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ऑटो रिक्शा को बना दिया फुल ‘लग्जरी कार’, सनरूफ का भी किया है इंतजाम

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सोशल मीडिया पर एक पिंक ऑटो रिक्शा का वीडियो खूब देखा जा रहा है। दरअसल, इस ऑटो को शख्स ने इतना गजब का मोडिफाई करवाया है कि सवारी भी इसमें सफर करने के लिए एक्स्ट्रा भुगतान करने के लिए तैयार हो जाएंगी। यह एक तीन पहियों वाला सामान्य ऑटो ही है, जिसे मोडिफाई के जरिए एक लग्जरी कार की तरह शानदार बनाया गया है। इसमें ना सिर्फ बड़ी ही आरामदायक सीट हैं, बल्कि सनरूफ भी है। इतना ही नहीं, इसके टायरों और बॉडी पर भी खूब काम किया गया है। बाकी आप जब नीचे दिए गए वीडियो को देखें तो समझ जाएंगे कि यह ऑटो रिक्शा कितना धांसू है।

उसने ऑटो रिक्शा को कुछ इस तरह से मोडिफाई करवाया है कि वह किसी लग्जरी कार से कम नहीं दिख रहा! पहली बात तो पूरा ऑटो गुलाबी रंग से पेंट किया गया है, जिसमें शानदार लग्जरी सीट के साथ-साथ सनरूफ भी इंस्टॉल है। जी हां, एक बटन दबाते ऑटो की छत खुल जाती है और वह एकदम धांसू दिखने लगता है।

बता दें, इस वीडियो को इंस्टाग्राम पेज autorikshaw_kerala_ से 22 फरवरी को पोस्ट किया गया था, जिसे न्यूज लिखे जाने तक 64 हजार से अधिक लाइक्स और 9 लाख 84 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। इस मोडिफाई पिंक ऑटो को देख तमाम लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक बंदे ने लिखा- ये तो ऑटो का रॉल्स रॉयस है! तो दूसरे ने कहा कि इसका किराया भी 10 किलोमीटर के लिए 850 रुपये होगा। वैसे आपने कभी ऐसे मोडिफाई ऑटो में सफर किया है? कॉमेंट में बताइए।

 

मेयर गामा की 5 साल में 10 गुना हुई कमाई, आरोपों के बाद दी ये सफाई

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देहरादून: नगर निगम मेयर सुनील उनियाल गामा पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगा है। यह आरोप एडवोकेट और आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश नेगी ने लगाए हैं। नेगी ने आरोप दस्वाबेंजों के साथ गलाए हैं और पूरे मामले में विजिलेंस से भी शिकायत की है। इतना ही नहीं उन्होंने पीएम मोदी और सीएम धामी से भी कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के बाद अब मेयर सुनील उनियाल गामा भी सामने आए हैं। उन्हांेने उन पर लगे आरोपों को गलत बताया और अपनी सफाई पेश की। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले क्या कदम उठाती है?

देहरादून नगर निगम के मेयर सुनील उनियाल गामा आय से अधिक संपत्ति जुटाने के मामले को लेकर विवाद में आ गये हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने आरोप लगाया है कि मेयर गामा ने अपने लोकसेवक पद का दुरुपयोग करते हुए आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। उनके अनुसार मेयर बनने के बाद गामा ने 5 करोड़ 32 लाख रुपये में 11 संपत्तियां खरीदी हैं। इसका बाजार मूल्य 20 करोड़ से भी अधिक है। उन्होंने मेयर गामा की शिकायत विजिलेंस को की है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है।

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विकेश सिंह नेगी के मुताबिक 2018 में हुए चुनाव के समय सुनील उनियाल गामा ने लगभग सवा दो करोड़ की चल-अचल संपत्ति की घोषणा का शपथ पत्र दाखिल किया था। इसमें उनके पास छरबा विकास नगर में 12600 वर्ग और 4500 वर्ग गज का प्लाट, बंजारवाला में 260 वर्ग गज का प्लाट, कालागांव और डोभालवाला में 200-200 वर्ग गज का प्लाट और डोभालवाला में ही 333 वर्ग गज का प्लाट बताया। इसका मूल्य उन्होंने लगभग सवा दो करोड़ बताया।

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आरोप है कि मेयर बनने के बाद उन्होंने अपने, अपनी पत्नी शोभा उनियाल, पुत्र शाश्वत के नाम से 11 विभिन्न संपत्तियां खरीदीं। राजस्व रिकार्ड में जिसकी कीमत 5 करोड़ 32 लाख 20 हजार है। एडवोकेट विकेश सिंह नेगी के मुताबिक इस संपत्ति का बाजार मूल्य 20 करोड़ से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि एक लोकसेवक ने आय से कहीं अधिक संपत्ति खरीदी हैं जो कि भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत संपूर्ण दस्तावेजों के साथ विजिलेंस को कर दी है। उन्होंने कहा कि मेयर गामा ने एक संपत्ति चुनाव लड़ने से पहले खरीद ली थी, लेकिन उसका उल्लेख चुनावी शपथपत्र में नहंी किया। यह चुनाव अधिनियम के खिलाफ है। चुनाव आयोग को इसकी शिकायत की जा रही है।

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महंत से लीज पर ली जमीन भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में
आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश सिंह नेगी का कहना है कि मेयर सुनील उनियाल गामा ने पद का दुरुपयोग करते हुए गुरु राम राय दरबार साहिब के महंत देवेंद्र दास से अपने पुत्र शाश्वत के नाम पर तीन पट्टे शहर के प्रमुख स्थानों पर किये हैं। इनमें से एक पट्टा 29 वर्ष के लिए और दो पट्टे 99-99 वर्ष की लीज का है। जिनकी लीज निकट भविष्य में स्वतः ही आगे बढ़ जायेगी क्योंकि इसमें दोनों पक्षों को काई आपत्ति नहीं होगी। इस बात का उल्लेख पट्टों की तीनों लीज डेट पर लिखा हुआ है।

एडवोकेट विकेश सिंह नेगी के अनुसार यह सरासर लोकसेवक पद का दुरुपयोग है और यह पूरा मामला भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। उन्होंने इस पट्टे को स्टैम्प डयूटी की चोरी माना है। इस जमीन का टैक्स जमा नहंी किया गया था। 99 साल की अवधि का पट्टा विलेख सीधे तौर पर विक्रय ही होता है। महंत ने भी टैक्स चोरी की है। निगम ने महंत को टैक्स चोरी का नोटिस भी जारी नहीं किया। एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए।

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गामा का जवाब
मेयर सुनील उनियाल गामा ने उन पर लगे आरोपों पर सफाई दी। मीडिया के सामने आए गामा नेकहा कि जो मेरी संपत्तियों के बारे चुनावी घोषणा पत्र जानकारी दी गई थी, उसमें जितनी भी संपत्तियां मैंने दिखाई, उसके साथ आज तक की संपत्तियां छोड़ दी गई हैं। गामा का कहना है कि उन्होंने 18 साल की उम्र से काम शुरू किया। पान का खोखा चलाया, चाऊमीन बेची, वीडियो ग्राफी का काम कियाए वीडियो लाइब्रेरी चलाई, ठेकेदारी की इसके बाद 2012 तक कुछ संपत्तियां ली। उनके अनुसार मेरी ठेकेदारी अच्छी चलती थी।

गामा के अनुसार 2012 के बाद कुछ संपत्तियां खरीदी। 2017 में अपने चुनावी घोषणा पत्र में ढाई करोड़ तक की संपत्तियां चुनावी घोषणा पत्र में दिखाई थीं। उनमे से मैंने अपनी कई संपत्तियां बेची और संपत्तियों की दरें बढ़ी, जिसका केवल मुझे ही नहीं सबको फायदा हुआ। कुछ संपत्तियां बेची हैं, तो कुछ खरीदी भी हैं

दरबार साहिब से जमीन लीज में लेने के मामले में भी मेयर गामा ने जवाब देते हुए साफ कि 2012 में महंत को आवेदन किया कि मुझे भी एक छोटा सा टुकड़ा दुकान बनाने के लिए दे दें। उनको महंत ने किराए पर प्लॉट दिया। ऐसे में उसे मेयर बनने के बाद से क्यों जोड़ा जा रहा है। जबकि श्री गुरुराम राय से जुडी सम्पत्तियों का वाद अभी भी चल रहा है और उन्हें लगातार नोटिस दिया जा रहा है।

भगोड़ा अमृतपाल आज कर सकता है सरेंडर, भारी पुलिस बल तैनात

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भगोड़ा खालिस्तान समर्थन अमृतपाल सिंह आज आत्मसमर्पण कर सकता है। इसी कारण से बठिंडा पुलिस द्वारा तलवंडी साबो में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अमृतपाल के श्री हरिमंदिर साहिब के पास में सरेंडर करने की चर्चा है। अमृतपाल के आत्मसमर्पण की खबर के साथ ही पंजाब में अलर्ट जारी कर दिया है। सारे शहर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

अन्य जिलों से आने वाले रास्तों पर गहन चेकिंग की जा रही है। बता दें कि पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ नहीं बता रहे हैं। आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है। बठिंडा पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। हर वाहन की जांच की जा रही है।

अमृतपाल सिंह की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। मंगलवार रात से ही अमृतपाल की तलाश में पुलिस ने होशियारपुर में नाकाबंदी कर रखी थी। अब होशियारपुर-फगवाड़ा रोड को खोल दिया गया है। दोपहिया वाहन और कार को आने-जाने की अनुमति दे दी गई है। बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहन नहीं चल रहे हैं, उनकी चेकिंग की जा रही है।

अमृतपाल और उसके साथी पपलप्रीत सिंह की तलाश में पुलिस ने शहर से लगभग दस किलोमीटर दूर गांव मरनाइया में मंगलवार रात पौने दो बजे तक सर्च आपरेशन चलाया। इसके बाद गांव हरखोवाल में सर्च आपरेशन शुरू किया गया जो रात ढाई बजे तक जारी रहा।

सूत्रों के अनुसार दो युवकों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। गांव मरनाइया से लुधियाना नंबर की एक इनोवा (PB10CK-0527) कार बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि इसी कार में दोनों युवक सवार थे। पुलिस द्वारा पीछा करने पर वे कार छोड़कर फरार हो गए थे।

होशियारपुर में संदिग्ध इनोवा गाड़ी मिलने के बाद पंजाब में हाई अलर्ट जारी किया गया है। संदिग्ध मिली इनोवा गाड़ी लुधियाना नंबर की होने के कारण यहां पर पुलिस ने गहन चेकिंग अभियान चलाया है। यह गाड़ी ढंडारी एरिया के किसी व्यक्ति के नाम पर बताई जा रही है। जिसके बाद पुलिस ने वहां भी चेकिंग की है।

लुधियाना में गहन चेकिंग अभियान और नाकाबंदी की गई है। लुधियाना के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर पुलिस की तरफ से वाहनों की चेकिंग की जा रही है शहर में भी लिंक सड़कों पर हर आने-जाने वाले पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस के सेफ सिटी प्रोजेक्ट के अधीन लगे कैमरों की सहायता से भी वाहनों पर नजर रखी जा रही है पुलिस की एक विशेष टीम पिछले 24 घंटे से सेफ सिटी कैमरा के कमांड रूम में बैठकर नजर बनाए हुए हैं।

राहुल गांधी पर BJP हमलावर, जानें ‘मोदी’ OBC में आते भी हैं या नहीं…?

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राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में सजा तो दो दी गई। राहुल गांधी का बंगला भी छीना जा रहा है। बावजूद, राहुल गांधी चुपचाप सबकुछ देख रहे हैं। कांग्रेस अब इस पूरे मामले को 2024 के चुनाव तक जनता के बीच लेजाने की तैयारी में हैं। इसके लिए अभियान भी चलाया जाना शुरू कर दिया गया है।

इस बीच भाजपा ने नया अभियान शुरू कर दिया है। भाजपा मांदी सरनेम मामले में राहुल के बसान को ओबीसी का अपमान बता रही है। ओबीसी से आने वाले नेता लगातार बयान जारी कर रहे हैं। राहुल गांधी के खिलाफ देशभर में आंदोलन की तैयारी भी कर ली गई है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि जिस मोदी सरनेम को लेकर इतना हल्ला मचाया जा रहा है, क्या वो ओबीसी में आती भी है या नहीं,यह जानना सबसे जरूरी है?

मोदी उपनाम चर्चा में क्यों है? किन-किन जातियों में आता है मोदी सरनेम? क्या सभी मोदी ओबीसी में आते हैं? कहां के मोदी ओबीसी में आते हैं? मोदी सरनेम वाले गुजरात के अलावा कहां रहते हैं? राहुल को जिस बयान पर सजा हुई, उसमें किनका नाम लिया था, और वो किन जातियों के हैं? आइये जानते हैं…

क्यों चर्चा में है मोदी उपनाम?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हुई सजा की वजह से इस वक्त मोदी उपनाम चर्चा में है। तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी सरनेम पर टिप्पणी की थी। इसी टिप्पणी के मामले में बीते 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने राहुल को दो साल की सजा सुनाई। इसके अगले दिन राहुल की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई। दरअसल, इस बयान को लेकर भाजपा विधायक व गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि राहुल ने अपनी इस टिप्पणी से समूचे मोदी समुदाय का अपमान किया है।

क्या सभी ‘मोदी’ सरनेम वाले लोग ओबीसी होते हैं?
AU की रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरनेम वाले लोग प्रमुख रूप से गुजरात और कुछ संख्या में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में रहते हैं। गुजरात में बहुत से लोग अपने नाम के आगे श्मोदीश् लगाते हैं। इस उपनाम का उपयोग हिंदू, मुस्लिम और पारसी करते हैं। वैष्णव (बनिया), खरवास (पोरबंदर के मछुआरे) और लोहाना (व्यापारियों का एक समुदाय) सुमदाय में मोदी उपनाम वाले लोग मिलते हैं। इनमें से सभी पिछड़ी जाति में नहीं आते।

पारसी, वैष्णव, लोहाना आदि समुदाय के लोग मोदी सरनेम का इस्तेमाल करते हैं लेकिन, ये पिछड़े वर्ग में नहीं आते। इस उपनाम का उपयोग अग्रवाल समुदाय से आने वाले मारवाड़ी भी करते हैं। इन्हें हरियाणा के हिसार में अग्रोहा कहा जाता है। बाद में ये लोग हरियाणा के महेंद्रगढ़ और राजस्थान के झुंझुनू और सीकर जैसे जिलों में फैल गए।

वहीं, मोदी उपनाम का इस्तेमाल करने वाली कई उप-जातियां ऐसी भी हैं जो पिछड़े वर्ग में आती हैं। दरअसल, नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के लिए ओबीसी की केंद्रीय सूची में श्मोदी नाम से कोई समुदाय या जाति नहीं है। वहीं, गुजरात के ओबीसी के 104 समुदायों की केंद्रीय सूची में श्घांची (मुस्लिम), तेली, मोध घांची(इसी समुदाय से प्रधानमंत्री मोदी आते हैं), तेली-साहू, तेली-राठौड़, तेली-राठौर को शामिल किया गया है।

इनमें से कुछ समुदाय के लोग उपनाम मोदी का इस्तेमाल करते हैं। ये सभी समुदाय परंपरागत रूप से तेल निकालने और व्यापार से जुड़े होते हैं। इसी तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश में रहने वाले इन समुदायों के लोग आमतौर पर उपनाम गुप्ता और मोदी का भी उपयोग करते हैं।

ओबीसी की केंद्रीय सूची में सूचीबद्ध बिहार के 136 समुदायों में, कोई श्मोदीश् नहीं है। इसी तरह केंद्रीय ओबीसी सूची में राजस्थान के 68 समुदायों की सूची में 51वीं प्रविष्टि के रूप में श्तेलीश् है, लेकिन श्मोदीश् के रूप में कोई समुदाय सूचीबद्ध नहीं है। यहां भी तेली समुदाय के कुछ लोग मोदी उपनाम का इस्तेमाल करते हैं।

गुजरात में इन समुदायों को ओबीसी सूची में कब शामिल किया गया?
ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद 1993 में ओबीसी की पहली केंद्रीय सूची अधिसूचित की गई थी। 1999 में मुस्लिम घांची समुदाय को अन्य राज्यों के कुछ अन्य समान समुदायों के साथ ओबीसी की केंद्रीय सूची में जोड़ा गया। इसके बाद, 2000 की एक अधिसूचना द्वारा, गुजरात के अन्य समुदायों जैसे तेली, मोध घांची, तेली साहू, तेली राठौड़ और तेली राठौर को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल किया गया।

प्रधानमंत्री मोध घांची जाति से आते हैं। विपक्षी दलों के नेता कई बार आरोप लगा चुके हैं कि प्रधानमंत्री फेक ओबीसी हैं। 2013 में जब मोदी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया तब कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी वैश्य समुदाय से आते हैं। जो सामान्य वर्ग में आता है। घांची जाति के अति अमीर होने की वजह से मोध टाइटल दिया गया। जैसे मोध ब्राह्मण, मोध बनिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी ने मुख्यमंत्री बनने के चार महीने बाद एक जनवरी 2002 में ‘मोध घांची’ जाति को ओबीसी में शामिल किया गया। कांग्रेस के साथ ही जदयू नेता ललन सिंह और बसपा प्रमुख मायावती भी अलग-अलग मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फर्जी पिछड़ा कह चुके हैं।

कांग्रेस के आरोपों के जवाब में तत्कालीन गुजरात सरकार के मंत्री नितिन पटेल ने सरकारी दस्तावेज पेश किए। इसमें बताया गया कि गुजरात सरकार के समाज कल्याण विभाग ने 25 जुलाई 1994 को मोध घांची समुदाय को ओबीसी में शामिल किया था। जिस जाति से नरेंद्र मोदी आते हैं। इस अध्यादेश में मोध घांची के साथ कुल 36 जातियों को ओबीसी में शामिल किया गया था। 36 जातियों की सूची में मोध घांची जाति का जिक्र 25(ठ) नंबर पर था।

2019 लोकसभा चुनाव के लिए कर्नाटक के कोलार में एक रैली में राहुल गांधी ने मोदी उपनाम को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, कैसे सभी मोदी उपनाम वाले सभी चोर हैं? इस दौरान उन्होंने नीरव मोदी, ललित मोदी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया था। राहुल ने जिन तीन नामों का जिक्र किया उनमें आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी का संबंध मारवाड़ी समुदाय से है। जबकि भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी जैन धर्म से ताल्लुक रखता है। जबकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते हैं।

कर्नाटक में 10 को मतदान, 13 मई को आएंगे नतीजे

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चुनाव आयोग ने कर्नाटक में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है. राज्य में एक चरण में चुनाव होंगे, जिसके लिए 10 मई को मतदान होगा. राज्य की 224 विधानसभा सीटों के नतीजे 13 मई को आएंगे. चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में कुल 5,21,73,579 वोटर हैं. कर्नाटक में 9.17 लाख नए वोटर जुड़े हैं. 100 से ज्यादा उम्र के 16 हजार से ज्यादा मतदाता हैं. 80 साल से ज्यादा उम्र के वोटर घर से वोट कर सकेंगे.1 अप्रैल को जिनकी उम्र 18 साल हो रही है, वे भी वोट कर सकेंगे. 224 ऐसे बूथ बनाए गए हैं, जिनमें यूथ कर्मचारी तैनात रहेंगे.100 बूथों पर दिव्यांग कर्मचारी तैनात रहेंगे.

नाव आयोग के मुताबिक राज्य में कुल 5,21,73,579 वोटर हैं. कर्नाटक में 9.17 लाख नए वोटर जुड़े हैं. 100 से ज्यादा उम्र के 16 हजार से ज्यादा मतदाता हैं. 80 साल से ज्यादा उम्र के वोटर घर से वोट कर सकेंगे.1 अप्रैल को जिनकी उम्र 18 साल हो रही है, वे भी वोट कर सकेंगे. 224 ऐसे बूथ बनाए गए हैं, जिनमें यूथ कर्मचारी तैनात रहेंगे.100 बूथों पर दिव्यांग कर्मचारी तैनात रहेंगे.

 चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में कुल 5,21,73,579 वोटर हैं. कर्नाटक में 9.17 लाख नए वोटर जुड़े हैं. 100 से ज्यादा उम्र के 16 हजार से ज्यादा मतदाता हैं. 80 साल से ज्यादा उम्र के वोटर घर से वोट कर सकेंगे.1 अप्रैल को जिनकी उम्र 18 साल हो रही है, वे भी वोट कर सकेंगे. 224 ऐसे बूथ बनाए गए हैं, जिनमें यूथ कर्मचारी तैनात रहेंगे.100 बूथों पर दिव्यांग कर्मचारी तैनात रहेंगे.
चुनाव आयोग ने कहा है कि कन्राटक में 9.17 लाख नए वोटर्स हैं जो पहली बार मतदान करेंगे. 24 मई से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. चुनाव आयोग नहा है कि कर्नाटक में 5.22 करोड़ कुल मतदाता हैं. 80 साल के अधिक उम्र के वोटर्स को पहली बार घर से वोट करने की सुविधा प्रदान की जाएगी.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है निष्पक्ष चुनाव करवाना हमारी प्राथमिकता है. 224 विधानसभा सीटें हैं. राज्य में करीब 17 हजार वोटर्स ऐसे हैं जिनकी उम्र 100 साल के पार जा चुकी है. आयोग का अच्छा फैसला ये है कि 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और दिव्यांगों के लिए घर से मतदान की सुविधा शुरू की है.

मेरा घर राहुल गांधी जी का घर…इन्होंने अपने घर पर लगाई ये नेमप्लेट

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कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय और उनकी पत्नी रीना राय ने अपने घर पर राहुल गांधी का नेम प्लेट लगाई। साथ ही लिखा कि मेरा घर राहुल गांधी जी का घर। लोकसभा की सदस्यता खत्म होने के बाद राहुल गांधी काे सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला है। इस पर कांग्रेस ने महाभियान शुरू किया है। इसका नाम मेरा घर राहुल गांधी का घर है। वाराणसी से इसकी शुरूआत प्रांतीय अध्यक्ष ने किया है।

उनका कहना है कि देश में हर कांग्रेस कार्यकर्ता का घर राहुल गांधी का है। सरकार चाहे जो कर ले, कांग्रेस नेता को डराया नहीं जा सकता है। हर कार्यकर्ता मजबूती से लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़ा है। इस दौरान राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

NSUI की BHU इकाई के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर दिए गए बयान की निंदा की है। इकाई के अध्यक्ष राजीव नयन ने कहा कि जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के बयान से देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। हर्ष, अर्पित, अनुज, राहुल, अमन, मुरारी, कुंदन ने भी बयान की निंदा की है।

मोहम्मद फैजल की सांसदी बहाल, इस मामले में गई सदस्यता

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नेता मोहम्मद फैजल की लोकसभा सदस्यता फिर बहाल कर दी गई है। लोकसभा सचिवालय ने नोटिफिकेशन जारी कर इस बात की जानकारी दी। इसी के साथ फैजल फिर से लक्षद्वीप से सांसद पद पर हैं। गौरतलब है कि इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी फैजल ने याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई जारी है।

कावरत्ती की एक अदालत ने एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल को हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया था और उन्हें 10 साल की सजा सुनाई थी। जनप्रतिनिधि कानून के तहत 2 साल या उससे ज्यादा की सजा होने पर संसद सदस्य या विधानसभा सदस्य की सदस्यता रद्द हो जाती है। ऐसे में कानून के तहत मोहम्मद फैजल की संसद सदस्यता रद्द हो गई। 11 जनवरी 2023 को अदालत ने मोहम्मद फैजल को हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई और 13 जनवरी को लोकसभा सचिवालय ने नोटिफिकेशन जारी कर उनके संसद सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।

वहीं, स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ मोहम्मद फैजल ने केरल हाईकोर्ट में अपील दायर की, जहां से 25 जनवरी को उनकी सजा पर स्टे लग गया। इसके बाद मोहम्मद फैजल ने लोकसभा सचिवालय से अपनी संसद सदस्यता बहाल करने की मांग की लेकिन कई बार कहने के बावजूद अभी तक मोहम्मद फैजल की संसद सदस्यता बहाल नहीं की गई है।

आज महाअष्टमी पर करें श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र का पाठ, होगा ये लाभ

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चैत्र नवरात्रि की आज अष्टमी तिथि है। आज के दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना की जाती है। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र श्री दुर्गा सप्तशती के मंगलाचरण मंत्रों में से एक है।
दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र में मां को प्रसन्न करने के उपाय बताए गए हैं। श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र में दुर्गा मां के 108 नामों का वर्णन किया गया है। सप्तशती में इन नामों को वर्णन भगवान शिव ने किए है और इस बात का उल्लेख किया है कि अगर मां दुर्गा या सती को इन 108 नामों से संबोधित किया जाए को वह हर मनोकामना पूरी करती है। आइए पढ़ते हैं सम्पूर्ण श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र यहां।
॥श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्॥
शतनाम प्रवक्ष्यामि श्रृणुष्व कमलानने।
यस्य प्रसादमात्रेण दुर्गा प्रीता भवेत् सती॥॥
ॐ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी।
आर्या दुर्गा जया चाद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी॥॥
पिनाकधारिणी चित्रा चण्डघण्टा महातपाः।
मनो बुद्धिरहंकारा चित्तरूपा चिता चितिः॥॥
सर्वमन्त्रमयी सत्ता सत्यानन्दस्वरूपिणी।
अनन्ता भाविनी भाव्या भव्याभव्या सदागतिः॥॥
शाम्भवी देवमाता च चिन्ता रत्नप्रिया सदा।
सर्वविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञविनाशिनी॥॥
अपर्णानेकवर्णा च पाटला पाटलावती।
पट्टाम्बरपरीधाना कलमञ्जीररञ्जिनी॥॥
अमेयविक्रमा क्रूरा सुन्दरी सुरसुन्दरी।
वनदुर्गा च मातङ्गी मतङ्गमुनिपूजिता॥॥
ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कौमारी वैष्णवी तथा।
चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृतिः॥॥
विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या च बुद्धिदा।
बहुला बहुलप्रेमा सर्ववाहनवाहना॥॥
निशुम्भशुम्भहननी महिषासुरमर्दिनी।
मधुकैटभहन्त्री च चण्डमुण्डविनाशिनी॥॥
सर्वासुरविनाशा च सर्वदानवघातिनी।
सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी तथा॥॥
अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणी।
कुमारी चैककन्या च कैशोरी युवती यतिः॥॥
अप्रौढा चैव प्रौढा च वृद्धमाता बलप्रदा।
महोदरी मुक्तकेशी घोररूपा महाबला॥॥
अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी।
नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी॥॥
शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी।
कात्यायनी च सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी॥॥
य इदं प्रपठेन्नित्यं दुर्गानामशताष्टकम्।
नासाध्यं विद्यते देवि त्रिषु लोकेषु पार्वति॥॥
धनं धान्यं सुतं जायां हयं हस्तिनमेव च।
चतुर्वर्गं तथा चान्ते लभेन्मुक्तिं च शाश्वतीम्॥॥
कुमारीं पूजयित्वा तु ध्यात्वा देवीं सुरेश्वरीम्।
पूजयेत् परया भक्त्या पठेन्नामशताष्टकम्॥
तस्य सिद्धिर्भवेद् देवि सर्वैः सुरवरैरपि।
राजानो दासतां यान्ति राज्यश्रियमवाप्नुयात्॥॥
गोरोचनालक्तककुङ्कुमेन सिन्दूरकर्पूरमधुत्रयेण।
विलिख्य यन्त्रं विधिना विधिज्ञो भवेत् सदा धारयते पुरारिः॥॥
भौमावास्यानिशामग्रे चन्द्रे शतभिषां गते।
विलिख्य प्रपठेत् स्तोत्रं स भवेत् सम्पदां पदम्॥॥

(इति श्रीविश्वसारतन्त्रे दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रं समाप्तम्।)

शिंदे के मंत्री का खुलासा, सरकार गिराने के लिए दो साल में हुईं थी 100-150 बैठकें, इनकी की थी भूमिका!

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महाराष्ट्र : शिंदे सरकार के कैबिनेट मंत्री तानाजी सावंत ने बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर महाराष्ट्र में सरकार बदली। बता दें कि जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना विधायकों ने बगावत कर दी थी, जिसके चलते उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी। इसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना और भाजपा के गठबंधन में नई सरकार बनी, जिसमें देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री हैं।

महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री तानाजी सावंत ने एक ओस्मानाबाद में एक जनसभा के दौरान बोलते हुए कहा कि ‘हमारी (शिंदे गुट के नेताओं की) और देवेंद्र फडणवीस जी की बैठकें हुईं…। मैं और मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दो साल में 100 से 150 बैठकें की। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर शिवसेना और भाजपा ने ओस्मानाबाद जिला परिषद का चुनाव साथ लड़ा और यहीं से गठबंधन की शुरुआत हुई।

सावंत ने कहा कि उन्होंने ही पहले जाकर मातोश्री में बगावत का बिगुल बजाया था। सावंत ने ये भी कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाना राज्य की 12 करोड़ जनता का अपमान था, जिन्होंने शिवसेना-भाजपा के गंठबंधन को वोट दिया था। तानाजी सावंत के बयान से विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिल गया है।

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने तानाजी  सावंत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे साफ है कि बगावत के बीज शिंदे गुट के विधायकों के दिमाग में बहुत पहले से थे। बागी विधायकों ने आरोप लगाया था कि ठाकरे पार्टी विधायकों से नहीं मिलते और मंत्रियों, विधायकों को फंड नहीं दिया जाता, इससे साफ है कि उनका यह बहाना खोखला था।

चारधाम यात्रा में स्थानीय लोगों के लिए अनिवार्य नहीं होगा पंजीकरण, सीएम धामी के निर्देश

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देहरादून: CM धामी ने अधिकारियों को बड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगामी चार धाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को चारधाम के दर्शन करवाये जायेंगे। जिन श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए होटलों और होमस्टे में बुकिंग करा ली है, उनकी दर्शन केे लिए भी व्यवस्था की जाए।

यात्रा तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्थित, सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाय। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर भी जाएं, इसके लिए राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के बारे में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इसके लिए पर्यटन, पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाए।

वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जी ने श्रद्धालुओं से अपने यात्रा व्यय का 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने की अपील की है। राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कुछ उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रमोट किया जाए। जीएमवीएन में भी स्थानीय उत्पादों को रखा जाए। राज्य के स्थानीय उत्पादों की जानकारी आमजन तक पहुचांई जाय। चारधाम यात्रा मार्गों पर क्रैश बैरियर की समुचित व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों की रहने एवं सोने की समुचित व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य के एन्ट्री प्वाइंट पर ली जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। चारधाम यात्रा के लिए जिन-जिन विभागों से कार्मिकों की ड्यूटी लगती है, उन विभागों से जो कार्मिक स्वेच्छा से चारधाम ड्यूटी पर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले प्राथमिकता दी जाए।

चारधाम यात्रा पर जो भी स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए। चारधाम यात्रा के लिए यात्रा मित्र के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों को रखा जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों में वाहन चालकों के रहने एवं सोने की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए, इसके लिए अन्य राज्यों से भी समन्वय किया जाए।