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आईआईटी रुड़की में आयोजित ‘सस्टेनेबल एनर्जी इन सनातन भारत : रोडमैप फॉर विकसित भारत@2047’ कार्यक्रम में शामिल हुई विधानसभा अध्यक्ष

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रुड़की 26 अप्रैल 2025।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की द्वारा आयोजित ‘सस्टेनेबल एनर्जी इन सनातन भारत : रोडमैप फॉर विकसित भारत@2047’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
आईआईटी रुड़की के सभागार में पहुंचकर उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सस्टेनेबल एनर्जी आज के आधुनिक युग में अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसके साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व पटल पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है, किन्तु हमें धरती को बचाने के लिए अपने प्रयासों को और सशक्त बनाना होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी संसाधन आज हमें प्रकृति से प्राप्त हो रहे हैं, उन्हें भविष्य में भी बनाए रखने हेतु सतत कार्य करना आवश्यक है।

ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने संसाधनों का उपयोग करते हुए भी पर्यावरण और पृथ्वी के संरक्षण को प्राथमिकता दी थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे हमारी दादी-नानी घर के कचरे का पुनः उपयोग करती थीं, गोबर से ईंधन तैयार किया जाता था, तथा वर्षा जल का संरक्षण कर उसे विविध कार्यों में प्रयोग किया जाता था।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारे संस्कारों में सदैव निहित रहा है, किंतु वर्तमान समय में हम इन परंपराओं को भूलते जा रहे हैं, जिन्हें पुनः अपनाने की आवश्यकता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकल्प की पूर्ति में सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें हर संसाधन का विवेकपूर्ण संरक्षण इस सोच के साथ करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियाँ भी उनका समुचित लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री श्री श्यामवीर सिंह सैनी, रुड़की विधायक श्री प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, आईआईटी रुड़की के उपनिदेशक प्रो. यू. पी. सिंह, समित्रा सतपाल, तथा अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा शर्मा ने किया।

आज ज्योतिर्मठ पहुंचेंगे जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, छह दिवसीय सत्संग का होगा आयोजन

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ज्योतिर्मठ : उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 वैशाख कृष्ण त्रयोदशी, यानी आज  शनिवार 26 अप्रैल को सायं 5 बजे ज्योतिर्मठ, बदरिकाश्रम में पधार रहे हैं। उनका यह आगमन छह दिवसीय आध्यात्मिक प्रवास का आरंभ होगा।

इस अवसर को और भी पावन बनाने हेतु 26 अप्रैल से 1 मई तक प्रतिदिन संध्या 4:30 बजे से 6:30 बजे तक दिव्य सत्संग का आयोजन किया जाएगा। यह सत्संग न केवल गुरु-दर्शन का अनुपम अवसर है, बल्कि शिष्यत्व और साधना की गहराइयों में उतरने का दुर्लभ क्षण भी है।

आयोजन की व्यवस्था स्वामी प्रत्यक्चैतन्यमुकुन्दानन्द गिरि एवं विष्णुप्रियानन्द ब्रह्मचारी के निर्देशन में की जा रही है। ज्योतिर्मठ के समस्त श्रद्धालुजन, सनातन धर्म के अनुयायी और जिज्ञासु साधक इस अद्वितीय अवसर पर शामिल होकर पुण्य के भागी बनें ।

पहलगाम हमला :भारत के कड़े कदमों से घबराया पाक, पीएम शहबाज जांच के लिए तैयार

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पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत के लगातार सख्त फैसलों से पाकिस्तान बैकफुट पर नजर आ रहा है। जहां पाकिस्तानी नेता पहले बेसिर-पैर के बयान दे रहे थे, वहीं अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शांति का रास्ता अपनाने की बात कही है।

पाक न्यूज चैनल डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, काकुल में पाक मिलिट्री अकादमी की पासिंग-आउट परेड में शहबाज ने कहा, “पहलगाम की घटना दोषारोपण के चक्र का हिस्सा है, जिसे बंद करना जरूरी है।” उन्होंने जोड़ा, “पाकिस्तान एक जिम्मेदार देश के रूप में किसी भी निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच में शामिल होने को तैयार है।”

हालांकि, भारत के सिंधु जल संधि खत्म करने के फैसले से पाक बौखलाया हुआ है। शहबाज ने चेतावनी दी, “पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की कोशिश का हम पूरी ताकत से जवाब देंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हम किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं और किसी को गलती नहीं करनी चाहिए। 240 मिलियन लोगों का यह देश अपने बहादुर सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है।

शांति हमारी प्राथमिकता है, लेकिन अखंडता और सुरक्षा पर समझौता नहीं होगा। इससे पहले, नेता बिलावल भुट्टो ने सखर में सिंधु नदी के किनारे जनसभा में विवादास्पद बयान दिया था, “सिंधु दरिया हमारा है और हमारा ही रहेगा। इसमें या तो पानी बहेगा, या खून बहेगा, जो हमारी हिस्सेदारी छीनना चाहेगा।”

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार पिकअप ने छह सफाई कर्मियों को रौंदा

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नूंह: शनिवार सुबह हरियां जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के तहत इब्राहिमबास गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को टक्कर मार दी, जिसमें छह कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब 10 सफाई कर्मचारी एक्सप्रेसवे पर काम कर रहे थे। अचानक आई तेज रफ्तार पिकअप ने कर्मचारियों को जोरदार टक्कर मारी, जिससे छह की मौके पर मौत हो गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई, और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देकर घायलों को बचाने में मदद की। भीड़ जमा होने पर पुलिस, एंबुलेंस और रोड सुरक्षा एजेंसी की टीमें पहुंचीं। टक्कर इतनी भयानक थी कि कई शवों के टुकड़े बिखर गए, जिससे लोग सन्न रह गए।

यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, और लोगों ने मृतकों के प्रति संवेदना जताई। कई यूजर्स ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग उठाई। पुलिस ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त अभी बाकी है, और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पिकअप चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है, जबकि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों से घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

इससे पहले भी इस एक्सप्रेसवे पर कोहरे, लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण कई हादसे हो चुके हैं, जो अब सड़क सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। प्रशासन ने यातायात को नियंत्रित किया और घटनास्थल को साफ कराया, जबकि घायलों का इलाज और मृतकों के परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया जारी है।

लंदन में पहलगाम हमले के खिलाफ भारतीयों का प्रदर्शन, पाकिस्तानी अधिकारी ने किया गला काटने का इशारा

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लंदन: पहलगाम आतंकी हमले की विश्वव्यापी निंदा के बावजूद पाकिस्तान की संवेदनहीनता सामने आई है। शुक्रवार को लंदन में भारतीय और भारतीय मूल के सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों की ओर गला काटने का आपत्तिजनक इशारा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

लगभग 500 से अधिक ब्रिटिश हिंदुओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने बैनर और प्लेकार्ड्स के साथ आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी की और पहलगाम हमले के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया। इसी दौरान, पाकिस्तानी उच्चायोग में सेना और वायु सलाहकार के रूप में तैनात कर्नल तैमूर राहत ने बालकनी से प्रदर्शनकारियों की ओर गला काटने का इशारा किया, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया।

वहीं, पाकिस्तानी उच्चायोग ने संवेदनहीनता दिखाते हुए प्रदर्शन के दौरान तेज संगीत बजाया, जिसे कई प्रदर्शनकारियों ने पहलगाम हमले का जश्न मनाने जैसा बताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने कहा कि पहलगाम हमला 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमले जैसा है, जहां दोनों जगह निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस हरकत पर गहरी नाराजगी जताई।

कुलगाम और शोपियां में सुरक्षाबलों ने दो और आतंकियों के मकान किए ध्वस्त

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पहलगाम नरसंहार के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू की है। दक्षिण कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। शुक्रवार को दो आतंकियों के घरों को नष्ट करने के बाद शनिवार को कुलगाम और शोपियां में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के मकान ध्वस्त किए।

कुलगाम के मतलहामा में आतंकी जाकिर अहमद गनिया का घर नष्ट किया गया, जो 2023 से सक्रिय था। वहीं, शोपियां के चोटीपुरा में आतंकी शाहिद अहमद कूटे का मकान गिराया गया, जो 2022 से सक्रिय था।

शुक्रवार को पहलगाम हमले में शामिल दो स्थानीय आतंकियों, आदिल ठोकर उर्फ आदिल गुरी और अहसान अहमद शेख, समेत लश्कर के तीन आतंकियों के मकानों को विस्फोटकों से उड़ा दिया गया था। तीसरा आतंकी हारिस नजीर भी जम्मू-कश्मीर की आतंकी सूची में शामिल है।

जगद्गुरु शंकराचार्य श्री राजराजेश्वराश्रम का आर्शीवाद लेते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

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हरिद्वार, 25 अप्रैल 2025। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज जगतगुरु आश्रम कनखल हरिद्वार में आयोजित अखिल भारतीय ज्योतिष महासम्मेलन में प्रतिभाग किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य श्री राजराजेश्वराश्रम जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार विधानसभा के उदयरामपुर में संचालित किया जा रहा “दीदी की पाठशाला” में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाया।

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कोटद्वार 25 अप्रैल 2025

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार विधानसभा के उदयरामपुर में संचालित किया जा रहा “दीदी की पाठशाला” में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाया। साथ हीं बच्चों को कंप्यूटर का ज्ञान हो इसके लिए आज एक कंप्यूटर भी उपलब्ध कराया।

अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी ने बताया कि गत जनवरी माह से कोटद्वार भाभर के उदयरामपुर में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों के लिए “जय दुर्गा सामाजिक उत्थान संस्थान” के माध्यम से यहां पर एक निशुल्क पाठशाला खोली गई है जिसे गोलू जखमोला बखूबी चला रहे हैं। जब भी वक्त मिलता है मैं भी यहाँ बच्चों को पढ़ाने आती हूँ और इससे मुझे बड़ी ख़ुशी मिलती है। हमारे द्वारा लगातार गोलू के साथ मिलकर बच्चों को मोबाइल से हटा कर पुनः किताबों में लाने का यह एक प्रयास है। यहाँ वो बच्चे आते हैं जो सरकारी स्कूलों में पढ़ते है या उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अभी ख़राब है। उन्होंने कहा यहां लगातार बच्चों को मानसिक और शारीरिक विकास पे जोर दिया जा रहा है। बच्चों को स्कूली शिक्षा से अलग यहाँ जनरल नॉलेज, अंग्रेज़ी बोलना, गढ़वाली पढ़ना और बोलना, सामाजिक शिक्षा इत्यादि की पढ़ाई साथ ही बच्चों के खेलने के लिए शतरंज, बैडमिंटन, कैरम आदि के सुविधा उपलब्ध कराया है।

अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी ने बच्चों से सवाल पूछे जिनका जवाब भी बच्चों ने बखूबी दिया । साथ ही उन्होंने बच्चों को बैग , कॉपी, पेन, मिष्ठान बगैर दिया और साथ ही पाठशाला के लिए कंप्यूटर दिया जिससे बच्चों को कंप्यूटर के माध्यम से भी ज्ञान मिलता रहे ।

इस अवसर पर मनीष भट्ट , सुभाष जखमोला , गिरीश जखमोला , रोशन केष्टवाल ,सुमन आदि लोग उपस्थित रहे।

पहलगाम हमले के बाद भारत का कड़ा रुख, दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग, राहुल गांधी ने घायल से की मुलाकात

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नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी तेज कर दी है। 25 अप्रैल को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। इस हमले के बाद भारत ने पांच अहम फैसले लिए हैं, जबकि पाकिस्तान ने शिमला समझौते को रद्द करने की धमकी दी है।

इसी बीच, विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को श्रीनगर पहुंचे, जहां उन्होंने पहलगाम हमले के घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। जम्मू-कश्मीर में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सरकार के किसी भी कदम का समर्थन करने को तैयार है।

दूसरी ओर, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी उधमपुर पहुंचे हैं, जहां उन्हें पुंछ-राजौरी और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा की सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा, सिंधु जल समझौते को लेकर एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें जल शक्ति मंत्री और विदेश मंत्री के शामिल होने की संभावना है।

कांग्रेस ने हेमवती नंदन बहुगुणा को पुण्य तिथि पर अर्पित किए श्रद्धासुमन, भारत रत्न देने की मांग

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देहरादून : भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 106वीं जयंती पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार से उन्हें भारत रत्न, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, देने की मांग की। यह मांग देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक स्मृति समारोह के दौरान की गई, जहां पार्टी नेताओं ने बहुगुणा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और धर्मनिरपेक्षता व सांप्रदायिक सौहार्द के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता को याद किया।
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पौड़ी गढ़वाल के एक दूरस्थ गांव से राष्ट्रीय नेता बनने तक बहुगुणा की असाधारण यात्रा को रेखांकित किया। पौड़ी के बुघाणी गांव में जन्मे बहुगुणा ने पौड़ी और देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, फिर उच्च शिक्षा के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय गए। वहां उन्होंने छात्र राजनीति में हिस्सा लिया और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े, ब्रिटिश शासन के खिलाफ बेखौफ आवाज बने। उनके साहस के कारण ब्रिटिश सरकार ने उन पर 10 हजार रुपये का इनाम रखा, जिंदा या मुर्दा। जेल में बंद होने के बावजूद, बहुगुणा ने ब्रिटिश अधिकारियों से क्षमादान मांगने से इनकार कर दिया।
धस्माना ने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री जैसे दिग्गज नेताओं के साथ बहुगुणा के निकट संबंधों को याद किया, जिन्होंने उनकी राजनीतिक विचारधारा को आकार दिया। स्वतंत्रता के बाद, बहुगुणा का राजनीतिक करियर चमका। वे इलाहाबाद से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और बाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। सैद्धांतिक राजनीति के लिए विख्यात, बहुगुणा ने अपनी मान्यताओं से कभी समझौता नहीं किया, भले ही इसका उन्हें राजनीतिक नुकसान हुआ।
बहुगुणा का शानदार करियर केंद्रीय सरकार में भी चमका। उन्होंने जनता पार्टी सरकार में पेट्रोलियम मंत्री के रूप में कार्य किया, लेकिन आरएसएस और जनसंघ के साथ दोहरी सदस्यता के मुद्दे पर मतभेद के कारण इस्तीफा दे दिया। बाद में, वे चौधरी चरण सिंह की सरकार में वित्त मंत्री बने। 1980 में, बहुगुणा ने कांग्रेस में वापसी कर इंदिरा गांधी की सत्ता में वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेद के कारण वे फिर अलग हो गए और जीवन के अंत तक धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट करने में जुटे रहे।
प्रख्यात पत्रकार खुशवंत सिंह के हवाले से धस्माना ने बताया कि सिंह ने बहुगुणा के निधन के बाद उन्हें “गांधी और नेहरू के बाद सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष नेता” के रूप में वर्णित किया था। कांग्रेस नेता ने सांप्रदायिक सौहार्द के प्रति बहुगुणा की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मजबूत मांग की।
समारोह में कई कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रदेश महासचिव जगदीश धीमान, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, शहर उपाध्यक्ष आनंद सिंह पुंडीर, नगर निगम पार्षद अर्जुन सोनकर, सोम प्रकाश वाल्मीकि, पूर्व पार्षद प्रकाश नेगी और राजेश पुंडीर शामिल थे। उन्होंने बहुगुणा को पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी स्थायी विरासत को याद किया।
उत्तराखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार से अपनी मांग दोहराई, बहुगुणा के राष्ट्र के प्रति अतुलनीय योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का आग्रह किया, जो उनके सेवा और बलिदान से भरे जीवन के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि होगी।