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चाइनीज AI टूल DeepSeek-R1 ने मचाया तहलका, OpenAI को दी कड़ी टक्कर

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक नई क्रांति आ गई है। चाइनीज स्टार्टअप DeepSeek द्वारा पेश किया गया नया एआई टूल DeepSeek-R1 ने दुनिया भर में तहलका मचा दिया है। इस टूल के लॉन्च होते ही टेक्नोलॉजी जगत में हड़कंप मच गया, यहां तक कि अमेरिका और यूरोप के बड़े तकनीकी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।

DeepSeek-R1: एक गेमचेंजर एआई टूल

चीन की कंपनी DeepSeek ने हाल ही में अपना नया लॉन्ग लैंग्वेज मॉडल (LLM) DeepSeek-R1 पेश किया है। यह मॉडल Mixture-of-Experts आर्किटेक्चर पर आधारित है और यह गणित, कोडिंग और सामान्य ज्ञान जैसे कार्यों में OpenAI के मॉडल o1 को कड़ी टक्कर दे रहा है।

सबसे खास बात यह है कि DeepSeek-R1, OpenAI के मॉडल की तुलना में 90-95% अधिक किफायती है, जिससे यह व्यापक रूप से उपयोग के लिए बेहद आकर्षक बन गया है। इसके अलावा, DeepSeek-R1 ओपन-सोर्स है, यानी इसे कोई भी मुफ्त में इस्तेमाल कर सकता है और डेवलपर्स इसके एपीआई को भी मुफ्त में एक्सेस कर सकते हैं।

शेयर मार्केट में आया भूचाल

DeepSeek-R1 के लॉन्च के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में हलचल मच गई। सोमवार को AI चिप्स के प्रमुख आपूर्तिकर्ता Nvidia के शेयरों में 14% की गिरावट देखी गई, जिससे कंपनी को 500 बिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ।

अमेरिका और यूरोप की अन्य तकनीकी कंपनियों ने भी गिरावट का सामना किया क्योंकि निवेशकों ने DeepSeek के कम लागत वाले दृष्टिकोण पर प्रतिक्रिया दी। OpenAI, गूगल और सिलिकॉन वैली की अन्य कंपनियां DeepSeek के इस कदम से परेशान नजर आ रही हैं।

DeepSeek-R1 की धुआंधार लोकप्रियता

DeepSeek-R1 के लॉन्च के बाद, यह पूरी दुनिया में तेजी से वायरल हो गया। महज 24 घंटे में Apple के App Store पर DeepSeek ऐप सबसे अधिक डाउनलोड किए जाने वाले फ्री ऐप्स की लिस्ट में शीर्ष पर पहुंच गया।

हालांकि, इसकी लोकप्रियता के बीच कंपनी पर एक बड़े साइबर अटैक की खबर भी सामने आई, जिसके चलते कंपनी ने नए रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक लगा दी। अब नए यूजर्स फिलहाल साइनअप नहीं कर पा रहे हैं, जिससे यूजर्स की बेसब्री बढ़ गई है।

OpenAI और DeepSeek की टक्कर

अब तक AI चैट टूल के मार्केट में OpenAI का ChatGPT एकछत्र राज कर रहा था, लेकिन DeepSeek के आने से यह बादशाहत खतरे में पड़ती दिख रही है।

  • OpenAI में करीब 4,000 कर्मचारी काम करते हैं, जबकि DeepSeek की टीम सिर्फ 200 लोगों की है। इसके बावजूद DeepSeek ने बेहद कम समय में दुनिया का ध्यान आकर्षित कर लिया है।
  • DeepSeek-R1, OpenAI के GPT मॉडल की तुलना में कम लागत में बेहतर परफॉर्मेंस देने का दावा कर रहा है।
  • DeepSeek-R1 फिलहाल फोटो और वीडियो जनरेशन में सक्षम नहीं है, लेकिन हिंदी, अंग्रेजी, चाइनीज, हिंग्लिश समेत कई भाषाओं में जवाब देने में सक्षम है।

DeepSeek की अगली रणनीति

DeepSeek का यह नया AI टूल न केवल OpenAI को चुनौती दे रहा है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या OpenAI और अन्य टेक दिग्गज इस नई प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए कोई नया कदम उठाते हैं।

DeepSeek-R1 की सफलता के साथ, एआई स्पेस में प्रतिस्पर्धा नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है। क्या DeepSeek AI के नए बादशाह के रूप में उभरेगा? यह तो समय ही बताएगा।

 

30 अप्रैल से शुरू होगी 2025 की चारधाम यात्रा, इस दिन निकाला जाएगा शुभ मुहूर्त

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देहरादून : विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी, रविवार 2 फरवरी को नरेंद्र नगर राजदरबार में पंचांग गणना के पश्चात तय की जाएगी। इसी के साथ इस वर्ष की उत्तराखंड चारधाम यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया, 30 अप्रैल से होगा। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारण हेतु रविवार, 2 फरवरी को सुबह 10:30 बजे से नरेंद्र नगर राजदरबार में धार्मिक समारोह आरंभ होगा।

विधिवत पूजा-अर्चना और पंचांग गणना के बाद श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। इसी दिन तेल कलश (गाडू घड़ा) यात्रा की तिथि भी निश्चित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए नरेंद्र नगर राजमहल और श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।

तेल कलश यात्रा की तैयारियां शुरू

30 जनवरी को मंदिर समिति श्री नृसिंह मंदिर, जोशीमठ में डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत को तेल कलश (गाडू घड़ा) सौंपेगी। योगबदरी पांडुकेश्वर और श्री नृसिंह मंदिर, जोशीमठ में पूजा-अर्चना के बाद पंचायत के प्रतिनिधि 2 फरवरी को इस कलश को राजमहल को सौंपेंगे। इसके बाद निर्धारित तिथि पर इस कलश में तिलों का तेल भरकर कपाट खुलने के दिन श्री बदरीनाथ धाम ले जाया जाएगा।

समारोह में गणमान्य लोग होंगे शामिल

कपाट खुलने की तिथि तय करने के इस विशेष समारोह में महाराजा मनुजयेंद्र शाह, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राजकुमारी शिरजा शाह, राजपुरोहित कृष्ण प्रसाद उनियाल, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, सहायक अभियंता विपिन तिवारी, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट सहित डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी, संतगण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि शिवरात्रि को होगी घोषित

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि, बुधवार 26 फरवरी को श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पंचांग गणना के बाद रावल, धर्माधिकारी और वेदपाठी द्वारा घोषित की जाएगी।

चारधाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल से

इस वर्ष उत्तराखंड चारधाम यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया, 30 अप्रैल से होगा। परंपरागत रूप से इस दिन श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हालांकि, श्री गंगोत्री मंदिर समिति हिंदू नव वर्ष के अवसर पर गंगोत्री धाम के कपाट खुलने की औपचारिक घोषणा करेगी, जबकि श्री यमुनोत्री मंदिर समिति यमुना जयंती पर यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने और देव डोलियों के धाम पहुंचने के कार्यक्रम की जानकारी देगी।

इसी के साथ उत्तराखंड चारधाम यात्रा की तैयारियां भी आरंभ हो जाएंगी। द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि बैशाखी के दिन तय की जाएगी।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आकर भगवान बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर पुण्य अर्जित करते हैं।

BREAKINGS NEWS HARYANA : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर मिली पैरोल

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सिरसा : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर से 20 दिन की पैरोल मिल गई है। सूत्रों के अनुसार, रोहतक जेल प्रशासन ने गुपचुप तरीके से मंगलवार सुबह 5:26 बजे राम रहीम को जेल से रिहा किया। इस बार वह यूपी के बरनावा आश्रम की बजाय सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में रहेगा।

8 साल बाद सिरसा में किया प्रवेश

गुरमीत राम रहीम लगभग 8 साल बाद सिरसा डेरा मुख्यालय पहुंचा है। उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल से बाहर निकाला गया। जानकारी के मुताबिक, हनीप्रीत स्वयं सिरसा से दो गाड़ियों के साथ उसे लेने रोहतक जेल पहुंची थी। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

2017 के बाद 12वीं बार जेल से बाहर आया राम रहीम

राम रहीम को 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल भेजा गया था। इसके बाद से अब तक यह 12वीं बार है जब उसे जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है।

राम रहीम को कब-कब मिली पैरोल और फरलो?

  • 24 अक्टूबर 2020: अस्पताल में भर्ती अपनी मां से मिलने के लिए 1 दिन की पैरोल।
  • 21 मई 2021: मां से मिलने के लिए 12 घंटे की पैरोल।
  • 7 फरवरी 2022: परिवार से मिलने के लिए 21 दिन की फरलो।
  • जून 2022: 30 दिन की पैरोल, यूपी के बागपत आश्रम गया।
  • 14 अक्टूबर 2022: 40 दिन की पैरोल, इस दौरान म्यूजिक वीडियो बनाए।
  • 21 जनवरी 2023: शाह सतनाम सिंह की जयंती में शामिल होने के लिए 40 दिन की पैरोल।
  • 20 जुलाई 2023: 30 दिन की पैरोल।
  • 21 नवंबर 2023: 21 दिन की फरलो, बागपत आश्रम गया।
  • 19 जनवरी 2024: 50 दिन की फरलो पर जेल से बाहर आया।
  • 13 अगस्त 2024: 21 दिन की फरलो, बागपत आश्रम पहुंचा।
  • 2 अक्टूबर 2024: 20 दिन की पैरोल, यूपी के बरनावा आश्रम में बिताए।
  • 28 जनवरी 2025: 20 दिन की पैरोल, सिरसा डेरा में प्रवास।

सिरसा डेरा में रहेगा राम रहीम

इस बार राम रहीम को सिरसा में ही रहने की अनुमति दी गई है। बताया जा रहा है कि उसके आने से पहले ही डेरा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया था। प्रशासन ने पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है।

दिल्ली बुराड़ी बिल्डिंग हादसा, दो लड़कियों की मौत, 13 को किया गया रेस्क्यू

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बुराड़ी के कौशिक एंक्लेव क्षेत्र में बीती शाम एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। घटना के समय इमारत में मजदूर और उनके परिवार के करीब दस से 15 लोग मौजूद थे। पुलिस के अलावा दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन, नगर निगम समेत अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। वहीं इस हादसे पर मुख्यमंत्री आतिशी ने दुख जताया है।

बुराड़ी में इमारत गिरने की यह घटना बेहद दुखद है। मैंने स्थानीय प्रशासन से बात की है कि राहत और बचाव कार्य तेज़ी से सुनिश्चित किया जाएं। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी। बुराड़ी हादसे में अब तक दो की मौत हो चुकी है।

वहीं, इमारत गिरने से कई लोग दबे थे, जिनको बुराड़ी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 13 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुराड़ी हादसे में सात साल की बच्ची राधिका की मौत हो गई है। वहीं साधना नाम की एक 17 साल की युवती की मौत हो गई है। इमारत गिरने से 12 लोग घायल है,  जिनको बुराड़ी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें से पांच घायलों को ट्रामा में भर्ती कराया गया है।

उत्तराखंड यूसीसी की प्रमुख बातें, यहां संक्षिप्त में पढ़ें हर बात

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उत्तराखंड सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code, UCC) को लागू करने की घोषणा कर दी है। यह कदम नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, और लिव-इन संबंधों से जुड़े नियमों को एकीकृत करेगा। अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को छोड़कर, यह संहिता पूरे राज्य और राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के निवासियों पर लागू होगी।

मुख्य बिंदु:

1. प्रशासनिक ढांचा:

– रजिस्ट्रार जनरल: सचिव स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। इनके पास रजिस्ट्रार/सब-रजिस्ट्रार के आदेशों के खिलाफ 60 दिनों में अपील सुनने का अधिकार होगा।

– रजिस्ट्रार और सब-रजिस्ट्रार:

– ग्रामीण क्षेत्र: एसडीएम और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी।

– नगरीय क्षेत्र: नगर पालिका में कार्यकारी अधिकारी और नगर निगम में कर निरीक्षक।

– छावनी क्षेत्र: सीईओ और रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर।

2. विवाह पंजीकरण:

– 26 मार्च 2010 से अब तक हुए विवाह: संहिता लागू होने की तिथि से 6 महीने के भीतर पंजीकरण अनिवार्य।

– नए विवाह: विवाह की तिथि से 60 दिन के भीतर पंजीकरण कराना होगा।

3. लिव-इन संबंध

– मौजूदा संबंध: संहिता लागू होने के 1 महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा।

– नए संबंध: संबंध शुरू होने के 1 महीने के भीतर पंजीकरण अनिवार्य।

– समाप्ति एक साथी द्वारा आवेदन करने पर दूसरे साथी की पुष्टि आवश्यक। गर्भावस्था की स्थिति में रजिस्ट्रार को तुरंत सूचित करना होगा।

4. तलाक और विवाह विच्छेद

– तलाक के आवेदन में विवाह पंजीकरण प्रमाण, कोर्ट केस नंबर, बच्चों का विवरण और अदालती आदेश की कॉपी जमा करनी होगी।

5. वसीयत और उत्तराधिकार

– वसीयत तीन तरीकों से बनाई जा सकेगी:

– ऑनलाइन फॉर्म भरकर।

– हस्तलिखित/टाइप्ड दस्तावेज़ अपलोड करके।

– 3 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग में मौखिक वसीयत।

6. अपील और शिकायत

– सब-रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ **30 दिन** के भीतर रजिस्ट्रार और फिर रजिस्ट्रार जनरल के पास अपील की जा सकेगी।

– ऑनलाइन पोर्टल या ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने का प्रावधान।

जुर्माना और निगरानी

– नियमों का उल्लंघन करने या समय सीमा में आवेदन न करने पर जुर्माना लगेगा।

– पंजीकरण में गड़बड़ी या अधूरी जानकारी मिलने पर माता-पिता/अभिभावकों को सूचित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 530 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र किए वितरित

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कुल 530 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने 352 स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला ए.एन.एम) एवं उत्तराखण्ड वन विकास निगम के 178 स्केलर के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन पूरे भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता कानून” लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। ऐसे शुभ दिन सभी लोगों को नियुक्ति पत्र देना हमारे लिए भी सम्मान की बात है।

नियुक्ति पा रहे सभी लोगों के जीवन का आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा सभी की नियुक्तियों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी गति मिलेगी। एएनएम बहनें हमारी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत आधार स्तंभ हैं, जो समाज के प्रत्येक परिवार और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक सेतु का कार्य करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए यह कालखंड रोजगार का कालखंड रहा है। उन्होंने कहा पहले उत्तराखंड में भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था।

राज्य सरकार ने योग्य उम्मीदवारों और प्रतिभाओं का भविष्य बचाने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है ।हमारा राज्य युवाओं को रोजगार देने में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, हमने एक वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई एएनएम स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बल मिलेगा। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाते हुए राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

जिसके माध्यम से, अब तक प्रदेश के 11 लाख से अधिक मरीजों को लगभग 2100 करोड़ रुपए का कैशलेस उपचार मिल चुका है। हम राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रहे हैं ताकि हमारे सुदूरवर्ती और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा वन विभाग में स्केलर के 178 पदों के लिए भी नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा रहे हैं। स्केलर की जिम्मेदारी वनों की देखभाल के साथ राज्य के पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता की सुरक्षा भी है।

ICC Awards: जसप्रीत बुमराह बने 2024 के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर

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र गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को 2024 का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर चुना गया है। इस पुरस्कार के लिए भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के अलावा इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट, इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक और श्रीलंका के कामिंदु मेंडिस भी नामित थे लेकिन बुमराह ने इन सभी को पछाड़कर पुरस्कार जीता।

बुमराह ने हाल ही में टेस्ट में 200 विकेट पूरे किए थे। बुमराह 2024 में टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने 13 मैच में 14.92 की औसत और 30.16 के स्ट्राइक रेट से 71 विकेट चटकाए, जो पारंपरिक प्रारूप में किसी भी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। आईसीसी ने पर्थ में बुमराह के मैच का रुख बदलने वाले स्पैल को उनके सबसे यादगार प्रदर्शन में से एक माना था जिसकी बदौलत भारत ने 295 रन से जीत दर्ज की।

पिछले कैलेंडर वर्ष में बुमराह ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 71 विकेट चटकाए और इस प्रारूप में सबसे सफल गेंदबाज रहे। चाहे दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियां हों या स्वदेश में तेज गेंदबाजों के लिए कठिन परिस्थितियां, बुमराह ने पूरे साल प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इस तेज गेंदबाज ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। 71 विकेट लेने के बाद बुमराह एक कैलेंडर वर्ष में 70 से अधिक टेस्ट विकेट लेने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज बने। इस तरह वह रविचंद्रन अश्विन, अनिल कुंबले और कपिल देव की लिस्ट में शामिल हो गए।

पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

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खानपुर से विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच हुए विवाद के बाद चैंपियन को गिरफ्तार कर लिया गया था। आज उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। प्रभारी संयुक्त निरीक्षक अभियोजन हरिद्वार, रिंकू वर्मा ने इसकी पुष्टि की है।  

कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के सैकड़ों समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया और एसपी देहात शेखर सुयाल चंद्र खुद मौके पर व्यवस्था संभाल रहे हैं। कई थाने की फोर्स के अलावा पीएसी भी कोर्ट परिसर और आसपास लगा दी गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला रविवार को तब शुरू हुआ जब पूर्व विधायक चैंपियन की ओर से विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर गोली चलाई गई। इसके बाद विधायक उमेश कुमार चैंपियन के कार्यालय पर हाथ में पिस्टल लेकर पहुंच गए।

पुलिस ने किसी तरह उन्हें रोका और दोनों के समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इसके बाद दोनों के कैंप कार्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी बीच पुलिस ने चैंपियन को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें देहरादून के नेहरू कालोनी थाने में ले जाया गया।

चैंपियन पर खानपुर विधायक उमेश कुमार के आवास पर फायरिंग और मारपीट के आरोप लगे हैं। हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

सुरक्षा व्यवस्था

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि सोमवार की दोपहर पूर्व विधायक और विधायक के साथ-साथ उनके समर्थकों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आसपास पुलिस तैनात की गई है और दोनों के समर्थकों पर पैनी नजर रखी जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी पैदा कर दी है और अब सभी की नजरें कोर्ट के आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।

JPC की बैठक खत्म, सरकार के 14 संशोधन पारित

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वक्फ संशोधन बिल पर बनी JPC बैठक में आज समाप्त हो गई। संसदीय समिति ने सोमवार को सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी 14 संशोधनों को स्वीकार कर लिया।
वहीं, विपक्षी सदस्यों द्वारा पेश किए गए हर बदलाव को अस्वीकार कर दिया। समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि समिति द्वारा अपनाये गए संशोधनों से कानून बेहतर और प्रभावी बनेगा।
हालांकि, विपक्षी सांसदों ने बैठक की कार्यवाही की निंदा की और पाल पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को “विकृत” करने का आरोप लगाया। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि यह एक हास्यास्पद कवायद थी। हमारी बात नहीं सुनी गई। पाल ने तानाशाही तरीके से काम किया है।
वहीं, जगदंबिका पाल ने विपक्ष के सभी आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक थी और बहुमत का नजरिया कायम रहा। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि आज खंड-दर-खंड बैठक हुई। विपक्षी सदस्यों ने 44 खंडों पर संशोधन पेश किए। मैंने सदस्यों से पूछा कि क्या वे संशोधन पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे संशोधन पेश करेंगे। इससे ज़्यादा लोकतांत्रिक कुछ नहीं हो सकता। आज जिस तरह के संशोधन पारित हुए हैं।  मुझे लगता है कि इससे बेहतर विधेयक तैयार होगा।

उत्तराखंड में लागू हुआ UCC, CM ने किया पोर्टल और नियमावली का लोकार्पण

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उत्तराखंड के इतिहास में आज से एक नया पन्ना जुड़ गया है। राज्य में आज से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो गया है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC पोर्टल और नियमावली का लोकार्पण किया। लागू होने की अधिसूचना भी जारी हो गई है। इस तरह उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया।

समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट दो फरवरी 2024 को सरकार को सौंपी थी। इसके बाद आठ मार्च 2024 को विधानसभा में विधेयक पारित किया गया। विधानसभा से पास होने के बाद इस इसे राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए भेजा गया।
यहां से 12 मार्च 2024 को इस अधिनियम पर राष्ट्रपति का अनुमोदन मिल गया। इसके बाद यूसीसी के क्रियान्वयन के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाएं लागू की गईं। नागरिकों और अधिकारियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किए गए। बीती 20 जनवरी को यूसीसी की नियमावली को अंतिम रूप देकर कैबिनेट ने इसे पास कर दिया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि समिति ने कई सालों की मेहनत के बाद यूसीसी को तैयार किया है। यह हमारे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। समाज पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पंजीकरण की प्रक्रिया को भी आसान किया गया है। UCC समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि पंजीकरण को आसान बनाया गया है। आप एक बार हमारे पोर्टल पर आइए। फिर आप सिस्टम के पास नहीं सिस्टम आपके पास आएगा।

सीएम धामी ने कहा कि यह हमारे प्रदेश क ही नहीं बल्कि देश के लिए भी एतिहासिक दिन है। यूसीसी रूपी गंगा को निकालने का श्रेय देवभूमि की जानता को जाता है। आज अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है। मैं आज भावुक भी हो रहा हूं। इसी क्षण से समान नागरिक संहिता लागू हो रही है। सभी नागरिकों के अधिकार सामान हो रहे हैं।

सभी धर्म की महिलाओं के अधिकार भी समान हो रहे हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को भी धन्यवाद देता हूं उन्हीं के सहयोग से यह सब हो रहा है। जस्टिस प्रमोद कोहली और समिति का धन्यवाद करता हूं। विधानसभा के सभी सदस्यों का धन्यवाद है। आईटी विभाग और पुलिस गृह विभाग सबका धन्यवाद। जो हमने संकल्प लिया था। जो वादा किया था वह पूरा किया।

UCC के बाद बदलाव

  • सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही कानून।
  • 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
  • पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना।
  • पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
  • विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
  • महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
  • हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
  • कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
  • एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
  • पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
  • संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
  • जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
  • नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
  • गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
  • किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
  • कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
  • लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
  • लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
  • लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।