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उत्तराखंड में ISBT में मिला परिचालक का शव, जांच में जुटी पुलिस

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ऋषिकेश: उत्तराखंड में अराधों की बाढ़ सी आग गई है। एक के बाद एक लगातार कई मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों देहरादून ISBT में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप हुआ था। ऋिषिकेश में शराब माफिया ने पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया था। अब ऋिषिकेश ISBT में बस कंडक्टर की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार ऋषिकेश ISBT परिसर में एक बस परिचालक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है। मृतक के सिर पर घाव हैं। पुलिस मामले में हत्या की आशंका जता रही है। शव मिलने की खबर की हड़कंप मच गया। वहीं, घटनास्थल पर भारी भीड़ भी जुट गई।

मृतक परिचालक भरत सिंह भंडारी उर्फ गारू पुत्र दीप सिंह भंडारी ,ग्राम भेनटला, टिहरी गढ़वाल का रहने वाला था। मृतक परिचालक बस मालिक का पार्टनर भी था। कोतवाल आरएस खोलिया का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों भी ऋषिकेश ISBT में एक बस चालक की अचानक मौत हो गई थी। इसके अलावा ISBT में नशाखोरी की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। लेकिन, इस पर पुलिस कोई ध्यान नहीं दे रही है। पत्रकार से मारपीट मामले के बाद इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस एक बार फिर सवालों घरे में आ गई है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, इन जिलों में हो सकती है भारी बारिश

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मौसम विज्ञान केंद्र ने पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकाें में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि मैदानी जिलों में मौसम शुष्क रहने से तापमान में इजाफा देखने को मिल सकता है।

पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिन तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकों में तेज दौर की बारिश हो सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में चटक धूप खिलने से गर्मी थोड़ा परेशान कर सकती है।

 

 

 

गो प्रतिष्ठा आंदोलन : 22 सितंबर से 26 अक्टूबर तक होगी गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा

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ईटानगर : 27  सितम्बर 2024 को अरूणांचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद महाराज पहुंचेंगे। सनातन धर्म में वेद, उपनिषद, पुराणों सहित समस्त धर्म शास्त्रों में गो की महिमा गई है। गाय को पशु नहीं अपितु माता की प्रतिष्ठा दी गई है यही सनातन धर्मी हिंदुओ की पवित्र भावना है, आस्था है। इसी धार्मिक आस्था हेतु संविधान एवं कानून में गाय को राज्य सूची से हटाकर केंद्रीय सूची में डालकर गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने तथा गौहत्या मुक्त भारत बनाने के लिए संपूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन चलाया जा रहा है।

स्वतंत्रता प्राप्त से ही निरन्तर गौमाता की प्रतिष्ठा एवं रक्षा के प्रयास होते रहे है जिसमें 1966 के धर्म सम्राट यतिचक्रचूडामणि पूज्य करपात्री महाराज के नेतृत्व में हुआ प्रचलित गौरक्षा आंदोलन है जिसके लिए हजारों गौभक्तों का बलिदान हुआ था। इसी क्रम में गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाकर गोहत्या मुक्त भारत बनाने हेतु परम गोभक्त पूज्य गोपाल मणि जी ने गौ प्रतिष्ठा आंदोलन का नेतृत्व कर देशभर में इसे जीवन्त रखा तथा इस पवित्र अभियान में चारो पीठों के जगद्गुरु शंकराचार्यों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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चारो पीठों के पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्यों द्वारा अभिषिंचित एवं समर्थित गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने एवं गौहत्या बंदी कानून हेतु देश में गौ संसद का आयोजन हुआ जिसमें रामा गौ प्रतिष्ठा संहिता बिल सहित 42 बिंदु का धर्मादेश भी पारित किया जा चुका है । गौ प्रतिष्ठा के इस अभियान को प्रज्वलित करने हेतु गौ घृत की ज्योति को प्रकाशित कर ज्योर्तिमठ के परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज जी ने इस आंदोलन का निर्देशन कर रहे हैं।

जिन्होंने 14 मार्च से लेकर 28 मार्च 2024 तक नंगे पैर पदयात्रा गोवर्धन से दिल्ली तक भी की । पूज्य जगद्गुरू ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य जी के निर्देशन में आज गौ प्रतिष्ठा का अभियान निरन्तर देशभर में गतिमान है जिन्होंने इस संवत्सर को गौ संवत्सर के रूप में घोषित भी किया है।

पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के निर्देशन एवं नेतृत्व में संपूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के अंतर्गत गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा दिनांक 22 सितंबर से 26 अक्टूबर तक होनी निश्चित हुई है जो भारत के समस्त 37 प्रदेशों की राजधानियों तक जाएगी तथा वहां एक गो ध्वज की स्थापना की जाएगी। गो प्रतिष्ठा आंदोलन के संयोजक पूज्य गोपाल मणि जी महाराज भी पूरे समर्पण और शक्ति के साथ यात्रा की सफलता हेतु प्राण-प्रण से शंकराचार्य जी के साथ हर कदम में साथ रहेंगे।

प्रत्येक राज्य की राजधानियों में विशाल गो प्रतिष्ठा सम्मेलन का दिव्य भव्य आयोजन होगा जिसका श्रीगणेश गोरक्षक, गोभक्त भगवान श्रीराम जी की राजधानी अयोध्या से होगा जहां भगवान रामलला के रूप में विद्यमान हैं जहां से यह पूर्व, पश्चिम, दक्षिण, उत्तर होते हुए 26 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में होगी। पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य जी द्वारा समस्त भारत के प्रखर गोभक्तो को सम्मानित भी किया जाएगा।

अरूणांचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में पूज्य शंकराचार्य जी का आगमन 26 सितंबर की शाम को होगा तथा 27 सितंबर को सुबह 9 बजे से 12 बजे तक गो ध्वज की स्थापना, गो महासभा को संबोधित करेंगे। इसके उपरांत वो अग्रिम यात्रा हेतु नागालैंड को प्रस्थान करेंगे।

इस गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा का लक्ष्य संपूर्ण भारत में गो प्रतिष्ठा आंदोलन हेतु समस्त राष्ट्र के गोभक्त हिन्दुओं को जागृत कर एक सूत्र में पिरोने का है तथा गोमाता की दुर्गति , गो हत्या के कलंक को मिटाकर कर, पशु के अपमान से हटा कर राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाना है।

इस गो ध्वज स्थापना पद यात्रा का सूत्रवाक्य है : गौ माता, राष्ट्र माता – राष्ट्र माता, भारत माता गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा के उपरांत देश की राजधानी दिल्ली में गोपाष्टमी के अवसर पर 7, 8 और 9 नवंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी गो प्रतिष्ठा महासम्मेलन होगा जो भारत की सरकार को गौहत्या के कलंक को मिटाकर गौमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने हेतु निर्णायक होगा।

इस ऐतिहासिक यात्रा की पूर्व तैयारी हेतु आज दिनाक 6 सितंबर 2024 को असम की राजधानी दिसपुर में पहुंचे ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के प्रतिनिधि एवं यात्रा के संयोजक ब्रह्मचारी मुकुंदानंद जी तथा सह- संयोजक गोभक्त विकास पाटनी जी का आगमन हुआ है जिन्होंने आज हुई प्रेस वार्ता यह बाते रखी जिसमें गौरव कुमार जी एवं स्थानीय सनातनी सांवरमल जी एवं पंडित अविनाश दूबे जी एवं अन्य गोभक्त उपस्थित रहे। अरूणांचल के प्रदेश यात्रा संयोजक उत्तम शर्मा जी हैं।

द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम को किया जाएगा विकसित

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में पंचकेदारों में से द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम को विकसित किया जाएगा। इसके साथ केदारनाथ धाम के अंतिम मोटर पड़ाव गौरीकुंड स्थित मां गौरी के मंदिर का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा

उन्होंने बताया कि शासन के धर्मस्व व संस्कृति विभाग के अनु सचिव रमेश सिंह रावत द्वारा इस संबंध में संस्कृति विभाग के निदेशक को अलग-अलग आदेश जारी किये गए हैं। आदेशों में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में मद्महेश्वर धाम के विकास और गौरीकुंड स्थित मां गौरी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए कार्यदायी संस्था से विस्तृत परियोजना आख्या (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से समन्वय स्थापित करते हुए डीपीआर तैयार करने को कहा गया है।

उधर, बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मद्महेश्वर धाम के विकास और मां गौरी मंदिर के सौंदर्यीकरण की योजना को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा की मद्महेश्वर धाम के विकास की योजना से वहां श्रद्धालुओं व तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे क्षेत्रीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

उल्लेखनीय है कि 3,497 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मद्महेश्वर धाम रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ विकास खंड में स्थित है। मद्महेश्वर पहुंचने के लिए श्रद्वालुओं को करीब 14 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। पंच केदारों में से द्वितीय केदार के रूप में मद्महेश्वर धाम की मान्यता है। यहां भगवन शिव के नाभि रूप की पूजा होती है।

मंदिर का प्रबंधन बीकेटीसी देखती है। इसी प्रकार मां गौरी का मंदिर केदारनाथ धाम के अंतिम मोटर स्टेशन गौरीकुंड में स्थित है। केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्वालु मां गौरी के दर्शनों के बाद अपनी यात्रा पर निकलते हैं। इसका प्रबंधन भी बीकेटीसी के पास है।

उत्तराखंड: तस्करों के हौसले बुलंद, वन कर्मचारियों पर झोंका फायर, तीन घायल

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रुद्रपुर: उत्तराखंड में अराधों की बाढ़ जैसी आ गई है। एक तरफ महिला अपराधों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। वहीं, दूसरी और लूट और वन तस्करी के मामले में भी सामने आ रहे हैं। अराधियों से मुठभेड़ का ताजा मामला सामने आया, जिससे हड़कंप मचा हुआ है।

तराई केंद्रीय वन प्रभाग के पीपलपड़ाव रेंज में सागौन के पेड़ काट रहे तस्करों की वन कर्मियों से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दोनों तरफ से कई राउंड गोली चलीं। जिसमें छर्रे लगने से रेंजर रूप नारायण गौतम समेत चार वन कर्मी घायल हो गए।

इसका पता चलते ही वन विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन फानन घायल वन अधिकारी और कर्मचारियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही तस्करों की तलाश शुरू कर दी गई है।

उत्तराखंड में एक बार फिर करवट बदलेगा मौसम

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देहरादून: मौसम एक बार फिर करवट बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार बादल फिर जमकर बरसेंगे। मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि चमोली, पौड़ी व बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा अन्य पांच जिलों देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल में कहीं-कहीं गर्जन और बिजली चमकने के साथ एक से दो दौर तेज बारिश हो सकती है। वहीं, 13 सितंबर को एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने का अनुमान है।

ऐसे में एक बार फिर से पहाड़ी जिलों में भाबरी बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है। ऐसे में पहाड़ी जिलों में फिर से बारिश का सिलसिला शुरू हो सकसता है। इसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा एक बार फिर बढ़ सकता है। मौसम विभाग लगातार मौसम की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, पांच लोगों की मौत, रॉकेट हमले के बाद सुरक्षा बल अलर्ट

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मणिपुर : उग्रवादियों के रॉकेट और ड्रोन्स से हमले के बाद पुलिस और सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं। पुलिस ने बताया है कि सुरक्षा बलों ने चुराचांदपुर जिले में उग्रवादियों के तीन बंकर्स को नष्ट किया है। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब शुक्रवार को उग्रवादियों ने बिष्णुपुर जिले सटे इलाकों में रॉकेट हमला किया था।

इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और छह लोग घायल हो गए थे। वहीं शनिवार को जिरिबाम जिले में हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई है। ताजा हिंसा में शनिवार को जिरिबाम जिले में पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति को सोते हुए गोली मारी गई। वहीं चार अन्य लोग आपसी गोलीबारी में मारे गए। पुलिस के अनुसार, उग्रवादी एक व्यक्ति के घर में घुसे और सोते हुए उसे गोली मार दी।

इस घटना के बाद कुछ दूर ही हथियारबंद लोगों से उग्रवादियों का सामना हो गया और इस गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन लोग पहाड़ी इलाकों के निवासी थे। जनजातीय निकास इंडीजेनस ट्राइब्स एडवोकेसी कमेटी ने घटना में संलिप्तता से इनकार किया है।

सुरक्षाबलों ने चुराचांदपुर जिले के मुआलसांग गांव में दो बंकर और चुराचांदपुर के लाइका मुआलसौ गांव में एक बंकर नष्ट किए हैं। उग्रवादियों ने बिष्णुपुर जिले के दो स्थानों पर नागरिक आबादी में रॉकेट दागे थे, जिनमें से एक वरिष्ठ नागरिक की मौत हो गई और छह अन्य नागरिक घायल हो गए।

इसके बाद पुलिस टीमों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने आसपास की पहाड़ियों में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने कहा है कि हवाई गश्त के लिए एक सैन्य हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया है। कानून और व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकें की गई हैं।

उत्तराखंड : अवैध हथियारों के साथ विधायक का भाई नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार!

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बनबसा: एसएसबी को बड़ी सफलता मिली है। एसएसबी ने नेपाल बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान बनबसा में तैनात एसएसबी के जवानों ने दो लोगों को अवैध सामान और 40 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। इनमें से एक सतीश नैनवाल नाम का व्यक्ति विधायक का भाई बताया जा रहा हैै।

एसएसबी के सहायक कमांडेंट की अध्यक्षता में सीमा पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान भारत से नेपाल को जा रहे दो व्यक्तियों के संदिग्ध प्रतीत होने पर उनके सामानों की गहनता के साथ जांच की गई। जांच में अवैध सामानों के साथ 7.65 एमएम के अवैध 40 कारतूस बरामद किए गए हैं।

आरोपी अल्मोड़ा निवासी दिनेश चंद्र पुत्र शेर राम और नैनीताल निवासी सतीश नैनवाल पुत्र चंद्र दत्त को गिरता किया गया है। अग्रिम कार्रवाई के लिए दोनों व्यक्तियों को जब्त किए गए सामानों के साथ स्थानीय थाना बनबसा के सुपुर्द किया गया। कमांडेंट मनोहर लाल ने बताया कि वह इस प्रकार के अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

रानीखेत विधानसभा से विधायक प्रमोद नैनवाल का भाई अवैध हथियारों के साथ गिरफ़्तार हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक विधायक प्रमोद नैनवाल के भाई सतीश नैनवाल को एसएसबी ने भारत नेपाल सीमा पर चंपावत जिले के बनबसा में गिरफ्तार किया है। एसएसबी ने दोनों आरोपियों को बनबसा थाना पुलिस के हवाले कर दिया है।

उत्तराखंड में अंडरवर्ल्ड डॉन बना अखाड़े का महंत, संतों को आया गुस्सा..

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हरिद्वार: अल्मोड़ा जेल में बंद कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी पांडे को अखाड़े महंत बनाने के बाद से संतों में बवाल मच गया है। इस मामले के सामने आने के बाद जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने मामले में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल किया कि अपराधी को किसने संत बनाया? कौन इसमें शामिल रहा? इस पूरे मामले को लेकर सात सदस्यीय जांच कमेटी गठित की जा रही है।

अल्मोड़ा के खनौइया गांव निवासी प्रकाश पांडे उर्फ पीपी छोटा राजन का दाहिना हाथ हुआ करता था। इन दिनों वह अल्मोड़ा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। पिछले साल अगस्त में पौड़ी जेल से पीपी को हरिद्वार जिला कारागार में शिफ्ट किया गया था। लेकिन, कुछ समय बाद उसे अल्मोड़ा जेल शिफ्ट कर दिया। पिछले दिनों पीपी पांडेय को अल्मोड़ा जेल में गुरु दीक्षा दी गई थी। इस दौरान उनको श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा का महंत बनाने की बात सामने आई है। साथ ही उसे कई मंदिरों का मुख्य महंत भी बनाने का दावा किया गया है।

जेल में बंद गैंगस्टर को जूना अखाड़ा का संत बनाने की बात पता चलने पर अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। श्रीमहंत हरिगिरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ये पूरी तरह से गलत है। इस मामले को लेकर सात सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। लालच में अगर किसी ने तरह का काम किया है तो इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सत्या क्या इसका पता लगाने के लिए ही फिलहाल कमेटी का गठन किया जाएगा।

जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। अगर अखाड़े के ही महात्माओं ने ये किया है तो उन्हें भी बाहर रास्ता दिखाया जाएगा। जूना अखाड़े के सचिव श्रीमहंत हरिगिरी का कहना है कि अखाड़े ने कोई महामंडलेश्वर नहीं बनाया है। अखाड़े के एक बाबा ने उन्हें अपना चेला बनाया है। फिर भी जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जो रिपेार्ट देगी, उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी। महामंडलेश्वर बनाने की लंबी प्रक्रिया है, वो भी केवल कुंभ में बनाए जाते हैं।

उत्तराखंड: सौ साल पुराने मकान और दुकान में लगी भीषण आग

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उत्तरकाशी: हर्षिल बाजार में एक दुकान एवं मकान में आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जूट गई।

उससे पहले स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का काम शुरू कर दिया था। हालांकि अब तक आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए हैं। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

देर रात हर्षिल बाजार में विजय और हरिश के लगभग 100 साल पुराने लकड़ी से बने मकान में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते-देखते मकान और दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।

टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। अग्निकांड की सूचना पर फायर सर्विस उत्तरकाशी, गंगोत्री से भी टीम रवाना की गई। अग्निकांड से मकान के साथ दुकान में रखा सामान जलकर राख हो गया।