Home Blog Page 171

बॉक्स ऑफिस की जंग: ‘वॉर 2’ ने ‘कूली’ को पछाड़ा, कमाई में मारी बाजी

0

इस स्वतंत्रता दिवस पर बॉक्स ऑफिस पर दो बड़ी फिल्मों के बीच जोरदार भिड़ंत देखने को मिली। एक तरफ सुपरस्टार रजनीकांत की मल्टी-स्टारर फिल्म ‘कूली’ थी, तो वहीं दूसरी तरफ ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की एक्शन से भरपूर ‘वॉर 2’ थी। ओपनिंग डे पर ‘कूली’ ने बाजी मारी, लेकिन 15 अगस्त को छुट्टी के दिन ‘वॉर 2’ ने अपनी कमाई में जबरदस्त उछाल लाकर मुकाबला और भी दिलचस्प बना दिया है।

पहले दिन की कमाई के मामले में रजनीकांत की फिल्म ‘कूली’ ने शानदार शुरुआत की। sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने 14 अगस्त को भारत में 65 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया, जिसमें तमिल से 44.5 करोड़, तेलुगू से 15.5 करोड़ और हिंदी से 4.5 करोड़ रुपये शामिल थे। इस कमाई के साथ ‘कूली’ साल 2025 की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म बन गई, जिसने राम चरण की ‘गेम चेंजर’ (51 करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

हालांकि, 15 अगस्त को दूसरे दिन ‘कूली’ की कमाई में करीब 17.69% की गिरावट आई और फिल्म ने 53.5 करोड़ रुपये कमाए। दो दिनों में ‘कूली’ का कुल कलेक्शन 120.43 करोड़ रुपये हो गया है। वैश्विक स्तर पर भी ‘कूली’ ने कमाल किया है, यह 8.75 मिलियन डॉलर की ओपनिंग के साथ सबसे बड़ी तमिल फिल्म बन गई है।

‘वॉर 2’ ने दूसरे भरी उड़ान

दूसरी ओर, यशराज स्पाई यूनिवर्स की फिल्म ‘वॉर 2’ ने पहले दिन 52 करोड़ रुपये से खाता खोला। यह शाहरुख खान की ‘पठान’ (57 करोड़) और 2019 में आई ‘वॉर’ (53.35 करोड़) के ओपनिंग डे रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाई, लेकिन 2025 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनर जरूर बन गई।

स्वतंत्रता दिवस का फायदा उठाते हुए ‘वॉर 2’ ने दूसरे दिन अपनी कमाई में 8.37% की बढ़ोतरी दर्ज की और 56.35 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। दो दिनों में फिल्म की कुल कमाई 108.89 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिससे यह भी 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई है।

किश्तवाड़ में बादल फटने से भारी तबाही, अब तक 60 शव हो चुके बरामद, बचाव अभियान जारी

0

जम्मू और कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के सुदूरवर्ती गांव चशोती में शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी भीषण बादल फटने के बाद बचाव और राहत अभियान जारी है। इस आपदा में अब तक 60 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में फंसे 75 से अधिक लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

यह त्रासदी 14 अगस्त को दोपहर लगभग 12:25 बजे मचैल माता मंदिर जाने वाले रास्ते के आखिरी गांव चशोती में हुई थी। इस घटना ने पूरे गांव को तहस-नहस कर दिया। आपदा में एक अस्थायी बाज़ार, यात्रियों के लिए एक लंगर स्थल, एक सुरक्षा चौकी, 16 से अधिक आवासीय घर और सरकारी इमारतें, तीन मंदिर और चार पनचक्कियां भी पूरी तरह से नष्ट हो गईं। इसके अलावा, एक 30 मीटर लंबा पुल और एक दर्जन से ज़्यादा वाहन भी अचानक आई बाढ़ में बह गए।

तेज़ किया गया बचाव कार्य

सेना, NDRF, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों के संयुक्त प्रयासों से बचाव अभियान में तेज़ी लाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 46 शवों की शिनाख्त कर ली गई है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। बचाव दल ने मलबे के नीचे से 167 लोगों को बाहर निकाला है, जिनमें से 38 की हालत गंभीर बताई जा रही है। बचाव कार्यों के लिए विशेष उपकरणों, डॉग स्क्वॉड और अर्थ-मूवर्स की तैनाती की गई है। मृतकों में सीआईएसएफ के दो जवान और स्थानीय पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) भी शामिल हैं।

उच्च स्तरीय दौरे जारी

हालात का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार देर रात जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात के साथ आपदा प्रभावित गांव का दौरा किया और चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा की।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शुक्रवार शाम किश्तवाड़ पहुंचे। मुख्यमंत्री आज आपदा प्रभावित चशोती गांव का दौरा करेंगे ताकि हुए नुकसान का आकलन किया जा सके। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बात की है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि हमें जो भी सहायता चाहिए, केंद्र की ओर से उसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।”

मुख्यमंत्री ने इस घटना को “एक बहुत बड़ी त्रासदी और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। उन्होंने मौसम विभाग की चेतावनियों का जिक्र करते हुए यह भी सवाल उठाया कि क्या प्रशासन को ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए थे। इस आपदा के कारण 25 जुलाई से शुरू हुई वार्षिक मचैल माता यात्रा को भी लगातार तीसरे दिन स्थगित कर दिया गया है। यात्रा 9,500 फुट ऊंचे मंदिर तक पहुंचने के लिए 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा है।

उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, रहें सतर्क

0

देहरादून :मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए मौसम चेतावनी जारी की है, जिसमें 17 से 20 अगस्त 2025 तक विभिन्न जनपदों में भारी से अति भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। निवासियों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

17 अगस्त 2025

  • भारी से अति भारी बारिश: चमोली, देहरादून, बागेश्वर, और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की संभावना।

  • भारी बारिश: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पिथौरागढ़, चम्पावत, और पौड़ी जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।

  • आंधी-तूफान और बिजली: राज्य के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना।

18 अगस्त 2025

  • भारी से अति भारी बारिश: देहरादून, बागेश्वर, और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश की संभावना।

  • भारी बारिश: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।

  • आंधी-तूफान और बिजली: राज्य के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना।

19 अगस्त 2025

  • भारी बारिश: बागेश्वर, पिथौरागढ़, और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।

  • आंधी-तूफान और बिजली: राज्य के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना।

20 अगस्त 2025

  • भारी बारिश: देहरादून, बागेश्वर, पौड़ी, पिथौरागढ़, और नैनीताल जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।

  • आंधी-तूफान और बिजली: राज्य के सभी जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना।

मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और व्यवधान की चेतावनी दी है। प्रशासन ने निवासियों को प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचने, जलाशयों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के अपडेट्स का पालन करने की सलाह दी है।

ट्रंप-पुतिन की अलास्का में मुलाकात: युद्धविराम पर नहीं बनी बात, लेकिन रिश्तों में दिखी गर्माहट

0

अलास्का: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का के एंकरेज में करीब तीन घंटे तक चली शिखर वार्ता में यूक्रेन-रूस युद्ध पर युद्धविराम को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई, लेकिन दोनों नेताओं ने इस बैठक को ‘सकारात्मक’ बताया है। इस मुलाकात ने दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव कम होने की उम्मीदें जगा दी हैं।

दोनों नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत और एक ही कार में बैठकर बात करने का दृश्य इस बैठक की अहमियत को दर्शाता है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पूरी दुनिया की नज़र इन दो बड़े नेताओं पर थी। बातचीत का मुख्य एजेंडा यूक्रेन में तीन साल से चल रहे युद्ध को रोकना था, लेकिन इस मुद्दे पर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ।

सकारात्मक बातचीत, मतभेदों पर भी हुई चर्चा

वार्ता समाप्त होने के बाद ट्रंप और पुतिन दोनों ने पत्रकारों से बातचीत की। ट्रंप ने कहा, “हमारी बहुत ही सकारात्मक बैठक हुई। कई मुद्दों पर हम सहमत हुए, जबकि कुछ बड़े मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है, लेकिन हमने कुछ प्रगति की है।” उन्होंने आगे कहा कि “जब तक समझौता नहीं हो जाता, तब तक कोई समझौता नहीं है।”

वहीं, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक से यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि “अगर 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप होते तो शायद यह युद्ध नहीं होता।”

प्रमुख बिंदु और भविष्य की राह

  • युद्धविराम पर कोई समझौता नहीं: तीन घंटे की लंबी चर्चा के बावजूद यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर तत्काल युद्धविराम या शांति समझौते पर कोई बात नहीं बनी है।
  • सकारात्मक माहौल: दोनों नेताओं ने इस मुलाकात को ‘उत्पादक’ और ‘सकारात्मक’ बताया, जिससे भविष्य में और बातचीत की संभावना बनी है।
  • मॉस्को का निमंत्रण: पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का निमंत्रण दिया, जिस पर ट्रंप ने कहा कि “ऐसा हो सकता है।” यह दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
  • सुरक्षा गारंटी: ट्रंप ने यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने की संभावना को खुला रखा है, जिसमें अमेरिका और अन्य सहयोगी देश मिलकर काम कर सकते हैं।
  • संबंधों में सुधार: इस मुलाकात से यह संकेत मिला है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे खराब संबंध अब बेहतर हो सकते हैं।

इस मुलाकात के बाद, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप मॉस्को का दौरा करेंगे और क्या ये दोनों महाशक्तियां मिलकर यूक्रेन में शांति का कोई रास्ता निकाल पाएंगी।

निजामुद्दीन दरगाह में हादसा, छत गिरने से छह की मौत

0

दिल्ली : दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित ऐतिहासिक दरगाह शरीफ पत्ते शाह में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। दरगाह के एक कमरे की छत अचानक ढह गई, जिसमें दबकर एक पांच साल के बच्चे समेत छह लोगों की मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय कमरे में करीब 15 लोग मौजूद थे। 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल बचाव अभियान पूरा हो चुका है और मलबे में कोई फंसा नहीं है।

बताया जा रहा है कि यह दरगाह लगभग 700 साल पुरानी है, जबकि जिस कमरे की छत गिरी, वह करीब 60 साल पहले बना था। हादसे के बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी।

राहत कार्य में दमकल, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगी रहीं, साथ ही मलबे में फंसे लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग की मदद भी ली गई। एहतियातन दरगाह को बंद कर दिया गया है और हुमायूं के मकबरे परिसर को खाली कराया गया है।

हादसे के कारणों की जांच जारी है। स्थानीय लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

PM मोदी ने किया राष्ट्रीय सुरक्षा कवच ‘सुदर्शन चक्र’ का एलान, कहा- 10 साल में सुरक्षित होगा देश का हर अहम ठिकाना

0

नई दिल्ली :  स्वतंत्रता दिवस के 79वें अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आतंकवाद और पाकिस्तान को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उसी आक्रोश की अभिव्यक्ति है, जो दशकों से आतंक झेलते भारत के दिल में है।

पीएम मोदी ने कहा, “देश के सीने को झलनी कर दिया गया है। आतंक और आतंकी को पालने-पोसने वालों में अब कोई फर्क नहीं माना जाएगा। ये मानवता के समान दुश्मन हैं। न्यूक्लियर धमकियों का दौर लंबे समय से चल रहा था, लेकिन अब भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। हमारे वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।”

पानी के मुद्दे पर भी पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि “खून और पानी साथ-साथ नहीं बहेंगे। भारतीय नदियों का पानी हिंदुस्तान के किसानों का हक है, इसे दुश्मनों को सींचने नहीं देंगे।”

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370 हटाने को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने कहा कि आज का दिन 140 करोड़ देशवासियों के संकल्पों और सामूहिक सिद्धियों का पर्व है।

कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद लाल किले पर 12वीं बार तिरंगा फहराया। उन्होंने कहा कि “भारत के हर कोने में, रेगिस्तान से हिमालय की चोटियों तक, समुद्र तट से घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक एक ही जयकारा गूंज रहा है—हमारी मातृभूमि का जयगान।”

उत्तराखंड में गुंडा राज: ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान चली गोली, एक युवक घायल!

0

आज प्रदेशभर में ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव हो रहे हैं। सुबह से ही प्रदेशभर से कई जगहों से तनाव और बवाल की खबरें सामने आ रही है। सबसे ज्यादा नैनीताल और उधमसिंह नगर जिले से तनाव की खबरें सामने आई हैं।

इस बीच नैनीताल जिले के बेतालघाट से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान गोली चलने की खबर है। बताया जा रहा है कि गोली चलने एक युवक घायल हो गया है। यहां ब्लॉक प्रमुख पद पर विधायक की बहू ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ रही हैं।

नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से पहले सियासी बवाल, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया अपहरण और हमले का आरोप

0

नैनीताल। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले नैनीताल में सियासी तनाव चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट डालने जा रहे कांग्रेस के 6–7 जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण करने की कोशिश की गई।

कांग्रेस का आरोप है कि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के साथ धक्का-मुक्की और बदतमीजी हुई, जबकि पूर्व विधायक संजीव आर्य और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के साथ मारपीट की गई। झड़प में कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी के पति पर भी हमला हुआ और कई कांग्रेस सदस्यों के कपड़े फाड़ दिए गए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हमला सिविल ड्रेस में आए लोगों ने किया और मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पूरा घटनाक्रम यशपाल आर्य के फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारित हुआ।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा किसी भी कीमत पर चुनाव को प्रभावित करना चाहती है। वहीं, भाजपा की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस-प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों का मुद्दा: सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, 11 अगस्त का आदेश हो सकता है स्थगित

0

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ के सामने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि “बच्चे मर रहे हैं, यह विवाद का नहीं समाधान का मुद्दा है। कोई भी जानवरों से नफरत नहीं करता, लेकिन देश में हर साल कुत्तों के काटने के 37 लाख से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं।

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी कोर्ट से कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है और इस पर गहन बहस की जरूरत है। उन्होंने 11 अगस्त को दिए गए आदेश — जिसमें दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को उठाने के निर्देश दिए गए थे, पर रोक लगाने की मांग की।

गौरतलब है कि इससे पहले 11 अगस्त को जस्टिस जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की दो सदस्यीय पीठ ने अधिकारियों को आदेश दिया था कि सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को जल्द से जल्द उठाकर आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए। कोर्ट ने आठ सप्ताह में आश्रय स्थलों के बुनियादी ढांचे पर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए थे।

यह मामला 28 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में बच्चों को आवारा कुत्तों के काटने और रेबीज के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेने के बाद शुरू हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट इस पर अंतिम निर्णय देगा कि 11 अगस्त का आदेश लागू रहेगा या फिलहाल उस पर रोक लगाई जाएगी।

धराली आपदा: आठ से दस फीट मलबे के नीचे दबे हैं होटल और लोग, NDRF-SDRF ने तेज की तलाश

0

उत्तरकाशी। बीते 5 अगस्त को आई भीषण आपदा ने धराली गांव को खामोश मलबे में बदल दिया। पानी के साथ बहकर आए मलबे में अब यह साफ हो गया है कि आठ से दस फीट नीचे होटल और लोग दबे हुए हैं। यह खुलासा एनडीआरएफ की ओर से प्रयोग किए गए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) के जरिए हुआ है।

NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट आरएस धपोला ने बताया कि जीपीआर तकनीक मलबे के भीतर 40 मीटर तक दबे किसी भी तत्व का पता लगा सकती है। इस उपकरण से मिले संकेतों ने धराली में मलबे के नीचे दबे ढांचों और संभावित मानव उपस्थिति की पुष्टि की है। इन संकेतों के आधार पर NDRF और SDRF की टीमें खुदाई कर रही हैं।

मलबे से दो खच्चरों और एक गाय के शव निकाले गए हैं।आपदा प्रभावित इलाके को चार सेक्टरों में बांटकर तलाश अभियान चल रहा है, जिसमें दो सेक्टर NDRF और दो सेक्टर SDRF के जिम्मे हैं।

धराली की गलियों में अब सिर्फ मशीनों की आवाज और लोगों की दबे स्वर में दुआएं सुनाई देती हैं। यहां हर फावड़े की चोट, हर मिट्टी का उठता कण, किसी अपने की वापसी की उम्मीद जगाता है। मलबे के नीचे सिर्फ होटल और घर नहीं, बल्कि अनगिनत कहानियां, यादें और रिश्ते दफन हैं, जिन्हें वापस लाने की जद्दोजहद जारी है।