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LPG सिलेंडर तो हो गया महंगा, क्या अब पेट्रोल-डीजल की है बारी?

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नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने शनिवार (7 मार्च) से 14.2 किलो के गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी है। अब दिल्ली में यह सिलेंडर 913 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि पहले यह 853 रुपये का था।

यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहे संघर्ष के कारण आई है, जहां ईरान के साथ तनाव बढ़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते एलपीजी और क्रूड ऑयल की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 80-85% आयात करता है, जिसमें मध्य पूर्व (कतर, यूएई, सऊदी अरब आदि) से बड़ा हिस्सा आता है। युद्ध के कारण आयात में बाधा और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल ने कंपनियों को कीमतें संशोधित करने के लिए मजबूर किया।

शहर-वार नई कीमतें (14.2 किलो घरेलू सिलेंडर, गैर-सब्सिडी)

  • दिल्ली: 913 रुपये (पहले 853 रुपये)
  • मुंबई: 912.50 रुपये (पहले 852.50 रुपये)
  • कोलकाता: 930 रुपये (पहले 879 रुपये)
  • चेन्नई: 928.50 रुपये (पहले 868.50 रुपये)

कमर्शियल सिलेंडर पर भी असर

19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 114.50-115 रुपये बढ़ाई गई है। दिल्ली में अब यह 1,883 रुपये का हो गया है (पहले 1,768.50 रुपये)। इससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह बढ़ोतरी 11 महीनों में दूसरी बार है। पिछली बार अप्रैल 2025 में 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी, जिससे उनकी कीमत प्रभावित नहीं होगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई राशनिंग या सप्लाई कटौती नहीं होगी। रिफाइनरियों से घरेलू उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और वैकल्पिक स्रोतों (जैसे अमेरिका से) से आयात बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा उपलब्धता और किफायती मूल्य सुनिश्चित करने के सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

यह बढ़ोतरी आम घरों की रसोई पर सीधा असर डालेगी, खासकर मध्यम वर्ग पर जहां एलपीजी मुख्य ईंधन है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचा तो क्रूड ऑयल की कीमतों के साथ एलपीजी पर और दबाव बढ़ सकता है, जिससे मुद्रास्फीति प्रभावित हो सकती है।

उत्तराखंड में आज से बदल सकता है मौसम, पहाड़ों में हल्की बारिश-बर्फबारी, मैदानों में गिरेगा तापमान

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देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में शनिवार (8 मार्च) से मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उच्च हिमालयी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, किसी भी प्रकार की गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है और अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।

पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ उच्च ऊंचाई वाले हिस्सों (खासकर 4000 मीटर से अधिक) में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। यह बदलाव 12 मार्च तक जारी रह सकता है, जिसमें हल्के-फुल्के प्रभाव देखने को मिलेंगे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर प्रभाव से बादल छाए रह सकते हैं, जिससे दिन के तापमान में मामूली कमी आएगी।

शुक्रवार को राज्य में मौसम सामान्य से गर्म रहा। देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 5 डिग्री अधिक) और रात का न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 5 डिग्री अधिक) दर्ज किया गया। आसमान में हल्के बादल छाए रहने के बावजूद चटक धूप नहीं रही। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान ऊंचा रहा। मुक्तेश्वर में दिन का अधिकतम तापमान 18.9 डिग्री (सामान्य से 3 डिग्री अधिक) और रात का न्यूनतम 9.9 डिग्री (सामान्य से 6 डिग्री अधिक) रहा।

उत्तराखंड के युवाओं ने UPSC में किया कमाल, रवांई घाटी के दो युवाओं का चयन

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देहरादून : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में उत्तराखंड के कई युवाओं ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य के सुदूरवर्ती गांवों से निकले इन होनहारों ने कड़ी मेहनत, धैर्य और अनुशासित तैयारी से देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में स्थान बनाया, जो पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा साबित हो रहा है।

उत्तरकाशी जिले से दो युवाओं ने विशेष सफलता हासिल की। ऋषभ नौटियाल, पुरोला के ग्राम सुनाली (रवांई घाटी) के निवासी, ने 552वीं रैंक प्राप्त की। उनके पिता त्र्यंबक प्रसाद नौटियाल और माता ललिता नौटियाल हैं। ऋषभ ने द दून स्कूल, देहरादून से 12वीं तक पढ़ाई की और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से एलएलबी पूरी की। उन्होंने तीन बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचकर असफलता का सामना किया, लेकिन चौथे प्रयास में सफल हुए। क्षेत्र में खुशी का माहौल है, जहां कथा वाचक शिव प्रसाद नौटियाल (ताऊ जी), विधायक दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक माल चंद सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बधाई दी।

उसी जिले के नौगांव ब्लॉक के बनाल गुलाड़ी गांव के आशुतोष नौटियाल ने 398वीं रैंक हासिल की। 25 वर्षीय आशुतोष ने तीसरे प्रयास में सफलता पाई। पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी नहीं निकला, लेकिन रणनीति बदलकर उन्होंने नियमित 5-6 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने मार्गदर्शन को कोचिंग से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया और इंटरनेट (जैसे अंडरस्टेंड यूपीएससी पोर्टल) से तैयारी की। आशुतोष का मकसद सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि हिंदी माध्यम के छात्र भी सफल हो सकते हैं, यदि कांसेप्ट मजबूत और लगन हो।

टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र के दिवाड़ा गांव की बेटी मीनल नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। राज्य में यह इस बार की सबसे बेहतर रैंक है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं में जोश और प्रेरणा का संचार हुआ है।

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मीनल नेगी, जो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के चंबा के निकट दिवाड़ा गांव की निवासी हैं, ने सीमित संसाधनों और पहाड़ी चुनौतियों के बीच अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता प्रीतम सिंह नेगी उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल डोबरा कोटेश्वर (टिहरी) में कार्यरत हैं। माता मीना देवी गृहिणी हैं।

लोहाघाट-बाराकोट क्षेत्र के युवा अनुज ने 69वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम ऊंचा किया। उन्होंने सेल्फ स्टडी और अनुशासित दिनचर्या पर जोर दिया। रोज 8-10 घंटे पढ़ाई की और इंटरनेट मीडिया का उपयोग सीमित रखा।

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पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग तहसील के उप्राडा गांव के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक प्राप्त की। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के सफलता हासिल की। पिथौरागढ़ के डान बास्को स्कूल से इंटर तक पढ़ाई के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र ऑनर्स और मुंबई से मास्टर्स किया। ग्रेजुएशन के दौरान ही तैयारी शुरू की और टेस्ट सीरीज पर फोकस किया। चौथे प्रयास में सफल हुए। पिता माधवानंद पाठक (सेवानिवृत्त शिक्षक) और माता मंजुला पाठक (शिक्षक) हैं, जबकि छोटे भाई अभिषेक भारतीय सेना में कैप्टन हैं। विधायक फकीर राम टम्टा, मयूख महर सहित कई नेताओं ने बधाई दी।

हरिद्वार जिले के बहादराबाद विकासखंड के अत्मलपुर बोंगला गांव के मूल निवासी तुषार चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 216वीं रैंक हासिल की है. परिणाम घोषित होने के बाद उनके पैतृक गांव में खुशी की लहर है. ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने तुषार की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. तुषार चौहान की उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक उपलब्धि और गौरव का विषय बन गई है.

लोहाघाट के कलीगांव के टूड़ा तोक की बेटी अनुप्रिया राय ने मेहनत और लगन से देश की प्रतिष्ठित परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सिविल सेवा परीक्षा में इतिहास रच नया कीर्तिमान बनाया है. अनुप्रिया ने लगातार तीसरी बार इस परीक्षा को क्रैक किया है. उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है. वर्तमान में अनुप्रिया राय पाल समुंद्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं. लोहाघाट नगर के पास कलीगांव के टूड़ा तोक निवासी अनुप्रिया राय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता हासिल कर एक बार फिर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. अनुप्रिया ने इस बार ऑल इंडिया रैंक 258वीं हासिल की है.

चंपावत जिले के खटीमा से देवेश आर्या ने दूसरे प्रयास में 656वीं रैंक हासिल की। 23 वर्षीय देवेश ने सराफ पब्लिक स्कूल, खटीमा से हाईस्कूल (86.8%) और इंटर (PCMB, 94.8%) किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से बीएससी (ऑनर्स) बॉटनी में 7.76 CGPA हासिल किया। उनकी सफलता से चंपावत में गर्व का माहौल है।

टिहरी की बेटी मीनल नेगी ने UPSC में हासिल की 66वीं रैंक, पहाड़ों से निकली प्रतिभा ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान

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देहरादून: टिहरी गढ़वाल जिले के चंबा क्षेत्र के दिवाड़ा गांव की बेटी मीनल नेगी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। राज्य में यह इस बार की सबसे बेहतर रैंक है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के युवाओं में जोश और प्रेरणा का संचार हुआ है।

मीनल नेगी, जो मूल रूप से टिहरी गढ़वाल के चंबा के निकट दिवाड़ा गांव की निवासी हैं, ने सीमित संसाधनों और पहाड़ी चुनौतियों के बीच अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता प्रीतम सिंह नेगी उत्तराखंड शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल डोबरा कोटेश्वर (टिहरी) में कार्यरत हैं। माता मीना देवी गृहिणी हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल रहा, जबकि दादा भारतीय सेना में रह चुके हैं।

मीनल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंबा क्षेत्र के स्थानीय स्कूलों से पूरी की। दसवीं तक पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना पनपा। आगे की तैयारी के लिए उन्होंने देहरादून को चुना और घर से ही ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की। दिल्ली जाने की बजाय इंटरनेट, ऑनलाइन लेक्चर, अध्ययन सामग्री और नियमित अभ्यास पर भरोसा किया। उनके वैकल्पिक विषय PSIR (Political Science & International Relations) थे।

सफलता का सफर आसान नहीं था। पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सकीं, लेकिन असफलता ने उन्हें निराश नहीं किया। उन्होंने कमजोरियों का विश्लेषण किया, सुधार किए और दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की। मीनल का मानना है कि लक्ष्य स्पष्ट होना, नियमित दिनचर्या, उचित सामग्री का चयन, पुनरावृत्ति और मानसिक संतुलन सफलता की कुंजी हैं।

उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। राज्य की पर्वतीय धरती से निकलकर छोटे गांवों के युवा भी बड़े सपने देख सकते हैं। मीनल की सफलता साबित करती है कि तकनीक और अनुशासन से किसी भी स्थान से UPSC जैसी कठिन परीक्षा क्रैक की जा सकती है।

आज हरिद्वार पहुंचेंगे अमित शाह, विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास

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हरिद्वार : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार (7 मार्च 2026) को हरिद्वार में एक व्यस्त कार्यक्रम के साथ रहेंगे। वह राज्य सरकार की विकास यात्रा और नए आपराधिक कानूनों (नूतन न्याय संहिता) पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जनसभा को संबोधित करेंगे तथा पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक भी करेंगे। इस दौरान करीब सवा चार घंटे तक हरिद्वार में रहने वाले शाह के आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है।

तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह दोपहर 12:15 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) पहुंचेंगे। यहां से वे 12:30 बजे गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड (हरिद्वार) के लिए रवाना होंगे और 12:40 बजे वैरागी कैंप (बैरागी द्वीप) स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद:

  • 1:55 बजे तक वे जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें अनुमानित रूप से 1.5 लाख से अधिक लोग शामिल होने की उम्मीद है।
  • 2:00 से 2:30 बजे तक कुछ समय आरक्षित रखा गया है।
  • 2:30 से 3:00 बजे तक वैरागी कैंप में ही नूतन न्याय संहिता (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करेंगे। यह प्रदर्शनी 7 से 9 मार्च तक चलेगी, जिसका उद्देश्य नए कानूनों की सरलता, प्रभावी कार्यान्वयन और जनजागरूकता फैलाना है। नए कानूनों में समयबद्ध जांच, जीरो एफआईआर, इलेक्ट्रॉनिक एफआईआर, फोरेंसिक जांच अनिवार्यता, महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, आतंकवाद पर स्पष्ट दंड, पीड़ित मुआवजा और संपत्ति की शीघ्र वापसी जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
  • 3:00 से 3:30 बजे के बीच उत्तराखंड सरकार की विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में राज्य के विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और महत्वपूर्ण फैसलों की झलक दिखाई जाएगी। इसमें 427 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास भी संभावित हैं।
  • 3:30 बजे वैरागी कैंप से प्रस्थान कर 3:40 बजे एक निजी होटल पहुंचेंगे, जहां वे भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
  • बैठक के बाद 4:45 बजे वे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे।

शुक्रवार को दिनभर पुलिस-प्रशासन की टीम ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पहले बैरागी कैंप पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। भाजपा ने इसे धामी सरकार की सफलता और मिशन 2027 की तैयारी के रूप में देखा है, जबकि नए कानूनों की प्रदर्शनी से जनता को इनकी सरलता और प्रभाव दिखाने का प्रयास है।

उत्तराखंड: पूर्व सैनिकों की चार सूत्री मांगों को लेकर 11 मार्च को जंतर-मंतर पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन

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देहरादून: देश भर के हजारों पूर्व सैनिक 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ चार प्रमुख मांगों को लेकर एक बड़े धरना-प्रदर्शन में भाग लेंगे। यह प्रदर्शन संसद सत्र के दौरान आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई सांसद शामिल होने वाले हैं।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करना है।

कर्नल नेगी ने चार सूत्री मांगों का विवरण देते हुए कहा:
दिव्यांगता पेंशन पर टैक्स वापस लिया जाए: सेवा के दौरान अपंगता प्राप्त करने वाले पूर्व सैनिकों की पेंशन अब तक टैक्स-फ्री थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे आयकर के दायरे में लाकर टैक्स लगा दिया है। यह पूर्व सैनिकों के लिए अन्यायपूर्ण है।

ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) की समस्याओं का समाधान: सरकार द्वारा ईसीएचएस के तहत अस्पतालों को भुगतान न होने के कारण कई अस्पताल पूर्व सैनिकों के इलाज से मना कर रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य उपचार में गंभीर बाधा आ रही है।

सैनिकों के सम्मान की रक्षा:

पूर्व सैनिकों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। अग्निपथ योजना समाप्त कर पुरानी भर्ती प्रणाली बहाल की जाए: अग्निपथ योजना के कारण सेना में भर्ती का जोश कम हुआ है, जिससे देश को योग्य सैनिक कम मिल रहे हैं और युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर खत्म हो गया है।

उत्तराखंड से सैकड़ों पूर्व सैनिक इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पिछले छह महीनों में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने अग्निपथ योजना और अन्य मुद्दों पर तीन चरणों में जन जागरण यात्रा निकाली, जिससे बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक कांग्रेस से जुड़े हैं।

धस्माना ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि जैसे ही केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी, अग्निपथ योजना को तत्काल समाप्त कर सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। इससे न केवल सेना की क्षमता मजबूत होगी, बल्कि उत्तराखंड जैसे राज्यों के युवाओं को सेना में स्थायी रोजगार का अवसर भी मिलेगा।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के महामंत्री गोपाल गड़िया, प्रदेश श्रम विभाग अध्यक्ष दिनेश कौशल सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
कर्नल नेगी ने उत्तराखंड के लगभग डेढ़ लाख पूर्व सैनिकों से अपील की कि वे 11 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं और अपने अधिकारों व सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट हों।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित: अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर

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नई दिल्ली : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए। अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर टॉप किया है। राजेश्वरी सुवे एम ने दूसरा और अकांश ढुल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। कुल 958 उम्मीदवारों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और अन्य केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है।

यूपीएससी ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न सेवाओं में कुल 1,087 रिक्तियों की घोषणा की गई थी। इनमें से 958 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है, जबकि 348 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी अस्थायी (प्रोविजनल) रखी गई है। दो उम्मीदवारों का परिणाम रोका गया है। इसके अलावा, एक समेकित रिजर्व सूची में 258 उम्मीदवार शामिल हैं।

टॉप 10 रैंकर्स

  1. अनुज अग्निहोत्री (एआईआर 1)
  2. राजेश्वरी सुवे एम (एआईआर 2, महिला टॉपर)
  3. अकांश ढुल (एआईआर 3)
  4. राघव झुनझुनवाला
  5. ईशान भटनागर
  6. ज़िन्निया अरोरा
  7. ए.आर. राजा मोहिद्दीन
  8. पक्षल सेक्रेट्री
  9. आस्था जैन
  10. उज्ज्वल प्रियांक

वर्गवार चयनित उम्मीदवार

  • सामान्य: 317
  • ईडब्ल्यूएस: 104
  • ओबीसी: 306
  • एससी: 158
  • एसटी: 73

इसमें PwBD (दिव्यांगजन) श्रेणी के 42 उम्मीदवार भी शामिल हैं।

सेवावार रिक्तियां और चयन

  • आईएएस: 180
  • आईएफएस: 55
  • आईपीएस: 150
  • केंद्रीय सेवाएं (ग्रुप ‘A’): 507
  • ग्रुप ‘B’ सेवाएं: 195

चयन प्रक्रिया

सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है: प्रारंभिक (प्रीलिम्स), मुख्य (मेन्स) और साक्षात्कार (पर्सनैलिटी टेस्ट)। अंतिम मेरिट लिस्ट मेन्स के 1750 अंकों और इंटरव्यू के 275 अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के अंदर चयनित उम्मीदवारों के अंक यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर उपलब्ध होंगे।

उम्मीदवार किसी भी जानकारी के लिए यूपीएससी परिसर में सुविधा काउंटर पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक व्यक्तिगत रूप से या फोन नंबर 011-23385271, 011-23381125, 011-23098543 पर संपर्क कर सकते हैं। यूपीएससी ने उम्मीदवारों को बधाई दी है और कहा है कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है। अनुज अग्निहोत्री, जो एआईएमएस जोधपुर से एमबीबीएस हैं, ने इस सफलता से लाखों युवाओं को प्रेरित किया है।

हरिद्वार से मिशन 2027 का शंखनाद: अमित शाह की रैली और ‘टोली बैठक’, 14 बड़े होंगे शामिल

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उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद भाजपा की ‘टोली बैठक’ (प्रदेश टोली की विशेष बैठक) में शामिल होंगे, जिसमें कुल 24 बड़े नेता भाग लेंगे। यह बैठक 2027 के चुनावी रोडमैप, रणनीति, दायित्व बंटवारे और संभावित कैबिनेट विस्तार पर केंद्रित होगी।

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हरिद्वार में बैरागी कैंप में होने वाली जनसभा धामी सरकार के चार साल पूरे होने के जश्न का हिस्सा होगी। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग की विभिन्न प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया जाएगा। जनसभा के बाद अमित शाह प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ ‘टोली बैठक’ में बैठेंगे। भट्ट ने कहा, “यह बैठक मिशन 2027 की दिशा तय करेगी। चुनावी रणनीति, संगठन मजबूती और राजनीतिक स्थिरता पर गहन चर्चा होगी।”

टोली बैठक में शामिल 24 बड़े नेता

  • पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री)
  • महेंद्र भट्ट (प्रदेश अध्यक्ष)
  • अजय (संगठन महामंत्री)
  • मदन कौशिक (निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष)
  • सभी 7 राज्यसभा और लोकसभा सांसद
  • सतपाल महाराज (कैबिनेट मंत्री)
  • धनसिंह रावत (कैबिनेट मंत्री)

कोर ग्रुप के अलावा शामिल 9 अन्य नेता:

  • तीन प्रदेश महामंत्री: दीप्ति रावत, कुंदन परिहार, तरुण बंसल
  • पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
  • तीरथ सिंह रावत (पूर्व मुख्यमंत्री)
  • चार कैबिनेट मंत्री: सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा

भट्ट ने बताया कि कोर ग्रुप में कुछ और प्रमुख नेताओं को शामिल कर ‘टोली बैठक’ का आयोजन किया गया है। बैठक में 2027 चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ प्रदेश में दायित्वों का बंटवारा और कैबिनेट विस्तार जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।

यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि धामी सरकार के चार साल 23 मार्च को पूरे हो रहे हैं। इससे पहले 22 मार्च को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गढ़वाल के श्रीनगर में बड़ी रैली करेंगे। भाजपा हरिद्वार को इसलिए चुना है क्योंकि 2022 चुनाव में यहां पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था, और अब मजबूत संदेश देने की रणनीति है।

प्रशासन ने अमित शाह के दौरे के लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरागी कैंप का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह दौरा भाजपा को देवभूमि में तीसरा कार्यकाल दिलाने की मजबूत शुरुआत साबित होगा।

मुंबई में उत्तराखंडी राजनीतिक हस्तियों का भव्य सम्मान समारोह संपन्न

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मुंबई : मुंबई में उत्तराखंड समुदाय की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्था गढ़वाल भ्रातृ मंडल (स्थापना 1928, लगभग 98 वर्ष पुरानी) ने अंधेरी के रिक्रिएशन क्लब में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुंबई की राजनीति में सक्रिय उत्तराखंड मूल के प्रमुख व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिसमें मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नवनिर्वाचित पहली उत्तराखंडी नगर सेविका  लोना राजेंद्र सिंह रावत प्रमुख रहीं।

लोना रावत ने उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट (शिवसेना-UBT) के टिकट पर वार्ड 73 (अंधेरी क्षेत्र) से हाल ही में हुए BMC चुनावों में जीत हासिल की है, जो मुंबई की राजनीति में उत्तराखंड समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

सम्मानित अन्य प्रमुख राजनीतिक प्रहरियों में शामिल थे:

  • मोहन काला, जो उत्तराखंड की श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं।
  •  अमन बर्थवाल, ठाणे जिले में कांग्रेस के टिकट पर निकाय चुनाव लड़ चुके।
  • ललिता विनोद सिंह बिष्ट, भायंदर क्षेत्र से एनसीपी के टिकट पर निकाय चुनाव में भाग ले चुकीं।
  •  विनोद नेगी, जिन्होंने 50 वर्ष पूर्व कांग्रेस की राजनीति से शुरुआत की और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं।
  • एडवोकेट आशुतोष रतूड़ी, उत्तर मुंबई BJP युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष।

समारोह में बड़ी संख्या में मुंबई के प्रबुद्ध उत्तराखंडी समाज के सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें श्री पंकज मठपाल, धर्मानंद रतूड़ी महराज, ललित बिष्ट,  शंभू शरण रतूड़ी, मोहन बिष्ट, आचार्य जयानंद सेमवाल,  मनोज भट्ट, प्रवीण ठाकुर, सरुप पोखरियाल, बुद्धि प्रसाद देवली, त्रिलोक चंद सनवाल, राकेश खंकरियाल जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में गढ़वाल भ्रातृ मंडल के सक्रिय सदस्यों जैसे गणेश नौटियाल, किर्तिकेय सिंह रावत, विनोद भारद्वाज, वीरेंद्र गुसाईं, रमेश बलोदी, राम सिंह घटाल, पुष्पा बिष्ट, गोपाल नयाल, श्रीमती माया जोशी,  राधा बंगारी, प्रदीप नौटियाल, आयुष कंडारी, सुश्री देविका नेगी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समारोह की शुरुआत में गढ़वाल भ्रातृ मंडल के अध्यक्ष  रमण मोहन कुकरेती ने संस्था की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों और सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन  सुरेंद्र भट्ट ने किया, जबकि सम्मान समारोह का संचालन डॉ. राजेश्वर उनियाल ने कुशलतापूर्वक किया। मंडल के महासचिव श्री मनोज द्विवेदी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की अपार सफलता पर प्रसन्नता जताई।

यह समारोह उत्तराखंड समुदाय की मुंबई में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक रहा, जहां संस्था ने राजनीतिक क्षेत्र में योगदान देने वाले सदस्यों को प्रोत्साहित किया। गढ़वाल भ्रातृ मंडल निरंतर उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और समुदाय की जनसरोकारों के लिए कार्यरत है।

टिहरी झील महोत्सव का भव्य शुभारंभ : सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कोटी कॉलोनी में किया उद्घाटन

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टिहरी : उत्तराखंड के पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाले चार दिवसीय हिमालयन – टिहरी झील महोत्सव 2026 का आज कोटी कॉलोनी, न्यू टिहरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। 6 से 9 मार्च तक चलने वाले इस फेस्टिवल में साहसिक खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और प्रतियोगिताओं का अनोखा संगम होगा, जिससे टिहरी जिले को प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और टिहरी जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य टिहरी झील को एडवेंचर और कल्चरल हब के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री धामी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह फेस्टिवल देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, साहसिक गतिविधियों और लोक संस्कृति को दुनिया के सामने लाएगा। उन्होंने पर्यटन से जुड़े स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसे आयोजन राज्य को साल भर पर्यटकों का केंद्र बनाने में मदद करेंगे।

रोमांचक गतिविधियां और प्रतियोगिताएं

फेस्टिवल के दौरान टिहरी झील और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग जैसी साहसिक गतिविधियां होंगी। साथ ही योग, पैराग्लाइडिंग और अन्य वॉटर स्पोर्ट्स भी आयोजित किए जाएंगे। सांस्कृतिक पक्ष मजबूत रखते हुए लोक नृत्य, फैशन शो (पारंपरिक वेशभूषा पर आधारित), मास्टर शेफ प्रतियोगिता, फोटोग्राफी, पेंटिंग, सोशल मीडिया रील, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एंड मिस टिहरी, रैप सिंगिंग और अन्य प्रतियोगिताएं होंगी।

पुरस्कार राशि आकर्षक

प्रतियोगिताओं में विजेताओं को भारी पुरस्कार मिलेंगे। प्रथम स्थान पर 1 लाख रुपये तक, द्वितीय पर 50 हजार रुपये, तृतीय पर 25 हजार रुपये और 10 सांत्वना पुरस्कार 5-5 हजार रुपये के दिए जाएंगे। कुल पुरस्कार राशि लाखों में होगी, जो प्रतिभागियों के लिए बड़ा प्रोत्साहन है। फेस्टिवल में लोक बैंड पांडवास और प्रसिद्ध संगीतकार-गायक अमित त्रिवेदी के परफॉर्मेंस से शामें रंगीन होंगी। फूड फेस्टिवल में स्थानीय पहाड़ी व्यंजन उपलब्ध होंगे, जबकि विभिन्न स्थानों पर छूट के साथ होटल, होमस्टे और वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं भी मिलेंगी। टिहरी जिला मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने बताया कि यह महोत्सव जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर फैला होगा और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करेगा। प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के लिए पूरी तैयारी की है।