Home Blog Page 39

उत्तराखंड: चमोली में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरफ्तार

0

कर्णप्रयाग (चमोली): कर्णप्रयाग पुलिस ने करीब एक महीने पुराने सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए हत्यारोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी क्षेत्र पंचायत सदस्य बताया जा रहा है, जिसने उधारी और सामाजिक अपमान से तंग आकर इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित एसआईटी और एसओजी टीम ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के आधार पर इस जटिल मामले की गुत्थी सुलझाई।

दरअसल, 10 मार्च 2026 को अलकनंदा नदी किनारे लंगासू क्षेत्र में चंडिका माता मंदिर के नीचे एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। मृतक के हाथ पर “SOORAJ PUROHIT” लिखा मिला, लेकिन तत्काल पहचान नहीं हो सकी।

पुलिस ने फिंगरप्रिंट और स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की, लेकिन 72 घंटे तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी बीच मृतक के हाथ पर लिखे नाम को आधार बनाकर पुलिस ने ‘पुरोहित’ उपनाम से जुड़े क्षेत्रों में जांच तेज की।

जांच में तकनीकी सर्विलांस के जरिए सुराग नंदप्रयाग तक पहुंचा। 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर जारी तस्वीरों से शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। इसके बाद 24 मार्च को कोतवाली कर्णप्रयाग में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

तफ्तीश के दौरान पता चला कि सूरज पुरोहित नंदप्रयाग के एक होटल में ठहरा हुआ था और आरोपी नरेन्द्र तोपाल के माध्यम से एक ढाबे में काम कर रहा था। पूछताछ में शुरू में आरोपी ने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों ने सच्चाई उजागर कर दी।

फुटेज में आरोपी को 16 फरवरी की रात शव को प्लास्टिक के कट्टे में कार (अल्टो UK12A 3212) की डिग्गी में रखकर झूलाबगड़ पुल की ओर ले जाते और बाद में वाहन धोते हुए देखा गया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने सूरज की हत्या कर शव को पुल से नदी में फेंक दिया था और साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल व अन्य सामान भी बहा दिए।

उधारी और अपमान बना हत्या का कारण

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने मृतक से ₹10,000 उधार लिए थे। मृतक द्वारा बार-बार सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने और पैसे की मांग को लेकर वह मानसिक रूप से आक्रोशित था, जिसके चलते उसने हत्या की योजना बनाई।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और रस्सी बरामद कर ली है। वहीं, FSL टीम ने वाहन से अहम साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेजे हैं। इस मामले के सफल खुलासे पर उच्च अधिकारियों ने पुलिस टीम की सराहना की है और टीम को ₹5,000 का नगद पुरस्कार भी प्रदान किया गया है।

 

पासपोर्ट विवाद में मामले SC में जोरदार बहस, पवन खेड़ा को फिलहाल राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला 

0

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह याचिका असम पुलिस द्वारा दर्ज FIR के सिलसिले में दायर की गई थी, जिसमें खेड़ा ने गिरफ्तारी से राहत की मांग की है।

यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं।

जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने खेड़ा की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

सुनवाई के दौरान खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह मामला मूल रूप से मानहानि से जुड़ा है और इसमें गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि FIR में शामिल अधिकांश धाराएं जमानती हैं और जांच बिना हिरासत के भी संभव है। सिंघवी ने यह भी आरोप लगाया कि असम पुलिस ने अनावश्यक रूप से अधिक बल का इस्तेमाल किया और खेड़ा को “आतंकवादी” की तरह ट्रीट किया।

उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 339 का उल्लेख किया गया, जबकि यह धारा न तो शिकायत में है और न ही FIR में दर्ज है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी आरोपी को पहले से “निर्दोष महिला” के संदर्भ में टिप्पणी करना ट्रायल से पहले पूर्वाग्रह को दर्शाता है।

वहीं, असम सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट की तस्वीरें दिखाईं, जो जांच में नकली पाई गई हैं।

मेहता ने तर्क दिया कि मामले में गहराई से जांच की जरूरत है, खासकर यह जानने के लिए कि ये दस्तावेज कहां से आए और क्या इसमें किसी विदेशी तत्व की भूमिका है। उन्होंने कहा कि हिरासत में पूछताछ आवश्यक है ताकि पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो सके।

क्या है मामला?

दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने सार्वजनिक मंच से आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई देशों के पासपोर्ट और विदेशों में वित्तीय हित हैं। इसके बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई।

FIR में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें झूठा बयान, धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और शांति भंग करने से जुड़े आरोप शामिल हैं।

इससे पहले, तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को अस्थायी राहत देते हुए ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस राहत पर रोक लगा दी थी और उन्हें असम की अदालत में जाने की सलाह दी थी। इसके बाद गुवाहाटी हाई कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं, जो तय करेगा कि पवन खेड़ा को इस मामले में अग्रिम जमानत मिलती है या नहीं।

धामी कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले, इन पर लगी मुहर

0

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार  सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में प्रशासनिक, परिवहन, शिक्षा, वन एवं वित्तीय मामलों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश के विकास और रोजगार पर पड़ेगा।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

परिवहन विभाग में प्रवर्तन अधिकारियों के लिए नई वर्दी को मंजूरी दी गई है। साथ ही विभाग के लिए 250 नई बसों की खरीद को स्वीकृति मिली है। जीएसटी दरों में बदलाव के चलते अब 100 के बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी।

कुंभ मेले के कार्यों के लिए वित्तीय अधिकारों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे।

उद्योग विभाग में दरों में वृद्धि करते हुए इसे 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। वहीं वित्त विभाग के अंतर्गत आबकारी नीति में 6 प्रतिशत दर को राज्य कर विभाग द्वारा अपनाने का निर्णय लिया गया।

वन विभाग में भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए वन दरोगा की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा डी श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ कर दी गई है।

वन क्षेत्र से जुड़े इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन नीति को मंजूरी दी गई है। साथ ही “मधुमक्खी आधारित आजीविका योजना 2026” को भी स्वीकृति दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

शिक्षा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। मदरसा मान्यता नियमों में बदलाव करते हुए कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता देने का प्रावधान किया गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।

कार्मिक विभाग ने प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की वैधता को अब अधिकतम एक वर्ष तक सीमित कर दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप विशेष शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए संबंधित नियमावली को मंजूरी दी गई है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्ष 2023 की जेई भर्ती से संबंधित 6 नए पद सृजन को स्वीकृति मिली है। वहीं वर्कचार्ज कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब 21 अशासकीय कॉलेजों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एक ही आंगन में छह शादियां: जौनसार बावर की ‘जोजोड़ा’ परंपरा बनी मिसाल

0

विकासनगर: जौनसार बावर की पारंपरिक संस्कृति एक बार फिर चर्चा में है। यहां की अनोखी ‘जोजोड़ा’ विवाह परंपरा ने आधुनिक दौर में भी सामाजिक एकता, सादगी और सामूहिकता की मिसाल पेश की है। खारसी गांव में एक ही परिवार में पांच भाइयों की शादी एक साथ संपन्न हुई, जबकि उसी परिवार की बेटी की भी विदाई हुई, जिससे यह आयोजन और खास बन गया।

सामूहिक विवाह की अनूठी मिसाल

देहरादून जिले के इस जनजातीय क्षेत्र में वर्षों पुरानी परंपरा के तहत एक ही परिवार के कई भाइयों की शादी एक साथ की जाती है। इसका उद्देश्य संयुक्त परिवार को मजबूत करना और शादी में होने वाले फिजूलखर्च को रोकना है। खारसी गांव में 29 अप्रैल को आयोजित इस समारोह में पांच दुल्हनें एक साथ बारात लेकर दूल्हों के घर पहुंचीं। पारंपरिक वाद्ययंत्रों और फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया।

‘जोजोड़ा’ परंपरा की खासियत

यहां विवाह की परंपरा देश के अन्य हिस्सों से अलग है। आमतौर पर जहां दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर जाता है, वहीं जौनसार बावर में दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंचती है। इस परंपरा को ‘जोजोड़ा’ कहा जाता है। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कुल पुरोहित भीम दत्त शर्मा ने सभी जोड़ों का विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया।

एक परिवार, छह शादियां

परिवार के मुखिया दौलत सिंह चौहान के अनुसार, तीन भाइयों के पांच बेटों की शादी एक साथ कराई गई, जबकि उनकी बेटी की विदाई भी इसी अवसर पर हुई। उन्होंने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और इससे परिवार की एकता बनी रहती है।

सादगी और सामाजिक संदेश

परिवार के बड़े सदस्य खजान सिंह चौहान ने बताया कि इस आयोजन में दिखावे और अनावश्यक खर्च से पूरी तरह बचा गया। शादी में न शराब का इस्तेमाल हुआ और न ही महंगे कपड़ों और गहनों पर जोर दिया गया। उन्होंने समाज से अपील की कि शादी में फिजूलखर्ची के बजाय बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दिया जाए।

खुशियों का माहौल

एक साथ पांच बहुओं के घर आने से परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहा। परिवार की बेटी नीलम चौहान ने इसे गर्व का विषय बताते हुए कहा कि वह भी भविष्य में इसी परंपरा को अपनाना चाहेंगी। समारोह में शामिल लोगों ने भी इस पहल की सराहना की।

संस्कृति और विरासत की पहचान

जौनसार बावर क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। देहरादून जिले के इस पर्वतीय इलाके में लोग आज भी अपनी पारंपरिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों को जीवित रखे हुए हैं। यहां के लोग महासू देवता मंदिर को अपना आराध्य मानते हैं और खुद को पांडवों का वंशज मानने की मान्यता भी प्रचलित है।

सामाजिक संदेश के साथ परंपरा

खारसी गांव में आयोजित यह सामूहिक विवाह न सिर्फ एक पारिवारिक आयोजन था, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी देता है, कि सादगी, एकता और परंपराओं के संरक्षण का। आधुनिक दौर में जहां शादियां दिखावे का माध्यम बनती जा रही हैं, वहीं जौनसार बावर की यह परंपरा एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

एग्जिट पोल में बंगाल में कांटे की टक्कर, असम में NDA की वापसी के संकेत

0

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होते ही विभिन्न मीडिया संस्थानों ने एग्जिट पोल के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन अनुमानों में असम में एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद करीबी बताया जा रहा है।

एग्जिट पोल के मुताबिक, असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में लौट सकता है। Axis My India के सर्वे में BJP को 88 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को 24 से 36 सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिशत में दोनों के बीच लगभग 6 फीसदी का अंतर रहने की संभावना जताई गई है।

वहीं Matrize के एग्जिट पोल में BJP को 85 से 95 सीटें, कांग्रेस को 25 से 32 सीटें और अन्य को 6 से 12 सीटें मिलने का अनुमान है। People’s Pulse के अनुसार BJP गठबंधन को 68 से 72 सीटें, कांग्रेस गठबंधन को 22 से 26 और अन्य को 7 से 15 सीटें मिल सकती हैं।

बंगाल में सस्पेंस बरकरार

पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। कुछ सर्वे भारतीय जनता पार्टी को बढ़त देते हैं, तो कुछ में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वापसी का अनुमान है।

Chanakya Strategies के एग्जिट पोल के मुताबिक BJP को 150 से 160 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से ऊपर है, जबकि TMC को 130 से 140 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं People’s Pulse का सर्वे TMC को 177 से 187 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत देता है, जबकि BJP को 95 से 110 सीटें मिल सकती हैं।

Praja के एग्जिट पोल में BJP को 178 से 208 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि TMC को 85 से 110 सीटों तक सीमित बताया गया है। P-MARQ के अनुसार BJP को 150 से 175 सीटें और TMC को 118 से 138 सीटें मिल सकती हैं।

सत्ता बनाम चुनौती

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC और BJP के बीच इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC लगातार चौथे कार्यकाल की उम्मीद कर रही है, जबकि BJP ने सत्ता-विरोधी लहर और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर चुनाव लड़ा।

गौरतलब है कि TMC 2011 से राज्य की सत्ता में है और 2021 के चुनाव में उसने 294 में से 215 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया था।

एग्जिट पोल कितने भरोसेमंद?

विशेषज्ञों का मानना है कि एग्जिट पोल केवल रुझान दिखाते हैं, अंतिम परिणाम नहीं। 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव में अधिकांश एग्जिट पोल BJP को बढ़त दे रहे थे, लेकिन नतीजों में TMC ने प्रचंड जीत दर्ज की थी।

असम में सीधी लड़ाई

असम में मुख्य मुकाबला BJP और कांग्रेस के बीच है। BJP पिछले एक दशक से राज्य की सत्ता में है, जबकि कांग्रेस इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। 2021 के चुनाव में BJP ने 126 में से 60 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 29 सीटें मिली थीं। राज्य में बहुमत का आंकड़ा 64 है।

UGC-NET जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, इस बार दो नए विषय शामिल, जानें अहम जानकारी

0

नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से आयोजित होने वाली UGC-NET जून 2026 परीक्षा का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस बार परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए दो नए विषय—स्टैटिस्टिक्स और फॉरेस्ट्री—को शामिल किया गया है, जिससे छात्रों के लिए करियर के नए रास्ते खुलेंगे।

आधिकारिक सूचना के अनुसार, अभ्यर्थी 29 अप्रैल 2026 से 20 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 20 मई (रात 11:50 बजे तक) निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन में सुधार का मौका 22 से 24 मई के बीच दिया जाएगा। परीक्षा शहर की जानकारी 10 जून तक और एडमिट कार्ड 15 जून 2026 को जारी किए जाएंगे। परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 के बीच कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित होगी।

UGC-NET एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसके माध्यम से जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद और पीएचडी प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की पात्रता तय की जाती है। यह परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 1150 रुपये, जनरल-EWS/ओबीसी-एनसीएल के लिए 600 रुपये और एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी/थर्ड जेंडर के लिए 325 रुपये निर्धारित किया गया है। शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है।

NTA ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे और एक उम्मीदवार केवल एक ही आवेदन फॉर्म भर सकता है। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। साथ ही, रजिस्ट्रेशन के दौरान दिया गया मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सक्रिय होना अनिवार्य है।

इस वर्ष UGC-NET परीक्षा कुल 85 विषयों में आयोजित की जाएगी। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होंगे। नए विषयों में स्टैटिस्टिक्स को शामिल करने का निर्णय UGC की 597वीं बैठक (18 अप्रैल 2026) में लिया गया, जिससे डेटा एनालिसिस और शोध के क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों को लाभ मिलेगा। वहीं, फॉरेस्ट्री विषय को जोड़ने से पर्यावरण संरक्षण, वन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

परीक्षा के बाद NTA द्वारा उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट और प्रोविजनल आंसर की जारी की जाएगी, जिस पर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।

BIG BREAKING: देहरादून में लूट के बाद फायरिंग, पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश ढेर, इंस्पेक्टर समेत दो घायल

0
  • प्रेमनगर क्षेत्र में वारदात के बाद भाग रहे बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग, सर्च ऑपरेशन जारी.

देहरादून : राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बीती रात लूट की सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एक बदमाश मारा गया, जबकि थाना प्रभारी समेत दो लोग घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, 29/30 अप्रैल की रात कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति से लूटपाट कर उसे गोली मार दी है। सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहां घायल अवस्था में मिले पीड़ित ने अपना नाम देवराज बताया।

घायल ने पुलिस को बताया कि काले रंग की गुजरात नंबर की कार में सवार बदमाशों ने उसे तमंचे के बल पर लूटा और गोली मारकर फरार हो गए। बदमाश उसके पास से करीब दो लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, हिसाब-किताब की डायरी, पहचान पत्र समेत अन्य जरूरी दस्तावेज लूट ले गए।

प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा किया। कुछ दूरी पर जंगल की ओर भागती संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने घेराबंदी की कोशिश की तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई।

मुठभेड़ के दौरान एक गोली प्रेमनगर थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर को लग गई, जबकि जवाबी फायरिंग में एक बदमाश घायल हो गया। हालांकि उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए।

घायल पीड़ित, थाना प्रभारी और घायल बदमाश को पहले प्रेमनगर अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। बाद में घायल बदमाश को कोरोनेशन अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पूरे जनपद में नाकाबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जबकि फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस मामले की जांच के साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

उत्तराखंड: पुलिस को बड़ी कामयाबी, केदारनाथ से चोरी 14 लाख के 13 महंगे मोबाइल फोन व नकदी बरामद

0

चमोली/बद्रीनाथ: देवभूमि उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निशाना बना रहे एक अंतर्राज्यीय टप्पेबाज गिरोह का चमोली पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 14 लाख रुपये कीमत के 13 महंगे मोबाइल फोन और 58,860 रुपये नकद बरामद किए हैं।

चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु केदारनाथ व बद्रीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर यह गिरोह श्रद्धालुओं का ध्यान भटकाकर उनके कीमती सामान पर हाथ साफ कर रहा था।

गोपनीय सूचना पर कार्रवाई

थाना बद्रीनाथ पुलिस को सूचना मिली थी कि एक गिरोह मंदिर परिसर और स्नान घाटों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर एंटी थेफ्ट स्क्वाड का गठन किया गया।

हनुमान चट्टी में घेराबंदी कर दबोचे आरोपी

27 अप्रैल 2026 को दर्ज चोरी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर हनुमान चट्टी के पास दो संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली। इस दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामद सामान

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 हाई-एंड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें—

07 आईफोन

03 सैमसंग S24 अल्ट्रा

01 वनप्लस 10R

01 रेडमी नोट 13

01 रियलमी 13 प्रो

इसके अलावा 58,860 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त दो वाहन (किआ और टाटा नेक्सन) भी सीज किए गए हैं।

केदारनाथ से चोरी, बद्रीनाथ में नई वारदात की तैयारी

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने ये मोबाइल केदारनाथ धाम से चोरी किए थे और बद्रीनाथ में नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। बरामद एक आईफोन 15 प्रो मैक्स के संबंध में थाना सोनप्रयाग में पहले से मुकदमा दर्ज है।

पुलिस टीम को मिला पुरस्कार

मामले के सफल खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को ₹2,500 का पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

पुलिस की अपील

चमोली पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब और राजस्थान के चार युवक-युवती शामिल हैं, जो संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

मोबाइल पहचान की अपील

पुलिस ने कहा है कि जिन श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन खोए हैं, वे अपने दस्तावेजों के साथ थाना सोनप्रयाग या कोतवाली बद्रीनाथ में संपर्क कर अपने फोन की पहचान कर सकते हैं। विधिक प्रक्रिया के बाद फोन वापस किए जाएंगे।

 

उत्तराखंड में होमगार्ड्स भर्ती का ऐलान, 920 पदों पर होगी नियुक्ति, इस दिन से कर सकेंगे आवेदन 

0

देहरादून। होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय, उत्तराखंड ने राज्यभर में होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा कर दी है। मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जनपदों में कुल 920 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें आरक्षण के तहत सभी श्रेणियों को शामिल किया गया है।

जारी विवरण के मुताबिक सबसे अधिक 216 पद हरिद्वार जनपद में, जबकि 155 पद नैनीताल और 152 पद देहरादून में भरे जाएंगे। इसके अलावा ऊधमसिंहनगर में 76, टिहरी में 57, उत्तरकाशी में 55, पौड़ी गढ़वाल में 60 सहित अन्य जिलों में भी भर्ती की जाएगी।

भर्ती प्रक्रिया के तहत 30 अप्रैल 2026 को विज्ञापन जारी किया जाएगा, जबकि 1 मई को इसे समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 22 मई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 23 मई से 4 जून तक आवेदनों की जांच (स्क्रूटिनी) की जाएगी और 6 जून से शारीरिक मापतौल एवं भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और ईमानदारी के साथ संपन्न कराई जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। भर्ती के हर चरण की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित जिला कमांडेंट की होगी।

साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों या कर्मचारियों के रिश्तेदार यदि अभ्यर्थी हों तो उनकी ड्यूटी चयन प्रक्रिया में नहीं लगाई जाएगी। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथियों के अनुसार बुलाया जाएगा और छूटे हुए अभ्यर्थियों को अंतिम दिन अवसर दिया जाएगा।

मुख्यालय ने सभी जिला कमांडेंट्स को निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर भर्ती प्रक्रिया को नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ पूरा करना सुनिश्चित करें।

उत्तराखंड: देहरादून में अवैध कॉलोनी पर MDDA का बुलडोजर, 10 बीघा में हो रही प्लॉटिंग ध्वस्त

0

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मेहुवाला क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कदम उठाया, जिससे अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।

प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि मेहुवाला माफी, ईंट भट्टा क्षेत्र के पास “श्रीराम इन्क्लेव” नाम से करीब 10 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी। मामला सत्यापित होने के बाद MDDA की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।

MDDA अधिकारियों के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें नियमित निरीक्षण कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कर रही हैं।

प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल अवैध कॉलोनियों पर समय रहते रोक लगेगी, बल्कि शहर का विकास भी योजनाबद्ध और नियमों के अनुरूप किया जा सकेगा।