ऐसे तो राजनीति के अखाड़े में हर रोज कोई ना कोई नया दंगल सामने आता ही रहता है। जो वायरल होकर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में छा जाता है। लेकिन जब पति और पत्नी दोनों ही राजनीति में हों तो…. यूं तो पति पत्नी के बीच लड़ाई होना आम बात है। और कई बार यह लड़ाई थप्पड़ तक भी पहुंच जाती है। अक़्सर यह घर तक सीमित हो जाती है।
या कभी-कभी पुलिस थाने में घरेलू हिंसा के रूप में दर्ज भी कर दी जाती है। लेकिन अगर पति-पत्नी दोनों राजनीति में हों, तो ऐसे में थप्पड़ की गूंज सोशल मीडिया में ख़ूब सुर्खियां बटोरती है। और यह समझना मुश्किल हो जाता है कि विवाद को घरेलू कहें या राजनीतिक विवाद की संज्ञा दें। चलिए जान लेते हैं कि पूरा मामला आख़िर है क्या? घटना दिल्ली में बीजेपी दफ्तर के बाहर की है जहां दिल्ली के प्रदेश बीजेपी के महरौली इकाई के ज़िला अध्यक्ष आज़ाद सिंह ने बीजेपी के नेता और साथ ही साथ दक्षिण दिल्ली नगर निगम की पूर्व मेयर रह चुकीं, अपनी पूर्व पत्नी सरिता चौधरी, जिन से बीजेपी नेता आज़ाद सिंह का तलाक़ हो चुका है। बीजेपी नेता आज़ाद सिंह ने बीजेपी दफ़्तर के बाहर सार्वजनिक रूप से पूर्व पत्नी सरिता चौधरी को थप्पड़ मार दिया।
बीजेपी नेता आज़ाद सिंह को इस थप्पड़ की गूंज का ख़ामियाज़ा भी भुगतना पड़ा है। क्योंकि आज़ाद सिंह के इस ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार से बीजेपी की साख को धब्बा लग सकता था। और उनके द्वारा अपनी पूर्व पत्नी को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया में छाया हुआ था। इसलिए बीजेपी की दिल्ली प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने गुरुवार को पार्टी के नेता आज़ाद सिंह को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। साथ ही दिल्ली प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने विकास तंवर को महरौली ज़िला इकाई का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।















