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इजरायल-हिजबुल्लाह का सीजफायर, क्या हैं डील की शर्तें

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इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम से जुड़ी सहमति बन गई है। ये युद्धविराम समझौता मिडिल ईस्ट में शांति के लिए किए गए एलान के बाद शुरू किया गया है। हालांकि, इस समझौते से गाजा में हमास के खिलाफ इजराइल के युद्ध पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जिसके खत्म होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। दोनों के बीच कई मुद्दों पर डील हुई है। 

ये  हैं डील की शर्तें

  • इजरायली कैबिनेट ने कल शाम 10-1 के वोट से अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते को मंजूरी दे दी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने “अच्छी खबर” का एलान करते हुए कहा कि संघर्ष विराम सुबह 4 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे) से प्रभावी होगा और यह लेबनान के लिए एक नई शुरुआत है।
  • हिजबुल्लाह, एकमात्र सशस्त्र समूह जिसने 1990 में लेबनानी गृहयुद्ध के बाद अपने हथियार सौंपने से इनकार कर दिया था, संघर्ष विराम वार्ता के दौरान मौजूद नहीं था। लेबनानी संसदीय अध्यक्ष नबीह बेरी ने हिजबुल्लाह की ओर से वार्ता में भाग लिया।
  • एक अधिकारी ने कहा, संघर्ष विराम के दौरान दोनों ओर से गोलीबारी बंद रहेगी। हालांकि, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के किसी भी उल्लंघन पर इजरायल की ओर से जोरदार जवाबी कार्रवाई होगी।
  • अधिकारी ने आगे ये भी कहा, संघर्ष विराम उन्हें गाजा और “ईरानी खतरे” पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देगा। जिससे इजरायली सेना को फिर से आपूर्ति करने का समय मिल जाएगा। नेतन्याहू ने कहा, “जब हिजबुल्लाह तस्वीर से बाहर हो जाएगा, तो हमास लड़ाई में अकेला रह जाएगा। उस पर हमारा दबाव बढ़ जाएगा।”
  • प्रधानमंत्री ने कहा, “हम हमास को खत्म करने का काम पूरा करेंगे, हम अपने सभी बंधकों को घर लाएंगे, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि गाजा अब इजरायल के लिए खतरा न बने और हम उत्तर के निवासियों को सुरक्षित घर वापस लौटाएंगे।”
  • एक अधिकारी ने कहा, संघर्ष विराम के हिस्से के रूप में, लेबनानी सेनाएं 60 दिनों के दौरान दक्षिण की ओर अपनी तैनाती शुरू करेंगी, जिससे इजरायल की लेबनानी क्षेत्र से वापसी होगी। समझौते के तहत हिजबुल्लाह को दक्षिणी सीमा से पीछे हटने और लितानी नदी की ओर बढ़ने की भी आवश्यकता है।
  • युद्धविराम का एलान सितंबर के बाद से बेरूत में सबसे भारी इजरायली हमले के दिन के बाद हुआ था। बुधवार की सुबह भी, युद्धविराम शुरू होने से एक घंटे से भी कम समय पहले, इजरायली सेना द्वारा निकासी के आदेश के लगभग दो घंटे बाद, दक्षिण बेरूत में हवाई हमले किए गए।
  • पूरे मध्य पूर्व में युद्ध छिड़ा हुआ है और इजरायल गाजा में हमास और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह से लड़ रहा है। इन समूहों को समर्थन देने को लेकर इजरायल और ईरान के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई है।
  • राष्ट्रपति ने कहा कि युद्धविराम गाजा में शत्रुता को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बनाया गया था और अमेरिका और उसके सहयोगी यह सुनिश्चित करने के लिए सभी सहायता प्रदान करेंगे कि समझौते को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
  • एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि लेबनान युद्धविराम गाजा में शत्रुता की समाप्ति सुनिश्चित करने और बंधकों को मुक्त कराने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

बहुत बड़ा हादसा : UP के पांच डॉक्टरों की दर्दनाक मौत

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UP के कन्नौज जिले में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक घायल हैं। कार बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़कर दूसरी तरफ ट्रक से टकरा गई। हादसे में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पांच डॉक्टरों की दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर तड़के साढ़े तीन बजे के करीब किलोमीटर संख्या 196 हादसा हुआ। हादसे में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के 5 डॉक्टरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का शिकार हुए सभी डॉक्टर लखनऊ से शादी समारोह से वापस लौट रहे थे।
सुबह 3:43 पर पुलिस कंट्रोल रुम से सूचना मिली कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 196 पर हादसा हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्कार्पियो आगरा जा रही थी, नींद आने के कारण कार डिवाइडर तोड़ कर आगरा से लखनऊ जाने वाली दिशा में पहुंच गई।
इसके बाद आगरा की तरफ से आ रहे ट्रक से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में अनिरुद्ध वर्मा पुत्र पवन कुमार वर्मा निवासी राधा विहार एक्सटेंशन कमला नगर आगरा समेत पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर घायल है। घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया है। शवों को मोर्चरी में रखा गया है।
बताया गया कि सभी मृतक डॉक्टर हैं और सैफई मेडिकल कॉलेज में पीजी कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ.दिलीप सिंह ने बताया कि सभी के परिजनों को सूचना दे दी गई है। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि ट्रक चालक मौके से भाग गया है। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि तिर्वा पुलिस को हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं।
मृतकों की पहचान
1. अनिरुद्ध वर्मा (29) पुत्र पवन कुमार वर्मा निवासी राधा विहार एक्सटेंशन, कमला नगर आगरा
2.संतोष कुमार मौर्य पुत्र जीत नारायण मौर्य निवासी राजपुरा भाग-3 भदोही संत रविदास नगर
3.अरुण कुमार पुत्र अंगद लाल निवासी तेरा मल्लू मोचीपुर, कन्नौज
4. नरदेव पुत्र राम लखन गंगवार निवासी बायपास रोड नजदीक श्याम चरण स्कूल नवाबगंज बरेली
5- एक व्यक्ति अज्ञात
जयवीर सिंह पुत्र करण सिंह निवासी बुद्ध विहार मुरादाबाद गंभीर घायल है। उसका इलाज चल रहा है।

महाराष्ट्र में अब तक तय नहीं हो पाया सीएम का नाम

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति को शानदार जीत मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री के सवाल पर फैसला आने में समय लग रहा है। महाराष्ट्र का सीएम कौन होगा इसको लेकर तीनों दल मंथन में लगे हैं। इस बीच एक समाचार चैनल ने बीजेपी सूत्रों के हवाले से बताया कि यह एक ऐसी प्रक्रिया होगी जिसमें भाजपा के राज्य कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। दरअसल, बीजेपी के कार्यकर्ता 2022 से ही देवेंद्र फडणवीस के लिए सीएम पद की मांग कर रहे हैं। हालांकि, पिछली गठबंधन की सरकार में एकनाथ शिंदे को शीर्ष नेतृत्व द्वारा यह भूमिका दी गई थी।
2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को जीत मिली है। वहीं, बीजेपी ने सर्वाधिक सीटों पर जीत हासिल की है। सबसे ज्यादा सीट होने के कारण बीजेपी के कार्यकर्ता देवेंद्र फडणवीस को सीएम चाहते हैं। वहीं, शिवसेना के कार्यकर्ता अपने नेता एकनाथ शिंदे को सीएम चाहते हैं।
शिंदे गुट के कुछ नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र दूसरा बिहार क्यों नहीं बन सकता, जहां चुनावों में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद नीतीश कुमार प्रमुख भूमिका में हैं। वहीं, सूत्रों की मानें तो अजित पवार इस बात के लिए तैयार हैं कि शीर्ष पद देवेंद्र फडणवीस को दिया जाए।
महाराष्ट्र विधानसभा के नतीजों के बाद बीजेपी के पास 132 विधायक हैं, शिवसेना के पास 57 और एनसीपी के पास 41 विधायक हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए के लिए 145 का आंकड़ा चाहिए। बीजेपी को इस आंकड़े तक जाने के लिए अपने सहयोगियों में से केवल एक की जरूरत है।
माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में सीएम के चेहरे पर एक से दो दिन में फैसला हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुख्यमंत्री चयन प्रक्रिया की निगरानी करने वाले पर्यवेक्षकों के नाम अगले एक-दो दिन में तय कर लिए जाएंगे। महाराष्ट्र में मिली जीत के के बाद वरिष्ठ मंत्रियों और पार्टी नेताओं को पर्यवेक्षक बनाने की तैयारी है ताकि बड़ा राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। जिसमें विधायकों से चर्चा के बाद नेता का चयन किया जाएगा। खबर है कि भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले सहयोगी दलों से चर्चा के बाद शीर्ष पद के बारे में फैसला किया जाएगा। सीएम एकनाथ शिंदे ने विगत दिनों अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नए सीएम के बनने तक राज्यपाल ने उनको कार्यवाहक सीएम बनाया है।

उत्तराखंड से बड़ी खबर, 6 माह के लिए टले पंचायत चुनाव

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देहरादून: स्थानीय निकाय के चुनाव के साथ ही सरकार ने पंचायत चुनाव को भी अगले 6 माह के लिए टाल दिया है। पंचायतों में प्रशंसकों की नियुक्ति के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। ऐसे में अब साफ हो गया है कि अगले छह माह तक पंचायत चुनाव नहीं कराए जाएंगे। जबकि निकाय चुनाव पहले ही टाले जा चुके हैं।

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पाकिस्तान में भयंकर बवाल, 6 जवानों की मौत, 100 से ज्यादा घायल

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जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी का प्रदर्शन इस्लामाबाद पहुंचते-पहुंचते हिंसक हो गया है। इमरान समर्थकों के साथ झड़प में छह सुरक्षाकर्मियों की जान गई और 100 से अधिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान की केंद्र सरकार ने राजधानी इस्लामाबाद में सेना उतार दी है। इमरान समर्थकों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है। उधर, इमरान खान समर्थक इस्लामाबाद के मध्य तक पहुंच चुके हैं।
जियो न्यूज के मुताबिक इमरान खान के समर्थक डी चौक पहुंच चुके हैं। डी चौक इस्लामाबाद का बेहद अहम इलाका है। इसी के आसपास राष्ट्रपति भवन, पीएम दफ्तर, सुप्रीम कोर्ट और संसद भवन स्थित है। इमरान खान की पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब तक इमरान खान को रिहा नहीं किया जाता है तब तक वह इस्लामाबाद में डटे रहेंगे।
इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी ने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब तक यहां इमरान खान खुद आकर अगली रणनीति का खुलासा नहीं करते हैं तब तक वे यहां से न हटें। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने दावा किया कि किसी को भी डी-चौक तक पहुंचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पीटीआई नेताओं को हर तरह से मनाने की कोशिश की। नकवी ने कहा, “हमने प्रदर्शनकारियों को संगजानी में जुटने का प्रस्ताव दिया। उनका पूरा नेतृत्व खूनखराबा नहीं चाहता। मगर एक गुप्त नेतृत्व है जो इस सब को नियंत्रित कर रहा है। वही विवाद का कारण है।
भारी बवाल के बाद शहबाज शरीफ सरकार ने सेना को उतार दिया है। सरकार का कहना है कि प्रदर्शन को विफल किया जाएगा। चाहे कर्फ्यू ही क्यों न लगाना पड़े। गृह मंत्री नकवी ने बताया कि हिंसा में 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हैं। इनमें अधिकांश पुलिसकर्मी हैं। पंजाब पुलिस के अनुसार सोमवार को पीटीआई प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में इस्लामाबाद के हकला इंटरचेंज पर एक पुलिसकर्मी की जान गई है।
श्रीनगर हाईवे पर एक वाहन ने पाकिस्तान रेंजर्स को टक्कर मार दी। इसमें चार जवानों की जान गई है। पांच अन्य रेंजर्स और कई पुलिस अधिकारी गंभीर घायल हैं। रावलपिंडी में चुंगी नंबर 26 पर सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी भी की गई। इस घटना में दो पुलिसकर्मी मारे गए हैं। इस बीच इमरान खान की पार्टी ने अधिकारियों पर हिंसा का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि हिंसा में दो समर्थक की जान गई है।

राज्यसभा की इन सीटों पर चुनाव की अधिसूचना जारी, 20 दिसंबर को वोटिंग और रिजल्ट एक साथ

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भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की छह खाली सीटों पर चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। 20 दिसंबर को चुनाव होंगे। उसी दिन नतीजे भी घोषित किए जाएंगे। आंध्र प्रदेश की तीन, ओडिशा, हरियाणा और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट पर चुनाव होंगे। 10 दिसंबर नामाकंन की आखिरी तारीख है।

11 दिसंबर को नामांकन पत्र की जांच होगी। 13 दिसंबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकते हैं। 20 दिसंबर को सुबह नौ से शाम चार बजे तक वोटिंग होगी। उसी दिन शाम पांच बजे से मतों की गणना होगी।

हरियाणा और महाराष्ट्र में मिली करारी हार के बाद राज्यसभा चुनाव में भी विपक्षी की बड़ी परीक्षा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन को भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन के सामने करारी हार का सामना करना पड़ा है। 

उत्तर भारत में पड़ेगी कंपकंपाने वाली ठंड, दिल्ली-NCR में तेजी से बदल रहा मौसम

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उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम के मौसम में तापमान में काफी गिरावट देखी जा रही है। पूरे उत्तर भारत का मौसम बदल रहा है और जल्द ही कड़ाके की सर्दी पड़ने वाली है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 2.7 डिग्री अधिक है। अब आगे बताते हैं, देश के अन्य राज्यों में मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग ने दिल्ली में 28 और 29 नवंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती है। ऐसे में लोगों को सड़क पर गाड़ी चलाते समय काफी ध्यान रखना होगा।

उत्तर प्रदेश की अगर बात करें तो वहां अगले दो दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य में सुबह और शाम कोहरा छाए रहने की संभावना है। साथ ही, तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अफगानिस्तान की ओर से आ रहे एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर प्रदेश में बदलाव देखने को मिलेंगे। इस विक्षोभ के कारण राज्य में हवा का रुख बदल जाएगा। हवा के रुख बदलने से तापमान में गिरावट होगी और कोहरा छाएगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में 26-30 नवंबर के दौरान सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। पंजाब-हरियाणा में भी 27,28 और 29 नवंबर को लोगों को कोहरे का एहसास हो सकता है। वहीं तमिनलाडु, आंध्रप्रदेश, पुडुचेरी, केरल में 28 नवंबर को तेज बारिश की संभावना है।

चुनाव में हार के बाद बोले संजय राउत ने कहा- EVM से जुड़ी 450 शिकायतें मिली…फिर कराएं चुनाव

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मुंबई। महाराष्ट्र की 288 विधासभा सीटों में 230 सीटों हासिल कर महायुति गठबंधन को बंपर जीत मिली है। दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना UBT, NCP शरद पवार) को 50 से भी कम सीटें हासिल हुई हैं। वहीं अब शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने चुनाव नतीजों पर सवाल खड़े किए हैं।
सांसद संजय राउत ने सोमवार को महाराष्ट्र में मतपत्रों से दोबारा चुनाव कराने की मांग की और दावा किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में अनियमितताएं हैं। पत्रकारों से बात करते हुए, राउत ने EVM में खराबी की कई शिकायतों का आरोप लगाया और हाल ही में हुए चुनावों की अखंडता पर भी सवाल उठाया। राउत ने आगे कहा, इस चुनाव में EVM एक बड़ा मुद्दा रहा है। इसलिए इस बार हम कहते हैं कि ये परिणाम को रखिए और ये चुनाव एक बार मतपत्र यानी बैलट पेपर पर करा लीजिए।
सांसद संजय राउत ने आगे कहा कि हमें EVM के संबंध में लगभग 450 शिकायतें मिली हैं। बार-बार आपत्तियां उठाने के बावजूद, इन मुद्दों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम कैसे कह सकते हैं कि ये चुनाव निष्पक्ष रूप से आयोजित किए गए थे? इसलिए, मैं मांग करता हूं कि नतीजों को अलग रखा जाए और दोबारा चुनाव कराए जाएं।
राउत ने  ये भी कहा कि नासिक में एक उम्मीदवार को अपने परिवार से 65 वोट होने के बावजूद कथित तौर पर केवल चार वोट मिले, जबकि डोंबिवली में ईवीएम के आंकड़ों में विसंगतियां पाई गईं और चुनाव अधिकारियों ने आपत्तियों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
संजय राउत (UBT) नेता ने कुछ उम्मीदवारों की भारी जीत की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया और कहा, “डेढ़ लाख से अधिक वोट प्राप्त करने के लिए उन्होंने कौन सा क्रांतिकारी काम किया है? यहां तक ​​कि हाल ही में दल बदलने वाले नेता भी विधायक बन गए हैं। इससे संदेह पैदा होता है। पहली बार शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता ने EVM को लेकर संदेह जताया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

‘दिल्ली में 5.30 लाख बुजुर्गों की पेंशन फिर से शुरू, हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये’

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आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के बुजुर्गों की पेंशन फिर से शुरू कर दी गई है। उन्होंने घोषणा की कि 60 से 69 साल के बुजुर्गों को हर महीने 2000 रुपये और 70 से ऊपर के बुजुर्गों के लिए 2500 रुपये हर महीनें पेंशन के रूप में मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली के 5.30 लाख बुजुर्गों को पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि 80 हजार नए बुजुर्ग इस योजना में जोड़े जा रहे हैं। इससे बुजुर्गों का आशीर्वाद हमें मिलेगा और हमारा राजस्व भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में दिल्ली के बुजुर्गों को सबसे ज्यादा पेंशन मिल रहा है।

IPS दीपम सेठ बने उत्तराखंड के 13वें DGP

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IPS दीपम सेठ उत्तराखंड के नए DGP बन गए हैं। गृह विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। दीपम सेठ ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटकर सोमवार को मूल कैडर ज्वाइन किया। ज्वाइन करते ही उन्हें DGP की जिम्मेदारी भी दे दी है।

 

दीपम सेठ 1995 बैच के IPS अधिकारी हैं। और वर्ष 2019 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। अभी उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी नहीं हुई थी कि शासन ने उन्हें वापस बुलाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था।

 

पत्र के एक दिन बाद ही केंद्र ने उन्हें रिलीव भी कर दिया। बता दें कि IPS दीपम सेठ उत्तराखंड कैडर के वर्तमान में सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। पिछले साल पूर्व डीजीपी अशोक कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद सेठ के वापस आने की चर्चाएं हुई थीं।