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उत्तराखंड : हरक सिंह रावत के गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में सैकड़ों करोड़ का घोटाला? 

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देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने धामी सरकार पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के दुरुपयोग का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने इसे सैकड़ों करोड़ रुपये का घोटाला बताते हुए कहा कि कोष की बंदरबांट हो रही है और राजनीतिक लाभ के लिए इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। हरक सिंह ने दावा किया कि जरूरतमंदों की बजाय भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों को व्यक्तिगत लाभ दिए जा रहे हैं।

हरक सिंह रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ये आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उधम सिंह नगर और चंपावत जिलों का जिक्र किया, जहां से सूचना मांगी गई थी। इन दस्तावेजों से पता चला कि दोनों जिलों में भाजपा पदाधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को हर साल कोष से आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा, “सूचना देने में देरी की गई और आधी-अधूरी जानकारी दी गई, लेकिन जो मिली, वह चौंकाने वाली है। ये मुख्यमंत्री से जुड़े जिले हैं, जहां जनता के पैसे का दुरुपयोग स्पष्ट है।”

कांग्रेस नेता ने कई नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर पूरे प्रदेश के 13 जिलों के आंकड़े सामने आ गए तो यह उत्तराखंड के इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कोष का इस्तेमाल सुव्यवस्थित तरीके से राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है, न कि जनकल्याण के लिए। हरक सिंह ने मांग की कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई उजागर हो सके। उन्होंने बताया कि अन्य जिलों में भी आरटीआई दाखिल की जा रही है, लेकिन सूचना उपलब्ध कराने में जानबूझकर देरी की जा रही है।

उत्तराखंड बड़ा खुलासा : NCERT की 11 करोड़ की 11 लाख 30 हजार नकली किताबें बरामद

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रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। किरतपुर क्षेत्र के एक गोदाम से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की करीब 11 लाख 30 हजार नकली पाठ्यपुस्तकें बरामद की गई हैं। इन किताबों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दिल्ली से पहुंची एनसीईआरटी की विशेष टीम ने मौके पर जांच के दौरान इन किताबों को पहली नजर में फर्जी घोषित कर दिया है।

मामले की शुरुआत 14 मार्च की शाम को मुखबिर की सूचना से हुई। रुद्रपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने गोदाम की निगरानी शुरू की। 15 मार्च की सुबह प्रशासनिक टीम ने गोदाम का ताला तोड़कर छापेमारी की। जांच में गोदाम से भारी मात्रा में एनसीईआरटी की किताबें बरामद हुईं। गिनती के दौरान कुल 11 लाख 30 हजार किताबें निकलीं, जबकि एक ट्रक में लदी अतिरिक्त किताबों की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है।

एनसीईआरटी के अधिकारी दीपक कौशिक ने मौके पर बताया, “बरामद किताबों की छपाई और इंक की गुणवत्ता स्थानीय स्तर की है। असली एनसीईआरटी किताबें केवल आईएसओ प्रमाणित प्रिंटिंग प्रेस में तय मानकों के अनुसार छपी जाती हैं। यह स्पष्ट है कि कुछ लोग मुनाफाखोरी के लालच में नकली किताबें छापकर बाजार में सप्लाई करने की कोशिश कर रहे थे।” टीम ने नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं और कुछ सैंपल दिल्ली स्थित एनसीईआरटी मुख्यालय भी जांच के लिए जाएंगे।

पुलिस को संदेह है कि कोई संगठित गिरोह लंबे समय से नकली किताबें छापकर स्कूलों और बाजार में सप्लाई कर रहा था। गोदाम मालिक और किराएदारों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने गोदाम से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

यह मामला शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इतनी बड़ी संख्या में नकली किताबों का जखीरा मिलना दर्शाता है कि कहीं न कहीं लापरवाही या मिलीभगत का नेटवर्क सक्रिय था। बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। प्रशासन और शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और गहन होगी। एनसीईआरटी और केंद्र सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है।

उत्तराखंड : कमर्शियल LPG संकट, सरकार ने जारी की SOP, रोजाना मिलेंगे इतने सिलिंडर

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देहरादून: उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कमी से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित होने की आशंका के बीच राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आनंद स्वरूप ने कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इस एसओपी के तहत प्रदेश में प्रतिदिन कुल 2650 व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि शीतकालीन पर्यटन और आगामी चारधाम यात्रा के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य प्रतिष्ठान प्रभावित न हों।

एसओपी के अनुसार, राज्य की तीन प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियां—आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल—अपनी बाजार हिस्सेदारी के आधार पर सिलिंडरों की आपूर्ति करेंगी। इन कंपनियों को जिलाधिकारियों को नियमित जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशानिर्देशों के आधार पर अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों की आवश्यकता पूरी करने के बाद दैनिक मांग का 20 प्रतिशत तक व्यावसायिक क्षेत्र के लिए आरक्षित किया जाएगा।

एसओपी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति की बैठक और तीनों गैस कंपनियों की सहमति से जारी की गई है। सिलिंडरों का वितरण जिलेवार कनेक्शन संख्या के आधार पर होगा। इसमें देहरादून को 31%, हरिद्वार और नैनीताल को 13-13%, ऊधमसिंह नगर को 9%, चमोली को 6%, रुद्रप्रयाग को 5% तथा अन्य जिलों को क्रमशः कम प्रतिशत आवंटित किया गया है।

प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सिलिंडर वितरण 

  • फार्मास्यूटिकल (लाइफ सेविंग ड्रग) कंपनियां: रोजाना 190 सिलिंडर.
  • होटल एवं रिजॉर्ट: रोजाना 750 सिलिंडर.
  • रेस्टोरेंट एवं ढाबा: रोजाना 1000 सिलिंडर.
  • सरकारी/नियंत्रित गेस्टहाउस: रोजाना 150 सिलिंडर.
  • डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण: रोजाना 130 सिलिंडर.
  • औद्योगिक कैंटीन: रोजाना 150 सिलिंडर.
  • पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावास: रोजाना 150 सिलिंडर.
  • होम स्टे एवं स्वयं सहायता समूह प्रतिष्ठान: रोजाना 130 सिलिंडर.

पर्यटन व्यवसायियों ने लंबे समय से गैस की कमी की शिकायत की थी, खासकर चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले। यह एसओपी पर्यटन उद्योग को स्थिर रखने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने सभी संबंधित पक्षों से एसओपी का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

काबुल में पाकिस्तानी वायुसेना की एयरस्ट्राइक से भारी तबाही, तालिबान का दावा- 400 से अधिक मौतें

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काबुल: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की सेना द्वारा किए गए लड़ाकू विमानों से हमलों ने एक बार फिर दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि इन हमलों में केवल सैन्य ठिकानों और आतंकवादी सुविधाओं को निशाना बनाया गया, जबकि तालिबान सरकार ने इसे नागरिकों पर हमला करार देते हुए भारी जनहानि की बात कही है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया और अफगान अधिकारियों की रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार रात को काबुल के ओमार एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल (एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल) पर की गई एयरस्ट्राइक में 400 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि 250 से ज्यादा घायल हुए हैं। तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि हमला स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे के आसपास हुआ, जिसमें अस्पताल की बड़ी हिस्से तबाह हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान ने शुरुआती मौतों की संख्या 200 बताई थी, जो बाद में बढ़कर 400 तक पहुंच गई।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि पाकिस्तान ने बेगुनाह नागरिकों, खासकर ड्रग एडिक्ट्स के इलाजरत मरीजों को निशाना बनाया। उन्होंने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया।

दूसरी ओर, पाकिस्तान की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हमले “सैन्य प्रतिष्ठानों” और “आतंकवादी समर्थन ढांचे” पर किए गए थे। पाकिस्तानी सेना ने इन हमलों को तालिबान द्वारा समर्थित टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई बताया।

यह घटना फरवरी 2026 से जारी अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सीमा पार हमले किए हैं। पाकिस्तान ने “ओपन वॉर” घोषित करते हुए ऑपरेशन घजब लिल हक शुरू किया था, जबकि तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संघर्ष रोकने की अपील की है।

हाईकोर्ट ने खारिज की केदारनाथ मंदिर के रावल पद पर नियुक्ति को लेकर दायर याचिका

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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केदारनाथ मंदिर के रावल पद पर नियुक्ति को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिका को समय से पहले और सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए खारिज किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में केदारनाथ मंदिर में रावल का पद रिक्त नहीं है।

याचिका केवल आशंका के आधार पर दायर की गई है कि भविष्य में बिना उचित प्रक्रिया के किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त किया जा सकता है, जबकि ऐसी कोई वर्तमान स्थिति नहीं है। इसलिए याचिकाकर्ताओं को इस स्तर पर कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता। याचिका शांतवीर शिवाचार्य हिरेमठ और एक अन्य याचिकाकर्ता द्वारा दायर की गई थी।

उन्होंने मांग की थी कि श्री बद्रीनाथ-श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम-1939 तथा प्रचलित परंपराओं के अनुसार केदारनाथ मंदिर में रावल पद के लिए उनकी उम्मीदवारी पर विचार किया जाए। साथ ही 22 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित कपाट उद्घाटन समारोह केवल वर्तमान रावल या विधिवत नियुक्त पुजारी द्वारा ही कराने के निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी।

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि केदारनाथ मंदिर में वर्तमान रावल अभी पद पर कार्यरत हैं और पद पर कोई रिक्ति नहीं है। कोर्ट ने याचिका की इस आधार पर खारिज करते हुए कहा कि केवल संभावित भविष्य की आशंका पर इस तरह की याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब केदारनाथ धाम में रावल पद से जुड़े कुछ अन्य विवादों की चर्चा भी चल रही है, लेकिन इस याचिका का सीधा संबंध वर्तमान रावल के उत्तराधिकार या अन्य मुद्दों से नहीं बताया गया। कोर्ट का यह निर्णय याचिकाकर्ताओं की मांग को फिलहाल खारिज करता है, जबकि पद रिक्त होने पर भविष्य में नई प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

चार धाम यात्रा: तीर्थयात्रियों को मिलेगा मजबूत स्वास्थ्य कवच, ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग

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देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) को सुरक्षित और स्वास्थ्य-सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रत्येक तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

डॉ. रावत ने कहा कि स्वस्थ एवं सुरक्षित यात्रा के लिए विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग, मुख्य पड़ावों और चारों धामों में स्थायी तथा अस्थायी चिकित्सा इकाइयों को पूरी तरह चाक-चौबंद किया जाएगा।

मुख्य स्वास्थ्य व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:

एम्बुलेंस व्यवस्था — यात्रा रूट पर कुल 177 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी, जिनमें 108 आपातकालीन सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस और कार्डियक एम्बुलेंस शामिल हैं। टिहरी में एक वॉटर एम्बुलेंस और एक हेली एम्बुलेंस भी मुस्तैद रहेगी, जिसका संचालन AIIMS ऋषिकेश के माध्यम से होगा। एम्बुलेंस का न्यूनतम रिस्पांस टाइम सुनिश्चित किया जाएगा ताकि समय पर इलाज मिल सके।

मेडिकल रिलीफ पोस्ट और स्क्रीनिंग प्वाइंट — यात्रा मार्ग पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे ऊंचाई से संबंधित बीमारियां) की जांच और उपचार किया जाएगा।

स्टाफ तैनाती — विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसरों, फार्मासिस्टों और पैरामेडिकल स्टाफ की रोटेशन आधार पर ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल ऑफिसर और 85 पैरामेडिकल स्टाफ 15 दिनों के रोस्टर पर तैनात रहेंगे। इसके अलावा 100 स्वास्थ्य मित्र भी यात्रा मार्ग पर मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे।

डॉ. रावत ने जोर दिया कि इन सभी व्यवस्थाओं से तीर्थयात्रियों को उच्च ऊंचाई वाली चुनौतियों से निपटने में आसानी होगी और आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सकेगी। ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल यात्रियों के स्वास्थ्य डेटा को ट्रैक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे पहले से ही जोखिम वाले मामलों की पहचान संभव हो सकेगी।

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भीषण हादसा, उत्तराखंड के चार युवकों की मौत, एक गंभीर घायल

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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में उत्तराखंड के हल्द्वानी और नैनीताल के चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसे मुरादाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा मूंढापांडे थाना क्षेत्र के मनकरा मोड़ के पास हुआ, जहां हल्द्वानी से दिल्ली जा रही तेज रफ्तार कार ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से पीछे से टकरा गई।

मूंढापांडे थाना एसएचओ मोहित कुमार ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और युवक अंदर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया और तत्काल मूंढापांडे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि पांच युवक हल्द्वानी-नैनीताल से दिल्ली की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक को नींद की झपकी आने से वाहन अनियंत्रित हो गया और तेज रफ्तार में ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

मृतकों की शिनाख्त 

  • अनिल नेगी (हल्द्वानी)
  • सुंदर सिंह (हल्द्वानी)
  • भुवन भंडारी (हल्द्वानी)
  • दयाल सिंह (हल्द्वानी), घायल युवक का नाम यशदीप पांडे (हल्द्वानी) बताया गया है।

सीएचसी मूंढापांडे की मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईशा सिंह ने बताया कि सभी युवकों को मल्टीपल इंजरी थीं। चार युवक ब्रेन डेड थे, जबकि एक को जिला अस्पताल भेजा गया। हादसे का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने और घायल की उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मृतकों के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास शुरू कर दिया है। हादसे के बाद राजमार्ग पर कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। जांच जारी है और ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

फिल्म ‘सिनर्स’ के स्टार माइकल बी. जॉर्डन को मिला 98वां ऑस्कर अवॉर्ड

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फिल्म ‘सिनर्स’ के स्टार माइकल बी. जॉर्डन के लिए 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स वाकई ऐतिहासिक रहे। रविवार, 15 मार्च 2026 को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में आयोजित इस समारोह में माइकल बी. जॉर्डन ने बेस्ट एक्टर इन ए लीडिंग रोल का ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया। यह उनका पहला ऑस्कर अवॉर्ड है और उनकी पहली नामांकन भी यही थी।

‘सिनर्स’ फिल्म में माइकल बी. जॉर्डन ने जुड़वां भाइयों स्मोक और स्टैक के ड्यूअल रोल निभाए थे। यह रयान कूगलर द्वारा निर्देशित सुपरनैचुरल हॉरर-ड्रामा फिल्म है, जो प्रोहिबिशन-एरा लुइसियाना में सेट है और इसमें वैम्पायर एलिगरी के जरिए रेस के मुद्दों को छुआ गया है। फिल्म 2025 में बॉक्स ऑफिस पर भी धमाल मचा चुकी है और क्रिटिक्स से जमकर तारीफ बटोरी थी।

ऑस्कर स्टेज पर अवॉर्ड स्वीकार करते हुए माइकल बी. जॉर्डन को खड़े होकर तालियां बजाई गईं। अपनी इमोशनल स्पीच में उन्होंने अपने परिवार, को-स्टार्स, डायरेक्टर रयान कूगलर का शुक्रिया अदा किया और उन ट्रेलब्लेजिंग ब्लैक एक्टर्स को याद किया जिन्होंने रास्ता बनाया—जैसे सिडनी पोइटियर, डेंजल वॉशिंगटन और हाले बेरी। उन्होंने कहा, “मैं यहां इसलिए खड़ा हूं क्योंकि उन लोगों ने रास्ता बनाया जो मेरे से पहले आए।”

यह जीत ब्लैक एक्टर्स के लिए भी मायने रखती है, क्योंकि माइकल अब लीड एक्टर कैटेगरी में ऑस्कर जीतने वाले छठे ब्लैक एक्टर बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने एक्टर अवॉर्ड्स (पूर्व SAG अवॉर्ड्स) में भी बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता था, जो ऑस्कर से पहले मूमेंटम का संकेत था।

‘सिनर्स’ ने कुल चार ऑस्कर जीते, जिसमें बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले (रयान कूगलर), बेस्ट ओरिजिनल स्कोर (लुडविग गोरांसन) और बेस्ट सिनेमेटोग्राफी (ऑटम ड्यूराल्ड आर्कापॉ) शामिल हैं, जिसमें ऑटम पहली महिला बनीं जिन्होंने यह अवॉर्ड जीता।

RSS का बड़ा बदलाव : यूपी-उत्तराखंड मिलाकर बनेगा ‘उत्तर क्षेत्र’, होंगे 85 अधिक संभाग

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव का खाका तैयार कर लिया है। हरियाणा के समालखा में तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) की बैठक के अंतिम दिन रविवार को यह प्रस्ताव अंतिम रूप दिया गया। सबसे अहम बदलाव उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के संगठन में किया गया है, जहां दोनों राज्यों को मिलाकर ‘उत्तर क्षेत्र’ (उत्तर क्षेत्र) बनाने का फैसला हुआ है। हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

संघ के सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव शताब्दी वर्ष (2025-2026) के बाद चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। फिलहाल नई नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं, लेकिन मार्च 2027 तक नई संरचना के आधार पर पदाधिकारियों की तैनाती हो सकती है। देश को अब 9 क्षेत्रों और लगभग 80-85 संभागों में बांटा जाएगा। प्रांत प्रचारक पद समाप्त हो जाएगा, जबकि संभाग स्तर पर स्थानीय शाखाओं, प्रशिक्षण वर्गों और सामाजिक गतिविधियों का संचालन अधिक प्रभावी होगा।

उत्तर प्रदेश में 10 संभाग

उत्तर प्रदेश में कुल 10 संभाग बनाए जाएंगे, जिनमें मेरठ, ब्रज, बरेली, लखनऊ, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, अयोध्या, काशी और गोरखपुर शामिल हैं। उत्तर क्षेत्र में यूपी और उत्तराखंड की अलग-अलग इकाइयां कार्य करेंगी, जिससे दोनों राज्यों में संघ की गतिविधियों का बेहतर समन्वय और विस्तार संभव होगा।

संघ के लिए उत्तर प्रदेश हमेशा से प्रमुख कार्यक्षेत्र रहा है, जहां शाखाओं, प्रशिक्षण और सामाजिक कार्यक्रमों की संख्या सबसे अधिक है। उत्तराखंड के साथ मिलाकर क्षेत्र बनाने से संगठन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी यूपी में नए पदाधिकारी

सूत्रों के मुताबिक, ब्रज क्षेत्र के पूर्व प्रांत प्रचारक और वर्तमान सह क्षेत्र संपर्क प्रमुख हरीश रौतेला को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्र संपर्क प्रमुख बनाया जाएगा। वहीं, मनोज मिखरा को पश्चिमी यूपी का क्षेत्रीय संगठन मंत्री नियुक्त करने पर सहमति बनी है।

आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बैठक के बाद बताया कि संगठन में विकेंद्रीकरण पर जोर दिया गया है। प्रांत व्यवस्था के स्थान पर छोटे संभाग बनाने से जमीनी स्तर पर कार्यकुशलता बढ़ेगी। बैठक में संघ के विस्तार पर भी चर्चा हुई, जहां शाखाओं की संख्या 88,949 से अधिक और स्थान 55,683 हो गए हैं। अंडमान, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और जनजातीय क्षेत्रों में भी संघ पहुंच चुका है।

उत्तराखंड में ताजा बर्फबारी, पर्यटक और किसान खुश

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उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। रविवार रात से शुरू हुई भारी बर्फबारी ने बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, औली, जोशीमठ, नीति-मलारी घाटी, पाणा-ईराणी गांवों और अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों को सफेद चादर से ढक दिया है। बदरीनाथ धाम में 3 से 4 फीट तक बर्फ जमा होने से मंदिर परिसर और आसपास की चोटियां चांदी की तरह चमक रही हैं, जिससे नजारा बेहद मनोरम और अलौकिक हो गया है।

बर्फबारी के कारण क्षेत्र में तापमान में तेज गिरावट आई है और कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बदरीनाथ में तापमान शून्य से नीचे -16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में बारिश से भी ठंड बढ़ी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव आया है। मार्च के मध्य में गर्मी बढ़ने और सूखे की आशंका थी, लेकिन अब बारिश-बर्फबारी से राहत मिली है।

पर्यटकों में खासा उत्साह है। औली में स्कीइंग और अन्य स्नो एक्टिविटीज का मजा लेने के लिए सैलानी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बर्फबारी के बाद दृश्य देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध है, हालांकि ठंड से सावधानी बरतनी पड़ रही है।

किसानों के लिए यह वरदान साबित हो रही है। स्थानीय काश्तकारों का कहना है कि समय पर बारिश और बर्फबारी से मिट्टी में नमी बनी रहती है, फसलें अच्छी पकती हैं और उत्पादन बढ़ता है। यदि सूखा पड़ता तो फसलों को नुकसान होता।

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को कुछ इलाकों में मौसम साफ रहा और धूप खिली, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बरकरार है। प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों से अपील की है कि बर्फबारी के दौरान सड़कों पर सतर्क रहें, आवश्यक सावधानियां बरतें और मौसम अपडेट फॉलो करें।