Home Blog Page 59

बड़ी खबर : देहरादून-मसूरी के बीच 42 किमी का नया राष्ट्रीय राजमार्ग, दो सुरंगों को मंजूरी

0

मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में वीकेंड और छुट्टियों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए अब बड़ी राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देहरादून से मसूरी के बीच 42 किलोमीटर लंबे नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3500 करोड़ रुपये है।

इस नए हाईवे की सबसे खास बात दो बड़ी सुरंगें होंगी:

  • जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के नीचे 2.9 किमी लंबी सुरंग. 
  • मसूरी की पहाड़ियों में करीब 2 किमी लंबी दूसरी सुरंग. 

इन सुरंगों के बनने से सड़क पहाड़ के आर-पार निकलेगी, जिससे तीखे मोड़, खड़ी चढ़ाई और बार-बार भूस्खलन वाले इलाके काफी हद तक बायपास हो जाएंगे। इससे सफर न सिर्फ तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि जाम की समस्या भी काफी कम हो जाएगी।

वर्तमान स्थिति और समस्या वर्तमान में देहरादून से मसूरी जाने का मुख्य मार्ग एक ही है, जिस पर वीकेंड, छुट्टियां और पर्यटन सीजन में हालात बेकाबू हो जाते हैं। दूसरा विकल्प किमाड़ी रोड है, जो हर मानसून में बारिश और भूस्खलन के कारण कई बार बंद हो जाता है। नतीजा – पर्यटक घंटों जाम में फंस जाते हैं, स्थानीय लोग दफ्तर, स्कूल, अस्पताल पहुंचने में परेशान होते हैं और आपात सेवाओं को भी रास्ता नहीं मिल पाता।

नए हाईवे का रूट और फायदे नया राजमार्ग झाझरा से शुरू होकर लाइब्रेरी चौक मसूरी तक जाएगा और चासकोट, दृखनिज नगर होते हुए एनएच-707ए (मसूरी-कैंपटीफॉल रोड) से जुड़ेगा। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव बंटेगा और मसूरी बाजार क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो जाएगी।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मसूरी उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शुमार है। दिल्ली-एनसीआर से हर वीकेंड हजारों वाहन यहां पहुंचते हैं। नए हाईवे और सुरंगों के बनने से सफर आसान होने के साथ पर्यटन सीजन में होने वाली अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगी।

पर्यावरण और भूगर्भीय जांच पर जोर एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि निर्माण से पहले मिट्टी, चट्टानों की स्थिरता और भूस्खलन की संभावना की पूरी जांच की जाएगी। इसके लिए वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों को एलाइनमेंट के अनुसार विस्तृत भौगोलिक सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है।

एनएचएआई परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया, “देहरादून-मसूरी नए राष्ट्रीय राजमार्ग के एलाइनमेंट को स्वीकृति मिल चुकी है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद निर्माण की अगली प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।” यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो यह नया हाईवे मसूरी के ट्रैफिक इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव साबित होगा। सुरंगों के जरिए सफर न सिर्फ तेज होगा, बल्कि पहाड़ों पर ट्रैफिक का बोझ भी काफी कम होगा। जिस मसूरी को लोग जाम की वजह से परेशान थे, इस परियोजना से वहां आने-जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, गेटमैन ने ट्रेन आने से ठीक पहले खोल दिया फाटक

0

देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले में डोईवाला और हर्रावाला के बीच स्थित नकरौंदा रेलवे फाटक पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। मसूरी एक्सप्रेस (दिल्ली से देहरादून आ रही) के गुजरने से ठीक पहले गेटमैन ने फाटक खोल दिया, जिससे वहां खड़े 100 से अधिक वाहनों में अफरा-तफरी मच गई। लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन रोककर संभावित दुर्घटना को टाल दिया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 8:45 बजे की है। मसूरी एक्सप्रेस दिल्ली से देहरादून की ओर आ रही थी। ट्रेन डोईवाला स्टेशन पर दो मिनट रुकने के बाद देहरादून के लिए रवाना हुई। नकरौंदा फाटक पर पहुंचते समय लोको पायलट को मैन्युअल तरीके से फाटक बंद होने का ग्रीन सिग्नल मिला था। ट्रेन आगे बढ़ रही थी, तभी गेटमैन ने अचानक फाटक खोल दिया। इससे दोनों तरफ खड़े वाहन ट्रैक पार करने लगे।

लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए फाटक से कुछ दूरी पर ही ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उस समय फाटक के दोनों ओर 100 से अधिक वाहन खड़े थे, जिसमें स्कूली बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल थे, क्योंकि घटना स्कूल खुलने के समय की थी। यदि ट्रेन नहीं रोकी जाती, तो कई लोगों की जान जा सकती थी।

गेटमैन को तत्काल निलंबित किया रेलवे ने गेटमैन की लापरवाही पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने कहा, “इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। इससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। घटना की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”

इस फाटक पर ऑटो सिग्नल की व्यवस्था नहीं है, यहां मैन्युअली ही सिग्नल दिए जाते हैं। इंजीनियरिंग संवर्ग के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों ने फाटक जल्दी खुलवाने के लिए हंगामा किया था। उनका कहना है कि फाटक काफी देर से बंद रहता है, जिससे रोजाना दिक्कत होती है। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मंडल के इंजीनियरिंग संवर्ग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर पूरी स्थिति की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड : सीएम धामी दे रहे थे भाषण, तभी जंगल में भड़की आग, अफसरों में मचा हड़कंप

0

नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के स्थलीय निरीक्षण और जनता को संबोधन के दौरान एक चौंकाने वाली घटना ने सबको हैरान कर दिया। बांध स्थल के ठीक ऊपर पहाड़ी जंगल में अचानक आग लग गई और लपटें साफ नजर आने लगीं। इस दौरान सीएम धामी खुद मौके पर मौजूद थे और स्थानीय लोगों को संबोधित कर रहे थे।

आग की लपटें देखते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जंगलों में आग हमारे लिए बड़ी चुनौती है। इसको रोकने के लिए हम पूरी तरह अलर्ट पर हैं। पहाड़ के लिए वनाग्नि चुनौती जरूर है, जिसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें और ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई करें।”

उत्तराखंड में इस बार सर्दियों के मौसम में भी जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो सामान्यतः गर्मियों में ज्यादा देखी जाती हैं। वन विभाग आग पर काबू पाने का दावा तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 3678 करोड़ रुपये की इस महत्वपूर्ण परियोजना के दोनों टनल और अस्थायी कॉफर डैम का निर्माण कार्य जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। यह परियोजना तराई क्षेत्र सहित स्थानीय लोगों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

दिसंबर 2025 में हुई परीक्षा के परिणाम जारी, यहां से डाउनलोड करें स्कोरकार्ड

0

नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने यूजीसी नेट दिसंबर 2025 सत्र के परिणाम घोषित कर दिए हैं। यह परीक्षा दिसंबर 2025 के अंत और जनवरी 2026 की शुरुआत में आयोजित की गई थी।

परिणाम आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर उपलब्ध हैं। शामिल हुए उम्मीदवार अब अपनी आवेदन संख्या (एप्लिकेशन नंबर) और जन्म तिथि का उपयोग करके लॉग इन कर अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, विषय-वार और श्रेणी-वार कट-ऑफ अंक भी जारी किए गए हैं।

एनटीए ने अनंतिम उत्तर कुंजी पर प्राप्त आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम उत्तर कुंजी भी जारी कर दी है, जिसके आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किया गया है। परीक्षा में कुल 7,35,614 उम्मीदवारों के परिणाम घोषित किए गए हैं।

यह परिणाम जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की नियुक्ति तथा विभिन्न भारतीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पीएचडी प्रवेश के लिए पात्रता तय करता है। सफल उम्मीदवारों को JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर या पीएचडी प्रवेश (केवल) की श्रेणी में योग्य घोषित किया गया है।

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपना स्कोरकार्ड, योग्यता स्थिति और कट-ऑफ विवरण ध्यान से जांच लें तथा भविष्य के उपयोग के लिए इसका प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।

कांग्रेस ने NIEPVD कर्मचारियों के पेंशन बंदी के खिलाफ दिया समर्थन, धस्माना ने राहुल गांधी से संसद में उठाने का किया वादा

0

देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून के गेट पर धरना दे रहे सैकड़ों पेंशनभोगी और वर्तमान कर्मचारियों को उत्तराखंड कांग्रेस ने पूर्ण समर्थन दिया है। एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना आज धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के बीच खड़े होकर केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की।

श्री धस्माना ने घोषणा की कि संस्थान के पेंशनभोगी कर्मचारियों की पेंशन 1 जनवरी 2026 से बंद किए जाने का मुद्दा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से उठाने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कल ही इस संबंध में राहुल गांधी को विस्तृत पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।

धस्माना ने कहा, “यह सबसे बड़ा अफसोस की बात है कि दशकों से पेंशन पा रहे कर्मचारियों को अब पेंशन नहीं देने का कर्मचारी-विरोधी निर्णय केंद्र सरकार के अधीन इस स्वायत्त संस्थान ने लिया है। मोदी सरकार कर्मचारी, किसान, नौजवान, बेरोजगार और विद्यार्थी विरोधी है। इस सरकार ने माध्यम वर्गीय और गरीब जनता के खिलाफ कई निर्णय लिए हैं।” उन्होंने पेंशन बंद करने को क्रूर बताया और कहा कि यह वरिष्ठ नागरिकों का मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न है।

उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार धार्मिक शोषण कर रही है और सनातन धर्म व हिंदुत्व के नाम पर जन-विरोधी फैसले ले रही है। कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर हमेशा कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी।

धरने को एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश कुकरेती, उपाध्यक्ष हरीश पंवार, हिमांशु थापा, एस.सी. बिनजोला और जगदीश लखेडा ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं, बुजुर्ग और वर्तमान कर्मचारी शामिल रहे।

NIEPVD (पूर्व में NIVH) दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए काम करने वाला प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है, जहां दृष्टिबाधित कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की यह समस्या गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि पेंशन बहाल की जाए और उनके अधिकारों की रक्षा हो।

उत्तराखंड : धामी सरकार का बड़ा दावा, प्रति माह औसतन 518 युवाओं को दी सरकारी नौकरी 

0

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल (लगभग 54 महीने) में युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस दौरान 28 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में स्थायी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इससे प्रति माह औसतन 518 युवाओं को सरकारी रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में देहरादून में 1035 सहायक अध्यापकों (प्राथमिक शिक्षा) को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए इस उपलब्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मसम्मान और भरोसे की जीत है। लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से ये भर्तियां पूरी की गई हैं।

पारदर्शिता से तेज हुई प्रक्रिया

सरकार ने फरवरी 2023 में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण) कानून लागू किया, जिसे देश का एक मॉडल नकल विरोधी कानून माना जा रहा है। इस कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। पहले जहां भर्तियों में 2-3 साल लगते थे, अब औसतन एक साल में प्रक्रिया पूरी हो रही है। साथ ही, योग्य युवा अब एक से अधिक विभागों में चयनित हो रहे हैं।

विदेशों में भी रोजगार के अवसर

धामी सरकार ने युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए 9 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरू की। इस योजना के तहत आतिथ्य, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जर्मनी और जापान में नौकरियां दी जा रही हैं। अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिनमें से 37 को जापान में रोजगार मिल चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारी सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर रिकॉर्ड भर्तियां की गई हैं, नकल माफिया पर सख्त कानून लागू किया गया है और कौशल विकास के जरिए विदेशी रोजगार के द्वार खोले गए हैं। अगले एक साल में भी विभिन्न आयोगों के माध्यम से रिकॉर्ड भर्तियां पूरी की जाएंगी।”

रविदास जयंती बवाल मामले में बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर और SSI लाइन हाजिर, चौकी प्रभारी सस्पेंड 

0

रुड़की (हरिद्वार): उत्तराखंड के रुड़की जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनारसी गांव में संत रविदास जयंती के दौरान हुई हिंसक घटना में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की गई है। दो लोगों की हत्या के मामले में भगवानपुर थाने के इंस्पेक्टर सूर्य भूषण नेगी और वरिष्ठ उप निरीक्षक रमेश सैनी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा, चौकी इंचार्ज और दो कांस्टेबलों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

हरिद्वार पुलिस ने अलग से चुड़ियाला हल्का प्रभारी एसआई सूरत शर्मा को भी निलंबित कर दिया है, क्योंकि रविदास जयंती पर दो पक्षों के बीच संघर्ष और गोलीबारी में ढिलाई बरती गई थी। पूरे प्रकरण की जांच एसपी क्राइम हरिद्वार जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है।

घटना का विवरण घटना रविवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा और उसके बाद हुए सामुदायिक भंडारे के दौरान हुई। पुरानी रंजिश के चलते एक ही समाज के दो गुटों में कहासुनी बढ़ गई, जो पथराव, फायरिंग और आगजनी में बदल गई। गोलीबारी में 28 वर्षीय आनंद की मौके पर मौत हो गई, जबकि देर रात खेत से 45 वर्षीय मांगेराम का शव मिला, जिसके शरीर पर पिटाई के निशान थे। तीन अन्य लोग—विकास, योगेंद्र और गगन—घायल हुए और अस्पताल में भर्ती हैं।

CCTV फुटेज में गांव की गलियों में अफरा-तफरी, ताबड़तोड़ फायरिंग और पत्थरबाजी साफ दिखाई दे रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों से कुल 25-26 लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा, हत्या के प्रयास, आगजनी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। 40 से अधिक ग्रामीणों (महिलाओं और बुजुर्गों सहित) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है, जबकि अधिकांश लोग डर से घर छोड़कर भाग गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने घटना में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर सूर्य भूषण नेगी और वरिष्ठ उप निरीक्षक रमेश सैनी को लाइन हाजिर किया। इससे पहले चौकी इंचार्ज और दो कांस्टेबलों को निलंबित किया गया था। चुड़ियाला हल्का प्रभारी एसआई सूरत शर्मा को भी गोलीबारी और संघर्ष में ढिलाई के लिए निलंबित किया गया।

क्वानू-मीनस मोटर मार्ग बस हादसे में घायलों का BJP नेता रामशरण नौटियाल ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

0

विकासनगरः उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली बस दुर्घटना हुई, जिसमें हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचआरटीसी) की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 33 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की सूचना मिलने ही भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल तुरंत विकासनगर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल यात्रियों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की जानकारी ली। नौटियाल ने पीड़ितों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने दिवंगत यात्रियों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

दुर्घटना हरिपुर-कोटी-क्वानू-मीनस राजमार्ग पर सुदोई खड्ड के पास क्वानू गांव के निकट हुई। बस हिमाचल प्रदेश के नेरवा-चौपाल से पांवटा साहिब जा रही थी और इसमें 36 यात्री सवार थे। प्रमृतकों में हिमाचल के शिमला जिले के नेरवा क्षेत्र के निवासी यासमीन (38), धन बहादुर (50) और रिया (28) शामिल हैं।

उत्तराखंड : क्वानू-मीनस मोटर मार्ग बस हादसे में घायलों का हाल जानने दून अस्पताल पहुंचे सीएम धामी

0

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने कालसी क्षेत्र के क्वानू-मीनस मोटर मार्ग पर हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचआरटीसी) की बस के खाई में गिरने से घायल हुए यात्रियों का हालचाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने घायलों से व्यक्तिगत मुलाकात की, उनके परिजनों से बातचीत की और चिकित्सकों से उपचार की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली।

यह दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे हुई थी, जब नेरवा-चौपाल (हिमाचल प्रदेश) से पांवटा साहिब जा रही एचआरटीसी की बस हरिपुर-क्वानू-मीनस मार्ग पर क्वानू के पास अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ट्रक को साइड देने के दौरान सड़क का पुश्ता ढह गया, जिससे बस लगभग 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई (सभी हिमाचल प्रदेश के निवासी), जबकि 32 से अधिक घायल हुए हैं, जिनमें से 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में दो महिलाएं शामिल हैं।

अस्पताल पहुंचने पर मुख्यमंत्री धामी ने सबसे पहले दिवंगत यात्रियों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। उन्होंने घायलों से बातचीत करते हुए कहा, “राज्य सरकार आपके इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सभी घायलों को सर्वोत्तम और त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने चिकित्सकीय टीम को निर्देश दिए कि घायलों का इलाज प्राथमिकता पर किया जाए और किसी भी कमी न आने दी जाए।

मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उत्तराखंड सरकार सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने विकासनगर के उप जिला चिकित्साधिकारी से फोन पर बात कर वहां उपचाराधीन घायलों को भी संवेदनशील और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

साथ ही, हिमाचल प्रदेश सरकार को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड में भर्ती सभी हिमाचल के घायल यात्रियों का निःशुल्क और उचित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

उत्तराखंड में सनसनीखेज घटना, बड़े भाई ने छोटे भाई को मार डाला

0

हल्द्वानी : उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। बरेली रोड स्थित राम मंदिर बगीचा क्षेत्र में मंगलवार देर रात पारिवारिक विवाद के चलते बड़े भाई ने अपने छोटे सगे भाई की क्रूरता से हत्या कर दी। आरोपी ने स्टील के लोटे से मृतक के सिर और चेहरे पर बार-बार वार किए और फिर उसे तख्त पर पटक-पटककर पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी संदीप जायसवाल (उम्र लगभग 45-50 वर्ष) पुत्र स्व. लल्लन प्रसाद जायसवाल मंगलवार रात करीब 11 बजे घर पहुंचा। वह अपने छोटे भाई सोनू जायसवाल (42 वर्ष) से किसी मामूली बात पर बहस करने लगा। परिजनों के बयान के मुताबिक, संदीप ने सोनू को उसकी बीमारी (लीवर की गंभीर समस्या) का ताना दिया और कहा कि उसकी वजह से परिवार बर्बाद हो गया है। बहस तेज होते ही संदीप ने पास पड़ा स्टील का लोटा उठाया और सोनू के मुंह, सिर व चेहरे पर कई वार किए। इसके बाद उसने सोनू को तख्त पर उठाकर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई। सोनू लंबे समय से बीमार चल रहा था और परिवार उसके इलाज पर भारी खर्च कर चुका था।

घटना की सूचना मिलते ही हल्द्वानी कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव खून से लथपथ पड़ा मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की भतीजी (या भतीजे) अंकित जायसवाल की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी संदीप घटना के बाद फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे हल्द्वानी रोडवेज बस स्टेशन के पास से 32 बोर की तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फिलहाल हिरासत में है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया, “मंगलवार देर रात बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर दी। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।” कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता ने भी घटना की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, आरोपी संदीप जायसवाल का आपराधिक इतिहास रहा है। वह वर्ष 2014 में एक व्यापारी की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा उसने अपनी मां पर भी जानलेवा हमला किया था। इस पृष्ठभूमि में परिवार में पहले से तनाव था।

घटना के बाद बरेली रोड और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। पड़ोसियों और परिजनों ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच अक्सर छोटी-मोटी बातों पर झगड़े होते थे, लेकिन इस बार विवाद हिंसक रूप ले लिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई पुराना रंजिश या अन्य कारण भी था।