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उत्तराखंड में रात के अंधेरे में हो रहा अवैध खनन, सांसद त्रिवेंद्र रावत ने लोकसभा में उठाया मामला

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नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड में अवैध खनन का मामला एक बार फिर तूल पकड़ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से लोकसभा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद में इस मुद्दे को जोरशोर से उठाते हुए सरकार और राज्य प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों में रात के अंधेरे में दौड़ रहे अवैध खनन ट्रकों पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि इस अवैध कारोबार को प्रशासन की मिलीभगत से संरक्षण मिल रहा है, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि हो रही है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।


लोकसभा में क्या बोले त्रिवेंद्र सिंह रावत?

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा,“उत्तराखंड में अवैध खनन लगातार बढ़ रहा है। रात के अंधेरे में हजारों की संख्या में ओवरलोडेड ट्रक बिना किसी रोक-टोक के दौड़ते हैं। यह केवल एक पर्यावरणीय समस्या नहीं है, बल्कि कानून-व्यवस्था और सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई करेगी?” उनका यह बयान आते ही संसद में खलबली मच गई। जहां विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा, वहीं सत्ता पक्ष ने इस पर जवाब देने में सतर्कता बरती।


खनन निदेशक का पलटवार

त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान के बाद उत्तराखंड के खनन निदेशक ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रावत के दावों को “गलत और भ्रामक” करार देते हुए कहा कि, “उत्तराखंड में खनन प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के तहत चल रही है। राज्य ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे अधिक खनन राजस्व अर्जित किया है। वाहनों को रात में चलने की अनुमति इसलिए दी जाती है, ताकि दिन में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, हमने अवैध खनन रोकने के लिए टास्क फोर्स भी गठित की है।” लेकिन, जमीनी हकीकत इससे काफी अलग नजर आती है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि टास्क फोर्स की उपस्थिति के बावजूद अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन कोई सख्त कार्रवाई नहीं करता।


क्या यह मामला यहीं थमेगा?

त्रिवेंद्र सिंह रावत का यह बयान महज एक राजनीतिक स्टंट है या वे वास्तव में इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहे हैं—यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन एक बात तय है कि उनका लोकसभा में बयान देना इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है। क्या टास्क फोर्स को और सशक्त किया जाएगा? क्या अवैध खनन के खिलाफ कोई विशेष जांच बैठाई जाएगी? या फिर यह मामला अन्य राजनीतिक विवादों की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़, तीन आतंकी ढेर, तीन जवान शहीद

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कठुआ/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ लगातार जारी है। वीरवार सुबह से लेकर रात तक दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। इस दौरान सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया, जिनके शव ड्रोन के जरिए देखे गए। हालांकि, इस संघर्ष में जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन वीर जवानों ने बलिदान दिया।

शहीद हुए जवानों की शिनाख्त

मुठभेड़ में तारिक अहमद (रियासी), जसवंत सिंह (लोंडी हीरानगर) और बलविंदर सिंह (कान्हा चक) शहीद हो गए। इसके अलावा डीएसपी धीरज कटोच और चार अन्य जवान गोलीबारी में घायल हुए हैं। सुफैन पोस्ट के प्रभारी हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह भी घायल हुए हैं, लेकिन उनका पता नहीं चल सका है। घायलों में एक पैरा कमांडो और दो एसपीओ भी शामिल हैं, जिनमें से एक को एयरलिफ्ट कर सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया है।

घुसपैठियों का पीछा करते हुए घेराबंदी

हीरानगर के सन्याल गांव में शुरू हुई मुठभेड़ के बाद आतंकी वहां से भागने में कामयाब हो गए थे। वीरवार को सुरक्षाबलों ने इन आतंकियों को उज्ज दरिया के किनारे स्थित अंबे नाल इलाके में घेर लिया और ऑपरेशन तेज कर दिया। इस इलाके में आतंकियों के एक पांच से दस सदस्यों के दल के घुसपैठ करने की आशंका है। हालांकि, फिलहाल कितने आतंकी घिरे हुए हैं, इसकी स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी है।

रातभर चला सर्च ऑपरेशन, सुबह मुठभेड़ तेज होने के आसार

बुधवार देर रात करीब दो बजे एसएसपी कठुआ शोभित सक्सेना के नेतृत्व में एसओजी और सीआरपीएफ के 200 से अधिक जवानों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। वीरवार तड़के आतंकियों की मौजूदगी का आभास होते ही सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर दी और सुबह आठ बजे से ही मुठभेड़ शुरू हो गई।

भीषण गोलीबारी, घायलों को निकालने में लगी देर

आतंकियों ने बेहद घातक अंदाज में गोलीबारी की, जिससे कई जवान घायल हुए। गोलीबारी इतनी भीषण थी कि घायलों को वहां से निकालने में काफी समय लगा। आतंकियों ने घायलों की ओर भी फायरिंग जारी रखी, जिससे उन्हें सुरक्षित बाहर लाना चुनौतीपूर्ण बन गया।

सुबह करीब 11:15 बजे अखनूर निवासी एसपीओ भरत चलोत्रा को जीएमसी कठुआ में भर्ती कराया गया। उनके चेहरे पर गोली लगी थी, जिसे ऑपरेशन कर निकाला गया। शाम पांच बजे एसपीओ हैप्पी शर्मा को ग्रेनेड हमले में घायल होने के बाद जीएमसी कठुआ लाया गया, जहां से उन्हें जम्मू रेफर कर दिया गया।

इलाके में कड़ी सुरक्षा, चार एंबुलेंस मौके पर तैनात

घायलों की मदद के लिए कठुआ के सीएमओ डॉ. विजय राणा खुद मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि अब तक दो घायलों को जीएमसी कठुआ में उपचार दिया गया है। वहीं, एक पैरा कमांडो के हाथ में गोली लगी है, जबकि अन्य घायलों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। चार एंबुलेंस मौके पर तैनात हैं और अतिरिक्त चिकित्सा दलों को अलर्ट पर रखा गया है।

आईजी-डीआईजी ऑपरेशन की निगरानी में जुटे

सुरक्षाबलों ने आतंकियों को भागने से रोकने के लिए कठुआ के जुथाना, बिलावर के धराल्ता और सुंदरीकोट के रास्तों पर नाकेबंदी कर दी है। जंगलों की ओर भी सुरक्षाबलों ने कड़ा पहरा बिठाया है। इस ऑपरेशन की निगरानी खुद आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

क्यों अहम है अंबे नाल?

अंबे नाल इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। सुरक्षाबलों को अंदेशा है कि अगर आतंकी यहां से भागने में कामयाब हो गए, तो वे पहाड़ों में छिप सकते हैं, जहां से उनका पीछा करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां उन्हें सीमित घेरे में खत्म करने की रणनीति अपना रही हैं।

ड्रोन से गिराए गए 20 किलो विस्फोटक

आतंकियों को खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों ने हेलिकॉप्टर और ड्रोन की मदद ली। ड्रोन के जरिए आतंकियों के ठिकानों पर करीब 20 किलो विस्फोटक गिराए गए, ताकि उनकी सुरक्षित पनाहगाहों को नष्ट किया जा सके। शाम करीब आठ बजे गोलीबारी कुछ समय के लिए थमी, लेकिन पूरे इलाके में सुरक्षाबल अलर्ट पर हैं।

सीनियर आईएएस आनंद वर्धन बने उत्तराखंड के नए मुख्य सचिव

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद वर्धन को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। वर्तमान में आनंद वर्धन अपर मुख्य सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

वर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का सेवा विस्तार 31 मार्च को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद एक अप्रैल 2025 से आनंद वर्धन औपचारिक रूप से मुख्य सचिव का कार्यभार संभालेंगे।

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सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, “राज्य शासन द्वारा कार्यहित में निर्णय लिया गया है कि आईएएस आनंद वर्धन दिनांक 1 अप्रैल 2025 से उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव पद का दायित्व ग्रहण करेंगे। कृपया तदनुसार नवीन पदभार ग्रहण करें।”

अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में “छात्र संसद 2025” का भव्य समापन।

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गैरसैंण, भराड़ीसैंण 27 मार्च 2025। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में स्थित अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “छात्र संसद 2025” का समापन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

इस आयोजन में चमोली मंडल के पांच महाविद्यालयों के 70 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और उत्तराखंड की समृद्ध लोककला, संस्कृति एवं पारंपरिक कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पारंपरिक कृषि पद्धतियों, जल संरक्षण, जैविक खेती, लोक कलाओं एवं भाषाई विविधता जैसे विषयों पर विस्तार से अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागी छात्रों ने उत्तराखंड के समग्र विकास को लेकर अपने सुझाव दिए और प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर जोर दिया।

टॉप 5 छात्रों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के समापन समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 5 छात्रों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित छात्र निम्नलिखित हैं—

  1. विपिन सिंह – गोपेश्वर महाविद्यालय
  2. सोमिल पंवार – गोपेश्वर महाविद्यालय
  3. सौरभ सिंह – गैरसैंण महाविद्यालय
  4. अंशुल रावत – कर्णप्रयाग महाविद्यालय
  5. रोशनी पंवार – गैरसैंण महाविद्यालय

इसके अतिरिक्त, सभी 70 प्रतिभागी छात्रों को भी सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया, ताकि उनकी सहभागिता और उत्कृष्ट विचारों को प्रोत्साहित किया जा सके।

संस्थान के पदाधिकारियों एवं आयोजकों ने छात्र संसद 2025 की सफलता पर हर्ष जताया और कहा कि यह आयोजन युवा वर्ग को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय प्रक्रियाओं और समाज सेवा की भावना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे उत्तराखंड के युवाओं को सशक्त नेतृत्व एवं नीति निर्माण की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छात्र संसद 2025 ने यह सिद्ध कर दिया कि युवा शक्ति उत्तराखंड की संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित रखते हुए राज्य के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।

इस दौरान डॉ. डीएस पुंडीर – सोशल साइंटिस्ट, डायरेक्टर, हिमांद संस्था, गिरीश डिमरी – सीनियर प्रोग्राम मैनेजर, श्री एसबीएमए, गैरसैंण,गिरीश नौटियाल – कृषि एवं उद्यानिकी विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता,अरुण मैठाणी पत्रकार एवं सोशल एक्टिविस्ट , वी एन खली,श्री दुर्गा प्रसाद ,डा॰ कृष्ण मिश्रा,डा॰ विनोद सिंह फ़रसवान, डा॰ मनीष चन्द्र,डा॰ मनीष कुमार मिश्रा ,डा॰ रामानंद , डा॰ जय प्रकाश आर्या सहित विधानभा कर्मचारी ओर छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

युवाओं के लिए बड़ा मौका, 26,596 पदों पर होगी भर्ती

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड दरोगा, सिपाही और जेल वार्डर के 26,596 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगा। अप्रैल माह के अंत तक इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विज्ञप्ति जारी की जाएगी। पुलिस बल में 30,000 नई भर्तियाँ शुरू होंगी। यह उन युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसर है जो देश की सेवा में अपने कदम बढ़ाना चाहते हैं।

हाल ही में 60,244 कांस्टेबल पदों पर भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। इन पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों से चरित्र प्रमाण पत्र और मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद, नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी।

आगामी भर्तियों में कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (दरोगा), जेल वार्डर, फायरमैन, ड्राइवर, रेडियो ऑपरेटर, लिपिक संवर्ग, कंप्यूटर ऑपरेटर/प्रोग्रामर आदि पद शामिल होंगे। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं/12वीं पास से लेकर स्नातक तक निर्धारित की गई है, जो पद के अनुसार भिन्न होगी।

आयु सीमा भी पदों के अनुसार निर्धारित होगी, जिसमें कुछ श्रेणियों के लिए आयु में छूट का प्रावधान होगा। आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा तिथियाँ और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। अतः सभी इच्छुक उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे नियमित रूप से UPPRPB की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम अपडेट के लिए नजर बनाए रखें।

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ यात्रा तैयारियां हुई शुरू

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श्री बदरीनाथ -केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )की यात्रा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद की कवायद

• मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के चारधाम यात्रा की यात्रा पूर्व तैयारियों हेतु निर्देश
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज , गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय,सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे के दिशा निर्देश में बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी तैयारियों में जुटे।

•बीकेटीसी मुख्यकार्यकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री केदारनाथ धाम शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंच यात्रा पूर्व तैयरियों की रूपरेखा का किया आंकलन।

• बदरी-केदार यात्रा मार्ग पर समिति की कार्यालय/ विश्राम गृहों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

 

रूद्रप्रयाग 27 मार्च। सरल सुगम आगामी चार धाम यात्राकाल 2025 में यात्रियों के सुविधा हेतु व्यवस्थाओं को सुचारू किये जाने के लिए धामों के कपाट खुलने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में यात्रा व्यवस्थाओं को चाक चौबंद किया जा रहा है वही पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के की पहल तथा आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय एवं पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे के दिशा निर्देश पर बदरीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति द्वारा संचालित समस्त विश्राम गृहों/कार्यालय को सुव्यवस्थित किये जाने की कवायद शुरू हो गयी है तथा इसी क्रम में बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल के नेतृत्व में बीते कल बुधवार को समिति का दल श्री बदरीनाथ धाम पहुंचा था आज मंदिर समिति कार्यालय उखीमठ पहुंच कर यात्रा पूर्व तैयारियों हेतु रूपरेखा का आंकलन किया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया।

श्री केदारनाथ धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ रावल निवास सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य कार्याधिकारी ने सभी कर्मचारियों को 2 मई से शुरू हो रही आगामी केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियों हेतु दिशा निर्देश दिये इस दौरान सहायक अभियंता गिरीश देवली, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, केदारनाथ धाम प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, धर्माचार्य औंकार शुक्ला, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, आशाराम नौटियाल पुजारी शिवशंकर लिंग, बागेश लिंग प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी,प्रबंधक प्रदीप सेमवाल , जेई विपिन कुमार सहित सभी अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे ।इससे पहले मुख्यकार्याधिकारी ने श्री ओंकारेश्वर मन्दिर में दर्शन किये उषा अनिरूद्ध विवाह मंडप का भी अवलोकन किया ‌।इसके पश्चात ऊखीमठ कार्यालय का निरीक्षण भी किया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कल 28 मार्च शुक्रवार को बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी मंदिर समिति के गुप्तकाशी ,कलियासौड़, श्रीनगर ( गढ़वाल ) एवं रुद्रप्रयाग विश्राम गृह का निरीक्षण करेंगे
इसके पश्चात बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी पौड़ी, देवप्रयाग तथा ऋषिकेश स्थिति विश्राम गृहों चंद्रभागा विश्राम गृह तथा रेल्वे रोड स्थित चेला चेतराम विश्राम गृह का निरीक्षण करेंगे एवं कर्मचारियों अधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे।

अधिकारियों -कर्मचारियों को बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी के कार्यक्रम सम्बन्धित पटलों जानकारी, प्रगति आख्या पत्रावली सहित निर्धारित समय में उपस्थित रहने हेतु कहा गया है।IMG 20250327 WA0092

कठुआ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, चार जवान घायल

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कठुआ: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के जुथाना इलाके में गुरुवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में एसडीपीओ बॉर्डर डीवाईएसपी धीरज कटोच समेत चार जवान घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद घेराबंदी

सूत्रों के मुताबिक, इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गए हैं और ऑपरेशन अभी जारी है।

“आतंकियों को खत्म करो”

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात लगातार मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने बुधवार को हीरानगर पुलिस थाने में सुरक्षा बैठक कर आतंकवादियों पर शिकंजा कसने की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने सख्त आदेश देते हुए कहा, “आतंकियों को ढूंढो और उनका खात्मा करो।”

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

डीजीपी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने आतंकियों के मददगारों पर सख्त कार्रवाई करने और घुसपैठ के संभावित रास्तों को सील करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, सांबा और कठुआ जिले के थाना प्रभारियों और एसओजी टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है।

बारामुला में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़

इस बीच, सुरक्षाबलों ने उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले में आतंकियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। पुलिस, सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और सीआरपीएफ की 53 बटालियन ने बारामुला के नंबलां वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाकर आईईडी, प्लास्टिक विस्फोटक, एके-47 के 104 राउंड, दो हैंड ग्रेनेड और अन्य हथियार बरामद किए हैं।

राजौरी में सुरक्षा की समीक्षा

व्हाइट नाइट कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने बुधवार को राजौरी सेक्टर का दौरा कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में सैनिकों के समर्पण की सराहना करते हुए स्थानीय नागरिकों से रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया।

सुरक्षा बल अलर्ट, तलाशी अभियान तेज

मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने अतिरिक्त सुरक्षा तैनात कर दी है और आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी है। आने वाले दिनों में अन्य संवेदनशील इलाकों में भी तलाशी अभियान तेज किए जाने की संभावना है।

UGC का बड़ा कदम: स्नातक छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम

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नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) से आग्रह किया है कि वे स्नातक छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) लागू करें। इस पहल का मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर देना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

यूजीसी के अनुसार, एईडीपी के जरिए छात्रों को उद्योगों में काम करने का वास्तविक अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार संभावनाएं बेहतर होंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य परिणाम-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना, उच्च शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच संबंध मजबूत करना, और उद्योगों में कौशल अंतर को कम करना है।

तीन और चार वर्षीय पाठ्यक्रमों में अप्रेंटिसशिप अनिवार्य

  • तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में छात्रों को कम से कम एक सेमेस्टर और अधिकतम तीन सेमेस्टर तक अप्रेंटिसशिप करनी होगी।

  • चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में यह अवधि न्यूनतम दो सेमेस्टर और अधिकतम चार सेमेस्टर की होगी।

रोजगार के अवसर होंगे बेहतर

इस कार्यक्रम से छात्रों को शिक्षा के दौरान ही औद्योगिक अनुभव मिलेगा, जिससे उन्हें डिग्री पूरी करने के बाद तुरंत नौकरी पाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह उद्योगों की जरूरत के अनुसार छात्रों को प्रशिक्षित करने में भी मदद करेगा।

यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों को जल्द से जल्द इस कार्यक्रम को लागू करने का सुझाव दिया है, जिससे छात्रों को शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और कौशल भी मिल सके।

दिल्ली-NCR में मार्च में ही भीषण गर्मी, पारा 40 डिग्री के करीब

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नई दिल्ली: मार्च की शुरुआत में ही दिल्ली-NCR में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, जिससे दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। लोग चिलचिलाती धूप से बचने के लिए सूर्य ढलने का इंतजार कर रहे हैं।

बीते बुधवार को राजधानी में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मार्च महीने में बीते तीन सालों का सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले मार्च 2022 में यह 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।

दिल्ली से सटे नोएडा में भी भीषण गर्मी का असर दिखा, जहां बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी के तेवर और कड़े हो सकते हैं।

गया पुलिस लाइन में एएसआई नीरज कुमार ने सर्विस रिवाल्वर से की आत्महत्या

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लखीसराय: जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के सिंगारपुर निवासी एएसआई नीरज कुमार ने बुधवार रात गया पुलिस लाइन में अपनी सर्विस रिवाल्वर से आत्महत्या कर ली। यह खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

परिजनों के मुताबिक, नीरज कुमार दो दिन पहले ही घर से ड्यूटी के लिए गए थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही लखीसराय से स्वजन गया के लिए रवाना हो गए। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।