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ISI को सेना की जानकारी दे रहा था गगनदीप, पंजाब पुलिस ने जासूस को किया गिरफ्तार

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देश में जासूसी गतिविधियों से जुड़ी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला पंजाब से सामने आया है, जहां तरनतारन पुलिस और काउंटर-इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध को राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गगनदीप सिंह उर्फ गगन के रूप में हुई है।

ISI और खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े तार

पुलिस के मुताबिक, गगनदीप सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला के संपर्क में था। वह “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भारतीय सेना की गतिविधियों, तैनाती और अन्य संवेदनशील जानकारियों को दुश्मन देश तक पहुंचा रहा था।

पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गगनदीप की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी थीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गगनदीप बीते पांच वर्षों से गोपाल सिंह चावला के संपर्क में था, जिसने उसे पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव्स (PIOs) से जोड़ा।

पैसे के बदले देश की सुरक्षा से गद्दारी

गगनदीप ने पैसों के लालच में पाकिस्तान को सैन्य गोपनीय जानकारी बेची। एक खास मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वह ISI नेटवर्क से जुड़ा रहा और 20 से अधिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से उसका संपर्क था। पुलिस ने आरोपी के पास से तकनीकी साक्ष्य और आपत्तिजनक विवरण जब्त कर लिए हैं।

केस दर्ज, गहन जांच जारी

आरोपी के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत तरनतारन थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब उससे जुड़े और संभावित नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।

भीषण भूस्खलन, तीन जवान शहीद, छह लापता

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सिक्किम के उत्तरी इलाकों में दो दिन से मूसलधार बारिश के बाद भयंकर भूस्खलन ने कहर ढाया है। चाटेन क्षेत्र में सेना के जवानों पर पहाड़ टूटा—हवलदार लखविंदर सिंह, लांस नायक मुनीश ठाकुर और पोर्टर अभिषेक लखड़ा इस आपदा में शहीद हो गए। सेना ने बताया है कि अभी छह जवानों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मौसम की बेरुखी के बीच राहत दल लगातार जूझ रहा है।

घटनास्थल चाटेन में बचाव अभियान अब भी जारी है। भारतीय सेना, आईटीबीपी, बीआरओ और स्थानीय प्रशासन मिलकर राहत कार्य में लगे हुए हैं। लगातार बारिश और ज़मीन की फिसलन के बावजूद जवानों का जज़्बा डगमगाया नहीं है।

अधिकारी और परिवार लापता

भूस्खलन की चपेट में एक और दिल तोड़ने वाली घटना सामने आई है। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीतपाल संधू, उनकी पत्नी आरती संधू, बेटी अमायरा, सूबेदार धर्मवीर, सिपाही सैनुदीन पी.के. और सिपाही सुनीलल भी लापता हैं। इस परिवार के लिए खोजबीन तेज़ कर दी गई है।

1,678 पर्यटक सुरक्षित निकाले गए

लाचेन और लाचुंग घाटियों में दो दिन तक फंसे रहे पर्यटकों को सोमवार सुबह सुरक्षित निकाला गया। कुल 1,678 पर्यटकों को, जिनमें 737 पुरुष, 561 महिलाएं और 380 बच्चे शामिल थे, 284 गाड़ियों और 16 बाइकों के काफिले के साथ गंगटोक के फिदांग रोड तक लाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, आईटीबीपी, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने एक बेहतरीन तालमेल दिखाया।

प्रशासन की कोशिशें जारी

मंगन के डीएम अनंत जैन ने बताया कि सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। लापता लोगों की तलाश हरसंभव साधनों से की जा रही है। सेना, पुलिस, NDRF और स्थानीय टीमें चौबीसों घंटे जुटी हुई हैं।

JEE Advanced 2025: रजित गुप्ता बने ऑल इंडिया टॉपर, कोटा की धरती से चमका सितारा

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नई दिल्ली। देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2025 का रिजल्ट आ चुका है और इस बार कोटा के रजित गुप्ता ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। आईआईटी दिल्ली ज़ोन से परीक्षा देने वाले रजित ने 360 में से 332 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 पर कब्ज़ा जमाया है। इस साल जेईई एडवांस्ड का आयोजन आईआईटी कानपुर रजित ने मुस्कराते हुए कहा कि मैं हर हाल में खुश रहता हूं।

मैंने कभी खुद को पढ़ाई के बोझ में नहीं डाला। जब मन करता, तब पढ़ता — मगर तब जी-जान लगाकर पढ़ता। उनका मानना है कि खुश रहना ही सफलता की असली कुंजी है। रजित ने कभी भी कोई सख्त टाइम टेबल नहीं बनाया, लेकिन डिसिप्लिन और समझदारी से पढ़ाई जरूर की। उनके लिए सबसे अहम था गलतियों से सीखना और उन्हें दोहराना नहीं।

रजित कोटा के महावीर नगर में रहते हैं और उन्होंने एलन करियर इंस्टीट्यूट कोटा से रेगुलर क्लासरूम कोचिंग ली थी। इस संस्थान ने पहले भी कई ऑल इंडिया टॉपर्स दिए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब कोटा का स्थानीय छात्र खुद ऑल इंडिया टॉपर बना है। इससे पहले, जेईई मेन के जनवरी सेशन में 100 परसेंटाइल और अप्रैल सेशन में AIR 16 प्राप्त कर रजित ने अपनी प्रतिभा का झंडा बुलंद कर दिया था। उनकी 10वीं कक्षा में भी 96.8% अंक आए थे।

डाउट्स क्लियर और माइंड क्लियर

रजित कहते है कि मैं तब तक अगला टॉपिक नहीं पढ़ता जब तक पिछला पूरी तरह क्लियर न हो जाए। गलतियों को पकड़ना और सुधारना मेरी स्ट्रैटजी रही है।” वो कॉलोनी के बच्चों के साथ खेलते हैं, टीवी भी देखते हैं, और जब पढ़ाई करते हैं तो एकाग्र होकर करते हैं। एलन के स्टडी मटेरियल और टीचर्स की गाइडेंस को वे अपनी सफलता में बेहद अहम मानते हैं।

रजित का टैलेंट कोई इत्तफाक नहीं है। उनके पिता दीपक गुप्ता, जो फिलहाल बीएसएनएल में उपखंड अभियंता हैं, 1994 में खुद एलन कोटा के स्टूडेंट रह चुके हैं। उन्होंने आरपीईटी में 48वीं रैंक प्राप्त की थी। दीपक गुप्ता ने बताया कि मैंने एलन के निदेशक बृजेश माहेश्वरी सर से पढ़ा था। जब बेटे की बारी आई, तो एलन के अलावा और किसी को विकल्प ही नहीं माना। उनकी मां डॉ. श्रुति अग्रवाल, जेडीबी कॉलेज में होम साइंस की प्रोफेसर हैं। रजित को शुरू से घर में अनुशासन और पढ़ाई का माहौल मिला, जिससे उनके व्यक्तित्व में संबल और स्थिरता दोनों आई।

JEE Advanced 2025: कोटा का गौरव

रजित की सफलता सिर्फ उनके परिवार या एलन के लिए नहीं, पूरे कोटा शहर के लिए गर्व की बात है। जिस शहर कोचिंग का मक्का माना जाता है, उसी शहर के छात्र ने पहली बार जेईई एडवांस्ड में AIR 1 लाकर “कॅरियर सिटी कोटा” को फिर से वैश्विक मंच पर चमका दिया।

चारधाम यात्रा के नाम पर साइबर ठगी : उत्तराखंड STF का बड़ा एक्शन, 136 फर्जी वेबसाइटों पर कार्रवाई, सोशल मीडिया पर शिकंजा

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चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर ठगने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से मई 2025 के बीच STF ने 136 फर्जी वेबसाइट/URL, 117 मोबाइल नंबर, 61 बैंक खाते और 35 व्हाट्सएप नंबर ब्लॉक/फ्रीज किए हैं। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। STF को इस कार्रवाई में गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) का तकनीकी सहयोग मिला है।

पिछले वर्षों की तुलना में इस साल साइबर ठगी के मामलों में इजाफा हुआ है। वर्ष 2023 में जहां 64 वेबसाइटों को ब्लॉक किया गया था, वहीं 2024 में 18 वेबसाइटों, 45 फेसबुक पेजों और 20 बैंक खातों पर कार्रवाई की गई थी। लेकिन अब अपराधियों ने अपनी रणनीति बदलते हुए Facebook और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी पेज और विज्ञापन बनाकर एडवर्टाइजमेंट बूस्ट के जरिए श्रद्धालुओं तक पहुंच बनानी शुरू कर दी है।

STF ने अब सोशल मीडिया पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड सरकार ने पुलिस उप महानिरीक्षक (लॉ एंड ऑर्डर) धीरेन्द्र गुंज्याल को Meta (Facebook/Instagram) के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है। उनके मार्गदर्शन में Meta को आईटी अधिनियम की धारा 79(3)(b) के तहत विधिसम्मत नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे फर्जी पेज, भ्रामक विज्ञापन और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

पूरे अभियान की दैनिक निगरानी STF SSP नवनीत सिंह कर रहे हैं। निरीक्षक आशीष गुसाईं, उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा और निरीक्षक देवेंद्र नबियाल की टीम सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय फर्जी खातों की निगरानी कर रही है। Meta के नोडल अधिकारी अश्विन मधुसूदन से नियमित संवाद कर फर्जी कंटेंट हटवाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।

Google और Meta जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी डिजिटल नियंत्रण की पहल तेज की गई है। STF के अनुरोध पर Google ने “केदारनाथ हेली टिकट बुकिंग” जैसे कीवर्ड्स पर नियंत्रण लागू किया है, जिससे फर्जी विज्ञापनों में भारी कमी आई है। अब यही प्रयास Facebook और Instagram पर भी किया जा रहा है।

इस कार्रवाई में I4C के वरिष्ठ अधिकारियों – डॉ. राजेश कुमार (CEO), रूपा एम (Director, TAU), रश्मि शर्मा यादव (DCP), रुशी मेहता (Tech Lead), आशीष भारद्वाज सहित Meta के अश्विन मधुसूदन का विशेष योगदान रहा है। STF की टेक्निकल टीम अब सोशल मीडिया ट्रेंड, कीवर्ड एनालिसिस और सीज़नल डेटा एनालिटिक्स पर भी काम कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी को समय रहते रोका जा सके।

STF SSP नवनीत सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी लिंक या पेज पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें। टीम दिन-रात सक्रिय है, लेकिन आपकी सतर्कता सबसे बड़ी सुरक्षा है।

इन बातों के रखें ख्याल

  • केदारनाथ हेली सेवा हेतु केवल IRCTC अधिकृत बुकिंग एजेंसी है।

  • किसी भी Facebook/Instagram पेज या विज्ञापन से हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग न करें।

  • संदिग्ध वेबसाइट या लिंक मिलने पर तुरंत STF को ईमेल करें:
    📧 ccps.deh@uttarakhandpolice.uk.gov.in

  • साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

देश में फिर बढ़ने लगा कोरोना का खतरा, पिछले 24 घंटे में 4 मौतें, 4000 एक्टिव केस

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देश में एक बार फिर कोरोना वायरस ने रफ्तार पकड़ ली है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून 2025 तक देश में कोविड-19 के कुल 3961 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। चिंताजनक बात यह है कि इस बार भी संक्रमण का सबसे ज्यादा असर दिल्ली और केरल जैसे राज्यों में देखा जा रहा है।

पिछले 24 घंटों में दिल्ली में सबसे अधिक 47 नए मामले सामने आए हैं, जिससे राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 483 हो चुकी है। वहीं, केरल कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है, जहां 1435 एक्टिव केस मौजूद हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कुछ अन्य राज्यों से भी संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

कोरोना वायरस की इस नई लहर में देश में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में 22 वर्षीय महिला, तमिलनाडु में 25 वर्षीय युवक, महाराष्ट्र में 44 वर्षीय पुरुष, और केरल में एक अन्य व्यक्ति ने कोविड संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया।

हालांकि इस बार संक्रमण की रफ्तार उतनी तेज नहीं है जितनी पिछली लहरों में देखी गई थी, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सावधानी के हालात बिगड़ सकते हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि भीड़भाड़ से बचें, मास्क पहनें और सतर्क रहें, ताकि संक्रमण को दोबारा भयावह रूप न लेने दिया जाए।

वरिष्ठ पत्रकार उत्तरांचल प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष विकास धूलिया का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

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देहरादून : उत्तराखंड के पत्रकारिता जगत से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। वरिष्ठ पत्रकार, उत्तरांचल प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष और दैनिक जागरण के स्टेट ब्यूरो चीफ विकास धूलिया का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

विकास धूलिया लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे और उन्होंने अपने बेबाक लेखन, रिपोर्टिंग और कार्यशैली से एक अलग पहचान बनाई थी। न केवल पत्रकारों के बीच बल्कि प्रशासन और समाज के विभिन्न वर्गों में भी उनका गहरा सम्मान था।


विकास धूलिया के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख व्यक्त किया है। विकास धूलिया को श्ऱद्धांजलि देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्षए वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक जागरण के स्टेट ब्यूरो चीफ श्री विकास धूलिया जी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। उनका निधन न केवल पत्रकारिता जगत के लिए बल्कि समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें।


प्रदेश के पत्रकार संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

नॉर्वे चेस टूर्नामेंट: विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने रचा इतिहास, मैग्नस कार्लसन को हराकर दर्ज की क्लासिकल में पहली जीत

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स्टावेंगर: भारतीय शतरंज प्रेमियों के लिए रविवार की शाम गर्व से भर देने वाली रही। नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने इतिहास रचते हुए पहली बार क्लासिकल शतरंज में मौजूदा विश्व नंबर-1 और नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को शिकस्त दी। यह जीत सिर्फ एक मुकाबला नहीं थी, बल्कि भारतीय शतरंज की नई पीढ़ी की दमदार दस्तक भी थी।

मैच की शुरुआत में सफेद मोहरों से खेल रहे कार्लसन ने पारंपरिक शैली में गुकेश पर दबाव बनाना शुरू किया। शुरुआत से लेकर मध्य खेल तक कार्लसन का पलड़ा भारी रहा। लेकिन जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं, गुकेश की रणनीति भी निखरती चली गई। कार्लसन समय के दबाव में गलतियां करते गए और गुकेश ने मौके का पूरा फायदा उठाया।

मैच के बाद गुकेश ने अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “मैं ज़्यादा कुछ नहीं कर सकता था, बस जो मौके मिले उन्हें पूरी तरह से भुनाना था। मैं चालें ऐसी चला रहा था जो कार्लसन के लिए मुश्किल थीं, और सौभाग्य से वे सही साबित हुईं। गुकेश ने यह भी स्वीकारा कि 100 में से 99 बार शायद मैं इस चाल से हार जाता, लेकिन आज किस्मत मेरे साथ थी।

मैच खत्म होते ही कार्लसन ने हताशा में बोर्ड पर हाथ पटका और गुस्से में तेजी से बाहर निकल गए। वहीं, गुकेश ने अपने कोच गजेवस्की के साथ चुपचाप इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। गौरतलब है कि टूर्नामेंट के पहले राउंड में कार्लसन ने गुकेश को हराया था, लेकिन इस बार गुकेश ने जबरदस्त वापसी करते हुए अपना बदला चुकता किया।

नॉर्वे चेस टूर्नामेंट को विश्व शतरंज कैलेंडर के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में गिना जाता है। यह टूर्नामेंट 26 मई से 6 जून 2025 तक स्टावेंगर में खेला जा रहा है, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग के छह-छह खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में एक-दूसरे से भिड़ते हैं।

इस मुकाबले से पहले गुकेश और कार्लसन की तुलना को लेकर शतरंज के लिजेंड गैरी कास्पारोव का बयान भी काफी चर्चा में था। कास्पारोव ने साफ कहा था कि गुकेश भले ही विश्व चैंपियन हैं, लेकिन अभी भी कार्लसन हर पहलू में उनसे बेहतर हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गुकेश के प्रदर्शन में सुधार की काफी गुंजाइश है और वह इस पर मेहनत कर रहे हैं। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में उनकी जीत ने साबित किया कि वह एक लंबे फॉर्मेट में मानसिक रूप से बेहद मजबूत खिलाड़ी हैं।

उत्तराखंड मौसम अपडेट : देहरादून में बारिश, पर्वतीय इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी

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देहरादून : उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने को तैयार है। राज्य के अधिकांश पर्वतीय और कुछ मैदानी जिलों में आज गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज झोंकों वाली हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मैदानी जिलों में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जो आकाशीय बिजली और तेज हवाओं (40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा) के साथ हो सकती है। देहरादून समेत अन्य मैदानी इलाकों में आसमान मुख्यतः साफ से लेकर आंशिक रूप से बादली बना रहेगा। शाम और रात के समय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गर्जना और बिजली चमक सकती है।

देहरादून में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के आसमान पर बादल छाए हुए हैं, और रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली है।

बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राज्य के प्रसिद्ध हिल स्टेशनों, जैसे मसूरी, नैनीताल, और चंपावत में मौसम सुहावना बना हुआ है। नतीजतन, पर्यटकों की आवाजाही में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि, मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

सतर्क रहें 

  • बारिश और बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़ा न हों।

  • पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट जरूर चेक करें।

  • तेज हवाओं के चलते ढीले टिन शेड, होर्डिंग और कच्चे निर्माण से दूर रहें।

बाबा केदार के दर्शन को पहुंची दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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•यात्रा व्यवस्थाओं हेतु उत्तराखंड सरकार एवं बीकेटीसी को सराहा।

केदारनाथ धाम: 2 जून। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली प्रदेश की मुख्य रेखा गुप्ता ने आज सपरिवार भगवान केदारनाथ के दर्शन किये।
आज सोमवार सुबह सात बजे दिल्ली की मुख्यमंत्री केदारनाथ धाम पहुंची जहां हैलीपेड पर श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी (तथा श्री केदार सभा के पदाधिकारियों ने मुख्य मंत्री का स्वागत किया।

इसके पश्चात दिल्ली की मुख्यमंत्री श्री केदारनाथ मंदिर पहुंची तथा रूद्राभिषेक पूजा संपन्न कर देश प्रदेश एवं लोक मंगल की कामना की।

इसके पश्चात बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने मुख्य मंत्री को बाबा केदार का प्रसाद तथा रूद्राक्ष माला एवं विभूति भेंट की।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि इस अवसर पर‌ दिल्ली की मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सरकार तथा मंदिर समिति द्वारा की गयी यात्रा व्यवस्थाओंं की सराहना की।

इस अवसर पर बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, मुख्य प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी, प्रभारी अधिकारी गिरीश देवली, पुजारी बागेश लिंग, धर्माधिकारी ओंकार शुक्ला,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी,केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, उमेश पोस्ती,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रमोद बगवाड़ी, प्रदीप सेमवाल, अरविंद सेमवाल, पारेश्वर त्रिवेदी कुलदीप धर्म्वाण सहित पुलिस- जिला प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी पर्यटकों से गुलजार हुई।

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इंतज़ार खत्म! उत्तराखंड: पर्यटकों के दीदार के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी

देहरादून/गोपेश्वर: 1 जून। चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Valley of Flowers National Park) आज से पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया गया है। प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकर्स के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है, जहाँ उन्हें हजारों प्रकार के रंग-बिरंगे फूल एक साथ देखने को मिलते हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल इस घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी नई ऊर्जा मिली है।

प्रत्येक वर्ष की तरह, इस वर्ष भी घाटी को जून महीने के शुरुआती सप्ताह में पर्यटकों के लिए खोला गया है। यह घाटी आमतौर पर अक्टूबर के अंत तक या बर्फबारी शुरू होने तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। मानसून के आगमन के साथ ही घाटी में फूलों की बहार आने लगती है, जो सितंबर तक अपने चरम पर होती है। इस दौरान यहाँ ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता (Blue Poppy), कोबरा लिली जैसे सैकड़ों प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जिससे पूरी घाटी एक रंगीन कालीन का रूप ले लेती है।

फूलों की घाटी तक पहुँचना अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है। गोविंदघाट से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई (trek) करके बेस कैंप घंघरिया (Ghangaria) तक पहुँचते हैं, और फिर घंघरिया से फूलों की घाटी का प्रवेश द्वार लगभग 3 किलोमीटर दूर है। घाटी के अंदर केवल दिन के समय ही रहने की अनुमति होती है, और सूर्यास्त से पहले वापस आना होता है।