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दुष्कर्म के मामले में कांग्रेस सांसद गिरफ्तार, प्रेस वार्ता के बीच उठा ले गई पुलिस

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उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को दुष्कर्म के आरोप में गुरुवार को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। महिला की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के 12 दिन बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के समय सांसद लोहारबाग स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

सांसद ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

गिरफ्तारी से पहले पत्रकारों से बातचीत में सांसद राकेश राठौर ने आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ा था, जिसके बाद उनके खिलाफ यह साजिश रची गई। उन्होंने अदालत और ईश्वर पर पूरा भरोसा जताया। साथ ही उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा, “मेरी सदस्यता रद्द कराने की मांग करने वाले पहले चुनाव जीतें और सांसद लिखना सीखें, उसके बाद कोई मांग उठाएं।”

पुलिस ने कोतवाली ले जाकर दर्ज किए बयान

गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस ने सांसद को गिरफ्तार कर कोतवाली ले जाकर उनके बयान दर्ज किए। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। उधर, सांसद के परिजन और समर्थक बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे और इस गिरफ्तारी का विरोध जताया।

महिला का आरोप: राजनीति में चमकाने का दिया था भरोसा

पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2018 में, जब राकेश राठौर विधायक थे, तब उनकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद राठौर ने उन्हें संरक्षण देकर राजनीति में आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया। कुछ समय बाद उन्होंने महिला को एक जातीय संगठन का महिला अध्यक्ष बनाया और निकटता बढ़ाई।

पीड़िता के अनुसार, साल 2020 में राकेश राठौर ने उसे घर बुलाकर जबरन दुष्कर्म किया। जब महिला ने विरोध किया, तो राठौर ने पत्नी से तलाक लेकर शादी करने का वादा किया। इसके बाद उन्होंने कई बार पीड़िता का शोषण किया।

सांसद बनने के बाद भी किया शोषण

महिला का आरोप है कि 24 अगस्त 2024 को, सांसद बनने के बाद, राकेश राठौर ने उसे अपने घर बुलाया। इस दौरान उन्होंने पीड़िता से एक सादे कागज पर आपत्तिजनक बातें लिखवाकर जबरन हस्ताक्षर करवाए और धमकी दी कि अगर उसने विरोध किया, तो उसे बदनाम कर देंगे। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो जान-माल की धमकी दी गई।

पीड़िता ने पुलिस को दिए साक्ष्य

लोकलाज के डर से पीड़िता अब तक चुप रही, लेकिन सांसद द्वारा लगातार शोषण किए जाने पर वह पुलिस के पास पहुंची और अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और जांच के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

 

जेके सीमेंट प्लांट में बड़ा हादसा, 5 मजदूरों की मौत, 50 घायल

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पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित जेके सीमेंट प्लांट में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। प्लांट के निर्माणाधीन हिस्से में छत की स्लैब डाले जाने के दौरान भाड़ा (स्कैफोल्डिंग) अचानक गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब 50 मजदूर घायल हो गए।

हादसे के समय सैकड़ों मजदूर कर रहे थे काम

जानकारी के मुताबिक, जेके सीमेंट प्लांट में निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा था। गुरुवार सुबह छत की स्लैब डालने का कार्य किया जा रहा था, जिसमें सैकड़ों मजदूर लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक स्कैफोल्डिंग (भाड़ा) गिर गया, जिसके नीचे कई मजदूर दब गए। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन और घायलों का इलाज जारी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर फंसे मजदूरों को बाहर निकाला गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने बताया कि गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।

जांच के आदेश, प्रशासनिक लापरवाही का शक

इस हादसे के पीछे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान उचित सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते इतना बड़ा हादसा हुआ। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।

मजदूरों के परिवारों में शोक, मुआवजे की मांग

हादसे में मृत मजदूरों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन और स्थानीय लोग सरकार से मुआवजे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की बात कही गई है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

गौरतलब है कि जेके सीमेंट प्लांट में पहले भी सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इससे पहले भी यहां छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस बार यह सबसे भीषण दुर्घटना मानी जा रही है। प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? और यदि ऐसा है, तो यह बड़ी लापरवाही मानी जाएगी।

दिल्ली में ‘पंजाब सरकार’ लिखी कार से जब्त हुई नकदी, संजय सिंह ने EC से की जांच की मांग

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दिल्ली में बुधवार रात को पंजाब भवन के पास एक संदिग्ध कार से बड़ी मात्रा में नकदी, शराब और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रचार सामग्री के पैम्फलेट्स जब्त किए गए। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

संजय सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा, “दिल्ली में यह इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई? ये फर्जी नंबर प्लेट वाली कार कैसे दिल्ली में आई? क्या इसका मतलब यह है कि कोई भी आतंकवादी दिल्ली में प्रवेश कर सकता है?” उन्होंने सवाल उठाया कि फर्जी नंबर प्लेट की कार कहां से आई और क्या चुनाव आयोग इस मामले पर ध्यान दे रहा है।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस मामले में बीजेपी का हाथ हो सकता है, और कहा कि अगर दिल्ली पुलिस बीजेपी से जुड़ी नहीं है तो यह कैसे संभव है कि एक ऐसी कार शहर में आई हो, जो किसी और की नंबर प्लेट पर चल रही हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ने यह पुष्टि की है कि उनके बेड़े में इस मॉडल की कोई सरकारी कार नहीं है।

जांच में यह पाया गया कि जिस कार में ये सामान मिला, उस पर एक फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी, जो दरअसल मेजर अनुभव सिंह पुरी की कार की थी, जो पहले आर्मी डेंटल कॉलेज, पठानकोट में तैनात थे। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने इस कार का उपयोग आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए किया।

वहीं, कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी संदीप दीक्षित ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी पिछले दस सालों से फर्जीवाड़ा कर रही है और पंजाब पुलिस के जवान दिल्ली के नाभा हाउस में लोगों को धमका रहे हैं कि अगर उन्होंने पार्टी के बाहर किसी को प्रचार करने दिया, तो उनकी नौकरी चली जाएगी।

संदीप दीक्षित ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि वे नाभा हाउस का दौरा करें और यह पता लगाएं कि पंजाब पुलिस के जवान वहां क्यों तैनात हैं और आम आदमी पार्टी इसका दुरुपयोग क्यों कर रही है। यह मामला दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक नया राजनीतिक मोड़ लेकर सामने आया है, जिससे राज्य के चुनावी माहौल में खलबली मच गई है।

शाहिद कपूर की ‘देवा’ ने रिलीज से पहले मचाया धमाल, एडवांस बुकिंग में कमा लिए लाखों

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बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) अपनी नई फिल्म ‘देवा’ (Deva) के साथ एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने के लिए तैयार हैं। दमदार एक्शन और इंटेंस लुक के साथ शाहिद इस बार एक पावरफुल किरदार में नजर आएंगे। फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद फैंस की उत्सुकता चरम पर है, जिसका असर अब फिल्म की एडवांस बुकिंग पर भी साफ नजर आ रहा है।

एडवांस बुकिंग में जबरदस्त कमाई

शाहिद कपूर की ‘देवा’ 31 जनवरी 2024 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म की एडवांस बुकिंग ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। Sacnilk.com की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘देवा’ ने 55.43 लाख रुपए की एडवांस बुकिंग कर ली है। अब तक फिल्म के 23 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके हैं और इसे 6,673 शोज मिले हैं। यह आंकड़ा 30 जनवरी की सुबह तक का है, जबकि शाम तक यह आंकड़ा 1 से 1.5 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

शाहिद कपूर का दमदार अवतार

‘देवा’ में शाहिद कपूर जबरदस्त एक्शन करते नजर आएंगे। ट्रेलर में उनका लुक और स्टाइल देखकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं। फिल्म में शाहिद एक फियरलेस पुलिस ऑफिसर के किरदार में दिखेंगे, जो समाज के दुश्मनों से लड़ाई लड़ता है।

‘कबीर सिंह’ के बाद फिर दिखेगा शाहिद का एंग्री अवतार

‘देवा’ से पहले शाहिद कपूर ‘कबीर सिंह’, ‘जर्सी’, ‘ब्लडी डैडी’ और ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ जैसी फिल्मों में दमदार परफॉर्मेंस दे चुके हैं। खासतौर पर संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी ‘कबीर सिंह’ ने शाहिद के करियर को नई ऊंचाई दी थी। इसके बाद से ही अभिनेता लगातार चुनौतीपूर्ण और इंटेंस किरदारों में नजर आ रहे हैं।

फैंस को रिलीज का इंतजार

शाहिद कपूर की ‘देवा’ को लेकर फैंस काफी उत्साहित हैं। फिल्म की एडवांस बुकिंग के आंकड़े यह साफ दिखा रहे हैं कि दर्शकों में इसे लेकर जबरदस्त क्रेज है। अब देखना होगा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना धमाल मचाती है।

 

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 29 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महिलाएं भी शामिल

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छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सल प्रभावित कुतुल एरिया कमेटी के 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 22 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रभात कुमार के सामने इन नक्सलियों ने अपने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने की घोषणा की। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी।

एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे सबसे बड़ा कारण जिले में हो रहे तेज़ी से विकास कार्य हैं। क्षेत्र में बन रही नई सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि से प्रभावित होकर कई नक्सली संगठन के विचारों से मोहभंग होने लगे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत नक्सलियों को घर, रोजगार और सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें अपने परिवारों के साथ सामान्य जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार द्वारा 25,000 रुपये का इनाम चेक दिया गया है। इसके अलावा, पुनर्वास नीति के तहत इन्हें विभिन्न लाभ दिए जाएंगे, जिनमें आवास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा शामिल हैं।

एसपी प्रभात कुमार के अनुसार, 2024 से अब तक नारायणपुर जिले में विभिन्न रैंकों के 71 से अधिक माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके अलावा, 60 से अधिक माओवादी सुरक्षा बलों के अभियानों में मारे गए हैं, जबकि 50 से अधिक को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों से माओवादी संगठन की पकड़ कमजोर पड़ रही है और क्षेत्र में शांति बहाल हो रही है।

एसपी ने बाकी बचे नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर वे अपने परिवारों के साथ सुरक्षित जीवन जी सकते हैं और अपने समुदाय के विकास में योगदान दे सकते हैं। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है, बल्कि विकास और शांति ही सही रास्ता है।”

नारायणपुर जिले का अबूझमाड़ क्षेत्र, जो लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहा है, अब धीरे-धीरे बदल रहा है। लगातार चल रहे विकास कार्य, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या से यह संकेत मिल रहा है कि जल्द ही इस क्षेत्र में शांति बहाल होगी और लोग सामान्य जीवन जी सकेंगे।

अमेरिका में यात्री विमान और हेलीकॉप्टर की टक्कर, पोटोमैक नदी में गिरा विमान

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वाशिंगटन डीसी: रोनाल्ड रीगन एयरपोर्ट के पास एक यात्री विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैकहॉक (H-60) हेलीकॉप्टर की टक्कर हो गई। कनाडा एयर का यह विमान कंसास सिटी से वाशिंगटन आ रहा था। टक्कर के बाद विमान पोटोमैक नदी में गिर गया, और बचाव अभियान जारी है।

घटना के बाद सभी उड़ानें रोक दी गईं। सोशल मीडिया पर वीडियो में देखा गया कि टक्कर के बाद विमान आग का गोला बन गया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज ने पुष्टि की कि इस दुर्घटना में मौतें हुई हैं, लेकिन संख्या स्पष्ट नहीं है। एयरलाइन कंपनी ने हादसे की पुष्टि करते हुए दुख जताया है।

मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में तीनों पीठों के शंकराचार्यों ने लगाई पवित्र डुबकी

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प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के ऐतिहासिक अवसर पर आज मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर मध्याह्न के अभिजित मुहूर्त में शुभ चौघड़िया और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में त्रिवेणी संगम की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इसके उपरांत सनातन परंपरा के तीनों प्रमुख पीठों के पूज्य शंकराचार्यों ने एक साथ पवित्र त्रिवेणी संगम में धार्मिक स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

एकता और सनातन संस्कृति का भव्य संगम

पूज्यपाद श्रृंगेरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती जी महाराज, पूज्यपाद द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज, परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ जी महाराज ने एक साथ त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। यह क्षण केवल आध्यात्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और धर्म की अखंडता के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक और अनुपम था।

मौनी अमावस्या: मोक्ष प्राप्ति का विशेष पर्व

मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन संगम में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन सप्तर्षियों ने पहली बार मौन व्रत रखा था, जिससे इस दिन को “मौनी अमावस्या” कहा जाता है।

श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब

इस अवसर पर प्रयागराज के कुंभ क्षेत्र में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ा। संगम तट पर सनातन धर्म की दिव्यता देखते ही बन रही थी। पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया और संत-महात्माओं के प्रवचनों का लाभ उठाया।

धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा की अनुपम झलक

महाकुंभ के इस विशेष स्नान में, शंकराचार्यों के साथ विभिन्न अखाड़ों, संत समाज और धर्माचार्यों ने भी त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। शास्त्रों के अनुसार, जब सनातन धर्म के प्रमुख संत एक साथ संगम स्नान करते हैं, तो इससे धर्म की अखंडता और एकता का संदेश समस्त विश्व में जाता है।

महाकुंभ 2025: सनातन धर्म की शक्ति और एकता का प्रतीक

महाकुंभ 2025 के इस पावन अवसर पर तीनों पीठों के पूज्य शंकराचार्यों का एक साथ स्नान करना सनातन धर्म के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह न केवल भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि सनातन धर्म की अखंडता, शक्ति और संपूर्ण विश्व के कल्याण की भावना को भी दर्शाता है।

“सनातन धर्म का शाश्वत प्रकाश

महाकुंभ में श्रद्धालुओं को यह दुर्लभ दृश्य देखने का अवसर मिला, जब सनातन धर्म के तीनों प्रमुख पीठों के शंकराचार्य एक साथ संगम स्नान कर धर्म और अध्यात्म का दिव्य प्रकाश फैलाते नजर आए। इस दिव्य अवसर को कैमरों में कैद किया गया, जिससे यह ऐतिहासिक क्षण सदियों तक याद रखा जाएगा।

प्रयागराज महाकुंभ 2025: सतपाल महाराज ने किया उत्तराखंड पवेलियन का निरीक्षण

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प्रयागराज: उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में मंगलवार को कैलाशपुरी सेक्टर-7 स्थित उत्तराखंड पैवेलियन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और आवासीय एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित जल जीवन मिशन और नमामि गंगे शिविर एवं प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

महाकुंभ में उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन

पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने महाकुंभ में प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया है। अभी तक लगभग 60 लाख श्रद्धालु उत्तराखंड पैवेलियन का भ्रमण कर चुके हैं।

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उत्तराखंड चार धाम—श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री के साथ ही मानस खंड मंदिर श्रृंखला के अंतर्गत गोलू देवता मंदिर, जागेश्वर धाम और कैंची धाम को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा, हाउस ऑफ हिमालया, उद्योग विभाग उत्तराखंड, पर्यटन-आयुष, गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन), श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, खादी ग्रामोद्योग और सूचना विभाग के स्टॉल भी लगाए गए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तराखंड की लोककला और संस्कृति को उजागर किया जा रहा है।

महाकुंभ में भगदड़ पर दुख

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने संगम क्षेत्र में मंगलवार रात को हुई भगदड़ की घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार ने प्रयागराज यात्रा पर आए श्रद्धालुओं की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।

उत्तराखंड पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता

इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास कर रहा है। महाकुंभ में उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को प्रचारित करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के माध्यम से शीतकालीन यात्रा के प्रचार-प्रसार का कार्य भी किया जा रहा है।

इससे पूर्व, अधिकारियों ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और पूर्व मंत्री अमृता रावत को श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम का मोमेंटो भेंट किया। उल्लेखनीय है कि आयुक्त एवं महानिदेशक उद्योग प्रतीक जैन की देखरेख में प्रयागराज महाकुंभ में उत्तराखंड पैवेलियन का कार्य पूरा किया गया।

महाकुंभ में उत्तराखंड की मजबूत उपस्थिति

महाकुंभ 2025 में उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। श्रद्धालुओं को उत्तराखंड की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे राज्य के धार्मिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

 

प्रयागराज महाकुंभ में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड पैवेलियन का निरीक्षण किया

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प्रयागराज महाकुंभ 2025
*पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रयागराज स्थित उत्तराखंड पैवेलियन का निरीक्षण किया।*

• बताया कि उत्तराखंड चार धाम सहित मानस खंड मंदिर श्रृंखला एवं शीतकालीन यात्रा का हो रहा प्रचार-प्रसार

प्रयागराज/ देहरादून: 29 जनवरी। प्रयागराज महाकुंभ में देशभर के अनुयायियों के बीच सद्भावना सम्मेलन एवं संत समागम प्रवचन देने प्रयागराज आये उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने आज महाकुंभ प्रयागराज में कैलाशपुरी सैक्टर 7 स्थिति उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित उत्तराखंड पैवेलियन का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने आवासीय व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं के बावत भी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित
जल जीवन मिशन नमामि गंगे के शिविर एवं प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

प्रयागराज महाकुंभ संगम पर मंगलवार रात को हुई भगदड़ की घटना पर दु:ख जताया साथ ही उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रयागराज यात्रा पर आये यात्रियों की सहायता के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर के विषय में भी बताया। कहा कि प्रयागराज में स्थित सामान्य है।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की गाथा लिख रहा है। प्रयागराज महाकुंभ में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की धार्मिक -सांस्कृतिक पहचान को देश‌ विदेश‌ तक पहुंचाया है। अभी तक साठ लाख लोग उत्तराखंड पैवेलियन का भ्रमण कर चुके है।

उत्तराखंड चार धाम श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ श्री गंगोत्री, श्री यमुनोत्री सहित मानस खंड मंदिर श्रृंखला के अंतर्गत गोलू देवता मंदिर, जागेश्वर धाम, कैंची धाम को प्रदर्शित किया गया है हाउस आफ हिमालया, उद्योग विभाग उत्तराखंड, पर्यटन -आयुष एवं गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) सहित श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति, खादी ग्रामोद्योग सहित सूचना विभाग उत्तराखंड के स्टाल लगे है। सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर उत्तराखंड के लोककला संस्कृति को उजागर किया जा रहा है।
श्री बदरीनाथ – केदारनाथ समिति के शीतकालीन यात्रा प्रचार प्रसार का कार्य हो रहा है।

इससे पहले अधिकारियों ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज तथा पूर्व मंत्री अमृता रावत को श्री बदरीनाथ तथा केदारनाथ धाम का मोमेंटो भेट किया। उल्लेखनीय है कि आयुक्त एवं महानिदेशक उद्योग प्रतीक जैन की देखरेख में प्रयागराज में उत्तराखंड पैवेलियन का कार्य पूरा हुआ है।

इस अवसर पर उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक / उत्तराखंड पैवेलियन प्रभारी अनुपम द्विवेदी, नोडल अधिकारी जीएमवीएन दीपक सिंह रावत, ओएसडी अभिषेक शर्मा, बीकेटीसी प्रचार प्रसार स्टाल प्रभारी / मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़, सहायक प्रबंधक जीएमवीएन एलपी जोशी, सहायक नोडल अधिकारी कुंवर सिंह बिष्ट, डा विपिन, सुरेन्द्र सिंह सरियाल आदि मौजूद रहे।

उत्तरकाशी में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके

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उत्तरकाशी जिले में मंगलवार दोपहर 3:28 बजे हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 2.07 मापी गई, जिसका केंद्र तहसील भटवाड़ी के ग्राम साल्ड उपरिकोट और निसमोर के मध्य वन क्षेत्र में था।

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भूकंप की गहराई 5 किमी दर्ज की गई। जिला मुख्यालय और संगमचट्टी क्षेत्र में झटके महसूस किए गए, जबकि अन्य तहसीलों में इसका प्रभाव नगण्य रहा।

फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जिले में स्थिति सामान्य बनी हुई है।