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श्री केदारनाथ धाम दर्श‌न को पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी

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श्री केदारनाथ धाम: 6 जून। केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्योग एवं उद्यमिता विकास मंत्री जीतन राम मांझी आज प्रातः केदारनाथ धाम पहुंचे तथा पारिवारिकजनों के साथ भगवान केदारनाथ के दर्शन किये तथा रूद्राभिषेक पूजा संपन्न की। कहा कि केदारनाथ धाम के दर्शन से अविभूत हुए है। इससे पहले श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) तथा श्री केदार सभा ने हैली पेड पर केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया।

दर्शन पूजा के पश्चात बीकेटीसी मुख्य प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत कर भगवान केदारनाथ का प्रसाद, अंगवस्त्र भेंट किया।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड सरकार सहित श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी)के यात्रा व्यवस्थाओंं की सराहना की।

इस अवसर पर पुजारी बागेश‌ लिंग, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, उमेश पोस्ती,धर्माधिकारी औंकार शुक्ला, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, सहायक लेखाकार प्रमोद बगवाड़ी, लोकेंद्र रिवाड़ी,प्रबंधक प्रदीप सेमवाल एवं अरविंद शुक्ला, पारेश्वर त्रिवेदी, पुष्कर रावत कुलदीप धर्म्वाण, विक्रम रावत, ललित त्रिवेदी सहित पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम योगी की बायोपिक ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ 1 अगस्त को होगी रिलीज, टीज़र में दिखी त्याग की तपस्वी गाथा

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके को और भी ऐतिहासिक बनाते हुए उनकी बायोपिक ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ की टीम ने फिल्म का नया पोस्टर और टीज़र जारी करते हुए इसकी रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है।

5 जून को सम्राट सिनेमैटिक्स और लेखक शांतनु गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया पर फिल्म का नया पोस्टर शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा गया…जग छोड़ा, भगवा ओढ़ा, सेवा में रम गया…एक योगी जो अकेला ही आंदोलन बन गया। योगी जी के जन्मोत्सव पर प्रस्तुत है उस कहानी का आरंभ, ‘अजय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी’ सिनेमाघरों में 1 अगस्त से। फिल्म शांतनु गुप्ता की चर्चित किताब ‘द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ पर आधारित है, जो योगी आदित्यनाथ के जीवन पर गहराई से प्रकाश डालती है।

टीज़र में दिखा संन्यास से सत्ता तक का सफर

48 सेकंड के टीज़र में दिखाया गया है कि कैसे अजय (जो बाद में योगी आदित्यनाथ बनते हैं) सांसारिक मोह-माया, घर-परिवार सबकुछ त्याग कर एक उद्देश्यपूर्ण जीवन की राह पकड़ते हैं। बैकग्राउंड में बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल की गंभीर और प्रभावशाली आवाज़ सुनाई देती है: वो कुछ नहीं चाहता था, लेकिन, सब उसे चाहते थे। वो शिष्य बनने आया था, पर जनता ने उसे सरकार बना दिया…”इस एक लाइन में ही संन्यास से सत्ता तक की पूरी कहानी नजर आती है।निर्माता रितु मेंगी ने कहा कि इस खास अवसर पर फिल्म की रिलीज डेट का एलान करना हमारे लिए सम्मान की बात है। योगी जी का असाधारण जीवन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। ‘अजय’ त्याग, कर्तव्य और धर्म से प्रेरित परिवर्तन का प्रतीक है।

फिल्म की टीम और कास्ट

  • निर्देशक: रवींद्र गौतम

  • निर्माता: रितु मेंगी

  • कहानी और स्क्रीनप्ले: दिलीप बच्चन झा और प्रियांक दुबे

  • संगीत: मीत ब्रदर्स

  • एसोसिएट प्रोड्यूसर: सूरज सिंह (बी-लाइव प्रोडक्शंस)

  • फोटोग्राफी निदेशक: विष्णु राव

  • प्रोडक्शन डिजाइन: उदय प्रकाश सिंह

मुख्य भूमिका में अनंतविजय जोशी नजर आएंगे। उनके साथ परेश रावल, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, पवन मल्होत्रा, अजय मेंगी, राजेश खट्टर, गरिमा विक्रांत और सरवर आहूजा भी अहम भूमिकाओं में होंगे।

कब और कहां देखें?

फिल्म 1 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होगी।

उत्तराखंड : रोहित नेगी हत्यकांड के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़, दोनों को लगी गोली

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देहरादून: प्रेमनगर में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रोहित नेगी की हत्या के मामले में दो मुख्य आरोपियों की पुलिस से बीती रात मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा के मुजफ्फरनगर-मंगलौर बॉर्डर पर हुई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें पहले सीएचसी गुरुकुल नारसन और फिर गंभीर हालत को देखते हुए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी मोहम्मद अजहर त्यागी (निवासी, थाना पुरकाजी, मुजफ्फरनगर) और आयुष उर्फ सिकंदर (निवासी, मालैन्डी, शामली) फरार चल रहे थे। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मांडूवाला में 3 मई की रात भाजपा नेता रोहित नेगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार दबिश दे रही थीं। आखिरकार पुलिस को दोनों आरोपी बॉर्डर पर नजर आए, लेकिन पुलिस को देखकर वे भागने लगे और फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी।

घटना की रात का पूरा घटनाक्रम भी सामने आ चुका है। बताया गया है कि 3 मई की रात रोहित नेगी अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा था। उन्हीं में से एक लड़की भी थी, जो रोहित के दोस्त की मित्र थी। पार्टी के दौरान उस लड़की के मोबाइल पर अजहर मलिक का फोन आया और फोन पर विवाद शुरू हो गया। रोहित ने जब बातचीत सुनी तो उसने अजहर को फटकार लगाई, क्योंकि वह लड़की के साथ बदसलूकी कर रहा था। मामला फिलहाल शांत हो गया, लेकिन बदले की आग अजहर के दिल में जल रही थी।

रोहित जब पार्टी के बाद दोस्तों के साथ अपनी कार में घर लौट रहा था, तभी मांडूवाला में पहले से घात लगाकर खड़े अजहर और उसका साथी आयुष बाइक पर उसका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही रोहित ने कार रोकी, अजहर ने सामने से कार के शीशे में सटाकर गोली दाग दी। गोली सीधे रोहित के गले में लगी। दोस्तों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

हत्या के बाद प्रेमनगर थाने में अजहर और आयुष उर्फ सिकंदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। क्षेत्र में रोष फैल गया। स्थानीय विधायक सहदेव पुंडीर ने भी एसएसपी से मुलाकात कर त्वरित गिरफ्तारी की मांग की। इससे पुलिस पर जबरदस्त दबाव बना। जानकारी के मुताबिक, अजहर त्यागी करीब 5 साल पहले पढ़ाई के लिए देहरादून आया था।

यहीं उसकी मुलाकात मेरठ की एक युवती से हुई जो प्रेमनगर स्थित एक कॉलेज में फिजियोथैरेपी की पढ़ाई कर रही थी। समय के साथ अजहर की हरकतें आपराधिक होती चली गईं। युवती ने उसके बर्ताव से तंग आकर नाता तोड़ लिया और कुछ महीनों बाद उसकी दोस्ती रोहित नेगी से हो गई। इसी बात से चिढ़कर अजहर ने युवती को लगातार धमकाना और पीछा करना शुरू कर दिया। घटना वाली रात भी अजहर ने उसे कॉल कर डराने की कोशिश की थी।

एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चूंकि आरोपी एक विशेष समुदाय से जुड़े हैं, इसलिए एहतियातन बॉर्डर क्षेत्रों को अलर्ट किया गया है। फिलहाल दोनों घायल आरोपी एम्स ऋषिकेश में भर्ती हैं और पुलिस की पूछताछ जारी है।

मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये देगी RCB

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नई दिल्ली। बुधवार शाम बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर उस वक्त मातम पसर गया जब RCB की जीत का जश्न भगदड़ में तब्दील हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 41 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है।

RCB ने आईपीएल के 18वें सीज़न में पहली बार खिताब अपने नाम किया। जैसे ही टीम अहमदाबाद से बेंगलुरु लौटी, शहर में उत्साह का माहौल था। हजारों फैंस टीम की विजय परेड और चैंपियनों की एक झलक पाने को स्टेडियम के बाहर उमड़ पड़े।

लेकिन भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई, और गेट के पास अफरा-तफरी के बीच भयानक भगदड़ मच गई। जश्न एक त्रासदी में बदल गया।

कोर्ट के लॉकअप में कैदी की हत्या से हड़कंप, तिहाड़ से लाए गए दो कैदियों ने उतारा मौत के घाट

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की साकेत कोर्ट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कोर्ट परिसर के लॉकअप में ही एक कैदी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अमन के रूप में हुई है, जिसे दो सह-कैदियों ने मौत के घाट उतार दिया। जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी तिहाड़ जेल नंबर 8 में बंद थे और उन्हें अदालती पेशी के लिए साकेत कोर्ट लाया गया था।

लॉकअप के भीतर ही अमन की हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर जब यह सब एक न्यायिक परिसर के भीतर हुआ हो।

इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने सीडीआर चौक पर हुए व्यवसायी अरुण लोहिया की हत्या की गुत्थी भी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर, दीपक नामक बदमाश और उसका साथी शेख सराय इलाके में देखे गए। जैसे ही पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए—गोलियां उनके पैरों में लगी हैं। इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच पांच से अधिक राउंड फायरिंग हुई। एक ओर जहां कोर्ट जैसी हाई-सिक्योरिटी जगह में हत्या, और दूसरी ओर सड़क पर दिनदहाड़े एनकाउंटर—दिल्ली पुलिस के सामने चुनौती बड़ी है। इन दो घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जेल से कोर्ट तक की प्रक्रिया और खुलेआम बदमाशों की गतिविधियों पर नकेल कसना कितना जरूरी हो गया है।

अमेरिका में पढ़ाई के ख्वाब पर ‘सोशल मीडिया स्कैन’ की तलवार, पोस्ट डिलीट कर रहे भारतीय छात्र

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अमेरिका में पढ़ाई के लिए तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों के बीच इस वक्त डर और चिंता का माहौल गहरा गया है। वजह? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक सख्त फैसला लिया है—अब वीज़ा आवेदन से पहले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच होगी।

यह नई नीति अमेरिका के विदेश मंत्रालय की इंटरनल केबल के जरिए सामने आई है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि अब वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के सोशल मीडिया पोस्ट्स को अमेरिका में एंट्री से पहले जांचा-परखा जाएगा।

इस फैसले की पृष्ठभूमि में अमेरिका की यूनिवर्सिटीज़ में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों की लहर है। बीते वर्ष इन प्रदर्शनों में कई विदेशी छात्र भी शामिल हुए थे, जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स पर शिकंजा कसने की रणनीति अपनाई।

अब भारतीय छात्र, जो अमेरिका में पढ़ाई के लिए तैयारी कर रहे हैं, अपने सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करने में लगे हैं। कोई इंस्टाग्राम साफ कर रहा है, तो कोई लिंक्डइन से पॉलिटिकल ऐक्टिविटी हटा रहा है। कुछ ने तो सोशल मीडिया अकाउंट्स ही पूरी तरह डिलीट कर दिए हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, मान्या (बदला हुआ नाम), जिसे एक आइवी लीग यूनिवर्सिटी में मास्टर प्रोग्राम के लिए चुना गया है, उसने अपने इंस्टाग्राम और लिंक्डइन अकाउंट हटा दिए हैं। उसके वीज़ा काउंसलर ने चेतावनी दी थी कि उसके पुराने राजनीतिक पोस्ट उसके F-1 वीज़ा के रास्ते में रुकावट बन सकते हैं।

ग्रैडिंग डॉट कॉम की संस्थापक ममता शेखावत ने इस मसले पर कहा कि छात्र के सोशल मीडिया पर राजनीतिक रुचि या एक्टिविज़्म का जरा-सा भी संकेत उनके वीज़ा को खतरे में डाल सकता है। अब सिर्फ अकादमिक योग्यता ही नहीं, डिजिटल छवि भी जांची जा रही है।

उत्तराखंड : कलयुगी मां ने नाबालिग बेटी का कराया यौन शोषण, BJP की महिला नेता और प्रेमी गिरफ्तार

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हरिद्वार:  हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपनी मां पर यौन शोषण करवाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि उसकी मां ने अपने प्रेमी सुमित पटवाल और उसके दोस्तों के साथ मिलकर उसका यौन शोषण कराया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता, जो पिछले एक महीने से अपने पिता के साथ रह रही थी, गुमसुम और हताश नजर आई। पिता ने बेटी से बातचीत की, तो उसने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर पिता स्तब्ध रह गए। पिता ने तुरंत रानीपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर तत्काल जांच शुरू की। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें यौन शोषण की पुष्टि हुई। साथ ही, पीड़िता के बयान धारा 164 के तहत दर्ज किए गए। जांच में सभी आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी मां और उसके प्रेमी सुमित पटवाल को शिव मूर्ति चौक के पास युग रेजीडेंसी होटल से गिरफ्तार किया। होटल को सुमित ने लीज पर लिया हुआ था। एक अन्य आरोपी अभी फरार है, और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि रानीपुर थाने में नाबालिग बच्ची की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पीड़िता का मेडिकल और धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए हैं। मेडिकल जांच में यौन शोषण की पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए और आरोपी मां व उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला का अपने पति से लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते वह अपने पति से अलग रह रही थी और अपने प्रेमी सुमित पटवाल के साथ रहती थी। पीड़िता भी अपनी मां के साथ रहती थी, लेकिन हाल ही में वह अपने पिता के पास चली गई थी। पिता ने बेटी के असामान्य व्यवहार को देखकर उससे बात की, जिसके बाद यह भयावह सच सामने आया।

आरोपी महिला बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुकी थी और पार्टी के कई बड़े नेताओं के साथ मंच साझा कर चुकी थी। हालांकि, बीजेपी जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने स्पष्ट किया कि अगस्त 2024 में ही महिला को सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया था और वर्तमान में उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने इस मामले के बाद उसे प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया।

यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने इसे इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया है। एक यूजर ने लिखा, “यह अविश्वसनीय और घृणित है कि एक मां अपनी बेटी के साथ ऐसा कर सकती है। यह समाज के पतन की पराकाष्ठा है।” इस मामले ने न केवल हरिद्वार, बल्कि पूरे उत्तराखंड में हलचल मचा दी है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी है। साथ ही, पीड़िता की सुरक्षा और काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है। यह मामला न केवल रिश्तों को शर्मसार करता है, बल्कि समाज में नैतिकता और मातृत्व जैसे पवित्र रिश्तों पर भी सवाल उठाता है।

UP पुलिस में बंपर भर्ती की तैयारी, 24 हज़ार पदों पर जल्दी निकलेगा विज्ञापन!

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लखनऊ : लाखों युवाओं के लिए खुशखबरी! उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती का इंतज़ार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जल्द ही बड़ा मौका आने वाला है। करीब 24,000 पदों पर भर्ती के लिए यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड पूरी तरह तैयार है। जैसे ही शासन की हरी झंडी मिलेगी, विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो 15 जून तक भर्ती विज्ञापन जारी हो सकता है। पहले यह विज्ञापन अप्रैल के आखिरी हफ्ते में आने वाला था, लेकिन कुछ औपचारिकताओं की वजह से इसमें देरी हो गई।

इन पदों के लिए भेजा गया प्रस्ताव 

सिपाही वर्ग के 19,220 पद

  • सिपाही पीएसी: 9837

  • सिपाही पीएसी (महिला वाहिनी): 2282

  • सिपाही नागरिक पुलिस: 3245

  • सिपाही सशस्त्र पुलिस: 2444

  • सिपाही विशेष सुरक्षा बल: 1341

  • घुड़सवार पुलिस: 71

उप निरीक्षक (SI) के 4543 पद

  • उप निरीक्षक नागरिक पुलिस: 4242

  • उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर (महिला वाहिनी – बदायूं, गोरखपुर, लखनऊ): 106

  • प्लाटून कमांडर/उप निरीक्षक (सशस्त्र पुलिस): 135

  • उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर (विशेष सुरक्षा बल): 60

राज्य सरकार ने उपनिरीक्षक की भर्ती में उम्र सीमा में तीन साल की अतिरिक्त छूट देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट में मंजूरी दे दी है।

कितने आवेदन आने की उम्मीद?

इस बार इन पदों पर भर्ती के लिए करीब 35 लाख से अधिक आवेदन आने की संभावना है। पिछली बार सिपाही नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए 48 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे। अबकी बार अधिकतर पद पीएसी और सशस्त्र बलों में हैं, फिर भी भारी प्रतिस्पर्धा की उम्मीद है।

अपडेट पर रखें नजर

  • भर्ती विज्ञापन जून के पहले पखवाड़े में आ सकता है।

  • ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया विज्ञापन के साथ ही शुरू होगी।

  • योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों को तैयारी में कोई ढील नहीं देनी चाहिए।

NIA का आतंक पर प्रहार, कश्मीर के कई जिलों में छापेमारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू-कश्मीर दौरे से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंक से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह एनआईए की टीमों ने श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के पांच जिलों पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, बारामूला और कुपवाड़ा में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की।

सूत्रों के मुताबिक यह छापेमारी एक आतंकी साजिश की जांच के सिलसिले में की गई। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी या हिरासत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एजेंसी ने मौके से पांच लैपटॉप, करीब 18 मोबाइल फोन, कई डिजिटल डिवाइस और संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज जब्त किए हैं।

जिन लोगों के घरों की तलाशी ली गई, उनमें एक शिक्षक, एक छात्रा और कुछ व्यापारी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग पाकिस्तान और पीओके में बैठे आतंकी हैंडलरों से संपर्क में थे, जो वॉट्सऐप और अन्य माध्यमों के जरिये संवाद करते थे।

इससे पहले स्टेट इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (SIA) ने जम्मू संभाग के चार जिलों में 18 जगहों पर सर्च अभियान चलाया था। केंद्र शासित प्रदेश में एनआईए और एसआईए मिलकर आतंकियों के ओवरग्राउंड नेटवर्क और स्लीपर सेल्स के खात्मे की दिशा में लगातार अभियान चला रहे हैं।

पीएम मोदी का दौरा

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं, जहां वह 46,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान वह दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज का उद्घाटन भी करेंगे, जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है।

यह पुल न केवल इंजीनियरिंग का चमत्कार है, बल्कि यह कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाली कड़ी साबित होगा। साथ ही, पीएम मोदी यहां से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक की नई रेल सेवा की शुरुआत भी करेंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पीएम के दौरे को “एक नए युग की शुरुआत” करार देते हुए कहा कि यह रेल संपर्क व्यापार, पर्यटन और विकास के क्षेत्र में क्रांति लाएगा।

बड़ी खबर: आ गई जनगणना की डेट, दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया, उत्तराखंड में इस दिन से होगी शुरू

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नई दिल्ली :  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जातियों की गणना भी की जाएगी। यह जनगणना जनसंख्या गणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के तहत की जाएगी।

जनगणना 2027 की मुख्य तिथियाँ:

मुख्य जनगणना की संदर्भ तिथि:

1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि (00:00 बजे)

हिमालयी व बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष तिथि:

1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि

यह तिथि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के गैर-समानांतर हिम-पहाड़ी क्षेत्रों के लिए लागू होगी।

जनगणना 2027 के लिए अधिसूचना 16 मई 2025 को भारत सरकार की आधिकारिक गजट में प्रकाशित की गई है।

जनगणना का ढांचा

जनगणना भारत में दो चरणों में संपन्न होती है:

प्रथम चरण – गृह सूचीकरण (House Listing)

इससे संबंधित कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा।

द्वितीय चरण – जनसंख्या गणना (Population Enumeration)

यह चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा।

पिछली जनगणना 2011 में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया गया था, जिसमें मुख्य संदर्भ तिथि 1 मार्च 2011 रखी गई थी।

कोविड के कारण 2021 की जनगणना रही स्थगित

गौरतलब है कि जनगणना 2021, जो अप्रैल-सितंबर 2020 और फरवरी 2021 में होनी थी, कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। हालांकि, पहले चरण की तैयारियाँ पूरी हो चुकी थीं।

वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व

जनगणना केवल जनसंख्या आंकड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और जातिगत विविधताओं की भी व्यापक जानकारी मिलती है। इस बार जाति गणना को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिससे नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।