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मुंबई में उत्तराखंडी राजनीतिक हस्तियों का भव्य सम्मान समारोह संपन्न

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मुंबई : मुंबई में उत्तराखंड समुदाय की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्था गढ़वाल भ्रातृ मंडल (स्थापना 1928, लगभग 98 वर्ष पुरानी) ने अंधेरी के रिक्रिएशन क्लब में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुंबई की राजनीति में सक्रिय उत्तराखंड मूल के प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिसमें मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नवनिर्वाचित पहली उत्तराखंडी नगर सेविका  लोना राजेंद्र सिंह रावत प्रमुख रहीं।

लोना रावत ने उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट (शिवसेना-UBT) के टिकट पर वार्ड 73 (अंधेरी क्षेत्र) से हाल ही में हुए BMC चुनावों में जीत हासिल की है, जो मुंबई की राजनीति में उत्तराखंड समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

सम्मानित अन्य प्रमुख राजनीतिक प्रहरियों में शामिल थे:

  • मोहन काला, जो उत्तराखंड की श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं।
  •  अमन बर्थवाल, ठाणे जिले में कांग्रेस के टिकट पर निकाय चुनाव लड़ चुके।
  • ललिता विनोद सिंह बिष्ट, भायंदर क्षेत्र से एनसीपी के टिकट पर निकाय चुनाव में भाग ले चुकीं।
  •  विनोद नेगी, जिन्होंने 50 वर्ष पूर्व कांग्रेस की राजनीति से शुरुआत की और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं।
  • एडवोकेट आशुतोष रतूड़ी, उत्तर मुंबई BJP युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष।

समारोह में बड़ी संख्या में मुंबई के प्रबुद्ध उत्तराखंडी समाज के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें श्री पंकज मठपाल, धर्मानंद रतूड़ी महराज, ललित बिष्ट,  शंभू शरण रतूड़ी, मोहन बिष्ट, आचार्य जयानंद सेमवाल,  मनोज भट्ट, प्रवीण ठाकुर, सरुप पोखरियाल, बुद्धि प्रसाद देवली, त्रिलोक चंद सनवाल, राकेश खंकरियाल जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में गढ़वाल भ्रातृ मंडल के सक्रिय सदस्यों जैसे गणेश नौटियाल, किर्तिकेय सिंह रावत, विनोद भारद्वाज, वीरेंद्र गुसाईं, रमेश बलोदी, राम सिंह घटाल, पुष्पा बिष्ट, गोपाल नयाल, श्रीमती माया जोशी,  राधा बंगारी, प्रदीप नौटियाल, आयुष कंडारी, सुश्री देविका नेगी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समारोह की शुरुआत में गढ़वाल भ्रातृ मंडल के अध्यक्ष  रमण मोहन कुकरेती ने संस्था की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों और सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन  सुरेंद्र भट्ट ने किया, जबकि सम्मान समारोह का संचालन डॉ. राजेश्वर उनियाल ने कुशलतापूर्वक किया। मंडल के महासचिव श्री मनोज द्विवेदी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की अपार सफलता पर प्रसन्नता जताई।

यह समारोह उत्तराखंड समुदाय की मुंबई में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक रहा, जहां संस्था ने राजनीतिक क्षेत्र में योगदान देने वाले सदस्यों को प्रोत्साहित किया। गढ़वाल भ्रातृ मंडल निरंतर उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और समुदाय की जनसरोकारों के लिए कार्यरत है।

टिहरी झील महोत्सव का भव्य शुभारंभ : सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कोटी कॉलोनी में किया उद्घाटन

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टिहरी : उत्तराखंड के पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाले चार दिवसीय हिमालयन – टिहरी झील महोत्सव 2026 का आज कोटी कॉलोनी, न्यू टिहरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। 6 से 9 मार्च तक चलने वाले इस फेस्टिवल में साहसिक खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और प्रतियोगिताओं का अनोखा संगम होगा, जिससे टिहरी जिले को प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और टिहरी जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य टिहरी झील को एडवेंचर और कल्चरल हब के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री धामी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह फेस्टिवल देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, साहसिक गतिविधियों और लोक संस्कृति को दुनिया के सामने लाएगा। उन्होंने पर्यटन से जुड़े स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसे आयोजन राज्य को साल भर पर्यटकों का केंद्र बनाने में मदद करेंगे।

रोमांचक गतिविधियां और प्रतियोगिताएं

फेस्टिवल के दौरान टिहरी झील और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग जैसी साहसिक गतिविधियां होंगी। साथ ही योग, पैराग्लाइडिंग और अन्य वॉटर स्पोर्ट्स भी आयोजित किए जाएंगे। सांस्कृतिक पक्ष मजबूत रखते हुए लोक नृत्य, फैशन शो (पारंपरिक वेशभूषा पर आधारित), मास्टर शेफ प्रतियोगिता, फोटोग्राफी, पेंटिंग, सोशल मीडिया रील, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एंड मिस टिहरी, रैप सिंगिंग और अन्य प्रतियोगिताएं होंगी।

पुरस्कार राशि आकर्षक

प्रतियोगिताओं में विजेताओं को भारी पुरस्कार मिलेंगे। प्रथम स्थान पर 1 लाख रुपये तक, द्वितीय पर 50 हजार रुपये, तृतीय पर 25 हजार रुपये और 10 सांत्वना पुरस्कार 5-5 हजार रुपये के दिए जाएंगे। कुल पुरस्कार राशि लाखों में होगी, जो प्रतिभागियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन है। फेस्टिवल में लोक बैंड पांडवास और प्रसिद्ध संगीतकार-गायक अमित त्रिवेदी के परफॉर्मेंस से शामें रंगीन होंगी। फूड फेस्टिवल में स्थानीय पहाड़ी व्यंजन उपलब्ध होंगे, जबकि विभिन्न स्थानों पर छूट के साथ होटल, होमस्टे और वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं भी मिलेंगी। टिहरी जिला मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने बताया कि यह महोत्सव जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर फैला होगा और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करेगा। प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के लिए पूरी तैयारी की है।

उत्तराखंड में हिंसक झड़प: दो समुदायों के बीच पथराव-फायरिंग के आरोप, कई घायल

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रुद्रपुर के भूतबंगला इलाके में गुरुवार रात होली के कार्यक्रम के दौरान दो समुदायों के बीच छोटा-सा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मामला मारपीट, पथराव और फायरिंग के आरोपों तक पहुंच गया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर स्थिति नियंत्रित की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

घटना की शुरुआत तब हुई जब मोहल्ले में होली खेल रहे लोगों के बीच एक ई-रिक्शा चालक युवक बार-बार चक्कर लगा रहा था। स्थानीय निवासियों ने उसे रोकने की कोशिश की, जिस पर युवक ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और चला गया। कुछ देर बाद वह अपने साथियों के साथ लौटा और मौके पर मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए, जिसमें लाठियां-डंडे चले और जमकर ईंट-पत्थर बरसाए गए। कुछ लोगों ने फायरिंग होने का आरोप भी लगाया है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

झड़प में दोनों तरफ से कुल मिलाकर 6-7 लोग घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

एक पक्ष ने रम्पुरा चौकी पहुंचकर तहरीर दी है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। एक पीड़ित महिला ने एक पुलिसकर्मी पर भी पिटाई का आरोप लगाया है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

रुद्रपुर एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया, “दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया। फिलहाल शांति व्यवस्था पूरी तरह बहाल है। दोनों पक्षों से प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट असम में दुर्घटनाग्रस्त, दोनों पायलट शहीद

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नई दिल्ली:  असम के कार्बी आंगलोंग जिले में गुरुवार रात भारतीय वायुसेना (IAF) का एक सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट ट्रेनिंग मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई है। भारतीय वायुसेना ने आज इसकी पुष्टि की है।

वायुसेना के अनुसार, विमान जोरहाट एयर बेस से उड़ान भरकर रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था। शाम करीब 7 बजकर 42 मिनट पर रडार संपर्क टूट गया था। विमान जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के पहाड़ी इलाके में क्रैश हो गया। स्थानीय लोगों ने जोरदार धमाके और विस्फोट की आवाज सुनने की सूचना दी थी।

शहीद पायलटों के नाम

भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में बताया कि स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर को क्रैश में जानलेवा चोटें आईं, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। वायुसेना ने लिखा, “IAF स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता है। सभी कर्मचारी इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े हैं और उन्हें गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”

खोज अभियान और जांच

हादसे के तुरंत बाद वायुसेना ने सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। मलबे की तलाश में टीमों ने रात भर काम किया और आज सुबह तक दोनों पायलटों के शव बरामद कर लिए गए। विमान के क्रैश का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। वायुसेना ने एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर हादसे की जांच शुरू कर दी है, जिसमें तकनीकी खराबी, मौसम या अन्य कारकों की जांच की जाएगी।

T-20 विश्वकप के फाइनल में पहुंचा भारत, इंग्लैंड को 7 रन से हराया, न्यूजीलैंड से होगी खिताबी भिड़ंत

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भारत ने T20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में 7 रनों से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब खिताबी मुकाबले में भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया दूसरा सेमीफाइनल हाई-स्कोरिंग और दिलचस्प रहा। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 253 रन बनाए।

संजू सैमसन की शानदार पारी भारतीय पारी की सबसे बड़ी ताकत रहे विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन, जिन्होंने 42 गेंदों पर 89 रनों की विस्फोटक पारी खेली। सैमसन की इस पारी में कई बड़े शॉट्स शामिल थे, जिसने भारत को बड़ा स्कोर दिया। अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे टीम 250 के पार पहुंच सकी।

इंग्लैंड की जबरदस्त कोशिश, लेकिन 7 रन से हार

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने आक्रामक शुरुआत की। जैकब बेथेल ने शानदार शतक (105 रन) लगाया, जो मैच में सबसे बड़ी पारी रही। बेथेल के अलावा विल जैक्स और अन्य बल्लेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने कमाल दिखाया।

जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की मौत के ओवरों में शानदार गेंदबाजी से इंग्लैंड 20 ओवरों में 7 विकेट पर 246 रन ही बना सकी। भारत ने इस तरह 7 रनों से जीत दर्ज की। प्लेयर ऑफ द मैच संजू सैमसन को उनकी उम्दा पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

अब फाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ंत

पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच खिताबी मुकाबला 8 मार्च 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा।

भारत लगातार दूसरी बार T20 विश्व कप फाइनल में पहुंचा है और टीम डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर खिताब बरकरार रखने की प्रबल दावेदार बनी हुई है। फाइनल में भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और न्यूजीलैंड की मजबूत टीम के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक ऐतिहासिक मुकाबला साबित होगा। पूरी दुनिया की नजरें अब 8 मार्च पर टिकी हुई हैं!

उत्तराखंड : 234 प्रवक्ताओं की AIIMS कर रहा जांच, नौकरी पर मंडराया ख़तरा

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देहरादून: उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने राज्य गठन के बाद दिव्यांग आरक्षण कोटे से नियुक्त सभी 234 प्रवक्ताओं की दिव्यांगता की जांच शुरू करने का फैसला किया है। यह जांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के विशेष मेडिकल बोर्ड द्वारा की जाएगी, जिसकी शुरुआत रविवार 7 मार्च 2026 से हो रही है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि राज्य गठन के बाद से अब तक दिव्यांग कोटे में भर्ती हुए प्रवक्ता संवर्ग के हर शिक्षक का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।

जांच सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक एम्स ऋषिकेश में होगी। पहले चरण में 7 मार्च को 50 प्रवक्ताओं की जांच होगी, जबकि शेष शिक्षकों की जांच 12 मार्च, 14 मार्च, 28 मार्च और 2 अप्रैल 2026 को क्रमवार पूरी की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी 13 जिलों, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, चंपावत से दिव्यांग कोटे में नियुक्त प्रवक्ताओं की सूची तैयार कर मुख्य शिक्षा अधिकारियों को भेज दी है। इन शिक्षकों को अपनी निर्धारित तारीख पर एम्स पहुंचना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ एकतरफा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड (उत्तराखंड) ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि कई अपात्र लोग फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र, खासकर दृष्टिबाधित श्रेणी में बनवाकर दिव्यांग कोटे का लाभ उठाकर सरकारी नौकरी हासिल कर रहे हैं, जिससे वास्तविक दिव्यांग अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2022 में राज्य मेडिकल बोर्ड ने कुछ प्रमाणपत्रों की जांच की थी, जिसमें कई फर्जी पाए गए थे। इसके बाद हाईकोर्ट और न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने 22 नवंबर 2025 को सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

कोर्ट के आदेश पर अब एम्स ऋषिकेश में न्यूरोसर्जन और स्वास्थ्य विभाग के अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम यह जांच कर रही है। स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा ने भी जांच की पुष्टि की है। शिक्षा विभाग का यह कदम फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने और आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच के नतीजों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई होने की संभावना है।

उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 जारी, GSDP में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि

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उत्तराखंड की आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट नौ मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में सदन के पटल पर रखी जाएगी। इससे पहले नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर रिपोर्ट की मुख्य विशेषताओं और आंकड़ों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति का आकलन करती है, बल्कि वित्त विभाग के लिए एक दिशा-निर्देशक दस्तावेज भी है, जो आगामी बजट में किन क्षेत्रों पर फोकस करना चाहिए, इसकी रणनीति तय करने में मदद करती है।

इस बार रिपोर्ट तैयार करने में पहली बार नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च की विशेषज्ञ सहायता ली गई है, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्लेषण में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 की तुलना में 2025 में उत्तराखंड की नॉमिनल जीएसडीपी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।

प्रति व्यक्ति आय 2022 में 1.94 लाख रुपये से बढ़कर 2025 में 2,73,921 रुपये पहुंच गई है। अगले वर्ष के लिए 8.2 प्रतिशत की विकास दर का अनुमान लगाया गया है। गरीबी सूचकांक 2022 के 9.70 से घटकर 2025 में 6.92 पर आ गया है, जबकि ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स 0.718 से बढ़कर 0.722 हो गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट भी 60.1 से बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गया है।

उद्योग और रोजगार क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। एमएसएमई की संख्या 2022 में 59,798 से बढ़कर 2025 में 79,394 हो गई, जिससे रोजगार 3.44 लाख से बढ़कर 4.57 लाख हो गया है। लार्ज इंडस्ट्री की संख्या 107 से बढ़कर 128 हुई है। स्टार्टअप की संख्या 702 से बढ़कर 1,750 हो गई है। बिजली उत्पादन में भी बड़ा उछाल आया हैकृ2022 में 5,157 मिलियन यूनिट से बढ़कर 2025 में 16,500 मिलियन यूनिट हो गया है। सोलर ऊर्जा क्षमता 439 मेगावाट से बढ़कर 1,027 मेगावाट पहुंच गई है। विद्युत खपत भी 12,518 मिलियन यूनिट से बढ़कर 17,192 मिलियन यूनिट हो गई है।

शिक्षा क्षेत्र में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो में सुधार हुआ है। प्राइमरी स्कूलों में यह 91.19 प्रतिशत से बढ़कर 103 प्रतिशत हो गया है, जबकि सेकेंडरी स्तर पर 88.23 से बढ़कर 93.54 प्रतिशत हुआ है। ड्रॉपआउट दर प्राइमरी में 1.64 से घटकर 1.41 प्रतिशत और सेकेंडरी में 7.65 से घटकर 4.59 प्रतिशत रह गई है। डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 और इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव दिखे हैंकृशिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 22 से घटकर 20, मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) 103 से घटकर 91 और औसत आयु 71.7 से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।

कृषि, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में भी प्रगति दर्ज की गई है। सभी घरों में शौचालय की उपलब्धता 97 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गई है। चावल-गेहूं का उत्पादन 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 32.47 क्विंटल हो गया है। मेडिसिनल एवं एरोमेटिक प्लांट्स का क्षेत्रफल 900 हेक्टेयर से बढ़कर 10,000 हेक्टेयर हो गया है। दूध उत्पादन 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 54.59 लाख लीटर और मछली उत्पादन 7,325 टन से बढ़कर 10,487 टन प्रति वर्ष हो गया है। पर्यटन क्षेत्र में होटलों की संख्या 8,225 से बढ़कर 10,509 और होमस्टे की संख्या 3,935 से बढ़कर 6,061 हो गई है। सड़कों की कुल लंबाई 50,393 किमी से बढ़कर 51,278 किमी, हेलीपोर्ट्स 2 से बढ़कर 7 और हेलीपैड 60 से बढ़कर 118 हो गए हैं।

उत्तराखंड : नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पति समेत 5 पर हत्या का मुकदमा, पति गिरफ्तार

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देहरादून: देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत रिस्पना नगर में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में दहेज प्रताड़ना और हत्या का गंभीर आरोप लगा है। मृतका के भाई की शिकायत पर पति सहित ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304बी (दहेज हत्या), 498ए (क्रूरता) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मृतका कहकशा आलम (निवासी रुद्रप्रयाग) की शादी 19 नवंबर 2025 को शहबाज आलम (निवासी रिस्पना नगर, देहरादून) से हुई थी। शहबाज एक लैब टेक्निशियन के रूप में काम करते हैं। परिजनों का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर कहकशा को लगातार प्रताड़ित करता रहा।

मृतका के भाई सलमान आसिफ ने थाने में दी तहरीर में बताया कि 18 फरवरी 2026 की रात कहकशा ने उन्हें फोन कर बताया था कि ससुराल वाले सहस्रधारा रोड पर प्लॉट खरीदने के लिए 50 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं और इस बात को लेकर उसे परेशान किया जा रहा है। इसके बाद 3 मार्च 2026 को सुबह करीब 11 बजे भी कहकशा ने फोन पर बताया कि पति, सास-ससुर, देवर और ननद बहुत गुस्से में हैं और पैसों की मांग कर रहे हैं। उसी रात करीब 1:30 बजे ससुर यासीन ने मृतका के पिता को फोन कर बताया कि कहकशा को कुछ हो गया है।

परिजन तुरंत देहरादून पहुंचे और दून अस्पताल में जानकारी मिली कि कहकशा को मृत अवस्था में लाया गया था। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि पति शहबाज आलम, सास खुर्शीदा, ससुर यासीन, देवर सरताज और ननद शबनम ने दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या कर दी।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मृतका के भाई सलमान आसिफ की शिकायत पर सभी पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी शहबाज आलम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी हो चुकी है और शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, जिसमें दहेज प्रताड़ना के सबूतों, कॉल डिटेल्स और गवाहों के बयानों पर फोकस है।

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर: 10 बार सीएम, अब राज्यसभा का रास्ता, BJP को मिलेगी बिहार की कमान?

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पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य की सत्ता से दिल्ली की ओर रुख करने के लिए राजी कर लिया है। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के चेहरे पर एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बावजूद अब वह राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर रहे हैं। 2005 से 2025 तक विभिन्न राजनीतिक परिस्थितियों में नीतीश ने 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अब सवाल यह है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या भाजपा कोई चौंकाने वाला चेहरा सामने लाएगी या परंपरागत नामों पर दांव खेलेगी?

नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने पहली बार 2000 में सिर्फ सात दिनों के लिए मुख्यमंत्री पद संभाला था। उसके बाद से वह बिहार की राजनीति के केंद्र में बने रहे, गठबंधनों को तोड़ते-जोड़ते हुए। अब राज्यसभा जाने के फैसले से बिहार में नई सत्ता समीकरण बनने की संभावना है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, नीतीश के जाने से पार्टी को पहली बार बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिलेगा, जो 2014 के बाद से उसके चौंकाने वाले फैसलों की कड़ी में शामिल होगा।

नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बनने का सफर

नीतीश कुमार बिहार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं। उनके कार्यकाल में विकास, सुशासन और गठबंधन राजनीति की मिसालें देखने को मिलीं। यहां उनके मुख्यमंत्री पद की शपथों का क्रमवार विवरण:

  • 2000: पहली बार 3 मार्च 2000 को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने, लेकिन बहुमत न जुटा पाने के कारण 10 मार्च को इस्तीफा देना पड़ा। यह सिर्फ सात दिनों का कार्यकाल था।
  • 2005: विधानसभा चुनाव में भाजपा के समर्थन से नीतीश दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। यह एनडीए गठबंधन की शुरुआत थी, जिसने बिहार को ‘जंगल राज’ से बाहर निकालने का दावा किया।
  • 2010: एक बार फिर विधानसभा चुनाव में जीत के बाद तीसरी बार शपथ ली। इस कार्यकाल में सुशासन बाबू की छवि मजबूत हुई।
  • 2014: लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया। जीतन राम मांझी को सीएम बनाया, लेकिन 2015 में अंदरूनी कलह के बाद मांझी को हटाकर चौथी बार खुद शपथ ली।
  • 2015: महागठबंधन (जदयू, राजद, कांग्रेस) की जीत के बाद पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने। यह गठबंधन एनडीए के खिलाफ था।
  • 2017: तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद महागठबंधन छोड़कर एनडीए में लौटे। जुलाई 2017 में छठी बार शपथ ली।
  • 2020: विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बावजूद जदयू की सीटें कम होने पर भी सातवीं बार मुख्यमंत्री बने। भाजपा में असंतोष की खबरें आईं।
  • 2022: एनडीए से अलग होकर महागठबंधन में लौटे और आठवीं बार शपथ ली।
  • 2024: जनवरी में महागठबंधन छोड़कर फिर एनडीए में शामिल हुए, नौवीं बार मुख्यमंत्री बने। भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
  • 2025: नवंबर के चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद दसवीं बार शपथ ली। अब यह उनका आखिरी कार्यकाल साबित हो रहा है, क्योंकि वह राज्यसभा जा रहे हैं।

नीतीश कुमार ने 37 साल की राजनीति में वीपी सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी सरकारों में केंद्रीय मंत्री भी रहे। अब मोदी सरकार में उनकी भूमिका क्या होगी, यह देखना बाकी है।

अगला मुख्यमंत्री कौन? 

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है। भाजपा 2014 से चौंकाने वाले फैसले लेती रही है—जैसे नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना। संभावित नामों में शामिल हैं:

  • नित्यानंद राय: केंद्रीय राज्यमंत्री, 2020 चुनाव से पहले चर्चा में थे।
  • सम्राट चौधरी: उपमुख्यमंत्री, 2025 चुनाव से पहले नाम उभरा।
  • नितिन नवीन: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष, लेकिन राज्यसभा नामांकन के बाद सीएम की दौड़ से बाहर माने जा रहे हैं।
  • श्रेयसी सिंह: भाजपा कोटे की मंत्री, महिला चेहरे के रूप में चर्चा।

कुछ सूत्रों का कहना है कि भाजपा कोई नया चेहरा ला सकती है, जो ओबीसी या ईबीसी समुदाय से हो। नीतीश कुमार कब इस्तीफा देंगे—खरमास से पहले या बाद—यह भी सवाल है। एनडीए विधायकों के बयानों से लगता है कि फैसला जल्द होगा।

नीतीश कुमार के इस फैसले को ‘महा-त्याग’ कहा जा रहा है। पटना में जदयू दफ्तर में हंगामा हुआ, जहां अमित शाह नीतीश से मिले। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसे भाजपा की साजिश बताया। बिहार में राजनीतिक हलचल तेज है, और सभी की नजरें नए सीएम पर टिकी हैं।

उत्तराखंड में इस दिन से पहाड़ों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना, मैदानी इलाकों में बढ़ेगी गर्मी

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देहरादून : मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने उत्तराखंड के लिए अगले कुछ दिनों का जनपद-स्तरीय पूर्वानुमान जारी किया है। राज्य में फिलहाल शुष्क और साफ मौसम बना हुआ है, लेकिन 8 मार्च से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बदलाव शुरू हो सकता है।

8 मार्च को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली चमकने और 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि अन्य सभी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।

9 से 11 मार्च के बीच उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी कहीं-कहीं इसी तरह की बहुत हल्की बारिश, गरज-चमक और 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी हो सकती है, बाकी जिलों में शुष्क मौसम जारी रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों में मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे क्षेत्रों में गर्मी का एहसास तेज हो जाएगा। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए यात्रा करने वालों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट चेक करने की सलाह दी गई है।