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केरल, असम और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026: मतदान जारी, भारी मतदाता उत्साह, प्रमुख नेताओं ने डाले वोट

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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/पुदुचेरी: लोकतंत्र का उत्सव आज केरल, असम और पुदुचेरी में पूरे जोरों पर है। कुल 296 विधानसभा सीटों (केरल-140, असम-126, पुदुचेरी-30) पर एक चरण में मतदान चल रहा है। सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। मतगणना 4 मई को होगी।073821

मतदान की लाइव स्थिति

केरल: 140 सीटों पर लगभग 883 उम्मीदवार। 2.7 करोड़ से अधिक मतदाता। सुबह के घंटों में अच्छी वोटिंग देखी गई। LDF (पिनाराई विजयन) हैट्रिक, UDF और BJP (एनडीए) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला।

असम: 126 सीटों पर 722+ उम्मीदवार। 2.5 करोड़ मतदाता। BJP (हिमंता बिस्वा सरमा) तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।

पुदुचेरी: 30 सीटों पर 294 उम्मीदवार। 9.5 लाख मतदाता। AINRC-NDA (एन. रंगासामी) बनाम INDIA गठबंधन।

करीब 6.1 करोड़ मतदाता इन चुनावों में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं, जिसमें लाखों युवा पहली बार वोट डाल रहे हैं।5cee1a

प्रमुख नेताओं ने डाले वोट

केरल: मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर के धरमडोम में वोट डाला। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सुरेश गोपी ने भी मतदान किया। अन्य नेताओं में कांग्रेस के वीडी सतीशन शामिल रहे।

असम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और अन्य भाजपा-एनडीए नेताओं ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाले।

पुदुचेरी: मतदान केंद्रों पर रोबोट का आकर्षक स्वागत देखा गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मतदाताओं से रिकॉर्ड मतदान की अपील की।

सुरक्षा और व्यवस्था

चुनाव आयोग ने कड़ी सुरक्षा के साथ EVM-VVPAT का इस्तेमाल सुनिश्चित किया। वेबकास्टिंग, ड्रोन और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू। कुछ इलाकों में बारिश के बावजूद मतदाताओं की लंबी कतारें।

ये चुनाव NDA, INDIA और लेफ्ट के बीच महत्वपूर्ण टेस्ट हैं। असम में भाजपा की हैट्रिक, केरल में लेफ्ट की हैट्रिक और पुदुचेरी में स्थिर सरकार के मुद्दे हावी हैं।

केदारनाथ धाम में 20 घंटों से बर्फबारी, यात्रा तैयारियों पर असर, प्रशासन अलर्ट

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केदारनाथ धाम में पिछले 20 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की रफ्तार धीमी कर दी है। कपाट खुलने की तिथि नजदीक होने के बावजूद बदले मौसम ने प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। इस बार धाम में बेमौसम बर्फबारी देखने को मिल रही है। जहां सर्दियों के महीनों में अपेक्षाकृत कम बर्फ गिरी थी, वहीं अब कपाट खुलने से ठीक पहले हो रही भारी बर्फबारी ने हालात को कठिन बना दिया है। तय कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की डोली प्रस्थान करेगी, जबकि 22 अप्रैल को कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

पैदल मार्ग पर बढ़ी मुश्किलें
केदारनाथ पैदल मार्ग पर छोटी लिनचोली से धाम तक भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण पूरा इलाका बर्फ से ढक गया है। इससे निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सोनप्रयाग से केदारपुरी तक लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) गुप्तकाशी द्वारा यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन लगातार बर्फबारी और बारिश के चलते श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दो टीमें जुटीं मार्ग साफ करने में
बर्फ हटाने के लिए 60 श्रमिकों की दो टीमें तैनात की गई हैं। एक टीम केदारनाथ की ओर से और दूसरी छोटी लिनचोली की ओर से मार्ग साफ कर रही है। मंगलवार तक करीब 4 से 5 फीट चौड़ाई में रास्ता साफ किया गया था, लेकिन ताजा बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर फिर से बर्फ जम गई है।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह के अनुसार, मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग पूरी तरह सुचारु किया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।

व्यवसायियों की बढ़ी चिंता
लगातार खराब मौसम का असर केदार घाटी के स्थानीय व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। कई व्यवसायियों ने यात्रा को ध्यान में रखते हुए पहले ही लाखों रुपये खर्च कर सामग्री, ईंधन और टेंट की व्यवस्था कर ली है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता के चलते कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

प्रशासन मुस्तैद, तैयारियां जारी
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि बर्फबारी से चुनौतियां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन धाम में सभी तैयारियां लगातार जारी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

अमेरिका-ईरान युद्धविराम का असर: शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 2700 अंक उछला

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मेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 2,700 से अधिक अंकों की छलांग के साथ खुला, जबकि Nifty 50 815 अंकों की बढ़त के साथ 23,900 के स्तर के पार पहुंच गया।

रुपये में भी मजबूती

भूराजनीतिक तनाव कम होने का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया 50 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.56 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, युद्धविराम से वैश्विक बाजारों में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है।

RBI के फैसले पर भी नजर

आज Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले भी आने हैं, जिस पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है। इससे बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है।

किन शेयरों में रही तेजी

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में करीब 10% की सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, अदानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी प्रमुख लाभ में रहे। वहीं, टेक महिंद्रा इस तेजी में पिछड़ने वाला एकमात्र शेयर रहा।

एशियाई बाजारों में भी तेजी

वैश्विक संकेत भी सकारात्मक रहे। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिकी बाजार मंगलवार को स्थिर रुख के साथ बंद हुए।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता घटी है। इससे वैश्विक बाजारों में भरोसा बढ़ा है।

विश्लेषकों के अनुसार, युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवागमन की सहमति से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत है।

कच्चे तेल में गिरावट

वैश्विक तेल मानक Brent Crude की कीमत 13.24% गिरकर 94.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जिससे बाजार को और मजबूती मिली है।

निवेशकों की गतिविधि

मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 8,692.11 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 7,979.50 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एक दिन पहले बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ था, जहां सेंसेक्स 509.73 अंक बढ़कर 74,616.58 पर और निफ्टी 155.40 अंक चढ़कर 23,123.65 पर बंद हुआ था।

गुलदार का हमला: जंगल में लकड़ी लेने गए बुजुर्ग की मौत, इलाके में दहशत

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देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज में जंगल में लकड़ी लेने गए एक बुजुर्ग व्यक्ति की गुलदार के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, सहसपुर और छरबा के बीच स्थित घने जंगल में 65 वर्षीय इरफान, पुत्र अली हसन, रोजाना की तरह सूखी लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सहसपुर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक विकास रावत के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

कालसी वन प्रभाग के डीएफओ मयंक गर्ग ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मामला गुलदार के हमले का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौत वन्यजीव के हमले से हुई पाई जाती है, तो मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

वन विभाग के अनुसार, घटना के समय दो लोग जंगल में लकड़ी लेने गए थे, जो अलग-अलग दिशा में चले गए थे। इसी दौरान एक व्यक्ति के साथ यह हादसा हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और उन्होंने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने तथा गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

बैंक नौकरी का मौका: Indian Bank में स्पेशलिस्ट ऑफिसर भर्ती शुरू, 28 अप्रैल तक करें आवेदन

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बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। Indian Bank ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 8 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन करने और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2026 तय की गई है, जबकि आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट 13 मई 2026 तक लिया जा सकता है।

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषयों में योग्यता होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन या इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रुमेंटेशन में 4 वर्षीय इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा संबंधित विषयों में पोस्टग्रेजुएट डिग्री या NIELIT ‘B’ लेवल सर्टिफिकेट भी मान्य होगा।

आयु सीमा

उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 22 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, अलग-अलग पदों के अनुसार आयु सीमा में बदलाव हो सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखना जरूरी है।

आवेदन शुल्क

  • सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग: ₹1000
  • एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग: ₹175
    शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार निम्नलिखित स्टेप्स के जरिए आवेदन कर सकते हैं:

  • आधिकारिक पोर्टल पर जाकर “New Registration” पर क्लिक करें।
  • मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  • लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  • आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करें।
  • भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

चयन प्रक्रिया

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद इंटरव्यू आयोजित होगा। जरूरत पड़ने पर लिखित या ऑनलाइन परीक्षा भी कराई जा सकती है।

उत्तराखंड : IPS अधिकारियों को CAT से राहत, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लगी रोक

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देहरादून से बड़ी खबर सामने आई है, जहां उत्तराखंड कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) से राहत मिली है। अधिकरण ने फिलहाल उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़े आदेश पर रोक लगा दी है। मामला आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी से जुड़ा है, जो वर्तमान में उत्तराखंड में आईजी रैंक पर तैनात हैं। केंद्र सरकार ने 5 मार्च 2026 को आदेश जारी कर नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति देने का फैसला किया था।

इसके अगले ही दिन 6 मार्च को राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त भी कर दिया। हालांकि, दोनों अधिकारियों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए पहले नैनीताल हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) जाने की सलाह दी थी।

इसके बाद CAT में दाखिल याचिका में अधिकारियों ने दलील दी कि उन्होंने कभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन या सहमति नहीं दी। साथ ही, आईजी स्तर के अधिकारी होने के बावजूद उन्हें डीआईजी जैसे निचले पद पर भेजा जाना उनके लिए पेशेवर रूप से ‘डिमोशन’ के समान है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि वे पहले ही केंद्रीय बलों में जाने से अपनी अनिच्छा जता चुके थे और उन्हें इस संबंध में निर्धारित अवधि के लिए छूट भी दी गई थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद CAT ने अंतरिम राहत देते हुए प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही, राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर इस मामले से जुड़े नियमों और प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में अचानक बदला मौसम, यमुनोत्री में बर्फबारी तो मैदानों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट

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देहरादून। उत्तराखंड में अप्रैल के पहले सप्ताह में ही गर्मी की उम्मीद रखने वाले लोगों को मौसम ने चौंका दिया है। मंगलवार से शुरू हुई बारिश और ठंडी हवाओं का सिलसिला बुधवार सुबह भी जारी है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यमुनोत्री धाम समेत कई जगहों पर बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बादलों की आवाजाही और तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने और ठंड का अहसास बरकरार रहने का अनुमान है।

ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, आज 8 अप्रैल को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।शेष जिलों में बिजली चमकने और तेज हवाओं का येलो अलर्ट है। वहीं, तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

तापमान में बड़ी गिरावट

मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश और तेज ठंडी हवाओं के कारण देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री गिरकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी 2 डिग्री कम होकर 14.5 डिग्री रहा। पहाड़ी इलाकों में तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की गई। दिन में कई बार आसमान में घने बादल छा जाने से अंधेरा-सा छा जाता था। सुबह-शाम तो ठंड इतनी महसूस हो रही है कि लोग हल्के गर्म कपड़े निकालने लगे हैं।

पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बदला मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस अचानक बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है। पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर और भूमध्य सागर से नमी लेकर आ रहा है, जिसके कारण उत्तर भारत के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में बादल छा रहे हैं और बारिश हो रही है। हिमालय से आ रही ठंडी हवाओं ने तापमान को और नीचे खींच दिया है। आमतौर पर अप्रैल के पहले सप्ताह में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंड का अहसास बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2-3 दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है, जिसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

  • ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें।
  • पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
  • खराब मौसम के कारण सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने की आशंका है।

वेस्ट एशिया संकट : ट्रंप ने ईरान पर हमले टाले, दो हफ्ते का ‘दोतरफा सीजफायर’ लागू

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अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए टाल दिया गया है। ट्रंप के मुताबिक यह एक “दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर” होगा, यानी इस अवधि में न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। हालांकि इस अस्थायी युद्धविराम के लिए एक अहम शर्त रखी गई है, ईरान को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से Hormuz Strait को जहाजों की आवाजाही के लिए खोलना होगा।

समझौते की दिशा में बढ़ते कदम

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने कई सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जिस पर बातचीत जारी है।
उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच पुराने विवादों के कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अगले दो हफ्तों में समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।

40 दिन का संघर्ष और सीजफायर

अमेरिका-ईरान और इस्राइल के बीच यह तनाव 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिका और Israel ने ईरान पर हमले किए। जवाब में Iran ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और इस्राइल पर मिसाइल हमले किए।
इस संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ा।

पहले दी थी सख्त चेतावनी

ट्रंप ने इससे पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।
उन्होंने यहां तक कहा था कि पावर प्लांट और पुल जैसे अहम ढांचे भी हमलों की जद में आ सकते हैं।

अल्टीमेटम से सीजफायर तक

बताया जा रहा है कि ट्रंप पहले ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे चुके थे, जिसे बाद में कई बार बढ़ाया गया और अंततः 8 अप्रैल तक कर दिया गया। अब उसी कड़ी में यह दो हफ्तों का सीजफायर सामने आया है।

क्या टल गया बड़ा युद्ध?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी युद्धविराम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में अहम कदम हो सकता है। हालांकि, इस दौरान होने वाली बातचीत और ईरान द्वारा शर्तों के पालन पर ही आगे की स्थिति निर्भर करेगी।

14 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारंभ, तैयारियों में जुटी धामी सरकार

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देहरादून: 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा बहुप्रतीक्षित इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारंभ किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि इसे जन-उत्सव के रूप में मनाया जाए। इसके लिए प्रदेशभर से लोगों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लोक नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी।

इसके साथ ही राज्यभर में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आयोजन से पहले सभी स्थान स्वच्छ और आकर्षक नजर आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन के रूप में लिया जाए और आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम के दौरान एक भव्य रोड शो का भी आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनें।

बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और जनसुविधाओं को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुभारंभ को राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना निवेश को आकर्षित करेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, जिससे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

सरकार को उम्मीद है कि इस कॉरिडोर के जरिए उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

युवा कांग्रेस के विजयी उम्मीदवारों का स्वागत, कार्तिक बिरला दोबारा बने कैंट अध्यक्ष, सूर्यकांत धस्माना ने दी शुभकामनाएं

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देहरादून:युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों में कैंट विधानसभा क्षेत्र से कार्तिक बिरला ने एक बार फिर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। उनकी जीत के बाद प्रेमनगर चौक पर नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।

इस अवसर पर कैंट क्षेत्र के विभिन्न पदों पर निर्वाचित नेताओं का सम्मान किया गया, जिसमें सरदार रविन्द्र सिंह रैना जूनियर को प्रदेश महासचिव तथा शुभम सैनी को जिला महासचिव चुने जाने पर विशेष बधाई दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, अपराध, पेपर लीक और महिलाओं पर अत्याचार जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी अब युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि देहरादून, जो कभी अपनी सुंदरता और शांति के लिए जाना जाता था, आज अपराध और अव्यवस्था के कारण बदनाम हो रहा है।

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धस्माना ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए प्रदेश की “भ्रष्ट और युवा विरोधी” सरकार को हटाने के लिए संगठित प्रयास करें।

कार्यक्रम संयोजक और प्रदेश युवा कांग्रेस के निवर्तमान उपाध्यक्ष सुमित खन्ना ने कहा कि युवा कांग्रेस, गणेश गोदियाल के नेतृत्व और सूर्यकांत धस्माना के मार्गदर्शन में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेगी।

प्रेमनगर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र तनेजा ने विश्वास जताया कि कार्तिक बिरला के नेतृत्व में युवा कांग्रेस और अधिक सशक्त होगी। वहीं, प्रदेश महासचिव बने रविन्द्र सिंह रैना जूनियर ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान मोहित ग्रोवर, रोहित मित्तल, अमित नेगी, शुभम सैनी सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नव-निर्वाचित नेताओं के माल्यार्पण और स्वागत के साथ हुआ।