अनंतनाग में एक और जवान शहीद! सुरक्षाबलों की मुठभेड़ जारी

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अनंतनाग में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ अभी भी जारी है। इस मुठभेड़ में डीएसपी, कर्नल और मैजर बलिदान हो गए थे। वहीं, आज इस मुठभेड़ में लापता जवान का शव बरमाद हुआ है। आज एक लापता जवान का शव मिलने के साथ बलिदानी सुरक्षाकर्मियों की संख्या चार हो गई है। अधिकारिक तौर पर लापता जवान का शव मिलने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह जरूर कहा है कि एक घायल जवान शहीद हो गया है। इस बीच, सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। घेराबंदी में फंसे आतंकियों में से किसी के मारे जाने या जख्मी होन की तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई है।

आतंकियों को ढूंढने के लिए खिलाफ हेरोन ड्रोन भी इस्तेमाल किया जा रहा है। संबधित सूत्रों ने बताया कि आज सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही जवानों ने आतंकियों को मार गिराने का अपना अभियान दोबारा शुरू किया। जैसे ही जवान पहाड़ी पर आगे आतंकी ठिकानो की तरफ बढे़े, आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायर किया। इसी दौरान जवानाें ने वहां पेड़ों व झाड़ियों के बीच एक जगह अपने एक साथी का शव देखा।
जानकारी के अनुसार शव लापता जवान का है। शव मुठभेड़स्थल से अभी नीचे नहीं लाया गया है। शव आतंकी ठिकाने के सामने है। गडोल अनंतनाग में यह मुठभेड़ मंगलवार की देर रात उस समय शुरू हुईं थी, जब वहां आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर पुलिस और सेना की 19-RR के जवानों ने मिलकर एक तलाशी अभियान चलाया था।
आतंकियों ने गांव के बाहरी छोर पर स्थित एक सीधी पहाड़ी पर अपना ठिकाना बना रखा है। बताया जा रहा है कि सुरक्षाकर्मी एक ओवरग्राउंड वर्कर को इस ठिकाने की तरफ लेकर जा रहे थे कि आतंकियों ने उन्हें देख लिया। उन्होंने सुरक्षाबलों पर हमला बोल दिया। जिसमें सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धौंचक और जम्मू कश्मीर पुलिस के एक डीएसपी मुजम्मिल हुमायूं बलिदानी हो गए। मुठभेड़ में एक से दो जवान लापता हाे गए और पांच अन्य जख्मी हुए।

गडोल में छिपे आतंकियों में टीआरएफ कमांडर उजैर व गाजी उस्मान के फंसे होने का दावा किया जा रहा है। उजैर गडोल के साथ सटे नागाम का रहने वाला है और करीब एक वर्ष पहले ही आतंकी बना है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबल किसी भी नुक्सान से बचने के लिए पूरी सावधानी के साथ धीरे धीरे आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि आतंकियों की सही स्थिति का पता लगाने के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई है। आतंकियों को चारों तरफ से घेर उनके भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं।