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इस बैंक ने ग्राहकों को दी खुशखबरी, सस्ता कर दिया लोन

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ICICI बैंक ने अपनी ब्याज दर में कटौती की है, जिसका असर आपके लोन और ईएमआई पर सीधा पड़ेगा। ब्याज दर में कटौती से अब आपका लोन और ईएमआई सस्ता हो जाएगा। ICICI बैंक ने हाल ही में जून 2023 के महीने के लिए अपनी सीमांत लागत-आधारित उधार दरों (MCLR) को बदला है, जिसके बाद आपके होम लोन सहित विभिन्न लोन पर ब्याज दरों कम हो जाएंगी।

अब कितना हुआ रेट?
बैंक ने विभिन्न MCLR कार्यकालों के लिए ब्याज दर में बदलाव किया है। नए रेट के बाद अब एक महीने की MCLR को 8.50 फीसदी से घटाकर 8.35 फीसदी कर दिया गया है, जबकि तीन महीने की MCLR में 15 बेसिस प्वाइंट की कमी कर 8.40 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ बैंक ने छह महीने और एक साल की MCLR दरों में 5 बेसिस प्वाइंट की मामूली कमी की है जिसके बाद छह महीने के लिए अब नए रेट 8.75 फीसदी हो गई है और एक साल के लिए ये रेट 8.85 फीसदी हो गई है। आईसीआईसीआई बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक नए रेट 1 जून 2023 से लागू हो चुके हैं।

अन्य बैंक भी कर सकते हैं कटौती
आपको बता दें कि ICICI बैंक पहला बैंक है, जिसने एमसीएलआर रेट में कटौती की घोषणा की है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही अन्य बैंक भी ब्याज दरों में कटौती की घोषणा कर सकते हैं।

RBI ने नहीं बदला रेपो रेट
2023-24 की प्रारंभिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में, भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया था। फिलहाल रेपो रेट 6.5 प्रतिशत पर बना हुआ है। रेपो रेट वो रेट होता है, जिस दर पर आरबीआई देश में मौजूद बैंकों को उधार देते हैं। आपको बता दें कि आरबीआई ने अब तक मई 2022 से रेपो रेट को 250 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ाया है। वहीं RBI की अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक 6-8 जून, 2023 के दौरान होने वाली है।

क्या होता है MCLR?
एमसीएलआर बैंको के लिए एक आंतरिक बेंचमार्क रेट होता है। इसका इस्तेमाल न्यूनतम होम लोन की ब्याज दर निर्धारित करने के लिए किया जाता है। भारतीय वित्तीय प्रणाली में MCLR को आरबीआई ने साल 2016 में पेश किया था।

हादसे वाली जगह पहुंचे PM मोदी, हालात का ले रहे जायजा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा के बालासोर में ट्रेन हादसे वाली जगह पर पहुंचें. शुक्रवार रात यहां भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई, जिसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों ने जान गंवा दी है. प्रधानमंत्री ट्रेन हादसे वाली जगह पर हालात का जायजा ले रहे हैं. उनके साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद हैं. इसके अलावा रेलवे के तमाम आला अधिकारी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मौके पर मौजूद हैं. यहां से पीएम मोदी कटक जाएंगे, जहां वह हादसे में घायल हुए लोगों से मिलेंगे.

रेल मंत्री प्रधानमंत्री को हादसे के बाद किए गए कार्यों की जानकारी दे रहे हैं. पीएम को रेलवे अधिकारियों ने कुछ फाइलें दिखाई हैं, जिसमें हादसे को लेकर जानकारी है. वहीं, बालासोर आने से पहले पीएम मोदी ने दिल्ली में एक बैठक बुलाई. इस बैठक में ओडिशा सड़क दुर्घटना से जुड़े हालातों पर चर्चा की गई.

रेलवे ने कहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा के तौर पर दिया जाएगा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि इस ट्रेन हादसे में उनके राज्य के जिन लोगों ने जान गंवाई है, उन्हें 5 लाख रुपये दिए जाएंगे. रेलवे ने बताया है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है.

उत्तराखंड : आखिर क्यों गुस्से में है यमुनाघाटी के लोग, पढ़ें ये रिपोर्ट

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बड़कोट: पिछले दिनों पुरोला लव जेहाद का मामला सामने आया था। तब से है यमुनाघाटी में लव जेहादियों के खलाफ लोगों में भारी आक्रोश है। व्यापार मंडल और हिन्दूवादी संगठनों ने बाहरी लोगों खासकर समुदाय विशेष को बाहर का रास्ता दिखाने और दुकानें खाली कराने की अपील की है। साथ ही पुलिस और प्रशासन से बाहरी लोगों का सत्यापन कर कार्रवाई की मांग की है। गुस्से के आग की लपटें अब जिला मुख्यालय तक भी पहुंच गई है।

लोगों का कहना है कि बाहर के लोग आकर लगातार क्षेत्र में छोटी-छोटी दुकानें और फड़ लगाकार कब्जा कर रहे हैं। इस तरह के अतिक्रमण को प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है। जिसका नजीता यह है कि लव जेहाद जैसे मामले सामने आ रहे हैं। पुरोला के अलावा अन्य भी कई मामले सामने आ चुके हैं। इसको लेकर भारी आक्रोश है।

यमुनाघाटी हिन्दू जागृति संगठन के आह्वान पर व्यापारियों ने समूची यमुनाघाटी के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर विशाल जुलूस निकाला। भारी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए। शनिवार को जहां बड़कोट में प्रदर्शन किया गया। वहीं, पुरोला में भी व्यापारियों ने रैली निकाली और प्रदर्शन करते हुए समुदाय विशेष के दुकानदारों के बैनर साइन बोर्ड तोड़ दिए। व्यापारी और हिन्दू संगठन के लोग ने नगरपालिका से बाहरी व्यापारियों की दुकानों के सत्यापन और दस्तावेज दिखाने की मांग की। वहीं सीओ अनुज कुमार ने कहा कि अन्य प्रदेशों से आए लोगों का सत्यापन चल रहा है।

उन्होंने बाहरी लोगों का सत्यापन तेज करने, उनकी ओर से अतिक्रमण कर लगाई जा रही दुकानें हटाने की मांग की। शुक्रवार को भी व्यापारियों ने नगरपालिका में बाहरी व्यापारियों की सही जानकारी न मिलने पर ईओ का घेराव किया। इतना ही नहीं जिला मुख्यालय में जिस तरह से बाहरी व्यापारियों की संख्या बढ़ रही है, इससे यहां पर कभी भी पुरोला और विकासनगर जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

इसके बाद भी सत्यापन में कोताही बरती जा रही है। उन्होंने शहर में बाहरी लोगों की ओर से लगाई जा रही फड़, रेड़ियों और छोटी-छोटी दुकानों के नाम पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटाने, शहर की सभी कबाड़ की दुकानें हटाने की मांग की। जिला व्यापार मंडल ,यमुना घाटी हिन्दू जागृति संगठन समेत विभिन्न संगठन ने बाजार बंद रखते हुए तहसील मुख्यालय में जमकर जुलूस प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरे बाजार में जय श्रीराम के नारों की गूंज भी खूब सुनाई दी। जुलूस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुँचे जंहा जमकर प्रदर्शन किया और एसडीएम को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौपा गया।

पुरोला, विकासनगर दिल्ली की घटना पर स्थानीय लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया है। बता दें कि पुरोला में गत शुक्रवार को एक विशेष समुदाय के व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने का मामला सामने आया। जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

मामले में आरोपी दो युवक पुरोला में मैकेनिक व रजाई गद्दे की दुकान पर काम करते थे। वहीं, मामले को बढ़़ते देख बड़कोट से 100 से अधिक लोग बीते शुक्रवार को रातों रात नगर छोड़कर चले गए। इस प्रकार की घटना पुनः न हो इसके लिए यमुना घाटी हिन्दू जागृति संगठन, व्यापारियों समेत हिंदू छात्र संगठन ने जमकर प्रदर्शन किया है । बाहरी राज्यों से रेहड़ी ठेली, फेरी करने के साथ ही मोटर वर्कशॉप, सब्जी, नाई, बैल्डिंग आदि की दुकानों में काम कर रहे व्यापारियों की जांच करने के साथ यमुना घाटी से अन्यत्र जाने मांग की है।

शराब तस्करों को छुड़ाने के लिए उपद्रवियों ने ट्रेन पर किया हमला, कई जख्मी

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पटना के ब्लॉक चौराहा के पास झोपड़पट्टी में रहने वाले सौ से अधिक उपद्रवियों ने शनिवार सुबह झांसी से कोलकाता जा रही ट्रेन संख्या 22198 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया। हमले में ट्रेन की कई खिड़कियों के कांच टूट गए। कई यात्री जख्मी भी हुए हैं। आधे घंटे तक हो-हंगामे के बाद आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन की टॉयलेट से दो तस्करों के साथ एक दर्जन से अधिक बैकपैक में रखी शराब की बड़ी खेप बरामद की है।

बताया जा रहा है कि ट्रेन के दो डिब्बों के टॉयलेट में शराब की खेप लेकर दोनों तस्कर जा रहे थे। तस्करों ने टॉयलेट को अंदर से लॉक कर लिया था। काफी देर से यात्री टॉयलेट का दरवाजा न खुलने से परेशान थे। किसी अनहोनी की आशंका को देख यात्रियों ने इसकी सूचना ट्रेन में एस्कॉर्ट कर रही आरपीएफ की टीम को दी। RPF के जवानों ने टॉयलेट का दरवाजा खुलवाना चाहा, लेकिन तस्करों ने अंदर से दरवाजा नहीं खोला। इससे ट्रेन में हड़कंप मच गया। टॉयलेट में अपराधियों के छिपे होने की आशंका के बीच यात्री दहशत में आ गए। ट्रेन में हो-हंगामा मच गया।

इसी बीच ट्रेन पटना के ब्लॉक चौराहा के पास पहुंची। तभी उपद्रवियों ने शराब तस्करों को छुड़ाने के लिए ट्रेन पर हमला कर दिया। झोपड़पट्टी में रहने वाले असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में आरपीएफ के जवान सभी बोगियों को लॉक करने लगे, ताकि लूटपाट न हो। आरपीएफ की तरफ से पटना जंक्शन से काफी संख्या में फोर्स भेजा गया। रेल पुलिस के साथ ही स्थानीय थाने की पुलिस भी पहुंच गई। इसे बाद पुलिस ने दोनों शराब तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पथराव में ट्रेन के कई बोगियों के शीशे टूट गए हैं। कुछ यात्रियों को चोटें भी आई है।

घर पहुंच कर भी पत्नी से नहीं मिल सके मनीष सिसोदिया, अस्पताल में भर्ती

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नई दिल्ली : दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और AAP नेता मनीष सिसोदिया अपनी पत्नी से मिलने अपने दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे। दिल्ली हाई कोर्ट नेउन्हें अपनी बीमार पत्नी से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मिलने की अनुमति दी थी। हालांकि, अब बड़ी खबर सामने आ रही है कि मनीष सिसोदिया घर पहुंचकर भी पत्नी से नहीं मिल सके क्योंकि उनके पहुंचने से पहले ही तबीयत बिगड़ने के चलते सीमा सिसोदिया को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

अदालत ने इस छूट के साथ ही कुछ शर्तें भी रखी हैं, जिनका पालन मनीष सिसोदिया को करना होगा। अदालत ने कहा है कि इस दौरान सिसोदिया मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे। मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल भी नहीं करेंगे। सिसोदिया की कानूनी टीम ने भी उनकी पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में अंतरिम जमानत याचिका दायर की। अंतरिम जमानत छह सप्ताह की जमानत देने के लिए अदालत के निर्देश की मांग कर रही है।

यही नहीं सिसोदिया को अपने परिवार के सदस्यों के अलावा किसी से भी मिलने की अनुमति नहीं होगी। कथित शराब घोटाला मामले में ED द्वारा दर्ज केस में सिसोदिया ने 10 दिन के लिए अंतरिम जमानत मांगी थी सिसोदिया ने अंतरिम जमानत।

ED ने 9 मार्च को तिहाड़ जेल में घंटों पूछताछ के बाद शराब नीति मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। सिसोदिया को सीबीआई ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (जीएनसीटीडी) की आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं से संबंधित एक मामले की चल रही जांच में फरवरी के अंत में गिरफ्तार किया था।

जानें रेल हादसों का इतिहास, भारत में कब-कब हुए बड़े हादसे?

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भारतीय रेलवे के इतिहास में कई भीषण हादसे हुए हैं। इन हादसों में कितनी जानें गई उसका आंकड़ा भयावह है। ऐसा ही एक और हादसा ओडिया में हुआ है। इस हादसे में अब तक 238 मौतें हो चुकी हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

रेल इतिहास के सबसे भीषण हादसे 

छह जून, 1981 को देश में सबसे बड़ी रेल दुर्घटना हुई थी। इस तारीख को बिहार में पुल पार करते समय एक ट्रेन बागमती नदी में गिर गई थी, जिसमें 750 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

20 अगस्त, 1995 को फिरोजाबाद के पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस खड़ी कालिंदी एक्सप्रेस से टकरा गई थी। इस घटना में 305 लोगों की मौत हुई थी।

26 नवंबर, 1998 को जम्मू तवी-सियालदह एक्सप्रेस पंजाब के खन्ना में फ्रंटियर गोल्डन टेंपल मेल के पटरी से उतरे तीन डिब्बों से टकरा गई थी, जिसमें 212 लोगों की मौत हो गई थी।

दो अगस्त, 1999 को गैसल ट्रेन दुर्घटना हुई थी, इस हादसे में ब्रह्मपुत्र मेल उत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार डिवीजन के गैसल स्टेशन पर अवध असम एक्सप्रेस से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में 285 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक घायल हो गए। पीड़ितों में सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे।

20 नवंबर, 2016 को पुखरायां ट्रेन पटरी से उतर गई थी। इस हादसे में 152 लोगों की मौत हो गई थी और 260 घायल हो गए थे।

9 सितंबर, 2002 को रफीगंज ट्रेन हादसा- हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस रफीगंज में धावे नदी पर एक पुल के ऊपर पटरी से उतर गई थी, जिसमें 140 से अधिक लोगों की मौत हो गई।

23 दिसंबर, 1964 को पंबन-धनुस्कोडि पैसेंजर ट्रेन रामेश्वरम चक्रवात का शिकार हो गई थी, जिससे ट्रेन मे सवार 126 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई।

28 मई, 2010 को जनेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई थी। मुंबई जाने वाली ट्रेन झारग्राम के पास पटरी से उतर गई थी और फिर एक मालगाड़ी से टकरा गई थी, जिससे 148 यात्रियों की मौत हो गई थी।

स्वर्ण मंदिर के पास बम रखने की सूचना, पूरे पंजाब में रेड अलर्ट

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पुलिस फोर्स ने सुबह चार बजे तक हर कोना जांचा, लेकिन बम कहीं नहीं मिले। पुलिस की साइबर टीम पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देने वाले के मोबाइल नंबर को ट्रेस कर रही है। पुलिस ने सुबह पांच बजे एक निहंग (20) सहित कुछ बच्चों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने शरारत करते हुए कंट्रोल रूम में यह सूचना दी। हालांकि पुलिस अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। पुलिस शनिवार दोपहर तक इसे लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर सकती है।

जानकारी के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम पर रात डेढ़ बजे एक मोबाइल नंबर से किसी ने सूचना दी कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के आसपास चार बम छिपाकर रखे गए हैं। पुलिस में अगर हिम्मत है तो वह धमाकों को रोक ले। इसके बाद फोन काट दिया गया। कंट्रोल रूम की टीम ने मोबाइल पर कई बार फोन किया, लेकिन उसने उठाया नहीं। इसके तुरंत बाद कंट्रोल रूम इंचार्ज ने पुलिस कमिश्नर नौनिहाल सिंह को यह जानकारी दी। कुछ ही देर में पुलिस लाइन से दस बम निरोधक दस्ते श्री हरमंदिर साहिब पहुंच गए। इसके साथ ही पूरे पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया।

पुलिस को संदेह है कि यहां बम लगाने वाले पंजाब में छिपे हो सकते हैं। बम निरोधक दस्तों ने पहुंचते ही संवेदनशील इलाकों में बमों को ढूंढना शुरू कर दिया। वहीं दूसरी तरफ साइबर सेल उसकी तलाश कर रही थी, जिसने यह सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी। पुलिस को सर्च के दौरान न तो कहीं बम मिला और न ही पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना देने वाला।

सुबह पांच बजे पता चला कि कॉल करने का आरोपी श्री हरमंदिर साहिब के पास स्थित बांसा वाला बाजार का रहने वाला है और उसने चोरी के मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम में यह जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने सुबह पांच बजे आरोपी के घर से उसे काबू कर लिया। कॉल करने वाला बीस साल का निहंग है। आसपास के चार बच्चे भी उसके साथ शामिल हैं। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही पुलिस ने पकड़े बच्चों के परिजनों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

रेल हादसे में अब तक 233 की मौत, 900 से ज्यादा घायल

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ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को एक भीषण ट्रेन हादसा हो गया। यहां, बहनागा रेलवे स्टेशन के पास तीन ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई। ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने बताया कि रेल हादसे में 233 लोगों की मौत हुई है और 900 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं।

फिलहाल मौके पर राहत बचाव कार्य जारी है। अभी मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, भीषण ट्रेन हादसे के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

बहनगाबाजार में हावड़ा से बेंगलुरु जा रही 12864 एक्सप्रेस के कई कोच शुक्रवार शाम करीब 7 बजे पटरी से उतर गए और साथ वाले ट्रैक पर जा गिरे। इसी दौरान, उस ट्रैक पर 12841 शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस आ गई और पलटे डिब्बों से टकरा गई।

इससे कोरोमंडल के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और बगल के ट्रैक से गुजर रही मालगाड़ी से टकरा गए। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने यात्रियों को निकालना शुरू किया। बाद में एनडीआरएफ, राज्य सरकार और वायुसेना ने बचाव और राहत कार्य शुरू किया।

 

बड़ी खबर: बृजभूषण की उल्टी गिनती हो गई शुरू, यहां से लगा पहला झटका

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नई दिल्ली: भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के तेवर अब ढीले पड़ने लगे हैं. उनकी उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है. एक तरफ खाप पंचायतों की बैठक और दूसरी तरफ बृजभूषण शरण सिंह की अयोध्या में होने वाली रैली का रद्द होना.

भाजपा को किसान आंदोलन जैसा एक और आंदोलन खड़ा होता दिखने लगा है. यही वजह है कि बड़बोले बृजभूषण शरण सिंह को भाजपा ने अब कंट्रोल करना शुरू कर दिया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बृजभूषण शरण सिंह को रैली रद्द करनी पड़ी. तेवर नरम पड़ गए. पिछले दो हफ़्ते से वे अयोध्या की जन चेतना रैली की तैयारी कर रहे थे. दावा था कि कम से कम 11 लाख लोग इस रैली में आएंगे. अयोध्या के कई साधु संतों को भी न्योता भेजा गया था.अयोध्या के रामकथा पार्क में तैयारी भी शुरू हो गई थी.

लेकिन दिल्ली वाले फ़ोन के बाद तो मामला ही बदल गया. अब बृजभूषण शरण सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में केस होने और पुलिस की जांच के कारण वे रैली रद्द कर रहे हैं, लेकिन अदालत में ये मामला तो महीनों से है और पुलिस भी पहले से जांच कर रही है. ऐसे में उन्हें पहले इस बात का ख़्याल क्यों नहीं आया? आख़िर अयोध्या की रैली कर वे अपना शक्ति प्रदर्शन क्यों करना चाहते थे ?

बृजभूषण कहते हैं कि उन्हें अयोध्या प्रशासन की तरफ़ से रैली करने की इजाज़त नहीं दी गई. ये रैली 5 जून को होनी थी. ये तो बृजभूषण के आधिकारिक बयान हैं. रैली रद्द करने की असली वजह तो कुछ और है. 30 मई को हरिद्वार की घटना के बाद से बीजेपी के अंदर विरोध की खिचड़ी पकने लगी थी. कैसरगंज से बीजेपी के सासंद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ माहौल बनने लगा था. हरिद्वार में गंगा में मेडल प्रवाहित करने गईं महिला पहलवानों के रोते बिलखते हुए वीडियो गांव-गांव तक पहुंच चुका था.

बीजेपी के जाट सांसदों की बेचौनी बढ़ने लगी थी. मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर संपर्क अभियान चल रहा है. अब बीजेपी के जाट बिरादरी के नेता भला किस मुंह से सरकार के काम काज का बखान करें. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ पिछले कुछ दिनों में पार्टी के कई जाट नेताओं ने अपने हाई कमान से बृजभूषण शरण सिंह की शिकायत की थी. ये कहा गया कि उनके बयानों से जाट लोगों में ज़बरदस्त ग़ुस्सा है. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में पार्टी को नुक़सान हो सकता है. पश्चिमी यूपी से लेकर हरियाणा और राजस्थान तक विरोध झेलना पड़ सकता है.

मोदी सरकार में मंत्री संजीव बालियान ने पहलवानों को उसी दिन फ़ोन किया था जब वे हरिद्वार जा रहे थे. उन्होंने बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक से बात की थी. बालियान ने पहलवानों से गंगा में मेडल प्रवाहित न करने की अपील की थी। इसी दौरान फ़तेहपुर सीकरी के बीजेपी सासंद राजकुमार चाहर के साथ एक घटना हो गई, 3 जून को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यक्रम है. इसी सिलसिले में जब वे एक जाट बाहुल्य इलाक़े में गए तो लोगों ने उनका विरोध कर दिया. स्थानीय लोगों के मन की बात उन्होंने पार्टी में ऊपर तक पहुंचाई. यही काम संजीव बालियान ने किया. बालियान के संसदीय क्षेत्र मुज़फ़्फ़रनगर और चाहर के फ़तेहपुर सीकरी में जाट वोटरों का दबदबा है.

हरियाणा में बीजेपी के जाट नेता भी उतने ही परेशान हैं. हिसार से पार्टी के सांसद बृजेन्द्र सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि पहलवानों की बेबसी और लाचारी से वे बहुत दुखी हैं. ओलिंपिक से लेकर नेशनल गेम में मेडल जीत कर उन्हें गंगा में बहाना तो दुख की बात है. बताया गया कि भिवानी से बीजेपी सासंद धर्मवीर सिंह भी बदलते घटनाक्रम से परेशान हैं. जाट समाज में बढ़ती नाराज़गी की बात उन्होंने भी केंद्रीय नेतृत्व को बता दी है. बीजेपी ने अगले लोकसभा चुनाव को देखते हुए बृजभूषण शरण सिंह को कंट्रोल करने का फ़ैसला किया है.

पहलवानों के समर्थन में उतरे 1983 विश्व कप विजेता खिलाड़ी

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महिला पहलवानों के यौन शोषण के खिलाफ चले रहे प्रदर्शन के समर्थन में 1983 विश्व कप जीतने वाली टीम इंडिया के खिलाड़ी उतर आए हैं। 28 मई को महिला पहलवानों के साथ हुई हाथापाई और दुर्व्यवहार के खिलाफ भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने आवाज उठाई है। खिलाड़ियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि चैंपियन पहलवानों के साथ मारपीट के दृश्यों से व्यथित और परेशान हैं।

WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। इसके विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 18 जनवरी से बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक सहित अन्य पहलवान धरने पर बैठे थे। वहीं, 28 मई को नई संसद की तरफ मार्च करने के दौरान दिल्ली पुलिस के साथ इनकी झड़प हुई। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और बाद छोड़ भी दिया गया, जिसके बाद पहलवान अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने के लिए उत्तराखंड पहुंचे हैं।

पहलवानों के साथ हुए अभद्र व्यवहार पर कई पूर्व खिलाड़ी दुख जता चुके हैं। ऐसे में 1983 क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम ने पहलवानों के विरोध प्रदर्शन पर बयान जारी किया है। खिलाड़ियों ने कहा कि हम अपने चैंपियन पहलवानों के साथ मारपीट के अशोभनीय दृश्यों से व्यथित और परेशान हैं। हमें सबसे अधिक चिंता इस बात की भी है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को गंगा नदी में प्रवाहित करने की सोच रहे हैं।

संयुक्त बयान में खिलाड़ियों ने आगे कहा कि उन पदकों में वर्षों का प्रयास, बलिदान, संकल्प और धैर्य शामिल है और वे न केवल उनके अपने बल्कि देश के गौरव हैं। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे इस मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें और यह भी आशा करते हैं कि उनकी शिकायतों को सुना जाएगा और जल्दी से हल किया जाएगा। देश के कानून को चलने दो। साक्षी मलिक, विनेश फोगाट सहित अन्य पहलवान उत्तराखंड अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने पहुंचे हैं। ऋषिकेश में भी पहलवान धरने पर बैठे हैं।