वैकल्पिक ईंधन की खोज में मिली बड़ी कामयाबी, भूसे से बनेगी गैसोलीन

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दुनिया भर में रासायनिक ईंधन से होने वाले प्रदुषण को समाप्त करने और वैकल्पिक ईंधन की खोज में लगे वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बेल्जियम के लुवेन के कैथोलीक यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने भूसे या बुरादे से गैसोलीन/ईंधन बनाने का नया तरीका खोज लिया है। इससे गैस संयंत्रों को हरित ईंधन बनाने में और मदद मिलेगी।

वैज्ञानिकों ने भूसे में पर्याप्त मात्रा में मौजूद सेलुलोज को हाइड्रोकार्बन चेन के रूप में विकसित करने का तरीका खोज लिया है। विश्वविद्यालय के बर्ट सेल्स का कहना है कि इस हाइड्रोकार्बन को गैसोलीन में मिलाकर ईंधन के रूप में इसका प्रयोग किया जा सकता है। सेलुलोज मिश्रित गैसोलीन ‘सेकंड जेनरेशन जैव ईंधन’ होगा।

सेल्स का कहना है कि वे पौधों के अवशेषों से शुरुआत कर उसे पेट्रोकेमिकल के रूप में विकसित करने के लिए एक रासायनिक प्रक्रिया का प्रयोग करते हैं। उनके मुताबिक, इस जैव ईंधन की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि प्रक्रिया खत्म होने के बाद सेलुलोज से बने गैसोलीन और प्राकृतिक गैसोलीन में फर्क करने के लिए आपको कार्बन डेटिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल करना होगा।