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Big Breaking: पठानकोट बॉर्डर पर बीएसएफ को बड़ी कामयाबी, घुसपैठिए को किया ढेर

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पठानकोट: सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने आज एक बड़ी सफलता हासिल की है। पठानकोट सीमा क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध को जवानों ने मार गिराया है। सूत्रों के मुताबिक, जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही अलर्ट जारी किया और चेतावनी देने के बावजूद जब घुसपैठिया नहीं रुका, तो कार्रवाई करते हुए उसे ढेर कर दिया गया।

घटना के बाद बॉर्डर इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और घुसपैठ की कोशिश न कर रहा हो। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि घुसपैठिए के तार कहां से जुड़े हो सकते हैं।

बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की घटनाओं में इजाफा देखा जा रहा है, लेकिन भारतीय जवान पूरी मुस्तैदी से देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

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ADG आनंद प्रकाश बडोला को रक्षा मंत्री ने राष्ट्रपति तटरक्षक पदक से किया सम्मानित

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नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज भारतीय तटरक्षक अलंकरण समारोह में अपर महानिदेशक (एडीजी) आनंद प्रकाश बडोला को राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (पीटीएम) से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित सम्मान तटरक्षक बल के उन कर्मियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने असाधारण वीरता और विशिष्ट सेवा का प्रदर्शन किया है। बडोला मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं।

समारोह का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया, जहां भारतीय तटरक्षक बल के 32 कर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें 6 राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (पीटीएम) और 26 तटरक्षक पदक (टीएम) प्रदान किए गए। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में तटरक्षक बल के योगदान की सराहना की और उनकी निष्ठा एवं समर्पण की प्रशंसा की।

एडीजी आनंद प्रकाश बडोला का उत्कृष्ट करियर

एडीजी आनंद प्रकाश बडोला भारतीय तटरक्षक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जिन्होंने जनवरी 1990 में सेवा में प्रवेश किया था। वे नेविगेशन और डायरेक्शन के विशेषज्ञ हैं और अमेरिका के न्यू पोर्ट स्थित यूएस स्टाफ कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। अपने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने तटरक्षक जहाजों के हर वर्ग की कमान संभाली है।

वे चेन्नई में कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व) और मुंबई में कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम) के रूप में दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रमुख भी रह चुके हैं। इसके अलावा, तटरक्षक मुख्यालय में उन्होंने डिप्टी डायरेक्टर जनरल (नीति और योजना) के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता, संचालन में उत्कृष्टता, मानव संसाधन प्रबंधन और नीति निर्माण में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।

उत्तराखंड का गौरव

एडीजी बडोला उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पठोल गांव के रहने वाले हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे उत्तराखंड में गर्व और हर्ष का माहौल है। वे श्रीमती नीलिमा बडोला के पति हैं और उनके दो पुत्र – करण और अर्जुन हैं।

समारोह में वीरता और सेवा का सम्मान

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर भारतीय तटरक्षक बल के जवानों की बहादुरी, समर्पण और अनुकरणीय सेवा की सराहना की। उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल समुद्री सुरक्षा का अभिन्न अंग है और अपनी निष्ठा से देश की सीमाओं की रक्षा कर रहा है।

इस भव्य समारोह में देशभर से आए विशिष्ट अतिथियों, तटरक्षक अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मियों ने इस सम्मान को अपनी सेवा भावना और समर्पण का प्रतीक बताया।

फेड़ीज विकासनगर के लिए बस सेवा प्रारंभ की जाए : डॉ.पूजा गौड़

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चकराता क्षेत्र की एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) की ब्लॉक मिशन प्रबंधक, समाजसेविका और महिलाओं के बीच लोकप्रिय डॉ. पूजा गौड़ के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।

हाल ही में उत्तराखंड सरकार के एक कार्यक्रम में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसके लिए डॉ. पूजा गौड़ ने सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया।

फेड़ीज से विकासनगर बस सेवा के लिए पहल

डॉ. पूजा गौड़ के प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही है, लेकिन उनके बढ़ते आवागमन के कारण उन्हें कार्यालयों और अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए डॉ. गौड़ ने उत्तराखंड के अंतिम सीमावर्ती ग्राम फेड़ीज से वाया चकराता विकासनगर के लिए सरकारी बस सेवा शुरू करने का अनुरोध करते हुए माननीय मुख्यमंत्री को एक प्रार्थनापत्र सौंपा।

डॉ. गौड़ ने कहा कि यदि ग्राम फेड़ीज से एक नियमित बस सेवा प्रारंभ होती है, जो सुबह 10:30 बजे चकराता पहुंचे और शाम 4:30 बजे चकराता से वापस फेड़ीज लौटे, तो इससे महिलाओं को चकराता और मुख्य बाजार विकासनगर तक समय पर पहुंचने में सहायता मिलेगी। इससे सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के निवासियों को भी लाभ मिलेगा।

डॉ. गौड़ ने यह भी कहा कि महिलाओं की उन्नति और सशक्तिकरण के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं और अब उनके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।

गैरसैंण पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष ने अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के मुख्यालय का उद्घाटन किया ओर विधानसभा भवन में चल रहे ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) के कार्यों का स्थलीय किया निरीक्षण ।

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गैरसैंण (भराड़ीसैंण) 25 फरवरी 2025।

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण, भराड़ीसैण स्थित विधानसभा भवन में आज उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के मुख्यालय का विधिवत उद्घाटन किया।

इस संस्थान की स्थापना का उद्देश्य राज्य के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करना है, जहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की शोध एवं प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। यह संस्थान उत्तराखंड को ज्ञान-विज्ञान और नीति-निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उद्घाटन समारोह के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “यह संस्थान उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने का कार्य करेगा। शोध और प्रशिक्षण के माध्यम से नीति-निर्माण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ होगी, जिससे राज्य के विकास को गति मिलेगी।

उद्घाटन कार्यक्रम के उपरांत, विधानसभा अध्यक्ष ने ई-विधान एप्लिकेशन (National e-Vidhan Application – NeVA) के माध्यम से विधानसभा में हो रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और इस डिजिटल प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि ई-विधान प्रणाली के तहत विधानसभा की कार्यवाही अब पूरी तरह से पेपरलेस, तेज़ और पारदर्शी होगी। इस प्रणाली से विधानसभा की सभी प्रक्रियाओं का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे विधायकों को अपनी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा, “उत्तराखंड विधानसभा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है। देहरादून विधानसभा भवन की तरह ही हम गैरसैंण विधानसभा भवन को भी डिजिटल बनाएंगे। NeVA के माध्यम से विधानसभा की सभी प्रक्रियाएँ सुगम और पारदर्शी होंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को भी सशक्त बनाएगी।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भराड़ीसैण विधानसभा भवन के प्रांगण में हार्टिकल्चर की महिला समूह के साथ मिलकर सेब के वृक्षों का रोपण किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “उत्तराखंड की जलवायु सेब उत्पादन के लिए अनुकूल है। महिलाओं के इस समूह के साथ मिलकर वृक्षारोपण करना न केवल हरित उत्तराखंड की दिशा में एक कदम है, बल्कि इससे स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।”
उन्होंने महिला समूह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहलों से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी तथा प्रदेश की आर्थिकी मजबूत होगी।

महाशिवरात्रि तिथि, समय, अनुष्ठान, व्रत नियम और महत्वपूर्ण जानकारी

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महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान शिव की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह पर्व हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। 2025 में महाशिवरात्रि का पर्व बुधवार, 26 फरवरी को मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और जागरण का आयोजन किया जाता है।

महाशिवरात्रि 2025: तिथि और पूजा के शुभ मुहूर्त

  • महाशिवरात्रि व्रत तिथि प्रारंभ: 26 फरवरी 2025, प्रातः 11:08 बजे
  • महाशिवरात्रि व्रत तिथि समाप्त: 27 फरवरी 2025, प्रातः 08:54 बजे
  • निशिता काल पूजा समय: 26 फरवरी रात 12:09 से 12:59 बजे (27 फरवरी)
  • शिवरात्रि पारण समय: 27 फरवरी, सुबह 06:48 से 08:54 बजे तक
  • रात्रि चार प्रहर पूजा समय:
    • प्रथम प्रहर: 26 फरवरी, 06:19 से 09:26 बजे
    • द्वितीय प्रहर: 26 फरवरी, 09:26 से 12:34 बजे (27 फरवरी)
    • तृतीय प्रहर: 27 फरवरी, 12:34 से 03:41 बजे
    • चतुर्थ प्रहर: 27 फरवरी, 03:41 से 06:48 बजे

महाशिवरात्रि का महत्व

महाशिवरात्रि का पर्व शिव भक्तों के लिए अत्यंत विशेष होता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। कुछ परंपराओं के अनुसार, इसी रात भगवान शिव ने आनंद तांडव किया था। शिव भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और शिवलिंग का जल, दूध, बेलपत्र और पंचामृत से अभिषेक कर शिव कृपा प्राप्त करते हैं।

महाशिवरात्रि के अनुष्ठान और पूजा विधि

  1. स्नान और संकल्प: भक्त सूर्योदय से पूर्व स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं।
  2. शिवलिंग अभिषेक: जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, गंगाजल, चंदन और गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।
  3. मंत्र जाप: ‘ॐ नमः शिवाय’ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  4. रात्रि जागरण: भक्त पूरी रात शिव भक्ति में लीन रहते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और ध्यान साधना करते हैं।
  5. दान-पुण्य: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य आवश्यक चीजें दान की जाती हैं।

महाशिवरात्रि व्रत नियम

  • व्रत सूर्योदय से प्रारंभ होकर अगले दिन पारण तक चलता है।
  • इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और तामसिक चीजों (मांस, लहसुन, प्याज, शराब) से दूर रहना चाहिए।
  • शिवरात्रि के दिन मौन रहकर ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है।
  • उपवास के दौरान फल, दूध, मखाने और मेवे का सेवन किया जा सकता है।

भारत के प्रसिद्ध शिव मंदिर जहां विशेष पूजा होती है

  1. काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी – यहाँ गंगा आरती और महाशिवरात्रि की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।
  2. महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन – यहाँ की भस्म आरती विश्व प्रसिद्ध है।
  3. सोमनाथ मंदिर, गुजरात – यह 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है।
  4. बाबा बैद्यनाथ धाम, झारखंड – यहाँ विशेष रूप से जलाभिषेक किया जाता है।
  5. केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड – हालांकि महाशिवरात्रि के दौरान यह मंदिर बर्फ से ढका होता है, फिर भी श्रद्धालु यहाँ आस्था व्यक्त करते हैं।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक पहलू

महाशिवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। इस रात को ध्यान करने और उपवास रखने से मानसिक शांति मिलती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। वैज्ञानिक दृष्टि से, इस दिन ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि ध्यान और साधना से आत्मा की चेतना को जागृत किया जा सकता है।

शिव भक्ति, आत्मशुद्धि और आंतरिक ऊर्जा को जागृत करने का अवसर

महाशिवरात्रि एक ऐसा पर्व है, जो शिव भक्ति, आत्मशुद्धि और आंतरिक ऊर्जा को जागृत करने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन का महत्व केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्म-अन्वेषण और ध्यान का भी प्रतीक है। 26 फरवरी 2025 को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि को पूरी श्रद्धा और भक्ति से मनाएं, ताकि भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।

अभी से तेवर दिखाने लगी गर्मी, मुंबई और आसपास के इलाकों में हीटवेव का अलर्ट

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महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके आसपास के जिलों में फरवरी के आखिरी दिनों में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 25 और 26 फरवरी को मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और रत्नागिरी में लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अगले दो दिन और बढ़ेगी गर्मी – IMD

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। खासतौर पर दोपहर के समय गर्मी का प्रभाव अधिक रहेगा और लू चलने की आशंका है। मौसम विज्ञान के अनुसार, जब तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री अधिक हो जाता है, तब हीटवेव की स्थिति बनती है।

समुद्री इलाकों में भी बढ़ेगी उमस

कोकण क्षेत्र में गर्मी के साथ उमस भी अधिक रहेगी, जिससे लोगों को और ज्यादा परेशानी हो सकती है। रत्नागिरी और अलीबाग जैसे समुद्री इलाकों में भी तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है। ऐसे में गर्म हवाओं और उमस से निपटने के लिए सतर्कता बरतना जरूरी है।

मौसम विभाग की चेतावनी और सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए सावधानियां बरतने की सलाह दी है। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में जाने से बचने की हिदायत दी गई है। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो छाता, टोपी या कपड़े से सिर ढककर बाहर निकलें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

हीटवेव से बचाव के लिए क्या करें?

✔ खूब पानी पिएं

✔ ताजे फल और हल्का भोजन करें

✔ बाहर निकलते समय सिर ढकें

✔ ठंडी जगह पर रहें

क्या न करें?

✖ दोपहर में बाहर जाने से बचें

✖ ज्यादा देर धूप में न रहें

✖ भारी भोजन से बचें

✖ शराब और कैफीन युक्त पेय न लें

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने और गर्मी से बचने के लिए जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली विधानसभा में जोरदार हंगामा, AAP के सभी विधायक सस्पेंड

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नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार रहा। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात की थी, और मंगलवार को विधानसभा में कार्यवाही के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला।

मंगलवार सुबह जैसे ही उपराज्यपाल वीके सक्सेना का अभिभाषण शुरू हुआ, आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालयों से भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हटाने के कथित आदेशों के खिलाफ नारेबाजी की।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस हंगामे को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया और आप के 12 विधायकों को पूरे दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। सस्पेंड होने वालों में नेता प्रतिपक्ष आतिशी, जनरैल, विशेष रवि, और सोमदत्त समेत कई प्रमुख चेहरे शामिल थे।

भाजपा नेताओं ने भी सदन में आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, “कैग रिपोर्ट के जरिए दिल्ली की जनता को पता चलेगा कि आप-दा (AAP) ने कितनी लूटपाट की है।” भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने भी आरोप लगाया कि “पिछले 10-12 सालों में दिल्ली के बजट का दुरुपयोग हुआ है, और अब सच्चाई सामने आएगी।”

दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को 14 कैग रिपोर्ट पेश की जानी थीं, जिनमें कथित घोटालों का खुलासा किया गया है। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि “अरविंद केजरीवाल ने इन रिपोर्ट्स को तीन साल तक दबाए रखा, क्योंकि इनमें उनकी सरकार की लूट और भ्रष्टाचार उजागर होते।”

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने अभिभाषण में कहा कि उनकी सरकार जनता के प्रति समर्पित है और उनकी पहली प्राथमिकता यमुना की सफाई होगी। उन्होंने सड़क और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ दिल्ली को सबसे स्वच्छ मेट्रो बनाने का वादा किया। साथ ही, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें सभी मंत्री और भाजपा विधायक मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों और आगामी योजनाओं पर चर्चा की गई।

खराब मौसम के चलते टला PM मोदी का उत्तरकाशी दौरा

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उत्तरकाशी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित उत्तरकाशी दौरा खराब मौसम के कारण फिलहाल टाल दिया गया है। इस यात्रा का उद्देश्य गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा और हर्षिल में पहुंचकर शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देना था। अब पीएम मोदी के मार्च में आने की संभावना जताई जा रही है।

27 फरवरी के लिए चल रही थी तैयारी

राज्य सरकार पीएम मोदी के 27 फरवरी को आगमन की तैयारियों में जुटी थी। लेकिन मौसम विभाग ने उस दिन भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का यलो अलर्ट जारी किया है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री का दौरा स्थगित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा

सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुखबा और हर्षिल पहुंचकर प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा से संबंधित तैयारियों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए थे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी के दौरे में चारधाम यात्रा को लेकर बड़ी घोषणाएं भी हो सकती हैं।

अब पांच मार्च तक आने की संभावना

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री अब पांच मार्च तक उत्तरकाशी आ सकते हैं। राज्य सरकार और प्रशासन नए कार्यक्रम के अनुसार तैयारियों में जुटेंगे। पीएम मोदी की इस यात्रा से उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नया बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पीएम मोदी के दौरे से पहले उत्तरकाशी पहुंचे मुख्यमंत्री, तैयारी का लिया जायजा

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उत्तरकाशी : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्षिल-मुखवा क्षेत्र का दौरा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर की जा रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिलेगी और यह राज्य की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए न केवल हर्षिल-मुखवा बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड पूरी तरह से तैयार है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

मुख्यमंत्री धामी के साथ मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में चल रही तैयारियों का जायजा लिया और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री की यात्रा को सुव्यवस्थित और स्मरणीय बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम चाक-चौबंद रखे जाएं।

प्रधानमंत्री के दौरे का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन से इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक पहचान मिलेगी और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले भी प्रधानमंत्री की उत्तराखंड यात्राओं से राज्य को बड़ी उपलब्धियां मिली हैं।

पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि

केदारनाथ धाम, माणा, आदिकैलाश की यात्राओं के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसी तरह, इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री की उपस्थिति के कारण राज्य में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश के एमओयू साइन हुए, जिनमें से अस्सी हजार करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंडिंग हो चुकी है।

जनसभा और प्रदर्शनी की तैयारी

मुख्यमंत्री ने हर्षिल में प्रस्तावित जनसभा स्थल, मंच और प्रदर्शनी क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की संस्कृति और पारंपरिक धरोहर को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा देवभूमि की आध्यात्मिकता और पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी।

गंगा मंदिर में पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री धामी ने मुखवा गांव में गंगा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रधानमंत्री के भ्रमण के दौरान आयोजित की जाने वाली प्रदर्शनी, जिसमें स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और शीतकालीन पर्यटन स्थलों की झलक होगी, की तैयारियों का भी जायजा लिया।

साहसिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री के दौरे की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्र के अनछुए और अद्भुत पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए साहसिक पर्यटन गतिविधियों जैसे जादुंग, पीडीए तक मोटरबाइक और एटीवी-आरटीवी रैली तथा जनकताल एवं मुलिंगला तक ट्रैकिंग अभियानों को फ्लैग ऑफ करने की योजना बनाई गई है।

उत्तराखंड को मिलेगा आर्थिक लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दौरे से उत्तराखंड को पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से नई ऊंचाइयां मिलेंगी और राज्य की आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा।

एयरबेस पर भीड़ का हमला, जवानों ने की कई राउंड फायरिंग

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ढाका। बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित वायुसेना के एयरबेस पर घात लगाकर बड़ा हमला किया गया है। हमले के बाद बांग्लादेश वायुसेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और जवाबी कार्रवाई में जुट गए। इस हमले में कई लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि एक युवक की मौत हो गई है।

हमले के पीछे की वजह
सूत्रों के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर द्वारा समिति पारा के लोगों को वायुसेना क्षेत्र छोड़ने और खुरुशकुल हाउसिंग प्रोजेक्ट में जाने का आदेश दिया गया था। इसी आदेश के विरोध में स्थानीय लोगों के एक समूह ने एयरबेस पर हमला कर दिया। बांग्लादेश सशस्त्र बलों के मीडिया प्रभाग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने पुष्टि की है कि समिति पारा के कुछ बदमाशों ने हमले को अंजाम दिया। इस दौरान वायुसेना के जवानों ने स्थानीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे प्रदर्शनकारियों पर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें 25 वर्षीय युवक शिहाब कबीर नाहिद की मौत हो गई।

मौत की पुष्टि
कॉक्स बाजार सदर अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. सबुक्तगीन महमूद शोहेल ने बताया कि मृतक को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। उसके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट थी। हालांकि, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

बांग्लादेश में बढ़ रही हिंसा
बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले हफ्ते बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता मोहम्मद बाबुल मिया की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी पत्नी के सामने ही उन्हें मौत के घाट उतार दिया था और उनकी दोनों आंखें फोड़ दी थीं। BNP के वरिष्ठ नेता शम्सुज्जमां दुदु ने आरोप लगाया था कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्याएं हो रही हैं, जिससे देश में असंतोष बढ़ रहा है।

अंतरिम सरकार पर उठ रहे सवाल
बता दें कि पिछले साल 5 अगस्त को छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। इसके तीन दिन बाद, 8 अगस्त को मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की कमान संभाली थी। हालांकि, उनके कार्यकाल में देश लगातार हिंसा की चपेट में है। पहले 48 जिलों में हिंदुओं पर हमले हुए, फिर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा के मामले बढ़े और अब वायुसेना एयरबेस पर हमला हुआ है।