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इस विधायक की विधायकी खत्म, सीट घोषित हुई रिक्त, छुट्टी के दिन खुला सचिवालय

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लखनऊ: हेट स्पीच केस में दोषी ठहराए जाने के बाद मऊ सदर से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी की विधायकी समाप्त कर दी गई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने रविवार को उनकी सीट को रिक्त घोषित कर दिया। इस फैसले की सूचना चुनाव आयोग को भी भेज दी गई है। खास बात यह रही कि इसके लिए रविवार जैसे अवकाश के दिन भी सचिवालय खोला गया, जिससे यह साफ है कि अब मऊ सदर सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

यह कार्रवाई उस मामले के फैसले के बाद की गई, जिसमें अब्बास अंसारी पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन और हेट स्पीच देने का आरोप था। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अब्बास अंसारी ने नगर के पहाड़पुर मैदान में आयोजित जनसभा में मऊ प्रशासन को चुनाव के बाद ‘हिसाब-किताब करने’ और ‘सबक सिखाने’ की खुले मंच से धमकी दी थी। इस बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने शनिवार को अब्बास अंसारी को दोषी करार दिया और उन्हें दो साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही अलग-अलग धाराओं के तहत कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने उनके साथी मंसूर अंसारी को भी धारा 120बी भादवि के तहत छह महीने की सजा और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अब इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों की निगाहें मऊ सदर सीट पर संभावित उपचुनाव पर टिक गई हैं।

हरकी पैड़ी पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज हरिद्वार दौरे पर पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने पति के साथ हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान किया। यह उनका मुख्यमंत्री बनने के बाद पहला हरिद्वार दौरा था। गंगा सभा द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके को बेहद आध्यात्मिक और महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर वह इस पुण्य भूमि पर मां गंगा के चरणों में नमन करने आई हैं।

रेखा गुप्ता ने कहा, “आज का मां गंगा का स्नान मेरे लिए बहुत विशेष है। मैंने मां गंगा से प्रार्थना की है कि भारतवर्ष विकसित हो और दिल्ली उसमें अग्रणी स्थान बनाए।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह मां गंगा का आशीर्वाद लेकर अब मां यमुना को स्वच्छ और सुंदर बनाने के अभियान को तेज़ करेंगी और दिल्ली के समग्र विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी।

इस दौरान वे वात्सल्य गंगा आश्रय के लोकार्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुईं, जहां साध्वी ऋतंभरा सहित कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने इसे संस्कार और सेवा का संगम बताते हुए हरिद्वार को प्रेरणा का केंद्र बताया।

भारी बारिश का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, यहां फंसे 1500 पर्यटक

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भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में बीते 48 घंटों से मूसलधार बारिश के चलते आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 3802 लोग प्रभावित हुए हैं और 883 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। राजधानी इंफाल समेत इंफाल पूर्वी जिले के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। खुरई, हिगांग और चेकोन जैसे क्षेत्रों में नदियों के उफान के कारण तटबंध टूट गए हैं, जिससे स्थिति और विकराल हो गई है।

हालात को संभालने के लिए सेना और असम राइफल्स की टीमों को लगाया गया है, जिन्होंने अब तक इंफाल ईस्ट से 8000 लोगों को सुरक्षित निकाला है। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर मुख्य सचिव पीके सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। कांगला नोंगपोक थोंग, लैरिक्येंगबाम लेइकाई और सिंगजामेई ब्रिज जैसे क्षेत्रों में उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति को देखा।

havey rainfall in manipur and sikkim

प्रशासन के मुताबिक, राज्य के 3275 गांवों या इलाकों में बाढ़ और बारिश का असर हुआ है। अब तक 12 भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं, 64 जानवरों की मौत हुई है और 2 लोग घायल हुए हैं। खासतौर पर चेकोन क्षेत्र में इंफाल नदी के उफान के चलते ऑल इंडिया रेडियो इंफाल और जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (JNIMS) जैसे अहम संस्थानों के परिसर भी जलभराव की चपेट में हैं।

उधर, उत्तरी सिक्किम में भी भूस्खलन और मूसलधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। मुख्य सड़कों के बंद हो जाने से करीब 1500 पर्यटक फंसे हुए हैं। गुरुवार को मंगन जिले के लाचेन-लाचुंग हाईवे पर मुनसिथांग के पास एक वाहन 1000 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत और 2 अन्य घायल हो गए। इस हादसे में 8 पर्यटक लापता हैं और भारी बारिश के कारण राहत अभियान में बाधा आ रही है। मणिपुर और सिक्किम, दोनों ही राज्यों में प्रशासन हालात से निपटने में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश और भू-स्खलन राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

उत्तराखंड में इस बार जल्दी आएगा मानसून, सामान्य से ज्यादा बारिश के आसार

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देहरादून। उत्तराखंड में इस बार मानसून समय से पहले दस्तक देने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 10 जून तक मानसून प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा। आमतौर पर मानसून 15 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार यह करीब पांच दिन पहले आने की संभावना है। अच्छी बात ये है कि इस बार प्रदेश में सामान्य से 6% अधिक बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं।

प्री-मानसून बारिश शुरू, पहाड़ों में तेज़ बौछारें

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक बिक्रम सिंह ने जानकारी दी कि जून के पहले सप्ताह में ही प्री-मानसून की बारिश देखने को मिलेगी। खास तौर पर पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में तेज बौछारों के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। उन्होंने कहा कि 5 जून के बाद बारिश में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर हल्की फुहारें जारी रहेंगी।

मानसून के बाद और बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की आमद के बाद उत्तराखंड में बारिश और भी तेज रफ्तार पकड़ सकती है। प्रदेश में लंबी अवधि का सामान्य औसत वर्षा मानक 87 सेंटीमीटर है। इस बार यह आंकड़ा 108 फीसदी तक पहुंच सकता है, यानी औसत से 6 प्रतिशत अधिक वर्षा होने की संभावना है।

किसानों के लिए राहत

इस वर्षा के अनुमान से जहां किसानों को सिंचाई की बेहतर संभावनाएं मिल सकती हैं, वहीं भूस्खलन, बादल फटने और नदियों में जलस्तर बढ़ने जैसे खतरे भी मंडरा सकते हैं। ऐसे में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन को पहले से सतर्क रहने की जरूरत है।

SP सांसद प्रिया सरोज और क्रिकेटर रिंकू सिंह की शादी की तारीख तय, यहां होगी शादी

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लखनऊ/वाराणसी:  उत्तर प्रदेश की राजनीति और भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों एक नई चर्चा ने हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी (SP) की युवा सांसद प्रिया सरोज, जो कि जौनपुर की मछलीशहर लोकसभा सीट से निर्वाचित हैं, अब राजनीति से आगे बढ़कर निजी जीवन में एक नया मोड़ लेने जा रही हैं। उनका रिश्ता भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह से तय हो गया है।

रिंग सेरेमनी 8 जून को लखनऊ में

सूत्रों के अनुसार, प्रिया सरोज और रिंकू सिंह की सगाई (रिंग सेरेमनी) आगामी 8 जून को लखनऊ के एक भव्य होटल में आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम सीमित मेहमानों के बीच पारिवारिक माहौल में सम्पन्न होगा, लेकिन सियासत और क्रिकेट के कई नामचीन चेहरे इसमें शिरकत कर सकते हैं।

18 नवंबर को वाराणसी में शादी

शादी की तारीख भी तय हो गई है। दोनों का विवाह 18 नवंबर 2025 को वाराणसी के होटल ताज में होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और खबर है कि यह शादी एक राजसी अंदाज़ में होगी, जिसमें देश भर की तमाम बड़ी हस्तियां शरीक होंगी।

रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के हार्ड-हिटर बल्लेबाज़ माने जाते हैं। उन्होंने IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से धमाकेदार प्रदर्शन कर क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है। उनका संघर्षों से भरा जीवन, मैदान पर दमदार मौजूदगी और विनम्र व्यक्तित्व उन्हें युवाओं का चहेता बनाता है।

कौन हैं प्रिया सरोज?

प्रिया सरोज समाजवादी पार्टी की एक युवा, तेज़तर्रार और संघर्षशील सांसद हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने मछलीशहर सीट से जीत दर्ज कर सियासी हलकों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। प्रिया समाजसेवा और महिला अधिकारों के मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए जानी जाती हैं।

सितारों से सजेगा विवाह समारोह

इस हाई प्रोफाइल शादी में फिल्म जगत, राजनीति, क्रिकेट और उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

सरकारी राशन दुकानों में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ पूर्ति अधिकारी को दिया ज्ञापन

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देहरादून: उत्तराखण्ड कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश सिंह कौशल के नेतृत्व में सरकारी राशन दुकानों में व्याप्त अनियमितताओं, जैसे गेहूं में अत्यधिक कचरा, नमक में रेत, साबूत मडुवा की मात्रा कम होना, दुकानों का समय पर न खुलना, और चावल में दुर्गंध जैसी समस्याओं के समाधान के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, देहरादून को एक ज्ञापन सौंपा गया।

कौशल ने इस अवसर पर कहा कि प्रकोष्ठ ने जिला पूर्ति अधिकारी से इन समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, ताकि जनता को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि जनता लगातार शिकायत कर रही है कि राशन की दुकानें समय पर नहीं खुलतीं, जिसके कारण लोगों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है, इससे उनका समय बर्बाद होता है और उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ज्ञापन सौंपते हुए कौशल ने जोर देकर कहा कि जनता की इन जायज मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार हर विभाग में व्याप्त है। साथ ही, उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि जन समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर आगे आएं।

इस अवसर पर पूनम कण्डारी, आनंद जगुड़ी, किशोर उनियाल, डॉ. संजय सिंह, वीरेंद्र पंवार, मीनाक्षी महर, सुशीला बेलवाल, हरेन्द्र बेदी, संदीप धुलिया, मान सिंह, अर्जुन शर्मा, बिरेश शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।

बड़ी खबर : भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा लेने वाली IPS रचिता जुयाल ने दिया इस्तीफा, आखिर क्यों?

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देहरादून: उत्तराखंड की सख्त छवि वाली आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल के इस्तीफे की खबर ने पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया है। 2015 बैच की यह अफसर हाल ही में एसपी विजिलेंस के तौर पर सुर्खियों में थीं, लेकिन अब उन्होंने निजी कारणों का हवाला देकर सेवा से त्यागपत्र दे दिया है।

सूत्रों के अनुसार, रचिता जुयाल ने कुछ दिन पहले ही इस्तीफे से जुड़ा आवेदन मुख्य सचिव कार्यालय और पुलिस महानिदेशक को भेजा था। हालांकि, अंतिम निर्णय अब राज्य सरकार और केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

लेकिन, बात सिर्फ एक साधारण इस्तीफे की नहीं है। जिस समय भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई, उसी दौरान विजिलेंस में एएसपी मिथिलेश कुमार का ट्रांसफर हुआ, और अब अचानक रचिता जुयाल का इस्तीफा सामने आया है। यह सिलसिला संदेह की लकीरें खींच रहा है।

एसपी विजिलेंस रहते हुए रचिता जुयाल ने एक बड़ा कदम उठाया था कृ आईएसबीटी चौकी इंचार्ज को ट्रैप कर भ्रष्टाचार में रंगे हाथों पकड़ा गया। ये घटना पुलिस महकमे के भीतर भी हड़कंप मचा गई थी।

रचिता के कार्यकाल में विजिलेंस की कार्यशैली में गति और धार दोनों नजर आई। सरकारी विभागों में छापेमारी, कर्मचारियों की धरपकड़, और जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल कृ इन सबने जनता में विश्वास जगाया।

इन सवालों ने अब इस पूरे घटनाक्रम को संदेह के घेरे में डाल दिया है। क्या यह सिर्फ पारिवारिक कारणों का मामला है, या फिर कहीं कोई आंतरिक दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप? सवाल यह है कि रचिता जुयाल सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ा रही थी। उस पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही थी। फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने अपने पद से ही स्तीफा दे दिया?

देशभर में बढ़े कोरोना मामलों ने फिर बढ़ाई चिंता, दिल्ली में नए वेरिएंट से पहली मौत

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देश एक बार फिर कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आता दिख रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 30 मई 2025 तक भारत में सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 2,710 तक पहुंच गई है। ये संख्या पिछले कुछ हफ्तों में तेजी से बढ़ी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

नए वेरिएंट से पहली मौत

दिल्ली में कोरोना के नए वेरिएंट से इस साल पहली मौत दर्ज की गई है। मृतक पहले से ही कई बीमारियों से पीड़ित था और कोविड संक्रमण के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। पिछले 24 घंटे में राजधानी में 56 नए केस सामने आए हैं। अब दिल्ली में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 294 हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि नया वेरिएंट हल्के लक्षण वाला है, लेकिन कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बयान दिया है कि, “राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क है। अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं और एडवाइजरी भी जारी की गई है। घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।” गाजियाबाद में शुक्रवार को कोरोना के 5 नए केस मिले हैं। जिले में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या अब 19 हो गई है।

महाराष्ट्र में 84 नए केस

महाराष्ट्र में 84 नए कोविड-19 मामले सामने आए हैं, जिससे राज्य में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 467 हो गई है।
सिर्फ मुंबई में ही जनवरी 2025 से अब तक 411 मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के हैं और हालात नियंत्रण में हैं।

अरुणाचल प्रदेश में भी कोरोना धीरे-धीरे दस्तक दे रहा है। हाल ही में 51 वर्षीय एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया है, जिससे राज्य में कुल मामलों की संख्या 3 हो गई है।

क्या करें? क्या न करें?

  • मास्क पहनें

  • भीड़भाड़ से बचें

  • बार-बार हाथ धोएं

  • लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं

  • अफवाहों से बचें, आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें

दर्दनाक हादसा : श्रद्धालुओं की गाड़ी पर गिरा पत्थर, 2 की मौत, 4 घायल

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रुद्रप्रयाग  :उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक और दुखद घटना सामने आई है। केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की मैक्स गाड़ी पर पहाड़ से अचानक भारी पत्थर गिर पड़ा, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में ड्राइवर समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा गौरीकुंड हाईवे पर काकडागाड़ के पास हुआ, जो रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

शुक्रवार की देर शाम को यह हादसा उस समय हुआ, जब मैक्स वाहन श्रद्धालुओं को लेकर केदारनाथ धाम की ओर बढ़ रहा था। अचानक पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर लुढ़कता हुआ नीचे आया और वाहन पर गिर गया। इस दौरान वाहन में कुल छह लोग सवार थे – जिनमें से दो की मौत हो गई और चार घायल हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, डीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। ड्राइवर 38 वर्षीय राजेश रावत पुत्र राय सिंह, निवासी नाग पनियाला, लंबगांव (नई टिहरी) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

24 वर्षीय शैलेन्द्र कुमार, पुत्र मोहन लाल यादव (उत्तर प्रदेश) ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। चार घायलों को 108 सेवा और स्थानीय वाहनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

 घायल 

  1. लक्ष्मण सिंह (24 वर्ष), पुत्र धनीराम यादव

  2. ओंकार सिंह (24 वर्ष), पुत्र वीरेंद्र सिंह

  3. विपेश यादव (19 वर्ष), पुत्र गोविंद यादव

  4. चित्रांश साहू, पुत्र ओंकार साहू, निवासी जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़

ऑपरेशन शील्ड : भारत-पाक सीमा पर बढ़ी तैयारी, आज 6 राज्यों में मॉक ड्रिल, हवाई हमलों से निपटने का अभ्यास

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नई दिल्ली : सीमा पार से जारी तनाव और बढ़ते खतरे के मद्देनज़र भारत ने अपनी तैयारी का स्तर और ऊंचा कर दिया है। आज शनिवार को ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत पाकिस्तान से सटे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के साथ-साथ हरियाणा और केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में एक बार फिर संध्या 5 बजे से मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

इस मॉक ड्रिल का मकसद है, हवाई हमलों, ड्रोन हमलों और मिसाइल अटैक जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी का व्यावहारिक अभ्यास। इसके अलावा ब्लैकआउट की प्रक्रिया और आपातकालीन प्रतिक्रियाओं की कार्यक्षमता को भी परखा जाएगा।


मॉक ड्रिल का उद्देश्य क्या है?

‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत की जा रही इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य है —

  • आम नागरिकों को हवाई हमले की स्थिति में सही व्यवहार सिखाना,

  • स्थानीय प्रशासन की तत्परता की जांच,

  • आपातकालीन व्यवस्थाओं और संचार प्रणालियों को परखना,

  • सायरन सिस्टम और ब्लैकआउट की टेस्टिंग करना।

इस दौरान वायुसेना और नागरिक सुरक्षा नियंत्रण कक्ष के बीच ‘हॉटलाइन’ व्यवस्था को भी सक्रिय किया जाएगा ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में संचार तंत्र मजबूत रहे।


तैयारी पूरी, ब्लैकआउट का भी अभ्यास

इस राष्ट्रीय अभ्यास को लेकर गृह मंत्रालय और नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक कर राज्यों को ज़रूरी दिशा-निर्देश जारी किए थे। जिलों को कहा गया है कि मॉक ड्रिल के दौरान वे निम्नलिखित कार्रवाइयों को सुनिश्चित करें:

  • दुश्मन के विमानों और ड्रोन हमलों की चेतावनी देने वाले सायरनों का अभ्यास।

  • लोगों को खुले इलाकों और संभावित निशानों से दूर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना।

  • महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे बिजली संयंत्र, संचार टावर, पानी की टंकियां, सरकारी भवनों आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

  • ब्लैकआउट: पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को नियंत्रित कर अंधकार सुनिश्चित करना, जिससे हवाई हमले में दुश्मन को लक्ष्य पहचानना मुश्किल हो।

  • स्वयंसेवक संगठनों जैसे एनसीसी, एनएसएस और भारत स्काउट व गाइड की भूमिका को सक्रिय करना।


क्यों ज़रूरी हुआ यह अभ्यास?

गौरतलब है कि 10 मई को पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम लागू हुआ था। इसके बाद यह पहली मॉक ड्रिल है। इससे पहले 7 मई को गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश के 244 जिलों में एक बड़ी मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी, जिसमें आतंकी हमलों और हवाई खतरों से निपटने का अभ्यास हुआ था।

पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन घुसपैठ और सीमा पार गोलीबारी की घटनाओं में इज़ाफा देखा गया है। इसके चलते सीमावर्ती क्षेत्रों की सतर्कता और सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार अतिरिक्त कदम उठा रही है।


नागरिकों के लिए निर्देश

  • शाम 5 बजे से मॉक ड्रिल के दौरान घर के भीतर रहें और सायरन बजने पर घबराएं नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

  • ब्लैकआउट के लिए पहले से व्यवस्था रखें, जैसे टॉर्च, बैटरी, और मोबाइल चार्ज रखें।

  • कोई आपात सूचना या घटना हो तो स्थानीय कंट्रोल रूम या नागरिक सुरक्षा नंबर पर तुरंत संपर्क करें।