Home Blog Page 272

उत्तराखंड की सियासत में बिगड़े बोल और “बवाल”

0

उत्तराखंड की भाजपा सरकार में मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बिगड़े बोलों ने ऐसा बखेड़ा खड़ा कर दिया है की सरकार के तमाम फैसले बैकग्राउंड स्कोर बनकर रह गए हैं। भू-कानून, यूसीसी, नया बजट—सब किनारे पड़े हैं, और सुर्खियों में सिर्फ “प्रेम कथा” चल रही है।

बजट सत्र से शुरू हुआ हंगामा अब उत्तराखंड की सरहदें लांघकर दिल्ली तक जा पहुंचा है। प्रवासी उत्तराखंडी 2 मार्च को मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे। इधर कांग्रेस, उक्रांद और बेरोजगार संघ ने अपने-अपने प्रदर्शन फाइनल कर दिए हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मंत्री जी की पहाड़ विरोधी भाषा को कोई बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है।

सदन में स्पीकर का धर्म, स्पीकर क्यों दे रही हैं शय ?

9 नवंबर 2000 के बाद से सरकारी/गैर सरकारी हर पत्र या लेख या दस्तावेज में जब भी उत्तराखंड का जिक्र होता आया है, तो ‘पहाड़ी राज्य’ लिखा पढ़ा जाता रहा है। और हमें पूर्ण विश्वास है की उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है। यह बात विधान सभा अध्यक्षा ऋतु खंडूरी कैसे भूल गईं ? 

स्पीकर महोदया ने सदन में कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला को बड़ी मजबूती से तब टोका जब वे अपने क्षेत्र और पहाड़ की समस्या सदन में रख रहे थे। इसी मजबूती से स्पीकर महोदया अगर मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को रोक देती। ऐसा क्यों नहीं हुआ ? स्पीकर के अधिकार असीम हैं और ऐसे ही उसके कर्तव्य भी हैं। स्पीकर का धर्म है की वे निष्पक्षता से अपने अधिकार और कर्तव्य दोनों का पालन करें। 

सीएम धामी: संकट मोचक या मजबूरी के खिलाड़ी ?

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत “शांति वार्ता” का तरीका अपनाया और प्रेमचंद से खेद व्यक्त करवा दिया। लेकिन विरोधियों को इससे इतना ही संतोष मिला जितना चाय में चीनी डालने के बाद बिना मिलाए पीने से आता है। धामी जी का “हम सब उत्तराखंडी हैं” वाला बयान किसी पुराने हिंदी फिल्मी गाने की तरह सुनने में अच्छा लगा, लेकिन इसने विवाद की आग बुझाने के बजाय इसे और ज्यादा हवा दे दी।

अब भाजपा क्या करे ?

भाजपा के बड़े रणनीतिकार अब इस “प्रेम संकट” का हल ढूंढने में जुटे हैं। पार्टी का माथा ठनक रहा है कि क्या प्रेमचंद अग्रवाल को हटाया जाए या उन्हें “संस्कारों” की ट्रेनिंग दी जाए ?

प्रदेश की जनता, मंत्री के सदन में दिए अमर्यादित बयान और उसके बाद मंत्री के अधकचरे खेद से बहुत आहत। जिस बात की खुलकर माफी मांगी जानी चाहिए थी, उसपर मुख्य मंत्री ने समय रहते माफी मंगवा दी होती तो आज शायद स्थिति ऐसी नहीं होती। अगर स्पीकर ऋतु खंडूरी सदन के अंदर उसी समय मंत्री से माफी मंगवा देती, तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती।

सीएम धामी का सख्त संदेश—राज्य की एकता और प्रतिष्ठा पर आंच नहीं सहन होगी

0

देहरादून :उत्तराखंड में क्षेत्रवाद और राजनीतिक बयानबाजी पर जारी विवादों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे मंत्री हो या विधायक, राज्य की एकता और प्रतिष्ठा पर कोई भी गलत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्षेत्रवाद पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं

बीते कुछ समय से भाजपा के कुछ नेता क्षेत्रवाद के मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे पार्टी असहज महसूस कर रही है। विपक्ष भी इसी अंदाज में पलटवार कर रहा है, जिससे माहौल गरमाता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए सीएम धामी ने अपनी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी स्तर पर ऐसी बयानबाजी को सहन नहीं करेगी।

नेताओं के लिए गाइडलाइन जारी करेगी भाजपा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी माना कि पार्टी के कुछ नेता गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को भी उनके बयान को लेकर दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। पार्टी अब इस तरह की बयानबाजी पर रोक लगाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी कर रही है।

पुराने विवादों से भी रही है भाजपा असहज

यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा अपने नेताओं के बयानों से असहज हुई है। पूर्व में हरिद्वार के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के विवाद ने भी पार्टी के लिए परेशानी खड़ी की थी। चैंपियन फिलहाल जेल में हैं, लेकिन पार्टी ने अभी तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

इसके अलावा, सल्ट विधायक महेश जीना का देहरादून नगर निगम में हुआ विवाद, लैंसडौन विधायक दिलीप रावत की परिवहन विभाग के अधिकारी से कहासुनी और सरकार के एक मंत्री के विभाग में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच जैसे मामलों ने भाजपा को बैकफुट पर धकेला है।

पार्टी ने विपक्ष से भी की अपील

महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस नेताओं से भी आग्रह किया है कि वे संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी से बचें। उनका कहना है कि कुछ लोग राज्य में गलत माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।

क्या सख्त रुख अपनाएगी भाजपा?

भाजपा नेतृत्व अब विवादित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के संकेत दे रहा है। पार्टी हाईकमान जल्द ही एक कड़ी नीति लागू कर सकता है, जिससे अनर्गल बयानबाजी पर रोक लग सके। अगर ऐसा हुआ, तो आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

हरियाणा बोर्ड 12वीं इंग्लिश का पेपर लीक, परीक्षा शुरू होने से पहले ही वायरल

0

चंडीगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आज से शुरू हो गईं, लेकिन पहले ही दिन परीक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। नूंह जिले के पुन्हाना से इंग्लिश का प्रश्न पत्र लीक होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, पेपर परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

बोर्ड के सेक्रेटरी अजय चोपड़ा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि घटना की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि बोर्ड ने इस बार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी, इसके बावजूद पेपर लीक होना प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

इस घटना के बाद परीक्षार्थियों और अभिभावकों में आक्रोश है। अब देखना होगा कि बोर्ड इस मामले में क्या कदम उठाता है और आगे की परीक्षाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करता है।

 

126 नव चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किया नियुक्ति पत्र।

0

पिछले साढ़े तीन साल में 20 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

देहरादून 27 फरवरी 2025। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत 126 नवनियुक्त ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। पिछले साढ़े तीन सालों में राज्य में 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा नव चयनित अभ्यर्थी लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ग्राम पंचायत के अभिन्न अंग बनकर गाँवों का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेंगे। राज्य के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है। गांवों के विकास में एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून में सजा और जुर्माने के कठोर प्राविधान किये गए हैं। जब मेहनती और ईमानदार व्यक्ति अपनी लगन और मेहनत के दम पर कोई पद प्राप्त करता है, तो वह आम लोगों की पीड़ा और समस्याओं को समझकर ईमानदारी से अपना काम करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से शहरों के साथ गाँवों के विकास पर भी प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सख्त भू-कानून के लिए विधानसभा में विधेयक पारित हो चुका है।

उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं करेंगे -सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण का सपना हमारे आन्दोलनकारियों ने इसलिए देखा था कि उत्तराखण्ड के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति तक विकास पहुंचे। सभी उत्तराखण्डवासी मिल जुलकर राज्य को आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री ने सभी उत्तराखण्ड वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के बहकावे में न आकर एक उत्तराखण्ड की भावना से मिलकर कार्य करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चाहे वे कोई भी हों, मंत्री हों, विधायक हों, सांसद हों या कोई आम उत्तराखंडी ही क्यों न हों, उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार बिल्कुल भी माफ नहीं करेगी। आज के बाद सभी प्रकार के भड़काऊ बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा और उत्तराखंड की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने सभी नवचयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जनवरी 2025 में समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड यह कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में अवस्थापना सुविधाओं के तहत पंचायत भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराये जा रहे हैं। विभाग द्वारा परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र ऑनलाइन निर्गत किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा क पंचायतों में कम्प्यूटीकरण का कार्य किया जा रहा है। आगामी दो वर्षों में सभी पंचायतों में कम्प्यूटर स्थापित किये जायेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के अध्यक्ष बी.एस वर्मा, सचिव पंचायतीराज चन्द्रेश यादव, निदेशक पंचायतीराज निधि यादव उपस्थित थे।

दिल्ली विधानसभा : सदन में अकेले बैठे अमानतुल्लाह, बाकी AAP विधायकों की नो एंट्री पर बवाल

0

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सियासी घमासान का गवाह बन गया, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस बीच, AAP विधायक अमानतुल्लाह खान सदन में अकेले बैठे नजर आए, जबकि उनकी पार्टी के बाकी नेता बाहर धरने पर बैठ गए।

अमानतुल्लाह को मिली छूट

विधानसभा परिसर के बाहर AAP के विधायक प्रदर्शन करते रहे, आरोप लगाते हुए कि उन्हें सदन में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा। विपक्ष के नेता आतिशी ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया और सोशल मीडिया पर लिखा, “देश के इतिहास में पहली बार चुने हुए विधायकों को विधानसभा में जाने से रोका गया। पुलिस कोई आदेश नहीं दिखा रही। ये भाजपा की तानाशाही है।”

हालांकि, अमानतुल्लाह खान को विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने दिया गया, क्योंकि एलजी के अभिभाषण के दिन वे अनुपस्थित थे और निलंबन के दायरे में नहीं आए।

शीशमहल घोटाले की जांच की मांग

सत्र के दौरान भाजपा नेताओं ने CAG रिपोर्ट के हवाले से AAP सरकार पर तीखे हमले किए। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि “2000 करोड़ रुपये के घोटाले पर चर्चा होगी और शीशमहल की भी जांच कराई जाएगी।”

भाजपा नेता विजय गोयल ने भी AAP पर आरोप लगाते हुए कहा, “AAP सरकार CAG रिपोर्ट में सामने आए भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए सदन में हंगामा कर रही है।”

नाम बदलने की राजनीति भी गरमाई

विधानसभा में नाम बदलने के मुद्दे भी उठे। भाजपा विधायक नीलम पहलवान ने नजफगढ़ का नाम “नाहरगढ़” करने की मांग रखी, जबकि विधायक अनिल शर्मा ने “मोहम्मदपुर” का नाम “माधवपुरम” करने का प्रस्ताव सदन में रखने की बात कही।

“लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” – AAP

विधानसभा में प्रवेश न मिलने पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने विरोध जताते हुए कहा, “आज तक देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि चुने हुए विधायकों को विधानसभा में प्रवेश से रोका जाए। यह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।”

“जनता के मुद्दों से भाग रही है AAP”

भाजपा ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सदन में चर्चा से बचने के लिए यह हंगामा कर रही है। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “AAP को अब समझ जाना चाहिए कि दिल्ली की जनता के मुद्दों पर चर्चा करनी होगी और सदन की गरिमा बनाए रखनी होगी।”

विधानसभा की कार्यवाही जारी

सभी हंगामे के बीच दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व यूपी सरकार को प्रयागराज कुंभ के सफल आयोजन के लिए बधाई दी गई। हालांकि, AAP विधायकों को लेकर जारी गतिरोध ने दिल्ली की राजनीति को और गरमा दिया है।

सलाखों के पीछे बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल, यमुनोत्री विधायक का भाई

0

बड़कोट: सत्ता और माफिया के गठजोड़ का खौफनाक चेहरा बड़कोट में सामने आया, जब बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल को अवैध खनन की शिकायत इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपने साथी नकल माफिया हाकम सिंह के साथ पहले भी जेल की हवा खा चुके अंकित रमोला के साथ मिलकर भाजपा कार्यकर्ता को कुचलने का प्रयास कर दिया।

घटना उस वक्त घटी, जब बड़कोट पुलिस और बड़कोट तहसील के नायब तहसीलदार भी मौके पर मौजूद थे। यह स्पष्ट करता है कि सत्ता में बैठे लोग और माफिया किस हद तक अपने काले कारनामों को दबाने के लिए कानून की धज्जियां उड़ाने से पीछे नहीं हटते।

बड़कोट में लंबे समय से अवैध खनन को लेकर शिकायतें आ रही थीं। भाजपा कार्यकर्ता प्रवीन रावत ने जब इस मामले को उठाया, तो यह बात विनोद डोभाल को रास नहीं आई। वह पहले से ही विवादों में घिरे रहे हैं और अब उन पर गंभीर आरोप लगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा मंडल महामंत्री पर हमले की योजना पहले से बनाई गई थी। जब वे अपनी शिकायतों को लेकर मौके पर पहुंचे, तो अचानक वाहन चढ़ाकर उन्हें कुचलने की कोशिश की गई। हालांकि, प्रशासनिक अमले और पुलिस की मौजूदगी के कारण यह हमला असफल रहा, लेकिन इस घटना ने सत्ता और अपराध के गठजोड़ की पोल खोल दी।

इस घटना के बाद पुलिस ने विनोद डोभाल और अंकित रमोला के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया. ऐसे मामलों का सामने आना यह बताता है कि उत्तरकाशी में संगठित अपराध और राजनीतिक गठजोड़ किस तरह से जड़ें जमा चुका है। इस हमले के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता में भारी रोष है।

बड़कोट पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गहराई से की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन सवाल उठता है कि जब सत्ता से जुड़े लोग ही कानून को ताक पर रखकर अपराधियों से गठजोड़ करने लगें, तो फिर आम जनता किससे न्याय की उम्मीद करे?

यह घटना उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासन में गहराई से जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार और अपराध के गठजोड़ को उजागर करती है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करती है या फिर यह मामला भी समय की धूल में दबकर रह जाएगा।

राजौरी में सेना के वाहन पर आतंकी हमला, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

0

राजौरी (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में आतंकियों ने सेना के वाहन पर हमला कर दिया। यह हमला नियंत्रण रेखा (LoC) के पास फाल गांव के नजदीक हुआ, जहां जंगल में छिपे आतंकियों ने सेना के वाहन पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।

अधिकारियों के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद सेना अलर्ट हो गई और जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, इस गोलीबारी में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

इलाके की घेराबंदी, सर्च ऑपरेशन जारी

हमले के बाद सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और तलाशी अभियान तेज कर दिया है। संदिग्ध आतंकियों की तलाश के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। यह क्षेत्र आतंकियों के घुसपैठ मार्ग के रूप में पहले भी चिन्हित किया जा चुका है।

गोलियों की गूंज से दहला इलाका

हमले के दौरान आतंकियों ने कई राउंड फायरिंग की, जिसके बाद सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। गोलीबारी के कारण इलाके में दहशत का माहौल बन गया, लेकिन सेना की मुस्तैदी से बड़ा नुकसान टल गया। फिलहाल, सेना और सुरक्षाबल पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं और आतंकियों को बेअसर करने की कोशिश जारी है।

BJP प्रदेश अध्यक्ष का मंत्री पद से इस्तीफा, कैबिनेट विस्तार की अटकलें

0
बिहार के राजस्व मंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने  राजस्व मंत्री के पद से इस्तीफा  दे दिया है। जायसवाल के इस्तीफे के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। वहीं अब कैबिनेट विस्तार की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। अब देखने वाली बात यह है कि अगर कैबिनेट का विस्तार होता है तो इनमें किन नेताओं को जगह मिलती है।Dilip%20Jaiswal%20Letter

इस बीच दिलीप जायसवाल ने इस्तीफे की वजह भी बताई है। उन्होंने कहा कि’एक व्यक्ति, एक पद’ वह सिद्धांत है जिस पर पार्टी काम करती है, मैं भी उसी पर चलूंगा। मैं आभारी हूं कि केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे पार्टी की राज्य इकाई की जिम्मेदारी दी है।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार सीएम का विशेषाधिकार है और वह निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। जल्द ही कैबिनेट विस्तार को लेकर डिटेल में जानकारी दी जाएगी।

2 मई को खुलेंगे श्री केदारनाथ धाम के कपाट

0

श्री केदारनाथ धाम 2025

2 मई को खुलेंगे ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट।

उखीमठ ( रूद्रप्रयाग): 26 फरवरी। विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को प्रात: 7 बजे बैशाख, मास, मिथुन राशि, वृष लग्न में विधि- विधान से खुलेंगे।
27 अप्रैल को भगवान भैरवनाथ जी की पूजा होगी। जबकि बाबा केदार की पंच मुखी डोली 28अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम प्रस्थान करेगी।

आज शिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री केदारनाथ धाम रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, दायित्व धारी चंडीप्रसाद भट्ट एवं श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित पंचगाई समिति पदाधिकारियों, तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में धर्माचार्यों वेदपाठियों द्वारा पंचाग गणना पश्चात विधि- विधान से श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हुई।
इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ को
भब्य रूप से फूलों से सजाया गया था श्रद्धालुओं में उत्साह रहा सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुजन श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ दर्शन को पहुंचे इस अवसर पर भोलेनाथ के भजन कीर्तन का आयोजन भी हुआ तथा श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण किया।
कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान का कार्यक्रम भी घोषित हो गया।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट तय होने के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही यात्रा की केदारनाथ धाम यात्रा तैयारियों को अधिक गति मिलेगी। मंदिर समिति के स्तर श्री केदारनाथ यात्रा तैयारियां की जा रही है।
कहा कि कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान का कार्यक्रम भी घोषित हो गया।
पंचमुखी डोली के केदारनाथ धाम प्रस्थान कार्यक्रम के तहत 27 अप्रैल को भगवान भैरवनाथ जी की पूजा-अर्चना होगी।
श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली 28अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से प्रस्थान कर रात्रि प्रवास हेतु प्रथम पड़ाव श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी।

29अप्रैल को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से रात्रि प्रवास हेतु द्वितीय पड़ाव फाटा को प्रस्थान होगी।
30 अप्रैल फाटा से रात्रि प्रवास हेतु तृतीय पड़ाव गौरादेवी मंदिर गौरीकुंड पहुंचेगी। 1 मई शाम को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच जायेगी।
तथा 2 मई शुक्रवार को
प्रात: 7 बजे वृष लग्न में श्री केदारनाथ धाम के कपाट तीर्थयात्रियों के दर्शनार्थ खुलेंगे।
बीकेटीसी अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो गयी है जल्द मंदिर समिति का अग्रिम दल केदारनाथ धाम जाकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करेगा।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आज ही इस यात्रा वर्ष हेतु श्री केदारनाथ धाम, मद्महेश्वर धाम हेतु पुजारियों के नाम घोषित हुए श्री केदारनाथ धाम हेतु बागेश लिंग पुजारी का दायित्व संभालेंगे। शिवलिंग मद्महेश्वर पुजारी रहेंगे तथा श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ गंगाधर लिंग तथा श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में शिवशंकर लिंग पूजा-अर्चना का दायित्व निभायेंगे ।

आज कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर पर बीकेटीसी अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी,सहायक अभियंता गिरीश देवली, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवान,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी/ केदारनाथ प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी, पुजारी शिवशंकर लिंग, टी गंगाधर लिंग, बागेश लिंग,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी , कुलदीप धर्म्वाण, प्रकाश पुरोहित,उमेश शुक्ला ( भंडारी) खुशाल सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या यें तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी,आदि मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि इस यात्रा वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को प्रात: छ बजे खुलेंगे। तथा परंपरागत रूप से श्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते है इस वर्ष अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को है।

उत्तराखंड: 2 मई को खुलेंगे श्री केदारनाथ धाम के कपाट

0

उखीमठ (रुद्रप्रयाग) :  विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 2 मई 2025 को प्रातः 7 बजे वृष लग्न में वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

शिवरात्रि पर पंचांग गणना के बाद कपाट खुलने की तिथि घोषित

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पंचांग गणना के बाद कपाट खुलने की तिथि निर्धारित की गई। इस पावन अवसर पर श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, पंचगाई समिति के पदाधिकारी और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन हुआ, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा।

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली का यात्रा कार्यक्रम

कपाट खुलने की घोषणा के साथ ही भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली की यात्रा का कार्यक्रम भी निर्धारित हो गया है।

27 अप्रैल – श्री भैरवनाथ जी की विधिवत पूजा होगी।

28 अप्रैल – श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी।

रात्रि प्रवास पड़ाव इस प्रकार होंगे

28 अप्रैल – श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी

29 अप्रैल – फाटा

30 अप्रैल – गौरीकुंड (गौरा देवी मंदिर)

1 मई – शाम तक केदारनाथ धाम पहुंच जाएगी पंचमुखी डोली

2 मई – प्रातः 7 बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

केदारनाथ यात्रा की तैयारियां होंगी तेज

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही यात्रा की तैयारियों को और गति मिलेगी। मंदिर समिति के स्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अग्रिम दल जल्द केदारनाथ धाम पहुंचेगा। बीकेटीसी के अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी ने भी बताया कि मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य जल्द शुरू होगा।

पुजारियों के नाम घोषित

इस यात्रा वर्ष के लिए श्री केदारनाथ धाम, मद्महेश्वर धाम एवं अन्य मंदिरों के पुजारियों के नाम भी तय किए गए हैं—

श्री केदारनाथ धाम – बागेश लिंग

शिवलिंग मद्महेश्वर धाम – शिवलिंग पुजारी

श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ – गंगाधर लिंग

श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी – शिवशंकर लिंग

अन्य धामों के कपाट खुलने की तिथि

श्री बदरीनाथ धाम – 4 मई 2025 को प्रातः 6 बजे

श्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम – अक्षय तृतीया 30 अप्रैल 2025 को

इस अवसर पर बीकेटीसी के वरिष्ठ अधिकारी, तीर्थ-पुरोहित, हक-हकूकधारी एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार हो गया है और यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं।