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शरीफुल ही निकला सैफ का हमलावर, CCTV फुटेज से मैच हुआ आरोपी का चेहरा

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मुंबई पुलिस ने अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि मोहम्मद शरीफुल इस्लाम वही व्यक्ति है जो घटना के समय सीसीटीवी फुटेज में नजर आया था। आरोपी को पुलिस ने 19 जनवरी को ठाणे से गिरफ्तार किया था।

कैसे हुआ हमला?

यह हमला 16 जनवरी की सुबह करीब 1.30 से 2 बजे के बीच हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरीफुल इस्लाम चोरी के इरादे से सैफ अली खान के अपार्टमेंट में घुसा और बच्चों के कमरे तक पहुंच गया। बच्चों की मेड ने जब उसे देखा तो हल्ला मचाया, जिसके बाद सैफ अली खान भी जाग गए और उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी ने सैफ पर चाकू से हमला कर दिया।

सैफ अली खान को गंभीर चोटें आईं

हमले में सैफ अली खान को रीढ़ की हड्डी के पास गहरी चोट लगी। चाकू का एक घाव इतना गहरा था कि उसका एक हिस्सा शरीर में धंस गया था, जिससे वहां से लिक्विड बहने लगा। उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने आपातकालीन सर्जरी की। पांच दिनों के उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

पुलिस जांच में नया मोड़

मुंबई पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम बांग्लादेश का नागरिक है, जिसने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। गिरफ्तारी के बाद यह पता चला कि उसने अपना नाम बदलकर ‘बिजॉय दास’ रख लिया था।

पुलिस की जांच के अहम बिंदु

✅ फॉरेंसिक जांच – पुलिस ने आरोपी के कपड़े, चाकू, गमछा और बैग को केमिकल टेस्टिंग के लिए भेज दिया है।
✅ अवैध प्रवेश की जांच – पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने शरीफुल को बांग्लादेश से भारत लाने में मदद की थी।
✅ अन्य संदिग्धों की पहचान – पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध आकाश कनौजिया को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया क्योंकि उसका इस घटना से कोई संबंध नहीं था।

बजट सत्र 2025: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण, आर्थिक सर्वे पेश

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नई दिल्ली | 31 जनवरी 2025: संसद का बजट सत्र इस बार हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है। गुरुवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने महाकुंभ में हुई भगदड़ पर चर्चा की मांग उठाई, लेकिन सरकार ने इसे राज्य का विषय बताते हुए स्थिति संभालने का आश्वासन दिया।

आर्थिक सर्वे पेश

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वे प्रस्तुत किया। इस रिपोर्ट को सरकार का रिपोर्ट कार्ड माना जाता है, जिसमें पिछले वित्त वर्ष के आर्थिक प्रदर्शन और भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की जाती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश वैश्विक अस्थिरता के बीच भी विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने प्रमुख घोषणाओं में निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया:

  • महिला सशक्तिकरण: ‘ड्रोन दीदी’ योजना के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
  • कैंसर की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त: सरकार ने कैंसर मरीजों को राहत देते हुए इन दवाओं पर कर समाप्त कर दिया है।
  • मसाला उत्पादन में भारत अग्रणी: भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक बन चुका है।
  • स्टार्टअप और नवाचार: देश में 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत किए गए हैं।
  • आंतरिक सुरक्षा: सरकार सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सत्र को बाधित करने की कोशिश करेंगे, लेकिन सरकार अपने विकास कार्यों को जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “मां लक्ष्मी की कृपा देश के गरीब और मध्यम वर्ग पर बनी रहे।”

दिल्ली चुनाव और बजट का असर

आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव बजट पर असर डाल सकते हैं।

महत्वपूर्ण विधेयक पारित होने की संभावना

बजट सत्र के दौरान कई अहम विधेयकों के पारित होने की संभावना है, जिनमें वक्फ (संशोधन) बिल, मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक और आव्रजन एवं विदेशी विधेयक शामिल हैं।

बजट सत्र 4 अप्रैल तक चलेगा

बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर 4 अप्रैल 2025 तक चलेगा। सरकार ने विपक्ष के साथ सार्थक चर्चा करने की इच्छा जताई है, लेकिन महाकुंभ भगदड़ और अन्य मुद्दों पर टकराव की संभावना बनी हुई है।

फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को बड़ा झटका, किन्नर अखाड़े से निष्कासित

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फिल्म अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से बड़ा झटका लगा है। किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने ममता कुलकर्णी को अखाड़े से निष्कासित कर दिया है। साथ ही, अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी को भी बाहर कर दिया गया है।

क्यों हुईं ममता कुलकर्णी निष्कासित?

ऋषि अजय दास ने इस फैसले को लेकर स्पष्ट किया कि लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने उनकी जानकारी के बिना देशद्रोह की आरोपी ममता कुलकर्णी को अखाड़े में शामिल किया था और उन्हें महामंडलेश्वर बनाया था। उन्होंने कहा कि अखाड़े के नियमों और परंपराओं का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी पर भी गिरी गाज

अखाड़े के प्रमुख ऋषि अजय दास ने कहा कि इस पूरे मामले में लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी की भूमिका भी संदिग्ध रही, क्योंकि उन्होंने बिना अनुमति के ममता कुलकर्णी को अखाड़े में शामिल किया। इसलिए, उन्हें भी अखाड़े से निष्कासित करने का फैसला लिया गया है।

किन्नर अखाड़े में मचा घमासान

इस फैसले के बाद किन्नर अखाड़े में हलचल मच गई है। कई संतों और अखाड़े के वरिष्ठ सदस्यों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रखी है। कुछ सदस्यों का कहना है कि यह फैसला जल्दबाजी में लिया गया, जबकि कुछ इसे अखाड़े की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं।

ममता कुलकर्णी की प्रतिक्रिया

फिलहाल, ममता कुलकर्णी या लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, वे जल्द ही इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

अखाड़े की सख्त नीति

ऋषि अजय दास ने कहा कि अखाड़े की प्रतिष्ठा और परंपराओं को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति अखाड़े की मर्यादा को भंग करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार जा रहे खानपुर विधायक उमेश कुमार को लच्छीवाला में पुलिस ने रोका

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देहरादून: हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार को अब ब्राह्मण समाज का भी समर्थन मिलने लगा है। 31 जनवरी को ब्राह्मण समाज ने एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें उमेश कुमार को भी शामिल होना था। लेकिन जब वह बैठक में शामिल होने के लिए निकले, तो पुलिस ने उन्हें डोईवाला टोल प्लाजा पर रोक दिया। इस दौरान उनकी पत्नी सोनिया शर्मा भी उनके साथ मौजूद थीं।

बैठक में नहीं पहुंच सके उमेश कुमार

उमेश कुमार ने बताया कि देशभर से उनके समर्थक इस बैठक में शामिल होने आ रहे थे, लेकिन जब उनके नेता को ही जाने से रोक दिया गया, तो यह अनुचित है। उन्होंने कहा कि यह बैठक पूरी तरह से शांतिपूर्ण थी और किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन का इससे कोई संबंध नहीं था।

पत्नी सोनिया शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

इस मौके पर मौजूद उमेश कुमार की पत्नी सोनिया शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पति सिर्फ बैठक में शामिल होकर शांति का संदेश देना चाहते थे। उन्होंने कहा, “हम किसी भी तरह के विरोध या प्रदर्शन के लिए नहीं जा रहे थे। फिर भी पुलिस ने हमें रोक दिया, जो कि सरासर गलत है।”

गुर्जर समाज के बाद ब्राह्मण समाज ने दिया समर्थन

गौरतलब है कि इससे पहले गुर्जर समाज ने भी उमेश कुमार को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी। अब ब्राह्मण समाज के लोग भी उनके समर्थन में आगे आ गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में इस बैठक को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

2025 बजट सत्र की शुरुआत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

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नई दिल्ली : भारत का 2025 का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण की शुरुआत की और देशवासियों को संबोधित किया। यह सत्र 31 जनवरी से 4 अप्रैल तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण का समापन 13 फरवरी को होगा, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 10 मार्च से होगी। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों को साझा किया।

राष्ट्रपति का संबोधन

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण की शुरुआत महाकुंभ में हुए हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर भी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ने महिलाओं के सशक्तिकरण, विशेष रूप से स्वयसेवी संगठनों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके आर्थिक और तकनीकी सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब लड़ाकू विमानों का संचालन कर रही हैं और कॉरपोरेट सेक्टर में नेतृत्व कर रही हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रपति ने गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए सरकार की योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, पीएम आवास योजना, पीएम स्वामित्व योजना, और आयुष्मान योजना का उल्लेख किया, जिनसे करोड़ों लोगों को सहायता मिली है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में मध्यम वर्ग का नया वर्ग तैयार हो रहा है, जो देश की तरक्की को गति दे रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद भवन के बाहर बजट सत्र की शुरुआत पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, “हमारे गणतंत्र ने 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं, और यह देश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व की बात है। इस देश के लोगों ने मुझे तीसरी बार ये जिम्मेदारी दी है और यह तीसरा कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट है।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के भविष्य को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा, “2047 में जब हम अपनी आज़ादी के 100 साल मनाएंगे, तब भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में खड़ा होगा। यह बजट सत्र देश को नया विश्वास और नई ऊर्जा देगा, जिससे हम अपनी संकल्पित दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

केंद्रीय बजट 2025 की तैयारी

केंद्रीय बजट 2025 को एक फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बजट को विशेष महत्व देते हुए कहा कि यह देश की समृद्धि और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट से मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा, और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की कृपा देशवासियों पर बनी रहेगी।

संसद भवन में गार्ड ऑफ ऑनर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद भवन पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

उत्तरकाशी में फिर महसूस हुए भूकंप के झटके

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। शुक्रवार सुबह 09:28:35 IST पर आए इस भूकंप की तीव्रता 2.07 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसका केंद्र बाडाहाट रेंज नाल्ड के जंगलों में था, जिसकी गहराई 5 किमी थी। हालाँकि, भूकंप के झटके जिला मुख्यालय और मनेरी क्षेत्र में हल्के रूप से महसूस किए गए, लेकिन अन्य तहसीलों में इसका प्रभाव दर्ज नहीं किया गया। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली है और जनपद में स्थिति सामान्य बनी हुई है।

उत्तरकाशी में लगातार आ रहे भूकंप – चिंता की बात?

पिछले कुछ दिनों में यह सातवीं बार है जब उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। लगातार आ रहे इन झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह इलाका भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील सिस्मिक ज़ोन IV और V में आता है, जहाँ हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप अक्सर आते रहते हैं।

उत्तराखंड – भूकंप के प्रति संवेदनशील क्षेत्र

उत्तराखंड भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। यह इलाका भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमारेखा पर स्थित है, जहाँ प्लेटों के टकराव के कारण सीस्मिक गतिविधियाँ होती रहती हैं। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जैसे जिले भूकंप के हाई-रिस्क ज़ोन में आते हैं। 1991 में उत्तरकाशी में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप और 1999 में चमोली भूकंप से हुए भारी नुकसान को देखते हुए, यह ज़रूरी हो जाता है कि प्रशासन और स्थानीय लोग भूकंप से बचाव के लिए सतर्क रहें।

भूकंप के कारण और संभावित प्रभाव

उत्तराखंड में बार-बार आने वाले हल्के भूकंप बड़े भूकंप की चेतावनी भी हो सकते हैं। भूवैज्ञानिकों का मानना है कि टेक्टोनिक प्लेटों में बढ़ता दबाव कभी भी बड़े भूकंप का कारण बन सकता है। इसलिए, जरूरी है कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए और भूकंपरोधी निर्माण, आपदा प्रबंधन और जागरूकता अभियान को बढ़ावा दिया जाए।

देहरादून विधानसभा भवन ई विधानसभा के लिए तैयार:विधानसभा अध्यक्ष ।

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देहरादून 30 जनवरी 2025 । उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष, ऋतु खण्डूडी भूषण ने बताया कि विधानसभा के (दोनों भवन) देहरादून और गैरसैन में पेपरलेस सत्र की कार्यवाही की दिशा में कार्य (ई-नेवा) तीव्र गति से चल रहे हैं। देहरादून विधानसभा में ई-नेवा का कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि हमारे ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैन गैरसैन में कार्य अभी गतिमान है। इस कार्य को 3-4 माह में पूर्ण होने की आशा है।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया की यह सत्र पेपरलेस करने की योजना है जिससे की हम अनगिनत पेपर, संसाधन और पर्यावरण का बचाव करेंगे । जैसा की सर्व विदित है सरकारी कार्यालयों को पेपरलेस बनाने के लिए भारत सरकार के नेवा (NEVA) कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड विधानसभा भवन को पूरी तरह से ई-विधान प्रणाली से लैस किया गया है।

इसके माध्यम से न केवल विधानसभा भवन, बल्कि विधानसभा के सभी अनुभागों को भी डिजिटल रूप में तब्दील किया गया है। ई-विधान प्रणाली के जरिए विधायकों और विधानसभा के कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से कार्यों में सहयोग मिलेगा, जिससे कागज के उपयोग में कमी आएगी और काम की गति में भी सुधार होगा।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने यह भी बताया कि वह समय-समय पर विधानसभा भवन में हो रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करती रहती हैं। इस निरीक्षण के माध्यम से उन्हें विधानसभा भवन की कार्यप्रणाली, सुविधाओं और अन्य आवश्यक सुधारों के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे कार्यों को बेहतर और सुसंगत तरीके से अंजाम दिया जा सकता है।

विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, पेपरलेस सिस्टम से न केवल संसदीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि संसाधनों की बचत भी होगी। इसके अलावा, यह कदम उत्तराखंड राज्य में डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्री बदरीनाथ धाम यात्रा 2025 : कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया शुरू, तेलकलश यात्रा का शुभारंभ

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जोशीमठ: विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारित करने की परंपरागत प्रक्रिया का शुभारंभ हो चुका है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने गुरुवार को जोशीमठ स्थित श्री नृसिंह मंदिर में तेलकलश (गाडू घड़ा) की पूजा-अर्चना और परिक्रमा के बाद इसे डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधियों को सौंप दिया। यह कलश अब योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंच गया है, जहां से इसकी आगे की यात्रा शुरू होगी।

तिथि निर्धारण का महत्वपूर्ण दिन 2 फरवरी

रविवार, 2 फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्र नगर राजदरबार में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय की जाएगी। इसी दिन तेलकलश यात्रा की अंतिम तिथि भी घोषित होगी। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि तेलकलश यात्रा का समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगा।

तेलकलश की यात्रा का क्रम

30 जनवरी: श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में पूजा के बाद तेलकलश योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंचा।

31 जनवरी: पांडुकेश्वर से तेलकलश वापस जोशीमठ के श्री नृसिंह मंदिर आएगा। दोपहर भोग के बाद यह श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगा।

1 फरवरी: डिम्मर से तेलकलश ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा धर्मशाला में रात्रि विश्राम करेगा।

2 फरवरी: ऋषिकेश से राजमहल नरेंद्र नगर पहुंचकर तिथि निर्धारण समारोह में शामिल होगा।

तेलकलश का महत्व

इस पवित्र कलश में भरा तिल का तेल श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन मूर्ति के अभिषेक में प्रयोग किया जाता है। डिमरी पंचायत के प्रतिनिधि इस कलश को राजदरबार से लेकर बदरीनाथ धाम तक ले जाते हैं।

समारोह में शामिल हुए गणमान्य

तेलकलश के हस्तांतरण समारोह में बीकेटीसी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, लेखाकार भूपेंद्र रावत, डिमरी पंचायत प्रतिनिधि शैलेंद्र डिमरी, हरीश डिमरी, पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी, और अन्य धार्मिक व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। योग बदरी पांडुकेश्वर में प्रबंधक नवीन भंडारी, पुजारी राजेंद्र डिमरी और महिला मंगल दल ने तेलकलश का स्वागत किया।

अगले चरण की तैयारी

2 फरवरी को तिथि घोषित होने के बाद तेलकलश को नरेंद्र नगर से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान कराया जाएगा। इस दौरान हज़ारों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होंगे। उत्तराखंड सरकार और मंदिर प्रशासन ने यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं।  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया के दिन खुलते हैं, लेकिन तिथि की औपचारिक घोषणा इसी पारंपरिक प्रक्रिया के तहत की जाती है।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने अधिकारियों की बैठक बुला कर दिये जरूरी निर्देश।

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कोटद्वार 30 जनवरी 2025। विधानसभा अध्यक्ष व विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपने दुर्गापुरी निम्बूचौड़ स्थित आवास पर समस्त विभागों की बैठक कर कोटद्वार विधानसभा में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। साथ ही वर्षा ऋतु आने से पूर्व कई कार्यों को पूरा करने का सख्त आदेश दिया।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने बैठक में सभी अफसरों को बताया की उन्होंने कोटद्वार के लगभग सभी वार्डों का पैदल मुआयना अपने मॉर्निंग वॉक के दौरान किया है और इसको आगे भी जारी रखेंगी। मॉर्निंग वाक के दौरान नगर से लेकर भाभर तक स्थानीय लोगों की कई शिकायतों से नगर आयुक्त को अवगत कराया तथा शिकायतों पर जल्द कार्यवाही करने के आदेश नगर आयुक्त वैभव गुप्ता को दिया। नगर निगम कोटद्वार को नगर से भाबर और सनेह तक सफाई व्यवस्था बनाने के लिए कहा और साथ ही सभी स्ट्रीट लाइट को तत्काल ठीक करने के आदेश दिए।

सिंचाई विभाग को वर्षा ऋतु से पूर्व कोटद्वार की सभी नालियों की सफाई कर पानी के निकासी की व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने कहा कोटद्वार में निकासी की समस्या ना हो इसके लिए विभाग हर वार्ड में जाकर व्यवस्था करे ताकि वर्षा ऋतु के समय जनता को जल भराव की समस्या से ना झूझना पड़े। अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी ने वन विभाग को सुरक्षा दीवार की मरम्मत करने और जहाँ से जंगली जानवरों से खेतों को बचाने के लिए उचित व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया।

बैठक में उपस्थित रहे एसडीएम शोभन सिंह सैनी, वैभव गुप्ता नगर आयुक्त, अनिल राठौर अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग तथा आकाश गंगवार डीएफओ लैंसडाउन वन प्रभाग।

महाकुंभ में फिर लगी आग : सेक्टर 22 में टेंट सिटी में लगी भीषण आग, दर्जनों टेंट जलकर राख

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प्रयागराज। महाकुंभ के सेक्टर 22 स्थित छतनाग झूंसी में बने टेंट सिटी में बृहस्पतिवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। घटना के समय टेंट सिटी में मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते दर्जन भर से अधिक टेंट जलकर राख हो गए।

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई, हालांकि टेंट में रखा सामान पूरी तरह जल गया, जिससे श्रद्धालुओं को भारी नुकसान हुआ है।

टेंट सिटी में आग लगने की घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही महाकुंभ मेले में फायर सेफ्टी को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।