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उत्तराखंड : महिला पर रॉटविलर कुत्तों के हमले मामले में कार्रवाई, मालिक नफीस अहमद गिरफ्तार

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देहरादून : किशननगर क्षेत्र में रविवार सुबह मंदिर जा रही एक महिला पर रॉटविलर नस्ल के दो खतरनाक कुत्तों के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई है। गंभीर रूप से घायल कौशल्या देवी (निवासी किशननगर) को इलाज के लिए श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद सोमवार को इन कुत्तों के असली मालिक नफीस अहमद को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस जांच में खुलासा
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, महिला के बेटे उमंग निर्वाल ने रविवार को राजपुर थाने में मोहम्मद जैद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में यही सामने आया कि घटना स्थल जैद के घर का है। लेकिन सोमवार को पुलिस जांच में पता चला कि मकान और कुत्ते दोनों नफीस अहमद के हैं। नफीस ने यह रॉटविलर नस्ल के कुत्ते करीब तीन साल पहले जैद से खरीदे थे।

बिना लाइसेंस पाल रखे थे खतरनाक कुत्ते
नफीस अहमद के पास नगर निगम द्वारा जारी कोई वैध लाइसेंस नहीं है। वह सहसपुर क्षेत्र में एक फॉर्म हाउस का मालिक है और किशनपुर में रहकर प्रॉपर्टी का काम करता है। पुलिस ने कुत्तों की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव है। सोमवार को किशननगर के दर्जनों निवासी एसएसपी अजय सिंह से मिले और बताया कि इन कुत्तों को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, मगर नफीस अहमद लोगों को धमकाकर चुप करा देता था। स्थानीयों का कहना है कि इन कुत्तों ने पहले भी कई लोगों पर हमला किया है। उन्होंने नफीस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

एसएसपी की चेतावनी
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि इस तरह के मामलों में नागरिक 112 पर तत्काल सूचना दें। नगर निगम को भी इसकी जानकारी दी जा सकती है। पालतू जानवरों को बिना लगाम घुमाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 291 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

देश की आज़ादी के लिए समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी: मोहम्मद बरकतउल्ला की 171वीं जयंती पर श्रद्धांजलि 

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  • प्रशांत सी. बाजपेयी

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष करने वाले महान क्रांतिकारी, देशभक्त मोहम्मद बरकतउल्ला की 171वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। वे उन गिने-चुने योद्धाओं में से थे जिन्होंने देश से बाहर रहते हुए भी अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिला दी।

7 जुलाई 1854 को मध्य प्रदेश के भोपाल में जन्मे बरकतउल्ला ने अमेरिका, यूरोप, जर्मनी, अफगानिस्तान, जापान और मलाया जैसे देशों में भारतीय समुदाय के बीच आज़ादी की अलख जगाई। वे जहां भी गए, वहां उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध विद्रोह की चिंगारी सुलगाई।

विदेशों में रहते हुए उन्होंने क्रांतिकारी भाषणों और लेखों के माध्यम से अंग्रेजों की नीतियों को बेनकाब किया। 1897 में इंग्लैंड में शिक्षा के दौरान उनकी मुलाकात श्यामजी कृष्ण वर्मा, लाला हरदयाल और राजा महेंद्र प्रताप जैसे क्रांतिकारियों से हुई। यहीं से उनकी क्रांतिकारी सोच को दिशा और गति मिली।

बरकतउल्ला ने अफगानिस्तान में ‘सिराज-उल-अख़बार’ के संपादक के रूप में कार्य किया और 1915 में काबुल में ‘भारत की अस्थायी सरकार’ की स्थापना की, जिसमें वह प्रथम प्रधानमंत्री बने। इस सरकार के अध्यक्ष राजा महेंद्र प्रताप सिंह थे।

1904 में वे जापान पहुंचे, जहां टोक्यो विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर के रूप में काम किया और वहां भी क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने जापानी सरकार से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में समर्थन देने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज़ को बुलंद किया।

मोहम्मद बरकतउल्ला गदर पार्टी के संस्थापक सदस्यों में भी शामिल रहे। 1913 में गठित इस पार्टी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया और विदेशी धरती से ब्रिटिश हुकूमत को खुली चुनौती दी।

बरकतउल्ला का विश्वास था कि मार्क्सवाद और धार्मिक आत्मा एक ही उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं, उत्पीड़ितों को गरिमा और न्यायपूर्ण जीवन देना। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं, जब हम स्वतंत्रता के साथ न्याय, समानता और बंधुत्व की बात करते हैं।

उनकी जयंती पर देश उन्हें कृतज्ञता के साथ नमन करता है। मोहम्मद बरकतउल्ला सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक विचारधारा थे, जो सीमाओं से परे, स्वतंत्रता के लिए एक वैश्विक चेतना बन गए।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने किए विश्राम गृहों का औचक निरीक्षण, तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश

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चमोली/रुद्रप्रयाग/श्रीनगर:  श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर स्थित मंदिर समिति के विश्राम गृहों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीपलकोटी, चमोली, रुद्रप्रयाग और धारी देवी (श्रीनगर गढ़वाल) में यात्रियों के ठहराव स्थलों की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।

उपाध्यक्ष सती ने साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति, पेयजल की उपलब्धता, परिसर सौंदर्यीकरण और समुचित रखरखाव को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को हर विश्राम गृह में स्वच्छ और सुगम आवासीय सुविधा मिले, यह मंदिर समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी कर्मचारियों को ईमानदारी और सेवा-भाव से कार्य करना होगा।

निरीक्षण के क्रम में उन्होंने बीकेटीसी डालमिया यात्री विश्राम गृह श्रीनगर का भी दौरा किया। देर शाम वे ऋषिकेश स्थित मंदिर समिति विश्राम गृहों का निरीक्षण करेंगे। इस मौके पर रुद्रप्रयाग विश्राम गृह के प्रबंधक अनिल भट्ट, प्रवीण नौटियाल, दिलवर नेगी, ताजबर सिंह समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिमाचल में कुदरत का कहर : राहत-बचाव में जुटे जवान, बाढ़ और बारिश का खतरा अब भी बरकरार

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हिमाचल प्रदेश : मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य सोमवार को भी युद्ध स्तर पर जारी रहे। जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचा रही हैं। तीन दिन बाद मौसम साफ होने के चलते भारतीय वायुसेना का हेलिकॉप्टर जंजैहली में सफलतापूर्वक लैंड कर सका, जिससे राहत सामग्री की आपूर्ति संभव हो पाई।

फंसे 63 पर्यटकों को बचाया गया
भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर ने खनुखली हेलीपैड पर 90 राशन किट, 75 कंबल, कपड़े, दवाएं और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया। जंजैहली के एक होटल में फंसे 63 पर्यटकों और उनके चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें करसोग की ओर भेजा गया।

45 से अधिक लोग अब भी लापता, 11 शव बरामद
सराज, नाचन और करसोग क्षेत्रों में 45 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। सराज क्षेत्र से अब तक 11 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। राहत कार्यों के दौरान 9 गर्भवती महिलाओं को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से एक को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में चिकित्सा सेवाएं दे रही हैं और संक्रमण रोकने के लिए दवाएं वितरित कर रही हैं।

202 सड़कें बंद, बिजली-पानी आपूर्ति पर भी असर
आपदा के चलते जिले में 2 राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 202 सड़कें बाधित हैं। 236 ट्रांसफार्मर बंद हैं और 278 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। प्रशासन ने थुनाग तक मार्ग बहाल कर लिया है, जिससे सेना और एनडीआरएफ की टीमें लापता लोगों की तलाश तेज कर पाईं। अब तक करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

ब्यास नदी में मिला किशोरी का शव
सुजानपुर थाना क्षेत्र में ब्यास नदी में बजार नामक स्थान पर एक अज्ञात किशोरी का शव बरामद किया गया है। हवलदार कृष्ण कुमार और उनके सहयोगी ने ट्यूब की सहायता से शव को नदी से बाहर निकाला। शव की पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस जांच जारी है।

अब तक 78 मौतें, 10 जिलों में बाढ़ का खतरा
20 जून से 7 जुलाई तक के मानसून सीजन में राज्य में 78 लोगों की मौत हो चुकी है, 121 घायल हुए हैं और करीब 572 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने 7 से 10 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है और 11 से 13 जुलाई तक भी बारिश की संभावना जताई है। मंडी समेत 10 जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

जल शक्ति विभाग ने संभाला मोर्चा
पेयजल आपूर्ति को बहाल करने के लिए जल शक्ति विभाग के कर्मी सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक मेहनत कर रहे हैं। सुंदरनगर उपमंडल की 267 और धर्मपुर उपमंडल की 11 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सराज और गोहर क्षेत्र का दौरा कर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल व्यवस्था की रोजाना समीक्षा की जाए और राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।

उत्तराखंड सरकार शुरू करेगी अनोखी पहल, पर्यटन के क्षेत्र में मिलेगी नई पहचान

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देहरादून। राज्य के सीमांत और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक अनोखी पहल की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत की जाए, जिसे वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश तक और गढ़वाल क्षेत्र में नीति-माणा से मलारी तक आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हर वर्ष निर्धारित तिथि पर नियमित रूप से किया जाए, जिससे राज्य के सीमांत इलाकों में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।

आपदा प्रबंधन और सीमांत सुरक्षा पर भी विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित लोगों को निर्धारित समयसीमा में सहायता राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ एवं सोलर फेंसिंग की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी भी उपस्थित रहे।

Uttarakhand : दो जगह वोटर लिस्ट में नाम वालों की बढीं टेंशन, ये है नियम

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देहरादून : उत्तराखंड में जारी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बीच मतदाता सूची को लेकर विवाद गर्माता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर दोहरी वोटर लिस्ट में शामिल मतदाताओं और प्रत्याशियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसे सभी प्रत्याशियों को नामांकन प्रक्रिया से बाहर किया जाए, अन्यथा कांग्रेस न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी।

माहरा ने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार सितंबर 2019 के संशोधन अधिनियम का हवाला दे रही है, जबकि 10 दिसंबर 2019 को पारित संशोधित आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद निर्वाचन आयोग कथित रूप से आंखें मूंदे बैठा है।

क्या है मामला?

कांग्रेस का कहना है कि राज्य के कई ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम शहरी निकायों की वोटर लिस्ट में पहले से दर्ज हैं और उन्होंने पिछले नगर निकाय चुनावों में मतदान भी किया है। अब वे ही लोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भी भाग ले रहे हैं, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

सितंबर 2019 के प्रारंभिक आदेश में यह प्रावधान था कि यदि किसी मतदाता का नाम शहरी क्षेत्र की सूची में है तो वह ग्राम पंचायत चुनाव में भी हिस्सा ले सकता है। लेकिन 10 दिसंबर 2019 को जारी संशोधित आदेश (धारा 9 के तहत) में यह स्पष्ट किया गया कि यदि कोई व्यक्ति शहरी निकाय की मतदाता सूची में शामिल है और वहां से नाम हटवाए बिना ग्राम सभा की वोटर लिस्ट में भी दर्ज है, तो उसे पंचायत चुनाव लड़ने से वंचित किया जाएगा।

कांग्रेस की मांग

करन माहरा ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया है कि उक्त संशोधित आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए और दोनों मतदाता सूचियों में दर्ज प्रत्याशियों को चुनाव प्रक्रिया से रोका जाए। उनका कहना है कि यदि आयोग निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करता, तो कांग्रेस कानूनी विकल्प अपनाने को बाध्य होगी।

राजनीतिक पारा चढ़ा

इस मसले पर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस का दावा है कि सरकार चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, जबकि नियम और कानून की स्पष्ट अवहेलना हो रही है। अब देखना यह होगा कि निर्वाचन आयोग इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या कार्रवाई करता है।

उत्चतराखंड : चमोली में मूसलाधार बारिश का कहर, चारधाम यात्रा पर ब्रेक, 50 से अधिक सड़कें बंद

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चमोली : पहाड़ों पर आफत बनकर बरसी बारिश ने चमोली जिले सहित पूरे राज्य का जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते कुछ घंटों में मौसम ने जो रूप दिखाया है, उसने न केवल आवाजाही को रोका है बल्कि लोगों की जिंदगी भी मुश्किल में डाल दी है।

बदरीनाथ हाईवे पर मलबा
चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग उमट्टा क्षेत्र में मलबा आने से बाधित हो गया है। वहीं, ज्योतिर्मठ क्षेत्र में 66 केवी की विद्युत लाइन में फॉल्ट आने से रातभर से बिजली गुल है। पिटकुल की टीमें लगातार फॉल्ट की तलाश कर रही हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी और अर्द्धसरकारी स्कूलों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया है।

नंदप्रयाग में हाईवे कुछ देर बाधित
सुबह के समय नंदप्रयाग के पर्थाडीप क्षेत्र में मलबा आने से करीब एक घंटे तक बदरीनाथ हाईवे ठप रहा। फिलहाल मार्ग खोल दिया गया है, लेकिन उमट्टा में मलबा हटाने का कार्य अब भी जारी है।

केदारनाथ यात्रा पर अस्थाई विराम
तेज बारिश के चलते केदारनाथ यात्रा को रोक दिया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोक दिया गया है।

राज्यभर में दो राष्ट्रीय राजमार्ग और 50 सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के चलते देहरादून जिले में विकासनगर-कालसी-बड़कोट राष्ट्रीय राजमार्ग किलोमीटर 26 पर मलबा आने से बंद पड़ा है। इसके अलावा ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तरकाशी जिले के औजरी में बाधित है।

राज्यभर में सड़कें बंद होने का हाल इस प्रकार है:

  • उत्तरकाशी: एक राज्यमार्ग, 11 ग्रामीण सड़कें

  • चमोली: 13 ग्रामीण मार्ग

  • रुद्रप्रयाग: 3 ग्रामीण मार्ग

  • पिथौरागढ़: 7 ग्रामीण मार्ग

  • बागेश्वर: 4 ग्रामीण मार्ग

  • पौड़ी: 3 ग्रामीण मार्ग

  • टिहरी: 2 ग्रामीण मार्ग

  • नैनीताल: काठगोदाम-हैड़ाखान राज्यमार्ग

आपदा का तांडव: 21 मौतें, 143 भवनों को नुकसान
राज्य आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार, 1 जून से अब तक बारिश और भूस्खलन के चलते 21 लोगों की जान जा चुकी है, 11 घायल हुए हैं, जबकि 9 लोग लापता हैं। अब तक कुल 143 भवनों को नुकसान हुआ है, जिनमें से 133 को आंशिक, 8 को गंभीर और 2 भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

रॉटविलर का कहर: मंदिर जा रही बुज़ुर्ग महिला पर हमला, हालत नाज़ुक

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देहरादून : राजपुर क्षेत्र के किशननगर में रविवार सुबह एक बुज़ुर्ग महिला पर रॉटविलर नस्ल के दो खतरनाक कुत्तों ने हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हुई 65 वर्षीय कौशल्या देवी को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पीड़िता के बेटे की शिकायत पर कुत्तों के मालिक मोहम्मद जैद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

घटना रविवार तड़के करीब चार बजे की है, जब कौशल्या देवी रोज़ाना की तरह अर्द्धनादेश्वर मंदिर जा रही थीं। मोहल्ले में रहने वाले मोहम्मद जैद के घर के पास से गुजरते वक्त उनके दो रॉटविलर कुत्तों ने दीवार फांदकर अचानक हमला कर दिया।

कुत्तों ने कौशल्या देवी को सिर, हाथ और पैरों पर बेरहमी से काटा। चीखपुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और बड़ी मुश्किल से कुत्तों को भगाकर महिला को बचाया। लोगों ने बताया कि शोर मचाने पर भी कुत्तों का मालिक बाहर नहीं आया।

इलाज जारी, हालत गंभीर

कौशल्या देवी को लहूलुहान हालत में श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर बताया। उनके बेटे उमंग निर्वाल ने बताया कि सिर, हाथ और पैरों पर कुल 200 से अधिक टांके लगे हैं, हाथ की दो हड्डियां टूट गई हैं और कान का ऑपरेशन रविवार को ही करना पड़ा। सोमवार को हाथ का ऑपरेशन किया जाएगा।

पहले भी हमला कर चुके हैं यही कुत्ते

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब मोहम्मद जैद के इन रॉटविलर कुत्तों ने किसी पर हमला किया हो। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इससे पहले भी ये कुत्ते कई लोगों को घायल कर चुके हैं। मोहल्लेवालों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन जैद ने कोई ध्यान नहीं दिया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

प्रतिबंधित नस्ल पर लापरवाही का आरोप

गौरतलब है कि रॉटविलर जैसी खतरनाक नस्ल को पालना कई राज्यों में प्रतिबंधित है। बावजूद इसके जैद ने दो कुत्ते पाल रखे थे, जिनके संबंध में पूर्व में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी थीं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख़्त कार्रवाई की मांग की है।

वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025: अमेरिका के बर्मिंघम में मुकेश पाल का दमदार प्रदर्शन, भारत को दिलाया रजत पदक

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हल्द्वानी : अमेरिका के बर्मिंघम में चल रहे वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भारत के लिए 6 जुलाई की रात (भारत समयानुसार) गौरवशाली रही। उत्तराखंड पुलिस के जांबाज़ जवान मुकेश पाल ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सबका दिल जीत लिया।

फाइनल मुकाबले में उन्होंने कड़ी टक्कर दी और स्वर्ण पदक से बेहद मामूली अंतर से चूक गए। हालांकि, उन्होंने शानदार संघर्ष के साथ रजत पदक जीतकर भारत और खासकर उत्तराखंड पुलिस का नाम रोशन कर दिया।

मुकेश पाल ने पदक जीतने के बाद भावुक होते हुए देशवासियों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं स्वर्ण पदक की उम्मीदें पूरी नहीं कर पाया, इसके लिए उत्तराखंड और पूरे देश से क्षमा चाहता हूं।” मगर जिस जज़्बे और मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया, वह स्वयं एक मिसाल है।

सम्मान समारोह में बुलावा

देश के लिए और भी गर्व की बात यह है कि भारत सरकार के गृह मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में पदक जीतने वाले सभी विजेताओं को 18 जुलाई को नई दिल्ली में सम्मान समारोह के लिए आमंत्रित किया है। यह आमंत्रण न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रमाण है, बल्कि ऑल इंडिया पुलिस और उत्तराखंड पुलिस के गौरव का प्रतीक भी है।

घर वापसी और हल्द्वानी आगमन

मुकेश पाल ने जानकारी दी है कि वे 9 जुलाई को शताब्दी एक्सप्रेस से सुबह 11 बजे हल्द्वानी पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि ये पदक सिर्फ उनके नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष और उत्तराखंडवासियों के हैं।

उत्तराखंड मौसम अपडेट : ऑरेंज अलर्ट जारी, कई मार्ग बाधित

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देहरादून : उत्तराखंड में मानसून पूरी रफ्तार में है और आसमान से गिरती बूंदों ने एक ओर जहां गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के सभी जनपदों में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेशभर में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनसुविधाओं की कमर तोड़ दी है। संपर्क मार्ग बाधित होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अगले 24 घंटे में तेज बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में अगले 24 घंटे में तेज बारिश के आसार हैं, जिसके मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बाकी जनपदों में भी गरज के साथ तेज बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। देहरादून में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहने का अनुमान है।

प्रशासन की अपील, सावधानी बरतें

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पूर्व मौसम की जानकारी अवश्य लें। प्रशासन ने सभी जिलों में आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैनात कर दी हैं।