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CM ने बजट में किया ऐलान, कॉलेज पास आउट करते ही मिलेगी नौकरी

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शिमला :  राज्य के सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले युवाओं को बजट से अच्छी खबर निकल कर आई है। छात्रों को स्नातक की डिग्री करने के बाद रोजगार के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। कॉलेज से पास आउट होते ही उन्हें कंपनियों में अच्छे पैकेज पर नौकरियां मिलेगी। इसके लिए कॉलेजों में साल में 2 बार रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेलों के अलावा भी सरकार कॉलेजों में कैंपस प्लेसमेंट करवाएगी। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को गुणात्मक शिक्षा मिले यह सरकार का प्रयास रहेगा।

CM  सुख्कू ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लर्निंग आउटकम में गिरावट आई है। इसको सुधारने की दिशा में काम किया जा रहा है। शिक्षा विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नए स्कूल खोलने व अपग्रेड करने के बजाए जो स्कूल खुले हैं उनका ढांचा बढ़ाया जाएगा। इन स्कूलों में अध्यापक तैनात किए जाएंगे व लैब की सुविधा दी जाएगी। स्कूल भवन बनाने के अलावा खेल मैदान की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुल स्कूलों के 30 फीसद स्कूल 1-1 शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। यह व्यवस्था अब नहीं रहेगी।

CM ने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा की। इनमें प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक शिक्षा सुविधा के साथ इंडोर व आउटडोर सुविधा होगी। जहां पानी की सुविधा है वहां पर स्विमिंग पुल भी बनाए जाएंगे। इस पर 300 करोड़ इस पर खर्च होगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की प्रतियोगी परीक्षा के लिए ब्लॉक स्तर पर पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की एक्सेस व लाइब्रेरी का निर्माण होगा। राज्य के हर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में पुस्तकालय बनेगा।

मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि स्कूल व कॉलेजों के पाठ्यक्रम में बदलाव होगा। रोजगार आधारित कोर्स शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जो विषय पुराने हो चुके हैं उनके स्थान पर नए कोर्स शुरू होंगे। 762 स्कूलों में आईसीटी लैब बनाई जाएगी। मेधावी छात्रों को टैबलेट दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर बच्चे आज भी टाट पट्टी पर बैठते हैं। इन स्कूलों में अब डेस्क लगाए जाएंगे। इसके लिए 40 हजार डेस्क दिए जाएंगे। 17 हजार 517 अध्यापकों को टैबलेट देंगे। मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स हास्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों की डाइट मनी 120 से बढ़ाकर 240 करने की घोषणा की।

विवादों में रानी की फिल्म, इन्होंने जताई आपत्ति, बोले- खराब हो रही छवि

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नई दिल्ली : रानी मुखर्जी की गिनती फिल्म इंडस्ट्री की टैलेटेंड एक्ट्रेस में होती है। उन्होंने अपने अब तक के करियर में जितनी भी फिल्में दी हैं, उनमें कहानी के साथ-साथ उनकी दमदार अकादारी ने भी लोगों का दिल छुआ है। यही वजह है कि एक्ट्रेस की जब भी कोई मूवी रिलीज होती है, तो उसे देखने के लिए ठीकठाक संख्या में दर्शक थिएटर में मौजूद रहते हैं।

हाल ही में उनकी मूवी ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ रिलीज हुई, जिसके रिस्पांस को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह फिल्म दर्शकों की हिट लिस्ट में शामिल हो चुकी है। रानी मुखर्जी की फिल्म को जहां सेलेब्स और फैंस ने अपने अनुसार रिव्यू दिया है, वहीं भारत में नॉर्वे के एम्बेसडर हंस जैकोब फ्रैडुलंद ने फिल्म में दिखाए गए दृश्यों को लेकर अपनी बात रखी है।
आशिमा छिब्बर के निर्देशन में बनी ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ एक मां की अपने बच्चों के लिए कानूनी जंग की लड़ाई को दिखाती कहानी है। इस फिल्म में रानी, सागरिका चटर्जी के रोल में हैं, जो लगभग चार साल से नॉर्वे में अपने पति और दो बच्चों के साथ रह रही है। उसकी जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा होता है कि अचानक एक दिन नॉर्वे की चाइल्ड वेलफेयर सर्विस से तूफान आ जाता है।

भारत में नॉर्वे के एम्बेसडर हंस जैकोब फ्रैडुलंद ने इस फिल्म को फिक्शनल बताते हुए कुछ बातों पर आपत्ति जताई है। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे फिल्म फैमिली लाइफ में नॉर्वे के विश्वास और विभिन्न संस्कृतियों के प्रति हमारे सम्मान को गलत तरीके से दर्शाता है। बाल कल्याण एक बड़ी जिम्मेदारी का विषय है, जो कभी भी भुगतान या लाभ से प्रेरित नहीं होता है।

उन्होंने आगे कहा, ”चाइल्ड वेल्फेयर केस बहुत आसान नहीं होते। न बच्चों के लिए, न पेरेंट्स के लिए और न ही चाइल्ड वेल्फेयर सर्विस के लिए। वैकल्पिक देखभाल एक बड़ी जिम्मेदारी का विषय है और वैकल्पिक देखभाल के बारे में कोई निर्णय कभी भी भुगतान या लाभ से प्रेरित नहीं होगा। यह फिल्म कल्चर में अंतर को प्राइमरी फैक्टर के तौर पर दिखाती है, जो कि पूरी तरह से गलत है। विशेष मामले के किसी भी विवरण के बारे में जाने बिना, मैं स्पष्ट रूप से इंकार करता हूं कि हाथों से खाना खिलाना और एक ही बिस्तर पर सोना बच्चों को वैकल्पिक देखभाल में रखने का कारण होगा। न ही इस मामले में और न ही किसी और मामले में।

मैं जिस सिस्टम को रिप्रेजेंट करता हूं, उस पर मुझे गर्व है। हम लगातार अपने अनुभव से कुछ नया सीखने और आलोचनाओं को सुनने के लिए तैयार रहते हैं। चाइल्ड वेल्फेयर केस काफी जटिल होते हैं। नार्वे के अधिकारियों के पास सभी चाइल्ड प्रोटेक्शन के मामलों में गोपनीयता और गोपनीयता की सुरक्षा का वैधानिक कर्तव्य है। बच्चों और उनके निजता के अधिकार की रक्षा के लिए सरकार किसी विशिष्ट मामले पर टिप्पणी नहीं करेगी।”

फिल्म में दिखाया गया है कि सागरिका कोलकाता की रहने वाली हैं। वह शादी कर चार साल से अपने पति के साथ नॉर्वे में रह रही हैं। एक दिन नॉर्वे की चाइल्ड वेल्फेयर सर्विस उन पर यह आरोप लगाती है कि वह अपने बच्चों को जबरदस्ती खाना खिलाती हैं। उनके साथ सागरिका का बर्ताव ठीक नहीं है। देखते ही देखते सागरिका से उनके दोनों बच्चे छीन लिए जाते हैं। यहीं से शुरू होती है सागरिका बनीं रानी की कानूनी लड़ाई।

सहकारी बैंक भर्ती में शिंदे सरकार को झटका, ये है मामला

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सहकारी बैंक में भर्ती पर शिंदे सरकार को कड़ी फटकार लगी है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक सहकारी बैंक की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के फैसले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास संबंधित मंत्री द्वारा की गई समीक्षा या संशोधन करने की कोई शक्ति नहीं है।

जस्टिस विनय जोशी और वाल्मीकि एसए मेनेजेस की खंडपीठ ने 3 मार्च के अपने आदेश में शिंदे के फैसले को पूरी तरह से अनुचित और कानून के अधिकार के बिना करार दिया। यह आदेश चंद्रपुर डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड और संतोष सिंह रावत नाम के एक व्यवसायी द्वारा दायर एक याचिका पर पारित किया गया। बता दें, रावत को शिंदे के फैसले का विरोध करते हुए बैंक के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।

याचिका के मुताबिक, स्थानीय नेताओं के इशारे पर सीएम का आदेश पारित किया गया था और इसने इस तथ्य पर ध्यान नहीं दिया कि बैंक कर्मचारियों की भारी कमी का सामना कर रहा है, जिससे 93 शाखाओं को चलाना असंभव हो गया है। सीएम ने नवंबर 2022 में भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

कोल्ड स्टोरेज की छत गिरने से 8 की मौत, 11 को बचाया

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उत्तर प्रदेश के संभल के चंदौसी इलाके में आलू कोल्ड स्टोरेज की छत गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई है, 10 लोग घायल हो गए हैं और कुछ अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। अब तक SDRF और NDRF की टीमों ने 11 लोगों को बचाया है। कोल्ड स्टोरेज के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

सरकार संभल के चंदौसी इलाके में आलू कोल्ड स्टोरेज की छत गिरने की घटना में मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये देगी। सभी घायलों का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा।

पुलिस उप महानिरीक्षक शलभ माथुर ने कहा कि शाम तक 11 लोगों को बचा लिया गया था। बचावकर्मी अभी भी दूसरों को सुरक्षित निकालने के लिए काम कर रहे हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि NDRF, SDRF और जिला प्रशासन के कर्मी राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने पहले कहा था कि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। डीआईजी ने कहा कि मरने वालों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। डीआईजी ने कहा कि घटना के बाद कोल्ड स्टोरेज के मालिक अंकुर अग्रवाल और रोहित अग्रवाल के खिलाफ लापरवाही से मौत (304 A-IPC) का मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज का जो हिस्सा गुरुवार को ढह गया, वह प्रशासन की आवश्यक अनुमति के बिना केवल तीन महीने पहले बनाया गया था और वहां रखे गए आलू की मात्रा कोल्ड स्टोरेज की निर्धारित क्षमता से अधिक थी। एसडीएम चंदौसी रामकेश धामा ने बताया कि माई गांव के इस्लाम नगर रोड स्थित एआर कोल्ड स्टोरेज की छत ढह गई।

वहीं इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से तत्काल राहत और बचाव कार्य करने को कहा है। सीएम कार्यालय ने ट्वीट किया कि संभल के चंदौसी जिले में कोल्ड स्टोरेज में हुए हादसे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन के अधिकारियों, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत और बचाव कार्य करने का निर्देश दिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी तरन्नुम रजा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि घायलों की मदद के लिए 15-20 एंबुलेंस और आधा दर्जन से अधिक डॉक्टर मौके पर मौजूद हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर की भी व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने के लिए करीब छह उत्खननकर्ताओं को काम पर लगाया गया है।

DIG ने कहा कि अभी भी अंदर फंसे कुछ लोग चिल्लाकर बचाव दल को सतर्क कर रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस सिलेंडर होने के कारण बचाव कार्य करते समय अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। देर रात तक चलने वाले अभियान के लिए अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की गई है।

युवाओं पर लाठीचार्ज मामले में बड़ा फैसला, वापस होंगे दर्ज मुकदमे

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गैरसैंण: राज्य की पंचम विधानसभा वर्ष 2023 हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभिभाषण में कहा कि, मैं, सर्वप्रथम गैरसैंण क्षेत्र की कुलदेवी गंगा मईया के चरणों में शीश नवाता हूं। मैं, उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उत्तराखण्ड की जनता की ओर से शत शत नमन करता हूं तथा आप सभी को प्रकृति का आभार प्रकट करने और बसंत ऋतु के स्वागत का प्रतीक लोकपर्व फूलदेई की बधाई देता हूं।

अटल जी ने उत्तराखण्ड बनाया था तो देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। मैं, आज सदन में उत्तराखण्ड की जनता की ओर से माननीय प्रधानमंत्री जी और केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। गैरसैंण में 2 वर्ष बाद आयोजित हो रहे इस बजट सत्र में उपस्थित विधानसभा के सभी सदस्यों का मैं, हार्दिक अभिनंदन करता हूं।

प्रेमचंद अग्रवाल और उनकी समस्त टीम को भी मैं, इतना अच्छा बजट प्रस्तुत करने के लिए साधुवाद देता हूं। ये बजट, सर्वस्पर्शी बजट है तथा इसमें जो हॉलिस्टिक अप्रोच रखी गई है वो इसका मजबूत पक्ष है। यह बजट प्रधानमंत्री मोदी जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास, विजन के अनुरूप है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरे विश्व ने पहचाना है, आज हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा है। भारत का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। हम सभी पिछले वर्षों में कोविड की भयावहता के साक्षी रहे हैं। लेकिन हमने यह भी देखा है कि कैसे माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने न सिर्फ कोविड को हराया बल्कि अपने कोविड प्रबंधन का लोहा दूसरे देशों को भी मनवा दिया। निःशुल्क वैक्सीन एवं गरीबों को निःशुल्क अनाज दिया गया।

उत्तराखंड: आज से अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम, अर्लट जारी

प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ का राहत पैकेज। चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ और महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया गया। लाभार्थियों के खातों में डीबीटी द्वारा राहत राशि पहुंचाई गई। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है। ऐसे 6000 से अधिक बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रूपये प्रति माह दिये जायेंगे। हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले 60 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है। हमारे युवाओं के साथ कोई धोखा करने की सोचे भी नहीं, इसके लिये हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है। पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। तीन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। अन्य परीक्षाओं का आयोजन जारी केलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है।

कुछ लोग कह रहे हैं सरकार ने कुछ नहीं किया, मंहगाई बढ़ रही है, पेपर लीक हो रहे हैं। सीएम धामी ने कहा कि, हां मैं, मानता हूं इतने कम समय में, मैं, सबकुछ नहीं कर सकता। 22 वर्षों में नकल माफियाओं के गिरेबान में हाथ किसने डाला। नकल माफियाओं को जेल में किसने भेजा। नकल विरोधी कानून किसने बनाया। क्या ये सब पहले नहीं किया जा सकता था। विपक्ष को भी पता है, उत्तराखंड का समुचित विकास कोई कर सकता है तो वो मोदी जी के नेतृत्व में धामी ही कर सकता है। हमने समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने का संकल्प लिया है और इसको सिद्धि तक भी ले जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में देहरादून में हुई घटना में जिन युवाओं पर मुकदमें दर्ज हुए, जिन युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं में भाग लेना है उनके मुकदमे वापस लिये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि, हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है। हमें खुशी है कि समान नागरिक संहिता के लिये हमें देखकर दूसरे राज्य भी आगे आ रहे हैं। जैसे ही समिति अपना ड्राफ्ट बनाकर सौंपेगी हम उस पर कानून बनाकर आगे बढ़ाया प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। प्रदेश की महिलाओं को सरकारी नौकरी में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए हमने तीस प्रतिशत महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण देने का जो फैसला लिया था, उसे कानून बनाकर धरातल पर उतारने का कार्य किया है। हमने राज्य आंदोलनकारियों को भी दस प्रतिशत आरक्षण देने को मंजूरी दी है। उत्तराखण्ड आदिकाल से ऋषियों मुनियों की तपस्थली रही है। यहाँ से ज्ञान की गंगा भी निकलती है। ये धरा महर्षि वेद व्यास कालिदास और द्रोणाचार्य की कर्म भूमि रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए हमने स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में देश में लाई गई नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू किया। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह खेल छात्रवृत्ति के साथ ही अन्य सुविधाएं दी जा रही है।

सरलीकरण, समाधान, निस्तारिकरण व संतुष्टि के मंत्र को आधार बनाकर हमारी सरकार आदरणीय मोदी जी द्वारा देश में प्रारंभ की गई सुधारों की एक लंबी श्रृंखला को देवभूमि उत्तराखंड में भी लागू करने का कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु कृतसंकल्पित है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन आदि सुधारों के द्वारा कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। हमने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 लांच किया है। इस एप प्राप्त शिकायतों पर हम गम्भीरतापूर्वक कार्यवाही भी कर रहे हैं।

वेदों मे कहा गया है आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्।। अर्थात स्वस्थ रहना परम नियति है और अन्य सभी कार्य स्वास्थ्य द्वारा सिद्ध होते हैं। इसी मूलमंत्र को ध्यान में रखकर हमने प्रदेश में जन स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। आयुष्मान योजना ने इस दिशा में बहुत अच्छे परिणाम दिए हैं। 46 लाख 70 हजार से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। महिला स्वास्थ्यकर्ताओं और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। हमने राज्य में निःशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है। इसी के साथ-साथ उधमसिंहनगर जिले में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

पिछले वर्ष अक्टूबर माह में प्रधानमंत्री ने माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में सीमांत गांवों को देश का पहला गांव बताते हुए उनके विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही थी। हमारी सरकार दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को समर्पित है। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का यज्ञ चल रहा है। उत्तराखण्ड भी इस यज्ञ में अपनी ओर से आहुति देने हेतु तत्पर है। केदारखंड के साथ-साथ मानसखंड के मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। प्रथम बार उत्तराखंड की झांकी मानसखण्ड को कर्तव्यपथ पर 26 जनवरी की परेड में प्रथम स्थान। चार करोड़ कांवड़ यात्रियों द्वारा बिना किसी समस्या के कांवड़ यात्रा पूर्ण की गई। 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा चारधाम यात्रा में की गई, यह संख्या वो है जो जिसे हमने रिकॉर्ड किया।

सीएम धामी ने कहा कि, हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिये होम स्टे योजना बहुत महत्वपूर्ण है। मैं स्वयं जिलों के भ्रमण के दौरान होम स्टे में रूका हूं। हमारी कोशिश है कि प्रदेश के होम स्टे को पर्यटकों की पहली पसंद बना सकें। हमारे यहां बहुआयामी पर्यटन की अपार सम्भावनाएं है। हमें नये पर्यटन स्थल विकसित करने हैं। ऋषिकेश रिवर राफिं्टग का हब बन चुका है। नए रिवर राफिं्टग स्थानों के चयन हेतु सर्वे भी किया गया है। अभी हमने चम्पावत के टनकपुर में महाकाली नदी में रिवर राफिं्टग शुरू की है। मैंने खुद वहां रिवर राफिं्टग की है। कुछ महीनों में प्रदेश में रिवर राफिं्टग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। पौड़ी, नैनीताल सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों मे पैरा सैलिंग, पैरा मोटर आदि खेलों के प्रति भी आकर्षण बढ़ा है। रोपवे जहां कनेक्टिविटी का एक नवीन माध्यम है, उसी के साथ-साथ यह पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। कुछ माह पूर्व ही आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया गया। इनके बनने से श्रद्धालुओं का घंटों का सफर मिनटों में संभव होगा।

उन्होंने कहा कि,हमारा मूल मंत्र है संकल्प से सिद्धि, कृषि बागवानी और सहकारिता से समृद्धि है। हमारी सरकार, किसानों को तीन लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग साढ़े चार हजार जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है। जिन किसान भाईयों के पास कृषि उपकरण नहीं हैं, उनके लिए हमने ‘फार्म मशीनरी बैंक’ योजना शुरू की है। इसके लिए 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से प्रदेश के लगभग 9 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री जी के विशेष प्रयासों से वर्ष 2023 को अंतराष्ट्रीय मिलेट वर्ष मोटे अनाजों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के विजन से भारत के पोष्टिक मोटे अनाजों को विश्व स्तरीय पहचान मिल रही है। हम भी अपने प्रदेश में मंडुवा, झंगोरा आदि स्थानीय मोटे अनाजों को बढ़ावा दे रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी दी गई है। किसानों से 3578 (तीन हजार पांच सौ अठहतर) रूपये प्रति किं्वटल मंडुवा खरीदा जा रहा है और राशन कार्ड धारक को 1 किलो पोष्टिक मंडुवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। मध्याह भोजन योजना में मंडुवा और झंगोरा भी दिया जाएगा। इससे एक ओर हमारे किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी वहीं पोष्टिक अनाज लोगों के लिये स्वास्थ्यवर्धक रहेगा ।

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 31 नये सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण और 06 एसटीपी का अपग्रेडेशन किया गया। गंगा नदी में प्रदूषण के रोकथाम के लिये 128 नालो को टैप किया गया। उत्तराखण्ड के 5 शहरों का चयन स्वच्छ भारत मिशन में होने पर सम्मानित किया गया। हमने पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये किया। ई-वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया और चार पहिया वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। हमने बड़ी पहल करते हुए व्यावसायिक भवनों की पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये चार्जिंग की व्यवस्था को अनिवार्य किया है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत बिजली से वंचित सभी गांवों का शतप्रतिशत विद्यतिकरण किया जा चुका है। जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना को केंद्र से निवेश स्वीकृति मिल चुकी है। 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूरा किया जा चुका है। हमें केंद्र से 300 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत की स्वीकृति मिली है। 300 मेगावाट की लखवाड़ जल विद्युत परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू किया जायेगा।उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। हमारी सरकार, शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत सैनिकों को अनुमन्य राशि में कई गुना बढ़ोतरी की गई है।

इस वर्ष हमें जोशीमठ भू धंसाव जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग से सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को सुनिश्चित करते हुए किसी प्रकार की जीवन हानि नहीं होने दी गई। इस कार्य में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग राज्य सरकार को मिला है। हमारी सरकार सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता की स्थिति के निर्धारण हेतु एक व्यापाक सर्वे कराने हेतु कार्य कर रही हैं। विस्थापितों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के साथ ही राहत पैकेज देने की घोषणा की है।

कोविड महामारी के बाद और रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जहां विश्व की अर्थव्यवस्था धाराशायी हो गई, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था उभरकर सामने आई है। हमारे विपक्ष के साथी जब महंगाई की बात करते हैं तो वह यह भूल जाते हैं कि आज विश्व के बड़े-बड़े देश महंगाई की मार से जूझ रहे हैं, तब भारत ने महंगाई की दर स्थिर रखने में सफलता प्राप्त की है। अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि 2025 तक भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तथा 2027 तक 5.4 लाख करोड़ डालर के आकार के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। उत्तराखण्ड में भी एक ओर जहां प्रति व्यक्ति आय में पिछले वर्ष के मुकाबलें दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश जी.एस.टी. के संग्रह की वृद्धि दर में उत्तराखण्ड टॉप 06 राज्यों में आ चुका है। राज्य में एस.जी.एस.टी. संग्रह की वृद्धि 32 प्रतिशत रही है। इससे साफ तौर पर पता चलता है कि उत्तराखण्ड में लोगों द्वारा खर्च बढ़ा है। मुख्यमंत्री रिफिल योजना के तहत राज्य के करीब पौने दो लाख गरीब परिवारों को साल में तीन सिलेंडर मुफ्त रिफिल दिये जा रहे हैं, जिससे रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़े हुए गैस के दामों से गरीब परिवारों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

यह बजट जहां हमारे दृष्टि पत्र के आधार पर बनाया गया है, वहीं हमने आपका बजट-आपका सुझाव कार्यक्रम के आधार पर इस बजट में जनता को भी सीधा भागीदार बनाया है। इस बजट में हमने रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, नारी सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, युवा कल्याण, कृषि, उद्योग, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, सिंचाई जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। मैं, इस लीक से हटकर बनाए गए बजट का अध्ययन करने का आप सभी से आव्हान करता हूं तथा जिससे जनता तक इसके प्रावधानों को प्रचारित और प्रसारित किया जा सके। यह बजट नहीं बल्कि नए उत्तराखंड बनाने का अर्थ संकल्प है और आचार्य चाणक्य की अर्थ प्रबंधन को लेकर दी गई परिकल्पना के अनुरूप है। बजट में स्वरोजगार एवं रोजगार हेतु विशेष प्राविधान किये गये हैं। उद्यान विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 815.66 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पॉलीहाउस हेतु रू0 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।मिशन एप्पल योजना के अन्तर्गत रू0 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजकीय नियुक्तियों हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। जिस हेतु राज्य लोक सेवा आयोग के अन्तर्गत रू0 133.53 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उद्योग विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 461.31 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वर्क फोर्स डेवलेपमेंट हेतु 100 करोड़ रूपये व्यय किये जाएंगे। प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट स्टार्ट अप और इंटेरप्रीनियरशिप योजना हेतु रू0 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विभिन्न नीतियों के तहत उद्योगों को अनुदान हेतु रू0 26 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु रू0 40 करोड़ व्यय किये जाएंगे। पर्यटन विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 302.04 करोड़ का प्रावधान किया गया है।उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन विकास परिषद हेतु रू. 63.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पर्यटन विकास के अवस्थापना निर्माण हेतु रू. 60.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। टिहरी झील का विकास के निर्माण हेतु रू. 15.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

चार धाम यात्रा/मार्गों पर आधारभूत सुविधाओं का निर्माण/विकास हेतु रू. 10.00 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पर्यटन विभाग अन्तर्गत चारधाम एवं विभिन्न स्थानों हेतु भूमि क्रय हेतु रू. 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शिक्षा एवं युवा कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 10459.55 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उत्कृष्ट क्लस्टर विद्यालय हेतु रू0 51 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना में छात्रवृत्ति हेतु रू0 11 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पी.एम श्री योजना हेतु रू0 92.78 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 1294.15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मिलेट मिशन हेतु रू0 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

स्थानीय फसलों में प्रोत्साहन हेतु रू0 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 4217.87 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अटल आयुष्मान हेतु रू0 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मेडिकल कॉलज तथा नर्सिंग कॉलेज के निर्माण हेतु रू0 400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल रू0 2850.24 करोड का प्रावधान किया गया है।निराश्रित विधवा पेंशन हेतु रू0 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसान पेंशन योजना हेतु रू 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नंदा गौरा योजना हेतु रू0 282.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान योजना हेतु लगभग रू0 26.72 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना हेतु रू० 23 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना हेतु रू0 19.95 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सीएम ने कहा कि, पिछले वर्ष प्रधानमंत्री जी ने 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के सहयोग से हम समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करने में सफल होंगे। आप सभी को ज्ञात ही है कि आदरणीय मोदी जी ने वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष की संज्ञा दी है। हम आदरणीय मोदी जी के इसी विजन के अनुरूप ही पोष्टिकता से भरपूर उत्तराखंड के मोटे अनाज को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। हम सभी के लिए आज मोटे अनाज का ही लंच तैयार कराया गया था और मुझे पूरी उम्मीद है कि आप सभी उत्तराखंड की माटी से उपजे इस पोष्टिक मोटे अनाज से बने हुए भोजन का अवश्य आनंद उठाया होगा।

उन्होंने अंत में कहा कि, इस बजट भाषण के दौरान स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी द्वारा लिखी गई इन पंक्तियों के साथ मैं, आप सभी के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता को यह बताना चाहता हूं कि राह लंबी है, डगर कठिन है, लक्ष्य दूर है, लेकिन संकल्प दृढ़ है और हम अपने इस विकल्प रहित संकल्प के द्वारा आप सभी के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाकर ही दम लेंगे।

आज अपने स्वप्न को मैं, सच बनाना चाहता हूं,
दूर की इस कल्पना के, पास जाना चाहता हूं,
दूर की इस कल्पना के, पास जाना चाहता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2022 तक 5858 किमी के मार्गों को पैच मरम्मत पूर्ण किया गया। वर्ष 2023-24 के बजट में पीएमजीएसवाई के मार्गों के मरम्मत के लिए 150 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। इसके साथ ही लोक निर्माण के अनुरक्षण में 97 प्रतिशत की वृद्धि कर 850 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक भूमि उपयोग में मानचित्र स्वीकृति की स्व प्रमाणन प्रक्रिया लागू की गई। विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में एकल आवासीय मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल करने की कार्यवाही की जा रही है। मलिन बस्तियों के सुधार एवं अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए विकास शुल्क का 10 प्रतिशत धनराशि का प्राविधान किया गया है।

विधायक निधि 3.75 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दी गई है। गैरसैंण में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए जितनी धनराशि की आवश्यकतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। हमारा संकल्प है कि हल्द्वानी में एक अच्छा अंतरराष्ट्रीय स्तर का बस अड्डा बनेगा। शहीदों आंदोलनकारियों का सम्मान हमारी पहली प्राथमिकता है। माननीय विधायकों से जो हमने प्रस्ताव लिए हैं वह प्रस्ताव को 5 वर्ष की दीर्घकालिक योजना के अंतर्गत है और उनको आगे बढ़ा रहे हैं। ड्रग्स के क्षेत्र में हम लगातार संवेदनशील हैं, 2025 तक हमने ड्रग्स फ्री उत्तराखंड का संकल्प लिया है वह संकल्प भी हम तेजी से पूरा करेंगे, इसके लिए टास्क फोर्स बनाया दी गई है।

 

उत्तराखंड: बढ़ रहा है H3N3 का खतरा, आप भी रहें सतर्क

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देहरादून: इन्फ्लूएंजा H3-N2 का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य में भी मामले सामने आ चुके हैं अपर मसचिव स्वास्थ्य ने पहले इस मामले में एक एडवाइजरी जारी की थी। अब उन्होंने विभिन्न रोगों से ग्रसित लोगों के लिए भी एक एडवाइजरी जारी की है।

अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने सभी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसमी इन्फ्लूएंजा के अधिकतर मरीजों में बुखार व खांसी के लक्षण होते हैं।

इन बातों का रखें ख्याल
डायबिटीज, हृदय रोग से पीड़ित लोग, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, मोटापे से ग्रस्त और बच्चों को विशेष तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। इन्फ्लूएंजा से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। अस्पतालों में दवा, आईसोलेसन, बेड, ऑक्सीजन, मास्क और अन्य जरूरी चीजों का इंतजाम कर लिए हैं।

लोगों को हाथ धोना, खांसी या छींक आने पर अपने मुंह और नाक को रुमाल से ढकना, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचना, भीड़भाड़ वाली जगह पर मास्क का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।

मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI ने दर्ज की एक और FIR, ये है मामला

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नई दिल्ली : जासूसी मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी CM और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI ने केस दर्ज किया है. FIR के मुताबिक, फीडबैक यूनिट केस में सिसोदिया समेत 6 लोगों के खिलाफ केस रजिस्टर हुआ है. मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी को दिल्ली आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार किया था.

सिसोदिया के अलावा जिन 5 अन्य लोगों पर केस दर्ज हुआ है उनमें तत्कालीन विजिलेंस सेक्रेटरी सुकेश कुमार जैन, रिटायर्ड डीआईजी, सीआईएसएफ एंड स्पेशल एडवाइजर टू सीएम एंड जॉइंट डायरेक्टर फीडबैक यूनिट, रिटायर्ड जॉइंट डिप्टी डायरेक्टर प्रदीप कुमार पुंज (डिप्टी डायरेक्टर FBU), रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट CISF  सतीश खेत्रपाल (फीड बैक अफसर), गोपाल मोहन (दिल्ली सीएम के एडवाइजर) और एक अन्य नाम शामिल हैं.

बीती 8 फरवरी को CBI फीडबैक यूनिट के कथित जासूसी मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय से आप नेता के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय जांच एजेंसी को सिसोदिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी. इसके बाद से ही मनीष सिसोदिया के खिलाफ केस दर्ज करने की आशंका जताई जा रही थी.

ये है पूरा मामला
दिल्ली में आप के सत्ता में आने के बाद इस विभाग के तहत फीडबैक यूनिट बनाई गई थी. इस यूनिट पर जासूसी कराने का आरोप है. सीबीआई के मुताबिक, एफबीयू ने 1 फरवरी, 2016 को 17 कॉन्ट्रैंक्ट कर्मियों के साथ काम करना शुरू किया था. इनमें अधिकांश खुफिया ब्यूरो और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारी थे. यूनिट का उद्देश्य कथित रूप से विभिन्न मंत्रालयों, विपक्षी राजनीतिक दलों, संस्थाओं और व्यक्तियों की जासूसी करना था और इसकी कोई विधायी या न्यायिक निगरानी नहीं थी.

राहुल गांधी : संसद में दूंगा जवाब, ध्यान भटका रही सरकार

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 कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी BJP के लगाए तमाम आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मैंने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और उनसे कहा कि मैं संसद में अपनी बात रखना चाहता हूं। राहुल गांधी ने बताया कि मैं आज संसद पहुंचा, तो एक मिनट के भीतर ही सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई। मुझे नहीं लगता है कि मुझे बोलने दिया जाएगा। हालांकि, राहुल गांधी ने उम्मीद जताई कि शुक्रवार को उन्हें बोलने दिया जाएगा।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडियाकर्मियों के सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं एक सांसद हूं और मेरे ऊपर संसद में आरोप लगे हैं। मैं संसद में ही आरोपों का जवाब दूंगा। इसके बाद आप लोगों से विस्तृत बातचीत करूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर चार मंत्रियों ने संसद में आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि मुझे बोलने नहीं दिया जाएगा। हालांकि, उम्मीद है कि शायद मुझे कल बोलने दिया जाएगा।

राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले संसद में मैंने अदाणी जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के रिश्तों के बारे में जो सवाल पूछे, उन्हें हटा दिया गया। उस भाषण मैं ऐसा कुछ भी नहीं था कि जिसे मैंने पब्लिक स्पेस से नहीं लिया हो। उन्होंने कहा कि इस मामले से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की, उन्होंने उनके ऊपर उठ रहे आरोपों पर सदन में जवाब देने की मांग को लेकर अध्यक्ष से बात की है।

बड़ी खबर: सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट लापता

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अरुणाचल प्रदेश में थलसेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। बताया गया है कि यह हादसा मंडाला हिल्स के पास बोमडिला में हुआ है। इस घटना के बाद पायलट घटनास्थल से लापता है। उसकी तलाश के लिए सेना ने राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया।

गुवाहाटी में डिफेंस पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा, “दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर बोमडिला के पास एक छोटी उड़ान के लिए गया था। सुबह करीब 9.15 बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इसका संपर्क टूट गया। यह हेलीकॉप्टर बोमडिला के पश्चिम में मंडाला के पास क्रैश हुआ है। पायलट को ढूंढने के लिए खोजी दल भेजा गया है।

मसूरी में बस के ब्रेक फेल, बड़ा हादसा टला

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मसूरी: मसूरी से हरिद्वार जाने वाली रोडवेज बस दुर्घटना का शिकार हो गई। जिस वक्त हादसा हुआ बस में करीब 35 लोग सवार थे। गनीमत रही कि चालक की सूझ-बूझ से गुरुवार को बड़ा हादसा होने से टल गया।

जानकारी के अनुसार मसूरी रोडवेज बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए, लेकिन चालक ने समझदारी से काम लिया। बस में 35 लोग सवार थे। सभी सुरक्षित हैं।

देहरादून मार्ग मसूरी गर्ल्स स्कूल के पास बस के ब्रेक फेल हो गए। बस मसूरी से देहरादून की और जा रही थी। तभी यह हादसा हो गया। चालक की समझदारी से 35 जिंदगियां बच गई।