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सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: जजों की संपत्ति और नियुक्ति प्रक्रिया अब सार्वजनिक

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को सर्वोच्च अदालत के जजों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किया, जिसे सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसके साथ ही, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को भी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है।

जजों की संपत्ति का ब्यौरा वेबसाइट पर

सुप्रीम कोर्ट ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “1 अप्रैल 2025 को लिए गए फैसले के तहत, सभी जजों की संपत्ति से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह ब्यौरा सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, और अन्य जजों की संपत्ति की जानकारी भी जल्द ही अपलोड की जाएगी।” ये दस्तावेज अब आम जनता के लिए उपलब्ध हैं, जिससे न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

नियुक्ति प्रक्रिया भी सार्वजनिक

सर्वोच्च न्यायालय ने जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति से जुड़ी जानकारी, जिसमें कॉलेजियम सिस्टम का कार्यप्रणाली, केंद्र और राज्य सरकारों के इनपुट, और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के निर्णय शामिल हैं, अब सार्वजनिक की जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने बयान में कहा, “9 नवंबर 2022 से 5 मई 2025 के बीच हाई कोर्ट जजों की नियुक्तियों के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं।” इन दस्तावेजों में जजों के नाम, संबंधित हाई कोर्ट, पिछला पद, सिफारिश और नियुक्ति की तारीख, विशेष श्रेणी (एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक/महिला), और मौजूदा या सेवानिवृत्त जजों से संबंध जैसी जानकारियां शामिल हैं।

फैसले के पीछे का कारण

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे कैश कांड के आरोपों के बाद आया है। इसके अलावा, कॉलेजियम सिस्टम के तहत जजों की नियुक्ति प्रक्रिया पर अक्सर उठने वाले सवालों ने पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित किया। सुप्रीम कोर्ट ने इन विवादों को संबोधित करने और जनता का विश्वास जीतने के लिए संपत्ति और नियुक्ति प्रक्रिया को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया।

इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट्स से तीन महीने से अधिक समय से लंबित सुरक्षित फैसलों का ब्यौरा मांगा है, जिसकी रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी। यह कदम भी न्यायिक प्रक्रिया में जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को न्यायिक पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो जनता और न्याय व्यवस्था के बीच विश्वास को और मजबूत करेगा।

देश भर में कल होगा सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल, राज्यों से मांगी गई रिपोर्ट

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नई दिल्ली : कल सात मई को देशभर के 244 चिह्नित जिलों में एक व्यापक नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने जा रही है। इस अभ्यास का उद्देश्य युद्धकालीन परिदृश्यों, जैसे मिसाइल हमले या हवाई हमले, में आम जनता और आपातकालीन सेवाओं की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की तैयारियों का परीक्षण करना है।

यह ड्रिल वास्तविक जीवन की संकट स्थितियों का अनुकरण करेगी, जिसमें हवाई हमले की सायरन बजाना, शहरों में बिजली कटौती, और नागरिकों द्वारा आश्रय लेने का अभ्यास शामिल होगा। आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें संकट के दौरान त्वरित कार्रवाई का अनुकरण करेंगी। मुख्य उद्देश्य अराजकता को रोकना, घबराहट को कम करना और जीवन रक्षा के उपायों को बढ़ाना है।

हालांकि ऐसी तैयारियां शीत युद्ध के युग की यादें ताजा करती हैं, वैश्विक तनावों के बढ़ने ने इनकी नई प्रासंगिकता को रेखांकित किया है। गृह मंत्रालय ने 2 मई, 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस राष्ट्रव्यापी रिहर्सल की तैयारी के लिए निर्देश जारी किए, जो नागरिक सुरक्षा नियम, 1968 के अंतर्गत आता है।

इस अभ्यास में स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा वार्डन, होम गार्ड, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस), और स्कूलों व कॉलेजों के छात्र शामिल होंगे। यह सामूहिक प्रयास इस बात पर जोर देता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सशस्त्र बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की तैयारियों पर भी निर्भर करती है।

मॉक ड्रिल में कई महत्वपूर्ण कदम

सायरन परीक्षण: संवेदनशील क्षेत्रों और संस्थानों में सायरन का परीक्षण किया जाएगा ताकि नागरिकों को संभावित हमले की चेतावनी दी जा सके।

कार्यशालाएँ: स्कूलों, कार्यालयों और सामुदायिक केंद्रों में कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिसमें “ड्रॉप-एंड-कवर” तकनीक, निकटतम आश्रय स्थल की पहचान, प्राथमिक चिकित्सा, और संकट के दौरान मानसिक संयम बनाए रखने की तकनीकों को सिखाया जाएगा।

बिजली कटौती: रात के हवाई हमलों का अनुकरण करने के लिए बिजली अस्थायी रूप से काटी जाएगी, जैसा कि 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान शहरों को दुश्मन की निगरानी से छिपाने के लिए किया गया था।

छलावरण उपाय: सैन्य ठिकानों, संचार टावरों, और बिजली संयंत्रों जैसे रणनीतिक प्रतिष्ठानों को उपग्रह या हवाई पहचान से बचाने के लिए छलावरण किया जाएगा।

निकासी अभ्यास: उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरण का अभ्यास करेंगे ताकि वास्तविक आपात स्थिति में संभावित बाधाओं की पहचान की जा सके।

हालांकि, यह ड्रिल किसी विशिष्ट घटना से संबंधित नहीं है, यह 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए दुखद आतंकवादी हमले के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा उपायों का हिस्सा है। इस हमले में 26 भारतीय पर्यटकों की जान गई थी, जिसे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों से जोड़ा गया। जवाब में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठकों की अध्यक्षता की और प्रतिज्ञा की कि “जो हमारे खिलाफ साजिश रचते हैं, उन्हें उनकी कल्पना से परे परिणाम भुगतने होंगे।”

प्री-ड्रिल तैयारियाँ

आगामी अभ्यास की एक झलक भारत-पाकिस्तान सीमा के पास फिरोजपुर छावनी में आयोजित 30 मिनट की ब्लैकआउट ड्रिल में देखी गई थी। गृह मंत्रालय ने सभी भाग लेने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ड्रिल के बाद एक “कार्रवाई रिपोर्ट” जमा करने का निर्देश दिया है, जिसमें कार्यान्वयन, सीखे गए सबक, और सुधार के क्षेत्रों का विवरण होगा।

यह राष्ट्रव्यापी पहल राष्ट्र की सुरक्षा में जन जागरूकता और तैयारियों के महत्व को रेखांकित करती है। नागरिकों को यह ज्ञान प्रदान करके कि क्या करना है, कब कार्य करना है, और संकट में शांत कैसे रहना है, यह ड्रिल भारत की समग्र लचीलापन को बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। यह केवल हमले का जवाब देने के बारे में नहीं है, बल्कि तैयारियों की सक्रिय संस्कृति को बढ़ावा देने के बारे में है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, सभी जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अलर्ट के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी जिले के लिए 07 और 08 मई को भारी से बहुत भारी बारिश, बर्फबारी, आकाशीय बिजली, और ओलावृष्टि का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, अन्य जिलों के लिए 06, 07 और 08 मई को ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं।

 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई

 

माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन और उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन  विनय कुमार रुहेला ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इस दौरान सभी जिलों को अलर्ट के अनुसार तैयारियां सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

 

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम यात्रियों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि भारी बारिश हो रही हो तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए और बारिश थमने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए।

 

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में उपकरण तैनात

 

विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यात्रा मार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी और अन्य आवश्यक उपकरणों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी ताकि मार्ग को जल्द से जल्द खोला जा सके। इसके अलावा, कॉमन एलर्ट प्रोटोकॉल (सीएपी) के माध्यम से आम लोगों को मौसम संबंधी एसएमएस अलर्ट भेजे जा रहे हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अलर्ट समय पर लोगों तक पहुंच रहे हैं, इसकी जांच की जाएगी।

 

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर मौसम अलर्ट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। श्री सुमन ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति आपदा से संबंधित गलत सूचना फैलाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

 

सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा

 

आपदा प्रबंधन विभाग ने आपदाओं से निपटने के लिए सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की पहल शुरू की है। टिहरी जिले में इसकी शुरुआत की गई है, जहां प्रत्येक गांव में पांच लोगों का एक समूह बनाया गया है। यह समूह आपदा की स्थिति में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) को तुरंत सूचना देगा। इन समूहों के संपर्क नंबर डीईओसी में उपलब्ध होंगे, ताकि सूचना के आधार पर त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

 

यात्रियों के लिए जलपान की व्यवस्था

 

आपदा सचिव ने निर्देश दिए कि यदि यात्रियों को खराब मौसम के कारण ऐसी जगहों पर रोका जाता है जहां दुकानें नहीं हैं, तो उनके लिए जलपान की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही, अन्य जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी जिले में यात्रियों की भीड़ या जाम की स्थिति न बने। यदि आवश्यक हो तो यात्रियों को पड़ोसी जिले में ही रोक लिया जाए।

 

मानसून से पहले नालों की सफाई

 

मानसून से पहले जलभराव की समस्या से बचने के लिए सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों को नालों की सफाई जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान बारिश के दौरान यह भी पता लगाया जाए कि किन क्षेत्रों में जलभराव हो रहा है और इसके कारणों को दूर किया जाए। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने और मौसम अलर्ट के अनुसार प्रभावी कदम उठाने के लिए तैयार रहने को कहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का उत्तराखंड आगमन पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किया स्वागत।

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देहरादून, 5 मई 2025। प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को देहरादून एयरपोर्ट पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का उत्तराखण्ड आगमन पर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान ऋषिकेश जिलाध्यक्ष राजेन्द्र तड़ियाल भी उपस्थित रहे।

पुतिन ने पीएम मोदी से की फोन पर बात, पहलगाम हमले पर हुई बात

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत की जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पुतिन ने इस हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को रूस का पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया।

पुतिन ने दोषियों को सजा की मांग की

रणधीर जयसवाल के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने इस जघन्य आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों के प्रति रूस की एकजुटता दोहराई।

पीएम मोदी ने दी विजय दिवस की शुभकामनाएं

बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर बधाई दी। साथ ही, उन्होंने पुतिन को इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को फोन कर पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ रूस के मजबूत समर्थन की पुष्टि की।

इंडियन आइडल विजेता पवनदीप राजन सड़क हादसे में गंभीर घायल, नोएडा रेफर

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सिंगर पवनदीप राजन, जोकि इंडियन आइडल सीजन 12 के विजेता रहे और अपनी मधुर आवाज के लिए जाने हैं, एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा अमरोहा में उस वक्‍त हुआ वह जब वह उत्तराखंड से दिल्ली की तरफ जा रहे थे.

उनकी हेक्‍टर कार भी इस हादसे में बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई. बताया जा रहा है कि पवनदीप और उसकी कार में सवार अन्‍य दो लोग भी बुरी तरह चोटिल हुए हैं और उनकी हालत को देखते हुए दिल्‍ली रेफर कर दिया गया है.

दरअसल, सिंगर पवनदीप राजन अपने दो अन्‍य साथियों के साथ एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए. वह थाना गजरौला क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर थे. एमजी हेक्‍टर कार के जरिये वह उत्तराखंड से दिल्ली की तरफ से जा रहे थे.

बताया जा रहा है कि इस दौरान अचानक उनके ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई. उसी वक्‍त सामने की तरफ से केंटर था. यह हाइवे पर खड़ा हुआ था. जैसे ही गाड़ी चला रहे शख्‍स की नींद आई तो उसकी कार सामने खड़े केंटर में जा घुसी. इस हादसे में पवन दीप और उसके दोनों साथी गंभीर रूप से घायल हो गए.

पुंछ में आतंकी साजिश नाकाम, सुरनकोट में तलाशी के दौरान 5 IED बरामद

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने 5 शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए हैं। यह कार्रवाई भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (JKP SOG) और रोमियो फोर्स (CIF Romeo) के संयुक्त ऑपरेशन में की गई।

अधिकारियों के मुताबिक, सुरनकोट के जंगलों में आतंकियों की गतिविधियों की खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान सुरक्षाबलों को एक संदिग्ध ठिकाने का पता चला, जहां से पांच IED बरामद किए गए। इन विस्फोटकों को किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से छिपाकर रखा गया था।

सेना ने बरामद IED को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि इलाके में छिपे किसी भी आतंकी तत्व को पकड़ा जा सके।

सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि सीमावर्ती इलाकों में आतंकियों की घुसपैठ और उनकी साजिशें लगातार जारी हैं, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल हर कदम पर मुस्तैदी से उनका जवाब देने के लिए तैयार हैं। फिलहाल ऑपरेशन अब भी जारी है और इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

 

पहलगाम हमले के आतंकियों को खाना पहुंचने वाले ने नदी में कूद कर दी जान

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पहलगाम आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में कुलगाम जिले के टंगमर्ग में हिरासत में लिए गए 23 वर्षीय इम्तियाज अहमद मागरे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, इम्तियाज को शनिवार को अहरबल क्षेत्र से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। उसने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि उसने आतंकियों के लिए भोजन और अन्य व्यवस्थाएं की थीं।

रविवार सुबह पुलिस और सेना की संयुक्त टीम उसे आतंकियों के संभावित ठिकाने पर ले जा रही थी। इस दौरान उसने हिरासत से भागने की कोशिश की और विश्वा नदी में कूद गया। तेज जलप्रवाह के कारण वह बह गया और उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो ड्रोन कैमरे में कैद हुआ है। बाद में इम्तियाज का शव अहरबल इलाके के नाले से बरामद किया गया।

पुलिस का दावा है कि इम्तियाज आतंकियों का सहयोगी था, लेकिन इस घटना ने विवाद खड़ा कर दिया है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, नेकां सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी और जम्मू-कश्मीर सरकार की मंत्री सकीना इट्टू ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इम्तियाज की मौत के मामले में गड़बड़ी के गंभीर आरोप हैं और इसकी पूरी जांच जरूरी है।

इम्तियाज के परिजनों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है और शुरुआत में शव पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया था। काफी समझाने के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए पुलिस को सौंपा गया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए, विश्व कल्याण की कामना

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केदारनाथ: उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने केदारनाथ धाम में भगवान केदारनाथ के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में रुद्राभिषेक कर विश्व शांति, मानव कल्याण और उत्तराखंड के विकास के लिए प्रार्थना की। धाम पहुंचने पर जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार और पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने वीआईपी हेलीपैड पर उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी सेवाओं की प्रशंसा की।

तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात

राज्यपाल ने तीर्थ पुरोहित समाज से मुलाकात की, जिन्होंने पारंपरिक मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने इस क्षण को आध्यात्मिक बताते हुए पुरोहितों के योगदान को सराहा। मंदिर में पूजा के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और ‘बोलो बाबा केदारनाथ की जय’ के नारों से वातावरण को भक्तिमय बनाया। उन्होंने कहा, “केदारघाटी का कण-कण शिवमय है। यहां के पर्वतों में भगवान शिव की छवि दिखती है। इस पवित्र भूमि पर मन स्वतः ध्यानमग्न हो जाता है।”

पुनर्निर्माण कार्यों और टोकन प्रणाली की प्रशंसा

राज्यपाल ने केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार ने बताया कि अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके हैं। राज्यपाल ने संगम घाट, संगम ब्रिज, सरस्वती ब्रिज और अन्य कार्यों के साथ-साथ यात्रा प्रबंधन, विशेष रूप से टोकन प्रणाली की सराहना की। उन्होंने पिछले तीन वर्षों में यात्रा व्यवस्था में सुधार के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व की प्रशंसा की और शेष कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने का निर्देश दिया।

तीर्थ पुरोहितों के लिए भवन निर्माण पूर्ण

जिलाधिकारी ने बताया कि तीर्थ पुरोहितों के लिए भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है और भूमि आवंटन जैसे मुद्दों का समाधान कर लिया गया है। राज्यपाल ने प्रशासन, मंदिर समिति और पुरोहितों के समन्वय की सराहना की। उन्होंने यात्रा मार्ग पर चिकित्सा, सुरक्षा और जनसुविधाओं की व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और मंदिर समिति के प्रयासों को सराहा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्देश

राज्यपाल ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन और पुलिस यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।

बड़ा हादसा: छह मंजिला इमारत में भीषण आग, पांच की मौत

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कानपुर के चमनगंज थाना क्षेत्र के घनी आबादी वाले प्रेमनगर में रविवार रात 9:30 बजे एक छह मंजिला इमारत के भूतल पर स्थित जूता कारखाने में भीषण आग लग गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर इलाके में अफरातफरी मच गई। दमकल विभाग की 35 गाड़ियां रातभर आग बुझाने में जुटी रहीं और सुबह तक आग पर काबू पाया गया। इस दुखद घटना में पांच लोगों की जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक, प्रेमनगर में दानिश की छह मंजिला इमारत है, जिसमें दानिश और उनके भाई कासिफ का परिवार रहता था। इमारत के भूतल पर दानिश का मिलिट्री जूते बनाने का कारखाना था, जबकि इसके ऊपर गोदाम और अन्य तलों पर जूते रखे हुए थे। रविवार को कारखाना बंद था। रात करीब 9:30 बजे अचानक कारखाने में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में रह रहे लोग जान बचाने के लिए भागे।

रात करीब तीन बजे दमकलकर्मियों ने इमारत में फंसे जूता कारोबारी दानिश, उनकी पत्नी नाजनीन और उनकी तीन बेटियों के जले हुए शव बरामद किए। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के घरों में भी दहशत फैल गई। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना इलाके में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कारखानों के संचालन पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।