Home Blog Page 392

छह माह तक बढ़ा हुआ वेतन भत्ता नहीं लेंगे बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला

0

देहरादून : कांग्रेस भवन  में कांग्रेस के गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी और बद्रीनाथ के विधायक लखपत सिंह बुटोला ने पत्रकार वार्ता में कहा कि बद्रीनाथ विधानसभा के बहुत से क्षेत्र आपदा से प्रभावित हैं उन्होंने विधानसभा में इससे संबंधित प्रश्न लगाए थे, लेकिन उनका जवाब नही मिल पाया ना ही चर्चा का मौका मिला बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में आपदा से कई स्कूल यहां तक की स्वास्थ्य सेवाएं और सड़क बड़ी मात्रा में प्रभावित हैं और यही हाल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों का भी है। मेरा सरकार से अनुरोध है की आपदा की स्थितियों का पूरा आकलन कर त्वरित राहत प्रभावितों को पहुंचाई जाए और आपदा के जो मानक हैं उन में बदलाव कर उनको सरल किया जाए जिससे प्रभावितों को समुचित सहायता समय पर मिल सके।

लखपत बुटोला ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा मे अगर पर्याप्त चर्चा आपदा के विषय पर होती तो, वह इस मुद्दे को वहां उठाते लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका क्योंकि विधानसभा सत्र संक्षिप्त अवधि में ही समाप्त हो गया लेकिन फिर भी मेरा सरकार से अनुरोध है कि सरकार आपदा की गंभीरता को समझेगी और समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।

लखपत बुटोला ने कहा कि जोशीमठ आपदा के इतने दिनों बाद भी जोशीमठ आपदा के लिए आया पैसा खर्च क्यों नहीं हो रहा है और लोगो की समस्या का समाधान क्यों नहीं हो रहा है यह समझ से परे है इससे संबंधित सवाल भी मैंने विधानसभा में लगाया था लेकिन उसका भी अभी तक जवाब नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी हमारे प्रदेश की तरह आपदा आई है वहां की सरकार ने स्वयं मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों और कांग्रेस के सभी विधायकों ने अपने दो महीने के वेतन और भत्ते आपदा प्रबंधन के लिए दे दिए हैं उसी तर्ज पर मैं स्वयं पहल करते हुए विधानसभा अध्यक्ष जी को पत्र लिखकर अनुरोध कर रहा हूं की विधायकों के वेतन भक्तों में जो बढ़ोतरी हुई है।

उसमें से अगले 6 महीनो तक मेरे वेतन भक्तों की बढ़ी हुई राशि को मेरे क्षेत्र के आपदा प्रबंधन में खर्च किया जाए और विधानसभा का सबसे कनिष्ठ सदस्य होने के नाते में मुख्यमंत्री जी सहित पक्ष, विपक्ष के सभी विधायकों से भी यही अनुरोध करूंगा कि वह भी अपने बढ़े हुए वेतन भक्तों को आपदा राहत के लिए छोड़ दें। इससे आपदा प्रभावितों की काफी मदद हो सकेगी और प्रशासन को भी आपदा प्रबंधन में आसानी होगी ऐसा मेरा मानना है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ नेता राजेंद्र दानू और पोखरी प्रधान संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र राणा भी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड : 19 शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार

0
देहरादून : राजभवन में आयोजित ‘‘शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार’’ सम्मान समारोह में आज राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पूषकर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्ष 2023 में शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कारों के लिए चयनित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर वर्ष 2023 के लिए चयनित 19 शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने पुरस्कार विजेता शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों एवं दुर्गम क्षेत्रों में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षक वास्तव में सम्मान के अधिकारी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विश्व गुरु और विकसित भारत बनाने की दिशा में शिक्षकों की अहम भूमिका होगी। बच्चों के सर्वांगीण विकास का दायित्व आप सभी शिक्षकों के कंधों पर ही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन शिक्षकों के प्रति आदर सम्मान प्रकट करने का दिन है। आज के दिन सम्मानित हो रहे शिक्षकों ने समाज में ज्ञान का संचार एवं अपने अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन इतिहास में गुरु शिष्य परंपरा का उल्लेख मिलता है। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षक अन्य लोगों को भी प्रेरणा देंगे, आप सभी समाज के लिए रोल मॉडल हैं। गुरु का कार्य शिक्षा देने के साथ ही अपने शिष्य के व्यक्तित्व का निर्माण, अनुशासन एवं समाज के प्रति भावनाओं को जागृत करना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी विकास और वैश्वीकरण के दौर में शिक्षक, छात्रों को संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और नौनिहालों के भविष्य को बनाने में राज्य सरकार शिक्षकों की हर संभव मदद करेगी। राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई एतिहासिक फैसले लिए हैं। राज्य में शिक्षकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है।
उन्होंने ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। शिक्षकों को नवाचार से जोड़ने पर निरंतर कार्य जारी है। कोरोना महामारी के दौरान भी शिक्षकों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग से किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शैलेश मटियानी पुरस्कार के तहत मिलने वाली धनराशि को दस हजार से बढ़ाकर ₹20 हजार किए जाने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सभी के अथक प्रयासों से राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी भी दी।

BJP में बगावत, इस्तीफों की लगी होड़, इन पूर्व मंत्रियों ने छोड़ी पार्टी

0

हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले BJP में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। कई बड़े नेताओं ने BJP से इस्तीफा दे दिया है। टिकट न मिलने से कई नेता नाराज चल रहे हैं। BJP नेता शमशेर गिल, कविता जैन, लक्ष्मण नापा और सुखविंदर मांडी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही कई पदाधिकारी ने पार्टी छोड़ दी।

पूर्व मंत्री और हरियाणा BJP OBC मोर्चा के पूर्व प्रमुख करणदेव कंबोज ने BJP के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि मैं और मेरा परिवार शुरू से ही जनसंघ के समय से ही BJP का हिस्सा रहे हैं। मैंने कई लोगों के साथ काम किया है। अब BJP में भी कांग्रेसी कल्चर आ गया है।

बड़ी खबर: क्या अरविंद केजरिवाल को मिलेगी जमानत, सुनवाई शुरू

0

नई दिल्ली: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। दिल्ली शराब नीति घोटाले में जेल में बंद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ दिल्ली सीएम की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही है। वहीं वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, केजरीवाल का पक्ष रख रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। एक याचिका में केजरीवाल ने सीबीआई द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है।

वहीं, दूसरी याचिका में केजरीवाल ने जमानत देने की अपील की है। इससे पहले 5 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और उन्हें ट्रायल कोर्ट जाने को कहा था।

मुख्यमंत्री धामी के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा -हम सामंती युग में नहीं हैं

0

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पुष्कर सिंह धामी पर कड़ा टिप्पणी की है। SC ने सवाल किया कि उन्होंने राज्य के वन मंत्री और अन्य लोगों राय की अनदेखी कर एक भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी को राजाजी टाइगर रिजर्व का निदेशक क्यों नियुक्त किया? साथ ही यह भी कहा कि सरकार के प्रमुखों से ‘पुराने जमाने के राजा’ होने की उम्मीद नहीं की जा सकती और हम ‘सामंती युग’ में नहीं हैं।

राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी को टाइगर रिजर्व का निदेशक नियुक्त करने का आदेश 3 सितंबर को वापस ले लिया गया है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पूर्व निदेशक IFS अधिकारी राहुल को राजाजी टाइगर रिजर्व का निदेशक नियुक्त किये जाने से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही इस पीठ में न्यायमूर्ति पीके मिश्रा और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन भी शामिल थे।

SC ने कहा कि प्रथम अधिकारी की ओर से एक विशेष टिप्पणी थी, जिसका उप सचिव, प्रमुख सचिव और राज्य के वन मंत्री ने भी समर्थन किया था कि IFS अधिकारी राहुल को राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक के रूप में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा, इस देश में सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत जैसा कुछ है। कार्यपालिका के प्रमुखों से पुराने दिनों के राजा होने की उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे जो भी कहेंगे, वही करेंगे। हम सामंती युग में नहीं हैं।

इस दौरान पीठ ने पूछा, मुख्यमंत्री को IFS राहुल विशेष स्नेह क्यों होना चाहिए? क्या सिर्फ इसलिए कि वे मुख्यमंत्री हैं, तो वो कुछ भी कर सकते हैं? जबकि पीठ ने ये भी पाया कि IFS अधिकारी के खिलाफ अभी विभागीय कार्यवाही लंबित है। विशेष टिप्पणी का जिक्र करते हुए पीठ ने कहा कि मुख्यमंत्री बस इसे अनदेखा कर रहे हैं।

वहीं, राज्य की ओर से कोर्ट में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता एएनएस नादकर्णी ने कहा कि अधिकारी पर राज्य पुलिस या केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से दर्ज कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। वकील ने कहा कि अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से संबंधित थी, जहां कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

सुनवाई के दौरान, पीठ ने एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि उत्तराखंड के वन मंत्री और मुख्य सचिव ने राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक के रूप में अधिकारी की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी।

उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई IAS के ट्रांसफर, इन जिलों के DM बदले

0

देहरादून: शासन ने देर रात को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया। एक साथ कई जिलों के डीएम बदल दिए। कुछ जिलों के सीडीओ के ट्रांसफर भी किए गए हैं। कुछ अधिकारियों का कद बढ़ाया गया, तो कुछ का कद कम किया गया।

मुख्यमंत्री के सचिव विनय शंकर पांडे से सिडकुल, महानिदेशक उद्योग और मुख्य कार्यपालक अधिकारी खादी ग्रामोद्योग बोर्ड वापस ले लिया है। सचिव मुख्यमंत्री डॉ. सुरेंद्र नारायण को राजस्व की जिम्मेदारी भी दी है।

आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत अब सचिव सीएम भी होंगे। सविन बंसल को डीएम देहरादून की जिम्मेदारी दी है। सी रविशंकर से मुख्य कार्य अधिकारी उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) चार्ज वापस लिया है।

अपर सचिव युगल किशोर पंत से पर्यटन और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद की जिम्मेदारी वापस लेकर पंचायती राज व निदेशक स्वजल की जिम्मेदारी दी गई है। डीएम हरिद्वार रहे धीरज गर्त्याल को अपर सचिव ग्राम्य विकास, पीडब्ल्यूडी और आयुक्त ग्राम्य विकास बनाया है।

दून की डीएम सोनिका को अपर सचिव सहकारिता, निबंधक सहकारिता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उकाडा बनाया गया है। अपर सचिव वित्त और ऊर्जा डॉ. इकबाल अहमद को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, खादी ग्रामद्योग बोर्ड की भी जिम्मेदारी दी गई है।

अपर सचिव से कार्मिक एवं सतर्कता रहे कर्मेन्द्र सिंह को हरिद्वार का डीएम बनाया है। डीएम पिथौरागढ़ रीना जोशी को अपर सचिव कार्मिक एवं सतर्कता और सिंचाई एवं लघु सिंचाई बनाया है। डीएम अल्मोड़ा विनीत तोमर को प्रबंधन निदेशक केएमवीएन बनाया है।

अपर सचिव सहकारिता रहे आलोक कुमार अब डीएम अल्मोड़ा होंगे। डीएम चमोली रहे हिमांशु खुराना को मुख्य कार्यकारी अधिकारी PMGSY बनाया गया है।

डीडीए यूएसनगर से अभिषेक रोहिला को अपर सचिव पर्यटन और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर्यटन विकास परिषद बनाया है। डीएम बागेश्वर अनुराधा पाल को अब अपर सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी दी है।

प्रशांत आर्या से आयुक्त आबकारी लेकर प्रबंध निदेशक जीएमवीएन बनाया गया है। केएमवीएन प्रबंध निदेशक रहे संदीप तिवारी अब डीएम चमोली होंगे। निदेशक समाज कल्याण रहे आशीष भटगई अब डीएम बागेश्वर होंगे।

जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक रहे विनोद गिरि रिडीएम डीएम पिथौरागढ़ होंगे। सीडीओ पौड़ी अपूर्वा पांडेय को अपर सचिव पेयजल और सचिव रेरा बनाया है। भू संपदा अपीलीय अधिकरण का अतिरिक्त प्रभार भी दिया है।

अपर सचिव गरिमा रौंकली से सिंचाई और लघु सिंचाई लेकर उन्हें खेल एवं युवा कल्याण दिया गया है। पराग मधुकर धकाते से विशेष सचिव मुख्यमंत्री का चार्ज वापस ले लिया गया है। प्रकाश चंद्र को निदेशक समाज कल्याण, हल्द्वानी का चार्ज भी दिया गया है।अल्मोड़ा से सीडीओ आकांक्षा कोंडे को हरिद्वार भेजा है।

यूएसएनगर के सीडीओ रहे मनीष कुमार अधिशासी निदेशक ग्राम्य विकास संस्थान होंगे। सीडीओ हरिद्वार प्रतीक जैन अब प्रबंधनि देशक सिडकुल होंगे। सीडीओ उत्तरकाशी जयकिशन अब उपाध्यक्ष डीडीए होंगे।

राज्यपाल से मिले बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय

0

देहरादून: 30 अगस्त। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने आज शुक्रवार को राजभवन में प्रदेश‌ के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरुमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर राज्यपाल को अद्यतन जानकारी दी।

अजेंद्र ने राज्यपाल को अवगत कराया कि बीकेटीसी यात्रियों की सुविधा तथा सरल- सुगम दर्शन हेतु निरंतर प्रयत्नशील है। कहा कि अब तक सवा बीस लाख श्रद्धालु बदरीनाथ तथा केदारनाथ दर्शन को पहुंच चुके हैं।

उन्होंने कहा कि भारी बारिश एवं भूस्खलन के बावजूद प्रदेश सरकार के प्रयासों से यात्रा गतिमान है।केदारनाथ धाम में अतिवृष्टि से यात्रा मार्ग को क्षति पहुंची थी। मगर प्रदेश सरकार द्वारा युद्धस्तर पर कार्य कर यात्रा को सुचारू कर दिया गया है।

उत्तराखंड विधानसभा गैरसेण सत्र समापन के बाद मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता

0

उत्तराखंड विधानसभा के तीन-दिवसीय सत्र की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता

• सकारात्मक चर्चा राज्य हित में।

देहरादून 24 अगस्त ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अगस्त से 23 अगस्त गैरसैण में आयोजित विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए सदन में हुई सकारात्मक चर्चा को राज्य हित में बताया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के साथी जल्दबाजी नही करते तो सदन और लम्बा चलता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में कई विधेयकों के साथ अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई तथा उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। अनुपूरक बजट, सामान्य बजट की पूर्ति के लिये लाया गया है। राज्य में वित्तीय अनुशासन के साथ राजस्व बढाने तथा खर्चों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए राजस्व प्राप्ति के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। ऋण लेने की प्रक्रिया में भी कमी लाई गई है। विकास की दिशा में राज्य का प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्य द्वारा प्रथम स्थान पर रहना इसका प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास केन्द्र पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने का है। राज्यांश कम होने वाली योजनाओं का लाभ प्रदेश वासियों को मिलें इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य के गेस्ट हाऊसों का बेहतर ढंग से संचालन कर इन्हें आय के संशाधनो से जोडने में मददगार बनाया जा रहा हैं। राज्य की भावी पीढी को बेहतर वित्तीय स्थिति का लाभ मिले इसके लिए हम प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं, खिलाडियों एवं छात्रों के व्यापक हित में अनेक प्रभावी निर्णय लिये गये है। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कर उनकी आर्थिकी मजबूत करने के साथ उन्हें स्वरोजगार से जोडने के लिये योजनायें बनाई गई है। समूहों के उत्पादों के विपणन की कारगर व्यवस्था की गई है। कृषि, बागवानी, मत्स्य, दुग्ध विकास की योजनाओं को रोजगार परक बनाया जा रहा है। जनता के हित से जुडी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में राज्य के किसी भी क्षेत्र में बनभूलपुरा जैसी घटना न हो, आपसी भाईचारा व अमन चैन बना रहें तथा दंगा, तोड-फोड के साथ सरकारी व निजी सम्पत्ति का नुकसान न हो इसके लिए लोक तथा निजी सम्पत्ति क्षति वसूली विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब सम्पतियों के नुकसान की भरपाई दंगाईयों से ही की जायेगी। उन्होंने कहा कि देवभूमि का प्रत्येक व्यक्ति बांग्लादेश में हिन्दुओं के प्रति हो रही हिंसक घटनाओं के प्रति हम चिंतित है, उनके प्रति हो रहे इस अन्याय को रोका जाना चाहिए। हिंसक घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम हम सबकी मांग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न आपदा की घटनाओं के प्रति हम संवेदनशील है। वे स्वयं राज्य के विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रहें है तथा प्रभावितों का दुःख दर्द बांटने में लगे है। पीडितों की हर सम्भव मदद करने का प्रयास निरन्तर जारी है। इसके लिए धन की कमी नही होने दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भराडीसैंण का ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप विकास हमारा लक्ष्य है, इसके लिए शीघ्र उच्च स्तरीय बैठक का भी आयोजन किया जायेगा। भराडीसैण में वर्षभर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के आयोजन के भी प्रयास किये जाने की बात कही साथ ही यहां पर विधानसभा सत्र लम्बें समय तक संचालित किये जाने, अच्छा अस्पताल बनाये जाने, पत्रकारों तथा पुलिस के जवानों के लिये आवास की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने की भी बात मुख्यमंत्री ने कही।

बदरीनाथ धाम के प्रभारी रावल बनेंगे अमरनाथ नंबूदरी

0

*श्री बदरीनाथ धाम नायब रावल प्रभारी रावल के रूप में संभालेंगे श्री बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना का दायित्व*

• *शनिवार 13 जुलाई से मंदिर समिति पदाधिकारियों, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी सहित बामणी, माणा गांव के हकहकूकधारियों तथा डिमरी धार्मिक केंद्रीय प़चायत, बदरीनाथ मंदिर के भितरी बडुवाजनों की उपस्थिति में पूजा- अनुष्ठान शुरू होंगे।*

*• रविवार 14 जुलाई को नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी संभालेंगे पूजा-पाठ का जिम्मा।*

श्री बदरीनाथ धाम, 12 जुलाई। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्री बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में आज शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए हैं। रावल की सेवानिवृत्ति के बाद नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी भगवान बदरी विशाल की पूजा-पाठ का जिम्मा संभालेंगे। उल्लैखनीय है कि निवर्तमान रावल ने स्वास्थ्य कारणों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति हेतु आवेदन किया था।

रावल को प्रभारी रावल के रूप में पूजा-अर्चना का कार्यभार सौंपने के लिए धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुरूप कल 13 व 14 जुलाई को दो दिन तक श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति पदाधिकारियों, डिमरी भितरी बडुवाजनों, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत एवं कमदी, मेहता, भंडारी थोक पदाधिकारियों सहित बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह की उपस्थिति में श्री बदरीनाथ धाम में विभिन्न अनुष्ठान आयोजित होंगे।

बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी तथा वेदपाठीगण डिमरी पुजारी समुदाय एवं हकहकूकधारियों के सानिध्य में 13 जुलाई शनिवार एवं 14 जुलाई रविवार को धार्मिक अनुष्ठानों के पूर्ण करेंगे। रविवार 14 जुलाई से बतौर प्रभारी रावल अमरनाथ नंबूदरी श्री बदरीनाथ धाम में पूजा- अर्चना का दायित्व संभालेंगे।

आज शुक्रवार को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने अध्यक्ष अजेंद्र अजय की स्वीकृति के बाद रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी को स्वैच्छिक सेवानिवृति और नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी को प्रभारी रावल के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के संबंध में पृथक – पृथक आदेश जारी कर दिए हैं।

श्री बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने बताया कि नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी को पूजा-अर्चना का दायित्व देने से पहले विभिन्न धार्मिक रस्मों को पूरा किया जायेगा। कल शनिवार 13 जुलाई को प्रात: 9 बजे नायब रावल के मुंडन के बाद पूर्वाह्न10.30 बजे हवन व शुद्धिकरण के साथ नायब रावल का तिलपात्र किया जाएगा। 14 जुलाई को प्रात: 7.30 बजे नायब रावल बदरीनाथ स्थित पंच धाराओं के जल से स्नान तथा पंच शिलाओं नारद शिला, नरसिंह शिला, वराह शिला, गरूड़ शिला व मार्कंण्डेय शिला का दर्शन करेंगे। इसके पश्चात निवर्तमान रावल से मंत्र,आशीर्वाद लेकर नये रावल के रूप में प्रात: 8.30 बजे बाल भोग के बाद प्रात: 9 बजे निवर्तमान रावल से धर्म छड़ी प्राप्तकर पहली बार श्री बदरीनाथ मंदिर गर्भगृह में पूजा-अर्चना हेतु प्रवेश करेंगे।

श्री बदरीनाथ धाम के प्रभारी अधिकारी/ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान ने बताया है कि निवर्तमान रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी का विदाई सम्मान समारोह भी 14 जुलाई को संपन्न होगा जिसमें मंदिर समिति पदाधिकारी, अधिकारी – कर्मचारी एवं तीर्थ पुरोहित सेवानिवृत्त रावल को विदाई देंगे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने जारी प्रेसविज्ञप्ति में बताया कि इस अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर पंवार, श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, तथा पंचायत पदाधिकारी एवं श्री बदरीनाथ मंदिर के भितरी बडुवागण, मंदिर समिति सदस्य वीरेंद्र असवाल, सदस्य भास्कर डिमरी, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, विशेष कार्याधिकारी रमेश सिंह रावत, बदरीनाथ धाम प्रभारी अधिकारी गिरीश चौहान अधिकारी राजेंद्र चौहान, वेदपाठी रविंद्र भट्ट एवं हक हकूकधारी कमदी, मेहता, भंडारी थोक के हकहकूकधारी, पदाधिकारीगण,बामणी, पांडुकेश्वर, माणा के हकहकूकधारी सहित तीर्थ पुरोहित तथा मंदिर कर्मचारीगण बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहेंगे।

बदरी- केदार दर्शन को पहु़चे बालीवुड गायककार सोनू निगम

0

बाबा केदारनाथ दर्शन के बाद दोपहर में भगवान श्री बदरीनाथ जी के दर्शन को पहुंचे बालीवुड स्टार गायक सोनू निगम।

श्री बदरीनाथ: 26 जून।
प्रसिद्ध बालीवुड स्टार सिंगर सोनू निगम ने आज दोपहर अपने पारिवारिक जनों के साथ श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। जहां श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति तथा तीर्थ पुरोहित समाज ने सोनू निगम का स्वागत किया।

सुप्रसिद्ध गायक आज बुद्धवार प्रात: श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे थे जहां उन्होंने अपने प्रशंसकों के बेबाक बातचीत की अपने शुरूआती दौर को भी याद किया ईश्वर का धन्यवाद किया। इस अवसर पर प्रभारी अधिकारी/ अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी ने बालीवुड सिंगर को भगवान केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया तथा उनका स्वागत किया।
श्री बदरीनाथ मंदिर में दर्शन के पश्चात स्टार गायक ने श्री लक्ष्मी मंदिर में भी दर्शन किये।दर्शनों के दौरान बालीवुड स्टार सिंगर सोनू निगम ने देश की खुशहाली, देश वासियों की सुख, समृद्ध की कामना की। मंदिर सिंह द्वार के बाहर फोटो खिंचवायी। तथा प्रशंसकों से भी मिले।

मंदिर समिति कार्यालय सभागार में श्री बदरीनाथ धाम प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी ने बालीवुड गायक सोनू निगम का स्वागत किया। भगवान बदरीविशाल का प्रसाद भेंट किया।

इस अवसर पर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, आदि मौजूद रहे।