कोरोना के कहर से खराब हुआ लाखों बच्चों का भविष्य, 500 निजी स्कूलों में लगा ताला…

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कोरोना वायरस का कहर देश में हर जगह देखने को मिला है। देश के हर राज्य में, हर जिले में, हर इलाके में कोरोना का कहर देखा गया है। सबसे ज्यादा इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। कोरोना वायरस के कारण कई महीनों तक तो बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह रुकी रही। जिसके बाद इसको ऑनलाइन करवाया जाने लगा। खबर मिली है कि कोरोना काल कर दौरान छत्तीसगढ़ में कई निजी स्कूलों का भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो गया है। जिसके चलते लाखों बच्चों का भविष्य भी बर्बाद होने की कगार पर है।

कोरोना काल के दौरान फीस न मिलने के कारण कई निजी स्कूलों में ताला लगाने की नौबत आ गई है। जानकारों की माने तो छत्तीसगढ़ में करीब 500 निजी स्कूलों के बंद होने की संभावना है। बता दें कि इन स्कूलों ने शिक्षा विभाग को विधिवत स्कूल बंद करने की सूचना दी है। इस बीच इन स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों का करियर दांव पर लगा हुआ है। खबर है कि इस दौरान बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन दे रहे हैं।

स्कूल के प्रबन्धन का कहना है कि “हमारे लिए स्टाफ को तनख्वाह देने से लेकर स्कूल में लगी बस के साथ ही ऑफिस का खर्च वहन करना काफी मुश्किलें हो रही है। दुखद बात यह है कि बच्चों कि संख्या भी घट रही है। सबसे ज्यादा मुश्किल उन स्कूलों की है जिनके खुद के भवन नहीं हैं।” इस बीच स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह का ने कहा है कि “अभी पूरी जानकारी और इन स्कूलों की सूची मंगवा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की सूची भी जुटाने कहा है। किसी भी बच्चे का भविष्य बर्बाद नहीं होगा। सभी का प्रवेश सरकारी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाएगा।”