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मुख्यमंत्री धामी ने की लगाई रोपाई, “हुड़किया बोल” की गूंज के बीच भूमि, जल और मेघ देवताओं की वंदना

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खटीमा : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा के अपने पैतृक गांव नगरा तराई में एक मिसाल पेश की। उन्होंने खुद खेत में उतरकर धान की रोपाई की और परंपरागत “हुड़किया बौल” के साथ उत्तराखंड की कृषि संस्कृति और लोकपरंपराओं को नई ऊर्जा दी। खेत की मेड़ों पर जब हुड़क की थाप बजी, तो साथ में गूंज उठी देवताओं की सामूहिक वंदना, भूमि देवता भूमियां, जल देवता इंद्र और मेघ देव।

मुख्यमंत्री ने खेत में हाथ से धान की पौध लगाई और स्थानीय किसानों से संवाद करते हुए उनके श्रम, त्याग और जमीनी संघर्ष को नमन किया। उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, वो हमारी संस्कृति के संवाहक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

धामी ने अपने बचपन के दिनों को भी याद किया, जब वे भी इन्हीं खेतों में अपने परिजनों के साथ काम करते थे। इस अवसर ने उन्हें न केवल जड़ों से फिर जोड़ दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को पारंपरिक खेती से जोड़े रखने का भी संदेश दिया।

मुख्यमंत्री की यह पहल राजनीति से आगे जाकर माटी, मेहनत और मातृभूमि के साथ आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बन गई है। यह क्षण सिर्फ एक फोटो-ऑप नहीं, बल्कि उत्तराखंड की मिट्टी में गूंथे जीवन के दर्शन थे।

चारों धामों में होगी ITBP-NDRF की तैनाती, केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएम धामी से फोन पर की बात

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देहरादून/रुद्रप्रयाग। बारिश की मार और पहाड़ों से गिरते बोल्डरों के बीच चारधाम यात्रा को सुचारू रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर राज्य के हालात की जानकारी ली और राहत एजेंसियों की तत्काल तैनाती के निर्देश दिए।

गृहमंत्री शाह ने एनडीआरएफ और आईटीबीपी जैसी केंद्रीय राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखने को कहा है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा बाधित न हो, इसके लिए केंद्र हरसंभव सहायता देने को तैयार है। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि राज्य सरकार भी चौबीसों घंटे हालात पर नजर बनाए हुए है।

गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग पर बोल्डर गिरने से यात्रा तीन घंटे रही ठप

गुरुवार को गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर छौड़ी गदेरे के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने से यात्रा बाधित हो गई। करीब तीन घंटे तक यात्रियों को गौरीकुंड, भीमबली और जंगलचट्टी में ही रोक दिया गया। पूर्वाह्न 11 बजे के बाद मार्ग साफ होने पर यात्रा दोबारा शुरू हो सकी।

राज्य भर में बिगड़े हालात, कई हाईवे बंद

बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य के कई प्रमुख मार्ग बाधित हो गए हैं। बदरीनाथ हाईवे पर चमोली जिले के उमट्टा क्षेत्र में भूस्खलन से दो घंटे यातायात ठप रहा। यमुनोत्री हाईवे पिछले छह दिनों से बंद पड़ा है। गंगोत्री हाईवे का भटवाड़ी के पपड़गाड क्षेत्र में 25 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे आठ घंटे तक आवाजाही बंद रही।

मौसम विभाग का अलर्ट: भारी बारिश से राहत नहीं

मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल तथा चमोली में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक लगातार तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तराखंड पंचायत चुनाव: चरम पर सियासी तापमान, वोट के लिए साधे जा रहे समीकरण

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  • प्रदीप रावत ‘रवांल्टा’

उत्तराखंड में पंचायत चुनावों की हलचल पूरे शबाब पर है। गांव की चौपालों से लेकर कस्बों की दुकानों तक और खेत-खलिहानों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह पंचायत चुनाव ही चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस लोकतांत्रिक पर्व में गांव की राजनीति अपने चरम पर है, जहां हर गली और हर घर में प्रत्याशियों की चर्चा हो रही है।

ग्राम प्रधान का चुनाव, रिश्तों की असली परीक्षा
पंचायत चुनावों में सबसे अहम भूमिका ग्राम प्रधान के चुनाव की होती है, जो सीधे-सीधे ग्राम सभा के वोटरों से जुड़ा होता है। यह चुनाव जितना छोटा दिखता है, उतना ही जटिल होता है। गांव में जातीय समीकरण, पारिवारिक रिश्ते, मोहल्लेवार खेमेबाजी और पुराने मनमुटाव, सब कुछ इस चुनाव को मुश्किल और संवेदनशील बना देते हैं।

दरअसल, प्रधान पद का चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि रिश्तों की भी कसौटी बन जाता है। यहां हार-जीत का असर केवल राजनीतिक नहीं, सामाजिक और पारिवारिक भी होता है। इसलिए इसे गांव की सबसे कठिन परीक्षा कहा जाए तो गलत नहीं होगा।

क्षेत्र पंचायत से जिला पंचायत तक
ग्राम पंचायत से ऊपर क्षेत्र पंचायत और फिर जिला पंचायत, हर स्तर पर चुनावी सरगर्मी बढ़ती ही जा रही है। क्षेत्र पंचायत, जो 5 से 10 गांवों को समेटती है, वहां भी प्रत्याशी जी-जान से लगे हुए हैं। प्रचार-प्रसार के साथ-साथ गुप्त समीकरण भी तेज़ी से बुने जा रहे हैं।

लेकिन, असली महाभारत जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में देखने को मिल रही है। यह चुनाव इस बार हर राजनीतिक दलों की निगाह में पिछले सालों के अपेक्षा कहीं अधिक है, क्योंकि जिला पंचायत अध्यक्ष बनने की होड़ में कई दिग्गज खुलकर मैदान में उतर चुके हैं। देहरादून से लेकर पिथौरागढ़ तक हर जिले में प्रत्याशी खुद को अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

धनबल, बाहुबल और सट्टा
जिला पंचायत के चुनावों को हमेशा से खर्चीला और सियासी ताकत का अखाड़ा माना जाता रहा है। पर्दे के पीछे हर एक वोट की कीमत तय होती है। हर बार की तरह इस बार भी बड़े पैमाने पर पैसे और पावर का खेल होना तय है। जिस वार्ड सदस्य के पास संसाधन, समर्थन और संगठित तंत्र होगा, वही जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना देख सकता है। सत्ताधारी दलों की कोशिश है कि अपने समर्थित सदस्यों की अधिकतम जीत सुनिश्चित की जाए, ताकि बाद में अध्यक्ष पद पर कब्जा किया जा सके।

भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
इस बार पंचायत चुनाव केवल स्थानीय नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भी बुनियाद माने जा रहे हैं। इसके चलते ही भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दल इन चुनावों को सेमीफाइनल मान रहे हैं और अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों की सूची के साथ मैदान में उतर चुके हैं।

विधानसभा चुनाव का गणित
हर पंचायत सीट को सियासी रणभूमि बनाया जा रहा है, जहां सिर्फ जीत ही नहीं, रणनीति और संगठन की ताकत भी दांव पर है। पंचायत स्तर से लेकर जिले तक की सत्ता पर कब्जा, आगे चलकर विधानसभा की राह को आसान बना सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस गांवों की सियासी लड़ाई में कौन सी पार्टी बाज़ी मारती है और कौन से प्रत्याशी जनता का भरोसा जीत पाते हैं। ।

विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स अमेरिका 2025 में उत्तराखंड के मुकेश पाल ने जीता कांस्य

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हल्द्वानी : अमेरिका के बर्मिंघम शहर में चल रहे वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भारत का नाम रोशन करते हुए उत्तराखंड पुलिस के जांबाज़ सिपाही मुकेश पाल ने क्वालिफाई राउंड में कांस्य पदक जीत लिया है। अब वे 6 जुलाई को फाइनल मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतने के लिए मैदाने-जंग में उतरेंगे।

गौरतलब है कि जब भारत की धरती पर अधिकतर लोग गहरी नींद में सो रहे थे, उस समय अमेरिका में भारत का यह लाल अपने पसीने और परिश्रम से देश के लिए गौरव की इबारत लिख रहा था। क्वालिफाई राउंड में दमदार प्रदर्शन कर मुकेश ने न केवल देश के लिए पदक पक्का किया, बल्कि फाइनल में जगह बना ली है।

मुकेश पाल की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वे हाल ही में हाथ की एक गंभीर चोट से उबरकर इस प्रतियोगिता में उतरे हैं। लेकिन उनकी जुझारू भावना और देश के प्रति समर्पण ने उन्हें फिर से रिंग में लौटने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने खुद कहा है कि उनका असली प्रदर्शन अभी बाकी है और यही जज़्बा उन्हें फाइनल में स्वर्ण पदक तक पहुंचा सकता है, जैसा कि उन्होंने पहले कोलंबिया में कर दिखाया था।

जैसे ही यह खबर अमेरिका से भारत पहुंची, उत्तराखंड, खासकर हल्द्वानी, में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग, पुलिस विभाग, और खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह है। अब सबकी निगाहें 6 जुलाई पर टिकी हैं, जब मुकेश पाल भारत के लिए स्वर्ण पदक की लड़ाई लड़ेंगे।

बदरीनाथ धाम में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान

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वन महोत्सव के अंतर्गत
•”एक पेड़ मां के नाम “

•बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के नेतृत्व में श्री बदरीनाथ धाम में वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न।

श्री बदरीनाथ धाम: 4 जुलाई। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित भारत अभियान “एक पेड़ मां के नाम” के तहत आज बीकेटीसी, वन विभाग, जिला पुलिस- प्रशासन तथा तीर्थ पुरोहितों, बामणी गांव के जागरूक लोगों द्वारा बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के निर्देशन में वन महोत्सव के तहत बदरीनाथ धाम के निकटवर्ती स्थानों में वृक्षारोपण किया।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरण लगातार बिगड़ता जा रहा है तथा निरंतर भूस्खलन की घटनाओं को रोकने तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण जरूरी है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आज वृक्षारोपण में बांज, बुरांस, देवदार, तुलसी आदि पौधों‌ का रोपण किया गया तथा धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने वृक्षारोपण से पहले सभी पेड़ पौधों की पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान थाना प्रभारी नवनीत भंडारी,‌ अवर अभियंता गिरीश रावत,प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, जगमोहन बर्त्वाल,विपिन डिमरी,फूलों की घाटी गोविंद घाट रेंज से अजय रावत, अजीत भंडारी,विश्वनाथ,धीरज मेहता संजय,भंडारी, दिनेश भट्ट,दफेदार कुलानंद पंत, हरीश जोशी,राहुल मैखुरी आदि ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा मार्ग बंद, हजारों यात्री फंसे, फिलहाल रोकी गई यात्रा

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रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड में मानसून की बारिश के बाद भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। केदारनाथ धाम की ओर जाने वाला पैदल यात्रा मार्ग गुरुवार रात गौरीकुंड के समीप छोरी गदेरे में भारी भूस्खलन के चलते बंद हो गया है। मार्ग के दोनों ओर हजारों तीर्थ यात्री फंसे हुए हैं, जिन्हें एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों द्वारा सुरक्षित पार कराया जा रहा है।

भारी मलबा और बोल्डर गिरने से मार्ग बाधित
बीती रात हुई मूसलधार बारिश के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा नीचे गिरा, जिससे गौरीकुंड से करीब एक किलोमीटर आगे यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। प्रभावित स्थान पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रुकी हुई है और मौसम की मार से हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

फिलहाल यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोका है। सुरक्षा कारणों से नए यात्रियों को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। रुद्रप्रयाग के पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि प्रभावित स्थान पर पैदल मार्ग को खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। यात्रियों को दोनों छोरों से सुरक्षा बलों की निगरानी में पार करवाया जा रहा है।

लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग खोलने में जुटी
संबंधित कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और मलबा हटाकर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने में लगी है। अधिकारी यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।

तीर्थ यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासन ने मानसूनी मौसम को देखते हुए तीर्थ यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। केदारनाथ पैदल मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हो चुका है और लगातार हो रही बारिश यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ा रही है।

बारिश बनी बड़ी चुनौती
केदारनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष बार-बार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रभावित हो रही है। इससे पहले भी सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर कई बार मलबा आने से आवागमन रुका था।

मसूरी-देहरादून रोड पर थार वाहन दुर्घटनाग्रस्त, दो युवक घायल

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मसूरी : उत्तराखंड में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को मसूरी-देहरादून मार्ग पर चुनाखाला के पास एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार वाहन अनियंत्रित होकर पहाड़ी से टकरा गया और सड़क पर पलट गया। हादसे में दो युवक घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

तेज रफ्तार बना हादसे का कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और एक मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे वाहन सीधे पहाड़ी से टकरा गया। घटना के समय थार (नंबर: BR-09AQ-0018) मसूरी से देहरादून की ओर जा रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

घायलों की पहचान बिहार के युवकों के रूप में
हादसे में घायल युवकों की पहचान अनिकेत आनंद (20 वर्ष) पुत्र अमित कुमार, निवासी डाक बंगला चौक, बेगूसराय, बिहार और ऋषभ कुमार (19 वर्ष) पुत्र रंजीत कुमार, निवासी चालक नगर, बेगूसराय, बिहार के रूप में हुई है। दोनों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

दूसरे दिन लगातार दूसरा हादसा
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी मसूरी-टिहरी बाईपास रोड पर IDH बिल्डिंग के पास एक थार वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिसमें एक युवक और युवती घायल हुए थे।

क्रेन से हटाया गया वाहन, यातायात बहाल
हादसे के बाद पलटी हुई थार को क्रेन की सहायता से सड़क किनारे हटाया गया और यातायात सामान्य किया गया। मसूरी पुलिस ने घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया है।

प्रशासन की अपील: सावधानी जरूरी
स्थानीय प्रशासन ने पहाड़ी इलाकों में वाहन चालकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, खासकर बरसात के मौसम में जब सड़कों पर फिसलन का खतरा बढ़ जाता है।

साल की लकड़ी से लदा ट्रक पकड़ा, वन विकास निगम के चार कर्मचारी निलंबित

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रामनगर : तराई पश्चिमी वन प्रभाग की वन सुरक्षा इकाई को गुरुवार को बड़ी सफलता मिली, जब बैलपड़ाव बैरियर पर चेकिंग के दौरान साल की लकड़ी से लदा एक ट्रक पकड़ा गया। यह ट्रक निर्धारित मात्रा से 44 नग अधिक लकड़ी लेकर जा रहा था।

एसडीओ किरन शाह के नेतृत्व में कार्रवाई
रामनगर के चांदनी डिपो से काशीपुर की ओर जा रहे ट्रक (संख्या UP-25BT-6927) को वन विभाग की टीम ने बैलपड़ाव चेक पोस्ट पर रोका। एसडीओ किरन शाह के नेतृत्व में की गई जांच में जब ट्रक में लदी लकड़ियों की गिनती की गई, तो रवन्ना में दर्ज 180 नगों की तुलना में 44 नग लकड़ी अधिक पाई गई। इनमें 7 नग ओवर साइज प्रकाष्ठ (Oversized Timber) के भी थे। इसके अलावा रवन्ने में दर्ज मात्रा और मौके पर मिली लकड़ी की संख्या में भी स्पष्ट अंतर मिला।

डिपो के चार कर्मचारी दोषी, कार्रवाई शुरू
वन विकास निगम की डीएसएम सावित्री गिरि ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में चांदनी डिपो के चार कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। इनमें डिपो अधिकारी उमेश भट्ट, प्लाट प्रभारी बालम सिंह बिष्ट और सह प्लाट प्रभारी अमन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, आउटसोर्स कर्मचारी गौरव सती की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की गई है। मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।

पुलिस को सौंपी गई तहरीर, तस्करों को चेतावनी
डीएसएम सावित्री गिरि ने बताया कि मामले में कालाढूंगी थाने में तहरीर सौंप दी गई है, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। वन विभाग की इस मुस्तैदी से लकड़ी तस्करों में हड़कंप है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग किसी भी प्रकार की अनियमितता और तस्करी को बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

ऋषिकेश में इस वेडिंग पॉइंट में भीषण आग, लाखों का नुकसान, सो रहे थे कुछ लोग

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ऋषिकेश : शहर के आरपीएस स्कूल के पास स्थित शगुन वेडिंग पॉइंट में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में वेडिंग पॉइंट का पूरा टेंट, साज-सज्जा का सामान और पांच वाहन जलकर खाक हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी ऋषिकेश से मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए नरेंद्रनगर और हरिद्वार से भी दमकल की पांच गाड़ियां बुलाई गईं। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

शॉर्ट सर्किट बनी आग की वजह
प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। फायर अधिकारी सुनील सिंह ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

हादसे में जले वाहन और सामान
वेडिंग पॉइंट परिसर में खड़े दो लोडर वाहन, एक पिकअप, एक कार और एक मोटरसाइकिल आग की चपेट में आ गए। इसके साथ ही टेंट, सजावटी सामग्री और अन्य उपकरण भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।

स्थानीय लोगों में मची अफरा-तफरी
घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है, जब लोगों ने वेडिंग पॉइंट से आग की लपटें उठती देखीं। पास ही रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही पुलिस व फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। कोतवाल प्रदीप राणा ने बताया कि गनीमत रही कि आग आस-पास की इमारतों तक नहीं फैली, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

उत्तराखंड कांग्रेस ने जारी की जिला पंचायत सदस्यों की दूसरी सूची, गढ़वाल मंडल के प्रत्याशियों को मिला समर्थन

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देहरादून : पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच उत्तराखंड कांग्रेस ने जिला पंचायत सदस्य चुनावों के लिए पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस बार गढ़वाल मंडल के उम्मीदवारों को पार्टी का समर्थन मिला है। इससे पहले कांग्रेस कुमाऊँ मंडल के 21 प्रत्याशियों की सूची पहले ही सार्वजनिक कर चुकी है।

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नामांकन की समय-सीमा में अब सिर्फ दो दिन शेष हैं। ऐसे में कांग्रेस तेजी से संगठन स्तर पर सक्रियता दिखा रही है और प्रत्याशियों को अंतिम रूप देकर मैदान में उतार रही है। पार्टी की रणनीति है कि अधिक से अधिक पंचायत क्षेत्रों में समर्थित उम्मीदवार उतारे जाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की पकड़ और मजबूत हो सके।

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प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि पार्टी समर्थित प्रत्याशी गांव-गांव जाकर जनसमर्थन जुटाएंगे और भाजपा की नीतियों के खिलाफ मजबूत आवाज बनेंगे। कांग्रेस का मानना है कि पंचायत स्तर पर सशक्त उपस्थिति भविष्य की राजनीति की नींव रखेगी।

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पंचायत चुनाव के पहले चरण को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है और पार्टी कार्यकर्ता गांवों में सक्रिय हो गए हैं। पार्टी का फोकस इस बार संगठन के मजबूत ढांचे और स्थानीय मुद्दों के इर्द-गिर्द चुनावी प्रचार करने पर है।