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साइबर ठगों का नया जाल: 8वें वेतन आयोग के नाम पर व्हाट्सएप मैसेज से डाउनलोड करवा रहे APK फाइल और फिर फोन पर कब्जा…

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देहरादून: सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए साइबर अपराधी एक नई ठगी की साजिश रच रहे हैं। व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे संदेशों में दावा किया जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह जानने के लिए एक APK फाइल डाउनलोड करें। लेकिन जैसे ही यूजर इस फाइल को इंस्टॉल करता है, ठग उसके मोबाइल फोन पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते हैं और व्यक्तिगत डेटा चुरा सकते हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मैलवेयर से संक्रमित APK फाइल है, जो इंस्टॉल होते ही फोन के कैमरा, संपर्कों, बैंकिंग ऐप्स और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच प्रदान कर देती है। ठग इस जानकारी का इस्तेमाल बैंक खातों से पैसे निकालने, पहचान चोरी या अन्य अपराधों के लिए कर सकते हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कर्मचारियों ने जिज्ञासावश फाइल डाउनलोड की और लाखों रुपये का नुकसान उठाया।

केंद्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, “ऐसे संदेशों पर विश्वास न करें जो अनजान स्रोतों से आते हैं। वेतन आयोग से संबंधित कोई भी आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी वेबसाइटों या ऐप्स से ही प्राप्त करें।” पुलिस विभाग भी इस तरह की ठगी की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने की अपील कर रहा है।

कर्मचारियों को सलाह दी जा रही है कि वे अनजान लिंक या फाइलों को डाउनलोड न करें, फोन में एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल रखें और संदिग्ध मैसेज की रिपोर्ट व्हाट्सएप या साइबर क्राइम पोर्टल पर करें। याद रखें, सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि आप ऐसी कोई घटना के शिकार हुए हैं, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं।

उत्तराखंड STF की बड़ी कार्रवाई: SSC-MTS परीक्षा में हाई-टेक नकल गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

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देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित मल्टी-टास्किंग स्टाफ (नॉन-टेक्निकल) और हवलदार भर्ती परीक्षा-2025 में अत्याधुनिक तकनीक से नकल कराने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है।

इस ऑपरेशन में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि परीक्षा केंद्र को सील कर दिया गया। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठ रहा था, जो परीक्षाओं की निष्पक्षता पर बड़ा खतरा था।

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पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में यह कार्रवाई 13 फरवरी 2026 को की गई, जब उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने देहरादून के एम.के.पी. इंटर कॉलेज स्थित महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर छापेमारी की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “हमें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व परीक्षा में हाई-टेक तरीके से नकल करवा रहे हैं। हमारी टीम ने तुरंत एक्शन लिया और गिरोह के सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ा।”

जांच के दौरान टीम को परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में एक चौंकाने वाली खोज हुई। यहां एक कोने में 24×24 इंच का अंडरग्राउंड चैंबर (तहखाना) बनाया गया था, जिसमें दो लैपटॉप और एक राउटर छिपाए गए थे। ये उपकरण रिमोटली कंट्रोल किए जा रहे थे और अभ्यर्थियों के कंप्यूटरों में सेंध लगाकर प्रश्न-पत्र हल किए जा रहे थे। एसटीएफ की फॉरेंसिक टीम ने तकनीकी उपकरणों की मदद से इन सिस्टमों को जब्त कर लिया और पूरे केंद्र को सील कर दिया, ताकि आगे कोई छेड़छाड़ न हो सके।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार (पुत्र चंद्रभान गौड़, निवासी भाटपार रानी, देवरिया, उत्तर प्रदेश; वर्तमान पता- नांगलोई, दिल्ली) और भास्कर नैथानी (पुत्र दिनेश चंद्र नैथानी, निवासी नथुवावाला, देहरादून) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झांसा देकर प्रति उम्मीदवार 10 लाख रुपये की मांग करते थे। गिरोह अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रिमोट एक्सेस के जरिए कंप्यूटरों को हैक करता था और रियल-टाइम में उत्तर प्रदान करता था। भुल्लर ने कहा, “यह गिरोह न केवल अभ्यर्थियों को धोखा दे रहा था, बल्कि परीक्षाओं की विश्वसनीयता को भी कमजोर कर रहा था। हमने अन्य सदस्यों की तलाश के लिए स्पेशल टीम गठित की है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।”

इस मामले में कोतवाली देहरादून में मुकदमा क्रमांक 58/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 की धारा 11(1), 11(2), 12(2), 12(3); भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 61, 111(3)(4); और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज हुआ है। जांच अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी।

बरामद सामग्री में दो डेल लैपटॉप, एक ज़ेब्रॉनिक्स ईथरनेट कनेक्टर एडाप्टर (यूएसबी 2 ईथरनेट केबल), दो ईथरनेट केबल (कैट-6 यूएसबी कनेक्टर के साथ), एक डिजिसोल राउटर चार्जर सहित, पीएनटी केबल कनेक्टिंग बॉक्स और चार मोबाइल फोन शामिल हैं। ये उपकरण गिरोह की हाई-टेक योजना के सबूत हैं।

यह कार्रवाई उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों का नतीजा है, जिन्होंने पदभार संभालते ही नकल माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। सेठ ने कहा, “परीक्षाओं में नकल पर जीरो टॉलरेंस है। हमारी टीम लगातार इनपुट विकसित कर रही है और ऐसे गिरोहों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।” राज्य सरकार के नकल विरोधी कानून ने परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, और यह घटना अन्य राज्यों के लिए भी सबक है।

एसएससी एमटीएस भर्ती परीक्षा-2025 देशभर में विभिन्न केंद्रों पर आयोजित हो रही थी, जिसमें सीबीआईसी और सीबीएन के पदों के लिए हजारों अभ्यर्थी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाएं युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हैं और इन्हें रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जा रही है। मामले की जांच जारी है, और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है।

उत्तराखंड: बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का पुलिस मुख्यालय कूच

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देहरादून: उत्तराखंड में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय की ओर कूच किया।

पुलिस ने मुख्यालय के आसपास बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर धक्का-मुक्की हुई। गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस महज मुकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा, “कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अपराधी खुलेआम वारदातें अंजाम दे रहे हैं, जबकि सरकार और पुलिस निष्क्रिय है।”

प्रदर्शन के दौरान गोदियाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं पर अत्याचार, हत्याएं और अन्य अपराध बढ़े हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर डीजीपी को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है।

गोदियाल ने आगे घोषणा की कि यदि सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो 16 फरवरी को कांग्रेस कार्यकर्ता राजभवन का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा, “हम जनता की आवाज बुलंद करेंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। यह संघर्ष जारी रहेगा।”

उत्तराखंड : SSC की परीक्षा में चल रही थी सामूहिक नकल! अचानक पहुंच गई STF

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देहरादून: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई में एसएससी एमटीएस (मल्टी-टास्किंग स्टाफ) भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की मेरठ यूनिट और उत्तराखंड एसटीएफ ने देहरादून से दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ मेरठ यूनिट के एएसपी बृजेश कुमार सिंह के अनुसार, गोपनीय सूचना मिली थी कि देहरादून के एक परीक्षा केंद्र पर एसएससी एमटीएस परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल करवाई जा रही है। सर्विलांस और जांच के आधार पर दोनों टीमों ने छापेमारी की और महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर मास्टर कंप्यूटर के जरिए हैकिंग से नकल करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार (देवरिया, उत्तर प्रदेश निवासी) और भास्कर नैथानी (देहरादून निवासी) के रूप में हुई है। दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे प्रॉक्सी सर्वर और रिमोट एक्सेस के माध्यम से परीक्षा कंप्यूटरों को हैक कर रहे थे, जिससे उम्मीदवारों को आसानी से उत्तर उपलब्ध कराए जा रहे थे। उनके पास से वाईफाई कनेक्टिविटी डिवाइस, लैपटॉप और कई सिम कार्ड बरामद हुए हैं।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह परीक्षा केंद्र पर मास्टर कंप्यूटर सेटअप करके नेटवर्क हैकिंग के जरिए नकल करवाता था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, कितने सदस्य हैं, क्या उन्होंने पहले भी अन्य परीक्षाओं में ऐसा किया है और कितने उम्मीदवार इससे लाभान्वित हुए।

एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि जांच गोपनीय है और पूछताछ जारी है। कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी। यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं में साइबर आधारित नकल के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

उत्तराखंड में भाजपा का इंटरनल सर्वे, विधायकों को ग्रीन, येलो और रेड जोन में बांटा…?

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देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए श्मिशन 2027श् के तहत अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी द्वारा कराया गया आंतरिक (इंटरनल) सर्वे अब प्रदेश की राजनीतिक चर्चा का प्रमुख केंद्र बन गया है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गोपनीय सर्वे विधायकों के प्रदर्शन, जनसंपर्क, संगठनात्मक गतिविधियों, स्थानीय मुद्दों पर काम और कार्यकर्ताओं की राय जैसे कई पैरामीटर पर आधारित है। इस सर्वे के आधार पर मौजूदा भाजपा विधायकों को तीन जोनों में वर्गीकृत किया गया हैकृग्रीन जोन, यलो जोन और रेड जोन।

  • ग्रीन जोन में वे विधायक शामिल हैं, जिनकी अपनी सीट पर स्थिति मजबूत मानी जा रही है और जनता व संगठन में उनकी पकड़ अच्छी है। इनके टिकट मिलने की संभावना सबसे अधिक है।
  • यलो जोन में ऐसे विधायक रखे गए हैं, जिनके प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश है। इन पर पार्टी की कड़ी नजर बनी हुई है और उन्हें बेहतर परिणाम दिखाने का मौका दिया जा सकता है।
  • रेड जोन सबसे चिंताजनक है, जहां शामिल विधायकों के खिलाफ ग्राउंड फीडबैक नकारात्मक आया है। क्षेत्र में असंतोष, निष्क्रियता, संगठन से दूरी या एंटी-इनकंबेंसी जैसे संकेत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, रेड जोन में आने वाले विधायकों का टिकट कटने की प्रबल संभावना है।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 19 से 23 तक सिटिंग विधायकों को श्डेंजर जोनश् या रेड कैटेगरी में रखा गया है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे हार के डर से 23 विधायकों का टिकट काटने की तैयारी करार दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह सर्वे तीन स्तरों या डबल लेयर में कराया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग एजेंसियां शामिल हैं ताकि पक्षपात से बचा जा सके। भाजपा का उद्देश्य कमजोर कड़ियों की समय रहते पहचान करना और उन क्षेत्रों में नए चेहरे या मजबूत विकल्प तैयार करना है, जिससे 2022 की तरह प्रचंड बहुमत के साथ हैट्रिक लगाई जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार चुनाव से काफी पहले ही रणनीति तय कर रही है, ताकि कोई आश्चर्य न हो। हालांकि, पार्टी की ओर से इस आंतरिक सर्वे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने इस रिपोर्ट ने कई विधायकों में बेचौनी पैदा कर दी है।

आने वाले महीनों में रेड और यलो जोन के विधायकों पर संगठनात्मक दबाव बढ़ने और उनके कामकाज की लगातार समीक्षा होने की उम्मीद है। यह सर्वे उत्तराखंड की सियासत में 2027 के महासंग्राम की शुरुआती पटकथा साबित हो रहा है, जिसने अभी से टिकट वितरण और उम्मीदवार चयन को लेकर हलचल तेज कर दी है।

उत्तराखंड : जौलीग्रांट में BJP कोर कमेटी की अहम बैठक, चुनावी रणनीति पर मंथन

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देहरादून। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के जौलीग्रांट पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। इसके साथ ही उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

चुनावी रणनीति को धार देने के उद्देश्य से जौलीग्रांट स्थित एक होटल में आज भाजपा की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। बैठक की अध्यक्षता जेपी नड्डा करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनाव ही रहेगा, जिसमें चुनावी रणनीति, प्रमुख मुद्दे और संगठनात्मक मजबूती पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि विधानसभा से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी किस तरह की रणनीति अपनाएगी और कार्यकर्ता जनता के बीच किस तरीके से पहुंचेंगे। हाल ही में प्रदेश में कराए गए पहले चरण के सर्वे की रिपोर्ट पर भी मंथन होगा, जिसके आधार पर कमजोर और मजबूत सीटों की पहचान की जाएगी।

कोर कमेटी में विधायकों की वर्तमान स्थिति, क्षेत्रीय समीकरण और जीत की संभावनाओं पर चर्चा के साथ आगे की रणनीति बनाई जाएगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि विधायक और मंत्री अपनी-अपनी सीटों पर ही अगले चुनाव की तैयारी करें और किसी की सीट में बदलाव नहीं किया जाएगा।

भाजपा की इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जहां जीत की हैट्रिक लगाने के लक्ष्य के साथ सियासी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

भीषण हादसा : कार-ट्रेलर की टक्कर में एमपी के पांच लोगों की मौत

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जयपुर के चाकसू क्षेत्र में शनिवार तड़के कोटा-जयपुर नेशनल हाईवे (एनएच-52) पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 5:30 बजे टिगरिया मोड़ के पास हुआ, जब जयपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार के ड्राइवर को झपकी आ गई और गाड़ी आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और सवार लोग बुरी तरह फंस गए।

एक महिला समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान रेशमा श्रीवास्तव (अखिलेश श्रीवास्तव की पत्नी), पीयूष राय (राजेश राय के पुत्र), राहुल रजक (बबलू रजक के पुत्र), ड्राइवर अनुराग के रूप में हुई है। पांचवें मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। सभी मृतक जबलपुर के रहने वाले थे।

हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। पुलिस, एक्सीडेंट रिस्पॉन्स टीम और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया गया और यातायात बहाल किया गया। सभी शवों को चाकसू सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया है, जहां परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। चाकसू थानाधिकारी मनोहर लाल मेघवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की झपकी को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है और जांच जारी है।

उत्तराखंड : प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं सील, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

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देहरादून: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना-2027 की अधिसूचना जारी होने के साथ ही उत्तराखंड की सभी प्रशासनिक एवं भौगोलिक सीमाएं सील कर दी गई हैं। अब जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी जिले, तहसील, निकाय, पंचायत या वार्ड की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यह कदम जनगणना के आंकड़ों को सटीक और विश्वसनीय बनाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि सीमा परिवर्तन से जनसंख्या डेटा में विसंगति आ सकती है।

हालांकि, इससे सार्वजनिक सुविधाओं या सामान्य प्रशासनिक कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अधिसूचना के बाद नए नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायतों का गठन नहीं किया जा सकेगा, न ही किसी गांव को नगर निकाय में शामिल किया जा सकेगा।

तीन चरणों में होगी जनगणना

  • पहला चरण—25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक: मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस)।
  • दूसरा चरण—11 से 30 सितंबर 2026 तक: बर्फबारी वाले (स्नोबाउंड) क्षेत्रों में लोगों की जनगणना, क्योंकि इन इलाकों के निवासी सर्दियों में पलायन कर जाते हैं।
  • तीसरा चरण—9 से 28 फरवरी 2027 तक: अन्य क्षेत्रों में देशभर के साथ सामान्य जनसंख्या गणना।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 16 फरवरी से हो रही है। पहले चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिसमें 23 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर प्रदेश भर में 555 फील्ड ट्रेनरों को तैयार करेंगे। फील्ड ट्रेनर आगे 4,000 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे, जो अंततः प्रदेश के लगभग 30 हजार गणना कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे। 25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच 30 हजार कर्मचारियों और 4,000 सुपरवाइजरों का मुख्य प्रशिक्षण होगा। प्रत्येक बैच में 40 कर्मचारियों को तीन दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उत्तराखंड: राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप का औली चमोली में भब्य शुभारंभ

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औली राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल 2026 का भव्य शुभारंभ

औली, जनपद चमोली, उत्तराखंड बहुप्रतीक्षिIMG 20260213 WA0045त औली राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल 2026 का भव्य शुभारंभ आज 13 फरवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे औली स्थित स्की लिफ्ट के निकट किया गया। चार दिवसीय यह विशाल शीतकालीन आयोजन (13–16 फरवरी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद( यूटीडीबी) द्वारा जिला प्रशासन, चमोली एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सतपाल महाराज माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार द्वारा किया गया। अपने संबोधन में सतपाल महाराज ने औली को उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कीइंग गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि औली में अपार संभावनाएं हैं, जो देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं। उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने एवं उत्तराखंड को अग्रणी शीतकालीन खेल गंतव्य के रूप में स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत स्थानीय लोक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि का स्वागत इंडियन आर्मी बैंड द्वारा किया गया। सतपाल महाराज ने विभिन्न स्कीइंग टीमों एवं प्रतिभागियों से औपचारिक भेंट भी की।

विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल एवं उपाध्यक्ष  ऋषि प्रसाद सती ने अपने संबोधन में यूटीडीबीएवं जीएमवीएन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के भव्य आयोजन राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगे। प्रतिभागियों द्वारा मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया तथा शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। मुख्य ढलान पर आईटीबीपी द्वारा प्रभावशाली स्कीइंग प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन घोषित किया गया।

इस अवसर पर धीराज सिंह गर्ब्याल (आईएएस), सचिव पर्यटन;  विशाल मिश्रा (आईएएस), प्रबंध निदेशक, जीएमवीएन;  गौरव कुमार (आईएएस), जिलाधिकारी चमोली; तथा कमांडेंट, आईटीबीपी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

13 से 16 फरवरी 2026 तक आयोजित यह चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल प्रतिस्पर्धात्मक शीतकालीन खेलों, साहसिक गतिविधियों और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

राष्ट्रीय स्कीइंग चैंपियनशिप में 3 कि.मी. (महिला) एवं 5 कि.मी. (पुरुष) स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। विंटर कार्निवल के अंतर्गत स्नो मैराथन, स्नो शू रेस, औली मैराथन, बच्चों के स्नो गेम्स, चेयरलिफ्ट राइड तथा स्नो योग जैसी रोमांचक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं, जो प्रतिभागियों एवं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

कार्निवल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जा रही है। इस अवसर पर पांडवास उत्तराखंड फोक बैंड द्वारा लाइव प्रस्तुति दी गई, जिसने हिमाच्छादित पर्वतों के मध्य वातावरण को और भी उत्सवमय बना दिया।

अंत में विशाल मिश्रा (आईएएस), प्रबंध निदेशक, जीएमवीएन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि विंटर कार्निवल उत्तराखंड की लोक परंपराओं, संगीत और सामुदायिक सहभागिता को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच है, जो औली की हिमाच्छादित वादियों में भव्य उत्सव का वातावरण निर्मित करता है।

उत्तराखंड ब्रेकिंग: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, देहरादून से हटाए गए अजय सिंह, प्रमेंद्र डोभाल को बनाया नया SSP

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देहरादून: उत्तराखंड पुलिस विभाग में शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह को हटाकर उन्हें स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का एसएसपी नियुक्त किया गया है। उनकी जगह हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल को देहरादून जिले की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा राज्य के कई अन्य जिलों में भी एसएसपी और एसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन के इस फैसले से पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर हेरफेर हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, देहरादून में अजय सिंह के कार्यकाल के दौरान लगातार हो रही हत्याओं, लूट-डकैती और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ रहा था। उनका तीन साल का कार्यकाल भी पूरा हो चुका था। ऐसे में हाल की आपराधिक घटनाओं ने ट्रांसफर की प्रक्रिया को तेज कर दिया।

parmendra dobhal SSP dehradun

प्रमेंद्र डोभाल, जो हरिद्वार में एसएसपी के रूप में कार्यरत थे, अब देहरादून जैसे संवेदनशील और राजधानी जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। दोनों अधिकारियों के नए पदों पर जल्द ही कार्यभार ग्रहण करने की उम्मीद है। पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ये तबादले प्रशासनिक सुविधा और बेहतर कानून-व्यवस्था के मद्देनजर किए गए हैं।

नए एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल से देहरादून में अपराध नियंत्रण और जनता का भरोसा बहाल करने की अपेक्षा की जा रही है। यह फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच हुआ है, जहां विपक्ष लगातार सरकार पर अपराध नियंत्रण में नाकामी का आरोप लगा रहा है।