आखिर क्यों पुराने IT उपकरणों को कबाड़ में भेजेगी सरकार, एक पत्र से हुआ खुलासा…

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केंद्र सरकार की ओर से इन दिनों एक ऐसा फैसला लिया जा रहा है, जिसके बारे में सुनकर हर कोई हैरान है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों को एक आदेश दिया है। इस आदेश में कहा गया है कि सभी ऑपरेटिंग सिस्टम और आईटी उपकरणों को कबाड़ में डाल दिया जाए। इस आदेश के बारे में सुनकर हर कोई हैरान हैं। इस वक्त हर किसी के मन में एक सवाल है आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है.? इस बात का जवाब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सजीव अल्केश कुमार शर्मा ने दिया है। उन्होंने एक पत्र लिखकर इस आदेश से जुड़ी पूरी जानकारी दी है।

इस पत्र की एक कॉपी मीडिया के हाथ भी लगी है। इस पत्र के जरिए उन्होंने जानकारी दी है कि “आउट डेटेड ऑपरेटिंग सिस्टम और आईटी उपकरण का उपयोग बंद किया जाना चाहिए। क्योंकि यह संवेदनशील सरकारी आईटी सिस्टम को साइबर अटैक के लिए अतिसंवेदनशील बना देता है।” सरकार से जुड़े साइबर अटैक के सामने भारत में बढ़ते जा रहे हैं, जिसको देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ये बड़ा फैसला लिया गया है। रिपोर्ट्स की माने तो पिछले पांच साल में सरकार से संबंधित 641 ट्विटर अकाउंट, ई-मेल और वेबसाइटों को हैक किया गया था।

इस पत्र में सभी नए इलेक्ट्रॉनिक आइटम और सभी सर्वरों की जांच के बारे में बात की गई है। इनमें नया लेटर सर्वर, पर्सनल कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, लैपटॉप, नोटबुक और टैबलेट, डेटा संचार उपकरण, LAN स्विच, राउटर और डेटा केबल जैसे उपकरण शामिल हैं।

पत्र में आगे लिखा गया है कि “हैकर्स अज्ञानता या सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन न करने, प्रक्रियाओं में खामियों या प्रौद्योगिकी में कमजोरियों का फायदा उठाते हैं।” इसके साथ ही सभी मंत्रालयों को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर, दोनों तरह के आईटी उपकरणों की लाइफ टाइम का पालन करने के लिए कहा गया है। मंत्रालय का कहना है कि “इससे सरकार के मंत्रियों/विभागों में साइबर जोखिम से मुक्त वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।”