चिराग पासवान की वजह से सीएम नीतीश को हुआ भारी नुक़सान, LJP की भी डूबी लुटिया

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बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly election 2020) के नतीजे सामने आने के बाद जितनी जीत की खुशी बीजेपी और जेडीयू को हुई। उतना ही अफसोस दूसरी पार्टियों को अपनी हार का हुआ। खासतौर पर लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) को हुए। एनडीए को गिराने की कोशिश में उन्होंने खुद की पार्टी को ही गिरा लिया। गौरतलब है कि इस साल के चुनावों में लोजपा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। इस चुनाव में पार्टी वह कमाल नहीं कर पाई, जिसका दावा चिराग कर रहे थे।

सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की जेडीयू (JDU) सरकार को नुक़सान पहुंचने के इरादे से चुनावी मैदान में उतरी लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) की अगुवाई में लोजपा ने महज एक सीट पर ही सफलता हासिल की। लोजपा के गठन के बाद से अबतक की उसकी सबसे बड़ी हार मानी जा रही है। जिसको लेकर चिराग काफी शर्मिंदा होंगे। बता दें कि इस चुनाव में लोजपा के 135 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन उसमें से केवल 1 ही सीट पर जीत हासिल हो सकी।

साल 2005 में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram vilas paswan) की मौजूदगी में पार्टी ने 29 सीटों पर जीत हासिल की थी। जो के पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। फरवरी 2005 में पार्टी ने पहला चुनाव लड़ा था। जिसमें पार्टी ने अब तक की सबसे ज़्यादा सीट पर जीत हासिल की थी। वहीं साल 2005 के अक्टूबर-नवंबर में हुए चुनाव में लोजपा का सीपीआई के साथ गठबंधन था। जिसमें उन्होंने अपने 203 उम्मीदवार मैदान दाखिल किए और उनमें से दस ने जीत दर्ज की थी।