ा भाई बताया और उनसे अपनी गलती पूछी। इस लाइल में उन्होंने आगे कहा कि सरकार में कई मंत्री और कई विभाग हैं, लेकिन उंगली सिर्फ मुझ पर उठ रही है। मैंने कभी किसी पर उंगली नहीं उठाई। मैंने कभी किसी का नाम लेकर सवाल नहीं उठाए। मैंने उफ्फ तक नहीं की लेकिन बोलने वाले वही 6-7 लोग होते हैं और कहते हैं कि सिद्धू कौन है? फिर भी सीएम कैप्टन जो फैसला लेना चाहें, उनकी मर्जी है लेकिन मेरी गलती भी बताएं। कैप्टन साहब मेरे बड़े भाई हैं और वो मेरे सिर पर ही पैर रख रहे हैं।

सुषमा स्वराज ने खाली कर दिया सरकारी आवास

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नई दिल्ली – पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 8, सफदरजंग लेन स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है। सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुए लिखा कि मैंने अपना सरकारी आवास 8, सफदरजंग लेन, नई दिल्ली खाली कर दिया है। कृपया ध्यान दें कि पहले के पते और फोन नंबर पर अब मुझसे संपर्क नहीं हो सकेगा। लंबे समय तक भाजपा का सबसे प्रमुख महिला चेहरा रहीं स्वराज हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव नहीं लड़ी थीं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने 303 सीटें जीती हैं।

पिछले साल नवंबर में, उन्होंने घोषणा की थी कि वह 2019 का आम चुनाव नहीं लड़ेंगी। नियमानुसार, पूर्व सांसदों को पिछले लोकसभा के भंग होने के एक महीने के भीतर अपने संबंधित आवास खाली करने होते हैं। बता दें कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर के माध्यम से मुश्किल में फंसे कई भारतीयों की मदद की थी। अब उनके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर भी उसी राह पर चल रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में विदेश में बसे कई भारतीयों की मदद मांगने के लिए किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी थी।

सुषमा स्वराज अपने पीछे विदेश मंत्री तक सुगम पहुंच की विरासत छोड़ गईं हैं जो विदेश में फंसे भारतीयों की ट्विटर के जरिये शिकायत मिलने पर भी मदद करती थीं। उनकी तरह ही विजयशंकर ने भी कई ट्विटर यूजर्स के सवालों और शिकायतों का जवाब दिया। उन्होंने अपने पहले आधिकारिक ट्वीट में कहा था कि उन्हें स्वराज के ‘नक्शे कदम पर चलकर गर्व होगा।’

अब चंद्राबाबू नायडू का घर गिरायेंगे जगनमोहन रेड्डी

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अमरावती – आंध्र प्रदेश सरकार की योजना के मद्देनजर संबंधित प्राधिकरण के अधिकारियोंने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री एन। चंद्रबाबू नायडू के ‘अवैध’ घर के बाहर उसे तोड़ने का नोटिस चिपकाया है। नायडू के आवास से सटे सरकारी भवन प्रजा वेदिका के गिराने की प्रक्रिया को पूरा करने के एक दिन बाद राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) ने कृष्णा नदी के किनारे बसे नायडू के घर के मुख्य द्वार पर नोटिस चिपका दिया।

यह नोटिस लिंगमनेनी रमेश के नाम पर दिया गया है। उनसे 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नायडू ने लीज पर घर लिया था। सीआरडीए के अनुसार, यह घर नदी संरक्षण अधिनियम और अन्य नियमों और विनियमों का उल्लंघन करते हुए नदी से 100 मीटर के अंदर बनाया गया है।
राज्य की राजधानी अमरावती में निर्माण से संबंधित सरकारी एजेंसी ने रमेश से आठ दिनों में उल्लंघन पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर नोटिस में उन्हें कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नायडू के घर के बाहर लगाए गए नोटिस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए टीडीपी के वरिष्ठ नेता वाई। रामकृष्णुडु ने इसे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार का बदला कहा है।

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह नोटिस कैसे भेजा जा सकता है जब स्थानीय विधायक ए। रामाकृष्णा रेड्डी की एक कथित अनधिकृत याचिका पहले से ही आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

विश्व कप भारत को हराने वाली टीम जीतेगी : वॉन

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मैनचेस्टर – इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भारतीय क्रिकेट टीम की प्रशंसा करते हुए कहा है कि जो भी टीम मौजूदा विश्व कप में भारत को हराने में कामयाब हो पाएगी वो प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम करेगी। वॉन ने गुरुवार को ट्वीट किया, “मैं इस बात पर टिका रहूंगा।। जो भारत को हराएगा वो टीम विश्व कप जीतेगा।”

भारतीय टीम टूर्नामेंट में अबतक अजेय है। दो बार की चैम्पियन ऐसा करने वाली एकलौती टीम है। गुरुवार को हुए एकतरफा मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को 125 रनों से करारी शिकस्त दी।

भारत फिलहाल, छह मैचों में पाचं जीत दर्ज करके 11 अंकों के साथ तालिका में दूसरे पायदान पर काबिज है।
इस बीच, सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने भी ट्वीट करके भारतीय टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “इसी तरह से प्रदर्शन का स्तर ऊंचा करते रहा। बहुत बढ़िया।”

सुरेश रैना ने कहा, “ऐसा कहा जाता है कि एक सफल टीम का संतुलित होती और उसमें सभी एक-दूसरे की मदद करते हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भारतीय टीम ने 30 रन कम बनाए हैं, लेकिन गेंदबाजों ने जिम्मेदारी ली। खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। बहुत बढ़िया युजवेंद्र चहल।”

‘अज्ञातवास’ में चले गए तेजस्वी यादव

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पटना – चुनाव में पराजय के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ‘अज्ञातवास’ में चले गए हैं। राजद की हार की समीक्षा बैठक के बाद 29 मई से ही तेजस्वी ‘गायब’ हैं।

तेजस्वी के ‘गायब’ होने के बाद न केवल उनके विरोधी उनपर निशाना साध रहे हैं, बल्कि राजद के नेता और उनके सहयोगी भी इसका जवाब देने में असमर्थ हैं।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आमतौर पर लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय रहने वाले तेजस्वी ने चमकी बुखार से राज्य के उत्तरी हिस्से में 160 बच्चों की मौत के बाद ट्वीटर पर भी संवेदना के दो शब्द नहीं लिख पाए हैं।

तेजस्वी के ट्विटर अकाउंट पर गौर किया जाए तो उनका आखिरी ट्वीट 11 जून का है, जिसमें उन्होंने अपने पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थी।

सवाल उठ रहा है कि आखिर तेजस्वी यादव विपक्ष की भूमिका क्यों नहीं निभा रहे हैं? मुजफ्फरपुर व इसके आसपास के जिलों में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। लेकिन इतने बड़े मुद्दे पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की चुप्पी लोगों को खल रही है। स्थिति यह है कि पिछले दिनों मुजफ्फरपुर के कई स्थानों पर पोस्टर लगाकर तेजस्वी यादव के बारे में जानकारी देने वाले को 5,100 रुपये इनाम देने की घोषणा की गई थी।

गौरतलब है कि वर्तमान समय में बिहार की राजनीति में तेजस्वी विपक्ष के चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। तेजस्वी यादव को उनके समर्थक बिहार का भावी मुख्यमंत्री कहते हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भी सूबे में वह विपक्ष का चेहरा रह चुके हैं। इधर, शुक्रवार को विधानमंडल का मॉनसून सत्र भी प्रारंभ हो गया है। लेकिन तेजस्वी नदारद हैं।

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और तेजस्वी की मां राबड़ी देवी से जब इस संबंध में पूछा गया तो वह भड़क गईं और पत्रकारों से कहा, “तेजस्वी आपके ही घर में हैं।” परंतु बाद में उन्होंने संभलते हुए कहा, “तेजस्वी जी जल्द ही आएंगे, वह किसी काम में व्यस्त हैं। वह बेकार नहीं बैठे हैं।”

राजद विधायक भाई वीरेंद्र कहते हैं कि राजद नेतृत्वविहीन नहीं है। राजद में कई नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही तेजस्वी वापस लौटेंगे। बिहार के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक समीक्षक सुरेंद्र किशोर कहते हैं, “विपक्ष लोकसभा चुनाव में मिली हार के सदमे से अब तक उबर नहीं पाया है। यह लोकतंत्र की गलत परंपरा है और यह तभी पनपती है, जब राजनीति में या किसी पार्टी में परिवारवाद हावी होता है।”

उन्होंने आगे जोड़ा कि “राजद पूर्णरूप से निजी पार्टी बनकर रह गई है, जिसमें तेजस्वी को नेता चुना गया है। तेजस्वी को किसी बात का डर नहीं है।” उन्होंने कांग्रेस का उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल गांधी आज अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की बात कह चुके हैं, परंतु उन्हें मनाने का दौर जारी है।

राजद की सहयोगी पार्टी कांग्रेस भी अब तेजस्वी के ‘गायब’ होने पर खुलकर नहीं बोल पा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि तेजस्वी कहां हैं, यह तो उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वह आएंगे, आप लोगों को बता देंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद्र मिश्रा हालांकि विपक्ष पर सवाल उठाए जाने को गलत मानते हैं। मिश्रा कहते हैं, “आजकल किसी भी बात में विपक्ष से सवाल किया जा रहा है। सवाल तो सरकार से पूछे जाने चाहिए थे, जो पूरी तरह एईएस को रोकने में नाकाम रही है।” उल्लेखनीय है कि तेजस्वी दो जून को उनकी पार्टी की ओर से आयोजित इफ्तार और लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन के मौके पर आयोजित समारोह में भी उपस्थित नहीं हुए थे।

हज पर अब जा सकेंगे हर साल दो लाख भारतीय !

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नई दिल्ली – जापान के ओसाका में चल रही जी20 शिखर बैठक में भारतीय मुसलमानों के लिए एक अच्‍छी खबर आई है। सऊदी अरब ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीयों के लिए हज कोटे में वृद्धि की है। इसके साथ ही अब 1,70,000 की जगह 2,00,000 लोग हर साल इस्लामिक तीर्थ स्थल मक्का जा सकेंगे। कोटे में 30,000 की बढ़ोतरी की गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंच मोदी ने अपने ”अमूल्य रणनीतिक साझेदार” के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर भी गहन चर्चा की।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं से कहा कि वली अहद ने प्रधानमंत्री मोदी से वादा किया है कि भारत का हज कोटा प्रति वर्ष 1,70,000 से बढ़ाकर 2,00,000 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ” यह महत्वपूर्ण है और यह कर लिया गया है।”

गोखले ने कहा कि दो लाख भारतीयों को अब हज जाने का मौका मिलेगा, जो (हज यात्रा) जल्द ही शुरू होने वाली है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने पर्यटन, विमान सेवाएं बढ़ाने पर भी चर्चा की और दोनों दोबारा मुलाकात करने को भी राजी हुए।

बता दें कि पाकिस्‍तान के मुकाबले भारत के हज कोटे में दोगुनी वृद्धि की गई है। पाकिस्‍तान का हज कोटा इस बार 184,210 से बढ़ाकर 2 लाख किया गया गया है।

यानि इस बार पाकिस्‍तान से 15,790 अधिक हज यात्री मक्‍का जाएंगे। वहीं भारतीय मुसलमानों के लिए कोटे में 30000 की वृद्धि की गई है। इस प्रकार इस साल से भारत और पाकिस्‍तान से बराबर हज यात्री मक्‍का मदीना जाएंगे।

3G सर्विस बंद करने वाली Airtel बनी पहली कंपनी

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भारतीय टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel अब 3G सर्विस शट डाउन करने की तैयारी में है। Airtel ने ऐलान किया है कि कोलकाता में कंपनी 3G नेटवर्क शट डाउन कर रही है। चूंकि कंपनी अब 4G पर फोकस कर रही है, इसलिए धीरे धीरे शायद दूसरी जगहों से भी 3G शटडाउन किया जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक अब शहर में हाई स्पीड 4G ब्रॉडबैंड मिलेगा। कंपनी ने 3G के लिए यूज किए जा रहे 900 MHz बैंड स्पेक्ट्रम को रिफ्रेम करके अपने 4G नेटवर्क को बेहतर कर रही है। Airtel 4G सर्विस के लिए स्टेट ऑफ द आर्ट L900 टेक्नॉलजी को 900MHz बैंड पर यूज कर रही है।

भारती एयरटेल के चीफ टेक्नॉलजी ऑफिसर ने कहा है, ‘हम भारत में अपने सभी 3G स्पेक्ट्रम को रिफ्रेम करने की प्लानिंग कर रहे हैं और इसे चरणबद्ध तरीके से 4G के लिए डिप्लॉय करेंगे। इसके अलावा इससे स्मार्टफोन इकोसिस्टम को भी फायदा मिलेगा जो अब 4G ऑनली डिवाइस की तरफ बढ़ रहा है’

Airtel कोलकाता में भले ही 3G सर्विस बंद कर रही है, लेकिन कंपनी 2G सर्विस जारी रखेगी। चूंकि फीचर फोन यूजर्स के पास 4G यूज करने का ऑप्शन ही नहीं है, इसलिए कंपनी उन कस्टमर्स के लिए 2G जारी रखना चाहती है। कंपनी ने सभी 3G कस्टमर्स को अपने हैंडसेट और सिम को अपग्रेड करने के लिए नोटिफिकेशन दिया है ताकि और 4G सर्विस का फायदा उठा सकें।

कोलकाता के एयरटेल के कुछ कस्टमर्स को इस खबर से परेशानी जरूर हो सकती है। क्योंकि कुछ साल पहले 3G हैंडसेट का क्रेज था और लोगों के पास अब भी 3G ऑनली स्मार्टफोन हैं। ऐसे में वो जाहिर है 3G यूज नहीं कर पाएंगे और उन्हें 2G से काम चलाना होगा। हालांकि 4G स्मार्टफोन अब अफोर्डेबल हो रहे हैं, इसलिए लोगों को 4G स्मार्टफोन में अपग्रेड करने में थोड़ी आसानी हो सकती है।

अगर हर काम में आ रही है अड़चन, तो श्रावण माह में करें ये उपाय

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जीवन में कई बार समस्याओं का सामना कभी ना कभी हर व्यक्ति को करना पड़ता है। समस्याएँ तो जीवन में आती रहती हैं लेकिन जब कोई समस्या नासूर बन जाए तब व्यक्ति काफी मानसिक दबाव में फंस जाता है। कुछ ऎसे व्यक्ति हैं जिन्हें समस्या तो आती है पर उसका समाधान भी शीघ्र हो जाता है लेकिन कुछ ऎसे व्यक्ति भी हैं जिन्हे बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
परेशानियों से निजात पाने के लिए सर्वोत्तम उपाय है भगवान शंकर के अर्द्धनारीश्वर स्वरुप की आराधना। शक्ति के बिना शिव ‘शव’ हैं, शिव और शक्ति एक दूसरे से उसी प्रकार अभिन्न हैं जिस प्रकार सूर्य और उसका प्रकाश। शिव में ‘ई’ कार ही शक्ति है। शिव से ‘ई’ कार निकल जाने पर शव ही रह जाता है।
शास्त्रों के अनुसार बिना शक्ति की अनुकम्पा से शिव का साक्षात्कार नहीं होता। शिव और शक्ति की संयुक्त कृपा प्राप्त करने के लिए शिव महापुराण में अर्द्धनारीश्वर स्तोत्र के पाठ का निर्देश किया गया है। इस स्तोत्र की रचना स्वयं भगवान ब्रह्मा ने की है। ब्रह्माजी द्वारा पठित यह पवित्र और उत्तम अर्द्धनारीश्वर स्तोत्र शिव तथा भगवती पार्वती के हर्ष को बढाने वाला है। शिव पुराण में कहा गया है की जो भी व्यक्ति श्रद्धापूर्वक इस स्तोत्र का पाठ भगवन शिव के प्रिय श्रावण मास में नित्य करता है वह शिव और पार्वती को प्रसन्न करने के कारण अपने अभीष्ट फल को प्राप्त कर लेता है।

स्तोत्र इस प्रकार है –

ब्रह्मोवाच –
जय देव महादेव जयेश्वर महेश्वर, जय सर्वगुण श्रेष्ठ जय सर्वसुराधिप
जय प्रकृतिकल्याणि जय प्रकृतिनायिके, जय प्रकृतिदूरे त्वं जय प्रकृतिसुन्दरि
जयामोघमहामाय जयामोघमनोरथ, जयामोघमहालील जयामोघमहाबल
जय विश्वजगन्मातर्जय विश्वजगन्मयि, जयविश्वजगद्धात्रि जय विश्वजगत्सखि
जय शाश्वतिकैश्वर्य जय शाश्वतिकालय , जय शाश्वतिकाकार जय शाश्वतिकानुग
जयात्मत्रयनिर्मात्रि जयात्मत्रयपालिनि , जयात्मत्रयसंहर्त्रि जयात्मत्रयनायिके
जयावलोकनायत्तजगत्कारणबृंहण , जयापेक्षाकटाक्षोत्थहुतभुग्भुक्तभौतिक
जय देवाद्यविज्ञेये स्वात्मसूक्ष्मदृशोज्ज्वले, जय स्थूलात्मशक्यत्येशे जय व्याप्तचराचरे
जय नानैकविन्यस्तविश्वतत्त्वसमुच्चय , जयासुरशिरोनिष्ठ श्रेष्ठानुगकदम्बक
जयोपाश्रितसंरक्षासंविधानपटीयसी, जयोन्मूलितसंसारविषवृक्षांकुरोद्गमे
जय प्रदेशिकैश्वर्यवीर्यशौर्य विजृम्भण, जय विश्ववहिर्भूत निरस्तपरवैभव
जय प्रणीतपञ्चार्थ प्रयोगपरमामृत, जय पञ्चार्थविज्ञानसुधास्तोत्रस्वरूपिणि
जयातिघोरसंसारमहारोग भिषग्वर, जयानादिमलाज्ञानतमः पटलचंद्रिके
जय त्रिपुरकालाग्ने जय त्रिपुरभैरवि, जय त्रिगुणनिर्मुक्त जय त्रिगुणमर्दिनि
जय प्रथमसर्वज्ञ जय सर्वप्रबोधिके, जय प्रचुर दिव्यांग जय प्रार्थितदायिनि
क्व देव ते परम् धाम क्व च तुच्छम् हि नो वचः, तथापि भगवन् भक्त्या प्रलपन्तं क्षमस्व माम्

ट्रंप हुए फेसबुक, गूगल और ट्विटर से नाराज

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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेसबुक, गूगल और ट्विटर जैसी कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी देते हुए कहा है कि ये कंपनियां रिपब्लिकंस के खिलाफ राजनीतिक पक्षपात कर रही हैं। वेराइटी की रिपोर्ट्स के अनुसार, फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को बुधवार को साक्षात्कार देते हुए ट्रंप ने प्रौद्योगिकी कंपनियों पर हमला करते हुए कहा कि वे सभी डेमोक्रेट समर्थक हैं और उनकी सेवाएं पूरी तरह डेमोक्रेट्स के पक्ष में रहती हैं।

ट्रंप ने कहा, “देखो, हमें गूगल, फेसबुक और उन सब पर मामला दर्ज करना चाहिए, जो शायद ठीक रहेगा, ठीक है?” उन्हें इस काम के लिए खास तौर पर ट्विटर का नाम लिया। उन्होंने कहा, “उन्होंने ट्विटर पर मेरे साथ जो किया, वह अविश्वसनिय है। मेरे करोड़ो फॉलोवर हैं, लेकिन मैं आपको बताऊंगा, उन्होंने लोगों का (ट्विटर पर) मुझसे जुड़ना बहुत कठिन कर दिया है और वे मेरे लिए कोई संदेश देना और मुश्किल करने जा रहे हैं।”

उन्होंने साक्षात्कार में गूगल पर हमला करते हुए कहा, “ट्विटर पर पक्षपात के लिए मामला दर्ज होना चाहिए। अब आप गूगल को देखें, रिपब्लिकंस के लिए नफरत।”

ममता की पेशकश कांग्रेस-लेफ्ट ने ठुकराई

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कोलकाता – कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) ने बीजेपी के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ने की अपील ठुकरा दी है। बंगाल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान ने कहा, “हम बीजेपी के खिलाफ लड़ने के लिए कर्तव्यबद्ध हैं लेकिन इसके लिए हमें तुम्हारी (टीएमसी की) मदद की जरूरत नहीं है।” मन्नान पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं।

टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए मन्नान ने कहा, “तुम उनसे (बीजेपी) कम नहीं हो। जो तुम बंगाल में कर रही हो, वही बीजेपी दिल्ली में कर रही है। दोनों पार्टियों के बीच कोई फर्क नहीं है।” 2016 विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने वाली सीपीआई-एम ने ममता बनर्जी पर साम्प्रदायिक राजनीति को बंगाल में दाखिल कराने का आरोप लगाया।

सीपीआई-एम विधायक सुजान चक्रवर्ती ने कहा, “बंगाल में बीजेपी के उभार के लिए कौन जिम्मेदार है? पहले लोगों के सामने वो अपनी गलती को स्वीकार करें, उसी के बाद हम विचार करेंगे कि हमें क्या करना चाहिए। वो अच्छी तरह समझ गई हैं कि उनकी पार्टी बची नहीं रहेगी। ऐसी पार्टी जिसके खुद के वजूद पर सवालिया निशान लगा हुआ हो, वो दूसरों से गठजोड़ की पेशकश कैसे कर सकती है। ये डूबता जहाज़ है।”

चक्रवर्ती ने दावा किया- “बंगाल में लेफ्ट के शासन के दौरान बीजेपी कभी सिर नहीं उठा सकी। यहां तक कि कांग्रेस के शासन में भी ऐसा ही हुआ। सिर्फ हम ही बीजेपी का प्रतिरोध कर सकते हैं क्योंकि ये साफ हो गया है कि बीजेपी को टीएमसी के शासन में ही बंगाल में फलने-फूलने का मौका मिला। चक्रवर्ती ने ये आरोप भी लगाया कि ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव से पहले फेडरल फ्रंट का राग इसलिए छेड़ा क्योंकि वो प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश पाले हुए थीं।

लेफ्ट और कांग्रेस के इस साझा हमले का जवाब टीएमसी की ओर से बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्था चटर्जी ने दिया। उन्होंने ममता बनर्जी के विधानसभा में दिए बयान को ही दोहराया- ” वो हमेशा कहती रही हैं कि साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ सभी को एकजुट होना चाहिए। लेकिन लोकसभा चुनाव में देखा कि तीनों पार्टियां यहां हमारे खिलाफ लड़ीं। बंगाल के लोग अब ये फैसला करेंगे कि क्या वो इस तरह के साम्प्रदायिक जहर को राज्य में चाहते हैं।