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मोदी के कार्यक्रम को कांग्रेस ने बताया दिखावा, ‘इस देश के सामान्य लोगों के लिए..’

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने केंद्र की मोदी सरकार की ‘होउडी मोदी’ कार्यक्रम को लेकर आलोचना की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका में होने जा रहे इवेंट ‘हाउडी मोदी’ को बाहरी दिखावे की संज्ञा दे दी। कहा जा रहा है कि इस कार्यक्रम में 50,000 भारतीय-अमेरिकी हिस्सा लेने वाले हैं। इस कार्यक्रम ‘हाउडी मोदी’ की घोषणा के एक दिन बाद ही पाकिस्तान के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक हुसैन हक्कानी ने एक बयान दिया.

इस बयान में उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए निश्चित ही निराशा की ख़बर है, जिनका सोचना था कि इमरान ख़ान की वाशिंगटन की हालिया यात्रा अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में एक बड़ी प्रगति को दर्शाती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कि यह इस साल होने वाली तीसरी मुलाकात होगी।इस ‘हाउडी मोदी’ इवेंट में होने वाली मुलाक़ात से पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जापान में जून में G-20 शिखर सम्मेलन के समय मुलाक़ात कर चुके हैं।

फ्रांस में जुलाई में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन के समय भी मोदी और ट्रम्प की मुलाक़ात हुई थी। एक तरफ़ पाकिस्तान अमेरिका में आयोजित होने वाले ‘हाउडी मोदी’ इवेंट की वजह से निराशा के सागर में गोते लगा रहा है तो वहीं दूसरी ओर देश में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका में आयोजित होने वाले ‘हाउडी मोदी’ इवेंट को प्रचार का तरीक़ा और बाहरी दिखावा बताया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का कहना है कि “इस देश के सामान्य लोगों के लिए ये दिखावा कोई मायने नहीं रखता। ऐसी चीज़ें प्रचार के लिए ठीक हैं।” वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा “यदि ‘हाउडी मोदी’ भारत के बाहर आयोजित हो रहा है तो इसे यहाँ भी आयोजित होने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के ग्रामीण इलाकों में जाना चाहिए।और इस तरह का इवेंट करना चाहिए। इससे लोग उन्हें बताएंगे कि वह किस तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

सोनाक्षी की इस बात से बॉलीवुड में हो सकता है बवाल

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Sonakshi Sinha

बॉलीवुड की दुनिया में आज सोनाक्षी सिन्हा का बहुत बड़ा नाम है| सोनाक्षी सिन्हा बॉलीवुड में दबंग गर्ल के नाम से भी जानी जाती है| ये टाइटल उन्हें उनकी फ़िल्म “दबंग” के कारण मिला। सलमान के साथ डेब्यू करने वाली सोनाक्षी न सिर्फ़ अपने काम और ख़ूबसूरती से बल्कि बेबाक़ी के कारण भी लोगों के बीच काफ़ी पसंद की जाती हैं। अपनी पहली फ़िल्म से ही उन्होंने अपनी ऐक्टिंग से सभी को अपना क़ायल बना लिया।

सोनाक्षी की दबंग एक्टिंग से उनके जितने फ़ैन्स बने हैं उतने ही ज़्यादा चाहने वाले उन्हें मिले हैं क्योंकि वो जैसी हैं ख़ुद को वैसी ही दिखाती हैं। चाहे सोशल मीडिया हो या इंटरव्यू सोनाक्षी सीधे-सीधे अपनी बात कह देती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में सोनाक्षी ने कहा कि “मैं अपने वास्तविक रूप में ही रहती हूँ मुझे ऐसे ही रहना पसंद है| बल्कि जो भी नामचीन लोग हैं उनके लिए जरुरी है कि वे अपने वास्तविक रूप को ही सामने रखे क्योकि लोग उन्हें पसंद करते हैं”

सोनाक्षी ने आगे कहा कि वह जब भी कहीं बाहर जाती हैं और लोगों से उनकी मुलाकात होती है, तब भी वो ख़ुद को बनावटी रूप में पेश नहीं करना चाहतीं उनका मानना है कि बनावटीपन किसी को भी कही नहीं ले जाता| सोनाक्षी का मानना है कि उनका वास्तविक रूप ही उनके और प्रशंसकों के बीच सीधा संबंध स्थापित करता है। सोनाक्षी ने ये बात कहते हुए कहा कि “मैं सोशल मीडिया या दूसरे तरीकों से फ़ैन्स से रूबरू होती रहती हूं तो मैं वास्तविक रहना ही पसंद करती हूं यहां तक कि जब में पोस्ट करती हूँ तो मै इसे खुद करना ही पसंद करती हूं|”

सोनाक्षी इसी बात को आगे कहती हैं कि “मुझे असल रहना पसंद है| वास्तविक बने रहना बेहद महत्वपूर्ण है खासकर तब जब आप लोगों को प्रभावित करने को स्थिति में हो| वास्तविकता को जीवित रखना बेहद महत्वपूर्ण है|” कहना ही होगा कि सोनाक्षी बिलकुल खरा सोना ही हैं।

सेहत का है ख़ज़ाना ये जादुई काला दाना, फ़ायदे जानकर रह जाएँगे है’रान

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kala jeera

हमारे आसपास न जाने ऐसी कितनी ही वस्तुएँ हैं जिनमें औषधीय गुण पाए जाते हैं। हमें जब तक उनके इन गुणों के बारे में नहीं पता होता हम उन्हें बेकार समझते हैं लेकिन उनके गुण पता चलते ही हमें समझ आता है कि क्यों हमारे बुज़ुर्ग उन वस्तुओं के इस्तेमाल के लिए ज़ोर दिया करते थे। आज हम आपको एक ऐसे चीज़ के बारे में बताने जा रहे हैं जो बहित ही गुणकारी है। ये चीज़ हैं काला ज़ीरा, इसे कई जगहों पर काली ज़िरी के नाम से भी जाना जाता है। ये हमारे आम जीरे से बिलकुल अलग होता है और इसमें छुपे हैं कई औषधीय गुण, तो चलिए आपको बताते हैं उन गुणों के बारे में।

इन दिनों इंसान फ़ैट की समस्या से आमतौर पर जूझता है फ़ैट यानी कई बीमारियों का आमंत्रण। अगर आप काले जीरे का लगातार तीन महीने तक सेवन करते हैं तो शरीर में जमा अनावश्यक फ़ैट कम होता है| यही नहीं इसके सेवन से शरीर में ऊर्जा का संचार बढता है| शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में भी काला ज़ीरा मददगार है।

काले जीरे में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते है जिससे शरीर में होने वालीं पाचन सम्बंधी समस्या, गैस्ट्रिक, पेट फूलना, पेट-दर्द, दस्त, पेट में कीड़े जैसी कई अन्य समस्याओं को दूर करता है| काले जीरे को थोडा सा भूनकर एक कपड़े में बांधकर सूँघने से अस्थमा, काली खांसी, सर्दी-जुखाम जैसी समस्याओं से आराम मिलता है|

यही नहीं काले जीरे के तेल से सिर में मालिश करने से माईग्रेन के दर्द से राहत मिलती है वहीं इसके तेल से कुल्ला करने से दांत का दर्द भी ख़त्म हो जाता है| काले जीरे में एंटी बेक्टीरियल गुण भी होते जिससे चोट या घाव पर इसका पाउडर लगाने से घाव आसानी से भर जाता है| लेकिन ध्यान रहे कि काला जीरा उन लोगो के लिए हानिकारक है, जिन्हें ज्यादा गर्मी लगती है, जिन्हें हाई ब्लडप्रेशर हो, इनके अलावा गर्भवती महिलाएं छोटे बच्चे को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह लेकर ही कारण चाहिए| हम ये भी बता दें कि काले जीरे की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे दिन में 3 ग्राम से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।

JNUSU में फिर लहराया वाम परचम; आईसी घोष, सतीश, साकेत और दानिश को मिली कामयाबी..

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जेएनयू के विद्यार्थियों अंशुमन दुबे और अमित कुमार द्विवेदी ने याचिकाएं दायर की थीं। जिस में याचिकाकर्ता की शिकायत थी कि विश्वविद्यालय के चुनाव समिति ने काउंसलर सीटों की संख्या 55 से घटाकर 46 कर दी है। याचिकाकर्ता ने कहा था कि यह लिंगदोह समिति की सिफ़ारिशों के ख़िलाफ़ है, जो प्रत्येक स्कूल या विभाग को छात्र संघ में अपना प्रतिनिधि भेजने की स्वीकृति देती है। इस याचिका के आधार पर जेएनयूएसयू के परिणाम घोषित करने पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी।

फिर दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेएनयू चुनाव समिति को अनुमति दी कि 6 सितंबर को हुए छात्र संघ चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए जाएं। और उसके बाद ही छात्र संघ चुनाव के परिणाम घोषित किए गए। साथ ही अदालत ने जेएनयू को लिंगदोह समिति की सिफ़ारिशों के अनुरूप चुनाव परिणाम को अधिसूचित करने की भी अनुमति दी। देर शाम तक चली मतगणना के बाद स्टूडेंट फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की आईशी घोष अध्यक्ष के रूप में चुनी गयीं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के मनीष जांगिड़ को 1,175 वोटों के अंतर से पराजित किया।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट फैडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फैडरेशन (डीएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फैडरेशन (एआईएसएफ), ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। चुनाव समिति की तरफ से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि छात्र संगठनों आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ, और डीएसएफ की लेफ्ट यूनिटी ने सभी 4 पदों- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पर जीत दर्ज की है। आइसा के सतीश चंद्र यादव महासचिव पद पर 2,518 मतों से जीते। तो डीएसएफ के साकेत मून ने उपाध्यक्ष पद पर अपना कब्ज़ा जमाया। उन्हें 3,365 वोट मिले। जबकि एआईएसएफ के मोहम्मद दानिश 3,295 वोट लेकर संयुक्त सचिव के पद पर आसीन हुए।

सोनिया गांधी के आते ही कांग्रेस में आयी नई जान, हरियाणा में हुआ ये..

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जब से सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद को एक बार फिर से संभाला है, तब से कांग्रेस पार्टी संभली हुई नज़र आने लगी है। शायद, यही कारण है कि एक समय कई कांग्रेस नेताओं द्वारा कांग्रेस पार्टी छोड़कर अन्य पार्टियों में शामिल होने की रोज़ की सुर्खियों की वजह से जिस कांग्रेस पार्टी को डूबते जहाज की संज्ञा दी जाने लगी थी। अब वो विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सम्भली हुई नज़र आने लगी है। और इसकी वजह ये है कि हरियाणा में कांग्रेस पार्टी में कई विधायक विश्वास जताते हुए कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए हैं।

जिससे पार्टी में उत्साह का माहौल एक बार फिर से लौट आया है। हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख अशोक अरोड़ा दो पूर्व विधायकों प्रदीप चौधरी और सुभाष गोयल के साथ रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। इनके अलावा, तीन बार के पूर्व सांसद और कलायत क्षेत्र से निर्दलीय विधायक जय प्रकाश भी कांग्रेस में शामिल हुए। इन नेताओं का कांग्रेस पार्टी में स्वागत करते हुए पार्टी महासचिव और हरियाणा प्रभारी ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि देश में आज क्षेत्रीय पार्टियां ख़ुद को उपेक्षित महसूस करने लगी हैं।

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि इन विधायकों ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का फ़ैसला इसलिए लिया क्योंकि सिर्फ़ कांग्रेस पार्टी ही राज्य और देश दोनों जगह बीजेपी को चुनौती दे सकती है।पार्टी महासचिव ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा,”कांग्रेस आज़ादी के समय से ही ऐसी ताक़तों से लड़ती रही है। साथ ही कांग्रेस पार्टी की राज्य प्रमुख कुमारी शैलजा ने कहा कि इन नेताओं के पार्टी में शामिल होने की वजह यह है कि इन्हें कांग्रेस पार्टी और इसके नेतृत्व पर भरोसा है।

कांग्रेस में इन नेताओं के शामिल होने पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि नए लोगों के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस पार्टी की स्तिथि मजबूत होगी। कांग्रेस अध्यक्ष पद की बागडोर संभालने वाली सोनिया गांधी के लिए ये एक अच्छी ख़बर है कि लोगों का और नेताओं का भरोसा कांग्रेस पार्टी में बढ़ने लगा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के बारे में कह दी ये बात, इन ख़बरों को बताया झूठ

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यूं तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा में बने ही रहते हैं। और ख़ुद को सोशल मीडिया के ज़रिए देश और दुनिया से जोड़े रखते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर बहुत देखा जा रहा है। जिसमें उन्होंने ईरान के नेता हसन रूहानी के साथ बिना शर्त मुलाक़ात की ख़बर को पूरी तरह से गलत बताया है।

गौरतलब है, कि 10 सितंबर को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने संवाददाता सम्मेलन में बताया था। कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नेता हसन रूहानी के बीच न्यूयार्क में मुलाक़ात की संभावना जताई जा रही थी। और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बिना किसी पूर्व शर्त के मुलाक़ात के लिए तैयार थे। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट करके इस तरह की किसी भी संभावना को सिरे से ख़ारिज कर दिया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके कहा है कि “एक झूठी ख़बर के मुताबिक मैं, ईरान के साथ बिना किसी शर्त के मुलाक़ात के लिए तैयार हूँ। यह बयान पूरी तरह से ग़लत है। इससे पहले 4 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था। कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 47वें सत्र के दौरान ईरान के नेता हसन रूहानी के साथ किसी मुलाक़ात की संभावनाओं से इनकार नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच मुलाक़ात होने के क़यास लगाए जा रहे थे। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सारी स्थिति अपने इस ट्वीट के ज़रिए बिल्कुल साफ़ कर दी है। जहाँ उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच बिना शर्त मुलाक़ात की बात को पूरी तरह से ग़लत और झूठा बताया है।

स्विमिंग कोच ने की नाबालिग़ लड़की से छेड़छाड़, वायरल हुआ वीडियो तो..

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पूरे देश में छेड़खानी की घटनाएं रुकने का नाम ही नहीं ले रही हैं। कभी सड़कों पर तो कभी बड़े-बड़े संस्थानों में ऐसी घटनाएं देखने में आ रही हैं। सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसे देखकर स्विमिंग में देश के लिए पदक लाने के लिए कड़ा प्रशिक्षण ले रही देश की बेटियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया था। इस वायरल वीडियो में एसएफआई का एक कोच एक लड़की से छेड़छाड़ करते हुए दिखाई दे रहा था।

कहा जा रहा है इस आरोपी कोच ने स्विमिंग प्रतियोगिताओं में 12 पदक जीते थे। इस वायरल वीडियो के बारे में एसएफआई के अध्यक्ष दिगंबर कामत ने इसकी पुष्टि भी की और कहा था की ट्विटर पर वीडियो की जानकारी होते ही कोच को बर्खास्त कर दिया गया है। एसएफआई के अध्यक्ष दिगंबर कामत ने कहा कि हमने वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की है। और अब खेल मंत्री किरण रिजिजू ने भी इसका संज्ञान लेते हुए एक बड़ा बयान दिया है।

खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया है कि “मैंने घटना के बारे में पूरी जानकारी ली है। गोवा स्विमिंग एसोसिएशन ने आरोपी कोच सुरजीत गांगुली के अनुबंध को समाप्त कर दिया है। मैं स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया एसएफआई से सुनिश्चित करने के लिए कह रहा हूं कि इस कोच को पूरे भारत में कहीं भी नौकरी ना दी जाए। और यह सभी फेडरेशन पर लागू होता है खेल मंत्री के इस ट्वीट ने सभी संस्थाओं को चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट एक कड़ा संदेश दिया है। की यौन शोषण की किसी भी तरह की घटना को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खिलाड़ियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

BHU में हुई छात्रों की ‘जीत’, कुल्पति से वार्ता के बाद लिया ये फ़ैसला

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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय आजकल ख़बरों में बना हुआ है। कारण है विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर लगा छेड़खानी का आरोप, प्रोफेसर की विश्वविद्यालय में पुनः नियुक्ति के बाद छात्र छात्राएं भड़क उठे थे। और नाराज़ होकर धरने पर बैठ गए। और आरोपी प्रोफेसर को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे। तो वहीं, दूसरी ओर बीएचयू प्रशासन ने एक प्रेस नोट जारी किया है।

जिसके अनुसार पहले जंतु विभाग की कुछ छात्राओं द्वारा प्रोफेसर पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों की विश्वविद्यालय द्वारा जांच की गई थी। और जांच समिति की रिपोर्ट पर विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद द्वारा विचार किए जाने के बाद आरोपी प्रोफेसर को “सेंसर” करने की सज़ा दी गई थी। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में इस प्रकार की सभी गतिविधियों के दायित्वों से मुक्त रखने का आदेश भी दिया गया है।

नीतीश कुमार पर राम विलास पासवान ने दिया चौंकाने वाला बयान

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Ram Vilas Paswan- NItish Kumar

अगले साल बिहार में होने विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों में तैयारी शुरू हो चुकी है| बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही केन्द्रीय खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने एक चर्चित अख़बार को दिए इन्टरव्यू में विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया| उन्होंने इन्टरव्यू में कहा कि जब तक बीजेपी चुनावी मैदान में कोई नया कप्तान नहीं उतारती है तब तक नितीश कुमार ही NDA का चेहरा बने रहेंगे।

आगे उन्होंने कहा कि नितीश कुमार ही हमारे कप्तान है और आगे भी रहेंगे| चुनाव से पहले ही रामविलास पासवान का ये बयान बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है| हाल ही में बीजेपी पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा था की पार्टी बिहार के विधानसभा चुनाव में किसी नए चेहरे को गठबंधन का उम्मीदवार बनाने पर विचार कर सकती है, लेकिन बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने इस तरह की बातो से इंकार किया है|

पटना के पत्रकारों से बातचीत में इस बात पर पासवान ने कहा कि पार्टी के नेताओ से उनकी बातचीत होती रहती है और कुछ पार्टी नेताओं के कहने से कोई बात पार्टी की लाइन नहीं बन जाती, नितीश कुमार जी को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है| 2019 के लोकसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी ने अपनी सभी 6 सीटो पर जीत हासिल की थी| इस कारण से पार्टी विधानसभा चुनाव में और भी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है|बता दें कि बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी के पास दो विधायक हैं और बीजेपी के पास 52 वहीं जेडीयू के पास इस समय 67 विधायक हैं|

मोदी सरकार के मंत्री पर बरसीं प्रियंका, नौजवानों ने की तारीफ़

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Priynaka Gandhi

प्रियंका गाँधी अक्सर कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को गघेरती हैं। हाल ही में केंद्र सरकार के एक मंत्री ने प्रियंका को इसकी वजह भी दे दी। संतोष गंगवार ने एक आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और अन्य कई योजनाओ से सरकार ने छोटे व्यापारियों को बड़ा उद्धमी बनाने की कोशिश की है जिससे देश में रोजगार के अवसर पैदा हुए है लेकिन रोजगार के लिए उत्तर भारत के लोगो में योग्यता की कमी है| अपनी बात को आगे कहते हुए उन्होंने कहा कि कई ऐसे भर्ती करने वाले हैं जिनसे बात करने के दौरान मुझे पता चला कि उत्तर भारत के लोग जिस काम को करना चाहते हैं उसमें उनकी योग्यता ही नहीं होती।

संतोष गंगवार अपने इस बयान की वजह से सोशल मीडिया में ट्रोल हो रहे हैं। यही नहीं कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की और उन पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया और लिखा कि “आपकी सरकार को पांच साल से ज्यादा हो गये है| नई नौकरियाँ पैदा ही नहीं हुई और जो नौकरियाँ थी वो भी सरकार द्वारा लाई गई आर्थिक मंदी के कारण छिन ली गयी है| नौजवान सरकार के कुछ अच्छा करने का रास्ता देख रही है| आप उत्तर भारतीयों का अपमान करके बच निकलना चाहते है। ये नहीं चलेगा|”

प्रियंका गांधी के इस ट्वीट को लोगों ने सराहा। उनके साथ- साथ पंकज शंकर ने भी मोदी सरकार से नाराजगी जाहिर करते हुए ट्वीट करके कहा कि “वो नौजवान जिसने साहेब को बहुमत दिलाया वही नौजवान आज नाक़ाबिल हो गये है| इसका यही मतलब है काम हो गया तो अब पहचानते नहीं”। संतोष गंगवार अपने बयान में ख़ुद ही फँसते नज़र आ रहे हैं।