सुशांत सिंह राजपूत की मौ’त के बाद आई घरवालों के ऊपर एक और आ’फत, सद’मे में भाभी ने तो’ड़ा दम

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साल 2020 सभी के लिए ऐसे गुज’र रहा है जेसे कोई के’हर बरस रहा हो। दिन ब दिन लोगों के म’रने कि खबर सुनने को मिल रही है। कभी सफर करता प्रवासी मजदूर तो कभी फिल्म अभिनेता। इस दौरान बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री ने अपने काई लेजेंडरी कलाकारों को खोया। पहले इरफान खान, फिर ऋषि कपूर और अब सुशांत सिंह राजपूत। जेसे की सभी जानते है कि रविवार को सुशांत सिंह राजपूत ने फां’सी लगा कर आ’त्मह’त्या करली थी और अब खबर आरही है कि उनकी भाभी का भी नि’धन हो गया है। खबर के मुताबिक बताया जा रहा है कि पुणे में रह रही सुशांत सिंह राजपूत की भाभी सुधा देवी की तबियत कुछ दिनों से खरा’ब चल रही थी और सुशांत की आ’त्मह’त्या की खबर सुनकर उनकी काफी गहरा सदमा लगा और वो भी इस दुनिया से रुख’सत ले गई।

खबर के अनुसार सुशांत सिंह राजपूत की मूर्ति के बाद सोमवार को देर रात उनकी मौ’त की खबर सुनकर उनकी भाभी ने भी पूर्णिया के मलडीहा गांव में स्थित अपने ससुराल में दम तो’ड़ दिया। घरवालों का कहना है कि सुधा देवी करीब 5 सालों से लीवर कैं’सर की म’रीज़ थी और जब उन्होंने सुशांत की आ’त्मह’त्या की खबर सुनी तो उनको बहुत सदमा लगा। पहले से पीड़ित होने की वजह से वह इस सदमे को बर्दाश्त ना कर सकी और अपना दम तो’ड़ दिया। मृत’क सुधा देवी के भतीजा सानू कुमार और देवर राकेश सिंह ने कहा कि 17 जून को सुधा देवी के बेटा शंकर सिंह का शादी होने वाली था। बता दें कि अभिनेता का अं’तिम संस्का’र मुंबई के विले पार्ले में किया गया था और उनके पिता केके सिंह, भाई नीरज कुमार बबलू समेत परिवार के गिने चुने लोग ही उनके अं’तिम संस्का’र में शामिल हो सके।

सुशांत सिंह राजपूत की आ’त्मह’त्या कि खबर सुनकर ना सिर्फ उनके घरवाले ही हैरान थे बल्कि पूरा देश उनके इस फैसले से ना खुश था। बता दें कि जब ये खबर उनके पैतृक गांव मलडीहा में पहुंची तो वहां उनकी मौ’त के गम में चूल्हा तक नहीं जला है। सुशांत के चचेरे भाई ने बताया की उनकी मौत का ग़म में गांव के सभी लोग गमगीन है। सुशांत की मौत पर उनकी रोते हुए कहती है कि “अब कौन चारों धाम की यात्रा पर ले जाएगा।” सुशांत के घरवालों ने बताया की नवंबर में ही सुशांत की शादी होने वाली थी और उसमें शामिल होने के लिए ही सभी को मुंबई भी जाना था लेकिन पता नहीं खुदा को क्या मंज़ूर था। सबको साथ लेकर मुंबई ले जाने वाला गुलशन अकेले ही हमें छोड़कर निकल गया।