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वीर बाल दिवस पर उत्तराखंड में दी गयी श्रद्धांजलि

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वीर बाल दिवस पर नैनीताल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मल्लीताल गुरुद्वारे में मत्था टेक साहिबजादों की शदाहत को नमन किया

नैनीताल: 26 दिसंबर।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिला मुख्यालय के मल्लीताल स्थित गुरुद्वारे में पहुंचकर माथा टेका तथा वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके चारों साहिबजादों — बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — की शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों का बलिदान केवल भारत के इतिहास में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व इतिहास में साहस, धर्मनिष्ठा और त्याग का एक अनुपम एवं अनोखा अध्याय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साहिबजादों की शहादत को सम्मान देने हेतु ‘वीर बाल दिवस’ मनाने की घोषणा उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों तक साहिबजादों की वीरता, शौर्य और पराक्रम की गाथाओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के वीर साहिबजादों ने अल्पायु में ही धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अद्भुत साहस का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह बलिदान नई पीढ़ी को साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है तथा हमें अपने कर्तव्यों के प्रति सजग और समर्पित बने रहने की शक्ति प्रदान करता है।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, नवीन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार जोगिंदर सिंह आनंद, सचिव अमरप्रीत सिंह नोनू, संदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, जीत सिंह आनंद, जगजीत सिंह, गगनदीप सिंह, जसमीत सिंह, सतनाम सिंह, हरनमन सिंह, अजीत सिंह के अलावा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. व अन्य प्रशासनिक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

VELMED Hospital, Dehradun में स्ट्रोक से बचाव के लिए जटिल सर्जरी सफल

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देहरादून के VELMED Hospital में एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि हासिल हुई है। यहां 69 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक प्रेम सिंह में दोबारा स्ट्रोक (लकवा) के जोखिम को रोकने के लिए जटिल Carotid Endarterectomy सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। यह देहरादून में इस स्तर की उन्नत न्यूरो-वैस्कुलर सर्जरी के रूप में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।

एक साल पहले प्रेम सिंह को स्ट्रोक हुआ था, जिससे उनके शरीर के बाएं हिस्से में कमजोरी आ गई थी। हालिया जांच में पता चला कि उनकी दाहिनी कैरोटिड आर्टरी में 95-99% तक गंभीर रुकावट थी, जो भविष्य में फिर से स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकती थी।

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डॉक्टरों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने स्टेंट लगाने के बजाय सर्जरी को अधिक सुरक्षित विकल्प माना, क्योंकि रक्त नली में मौजूद प्लाक बहुत नरम और नाजुक था, जो टूटकर मस्तिष्क तक पहुंच सकता था। इसलिए Carotid Endarterectomy की सिफारिश की गई, जिसमें गर्दन की धमनी को खोलकर जमा प्लाक को सावधानी से निकाला जाता है।

सर्जरी डॉ. रोहित चौहान (सर्जन, जीबी पंत अस्पताल दिल्ली से प्रशिक्षित) द्वारा की गई। ऑपरेशन के दौरान Pruitt–Inahara Shunt जैसे विशेष उपकरण का उपयोग किया गया, जिससे सर्जरी के दौरान मस्तिष्क में रक्त प्रवाह निरंतर बना रहा और स्ट्रोक का खतरा न्यूनतम रहा। सर्जरी में बड़े, नरम और वसा युक्त प्लाक के टुकड़े निकाले गए, जिससे टीम का निर्णय पूरी तरह सही साबित हुआ।

इस सफलता में चार विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:

  • डॉ. रोहित चौहान – सर्जन (ऑपरेशन करने वाले).
  • डॉ. गगन जैन – कार्डियोलॉजिस्ट (रक्त नलियों का मूल्यांकन).
  • डॉ. ज्योति गौतम – न्यूरोलॉजिस्ट (न्यूरोलॉजिकल स्थिति और जोखिम आकलन).
  • डॉ. राहुल – एनेस्थीसिया प्रमुख.

यह हार्ट-ब्रेन टीम अप्रोच मरीज को सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान करने में सफल रही।

VELMED Hospital के डॉक्टरों ने बताया कि यह सर्जरी देहरादून में इस प्रकार की पहली ऐसी उन्नत स्ट्रोक-रोकथाम प्रक्रिया है, जिससे अब मरीजों को दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की यात्रा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

संदेश जनता के लिए:

स्ट्रोक के कई मामलों को समय पर पहचान और सही इलाज से रोका जा सकता है। गर्दन की नसों (कारोटिड आर्टरी) की जांच और विशेषज्ञ से परामर्श जीवन रक्षा कर सकता है।

VELMED Hospital, NABH मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, अब देहरादून में ऐसे उन्नत उपचार उपलब्ध कराकर क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है।

उत्तराखंड कैबिनेट : इन 11 बड़े फैसलों पर लगी मुहर

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देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में 11 महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी मिली। इन फैसलों से स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, संस्कृति, आवास, उद्योग और पेंशन जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव आएंगे।

प्रमुख फैसले:

  • प्राकृतिक गैस पर वैट में 15% की कटौती
  • नेचुरल गैस पर वैट की दर 20% से घटाकर 5% कर दी गई। इससे पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

धराली के आपदा प्रभावित सेब उत्पादकों को राहत

  • आपदा प्रभावित धराली और आसपास के क्षेत्रों में रॉयल डिलीशियस सेब 51 रुपये प्रति किलो और रेड डिलीशियस सेब 45 रुपये प्रति किलो की दर से बागवानी विभाग द्वारा खरीदे जाएंगे।

कलाकारों-लेखकों की पेंशन दोगुनी

  • संस्कृति विभाग के तहत वरिष्ठ कलाकारों और लेखकों को मिलने वाली मासिक पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई।

आवास विभाग में कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए नियम सरल

  • केंद्र सरकार के इज ऑफ डूइंग बिजनेस निर्देशों के तहत निम्न जोखिम वाले भवनों या छोटे व्यावसायिक भवनों के नक्शे को एम्पनल्ड आर्किटेक्ट द्वारा स्व-प्रमाणित कर पास किया जा सकेगा। पहले यह विचलन के आधार पर हो रहा था, अब कैबिनेट ने औपचारिक मंजूरी दे दी।

एमएसएमई और औद्योगिक इकाइयों के लिए ग्राउंड कवरेज बढ़ाया

  • एमएसएमई और इंडस्ट्री यूनिटों का ग्राउंड कवरेज बढ़ाकर व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया गया।

बांस एवं रेशम विकास परिषद का ढांचा बदला

  • तकनीकी स्टाफ को अब आउटसोर्सिंग या कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा। 13 पदों को आउटसोर्सिंग/कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से भरा जाएगा।

वर्क चार्ज कर्मचारियों को पेंशन का लाभ

  • सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज कर्मचारियों को पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा।
  • अटल आयुष्मान और गोल्डन कार्ड योजना में बड़े बदलाव
  • अटल आयुष्मान योजना 100% बीमा आधारित हो जाएगी।
  • गोल्डन कार्ड योजना हाइब्रिड मोड में चलेगी: 5 लाख रुपये तक के क्लेम बीमा से और इससे अधिक के क्लेम ट्रस्ट मोड से।
  • कर्मचारियों का अंशदान महंगाई दर के आधार पर 250 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये तक किया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली को मंजूरी

  • उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई। सहायक प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के लिए आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई।

स्वास्थ्य सेवाओं में अन्य राहत

  • स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट, हल्द्वानी में 4 नए पद सृजित।
  • श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य-समान वेतन का मामला (277 कर्मचारी प्रभावित) कैबिनेट उप-समिति को सौंपा गया।

दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों में सेवारत विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इससे करीब 300 डॉक्टरों को लाभ मिलेगा।

बीएमसी चुनाव: उद्धव और राज ठाकरे ने 20 साल बाद किया गठबंधन, भाजपा को सबक सिखाने का ऐलान

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मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने बीएमसी समेत 10 नगर निगमों में गठबंधन का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह गठबंधन 20 साल बाद ठाकरे परिवार की एकता का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य भाजपा को सबक सिखाना और मुंबई में चल रही कथित “लूट” को रोकना है।
बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि
गठबंधन की घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने अपने परिवारों के साथ शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह क्षण मराठी जनता के लिए भावनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संजय राउत ने कहा: यह महाराष्ट्र के लिए खुशी का क्षण
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, “20 वर्षों तक ठाकरे बंधुओं का साथ नहीं रहा, जिससे महाराष्ट्र को बहुत नुकसान हुआ। अब भाजपा को सबक सिखाने और मुंबई में चल रही लूट को रोकने के लिए उद्धव और राज ठाकरे एकजुट हुए हैं। यह महाराष्ट्र और मराठी जनता के लिए खुशी का क्षण है। बालासाहेब ठाकरे ने यहीं के मूल निवासियों के लिए शिवसेना की स्थापना की थी।”
सीट-शेयरिंग फाइनल, लेकिन आधिकारिक संख्या बाद में
सूत्रों के अनुसार, बीएमसी की कुल 227 सीटों में से शिवसेना (यूबीटी) 145-150 सीटों पर और एमएनएस 65-70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कुछ सीटें एनसीपी (एसपी) को भी दी जा सकती हैं। राउत ने कहा कि सीट-शेयरिंग पर कोई विवाद नहीं है, “हम दिल से एकजुट हुए हैं।” अंतिम घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगी।
एमएनएस नेता बोले: लंबे इंतजार का अंत
एमएनएस नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा, “दो भाई एक साथ आ रहे हैं। हम इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। कार्यकर्ता बहुत उत्साहित हैं।”कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने गठबंधन पर सवाल खड़े किए, “क्या यह महायुति में फूट का संकेत है?” कांग्रेस ने पहले ही बीएमसी चुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है।
शिवसेना (यूबीटी) विधायक: ऐतिहासिक दिन
शिवसेना (यूबीटी) विधायक सचिन अहीर ने कहा, “यह महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक दिन है। ठाकरे परिवार एक साथ आ रहा है। यह आशा की किरण है। भाजपा के विरोधियों को एकजुट होना चाहिए।”

बचपन में टॉप परफॉर्मर होना सफलता की गारंटी नहीं: नई स्टडी ने बदली पुरानी धारणा

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नई दिल्ली: यह लंबे समय से माना जाता रहा है कि बचपन में पढ़ाई, खेल, संगीत या किसी अन्य क्षेत्र में सबसे आगे रहने वाले बच्चे ही आगे चलकर दुनिया के टॉप पर पहुंचते हैं। लेकिन जर्मनी की आरपीटीयू यूनिवर्सिटी (RPTU Kaiserslautern-Landau) के प्रोफेसर अर्ने गुल्लिच के नेतृत्व में हाल ही में प्रकाशित एक बड़ी स्टडी ने इस धारणा को पूरी तरह चुनौती दी है।

स्टडी, जो साइंस जर्नल में दिसंबर 2025 में प्रकाशित हुई, में 34,000 से अधिक विश्व स्तरीय परफॉर्मर्स (नोबेल विजेता वैज्ञानिक, ओलंपिक एथलीट्स, विश्व स्तरीय शतरंज खिलाड़ी और प्रसिद्ध क्लासिकल संगीतकार) के विकास पैटर्न का विश्लेषण किया गया। नतीजे चौंकाने वाले हैं:

  • बचपन में टॉप परफॉर्म करने वाले बच्चों में से केवल लगभग 10% ही वयस्क होने पर विश्व स्तरीय (world-class) बन पाते हैं।
  • वहीं, वयस्क स्तर पर टॉप पर पहुंचने वाले 90% से अधिक लोग बचपन में औसत या सामान्य प्रदर्शन करने वाले थे।

प्रोफेसर गुल्लिच का कहना है, “बचपन में असाधारण प्रतिभा वाले बच्चे आगे भी टॉप पर रह सकते हैं, लेकिन ऐसे मामले अपवाद हैं, नियम नहीं।” स्टडी में पाया गया कि अधिकांश विश्व स्तरीय परफॉर्मर्स ने बचपन में धीमी और क्रमिक प्रगति दिखाई, और वे अपने मुख्य क्षेत्र में बहुत कम उम्र में स्पेशलाइज नहीं हुए।

विविधता से ज्यादा फायदा, स्पेशलाइजेशन नहीं स्टडी के प्रमुख निष्कर्षों में से एक है कि सफल लोगों ने बचपन में केवल एक ही क्षेत्र पर फोकस नहीं किया। वे खेल, संगीत, पढ़ाई या अन्य गतिविधियों में विविध अनुभव लेते रहे। उदाहरण के लिए:

  • विश्व स्तरीय एथलीट्स ने बचपन और किशोरावस्था में औसतन दो अन्य खेलों में भाग लिया।
  • इससे मानसिक और शारीरिक विकास में संतुलन बना, और वे लंबे समय तक सफल रहे।

इसके विपरीत, कम उम्र में एक ही क्षेत्र में ज्यादा स्पेशलाइजेशन से बर्नआउट, चोटें और जल्दी थकान का खतरा बढ़ता है। स्टडी ने “10,000 घंटे की प्रैक्टिस” वाली प्रसिद्ध थ्योरी पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया कि शुरुआती दबाव सफलता की गारंटी नहीं देता।

माता-पिता और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के लिए संदेश प्रोफेसर गुल्लिच सलाह देते हैं: “बच्चों को बहुत कम उम्र में एक ही क्षेत्र में स्पेशलाइज करने के बजाय विभिन्न रुचियों को एक्सप्लोर करने दें। इससे वे अपना सबसे उपयुक्त क्षेत्र ढूंढ पाते हैं और लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करते हैं।”

यह स्टडी टैलेंट प्रोग्राम्स, स्कूलों और खेल अकादमियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि अर्ली स्पेशलाइजेशन की जगह विविधता और संतुलन पर फोकस करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

पांच जिलों के लिए हिमस्खलन का अलर्ट जारी

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हालिया भारी बर्फबारी के बाद अधिकारियों ने पांच जिलों में हिमस्खलन (एवलांच) की कम खतरे वाली चेतावनी जारी की है। यह अलर्ट डोडा, गांदरबल, किश्तवाड़, पुंछ और रामबन जिलों के लिए जारी किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, अगले 24 घंटों में इन जिलों के 2,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे हिमस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें और आधिकारिक सलाह का पालन करें।

इस सप्ताह जम्मू-कश्मीर के अधिकांश ऊंचे इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी हुई है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

उत्तराखंड में कोहरे की मार! मैदानी इलाकों में घना कोहरा, येलो अलर्ट जारी – ठंड बढ़ने के आसार

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देहरादून: उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD देहरादून) ने 24 दिसंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाने की चेतावनी दी गई है।

इस कोहरे के कारण ऊधम सिंह नगर, चंपावत और नैनीताल के मैदानी इलाकों में शीत दिवस (Cold Day) जैसी स्थिति बन सकती है, जहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रह सकता है। सुबह और शाम के समय विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती है, जिससे सड़क यातायात, फ्लाइट्स और ट्रेनों पर असर पड़ सकता है।

IMD के अनुसार:

  • घना कोहरा (Dense Fog) अलग-अलग जगहों पर छाए रहने की संभावना।
  • मैदानी क्षेत्रों में शुष्क मौसम, लेकिन ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।
  • ऊंचाई वाले इलाकों में 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हल्की बर्फबारी संभव।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि सुबह-सवेरे यात्रा करते समय सावधानी बरतें, गर्म कपड़े पहनें और वाहन चलाते समय सतर्क रहें। विशेषकर स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ISRO ने रचा इतिहास: ‘बाहुबली’ रॉकेट से अमेरिकी कंपनी की सबसे बड़ी कम्युनिकेशन सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 का सफल लॉन्च

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श्रीहरिकोटा : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने साल के अपने आखिरी मिशन में एक नया इतिहास रच दिया है। ISRO ने आज अपने शक्तिशाली LVM3 (जिसे ‘बाहुबली’ के नाम से भी जाना जाता है) रॉकेट से अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile की ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया।

यह पूरी तरह से वाणिज्यिक मिशन है, जो न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और AST SpaceMobile के बीच हुए समझौते के तहत किया गया। LVM3-M6 रॉकेट ने सुबह 8:54 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी, और लगभग 15 मिनट बाद उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO, लगभग 520-600 किमी ऊंचाई) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।

ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह की खासियतें:

  • यह 6,100 किलोग्राम वजनी है, जो LVM3 रॉकेट द्वारा अब तक लॉन्च किए गए सबसे भारी पेलोड है।
  • इसमें 223 वर्ग मीटर का फेज्ड ऐरे है, जो निचली कक्षा में तैनात होने वाला अब तक का सबसे बड़ा कमर्शियल संचार उपग्रह है।

यह उपग्रह 4G और 5G सिग्नल सीधे सामान्य स्मार्टफोन्स तक पहुंचाने में सक्षम है, बिना किसी विशेष डिवाइस की जरूरत के। इससे दूरदराज इलाकों में इंटरनेट, वॉयस कॉल, वीडियो और डेटा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

यह मिशन LVM3 रॉकेट की छठी सफल उड़ान है और वाणिज्यिक मिशनों के लिए तीसरी। ISRO ने पहले भी चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और OneWeb के कई सैटेलाइट्स सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं।

इस सफलता पर ISRO के अध्यक्ष ने कहा कि यह भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर मजबूत करता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है। AST SpaceMobile का लक्ष्य एक वैश्विक स्पेस-बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क बनाना है, जो अरबों लोगों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। ISRO की इस उपलब्धि से भारत की कमर्शियल स्पेस लॉन्चिंग में बढ़ती भूमिका और मजबूत होती साख का प्रमाण मिला है।

उत्तराखंड में SIR से पहले 90 हजार वोटरों को लेना होगा बड़ा फैसला

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देहरादून : उत्तराखंड में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी जोरों पर है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के करीब 90 हजार सर्विस मतदाताओं को एसआईआर शुरू होने से पहले ही महत्वपूर्ण निर्णय लेने की अपील की है। इन मतदाताओं को बतौर सर्विस वोटर (सेना/अर्द्धसैनिक बलों में सेवारत) या अपने मूल गांव/शहर की वोटर लिस्ट में से केवल एक को चुनना होगा।

जनवरी 2025 में जारी मतदाता सूची के अनुसार, प्रदेश में कुल 89,812 सर्विस मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 87,103 पुरुष और 2,709 महिला मतदाता शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो वर्तमान में सेना या अर्द्धसैनिक बलों में सेवारत हैं और उनकी वोटिंग सर्विस वोटर के रूप में दर्ज है।

निर्वाचन विभाग ने इन मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी एक जगह अपना नाम रखें और दूसरे स्थान से हटवा दें। दो जगहों पर नाम रहने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें सजा का प्रावधान भी है।

कैसे हटवाएं नाम?

  • यदि कोई सर्विस मतदाता अपने गांव/शहर का वोट रखना चाहता है और सर्विस वोटर लिस्ट से नाम हटाना चाहता है, तो उसे सर्विस वोटर पोर्टल (svp.eci.gov.in) पर आवेदन करना होगा।
  • यदि कोई सर्विस वोटर के रूप में रहना चाहता है और मूल गांव/शहर की वोटर लिस्ट से नाम हटाना चाहता है, तो चुनाव आयोग की वेबसाइट (voters.eci.gov.in) पर फॉर्म-7 भरना होगा।

सामान्य मतदाताओं के लिए भी निर्देश

कई सामान्य मतदाताओं का नाम शहरों के साथ-साथ गांव की मतदाता सूची में भी दर्ज है। उन्हें भी एसआईआर से पहले किसी एक स्थान से नाम कटवाना होगा।

पंचायत/निकाय चुनावों पर कोई असर नहीं

मतदाताओं में कन्फ्यूजन है कि गांव से नाम कटने पर वे प्रधान या नगर निकाय चुनावों में वोट नहीं डाल पाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर केवल भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची (लोकसभा/विधानसभा चुनावों) के लिए है। पंचायत और नगर निकाय चुनावों की वोटर लिस्ट राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अलग से तैयार की जाती है, जिसका एसआईआर से कोई संबंध नहीं है।

प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या जनवरी 2025 की सूची के अनुसार 84,29,459 है, जिसमें 43,64,667 पुरुष, 40,64,488 महिला और 304 थर्ड जेंडर शामिल हैं।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने कहा, “सभी सर्विस मतदाताओं को किसी एक जगह अपना वोट सुनिश्चित कर लेना चाहिए। नियमों के अनुसार किसी का भी वोट दो जगह नहीं हो सकता। हटवाने के बाद जरूरत पड़ने पर नए सिरे से वोट बनवाया जा सकता है।

उत्तराखंड: मैदानी जिलों में छाने लगा घना कोहरा, जनजीवन प्रभावित

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हरिद्वार: उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में इन दिनों घने कोहरे का प्रकोप जारी है। आज सुबह से ही हरिद्वार शहर, लक्सर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

कोहरे के कारण रेल यातायात पर भी असर पड़ा। लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12232/15012) को करीब तीन घंटे की देरी हुई, जिससे लक्सर स्टेशन पर पहुंचने में यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया।

नेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक विजिबिलिटी बेहद कम रही। वाहन चालकों को फॉग लाइट और इंडिकेटर जलाकर बेहद धीमी रफ्तार में वाहन चलाने पड़े। सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है।

ठंड का सितम भी बढ़ा हुआ है। स्कूली बच्चों को सुबह स्कूल पहुंचने में खासी मुश्किल हुई, जबकि शहर-ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून और नैनीताल में अगले कुछ दिनों तक घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे। यात्रियों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट चेक करने की सलाह दी गई है।