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उत्तराखंड : मुस्लिम फेरीवाले का नाम पूछकर भगाया, दोबारा आने पर धमकी, पुलिस ने शुरू की जांच

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हरिद्वार:  धर्मनगरी हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में एक मुस्लिम फेरीवाले के साथ कथित रूप से धार्मिक आधार पर अभद्रता और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित फेरीवाले ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने उसका नाम पूछकर धर्म विशेष का हवाला देते हुए गाली-गलौच की, क्षेत्र से भगाया और दोबारा आने पर धमकी भी दी। युवक ने खुद मोबाइल से इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद इंटरनेट मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ज्वालापुर के मोहल्ला कस्साबान निवासी शान मोहम्मद है, जो करीब 40 वर्षों से कनखल सहित पूरे पंचपुरी क्षेत्र में फेरी लगाकर पुराना कचरा खरीदते और परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं। शान मोहम्मद ने कनखल थाने में तहरीर देकर बताया कि घटना के दौरान एक युवक ने उन्हें रोक लिया, नाम पूछा और उसके बाद खुद को हिंदूवादी संगठन का नेता बताते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। युवक ने उन्हें क्षेत्र से तुरंत चले जाने को कहा और दोबारा आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवक फेरीवाले को धमकाते और अपशब्द कहते नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद ज्वालापुर क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने नाराजगी जताई। पीड़ित के समर्थन में कुछ युवा कनखल थाने पहुंचे और तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

इंस्पेक्टर कनखल देवेंद्र रावत ने बताया कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है। वीडियो की भी जांच की जा रही है ताकि आरोपित की पहचान और घटना के पूरे विवरण का पता लगाया जा सके। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना पिछले कुछ समय से हरिद्वार में धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आई है। हाल ही में हरकी पैड़ी पर ‘अहिंदुओं के प्रवेश निषेध’ से संबंधित पोस्टर भी सुर्खियों में रहे थे। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की जा रही हैं, जिसमें कुछ लोग इसे धार्मिक असहिष्णुता का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे व्यक्तिगत विवाद करार दे रहे हैं।

ट्रक चालक की पिटाई, सांप्रदायिक टिप्पणियां करने का आरोप, पुलिस ने खारिज किया धार्मिक एंगल

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हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के बहादराबाद थाना क्षेत्र में ट्रक के पास शौच करने को लेकर हुए विवाद में ट्रक चालक की मारपीट का मामला सामने आया है। चालक ने आरोप लगाया कि युवकों ने उसका नाम पूछकर सांप्रदायिक टिप्पणियां कीं और बुरी तरह पीटा, जबकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में धार्मिक एंगल को पूरी तरह खारिज कर दिया है और इसे सामान्य विवाद बताया है। दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, घटना 22 फरवरी की रात की है। मुरादाबाद के मन्सूरपुर माफी निवासी फिरोज आलम पुत्र कमरे आलम ने अपना ट्रक कलियर-बहादराबाद मार्ग पर स्थित किसान ढाबे के पास खड़ा किया था। उसी दौरान नितीश पाल, विभांशु, अंकुर चौहान, गौरव और कार्तिक चौहान सहित कुछ युवक ढाबे पर खाना खाने पहुंचे। नितीश और विभांशु ने ट्रक की आड़ में शौच करने की कोशिश की, जिस पर चालक फिरोज ने उन्हें मना किया।

इस बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जो जल्द ही गाली-गलौच और मारपीट में बदल गई। फिरोज आलम घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। बाद में फिरोज ने बहादराबाद थाने में तहरीर देकर आरोपियों पर मारपीट के साथ ही नाम पूछकर धार्मिक आधार पर अपशब्द कहने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दूसरे पक्ष ने भी ट्रक चालक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर बहादराबाद थाने में क्रॉस मुकदमा दर्ज किया गया है।

इंस्पेक्टर बहादराबाद विजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में धर्म संबंधी किसी टिप्पणी के कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आए हैं। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि दोनों पक्ष ढाबे पर खाना खाने आए थे और किसी पूर्व जान-पहचान के बिना ही मामूली बात पर विवाद हो गया। ट्रक के टायर के पास शौच करने पर चालक ने विरोध जताया, जिससे मारपीट हुई। पुलिस ने धार्मिक एंगल को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए इसे साधारण झगड़ा करार दिया है।

एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है।

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने की यात्रा तैयारियों की समीक्षा

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देहरादून: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की यात्रा पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक देहरादून में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक का समापन हुआ, जिसमें आगामी चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आगामी बजट बैठक में यात्री सुविधाओं, यात्रा पूर्व व्यवस्थाओं तथा अन्य आवश्यक इंतजामों के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक से पूर्व वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं बीकेटीसी सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के आकस्मिक निधन पर गहन शोक व्यक्त किया गया। दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

चारधाम यात्रा की तिथियां और प्रमुख व्यवस्थाएं

अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) से होगा। परंपरा के अनुसार इसी दिन श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट: 22 अप्रैल 2026 को खुलेंगे।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट: 23 अप्रैल 2026 को खुलेंगे।

यात्रा शुरू होने से पहले बीकेटीसी का कार्यालय ऋषिकेश (आईएसबीटी के समीप) स्थित पर्यटन विभाग के रजिस्ट्रेशन भवन में स्थानांतरित हो जाएगा।

बैठक में चर्चा के प्रमुख बिंदु

  • धामों में सरल एवं सुगम दर्शन व्यवस्था, पूजा व्यवस्था तथा मंदिर परिसरों का सौंदर्यीकरण (रंग-रोगन सहित)।
  • यात्री विश्रामगृहों का रखरखाव, आवास, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और साफ-सफाई की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
  • सुरक्षा इंतजाम, दर्शन व्यवस्था, पार्किंग, आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर।
  • धामों में मोबाइल फोन तथा वीडियो/फोटो/रील बनाने पर निर्धारित सीमा के अंतर्गत प्रतिबंध रहेगा।
  • पॉलीथिन पर पूर्ण रोक, स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता तथा नियमित निरीक्षण।
  • प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, सूचना केंद्र और सहायता डेस्क को प्रभावी बनाना।
  • मंदिर समिति की वेबसाइट का उच्चीकरण, दर्शन पंक्ति, पूजा कार्यालय तथा ऑनलाइन पूजा बुकिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना।

अध्यक्ष ने प्रशासन से समन्वय बनाए रखने और टीम भावना से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि समुचित तैयारियों से इस वर्ष की यात्रा सुचारू रूप से संचालित होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी।

बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य

बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, सदस्य महेन्द्र शर्मा, धीरज मोनू पंचभैया, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, डॉ. विनीत पोस्ती, नीलम पुरी, दिनेश डोभाल सहित मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, अधिशासी अभियंता विपिन तिवारी, विधि अधिकारी एस.एस. बर्त्वाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी, गिरीश चौहान, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल, अतुल डिमरी, संजय भट्ट आदि उपस्थित रहे।

मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि 16 फरवरी को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया था। अधिकांश तैयारियां अंतिम चरण में हैं और शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे।

उत्तराखंड: सरकारी कार्यालय में सुरक्षा को लेकर SOP जारी, बनाए गए सख्त नियम

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उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। यह SOP मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा 25 फरवरी 2026 को गृह अनुभाग-5 के माध्यम से सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को जारी किया गया है।

यह कदम हाल ही में सरकारी अधिकारियों पर हुई हिंसक घटनाओं, विशेष रूप से प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौटियाल पर कथित हमले के बाद उठाया गया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को ऐसी SOP तैयार करने के निर्देश दिए थे।

SOP का मुख्य उद्देश्य

सरकारी कार्यस्थलों पर लोक सेवकों को बाहरी आक्रामकता, हिंसा या अनावश्यक दबाव से पूरी तरह सुरक्षित रखना है। यह SOP उत्तराखंड के सभी सरकारी कार्यालयों (निदेशालयों, जिलाधिकारी परिसरों, खंड विकास कार्यालयों, शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों आदि) पर लागू होगी, हालांकि सचिवालय और विधानसभा जैसे पहले से सुरक्षित स्थानों पर यह लागू नहीं होगी।

प्रमुख प्रावधान

परिधि सुरक्षा और प्रवेश नियंत्रण:

  • सभी कर्मचारियों के लिए टैम्पर-प्रूफ आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य।
  • आम जनता के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित; VIP या दिव्यांग वाहनों की अंडर-व्हीकल मिरर से सघन जांच के बाद अनुमति।
  • डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), फ्रिस्किंग और ब्लैक लिस्टेड व्यक्तियों के लिए “नो एंट्री” रजिस्टर अनिवार्य।

आगंतुक प्रबंधन:

  • डिजिटल विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम (VMS) या रजिस्टर में उच्च रिजॉल्यूशन फोटो, आधार/वोटर आईडी सत्यापन।
  • QR/RFID बैज जारी, जो केवल निर्दिष्ट क्षेत्र तक सीमित।
  • वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए पूर्व अपॉइंटमेंट जरूरी, बिना अपॉइंटमेंट वाले को प्रवेश द्वार से वापस किया जाएगा।

बैठक और जन-प्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल:

  • जन शिकायत सुनवाई के लिए निर्धारित समय।
  • आम जनता के प्रतिनिधिमंडल में अधिकतम 2 व्यक्ति; 2 से ज्यादा होने पर कॉन्फ्रेंस रूम (CCTV युक्त) में बैठक।
  • निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ अधिकतम 3 व्यक्ति (प्रतिनिधि सहित)।
  • VIP के सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों को हथियार रिसेप्शन पर घोषित करना और प्रतीक्षालय में रहना।

सुरक्षा अवसंरचना:

  • HD CCTV कैमरे (ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित) प्रवेश द्वारों, गलियारों और अधिकारियों के कक्षों में; फुटेज 3 महीने तक सुरक्षित।
  • साइलेंट पैनिक अलार्म अधिकारियों की डेस्क और रिसेप्शन पर।

घटना के बाद कार्रवाई:

  • घटनास्थल सील, CCTV फुटेज सुरक्षित उपलब्ध।
  • घायलों को मेडिको-लीगल केस में इलाज।
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में FIR; जांच इंस्पेक्टर स्तर से, 2 महीने में पूरी।
  • आगंतुकों के लिए दिशा-निर्देश (Do’s & Don’ts):
  • शिष्ट भाषा, कोई शोर-शराबा/नारेबाजी नहीं।
  • अधिकारी कक्ष में एक समय में अधिकतम 2 व्यक्ति।
  • हथियार, लाठी, ज्वलनशील पदार्थ, स्याही आदि प्रतिबंधित।
  • वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए पूर्व अनुमति।
  • दुर्व्यवहार पर तत्काल FIR और निष्कासन।

यह SOP सभी प्रमुख स्थानों पर चस्पा की जाएगी, जिसमें आचार संहिता, दंडात्मक कार्रवाई और संपर्क विवरण शामिल होंगे। विभागीय सचिव आवश्यकतानुसार पंजीकृत एजेंसियों से सुरक्षा कर्मी तैनात कर सकेंगे। उच्च जोखिम वाले कार्यालयों में वार्षिक सुरक्षा ऑडिट भी संभव।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी विभाग इस SOP के अनुसार तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, ताकि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर अनुशासन बना रहे। यह कदम सरकारी मशीनरी की गरिमा और कार्यक्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट की बैठक: 27 प्रस्तावों को मंजूरी, बजट में 10% की बढ़ोतरी

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट तैयार करने पर सहमति बनी। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार बजट में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।

कैबिनेट ने 1.11 लाख करोड़ रुपये के बजट को सदन में पेश करने की मंजूरी दे दी। बजट में आवश्यक संशोधन या बदलाव करने का अधिकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा गया है। यह बजट राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि और रोजगार सृजन पर केंद्रित होने की उम्मीद है।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले

  • उत्तराखंड उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों (जहां नियमित प्राचार्य नियुक्त हैं) को शामिल करने की मंजूरी।
  • उच्च शिक्षा विभाग के तहत स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना को हरी झंडी।
  • उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन को स्वीकृति।
  • शहरी विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित करने की मंजूरी। इनकी भर्ती संविदा आधार पर होगी।
  • सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 को मंजूरी।
  • मौन पालन नीति 2026 को कैबिनेट की स्वीकृति।
  • यूआईआईडीबी (संभवतः उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट डेवलपमेंट बोर्ड) के ढांचे में अतिरिक्त 14 नए पद सृजित करने, सहायक महाप्रबंधक (लेखा/लेखाकर) पदनाम परिवर्तन और ऑफिस बॉय के मानदेय में बदलाव को हरी झंडी।

सौतेली मां ने 3 साल की मासूम बेटी की दी बलि, धड़ से अलग किया सिर

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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के ग्राम इमलिया उर्फ विजहरा में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। नवविवाहित सौतेली मां ने अपनी तीन साल की सौतेली बेटी अदिति की कुल्हाड़ी से क्रूर हत्या कर दी। हत्या इतनी बेरहम थी कि बच्ची का सिर धड़ से अलग कर दिया गया।

पुलिस सूत्रों और परिजनों के अनुसार, मृतक बच्ची अदिति के पिता त्रिवेणी मौर्य की पहली पत्नी की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। पहली पत्नी से उनकी इकलौती संतान अदिति थी। घरेलू जिम्मेदारियों और बच्ची की देखभाल के लिए त्रिवेणी ने 25 जनवरी 2026 को सहजनवां इलाके की एक महिला से दूसरी शादी की थी। शादी के महज एक महीने बाद ही यह खौफनाक घटना घट गई।

ग्रामीणों और परिजनों के बयान के मुताबिक, रात करीब 12 बजे आरोपी महिला ने बच्ची को तेल लगाकर तैयार किया और सिंदूर का टीका लगाया। इसके बाद उसे घर के अंदर बने देवस्थान (पूजा स्थल) पर ले जाकर कुल्हाड़ी से गला काट दिया। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि यह किसी प्रकार की ‘बलि’ देने की घटना हो सकती है, जबकि अन्य इसे सौतेली मां के गुस्से या मानसिक विकृति का नतीजा बता रहे हैं।

घटना के समय बच्ची के पिता त्रिवेणी मौर्य घर के बाहर सो रहे थे। घर में हुई हलचल और आवाजों से उन्हें शक हुआ। उन्होंने फोन किया और अंदर जाकर देखा तो भयावह नजारा सामने आया। शोर मचने पर आरोपी महिला भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन ग्रामीणों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया।

सूचना मिलते ही पिपराइच पुलिस और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपी के मानसिक हालत, किसी तंत्र-मंत्र या अन्य वजहों की भी पड़ताल कर रही है।

दिल दहलाने वाली वारदात, पत्नी और तीन बच्चों की धारदार हथियार से हत्या, आरोपी फरार

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नई दिल्ली: घरेलू कलह ने चार मासूम जिंदगियां छीन लीं। बाहरी उत्तरी दिल्ली के चंदन पार्क इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों की क्रूर हत्या कर दी। सभी की हत्या धारदार हथियार से की गई। वारदात के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना मंगलवार की रात या बुधवार की सुबह घर के अंदर हुई। आसपड़ोसियों को चीख-पुकार सुनाई देने या संदिग्ध हालात दिखने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घर के अंदर चार शव बरामद किए हैं, जिनमें एक महिला (पत्नी) और तीन नाबालिग बच्चे। प्रारंभिक जांच में सभी की हत्या तेजधार हथियार से किए जाने का संकेत मिला है।

पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। फिलहाल हत्या के पीछे का सटीक कारण सामने नहीं आया है।

पुलिस का मानना है कि यह घरेलू विवाद या पारिवारिक कलह से जुड़ा मामला हो सकता है, लेकिन जांच अभी प्रारंभिक दौर में है। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।

उत्तराखंड : मेहंदी समारोह में लाइसेंसी पिस्टल से चली गोली, महिला गंभीर घायल

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देहरादून: जश्न के बीच लापरवाही ने एक महिला की जान पर बन आई। रायपुर थाना क्षेत्र के नेहरू ग्राम में सोमवार रात मेहंदी के दौरान नाचते हुए एक युवक की लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। गोली लगने से समारोह में शामिल एक महिला नीलिमा के पैर में गंभीर चोट आई। उसे फौरन कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

घटना की जानकारी गढ़वाली कॉलोनी, नेहरू ग्राम निवासी कमल कुमार यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताई। उनके घर पर शादी से पहले मेहंदी का कार्यक्रम चल रहा था। इसमें शामिल परिचित लक्ष्मण सिंह नेगी समेत कई लोग नाच रहे थे। लक्ष्मण नेगी ने अपनी कमर में लाइसेंसी पिस्टल रखी हुई थी। नाचते-नाचते पिस्टल से अचानक गोली निकल गई, जो नीलिमा के पैर में लग गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी लक्ष्मण सिंह नेगी को हिरासत में ले लिया और पिस्टल को जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष गिरीश नेगी ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया धोखे से गोली चलने की बात सामने आई है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पिस्टल पहले से लोडेड थी और नाचने के दौरान ट्रिगर दब गया, जिससे फायर हो गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पिस्टल लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

समारोह में गोली चलने से वहां सन्नाटा छा गया। पहले लोगों को समझ नहीं आया कि आवाज किसकी है, लेकिन नीलिमा की चीख सुनकर सबको घटना का पता चला। गनीमत रही कि पिस्टल की नाल नीचे की ओर थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। समारोह में छोटे बच्चे भी मौजूद थे, जिससे रिश्तेदारों में भय का माहौल है। पुलिस ने लोगों से हथियारों के साथ जश्न मनाने से बचने की अपील की है और लापरवाही से होने वाली ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

उत्तराखंड : 12 साल के बच्चे के सिर पर नाबालिग ने मारा डंडा, दर्दनाक मौत

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रुड़की : खेल-खेल में हुई छोटी-सी कहासुनी ने एक मासूम की जान ले ली। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के पनियाला चंदापुर गांव में सोमवार दोपहर डॉ. आंबेडकर पार्क में क्रिकेट खेलते समय बच्चों के बीच हुए झगड़े में एक नाबालिग किशोर ने 12 वर्षीय भानू पुत्र बालेंद्र के सिर पर डंडे से जोरदार वार कर दिया। इस चोट से गंभीर रूप से घायल भानू को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के अनुसार, सोमवार दोपहर क्षेत्र के बच्चे पार्क में क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान किसी बात पर विवाद बढ़ गया। इसी बीच आरोपी नाबालिग ने भानू के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। वार के बाद अन्य बच्चे मौके से भाग गए, जबकि भानू घर पहुंचा और परिवार को घटना बताकर बेहोश हो गया। परिजनों ने उसे तुरंत बीएसएम तिराहा स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता की तहरीर पर गंगनहर कोतवाली में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। इंस्पेक्टर मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के नाबालिग होने की पुष्टि हुई है। पुलिस हत्यारोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जांच में हत्या के सटीक कारणों, विवाद की जड़ और अन्य पहलुओं का पता लगाया जा रहा है।

वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस दोनों पक्षों के बीच शांति बनाए रखने के लिए सतर्क है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। मामूली खेल-विवाद में एक बच्चे की मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने बच्चों के बीच छोटे-मोटे झगड़ों को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है।

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, इन जिलों में हो सकती है बारिश

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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज 25 फरवरी और कल 26 फरवरी राज्य भर में मौसम शुष्क रहेगा। किसी भी जिले में बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है, और 13 जिलों में पूरी तरह से सूखा मौसम बना रहेगा।

हालांकि, शुक्रवार 27 फरवरी से मौसम में बदलाव दिखाई देगा। मौसम विभाग ने तीन पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इनमें गढ़वाल मंडल के सीमांत जिले उत्तरकाशी और चमोली शामिल हैं, जहां कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी। इन जिलों में 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी संभव है। कुमाऊं मंडल के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भी इसी तरह बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। शेष 10 जिलों में मौसम शुष्क ही रहेगा।

फरवरी का अंत भी इसी बदलते मौसम के साथ होगा। शनिवार 28 फरवरी को भी उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि 3000 मीटर से ऊपर बर्फबारी जारी रह सकती है। बाकी जिलों में मौसम सामान्य और शुष्क रहेगा।

मार्च की शुरुआत में मौसम फिर से स्थिर हो जाएगा। 1 और 2 मार्च को पूरे राज्य में शुष्क मौसम का अनुमान है, बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं दिख रही। न्यूनतम तापमान में अगले 2-3 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में वृद्धि शुरू हो सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार, 3-4 दिनों के अंदर कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है, जिससे गर्मी का अहसास बढ़ेगा।