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भगवान बदरीविशाल की आरती का यूट्यूब पर विमोचन

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श्री बदरीनाथ धाम की आरती
सीडी का यू ट्यूब पर हुआ विमोचन।

• बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दी बधाई।

श्री बदरीनाथ: 8 मई।बदरीनाथ दिया के रावल अमरनाथ नंबूदरी ने बदरीनाथ जी की आरती की सीडी का यूट्यूब पर विमोचन किया। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में श्री बदरीनाथ धाम की आरती भजन से जुड़े लोक कलाकारों को बधाई दी है। आरती की सीडी  के विमोचन में बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल का विशेष योगदान रहा है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम की आरती पांडुलिपि रूप में धन सिंह बर्त्वाल ने लिखी है।
लोक गायिका अर्चना सती ने आरती पाठ को स्वर दिया है आरती में बदरीनाथ धाम के वेदपाठी आचार्य रविन्द्र भट्ट के मंत्रोचारण किया है अनूप नेगी ने संगीतमय किया है।

इस अवसर पर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान वेदपाठी आचार्य रविंद्र भट्ट मौजूद रहे संजय सती आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उत्तराखंड की अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं अवसंरचना परियोजनाओं के शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया

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देहरादून /उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उत्तराखंड की अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं अवसंरचना परियोजनाओं के शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हाल के वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान पर्यटकों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से राज्य की सड़कों पर यातायात का दबाव बढा है। लिहाजा सड़कों की यातायात वहन क्षमता बढाए जाने व समुचित रख-रखाव के साथ ही क्षेत्रीय संपर्क, पर्यटन और आर्थिक प्रगति की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता की इन परियोजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से भेंट के दौरान केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अंतर्गत अवशेष ₹ 367.69 करोड़ की प्रतिपूर्ति शीघ्र राज्य सरकार को किये जाने का मामला प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश बाईपास परियोजना को स्वीकृति प्रदान किए जाने और बिहारीगढ़ से रोशनाबाद तक के 33 कि.मी लंबे राज्य मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का भी अनुरोध किया। काठगोदाम से पंचेश्वर तक 189 किमी लंबे मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिये जाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने देहरादून शहर की ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान हेतु बिंदाल व रिस्पना नदियों के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को एनएच-07 के लूप के रूप में स्वीकृत किए जाने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड परियोजना के अंतर्गत पौराणिक मंदिरों से जुड़ी 508 किमी लंबाई की 20 सड़कों के अपग्रेडेशन की कुल रू. 8000 करोड़ की लागत की परियोजना के प्रथम चरण हेतु ₹1000 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त खटीमा में रिंग रोड निर्माण के साथ ही पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से प्रभावित एनएच-109 के पुनः संरेखण के बाद प्रस्तावित बाईपास सड़क के निर्माण हेतु संशोधित लागत रू. 371.84 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने और एनएच-07 पर प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के लिए ₹110 करोड़ की अतिरिक्त सहायता दिए जाने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने एनएच 507 पर बाड़वाला से लखवाड़ बैंड (28 किमी) एवं एनएच 534 पर दुगड्डा से गुमखाल तक (18.10 किमी) चौड़ीकरण कार्यों की शीघ्र स्वीकृति का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी प्रस्तावित परियोजनाओं को त्वरित स्वीकृति देने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय और स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा मौजूद थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव से त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना के लिए वन भूमि हस्तानांतरण की स्वीकृति दिए जाने का आग्रह किया।

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देहरादून/ उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव से भेंट कर त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना के लिए वन भूमि के हस्तांतरण के साथ ही रुपसियाबगड जल विद्युत परियोजना के लिए वांछित पर्यावरण स्वीकृति एवं वन भूमि हस्तानांतरण की स्वीकृति दिए जाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को अवगत कराया कि विद्युत ऊर्जा की आवश्यकताओं के लिए उत्तराखण्ड को अन्य राज्यों एवं केन्द्रीय पूल से विद्युत ऊर्जा क्रय करनी पड़ती है। विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था एवं राज्य की बढ़ती जरूरतों की पूर्ति के लिए नई पर्यावरण अनुकूल जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण आवश्यक है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में अत्यधिक मदद मिलेगी और राज्य की पलायन की समस्या पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य में यमुना नदी की सहायक नदी टौंस पर प्रस्तावित 72 मेगावाट क्षमता की त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए आवश्यक 47.547 हे. वन भूमि एवं राजस्व भूमि (बंजर भूमि) के हस्तांतरण की शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य में गंगा नदी पर प्रस्तावित परियोजनाओं पर स्वीकृति प्राप्त न होने से यमुना नदी पर तथा कुँमायू क्षेत्र में गौरीगंगा, धौलीगंगा नदियों पर नयी विद्युत परियोजनाओं का निर्माण किया जाना नितान्त आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिरकारी भ्योल रुपसियाबगड जल विद्युत परियोजना गौरीगंगा नदी पर पर प्रस्तावित पहली परियोजना है। 120 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के लिए आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृति तथा 29.997 हे. वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामरिक महत्व एवं राष्ट्रहित को देखते हुए राज्य की इन जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण किया जाना लाभकारी होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री से ऋषिकेश स्थित त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक रोपवे विकास के प्रस्ताव को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह योजना क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के विकास तथा यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री ने चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) के पुनरुद्धार के लिए भी केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे ऋषिकेश को वैश्विक स्तर पर योग और पर्यटन हब के रूप में और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए कैम्पा योजना के अंतर्गत वनाग्नि प्रबंधन की पंचवर्षीय योजना के तहत रूपये 404 करोड़ की विशेष सहायता का आग्रह भी किया। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित थे।

हैलिकॉप्टर हादसे पर महाराज ने दु:ख जताया

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08 मई, 2025 Dehradun

हैलिकॉप्टर हादसे पर महाराज ने दु:ख जताया

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, लोकनिर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तरकाशी में गंगनानी के पास तीर्थयात्रियों को ले जा रहे हेलीकॉप्टर क्रैश में छह लोगों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं की है। उन्होंने हादसे में हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

पर्यटन मंत्री महाराज ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने देहरादून से उड़ान भरी थी, जो गंगनानी से आगे नाग मंदिर के पास गुरुवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर क्रैश होने की सूचना पर घटनास्थल के लिए आपदा प्रबंधन QRT, 108 एंबुलेंस वाहन, तहसीलदार भटवाड़ी, BDO भटवाड़ी, राजस्व टीम रवाना कर दी गई। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत सात यात्री सवार थे। सरकार ने हादसे का तुरंत संज्ञान लेते हुए राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रशासन को घायलों को हर संभव सहायता पहुंचाने एवं हादसे की जांच के निर्देश दिए गये हैं।

पाकिस्तान की नाकाम कोशिश, श्रीनगर, जम्मू और पंजाब के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन-मिसाइल हमले विफल1

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श्रीनगर : भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमलों के बाद बौखलाया पाकिस्तान ने गुरुवार को भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। पाकिस्तानी सेना ने श्रीनगर, जम्मू और पंजाब के अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा और चंडीगढ़ सहित कई स्थानों पर ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमले का प्रयास किया। हालांकि, भारतीय सेना की सतर्कता और एकीकृत काउंटर-यूएएस ग्रिड (Counter UAS Grid) तथा वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया।

भारतीय सेना की सतर्कता

रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 7-8 मई की रात पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के सैन्य ठिकानों, जिनमें अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल हैं, को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने इन हमलों को समय रहते नाकाम कर दिया। हमलों के अवशेष कई स्थानों से बरामद किए गए हैं, जो पाकिस्तान की आक्रामक कार्रवाई का सबूत हैं।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी शुरू की, जिसमें पुंछ और राजौरी में 13 नागरिकों और एक सैनिक की मौत हुई। गुरुवार को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया ने इन प्रयासों को नाकाम कर दिया। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि उनकी सेना ने दो भारतीय जेट और एक ड्रोन मार गिराया, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं दिया गया।

भारत में सतर्कता और नागरिक सुरक्षा

पाकिस्तानी हमलों के जवाब में भारत ने उत्तरी और पश्चिमी राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी है। श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और चंडीगढ़ सहित कई शहरों में हाई अलर्ट जारी है। 27 हवाई अड्डों, जिनमें श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, धर्मशाला, जालंधर, लुधियाना और चंडीगढ़ शामिल हैं, को 10 मई तक बंद कर दिया गया है। अमृतसर में रात को ब्लैकआउट ड्रिल आयोजित की गई, और निवासियों से घरों में रहने और बाहरी लाइट बंद रखने की अपील की गई।

सरकार और विपक्ष की एकजुटता

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने सरकार को पूरा समर्थन जताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर वे सरकार के साथ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की बारीकी से निगरानी की और 13-17 मई के लिए प्रस्तावित नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड का दौरा रद्द कर दिया।

पाकिस्तान पर एक और एक्शन, भारत के हमले में लाहौर में एयर डिफेंस सिस्टम तबाह

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इस्लामाबाद। भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को लेकर एक सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ख़ास बात ये है कि यह नुकसान कथित ड्रोन हमलों के चलते हुआ है, जिन्होंने पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली की पोल खोल दी है।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान का हाई-प्रोफाइल एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9, जो कि चीन द्वारा विकसित किया गया है, हाल के हमलों में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। HQ-9 को पाकिस्तान ने चीन से खरीदा था और इसे आधुनिकतम मिसाइल रक्षा प्रणाली में गिना जाता है। मगर अब जो तस्वीरें और रिपोर्ट्स सामने आई हैं, उनसे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह चीनी तकनीक युद्ध के असली मैदान में कारगर साबित हो रही है या नहीं।

क्या है HQ-9 सिस्टम?

HQ-9 सिस्टम चीन का लॉन्ग-रेंज सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जिसे रूस के S-300 और अमेरिका के Patriot सिस्टम की टक्कर का बताया जाता है। पाकिस्तान ने इसे अपने अहम ठिकानों की सुरक्षा के लिए तैनात किया था, खासकर भारत के साथ लगती सीमाओं पर।

80 प्रतिशत चीनी हथियारों पर निर्भरता बनी चिंता

यह घटना एक और बड़ी चिंता को जन्म देती है—पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली की चीन पर निर्भरता। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सेना के पास मौजूद हथियारों में 80 प्रतिशत से अधिक चीनी निर्माण के हैं। इन हथियारों की गुणवत्ता, तकनीकी मजबूती और वास्तविक युद्धक्षमता अब सवालों के घेरे में आ गई है।

ड्रोन हमला या टेक्निकल फेलियर?

हालांकि आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान ने अभी तक इस नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला ड्रोन के जरिए अंजाम दिया गया हो सकता है। इससे पाकिस्तान की एयर डिफेंस नेटवर्क की कमजोरी भी उजागर होती है, खासकर ऐसे समय में जब ड्रोन टेक्नोलॉजी युद्ध की परिभाषा बदल रही है।

सर्वदलीय बैठक समाप्त, कांग्रेस ने कहा -सरकार को पूर्ण समर्थन

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नई दिल्ली : ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक समाप्त हो गई है। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “संकट की इस घड़ी में हम सरकार के साथ हैं। कुछ गोपनीय जानकारी हमें नहीं दी गई, लेकिन हम इसका सम्मान करते हैं।” लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “हमने सरकार को पूरा समर्थन दिया है।”

बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने हिस्सा लिया। सरकार ने विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर की जवाबी कार्रवाई और भविष्य की रणनीतियों की जानकारी दी।

कांग्रेस ने रद्द किए कार्यक्रम

कांग्रेस ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार और सेना के साथ एकजुटता दिखाते हुए ‘संविधान बचाओ रैलियां’ सहित सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए। पार्टी ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया।

पीएम मोदी ने रद्द किया विदेश दौरा

बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 से 17 मई तक प्रस्तावित नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड का दौरा रद्द कर दिया। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और वर्तमान स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

सेना की सतर्कता

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना और सुरक्षा बल पाकिस्तान की किसी भी संभावित हरकत के लिए हाई अलर्ट पर हैं। पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम उल्लंघन की घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर का विवरण

6-7 मई की रात 1:05 से 1:30 बजे तक चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सशस्त्र बलों ने 25 मिनट में 24 मिसाइलों से नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के शिविर शामिल थे। पांच ठिकाने PoK में और चार पाकिस्तान के पंजाब में थे। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सली मुठभेड़: आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद, तीन घायल

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File Photo

रायपुर: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना के मूलगु जिले के वाजेडु गांव के पास वेंकटपुरम और ईडमिली पहाड़ियों में हुए आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान बलिदान हो गए और तीन अन्य घायल हुए हैं। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से सटा हुआ है। हालांकि, इस घटना की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन जारी

जानकारी के मुताबिक, वेंकटपुरम और ईडमिली पहाड़ियों में सुरक्षाबल नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे, जब नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट किया। मुठभेड़ अभी भी जारी है, और सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बीजापुर में हालिया मुठभेड़

इससे पहले, 7 मई 2025 को छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। इस ऑपरेशन में 22 से अधिक नक्सली मारे गए थे, और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। यह अभियान बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक था।

नक्सलियों पर बढ़ता दबाव

छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में नक्सल विरोधी अभियानों में हाल के महीनों में तेजी आई है। गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सुरक्षाबल नक्सलियों के गढ़ में घुसकर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे नक्सली हताशा में इस तरह की कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं।

सर्वदलीय बैठक में जवाबी कार्रवाई और भविष्य की रणनीति पर चर्चा, केंद्र सरकार ने दी जानकारी

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नई दिल्ली : भारतीय सेना द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नौ ठिकानों को नष्ट करने के बाद केंद्र सरकार ने आज सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई। संसद की एनेक्सी बिल्डिंग में हो रही इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद हैं। सरकार विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन की जवाबी कार्रवाई और भविष्य की रणनीतियों के बारे में जानकारी दे रही है।

6-7 मई की रात 1:05 से 1:30 बजे तक चले 25 मिनट के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सशस्त्र बलों ने 24 मिसाइलों से नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया। इनमें से पांच ठिकाने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में और चार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में थे। इन शिविरों में आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण होता था। ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्यों की भी मौत हुई।

कांग्रेस ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार और सेना के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपनी ‘संविधान बचाओ रैलियां’ सहित सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की मांग की। उन्होंने कहा, “24 अप्रैल की बैठक में भी हमने पीएम से शामिल होने का अनुरोध किया था, लेकिन वे नहीं आए। इस बार उन्हें जरूर आना चाहिए।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 से 17 मई तक प्रस्तावित नॉर्वे, क्रोएशिया और नीदरलैंड का दौरा रद्द कर दिया है। यह कदम स्थिति की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत देता है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना और सुरक्षा बल पाकिस्तान की किसी भी संभावित हरकत के लिए हाई अलर्ट पर हैं। पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम उल्लंघन की घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पाकिस्तानी सेना की ओर से LoC पर गोलीबारी के कारण पुंछ में कम से कम 12 नागरिकों की मौत और 42 लोगों के घायल होने की खबर है। स्थानीय प्रशासन नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहा है। सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी पार्टियों ने ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया, साथ ही कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से तनाव कम करने की वकालत की।

ऑपरेशन सिंदूर : कश्मीर के 10 जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित, स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन सतर्क

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श्रीनगर : भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमलों के बाद जम्मू-कश्मीर में तनाव बढ़ गया है। इस स्थिति को नियंत्रित करने और निगरानी के लिए कश्मीर के 10 जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। श्रीनगर में डिप्टी कमिश्नर बिलाल मोहिउद्दीन भट के आदेश पर जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) में एक संयुक्त कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसकी देखरेख जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) कर रहा है।

इन कंट्रोल रूमों का उद्देश्य सीमा पर पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलीबारी और तनावपूर्ण स्थिति पर नजर रखना है। पुंछ जिले में पाकिस्तानी गोलीबारी में कम से कम 12 नागरिकों की मौत और 42 अन्य के घायल होने की खबर है। कश्मीर घाटी में बुधवार को तनावपूर्ण शांति रही। अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा, शोपियां, श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल में सरकारी कार्यालय और स्कूल खुले रहे, लेकिन बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा में स्कूल बंद कर दिए गए। बाजारों और सड़कों पर भीड़ सामान्य से कम थी।

प्रशासनिक कदम

  • श्रीनगर में कंट्रोल रूम: श्रीनगर में स्थापित केंद्रीय कंट्रोल रूम 24×7 काम कर रहा है। सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

  • जम्मू में कंट्रोल रूम: जम्मू के छह जिलों (सांबा, जम्मू, कठुआ, पुंछ, राजौरी, उधमपुर) में भी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सरकार ने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं।

  • विश्वविद्यालय परीक्षाएं स्थगित: कश्मीर विश्वविद्यालय ने बढ़ते तनाव के कारण मई में होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।

  • अस्पतालों में सतर्कता: घाटी के अस्पतालों की छतों पर रेड क्रॉस का चिह्न बनाया गया है ताकि हवाई हमलों की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।

  • सोशल मीडिया पर प्रतिबंध: पुलिस ने नागरिकों को सुरक्षा बलों की तैनाती या चल रहे अभियानों से संबंधित सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करने से मना किया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब है, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। 6-7 मई की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके शिविर शामिल थे, को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलीबारी शुरू की, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में दहशत फैल गई।

बेंगलुरु और पुणे के कुछ पर्यटकों ने ETV भारत से बातचीत में कहा कि वे भारत-पाकिस्तान युद्ध का समर्थन नहीं करते, लेकिन आतंकियों और उनके आकाओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई जरूरी है। सीमावर्ती गांवों के निवासियों ने पाकिस्तानी हमलों के डर से सुरक्षित स्थानों पर पलायन शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की और आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति दोहराई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, जापान, रूस और फ्रांस के समकक्षों से बात कर भारत की गैर-आक्रामक कार्रवाई की जानकारी दी।