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पाकिस्तानी गोलीबारी में LoC पर 10 नागरिकों की मौत

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जम्मू-कश्मीर : पहलगाम आतंकी हमले के ठीक 15 दिन बाद, मंगलवार देर रात 1:44 बजे भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। इस कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रातभर भारी गोलीबारी की, जिसमें 10 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई और 48 अन्य घायल हो गए।

ऑपरेशन सिंदूर: आतंकी ठिकानों पर हमला

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर और मुरिदके, साथ ही PoK के मुजफ्फराबाद और कोटली जैसे स्थानों पर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। मंत्रालय ने बयान में कहा, “ये हमले केंद्रित, संयमित और गैर-उत्तेजक थे, जिनमें किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधा को निशाना नहीं बनाया गया।” भारतीय सेना ने एक्स पर लिखा, “न्याय हुआ। #PahalgamTerrorAttack”।

पाकिस्तान की जवाबी गोलीबारी

पाकिस्तान ने भारत के हमलों के जवाब में 6-7 मई की रात नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अंधाधुंध गोलीबारी और तोपखाने से हमले किए। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस गोलीबारी में पुंछ, राजौरी, कुपवाड़ा, बारामुल्ला और जम्मू के विभिन्न सेक्टरों में 10 नागरिकों की मौत हुई। मृतकों में एक महिला, रूबी कौर, भी शामिल हैं, जिनका घर पुंछ के मनकोट में मोर्टार शेल की चपेट में आ गया। उनकी 13 वर्षीय बेटी घायल हो गई। घायलों की संख्या 48 बताई जा रही है।

मृतकों की सूची (पुंछ जिला)

  1. मोहम्मद आदिल, पुत्र शाईन नूर, सगरा, थाना मेंढर

  2. सलीम हुसैन, पुत्र अल्ताफ हुसैन, बालाकोट, थाना मेंढर

  3. रूबी कौर, पत्नी शल्लू सिंह, मोहल्ला सरदारन, मनकोटे, थाना मेंढर

  4. मोहम्मद ज़ैन (10 वर्ष), पुत्र रमीज खान, कलानी, थाना मंडी

  5. मोहम्मद अकरम (55 वर्ष), पुत्र अब्दुल सुभान, सुक्का कथा, थाना पुंछ

  6. अमरीक सिंह, पुत्र अवतार सिंह, सैंडीगेट, थाना पुंछ

  7. रणजीत सिंह, पुत्र जोगा सिंह, सैंडीगेट

  8. जोया खान (12 वर्ष), पुत्री रमीज खान, कलानी, थाना मंडी

  9. मोहम्मद रफी (36), पुत्र मोहम्मद दीन, कोजरा, बांदीचेचियां, थाना पुंछ

  10. मोहम्मद इकबाल (45), पुत्र पीर बख्श, बैला, थाना पुंछ

गोलीबारी का दायरा

पाकिस्तानी सेना ने पुंछ के कृष्णा घाटी, शाहपुर और मनकोट सेक्टरों, राजौरी के लाम, मंजाकोट और गंभीर ब्राह्मणा, कुपवाड़ा के करनाह, बारामुल्ला के उरी और जम्मू के अखनूर सेक्टर में गोलीबारी की। भारतीय सेना ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। रामबन जिले के पंथियाल में एक शक्तिशाली विस्फोट की आवाज भी सुनाई दी, जिसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

नागरिकों पर प्रभाव

गोलीबारी के कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को भूमिगत बंकरों में शरण लेनी पड़ी। संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने एक्स पर घोषणा की कि जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बुधवार को बंद रहेंगे।

पहलगाम हमले का संदर्भ

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और जवाबी कार्रवाई के तहत सिंधु जल संधि निलंबित की, अटारी-वाघा सीमा बंद की और पाकिस्तानी राजनयिकों को निष्कासित किया।

लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन

25 फरवरी 2021 को भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते के बाद गोलीबारी की घटनाएं कम हो गई थीं। हालांकि, पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान ने 24 अप्रैल से लगातार 13 रातों तक नियंत्रण रेखा पर बिना उकसावे के गोलीबारी की है। यह गोलीबारी कुपवाड़ा और बारामुल्ला से शुरू होकर पुंछ, राजौरी, जम्मू और अखनूर तक फैल गई।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से सैन्य संयम बरतने की अपील की और कहा, “विश्व भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव बर्दाश्त नहीं कर सकता।” संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान ने भी दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया।

पाकिस्तान का दावा

पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि भारतीय हमलों में नौ नागरिक मारे गए, जिनमें एक बच्चा शामिल है, और 38 अन्य घायल हुए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी।

भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ है और वह पहलगाम हमले के दोषियों को जवाबदेह ठहराने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम ही क्यों चुना गया?

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22 अप्रैल की सुबह जब कश्मीर की वादियाँ खिली थीं, तब किसी ने नहीं सोचा था कि पहलगाम की बायसरन घाटी में ऐसा नरसंहार होगा जो दिल दहला देगा। आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर 26 निर्दोष पर्यटकों को मौत के घाट उतार दिया, जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल था। खास बात ये रही कि इन दरिंदों ने सिर्फ पुरुषों को निशाना बनाया। कई महिलाएं वहीं अपने पति का शव थामे रोती रहीं। वो सिंदूर उस दिन सूख गया।

खून का हिसाब लिया

अब, 15 दिन बाद भारत ने इस खून का हिसाब लिया है। नारे नहीं, कार्रवाई से। भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को सटीक हमलों में तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन को उन महिलाओं को समर्पित किया गया है जिन्होंने अपने पति खोए, और जिनका सिंदूर मिटा — लेकिन भारत का जज़्बा नहीं।

कैसे हुआ हमला?

सूत्रों के अनुसार, सेना ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर इन आतंकी शिविरों की पहचान की थी। अत्याधुनिक तकनीक और सर्जिकल प्लानिंग के ज़रिए सेना ने इन ठिकानों पर हमला बोला, जिससे आतंकियों की कमर टूट गई है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ न सिर्फ सैन्य कार्रवाई थी, बल्कि यह एक चेतावनी भी थी — भारत अब खून का जवाब खून से देगा।

भारत की ओर से सख्त कदम

  • सिंधु जल संधि की समीक्षा और संभावित निलंबन.

  • पाकिस्तानी नागरिकों के वीज़ा रद्द.

  • राजनयिक स्तर पर कड़ा विरोध, और वैश्विक मंचों पर आतंकी हमले की कड़ी निंदा.

अब बारी वायुसेना की

आज भारतीय वायुसेना पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाकों में युद्धाभ्यास करेगी। राफेल, मिराज-2000, तेजस और सुखोई-30 जैसे घातक विमान हिस्सा लेंगे। युद्धाभ्यास का मकसद है – ज़मीन और हवा में दुश्मन को खत्म करने की ताकत का प्रदर्शन।


AWACS (Airborne Warning and Control System) जैसी अत्याधुनिक वायुरक्षा प्रणाली भी तैनात रहेगी। भारत सरकार ने इसके लिए NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया है, जिसके तहत 8 मई तक दोपहर 3:30 से रात 9:30 तक आम उड़ानों पर प्रतिबंध रहेगा।

पूरे देश में मॉकड्रिल की तैयारी

देश के 259 संवेदनशील ज़िलों में नागरिक सुरक्षा की मॉकड्रिल होगी, ताकि किसी भी आकस्मिक हमले या आपदा की स्थिति में तैयारियों की परख की जा सके। इस कदम से आम नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास दोनों को मज़बूती मिलेगी।


तीखा संदेश, ठोस जवाब
पाकिस्तान को ये साफ़ संकेत है कि अब ‘शांति की बात’ सिर्फ मेज़ पर नहीं होगी — वह रणभूमि पर भी होगी, और जब ज़रूरत पड़ी तो भारत पीछे नहीं हटेगा।

Operation Sindoor on pok sindoor: पहलगाम के घावों का जवाब POK में 9 आतंकी ठिकाने तबाह

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22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया। उस दिन खून बहा था, आज जवाब बहा है। 7 मई की सुबह से पहले ही भारत ने वो कर डाला जिसकी आहट भर से पाकिस्तान कांप उठता है—जवाबी हमला।

 

मिसाइलों की गूंज

 

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में मंगलवार आधी रात के बाद ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं। मुजफ्फराबाद के आसपास के पहाड़ जैसे कांप उठे हों। स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाकों के फौरन बाद बिजली काट दी गई—अंधेरे में, डर की लहर में, लोग सड़कों पर निकल आए।

 

भारत ने जैश और लश्कर के ठिकाने उड़ा दिए

 

सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को निशाना बनाया। तीन आतंकी मारे गए हैं, कई घायल हैं। पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता ने ARY चैनल पर इसकी पुष्टि की है।

 

होटल-मदरसे बंद, अज़ान बिना लाउडस्पीकर के

 

पाकिस्तानी खेमे में बेचैनी पहले से थी। पहलगाम के बाद से ही POK में सैकड़ों होटल बंद कर दिए गए थे, मदरसे खाली हो चुके थे। हालात ऐसे कि अज़ान भी अब लाउडस्पीकर के बगैर दी जा रही थी। जो डर था, वो अब सच हो चुका है।

 

 

 

 

पाकिस्तान की चेतावनी: ‘जवाब देंगे’

 

पाकिस्तानी अखबार Dawn की रिपोर्ट के अनुसार, जनरल चौधरी ने बयान दिया है—”हम इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे।” हालांकि अभी तक नुकसान का आकलन जारी है।

भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बीच बड़ा कदम: 7 मई को एयरफोर्स का हवाई अभ्यास, NOTAM जारी

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भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के माहौल में भारतीय वायुसेना 7 मई को LoC के नजदीक एक अहम हवाई अभ्यास करने जा रही है।

इसके लिए आधिकारिक रूप से NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर दिया गया है। NOTAM का मतलब है—पायलटों और एविएशन एजेंसियों को यह सतर्क करना कि उस क्षेत्र में विशेष गतिविधि होगी, ताकि वे अपनी उड़ानों में सावधानी बरतें।

इंटेल इनपुट था फिर भी हमला क्यों नहीं रोका गया? खड़गे का तीखा हमला
रांची में कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ’ रैली के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस इनपुट PM मोदी के पास था।

इसी वजह से उन्होंने अपना कश्मीर दौरा रद्द कर दिया, लेकिन आम जनता की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए। इस हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान गई। सरकार ने खुद माना कि यह इंटेलिजेंस फेलियर था—तो फिर सुरक्षा इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए?

रूस में तैयार किया गया अत्याधुनिक स्टील्थ युद्धपोत ‘तमल’ 28 मई को भारतीय नौसेना को सौंपा जाएगा। जून में इसे आधिकारिक रूप से फ्लीट में शामिल किया जाएगा। यह युद्धपोत ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होगा और इसकी खासियत यह है कि यह रडार की पकड़ में भी नहीं आएगा। यानी दुश्मन को भनक तक नहीं लगेगी, और हमला पूरा होगा।

उपनलकर्मी धनवीर सिंह नेगी के परिजनों को ₹1.50 लाख की सहायता राशि का चैक सौंपते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी।

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देहरादून, 6 मई 2025। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में उत्तरकाशी जनपद के पुरोला ब्लॉक के ग्राम हुडोली निवासी धनवीर सिंह नेगी के परिजनों को ₹1.50 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा।
विदित हो कि धनवीर सिंह नेगी यूपीसीएल में उपनल के माध्यम से कार्यरत थे और अप्रैल माह में ड्यूटी के दौरान करंट लगने से उनका दुखद निधन हो गया था। मंत्री जोशी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके पिता बलबीर सिंह नेगी को चेक प्रदान किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि उपनल के माध्यम से शीघ्र ही दुर्घटना बीमा के अंतर्गत 50 लाख रुपये की एकमुश्त राशि भी परिजनों को दी जाएगी। इस दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ कर्मचारियों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उपनल एमडी बिग्रेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट, पिता बलबीर सिंह नेगी, प्रकाश रावत, हेमराज रावत आदि उपस्थित रहे।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण ने प्रगति ग्राम संगठन स्वयं सहायता समूह के उत्पादों का किया निरीक्षण।

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यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल 6 मई 2025।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने यमकेश्वर ब्लॉक के कुनाऊँ ग्राम में स्थित प्रगति ग्राम संगठन स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित स्टालों का निरीक्षण किया। इन स्टालों में स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित शुद्ध शहद, विभिन्न प्रकार के मसाले, जैविक उत्पाद, जूट बैग्स तथा अन्य घरेलू उपयोगी सामग्री प्रदर्शित की गई थी।

निरीक्षण के दौरान श्रीमती खण्डूडी ने महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि “सच्चे मायनों में महिला सशक्तीकरण तब ही संभव है जब महिलाएं स्वयं के लिए प्रतिदिन तीन से चार घंटे निकालें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाते हैं, बल्कि समाज में उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन स्वयं सहायता समूहों को बाजार में उचित दुकानें उपलब्ध करवाई जाएँ, जिससे उनके उत्पादों को स्थायी विपणन मंच मिल सके। उन्होंने कहा कि “महिलाओं की मेहनत का उन्हें उचित मूल्य मिले, इसके लिए स्थायी और नियमित बिक्री चैनल आवश्यक है।

इसके साथ ही उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद के मानकीकरण (Standardization) पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि “अगर एक बार कोई ग्राहक किसी उत्पाद का स्वाद पसंद करता है, तो वह उसे दोबारा भी खरीदेगा इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता का उच्च स्तर बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

विधानसभा अध्यक्ष खण्डूडी ने यह भी सुझाव दिया कि डिजिटल युग में समूहों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करनी चाहिए। इससे उनके उत्पादों को राज्य एवं देशभर में एक नया बाजार मिलेगा।

उन्होंने समूह की महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन उनके साथ हैं, बस आवश्यकता है उनके आत्मबल की और अपने हुनर को पहचानने की।

इस दौरान कार्यक्रम संयोजक चंद्रमोहन सिंह नेगी, दर्शनी नेगी, संतोष असवाल जी, सोनम रावत, राखी असवाल, ज्योति कैथे, आशा नेगी, महेंद्र सिंह असवाल, चंद्र पाल सिंह रावत, राजेंद्र सिंह नेगी, राहुल सिंह नेगी उपस्थित रहे ।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कार्यभार संभाला

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उत्तराखंड सरकार द्वारा नव‌नियुक्त बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी तथा उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने कार्यभार ग्रहण किया

• *बीकेटीसी केनाल रोड कार्यालय में हवन- यज्ञ पूजा-अर्चना पश्चात स्वागत समारोह कार्यक्रम

• नव नियुक्त बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा थ्री “पी” अर्थात पौराणिकता, परंपरा एवं पहचान पर फोकस रहेगा।

देहरादून: 6 मई। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों के नाम के नामों को 3 मई को हरी झंडी दे दी गयी थी इसी क्रम में आज मंगलवार 6 मई को शुभ मुहूर्त में नवनियुक्त अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी तथा उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने बीकेटीसी के केनाल रोड देहरादून स्थित कार्यालय में कार्यभार ग्रहण किया जबकि उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती 12 मई को जोशीमठ में कार्यभार ग्रहण करेंगे इससे पहले मंदिर समिति कार्यालय देहरादून में हवन यज्ञ तथा पूजा-अर्चना संपन्न हुई तथा नव नियुक्त बीकेटीसी अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष ने हवन में आहुति दी तथा जनमानस के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल भी हवन तथा पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष/ राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट, सांसद अनिल बलूनी,प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तीर्थ सिंह रावत कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, विधायक रूद्रप्रयाग भरत चौधरी
विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, देहरादून मैयर सौरभ थपलियाल ने बीकेटीसी नव पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

मंदिर समिति अधिकारियों कर्मचारियों , आगंतुकों ने नव नियुक्त बीकेटीसी पदाधिकारियों का स्वागत किया तथा बधाई दी।

इस अवसर पर बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल बीकेटीसी पदाधिकारियों को कार्यभार संबंधित औपचारिकताओं को पूरा कर प्रदेश सरकार को इस संबंध में सूचना प्रेषित की इसी के साथ आज से नव नियुक्त बीकेटीसी पदाधिकारियों का कार्यकाल शुरू हो गया।

इस अवसर पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का आभार जताया कहा कि उन्हें बीकेटीसी अध्यक्ष के रूप में देवभूमि की सेवा का मौका मिला है।उत्तराखंड में पर्यटन तीर्थाटन का बेहतर प्रबंधन उनकी प्राथमिकता है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड चार धामों के कपाट खुलने के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं मौजूद रहे तथा प्रदेश सरकार ने सुगम तथा सुरक्षित तीर्थयात्रा का संदेश दिया।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने धामों की पौराणिक महत्ता, परंपरा तथा पहचान अर्थात थ्री “पी” पर फोकस कर अपनी बात रखी। कहा हमारे तीर्थस्थल पौराणिक है सदियों से आध्यात्मिक उर्जा के स्रोत है ।दूसरा हमारी परंपराओं‌ के वाहक साथ ही हमारी पहचान भी है उन्होंने कहा कि कपाट खुलने के बाद श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री बदरीनाथ धाम यात्रा निर्बाध गति से चल रही है। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री दर्शन को पहुंच रहे है।तीर्थयात्रियों की मंदिरों में सरल सुगम दर्शन, सुरक्षा,स्वास्थ्य परिवहन‌, संचार तथा मौसम, आपदा प्रबंधन यात्रा व्यवस्थाये चाक-चौबंद की गयी है। मंदिर समिति तथा प्रशासन के तालमेल से यात्रा सरल सुगम गति से चल रही है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व राज्यमंत्री रहे हेमंत द्विवेदी को 3 मई को श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति का अध्यक्ष बनाया गया तो जोशीमठ से ऋषि प्रसाद सती तथा रूद्रप्रयाग से विजय कपरवाण को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी है प्रदेश सरकार के इस निर्णय तथा बीकेटीसी को मिले नेतृत्व की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।

आज बीकेटीसी पदाधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करते समय पूर्व‌ विधायक राजीव शुक्ला, मुख्य मंत्री के चारधाम यात्रा सलाहकार डा. बी.डी. सिंह, पूर्व दायित्व धारी मजहर नईम नवाब, बदरीनाथ धाम के पूर्व रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी,  भाजपा    प्रवक्ता सुनीता बौड़ाई , श्रेयांस द्विवेदी अजय जी,बदरीनाथ धाम प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी निजी सचिव प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, पुजारी वीरेंद्र सेमवाल सहित बड़ी संख्या में मंदिर समिति कर्मचारी तथा पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने कार्यभार संभाला

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देहरादून : उत्तराखंड सरकार द्वारा नव नियुक्त श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और उपाध्यक्ष विजय कपरवाण ने आज शुभ मुहूर्त में केनाल रोड, देहरादून स्थित कार्यालय में विधिवत हवन-पूजन के साथ कार्यभार ग्रहण किया। उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती 12 मई को जोशीमठ में कार्यभार संभालेंगे।

कार्यभार ग्रहण से पहले कार्यालय परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ-हवन संपन्न हुआ। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने देवताओं के समक्ष आहुति अर्पित की और जनकल्याण की कामना की। इस मौके पर बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल भी उपस्थित रहे।

हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि उनका फोकस तीर्थस्थलों की पौराणिक महत्ता, सदियों पुरानी परंपराओं, और उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान को सहेजने पर रहेगा। उनका कहना था कि “हमारे तीर्थस्थल केवल स्थल नहीं, आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र हैं। परंपराएं हमारी जड़ें हैं और यही हमारी पहचान का सार हैं।”

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा का संचालन वर्तमान में सुचारू है और यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, संचार, आपदा प्रबंधन समेत सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।

बीकेटीसी के इस नए नेतृत्व को बधाई देने वालों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, और कई विधायक शामिल रहे। देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल ने भी अध्यक्ष द्विवेदी और उपाध्यक्ष कपरवाण को शुभकामनाएं दीं।

14 घोड़े-खच्चरों की संदिग्ध मौत के बाद संचालन पर 24 घंटे की रोक

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रुद्रपुर  : केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दो दिनों में 14 घोड़े-खच्चरों की संदिग्ध मौत के चलते सरकार ने पशुपालन विभाग के निर्देश पर अगले 24 घंटे तक इनके संचालन पर रोक लगा दी है। रविवार को आठ और सोमवार को छह घोड़े-खच्चरों की अचानक मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। पशुपालन सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम हालात का जायजा लेने रुद्रप्रयाग पहुंचे और एहतियातन 24 घंटे की रोक का आदेश दिया।

उन्होंने बताया कि बीमारी फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मंगलवार को केंद्र सरकार और हिसार (हरियाणा) से विशेषज्ञ टीमें केदारनाथ पहुंचकर मौत के कारणों की जांच करेंगी। 4 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच करीब 16,000 घोड़े-खच्चरों की स्क्रीनिंग की गई थी। इसमें 152 पशु सीरो सैंपलिंग में पॉजिटिव पाए गए, लेकिन आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई। शुरुआती जांच में मौत का कारण किसी बैक्टीरियल संक्रमण की आशंका जताई जा रही है।

अब केदारनाथ मार्ग पर भेजे जाने से पहले सभी घोड़े-खच्चरों की जांच की जाएगी। यदि किसी में बीमारी के लक्षण (जैसे नाक बहना) पाए गए, तो उसका आरटी-पीसीआर टेस्ट होगा और रिपोर्ट आने तक उसे क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। जांच में फिट पाए गए पशुओं को ही यात्रा में उपयोग किया जाएगा। 2010 में इसी तरह की स्थिति आने पर पूरी यात्रा रोक दी गई थी। हालांकि इस बार पहले से व्यापक जांच की जा चुकी है, इसलिए फिलहाल यात्रा स्थगित नहीं की गई है।

कार और बाइक की भीषण भिड़ंत में छह की मौत

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शाहजहांपुर: शाहजहांपुर के कटरा-जलालाबाद मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों और कार सवार दो लोगों की मौत हो गई। शादी समारोह में शामिल होने के बाद एक ही बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे चार युवकों की बाइक ट्रक को ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर सामने से आ रही कार से टकरा गई। टक्कर के बाद बाइक में आग लग गई, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया।

तिलहर के नजरपुर मुहल्ला निवासी रवि अपनी मौसेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए सोमवार को अपने दोस्त आकाश के साथ बाइक से कांट गए थे। वहां उनकी मुलाकात मुहल्ले के ही दिनेश और अभिषेक से हुई। रात करीब दो बजे, जब रवि और आकाश घर लौटने लगे, तो दिनेश और अभिषेक ने भी उनके साथ जाने की बात कही, क्योंकि उन्हें कोई साधन नहीं मिल रहा था। रवि ने दोनों को अपनी बाइक पर बैठा लिया।

कटरा-जलालाबाद मार्ग पर बरखेड़ा के पास, ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही कार से जा टकराई। कार में सवार बरेली के फरीदपुर के करनपुर कलां गांव निवासी सुधीर और सोनू थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक में आग लग गई, और सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के बाद वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को सड़क किनारे लाया। पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां सुधीर और सोनू को मृत घोषित कर दिया गया। मंगलवार सुबह रवि और आकाश ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दिनेश और अभिषेक की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बरेली रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही दोनों की मौत हो गई।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि बाइक पर चार लोगों का सवार होना और ट्रक को ओवरटेक करने की जल्दबाजी हादसे का प्रमुख कारण थी। बाइक में आग लगने से स्थिति और गंभीर हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है। इस हादसे ने नजरपुर और करनपुर कलां के परिवारों में गहरा शोक ला दिया है। स्थानीय लोग और परिजन इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।