आम सहमति के खिलाफ जाकर चीन ने पाकिस्तान को उपलब्ध कराए परमाणु रिएक्टर्स

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चीन ने पाकिस्तान को परमाणु संयंत्र मुहैया कराकर एनपीटी रिव्यू कांफ्रेंस में बनी आम सहमति का उल्लंघन किया है। ‘आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन’ की ताजा रिपोर्ट में यह बात कही गई है। चीन ने एनपीटी का हवाला देकर न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत के प्रवेश का विरोध किया है जबकि उसने खुद एनपीटी रिव्यू कांफ्रेंस में बनी आम सहमति का उल्लंघन किया है। एसीए की ताजा रिपोर्ट में परमाणु अप्रसार पर प्रगति की समीक्षा की गई है।
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने 2013 में चस्मा-3 रिएक्टर के लिए पाकिस्तान के साथ की गई डील से एनपीटी के सहमति दस्तावेजों का उल्लंघन हुआ है। इस सहमति पत्र में नए सिरे से कहा गया है कि जिस भी देश को न्यूक्लियर मटीरियल और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की जाएगी, उसे आईएईए के मानकों को स्वीकार करना होगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान अंतररराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग (आईएईए) के सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता है। चीन ने एनएसजी में भारत के प्रवेश पर यह कहते हुए आपत्ति की थी कि भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और गैर-एनपीटी देशों को एनएसजी में शामिल करना नियमों का उल्लंघन होगा जबकि एसीए की इस रिपोर्ट की मानें तो उसने खुद नियमों का उल्लंघन किया है।
चीन ने पाकिस्तान को अभी तक छह परमाणु रिएक्टर उपलब्ध कराए हैं। चीन को वर्ष 2004 में एनएसजी सदस्यता मिली। चीन का कहना है कि उसने पाकिस्तान के साथ 2003 में हुई डील के तहत उसे रिएक्टर्स उपलब्ध कराए हैं।