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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 30 घरों को आग लगाई, पांच दिनों के लिए इंटरनेट बंद

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इंफाल : मणिपुर के उखरुल जिले में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। टांगखुल नगा समुदाय के एक सदस्य पर कथित हमले के बाद भड़की हिंसा में कई घरों को आग लगा दी गई और गोलियां भी चलीं। हालात बिगड़ने पर राज्य सरकार ने जिले में इंटरनेट सेवाओं को 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की शुरुआत शनिवार रात लिटन गांव में एक टांगखुल नगा व्यक्ति पर 7-8 लोगों द्वारा कथित हमले से हुई। इसके बाद रविवार-सोमवार की रात लिटन सारीखोंग इलाके में बदले की कार्रवाई में संदिग्ध सशस्त्र बदमाशों ने कई खाली पड़े घरों को आग के हवाले कर दिया। मंगलवार सुबह भी फायरिंग की घटनाएं हुईं, जिसमें कई राउंड गोलियां चलीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 20-21 घर जलाए गए, जिनमें ज्यादातर टांगखुल नगा समुदाय के थे। कुछ घर कूकी समुदाय के भी प्रभावित हुए।

घटनास्थल पर सेना, असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। लिटन क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है और सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। कई ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं। राज्य सरकार के गृह आयुक्त ने इंटरनेट, ब्रॉडबैंड, वीपीएन और वीएसएटी सेवाओं को उखरुल जिले में 5 दिनों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि यह कदम गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने तथा सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है।

यह घटना मणिपुर में 2023 से जारी जातीय तनाव (मुख्य रूप से कूकी-जो और मेइती/नगा समुदायों के बीच) की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसने राज्य को अस्थिर कर रखा है। प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच जारी है।

किताब लीक मामले में FIR दर्ज, राहुल गांधी बोले-नरवणे पर भरोसा, किताब से सरकार असहज

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नई दिल्ली। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कथित लीक होने पर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की स्पेशल सेल इस बात की तफ्तीश कर रही है कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर कैसे प्रसारित हुई, जबकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है और रक्षा मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी लंबित है।

विवाद तब और तेज हो गया जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में किताब के कुछ अंशों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के दौरान स्पष्ट निर्देश न देने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने एक हार्डकॉपी भी दिखाई और इसे ‘गिफ्ट’ करने की बात कही, जिससे सदन में हंगामा हुआ।

राहुल गांधी का तीखा हमला

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “या तो जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर प्रकाशक पेंग्विन झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व सेना प्रमुख झूठ बोलेंगे।” उन्होंने जनरल नरवणे के 2023 के एक ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने किताब को उपलब्ध बताते हुए खरीदने की अपील की थी। राहुल ने दावा किया कि किताब अमेजन पर भी उपलब्ध है। उन्होंने आगे कहा, “मुझे पेंग्विन पर नहीं, बल्कि पूर्व सेना प्रमुख पर विश्वास है। मेरी राय है कि नरवणे ने किताब में जो बातें लिखी हैं, वे सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। इसलिए सरकार असहज हो गई है।”

पेंग्विन रैंडम हाउस का स्पष्टीकरण

प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने सोमवार को बयान जारी कर साफ किया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन के एकमात्र अधिकार उनके पास हैं और किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। कंपनी ने कहा कि प्रिंट या डिजिटल रूप में कोई कॉपी सार्वजनिक नहीं की गई है। किसी भी अनधिकृत प्रसार को कॉपीराइट उल्लंघन बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पुलिस जांच का दायरा

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर मिली जानकारी के आधार पर FIR दर्ज की है। जांच में लीक का स्रोत, प्रसार का तरीका और संभावित सुरक्षा/कॉपीराइट उल्लंघन पर फोकस है। किताब 2024 से रक्षा मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रही है, जिसके कारण प्रकाशन में देरी हो रही है।

एक ही परिवार के पांच लोगों ने खाया जहर, सामूहिक आत्महत्या से सनसनी, दीवार पर लिखे ये शब्द

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मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के महावन थाना क्षेत्र अंतर्गत खप्परपुर गांव में एक परिवार के पांच सदस्यों ने कथित तौर पर जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। पुलिस के अनुसार, मृतकों में 35 वर्षीय किसान मनीष, उनकी पत्नी 32 वर्षीय सीमा, उनकी दो बेटियां हनी (5 वर्ष) और प्रियांशी (4 वर्ष), तथा दो वर्षीय बेटा पंकज शामिल हैं। सुबह करीब 10 बजे सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घर के अंदर सभी के शव पड़े मिले, जिनमें जहर खाने के संकेत मिले हैं।

घर की दीवार पर लिखा सुसाइड नोट

पुलिस जांच में पता चला है कि घर की रसोई की दीवार पर खड़िया से लिखा गया है, “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं”। यह संदेश परिवार के मुखिया मनीष द्वारा लिखा गया माना जा रहा है। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं की गई है।मनीष मूल रूप से खेती-बाड़ी करते थे। उनकी शादी आठ वर्ष पूर्व सदाबाद क्षेत्र के मड़नई गांव से हुई थी। उनके दो भाई गांव में ही अलग-अलग घरों में रहते हैं, जबकि मनीष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इसी मकान में रह रहे थे।

आत्महत्या के कारणों की जांच जारी

प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद या अन्य किसी व्यक्तिगत कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आसपास के ग्रामीणों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। एसएसपी मथुरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की निगरानी कर रहे हैं।

मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू

पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में हुई अन्य सामूहिक आत्महत्याओं की याद दिलाती है, जहां आर्थिक दबाव या मानसिक तनाव को प्रमुख कारण माना गया था। प्रशासन ने लोगों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता लेने की अपील की है।

उत्तराखंड : लीडिंग फायरमैन को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार, 20 हजार रिश्वत लेते पकड़ा

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उत्तराखंड में सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में अग्निशमन विभाग के लीडिंग फायरमैन रणधीर सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

शिकायतकर्ता, जो कोटद्वार स्थित मालिनी वैली कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रबंधन से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया था कि रणधीर सिंह उनकी संस्थान की इमारत के लिए फायर सेफ्टी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) के नवीनीकरण के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को फायर स्टेशन परिसर के पास मौके पर ही रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए पकड़ लिया।

अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को देहरादून ले जाया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की नीति के तहत लगातार हो रही सतर्कता टीम की सक्रियता का एक और उदाहरण है।

बड़ी खबर : पाकिस्तान की पहले ना, अब हां, 15 को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा सबसे बड़ा मुकाबला

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खेल डेस्क: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि पाकिस्तान ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 में अपनी सभी निर्धारित मैचों में भाग लेगा, जिसमें भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला भी शामिल है।

ICC ने कहा कि ICC और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बीच हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने खेल के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक सहयोग, अखंडता और तटस्थता के साथ आगे बढ़ने पर सहमति जताई। सभी सदस्य देश ICC आयोजनों में अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेंगे और टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।

पाकिस्तान सरकार द्वारा पहले जारी बयान में टीम की चुनिंदा मैचों में भागीदारी पर विचार किया गया था, लेकिन अब ICC, PCB और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच हुई बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान पूरे टूर्नामेंट में खेलेंगे।

इससे पहले पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में नीदरलैंड्स को तीन विकेट से हराकर जीत दर्ज की थी। भारत के खिलाफ मैच से पहले पाकिस्तान का दूसरा मैच 10 फरवरी को कोलंबो में अमेरिका के खिलाफ होगा।

बांग्लादेश के मामले में ICC ने कहा कि देश की राष्ट्रीय टीम की अनुपस्थिति से क्रिकेट पर कोई लंबे समय तक प्रभाव नहीं पड़ेगा। BCB को ICC द्वारा क्रिकेट के इस जीवंत बाजार में विकास के लिए समर्थन जारी रहेगा और 2031 ICC क्रिकेट विश्व कप से पहले किसी ICC आयोजन की मेजबानी का अवसर मिल सकता है, बशर्ते सामान्य प्रक्रियाओं का पालन हो।

भारत-पाकिस्तान मैच R. प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो में शाम को खेला जाएगा, जो क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक रोमांचक मुकाबला साबित होगा। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला हमेशा की तरह वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरेगा।

हरक सिंह रावत का वीडियो वायरल, बोले-टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं है!

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देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हरक सिंह रावत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि “टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं हुआ है।”

हरक सिंह रावत ने पार्टी कार्यकर्ताओं से खुलकर बात की और कहा कि टिकट वितरण में पूरी पारदर्शिता और मेरिट का पालन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी केवल उसी उम्मीदवार को टिकट देगी, जो उस सीट पर जीत की स्थिति में हो – चाहे वह नेता हरक सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल या पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कितना भी करीबी क्यों न हो।

हरक सिंह रावत ने राहुल गांधी को भी दिया उदाहरण

हरक सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के साथ राहुल गांधी की बैठक में भी यही बात कही। उन्होंने राहुल गांधी से कहा, “कई नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और आपके नाम लेकर दावा करते हैं कि उनका टिकट फाइनल हो गया है, लेकिन टिकट कैसे फाइनल हो गया? टिकट तो आपका भी फाइनल नहीं है। रावत ने आगे कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को समझाया – यदि पार्टी के बड़े नेता आपको समझाएंगे कि किसी सीट से चुनाव लड़ना आपके लिए उचित नहीं है, तो आप उस सलाह को मानेंगे। राहुल गांधी ने इस बात पर अपनी सहमति जताई।

पार्टी के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार

हरक सिंह रावत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “मैं पार्टी का सिपाही हूं। जिस विधानसभा सीट से कोई चुनाव लड़ना नहीं चाहता, पार्टी मुझे वहां से मैदान में उतार दे – मैं तैयार हूं। पार्टी मुझे दरी बिछाने को कहेगी तो मैं पीछे नहीं हटूंगा। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि वे नारे भी खूब लगाते हैं और प्रदेश अध्यक्ष के नारे लगाकर महिलाओं को सम्मान देते हैं।

विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की अपील

हरक सिंह रावत ने सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इन बातों को इसलिए कह रहे हैं ताकि सभी ऊर्जावान होकर पूरी मजबूती के साथ आने वाले विधानसभा चुनाव लड़ें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने और पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम करने की अपील की।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के साथ ही उत्तराखंड कांग्रेस के अंदर टिकट वितरण को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हरक सिंह रावत का यह बयान पार्टी में पारदर्शिता और प्रदर्शन आधारित टिकट वितरण की नीति को मजबूती प्रदान करता है।

सिरफिरे ने क्लासरूम में छात्रा को गोली मारी, फिर खुद को भी उड़ाया

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तरनतारन। पंजाब के तरनतारन जिले के गांव उसमा स्थित एक निजी कॉलेज में वैलेंटाइन वीक के दौरान सोमवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक युवक ने अपनी सहपाठी छात्रा को कक्षा में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी उसी हथियार से आत्महत्या कर ली।

मृतक छात्रा की पहचान संदीप कौर (निवासी गांव नौशहरा पनुआ) के रूप में हुई है, जबकि आत्महत्या करने वाले युवक का नाम प्रिंसराज सिंह (निवासी गांव मलिया) बताया गया है। दोनों ही लॉ की पढ़ाई कर रहे थे।

घटना का विवरण पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह कक्षाएं शुरू होने के कुछ ही देर बाद प्रिंसराज सिंह कॉलेज परिसर में दाखिल हुआ। वह सीधे कक्षा में पहुंचा, जहां संदीप कौर बैठी हुई थी। युवक ने बिना किसी चेतावनी के छात्रा के सिर पर गोली मार दी। गोली लगते ही संदीप कौर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके तुरंत बाद प्रिंसराज ने उसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली और उसकी भी मौके पर मौत हो गई।

प्रारंभिक जांच में एकतरफा प्रेम का मामला एसएसपी तरनतारन सुरेंद्र लांबा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला एकतरफा प्रेम संबंध से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि हथियार कहां से प्राप्त हुआ और युवक कॉलेज परिसर तक कैसे पहुंचा।

पुलिस ने पिस्टल बरामद की मौके पर पहुंची पुलिस ने हत्या और आत्महत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल को रिकवर कर लिया है। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।

कॉलेज परिसर खाली, पुलिस तैनात घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने पूरे परिसर को खाली करवा लिया और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। कॉलेज में पढ़ने वाले अन्य छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

सिविल कोर्ट को RDX से उड़ाने की धमकी, Email मिलने पर अफरा-तफरी के बीच खाली कराया परिसर

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पटना। पटना सिविल कोर्ट में सोमवार सुबह एक बार फिर बम धमकी से हड़कंप मच गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त संदेश में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में आरडीएक्स और आईईडी विस्फोटक लगाए गए हैं। धमकी मिलते ही प्रशासन और पुलिस में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया।

कोर्ट परिसर खाली कराया, सभी को सुरक्षित स्थानों पर भेजा धमकी की सूचना मिलते ही पूरे सिविल कोर्ट परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया। न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता और वादकारियों समेत सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कोर्ट के मुख्य द्वारों को सील कर दिया गया और आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की तलाशी सूचना मिलते ही पटना पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड), डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। कोर्ट परिसर के हर हिस्से में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध वस्तुओं की जांच के लिए विशेष उपकरणों और कुत्तों की मदद ली जा रही है।

ईमेल भेजने वाले ने खुद को एलटीटीई सदस्य बताया प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल ‘अरुण कुमार’ नाम से भेजा गया है। ईमेल में खुद को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) का सदस्य बताते हुए विस्फोटकों की जानकारी दी गई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे को गंभीरता से लेते हुए इसकी सत्यता की जांच कर रही हैं और इसे झूठी धमकी मानकर भी देखा जा रहा है।

पटना सिटी व्यवहार न्यायालय भी खाली सतर्कता के मद्देनजर पटना सिटी व्यवहार न्यायालय परिसर को भी खाली कराया गया है। वहां भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और परिसर की तलाशी ली जा रही है।

पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां बताया जा रहा है कि पटना सिविल कोर्ट को इससे पहले भी कई बार ईमेल के माध्यम से बम धमकी मिल चुकी है। पिछली बार जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी और धमकी झूठी साबित हुई थी।

साइबर सेल कर रही ईमेल की जांच पुलिस की साइबर सेल ईमेल की तकनीकी जांच में जुटी हुई है। भेजने वाले की आईपी एड्रेस, लोकेशन और डिवाइस की जानकारी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

न्यायिक कार्यवाही प्रभावित धमकी के कारण सिविल कोर्ट की समस्त न्यायिक कार्यवाही आज प्रभावित रही। सुरक्षा जांच पूरी होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही कोर्ट की कार्यवाही बहाल की जाएगी।

लोकसभा में विपक्ष का धरना: राहुल गांधी की मांग पर हंगामा, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में आज भी लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने ‘राहुल गांधी को बोलने दो’ के नारे लगाते हुए सदन में जमकर हंगामा किया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे पर नाराजगी जताते हुए कहा, “सदन में नियम के अनुसार बोलने का अधिकार सभी को है, लेकिन सदन गतिरोध और नारेबाजी के लिए नहीं है।” उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे सदन की मर्यादा बनाए रखें और मुद्दों को चर्चा के माध्यम से उठाएं।

विपक्षी सांसदों का मुख्य आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी बात रखने का उचित अवसर नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने लगातार नारे लगाए, जिससे प्रश्नकाल और अन्य कार्य प्रभावित हुए।

इससे पहले संसद परिसर में विपक्षी दलों की बैठक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में हुई। बैठक में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद पहुंचने पर मीडिया से कहा, “कौन कहता है कि आज सदन नहीं चलेगा?” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर राहुल गांधी को सदन में बोलने का मौका दिया जाता है तो सदन सुचारू रूप से चल सकता है, अन्यथा हंगामे जारी रहेंगे।

गौरतलब है कि बजट सत्र के दौरान पिछले कई दिनों से लोकसभा में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष मुख्य रूप से इंडो-यूएस व्यापार समझौते, राहुल गांधी को बोलने का अवसर न मिलने और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। स्पीकर ने कहा कि सभी सदस्यों को नियमों के अनुसार बोलने का अवसर मिलेगा, लेकिन लगातार हंगामे से सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।

दुकान नाम विवाद में चर्चित दीपक कुमार को मिली जान से मारने की धमकी, दो लाख का इनाम घोषित

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कोटद्वार। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए दीपक कुमार को अज्ञात व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दीपक को मारने वाले को दो लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की है।

भयभीत दीपक कुमार ने इस संबंध में कोटद्वार कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर सौंपी। तहरीर में उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा वीडियो के माध्यम से उन्हें एवं उनके परिवार को जान से मारने की खुली धमकी दी जा रही है।

पुलिस ने दीपक कुमार की तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध भादंस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।

गौरतलब है कि 26 जनवरी को कोटद्वार क्षेत्र में एक दुकान के नाम को लेकर हुआ विवाद सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें दीपक कुमार मुख्य रूप से चर्चा में आए थे। उसी मामले के बाद से अब उन्हें जानलेवा धमकियां मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है।